कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में अनुपूरक बजट की सराहना कर वित्त मंत्री को दी बधाई

भराड़ीसैण (गैरसैंण) में वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा 5013.05 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट पेश करने तथा सत्र के बेहतर संचालन के लिए कार्यकर्ताओं ने मंत्री डॉ अग्रवाल का अभिनंदन किया। इस दौरान डॉ अग्रवाल ने अनुपूरक बजट में राज्य के लिए किए गए प्रावधानों की जानकारी दी। इस दौरान राज्य आंदोलनकारी के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू होने पर मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया गया। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई जी को भी याद किया गया। इसके अलावा आपदा के लिए बड़ी संख्या में राहत पैकेज देने पर केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।

बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने वित्त मंत्री द्वारा रखे गए 5013.05 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट की सराहना की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस बजट में युवाओं, खिलाडियों एवं छात्रों के व्यापक हित में अनेक प्रभावी निर्णय लिये गये है। महिला स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध कर उनकी आर्थिकी मजबूत करने के साथ उन्हें स्वरोजगार से जोडने के लिये योजनायें बनाई गईं हैं। कार्यकर्ताओं ने मंत्री डॉ अग्रवाल को अनुपूरक बजट के लिए बधाई भी दी।

इस मौके पर वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि सदन में कई विधेयकों के साथ 5013.05 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई तथा उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। अनुपूरक बजट, सामान्य बजट की पूर्ति के लिये लाया गया है। राज्य में वित्तीय अनुशासन के साथ राजस्व बढाने तथा खर्चों को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए राजस्व प्राप्ति के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा हैं। ऋण लेने की प्रक्रिया में भी कमी लाई गई है। कहा कि विकास की दिशा में राज्य का प्रदर्शन भी बेहतर रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में राज्य द्वारा प्रथम स्थान पर रहना इसका प्रमाण है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि हमारा प्रयास केन्द्र पोषित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने का है। राज्यांश कम होने वाली योजनाओं का लाभ प्रदेश वासियों को मिलें इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है। कहा कि राज्य के गेस्ट हाऊसों का बेहतर ढंग से संचालन कर इन्हें आय के संशाधनो से जोडने में मददगार बनाया जा रहा हैं। कहा कि राज्य की भावी पीढी को बेहतर वित्तीय स्थिति का लाभ मिले इसके लिए हम प्रयासरत है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य में युवाओं, खिलाडियों एवं छात्रों के व्यापक हित में अनेक प्रभावी निर्णय लिये गये है। महिला स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज का ऋण उपलब्ध कर उनकी आर्थिकी मजबूत करने के साथ उन्हें स्वरोजगार से जोडने के लिये योजनायें बनाई गई है। कहा कि समूहों के उत्पादों के विपणन की कारगर व्यवस्था की गई है। कृषि, बागवानी, मत्स्य, दुग्ध विकास की योजनाओं को रोजगार परक बनाया जा रहा है। जनता के हित से जुडी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि भविष्य में राज्य के किसी भी क्षेत्र में बनभूलपुरा जैसी घटना न हो, आपसी भाईचारा व अमन चौन बना रहें तथा दंगा, तोड-फोड के साथ सरकारी व निजी सम्पत्ति का नुकसान न हो इसके लिए लोक तथा निजी सम्पत्ति क्षति वसूली विधेयक को मंजूरी दी गई है। अब सम्पतियों के नुकसान की भरपाई दंगाईयों से ही की जायेगी। कहा कि देवभूमि का प्रत्येक व्यक्ति बांग्लादेश में हिन्दुओं के प्रति हो रही हिंसक घटनाओं के प्रति हम चिंतित है, उनके प्रति हो रहे इस अन्याय को रोका जाना चाहिए। हिंसक घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम हम सबकी मांग है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य में अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न आपदा की घटनाओं के प्रति हम संवेदनशील है। सरकार राज्य के विभिन्न आपदाग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा ले रही है तथा प्रभावितों का दुःख दर्द बांटने में लगी है। पीडितों की हर सम्भव मदद करने का प्रयास निरन्तर जारी है। इसके लिए धन की कमी नही होने दी जायेगी।