राष्ट्रीय खेल से मिली सौगात, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए मजबूत होगा दावा

38 वें राष्ट्रीय खेलों के लिए दून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में तैयार हो रही शूटिंग रेंज का आने वाले दिनों में जलवा कायम होने जा रहा है। टारगेट क्षमता के मामले में दिल्ली व भोपाल के बाद देश की तीसरे नंबर की यह शूटिंग रेंज बनने जा रही है। इस शूटिंग रेंज में 160 टारगेट स्थापित किए जा रहे हैं। इस शूटिंग रेंज की बदौलत उत्तराखंड आने वाले दिनों में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग स्पर्धाओं के लिए मजबूत दावेदार बनकर उभर सकता है।

राष्ट्रीय खेलों में शूटिंग स्पर्धा के मुकाबले महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून में होने हैं। इसके लिए शूटिंग रेंज का काम लगभग तैयार हो गया है। दस और 25 मीटर रेंज के 60-60 टारगेट यहां स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि 50 मीटर रेंज के 40 टारगेट हैं। देश भर में सबसे बड़ी शूटिंग रेंज की बात करें, तो मोटे तौर पर दो ही नाम सामने आते हैं। एक दिल्ली की डा करनी सिंह शूटिंग रेंज और दूसरी भोपाल की एमपी शूटिंग रेंज। इनमें दिल्ली की शूटिंग रेंज में हर स्पर्धा के लिए 80-80 टारगेट की क्षमता है, जबकि भोपाल के मामले में टारगेट क्षमता 60-60 है।

भारतीय शूटिंग टीम के असिस्टेंट कोच अरूण सिंह के अनुसार देश के तमाम दूसरे स्थानों में शूटिंग रेंज की सुविधाएं तो हैं, लेकिन उनकी क्षमता दिल्ली व भोपाल की तरह नहीं है। अब देहरादून भी शूटिंग रेंज की टारगेट क्षमता के मामले में दिल्ली, भोपाल के बराबर में खड़ा होने जा रहा है। यह स्थिति उत्तराखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। तमाम राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाएं उत्तराखंड में अब सफलतापूर्वक कराई जा सकती हैं।

25 मीटर रेंज में दिल्ली से आगे निकल सकता है दून

दिल्ली की डा करनी सिंह शूटिंग रेंज में 25 मीटर की स्पर्धा के लिए 60 टारगेट की क्षमता है। 38 वें राष्ट्रीय खेलों में दून की शूटिंग रेंज में भी इस स्पर्धा के लिए 60 टारगेट फिक्स किए जा रहे हैं, लेकिन इस रेंज की संपूर्ण क्षमता 65 टारगेट की हैं। यानी दून की इस शूटिंग रेंज में आने वाले दिनों में यदि आवश्यकता पड़ती है, तो 65 टारगेट फिक्स किए जा सकते हैं। भारतीय शूटिंग टीम के असिस्टेंट कोच अरूण सिंह के अनुसार-पेरिस ओलंपिक में जिन टारगेट का प्रयोग हुआ था, उसी मानक वाले टारगेट यहां फिक्स किए जा रहे हैं। इससे सौ फीसदी सटीक स्कोरिंग संभव हो पाएगी।

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न सिर्फ शूटिंग, बल्कि अन्य खेलों में भी मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से देवभूमि की एक पहचान खेल भूमि के रूप में भी बनेगी। हमारे खिलाड़ी दुनिया में और चमकेंगे। साथ ही, हम बड़ी स्पर्धाओं को आयोजित करने में भी सक्षम साबित होंगे।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

राष्ट्रीय खेलः जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस से लेकर हेली एंबुलेंस तक की व्यवस्था रहेगी उपलब्ध