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि भराडीसैंण का ग्रीष्मकालीन राजधानी के अनुरूप विकास हमारा लक्ष्य है, इसके लिए मुख्यमंत्री द्वारा शीघ्र उच्च स्तरीय बैठक की जाने वाली है। भराडीसैण में वर्षभर विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के आयोजन के भी प्रयास किये जाने की बात कही साथ ही यहां पर विधानसभा सत्र लम्बें समय तक संचालित किये जाने, अच्छा अस्पताल बनाये जाने, पत्रकारों तथा पुलिस के जवानों के लिये आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा, मण्डल अध्यक्ष वीरभद्र भाजपा सुरेंद्र कुमार, सुमित पंवार, दिनेश पयाल, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती प्रतीक कालिया, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष निर्मला उनियाल, माधवी गुप्ता, शम्भू पासवान, निवर्तमान पार्षद शिव कुमार गौतम, प्रदीप कोहली, राजेन्द्र बिष्ट, प्रधान रायवाला सागर गिरी, जिला योजना समिति सदस्य राजेश जुगलान, अनिता तिवाड़ी, उषा जोशी, पुनीता भंडारी, गणेश रावत, हिमानी कौशिक, विनोद भट्ट, नंद किशोर जाटव, संजय धयानी, रिंकी राणा, सुमन रावत, पूनम डोभाल, प्रमिला देवी सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों का उत्तराखण्ड बनाना हमारा लक्ष्यः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी मंच के पदाधिकारियों ने भेंट की। राज्य आन्दोलनकारियों के लिए सरकारी सेवा में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिये जाने की व्यवस्था के प्रति सभी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों का उत्तराखण्ड़ बनाना हमारा लक्ष्य है। इस दिशा में हम विकल्प रहित संकल्प के साथ तत्परता से कार्य करे रहे है। राज्य निर्माण में राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष को प्रदेशवासी सदैव याद रखेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण आन्दोलन के वे भी साक्षी रहे है, खटीमा के जन आन्दोलन को उन्होने स्वयं देखा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को कभी भूल नहीं सकती। हमारी सरकार उनकी सुविधाओं को शीर्ष प्राथमिकता देने के साथ उनके सपने के अनुरूप राज्य के विकास के प्रति प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों को राज्य सरकार ने राज्य आन्दोलनकारियों एवं उनके सभी आश्रित पात्रों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया था, तमाम कठिनाईयों के बावजूद क्षेतिज आरक्षण को अब लागू कर दिया गया है। इससे राज्य आन्दोलनकारियों की एक बड़ी लम्बित मांग की भी पूर्ति हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने के साथ ही उनकी मृत्यु के पश्चात् उनके आश्रितों को भी पेंशन देने का निर्णय लिया है। हम शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के बलिदान को भूल नही सकते है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश विकास की दिशा में निरन्तर आगे बढ़ता जा रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी विकास के सूचकांक में प्रदेश प्रथम स्थान पर रहा है। प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश प्रगति के पथ पर निरन्तर अग्रसर है। लगभग 2 लाख करोड की केन्द्रीय योजनाओं पर राज्य में कार्य हो रहे है। सड़क निर्माण हो स्कूल निर्माण हो या हॉस्पिटल या फिर कोई भी प्रदेश हित का कार्य हो, इसके लिए किसी भी प्रकार की धन की कमी नही होने दी जायेगी। उन्होेंने कहा कि हम प्रदेश को नशा मुक्त राज्य बनाने की दिशा में अग्रसर है इसके लिए सिर्फ सरकार ही नही बल्कि सभी को सहयोग करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। गत वर्ष आयोजित इन्वेस्टर सम्मिट में बडी संख्या मंे उद्योगपति निवेश के लिए राज्य में आ रहे है। इससे हमारे युवाओं को राज्य में ही रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे तथा पलायन पर भी रोक लगेगी। उन्होने कहा प्रदेश में अवैध अतिक्रमण की समस्या का निदान करते हुए लगभग 5000 एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई है। मुख्यमंत्री ने सभी से राज्य के विकास में सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की।

मुलाकात के दौरान उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी कल्याण परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष रवींद्र जुगरान, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती सहित बडी संख्या में मंच के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

एक पौघा मां के नाम अभियान के तहत सीएम ने किया गैरसैंण में पौधारोपित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा गैरसैंण (भराड़ीसैंण) स्थित मुख्यमंत्री आवास परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपनी माताजी बिशना देवी के नाम देवदार का पौधा लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत प्रदेश भर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। हरेला पर्व से 15 अगस्त तक संपूर्ण प्रदेश में वृक्षारोपण का वृहद अभियान चलाया गया। जिसमें विभिन्न विभागों के साथ जन सहयोग भी लिया गया।

विधानसभा गैरसैंण (भराड़ीसैंण) के प्रभारी शेखर पंत ने विधानसभा परिसर में 04 हजार फलदार पौधे लगाए हैं, पर्यावरण संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए उनका आभार भी व्यक्त किया।

इस अवसर पर विधायक अनिल नौटियाल, मदन सिंह बिष्ट, हरीश धामी, आदेश चौहान, मनोज तिवारी, विधानसभा भराड़ीसैंण के प्रभारी शेखर पंत मौजूद थे।

इस्कॉन ऋषिकेश ने झूलन और बलराम जयंती पर किया भव्य आयोजन

इस्कॉन ऋषिकेश द्वारा झूलन और बलराम जयंती महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान पंडाल में भक्तों द्वारा हरे कृष्ण और राघा कृष्णा की मनमोहक झांकियों को झुलाया गया।
आवास विकास स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में झूलन और बलराम जयंती मनाई गई। इस दौरान 200 से अधिक श्रीकृष्ण भक्तों ने भाग लिया। इस मौके पर फूलों से सजे झूलन पर बैठे राधा और कृष्ण की सुंदर मूर्तियों ने सभी मंत्रमुग्ध कर दिया। जिन्हें भक्तों द्वारा महाआरती के बाद झुलाया गया।

इससे पूर्व पंचामृत, फलों के रस और फूलों से राधे श्रीकृष्ण का अभिषेक भी किया गया। इस अवसर पर प्रेम गौरांग दास महाराज द्वारा सभी को कृष्ण और बलराम की लीलाओं की महिमा का बखान किया। उन्होंने झूलन लीला के बारे में बताया कि झूला लकड़ी या अन्य सामग्री का न बनकर भक्ति भाव का बनाया जाता है।
इस अवसर पर इस्कॉन से जुड़े राधाकुंड दास, दीन गोपाल दास, पार्थमित्र दास, राजेश्वर दास, राजेश शर्मा और किरण भट्ट मौजूद थे।

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दो दिवसीय जन्माष्टमी धूमधाम से मनाएगी इस्कॉन
इस्कॉन अगले सप्ताह 25 और 26 अगस्त (रविवार और सोमवार) की शाम को प्रत्येक वर्ष की भांति साक्षी वाटिका में दो दिवसीय जन्माष्टमी उत्सव मनाने जा रहा है। इस उत्सव में स्कूली बच्चों द्वारा कई विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी।

राज्यपाल ने दी आंदोलनकारियों के 10 प्रतिशत आरक्षण वाले प्रस्ताव पर अपनी मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आन्दोलनकारियों के लिए सरकारी सेवा में 10 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने की व्यवस्था से संबंधित विधेयक को प्रदेश के राज्यपाल ले.ज. से.नि. गुरमीत सिंह द्वारा स्वीकृति प्रदान किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने राज्यपाल का आभार भी व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को कभी भूल नहीं सकती। राज्य आन्दोलनकारी हमारे लिए सदैव सम्मानीय रहे है। हमारी सरकार उनकी सुविधाओं को शीर्ष प्राथमिकता देती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य आन्दोलनकारियों एवं उनके सभी आश्रित पात्रों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया था तथा इसका विधेयक विधानसभा में पारित कर राज्यपाल जी को भेजा गया था, जिसपर उन्होंने अपनी सहमति प्रदान कर दी है। इससे राज्य आन्दोलनकारियों की एक बड़ी लम्बित मांग की भी पूर्ति हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने के साथ ही राज्य आन्दोलनकारियों की मृत्यु के पश्चात् उनके आश्रितों को भी पेंशन देने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों का उत्तराखण्ड बनाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