38 वें राष्ट्रीय खेल के दौरान खिलाड़ियों और मेहमानों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए 141 टीमों का गठन किया गया है। 28 जनवरी से लेकर 14 फरवरी तक यह टीमें अलर्ट मोड में रहेंगी। इस दौरान जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस से लेकर हेली एंबुलेंस तक की सुविधा तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां की हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के अनुसार-राज्य स्तर पर राज्य नोडल अधिकारी, उप नोडल अधिकारी व सह नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। जनपद स्तर पर जिला नोडल अधिकारी मुख्य चिकित्साधिकारी और सह नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी बनाए गए हैं। एंबुलेंस हेतु जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप स्टेडियम, रायपुर, देहरादून के धनवन्तरी ब्लॉक में 10 बैडेड अस्पताल खिलाड़ियों हेतु संचालित किया जाएगा। इसी तरह, आईजीआईसीएस स्टेडियम, गोला पार हल्द्वानी में दो बैडेट अस्पताल संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त मात्रा में औषधियां, उपकरण क्रय किए जा रहे हैं।

डॉ टम्टा कुमाऊं और डॉ नेगी गढ़वाल के नोडल अफसर

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के अनुसार-डॉ० तरूण टम्टा, प्रमुख अधीक्षक, जिला चिकित्सालय, नैनीताल को कुमाऊं मंडल का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। डॉ टम्टा ने स्पोर्ट्स मेडिसन में शिक्षा प्राप्त की है। निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, गढ़वाल मंडल पौड़ी गढ़वाल के स्तर पर डॉ केएस नेगी को गढ़वाल मंडल का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। नोडल अफसरों को स्थलीय निरीक्षण करने के लिए कहा गया है।

इस तरह की हैं विभाग की तैयारियां

1-प्राइमरी हेल्थ केयर, सेकेंड्री हेल्थकेयर व टर्रसियरी हेल्थ केयर के नोडल अधिकारी और सह नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। सेकेंड्री हेल्थ केयर, जो जिला चिकित्सालय है, उनमें चिकित्सा विशेषज्ञ जैसे-न्यूरो, कार्डिक, हैड इंजरी एवं स्पाइन इंजरी को उक्त अवधियों में ऑन-कॉल (24Û7) रखे गए हैं।

2-प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 03 ऑन कॉल (24Û7) एंबुलेंस मय आवश्यक औषधि सहित तैनात है। खेल स्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के रहने के स्थान के निकटतम चिकित्सा ईकाईयों में ऑन-कॉल (24Û7) टीमें तैनात की गई हैं। प्रत्येक जनपद में सूचीबद्ध चिकित्सालयों की व्यवस्था की गई है।

3-प्रत्येक खेल व शिफ्ट में एक टीम बनाई गई है, जिसमें डॉक्टर-01, नर्सिंग स्टॉफ-02, फिजियोथेरेपिस्ट-02(महिला/पुरुष) व वार्ड ब्वाय-01 को टीम में रखा गया है और 01 टीम को स्टैंड बाय रखा गया है।

4-सभी खेल स्थलों में 01-एएलएस एंड 01-बीएलएस एंबुलेंस की तैनाती चिकित्सकीय दल के साथ की गई है। 01 बीएलएस एंबुलेंस को स्टैंड बाय रखा गया है।

5-प्रत्येक जिला चिकित्सालय में 03 ऑन-कॉल (24Û7) एंबुलेंस मय आवश्यक औषधि सहित तैनात है। खेल स्पर्धा में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के रहने के स्थान के निकटतम चिकित्सा इकाईयों में ऑन-कॉल (24Û7) टीमें तैनात की गई है।

तैयारियों का ये भी लेखा-जोखा

150 डॉक्टर, 300 नर्सिंग स्टॉफ, 25 फिजियोथेरेपिस्ट, 30 फार्मासिस्ट व 50 वार्ड ब्वाय तैनात किए गए हैं।

115 एंबुलेंस राष्ट्रीय खेलों के दौरान तैनात रहेंगी। ये एंबुलेंस विभागीय और 108 सेवा की हैं।

05 बैड एम्स ऋषिकेश के ट्रामा विभाग में दिनांक 28 जनवरी 2025 से दिनांक 14 फरवरी 2025 तक) रिजर्व रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर एयरलिफ्ट की सुविधा हेली एंबुलेंस के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