रखाबंधन पर्व के अवसर पर सीएम की कलाई पर चंपावत की बहनों ने बांधा रक्षासूत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय महाविद्यालय अमोड़ी, चम्पावत में रक्षाबन्धन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए 3916.85 लाख रूपए की 26 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 2510.95 लाख की 13 योजनाओं का लोकार्पण एवं 1465.90 लाख की 13 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई में रक्षा सूत्र बांधा तथा उनके दीर्घायु की कामना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई घोषणाएं कि जिसमें बेलखेत क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा का कार्य किए जाने, राजकीय महाविद्यालय अमोड़ी की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा के लिए कार्य किए जाने, बेलखेत में झूला पुल का निर्माण किया जाने, चम्पावत में निर्माणाधीन स्टेडियम का नाम स्व० कैलाश गहतोड़ी के नाम पर रखें जाने एवं भारतीय सेना के शहीद कमांडो नवीन सिंह बिष्ट के नाम से ग्राम पंचायत दुधौली के खरकोडी मार्ग को किए जाने की घोषणा शामिल है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत महिला लाभार्थियों को चेक वितरण किए एवं जिला खनन न्यास निधि से पशुपालन विभाग को उपलब्ध कराई गई एक एंबुलेंस तथा पुलिस विभाग को आपदा प्रबंधन अंतर्गत उपलब्ध कराई गई तीन मोटरसाइकिलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। मुख्यमंत्री ने जनपद में बेहतर कार्य कर रही महिलाओं को सम्मानित भी किया। उन्होंने जनपद की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा हस्त निर्मित पिरूल, ऐपण, सूत व अन्य स्थानीय उत्पादों से बनाई गई राखियों व अन्य निर्मित उत्पादों की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चंपावत उनका घर है एवं यहां का हर कोई उनका परिजन है। उन्होंने कहा वो हर स्थिति में अपने परिजनों एवं प्रदेशवासियों के साथ रहेंगे। माताओं एवं बहनों से मिले आशीर्वाद से वो स्वयं को ऊर्जावान एवं गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा रक्षाबंधन त्यौहार भाई बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है, साथ ही रक्षाबंधन महिलाओं के सम्मान के साथ-साथ पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व का पर्व भी है। यह पर्व हमें अपने कर्तव्य, वचनों के प्रति भी बोध करवाता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान पर राज्य सरकार निरंतर कार्य चल रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण पर पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में डेढ़ लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाए जाने पर कार्य गतिमान है। विभिन्न जनकल्याणकारी एवं महिला सशक्तिकरण आधारित योजनाओं से हमारा प्रयास महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। आज हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो रही है। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाएं, स्वयं को, परिवार एवं राज्य को आत्मनिर्भर बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड के प्रत्येक जनपद में मातृशक्ति सबसे आगे हैं। स्वयं सहायता समूह के उत्पाद, मल्टीनेशनल कंपनी के उत्पादों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत महिलाओं के द्वारा निर्मित उत्पादों को बेचने के लिए उचित बाजार उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सर्वाधिक कार्य महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में हुए हैं। बेटियों के सपनों को पंख लगाने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का शुभारंभ किया गया। आज मातृशक्ति हर क्षेत्र में प्रतिनिधित्व कर देश का नाम विश्व पटल पर अंकित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेत में अनाज उगाने से लेकर अंतरिक्ष तक महिलाएं अपनी छाप छोड रही हैं। उन्होंने कहा चंपावत के साथ ही उत्तराखंड के विकास के लिए निरंतर बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। चंपावत को आदर्श जनपद बनाने हेतु विशेष परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा आदर्श चम्पावत का जो संकल्प लिया गया है उसमें प्राथमिकता के आधार पर कार्य जारी हैं।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, भाजपा जिला अध्यक्ष निर्मल मेहरा, ब्लॉक प्रमुख चंपावत रेखा देवी, लोहाघाट नेहा ढेक, पाटी सुमनलता, बाराकोट विनीता फर्त्याल, सदस्य जिला पंचायत क्षेत्र धूरा दीपा जोशी, ग्राम प्रधान अमोडी लाल मणि भट्ट, छटकोट विजय राणा, मण्डल भाजपा अध्यक्ष नवीन भट्ट, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता सुंदर बोहरा, भाजपा महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी नवनीत पांडे, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने सिविल सेवा के लिए चयनित युवा अधिकारियों को किया संबोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिविल सेवा के लिए चयनित युवा अधिकारियों का आह्वान किया है कि इस सेवा से उनके जीवन की नई यात्रा शुरू हो रही है। पूरे समाज की भावना उनसे जुड़ी है। राष्ट्रवाद की विचार धारा को आगे बढ़ाने तथा प्रशासन तंत्र की मजबूती का उनका उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने दायित्वों के माध्यम से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन लाना तथा उन्हें बेहतर भविष्य देना युवा अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

आईआरडीटी सभागार सर्वे चौक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संकल्प फाउंडेशन के सहयोग से 2024 की सिविल सेवा में चयनित प्रतिभागियों के अभिनन्दन समारोह में सिविल व वन सेवा के चयनित 22 प्रतिभागियों एवं उनके अभिभावकों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नये भारत के निर्माण की शुरुआत हो चुकी है। नया भारत कैसा होगा हमारे संस्थान व नीतियां क्या होगी इसमें उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है। देश के अमृत काल को अमृत्व देने का कार्य भी युवा अधिकारियों के माध्यम से होना है। 21वीं सदी के नए प्रशासनिक सेवक बनकर व्यवस्था में बदलाव लाकर विकसित भारत बनाने में वे प्रमुख सारथी बनेंगे।

मुख्यमंत्री ने युवा अधिकारियों से अच्छे प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश की संस्कृति के सच्चे संरक्षक बनने की भी अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि अपने दायित्वों का ईमानदारी तथा सत्यनिष्ठा के साथ निर्वहन करने में उनके अच्छे कार्यों की पहचान बनेगी तथा जीवन में सफलता की राह प्रशस्त होगी। उन्होंने युवा अधिकारियों का आह्वान किया कि सिविल सेवा के साथ आपने देश सेवा का संकल्प लिया है। युवा अधिकारियों के निर्णय समाज के सभी वर्गों के लिए लाभकारी हो इसके लिए कार्य संस्कृति में बदलाव लाने तथा मिशन कर्मयोगी बनकर 10 से 05 तक कार्य करने वाले कार्य संस्कृति में बदलाव लाने के प्रयास उन्हें करने होंगे। इस महान देश की सेवा का आपको अवसर मिला है। देश के समक्ष आने वाली चुनौतियों का सामना करने में सहयोगी बनकर देश की आत्मा को भी सशक्त बनाने में युवा अधिकारियों को योगदान देना हेगा।

मुख्यमंत्री ने संकल्प परिवार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संकल्प में जुड़कर इस बार 686 युवा सिविल सेवा में चयनित हुए है। यह संकल्प के उत्कृष्ट मार्गदर्शन का प्रतिफल हैं।

पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने सिविल सेवा के भावी अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि वे किसी भी गलत फहमी का शिकार न हो। उन्होंने कौटिल्य के अर्थशास्त्र, वैज्ञानिक आइंस्टीन तथा साहित्यकार लाल शुक्ल के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सिविल सर्विस धन अर्जित करने का माध्यम नही है। उन्हें अपना बेहतर देने का प्रयास करना चाहिए तथा विभिन्न विषयों की पढ़ाई का फलक बढ़ाने के साथ अपने आस-पास के ज्ञान को ग्रहण करने पर भी ध्यान देने पर बल दिया।

संकल्प के न्यासी संतोष पाठक ने कहा कि संकल्प संस्था कोई कोचिंग इंस्टीट्यूट नहीं है बल्कि बेहतर शिक्षा से वंचित क्षेत्र के लोगों की मदद करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि संकल्प गुरूकुल के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को सिविल सेवा की तैयारी में मदद की जा रही है। उन्होंने युवा अधिकारियो से कहा कि समाज को आपसे बड़ी अपेक्षा रहती है। आपको अपने कार्य व्यवहार में उनकी अभिभाषा की पूर्ति करनी होगी।