50 चिकित्साधिकारियों को एम्स ऋषिकेश में कैपेसिटी बिल्डिंग हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। यह चिकित्साधिकारी समस्त जनपद के हैं।
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“राष्ट्रीय खेल हमारे राज्य के लिए गौरव का क्षण है। खिलाड़ियों और मेहमानों को उच्चतम स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखा गया है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

चुनाव प्रचार में धाकड़ धामी की धमक से पस्त हुई कांग्रेस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस बार निकाय चुनाव प्रचार में फ्रंट फुट पर खेलते नजर हुए नजर आए। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक शायद ही कोई एक ऐसी जगह हो जहां मुख्यमंत्री धामी नहीं पहुंचे और यकीन मानिए जहां पुष्कर धामी पहुंचे वहां जनता का ऐसा हुजूम उमड़ा की विरोधियों के पसीने छूट गए।

निकाय चुनावों की कमान पुष्कर धामी ने जैसे ही अपने हाथ में ली तो भाजपा के विजय रथ को नई रफ़्तार मिल गई। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी को संगठन द्वारा स्टार प्रचारक की जिम्मेदारी मिलते ही हर जगह से उनकी डिमांड बढ़ने लगी और मुख्यमंत्री धामी ने केवल 12 दिनों में ताबड़तोड़ 52 चुनावी कार्यक्रम किए। निकाय चुनावों में पुष्कर धामी के इस विजय अभियान ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी। विधानसभा चुनाव के जैसे ही पुष्कर सिंह धामी ओपनर बैट्समैन की तरह विपक्षियों को ऐसे धोते हुए नजर आए कि कांग्रेस इस बार भी उनका कोई तोड़ नहीं निकाल पाई।

पुष्कर सिंह धामी ने मुखर होकर जनता के बीच अपनी सरकार के कार्यों को रखा। इतना ही नहीं उन्होंने लैंड जिहाद, थूक जिहाद और समान नागरिक संहिता जैसे विषयों को भी जनता के बीच प्रभावशाली बनाया। कांग्रेस पार्टी और उनके नेताओं को भी अनेक ऐसे मुद्दों पर ऐसे घेरा कि उनकी स्थिति दयनीय हो गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर कड़े तेवर दिखाते हुए कांग्रेसी वादों और नीतियों की पोल खोली। उन्होंने कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान हुए भ्रष्टाचार, विकास कार्यों की अनदेखी और जनकल्याण के प्रति असंवेदनशीलता को जनता के सामने रखा।

मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के नेताओं पर यह आरोप भी लगाया कि वे सिर्फ वोटबैंक, तुष्टिकरण और सनातन के विरोध की राजनीति करते रहे हैं और कभी भी राज्य की वास्तविक समस्याओं पर गंभीरता से काम नहीं किया। इस तरह मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के विरोधियों को हर मोर्चे पर जवाब देते हुए चुनावी मैदान में अपनी पार्टी को मजबूत किया और चुनावी माहौल को पूरी तरह से अपने पक्ष में कर लिया।

अब देखने वाली बात यह होगी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मेहनत निकाय चुनाव में कमल खिला पाती है या नहीं ? कयास लगाए जा रहे हैं जिस तरह से सीएम धामी ने कार्यकर्ताओं और पार्टी को एकजुट करते हुए चुनाव को एकतरफा बनाया है उससे तो 25 जनवरी के दिन भाजपा मुख्यालय में मिठाई बंटनी तय है।

यूपीसीएल को एक ओर उपलब्धि, पीएम सूर्य घर योजना के लिये मिला पुरस्कार

पीएम सूर्यधर योजना में लगातार चौथे साल उल्लेखनीय प्रदर्शन पर यूपीसीएल को केंद्रीय नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा मंत्रालय की ओर से पुरस्कृत किया गया है।