इस अवसर पर चयनित सिविल सेवा के अधिकारी अंशुल भट्ट, रितिका, रोमी बिजल्वाण, संदीप सिंह ने भी अपने अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम को आर.एस.एस. के उत्तराखण्ड प्रचारक डा शैलेन्द्र ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में इक्वफाई विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राम किरन सिंह, कुलपति दून विश्वविद्यालय डॉ सुरेखा डंगवाल सहित बड़ी संख्या में शासन प्रशासन के अधिकारी एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री से मिले चारधाम से आये तीर्थपुरोहित, होटल, व्यापार मंडल के प्रतिनिधि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चारधामों से आये तीर्थ पुरोहितों, पदाधिकारियों, होटल एसोसिएशन, टूर ऑपरेटर, ट्रांसपोर्टस और व्यापार मण्डल के साथ बैठक की। इस अवसर पर चारधाम यात्रा के सकुशल संचालन, श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुगम यात्रा और स्थानीय लोगों की आजीविका के संबंधित विषयों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए उत्तराखण्ड आते हैं। इस यात्रा का सकुशल संचालन हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। जिस तेजी से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है, सरकार द्वारा इसको ध्यान में रखते हुए अवस्थापना सुविधाओं में विकास के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। चारधाम यात्रा से जुड़े हितधारकों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री से यात्रा के सफल संचालन और अन्य पहलुओं के दृष्टिगत विभिन्न मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह से कपाट बन्द होने तक चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाईन की व्यवस्था पूर्व की भांति चलती रहेगी एवं जो तीर्थ यात्री उत्तराखण्ड में चारों धामों के दर्शन के लिए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन नहीं करा पायेंगे, उन्हें मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था उपलब्ध करायी जायेगी। इसमें किसी भी प्रकार की संख्या की बाध्यता नहीं रहेगी। इसके लिए ऑफलाईन स्पॉट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की जायेगी। यह व्यवस्था हरिद्वार, ऋषिकेश एवं इसके अतिरिक्त गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ एवं बदरीनाथ के मुख्य पड़ावों पर भी की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान बैरिकेडिंग एवं चौकिंग की व्यवस्था की समीक्षा कर उसे न्यूनतम किया जायेगा एवं यात्रा को सुगम और सुचारू बनाने के लिए इसका सरलीकरण किया जायेगा। अन्य प्रदेशों से आने वाले प्राइवेट वाहनों पर ग्रीन कार्ड / ट्रिप कार्ड की अनिवार्यता की मांग पर उन्होंने परिवहन विभाग को इसका समाधान करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगली चारधाम यात्रा के लिए तैयारी वर्तमान चारधाम यात्रा के समाप्त होते ही तत्काल प्रारम्भ कर दी जायेगी। सभी जनपदों के यात्रा से सम्बन्धित जिला अधिकारी अपने-अपने स्तर पर सभी स्टेक होल्डर्स के साथ बैठक एवं परामर्श करेंगे। इसके बाद उच्च स्तर पर परामर्श करने के उपरान्त अगली चारधाम यात्रा की तैयारियों के लिए रणनीति पूर्व में ही तैयार कर ली जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनोत्री धाम में मास्टर प्लान के अन्तर्गत खरसाली से रोपवे के कार्य में तेजी लायी जायेगी। पालीगाढ़ से जानकीचट्टी तक चारधाम यात्रा मार्ग पर सड़कों के चौड़ीकरण के लिए मॉनीटरिंग कमेटी से क्लीयरेंस हो गयी है एवं शीघ्र ही इसका कार्य भी संपन्न किया जायेगा। वर्तमान में गंगोत्री एवं यमुनोत्री के लिए बन रहे मास्टर प्लान के कार्यों में तेजी लाई जायेगी। उन्होंने कहा कि मदुरई से चलने वाली कार्तिकेय एक्सप्रेस की तर्ज पर गंगोत्री, यमुनोत्री, हनौल में महासू देवता का एक सर्किट बनाते हुए गंगा-यमुना एक्सप्रेस के नाम से एक स्पेशल ट्रेन संचालित की जायेगी। यमुनोत्री में जल्द हेली सेवा के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित यात्रा प्राधिकरण में चारधाम यात्रा के सुगम संचालन के लिए जो भी निर्णय लिये जायेंगे, वे सभी स्टेक होल्डर्स से व्यापक विचार-विमर्श एवं आम सहमति के आधार पर ही लिये जायेंगे।