जयपुर में आयोजित क्षेत्रीय समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार यादव को यह पुरस्कार प्रदान किया, जिसमें 9.5 करोड़ की प्रोत्साहन राशि शामिल है। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार यादव ने बताया कि योजना के तहत उत्तराखंड में अब तक 14 हजार से अधिक घरों के ऊपर सोलर रूफ टॉप स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे कि करीब 50 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। इस मौके पर सचिव ऊर्जा डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव रंजना राजगुरू भी उपस्थित थे।
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पीएम सूर्य घर योजना में उत्तराखंड ने शानदार उपलब्धि दर्ज की है, यह योजना परंपरागत ऊर्जा के स्रोतों पर निर्भरता कम करते हुए लोगों की आर्थिक की भी संवारने का एक माध्यम है. यूपीसीएल इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई का हकदार है
– पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री

व्यय वित्त समिति की बैठक में विभिन्न कार्याे की स्वीकृति मिली

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालय लोहाघाट के भवन एवं छात्रावास के अवशेष निमार्ण कार्यों, नैनीताल में कैंची धाम में सौन्दर्यीकरण एवं प्रकाशकीय कार्यों में बहुमंजिली कार पार्किंग, पैदल सेतु निर्माण तथा श्री बद्रीनाथ धाम में पावर ग्रेड द्वारा प्रायोजित One way Loop Road and State facade Enhancement Work के निर्माण, लेकफ्रन्ट डेवलपमेंट शेषनेत्र लेक के निर्माण कार्य, श्री बद्रीनाथ धाम में एनटीपीसी द्वारा प्रायोजित आईएसबीटी Building Refurbishment and Parking Development (Phase A) के पुनरीक्षित आगणन के निर्माण कार्य तथा महासू देवता हनोल में लंगर हाॅल तथा धर्मशाला निर्माण के कार्यों को सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति की बैठक में अनुमोदन दिया।

बैठक में सचिव श्री नितेश कुमार झा सहित नियोजन, वित्त, पर्यटन, शिक्षा एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

खेल विभाग के स्तर पर तैयार हो रहे लेगेसी पॉलिसी के ड्राफ्ट में खेल अकादमी का प्रस्ताव

38 वें राष्ट्रीय खेलों के लिए अवस्थापना सुविधाओं के व्यापक विस्तार के बाद अब उसके दीर्घकालिक उपयोग को लेकर भी काम शुरू हो गया है। जहां-जहां खेल सुविधाएं बढ़ाते हुए आधारभूत ढांचे तैयार हो रहे हैं, वहां खेल अकादमी खोलने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। ताकि राष्ट्रीय खेलों के बाद भी खेल गतिविधियां बेहतर ढंग से संचालित होती रहें। खेल विभाग के स्तर पर तैयार किए जा रहे लेगेसी पॉलिसी के ड्राफ्ट में खेल अकादमी के प्रस्ताव को शामिल किया जा रहा है। मंजूरी के लिए इसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।

उत्तराखंड में खेलों के लिए इन दिनों व्यापक स्तर पर आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है। देश-विदेश से अत्याधुनिक उपकरण मंगवाए गए हैं। कई खेल उपकरण अंतरराष्ट्रीय मानक वाले हैं। इस बीच, यह भी विचार किया गया है कि राष्ट्रीय खेलों के बाद अवस्थापना सुविधाओं का संचालन किस तरह से किया जाएगा। रांची समेत देश के कई जगहों के उदाहरण सामने हैं, जहां पर राष्ट्रीय खेल समाप्त होने के बाद आधारभूत ढांचे का सही इस्तेमाल नहीं किया जा सका। नतीजतन, देख-रेख के अभाव में महंगे उपकरण खराब हो गए और आधारभूत ढांचा उपयोगी साबित नहीं हो पाया।

उत्तराखंड ने दूसरे राज्यों के अनुभवों से सबक लिया है। राष्ट्रीय खेलों की तैयारी के बीच ही लेगेसी पॉलिसी के ड्राफ्ट पर भी तेजी से काम चल रहा है। विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा के अनुसार-खेल अवस्थापना सुविधाओं का उत्तराखंड को लंबे समय तक लाभ मिलता रहे, इसलिए लेगेसी पॉसिली का ड्राफ्ट तैयार कराया जा रहा है। कोशिश ये ही है कि जल्द से जल्द इसे तैयार कर इसकी मंजूरी ले ली जाए।

इसलिए जरूरी हैं खेल अकादमी

देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम व कॉलेज से लेकर खटीमा, हरिद्वार, हल्द्वानी समेत तमाम शहरों में खेल अवस्थापना सुविधाएं व्यापक स्तर पर बढ़ी हैं। राष्ट्रीय खेलों के बाद इन जगहों पर आधारभूत ढांचे और अत्याधुनिक उपकरणों की देख-रेख के लिए खेल अकादमी को जरूरी माना जा रहा है। इसके साथ ही, खेल अकादमी शुरू होने के बाद खिलाड़ियों के लिए संबंधित खेलों में प्रशिक्षण लेने की सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी। विभाग को खेल अकादमी संचालित करने के लिए प्रशिक्षण और प्रबंधन से जुड़े मानव संसाधन की आवश्यकता पडे़गी।

राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से उत्तराखंड में खेल अवस्थापना सुविधाओं का बडे़ स्तर पर विस्तार हो रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि खेल सुविधाएं किसी एक जगह पर नहीं, बल्कि प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर बढ़ने जा रही हैं। यह उत्तराखंड के खेल विकास के लिए अति महत्वपूर्ण कदम है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खेल अवस्थापना सुविधाओं से खिलाड़ियों को लगातार लाभ मिलता रहे।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

राज्य के 13 जिलों के 19 डायलिसिस सेन्टर्स में 153 डायलिसिस मशीनें उपलब्ध

बीपीएल निर्धन मरीजों और गोल्डन कार्ड धारकों के लिए प्रदेशभर के 13 जिलों में स्थापित 19 सुचारू डायलिसिस सेन्टर्स के माध्यम निःशुल्क संचालित की जा रही हेमोडायलिसिस सेवाओं की जानकारी जरूरतमंदों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की जिम्मेदारी चिकित्सा विभाग पर तय करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस मामले में राज्य के सभी जिलों में सौ फीसदी कवरेज को समयबद्धता से पूरा करने की कड़ी हिदायत दी है।

रतूड़ी ने अधिकारियों को राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए आंवटित सरकारी संसाधनों में तेजी लाने तथा उनका कुशलतापूर्वक उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने कहा कि राज्य के 13 जिलों में स्थापित 19 सुचारू डायलिसिस सेन्टर्स में 153 डायलिसिस मशीनों की सहायता गरीबी रेखा से नीचे के मरीजों तथा गोल्डन कार्ड धारकों को निःशुल्क डायलिसिस सेवाएं प्रदान की जा रही हैं तथा गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) के मरीजों को निम्नतम शुल्क पर यह सेवाएं दी जा रही हैं। इसमें पीपीपी में सीएसआर के तहत 82 डायलिसिस मशीनें तथा हंस फाउंडेशन के द्वारा सीएसआर के तहत 49 मशीने संचालित की जा रही हैं। पीपीपी मोड के तहत आने वाले अस्पतालों में आयुष्मान के साथ सूचीबद्ध हैं तथा उसके माध्यम से उनका भुगतान किया जाता है। जिन बीपीएल तथा एचआईवी मरीजों का आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनका भुगतान डीजीएमएच तथा एफडब्ल्यू के द्वारा किया जाता है। वर्ष 2024-25 में दिसम्बर तक लाभार्थियों को 117490 डायलिसिस सेशन दिए जा चुके हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में प्रधान मंत्री नेशनल डायलिसिस प्रोग्राम के तहत सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से गरीबी रेखा से नीचे आने वाले मरीजों तथा गोल्डन कार्ड धारकों के लिए निःशुल्क संचालित की जा रही डायलिसिस सेवाओं की समीक्षा की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सम्बन्धित विभाग को पीएमएनडीपी पोर्टल का व्यापक उपयोग करने के निर्देश दिए, यह पोर्टल पीएमएनडीपी के तहत निःशुल्क डायलिसिस सेवाओं का लाभ उठाने वाले सभी मरीजों का विवरण प्राप्त करने के लिए एपीआई-आधारित आईटी प्लेटफॉर्म है। सीएस ने डुप्लीकेसी रोकने तथा पारदर्शिता, दक्षता और अंतर संचालन सुनिश्चित करने के लिए 14 अंकों के विशिष्ट ।ठभ्। आईडी का उपयोग करके रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने एपीआई सांझा करने तथा समग्र कवरेज के लिए अलग-अलग पोर्टल का उपयोग करने पर इसे पीएमएनडीपी पोर्टल के साथ एकीकृत करने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत डायलिसिस सेवाओं को उनके प्रदाताओं के बीच बेहतर कार्य प्रणाली के साथ स्थापित करना तथा किडनी से संबंधित रोगों से ग्रस्त रोगियों को उच्च गुणवत्ता और कम लागत में डायलिसिस सेवाएं प्रदान करना है। हेमोडायलिसिस की प्रक्रिया एक बार सम्पन्न होने में अत्यधिक लागत आती है। इस प्रकार किडनी के रोगियों का वार्षिक खर्च बहुत ज्यादा हो जाता है। राज्य के पर्वतीय ग्रामीण क्षेत्रों की हेमोडायलिसिस केंद्रों से दूरी भी इस समस्या का प्रमुख कारण है। इस कार्यक्रम से गरीब परिवारों के रोगियों को कम लागत में डायलिसिस की सुविधा अपने जनपदों में ही प्राप्त हो सकेगी।