इस अवसर पर चारधाम यात्रा से जुडे़ विभिन्न स्टेक होल्डर्स ने अपने सुझाव दिये। चारधाम यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों ने इस बैठक के लिए मुख्यमंत्री का अभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना के बाद पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने चारधाम से जुड़े विभिन्न विषयों पर इतने विस्तार से उनके साथ बैठक की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सुझावों पर विचार कर यात्रा का सकुशल संचालन किया जायेगा । उन्होंने गढ़वाल कमिश्नर को निर्देश दिये कि 15 दिन अन्तराल में चारधाम यात्रा से जुड़े पदाधिकारियों के साथ बैठक की जाए।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा के सकुशल संचालन के लिए जो भी सुझाव प्राप्त हुए उन्हें ध्यान में रखते हुए कार्य किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि यात्रा के सफल संचालन के लिए सरकार को जितने अधिक फीडबैक मिलेंगे, व्यवस्थाओं में उतना अधिक सुधार होगा।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए सबको एकजुट होकर कार्य करना है। चारधाम यात्रा जिस तेजी से बढ़ रही है, भविष्य के लिए यात्रा को और सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार दीर्घकालिक योजना के साथ कार्य कर रही है।

सीएम धामी द्वारा केंद्र में की गई प्रभावी पैरवी के सकारात्मक परिणाम आए सामने

गृह मंत्रालय भारत सरकार, आपदा प्रबंधन प्रभाग द्वारा एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की दरों का पुनर्निर्धारण किए जाने पर राज्य कैबिनेट ने प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री का धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया है। इस मामले में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के स्तर से प्रभावी पैरवी की गई जिसके फलस्वरूप सकारात्मक परिणाम सामने हैं।

दरअसल, पूर्व में एसडीआरएफ की मदों में रिकवरी एवं पुनर्निर्माण के लिए मानक तय नहीं थे और दरें भी काफी कम थी। इसके चलते आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत में व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

इन व्यवहारिक कठिनाईयों को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा कई बार गृह मंत्रालय, भारत सरकार को पत्र प्रेषित करते हुए अनुरोध किया गया था। मुख्यमंत्री द्वारा व्यक्तिगत रूप से भी प्रधानमंत्री व गृह मंत्री से मिलकर एस०डी०आर०एफ० के मानक की धनराशि बढ़ाये जाने के लिए कई बार अनुरोध किया गया। उनके द्वारा इस बारे में उत्तराखण्ड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए धनराशि बढ़ाये जाने के लिए प्रभावी पैरवी की गयी, जिसके फलस्वरूप भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा अब रिकवरी और पुनर्निर्माण के सम्बन्ध में 14.08.2024 को विस्तृत नवीन दिशा-निर्देश निर्गत कर दिये गये हैं और विभिन्न कार्यों के लिए लागू मानकों में वृद्धि कर दी गयी है। ऐसा करने से उत्तराखण्ड जैसे आपदा से प्रभावित राज्य को अत्यधिक लाभ होगा तथा आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों की मरम्मत में सुविधा होगी और जन सामान्य की परेशानियो को दूर किया जाना संभव हो सकेगा।

मुख्य संशोधन

पूर्व में मैदानी इलाकों में पक्के घरों के लिये निर्धारित मानक रू0 1.20 लाख प्रति घर के स्थान पर अब 30 से 70 प्रतिशत क्षति होने की दशा में रू० 90 हजार प्रति घर तथा 70 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर रू0 1.80 लाख कर दिया गया है तथा पहाडी क्षेत्रों पूर्व निर्धारित मानक 1.30 लाख प्रति घर के स्थान पर अब 30 से 70 प्रतिशत क्षति होने की दशा में रु० 1.00 लाख प्रति घर तथा 70 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर रू0 2.00 लाख प्रति घर कर दिया गया है।