बैठक में सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी मौजूद रहे।

कैबिनेट में यूसीसी हुआ पारित, शीघ्र होगा लागूः सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में मेयर प्रत्याशी शम्भू पासवान एवं अन्य 40 सभी पार्षद प्रत्याशियों के पक्ष में जनसभा कर भाजपा को प्रचंड बहुमत से जीताने की अपील की। सीएम ने कहा कि आईडीपीएल स्थित केंद्रीय विद्यालय को न ही बंद किया जाएगा और न ही स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए हमारी सरकार केंद्र सरकार से वार्ता करेगी। उन्होंने कहा कि कूड़े का पहाड़ हटाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि गंगा कॉरिडोर बनाने के लिए किसी भी व्यापारी का प्रतिष्ठान नहीं तोड़ा जाएगा। कहा कि कोई भी कार्य से पूर्व स्टॉक होल्डर के साथ बैठक की जाएगी। उसके बाद ही कार्य प्रारंभ होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंश्री धामी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने जनता से जो भी वादा किया उसे पूरा किया है। हमने 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व वादा किया था कि हम प्रदेश में समान नागरिक संहिता लेकर आएंगे। आज ही मंत्रिमंडल की बैठक में हमने सर्वसम्मति से यूसीसी को पारित कर दिया है, जिसे शीघ्र ही प्रदेश में लागू किया जाएगा। हमने जनता की मांग के अनुरूप ही प्रदेश में धर्मांतरण, लैंड जिहाद और थूक जिहाद, दंगा और नकल रोकने के लिए सख्त कानून बनाए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि एक ओर हमारी सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के लोग इस जुगत में लगे हुए हैं कि किसी भी तरह हम निकाय चुनाव जीत जाएं और भ्रष्टाचार का खेल फिर से शुरू कर सके। कहा कि अपने विशेष वोटबैंक को खुश करने के लिए ही कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने तक मना कर दिया।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि निकाय चुनाव में भाजपा का बोर्ड बनने के बाद ऋषिकेश का तेजी से विकास होगा। निकाय चुनाव में भाजपा की जीत क्षेत्र के विकास की गारंटी है।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष भाजपा महेंद्र भट्ट, लोकसभा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल, जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा, मेयर प्रत्याशी शम्भू पासवान, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, पूर्व मेयर अनिता ममगई, चुनाव प्रभारी दान सिंह रावत, चुनाव संयोजक संजय शास्त्री, सह संयोजक पुनिता भंडारी, मण्डल अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार, सुमित पंवार, जिला महामंत्री दीपक धमीजा, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा सतीश, दिनेश सती, ओबीसी आयोग के सदस्य सतीश पाल, सफाई आयोग के सदस्य राकेश परचा समेत 40 वार्डाे के भाजपा पार्षद उम्मीदवार व सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित रहे।

विपक्ष गंगा कॉरिडोर को लेकर कर रहा दुष्प्रचारः अग्रवाल

विपक्ष व्यापारियों में गंगा कॉरिडोर को लेकर दुष्प्रचार कर रहा है जिससे व्यापारियों को उनके प्रतिष्ठान के तोड़फोड़ होने का भाई सता रहा है जबकि ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला है। यह बात क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने व्यापारियों से संवाद के दौरान कही।

बीती रात घाट रोड स्थित एक होटल में व्यापारियों के साथ नगर निगम के मेयर प्रत्याशी शंभू पासवान को लेकर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने शिरकत की।

डॉ अग्रवाल ने व्यापारियों से संवाद करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की धामी सरकार ने व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना की धनराशि को 05 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपए करने का काम किया है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि जब भी व्यापारियों को किसी प्रकार की समस्याएं पैदा होती हैं। धामी सरकार सदैव उनके साथ खड़ी होती है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में श्यामपुर फाटक की समस्या को हमारी सरकार ने दूर किया है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि उनकी विधायकी के साढ़े 17 वर्षों में अनेक कार्य हुए बताया कि 1800 करोड़ की योजना से नगर का चारमुखी विकास होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि 464 करोड रुपए की योजना से नगर में सीवर योजना का कार्य गतिमान है, जबकि 135 करोड रुपए की लागत से बहु मंजिला पार्किंग बनाई जानी है।

डॉ अग्रवाल ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चुनाव में अपनी हर को करीब होता देख गंगा कॉरिडोर जैसे विषय को दुष्प्रचार के जरिए व्यापारियों को बहलाना चाहती है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह सब भ्रांतियां हैं और किसी प्रकार की तोड़फोड़ व्यापारियों के प्रतिष्ठान में नहीं की जाएगी।

इस अवसर पर नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला अध्यक्ष नरेश अग्रवाल, नगर महामंत्री प्रतीक कालिया, घाट रोड व्यापारी संघ के अध्यक्ष पवन शर्मा, शिवम टुटेजा, होटल व्यवसायी व भाजपा नेता संदीप गुप्ता, केके लाम्बा, दीपक तायल, संजय शास्त्री, कपिल गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, हर्षित गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

नेशनल गेम्सः खिलाड़ियों के साथ साये की तरह रहेगी पुलिस

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की तैयारियों को लेकर गढ़वाल व कुमाऊँ परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारियों, सेनानायकों एवं सम्बन्धित ईवेन्ट मैनेजमेन्ट एजेन्सियों के साथ त्रुटिरहित सुरक्षा व्यवस्था, फोर्स व्यस्थापन प्लान, यातायात प्लान, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था हेतु आवश्यक उपकरण के सम्बन्ध में वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से एक उच्च स्तरीय समीक्षा गोष्ठी आयोजित की।

गोष्ठी के दौरान पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड द्वारा ’सभी को सजग व सतर्क रहकर अपना कर्तव्य निर्वहन करने’ हेतु निर्देशित किया। उन्होंने बताया, दिनांक 28 जनवरी से प्रारम्भ हो रहे 38वें राष्ट्रीय खेल प्रदेश के 09 जनपदों में 19 आयोजन स्थलों पर आयोजित होंगे। जिसमें 44 स्पर्धाओं में लगभग 10 हजार खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। सभी जनपदों द्वारा ग्राउन्ड लेवल पर प्लानिंग कर खेलों के क्रियान्वयन हेतु पूरी तैयारी कर ली गयी है। प्रतिदिन उसकी मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने ’सभी अधिकारियों और आयोजन समिति के सदस्यों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को त्रुटिरहित और ऐतिहासिक बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। यह आयोजन उत्तराखण्ड की क्षमता और सौंदर्य को देश-दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक बड़ा अवसर है। जिसे सकुशल व सुरक्षित तरह से आयोजित कराने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं।’

▪️ ’38वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां के सम्बन्ध में निर्देश-’

▪️ ’खिलाड़ियों के साथ साये की तरह रहेगी पुलिस’- खिलाड़ियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उनके प्रवास स्थलों, वहां से आयोजन स्थलों जाने के मार्ग, अभ्यास सत्र, प्रतिस्पर्धी ईवेन्ट में प्रभावी एक्सेस कन्ट्रोल सुनिश्चित किया जाये। महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाये।

▪️ ’10 हजार पुलिसकर्मी रहेंगे ड्यूटी में तैनात’- सभी जनपद प्रभारी सम्बन्धित ईवेन्ट मैनेजमेन्ट एजेन्सियों और ज्ीवउंे ब्ववा (।ब्ज्)) के साथ समन्वय कर समय से खिलाड़यों की सुरक्षा, आवास व्यवस्था, यातायात प्लान, पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित कर लें और सभी आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था हेतु आवश्यक उपकरण स्थापित करा लें।

▪️ ’सीसीटीवी की निगरानी में रहेंगे खिलाड़ी, कन्ट्रोल रूम से होगी मॉनिटरिंग’ सुरक्षा के दृष्टिगत आयोजन / प्रवास स्थलों पर सीसीटीवी से लैस कन्ट्रोल रूम स्थापित किये गये हैं।

▪️सभी एजेन्सियों व अधिकारियों के मध्य एक प्रभावी और रियल टाइम कम्यूनिकेशन हो।

▪️खिलाड़ियों के प्रवास स्थलों में कार्यरत कर्मियों का समय से सत्यापन कराना सुनिश्चित किया जाये।

▪️रूट यातायात/एन्ट्री व एक्जिट प्लान, पार्किंग व्यवस्था को निदेशक यातायात एवं सम्बन्धित जनपद प्रभारी स्वयं मॉनिटरिंग करें।

▪️आयोजन स्थलों पर फायर सेफ्टी/सिक्योरिटी प्लान के अनुसार अग्निशमन के समस्त उपाय जैसे मोटर फॉयर इंजन, फॉयर एक्सटिंग्यूशर आदि पर्याप्त संख्या में मौके पर उपलब्ध हों।

▪️एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, आयोजन स्थलों व खिलाड़ियों के प्रवास स्थलों की सुरक्षा मानकों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।

▪️निर्धारित कण्टीजेंसी व इवैक्यूएशन प्लान का अभ्यास किया जाये तथा सभी को इसके विषय में ब्रीफ भी किया जाये।

▪️अभिसूचना संकलन के लिए विभिन्न टीमें का गठन सम्बन्धित जनपद प्रभारियों द्वारा किया जाये।

▪️ एन्टी सबोटाज व ठक्ै की टीमें 24Û7 तैनात रहेंगी।

▪️ विधुत विभाग, पेयजल, लोनिवि, फायर, एसडीआरएफ व अन्य सम्बन्धित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आयोजन को सफलतापूर्वक कराने हेतु भी निर्देशित किया गया।
’गोष्ठी में वी मुरूगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड एपी अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन/अभिसूचना एवं सुरक्षा, विम्मी सचदेवा, पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय/पी एंड एम, नीरू गर्ग, पुलिस महानिरीक्षक पीएसी, कृष्ण कुमार वीके, पुलिस महानिरीक्षक, दूरसंचार/अभिसूचना, मुख्तार मोहसिन, पुलिस महानिरीक्षक फायर, नीलेश आनंद भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, के एस नगन्याल, पुलिस महानिरीक्षक, सुरक्षा, अरुण मोहन जोशी, पुलिस महानिरीक्षक/निदेशक यातायात, जनमेजय खण्डूरी, पुलिस महानिरीक्षक/सचिव उत्तराखण्ड पुलिस स्पोर्टस कन्ट्रोल बोर्ड, सेंथिल अब्दई कृष्ण राज. एस, पुलिस महानिरीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण उपस्थित रहे।’