प्राथमिक स्कूलों के लिए पूर्व में निर्धारित मानक प्रति विद्यालय रुपये 2 लाख की सीमा के अध्यधीन रहते हुए वास्तविक व्यय के अनुसार परिवर्तित करते हुए प्राथमिक स्कूलों के लिये 30 से 70 प्रशित की क्षति होने पर रु0 7.50 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रु० 15.00 लाख अनुमन्य किया गया है।

माध्यमिक / वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के नाम से पूर्व में मानक निर्धारित नहीं थे, किन्तु अब माध्यमिक / वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के 30 से 70 प्रतिशत क्षति होने की दशा में रू0 12.50 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रू0 25.00 लाख अनुमन्य किया गया है।

प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिये पूर्व में रू0 2.50 लाख प्रति यूनिट की अधिकतम सीमा के अध्यधीन वास्तविक व्यय के अनुसार अनुमन्य था, जिसको अब वृद्धि कर उपकेन्द्र मैदानी क्षेत्र के लिये 30 से 70 प्रतिशत की क्षति तक रू0 9.20 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रू0 18.40 लाख अनुमन्य किया गया है। पर्वतीय क्षेत्र के लिये यह राशि क्रमशः रू0 7.91 लाख तथा रू0 15.81 लाख अनुमन्य किया गया है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिये मैदानी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत की क्षति तक रू० 20.99 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर 41.97 लाख अनुमन्य है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर्वतीय क्षेत्रों के लिये 70 प्रतिशत की क्षति तक रू0 24.72 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक रू0 49.45 लाख अनुमन्य है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मैदानी क्षेत्र के लिये 70 प्रतिशत की क्षति तक रू०79.06 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रू0 158.12 लाख अनुमन्य किया गया है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर्वतीय क्षेत्र के लिये 70 प्रतिशत की क्षति तक रू० 92.86 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रू0 185.72 लाख
अनुमन्य किया गया है।

पुल प्रति संख्या में 70 प्रतिशत की क्षति तक रू0 1750.00 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रू0 3500.00 लाख अनुमन्य किया गया है।

तटबन्ध प्रति कि०मी० के लिये 70 प्रतिशत की क्षति तक रू0 50.00 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रू0 100.00 लाख अनुमन्य किया गया है।

सामुदायिक भवन के लिये निर्धारित मानकों में भी वृद्धि की गयी है।

सड़क एवं परिवहन खण्ड में ईकाई प्रति कि०मी० के लिये प्रमुख जिला सड़के के लिये मैदानी क्षेत्र में 70 प्रतिशत की सीमा तक रू0 32.00 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक होने पर रू0 64.00 अनुमन्य किया गया है। इसी प्रकार पहाड़ी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत की सीमा तक रू0 93.75 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक होने पर रू0 187.75 लाख अनुमन्य है।

अन्य जिला सड़कों के लिये भी मैदानी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत की सीमा तक रू० 26.75 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक होने पर रू0 54.50 लाख अनुमन्य किया गया है। इसी प्रकार पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 70 प्रतिशत की सीमा तक 80 लाख तथा पहाड़ी सड़कों के लिए 159.88 लाख अनुमन्य किया गया है।

सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उत्साहित हुए 236 चयनित सहायक अध्यापकगण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा निदेशालय ननूरखेड़ा में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत चयनित 236 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत प्रथम चरण की काउंसलिंग में 473 सहायक अध्यापकों का चयन किया गया है, शेष अभ्यर्थियों को संबंधित जनपदों से नियुक्ति दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खराब स्थिति वाले स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए आवश्यक धनराशि का प्रस्ताव शीघ्र भेजा जाए, इसके लिए जितनी धनराशि की आवश्यकता होगी दी जायेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य का मुख्य सेवक होने के नाते यह उनका सौभाग्य है कि जिन शिक्षकों के ऊपर राज्य के नौनिहालों के भविष्य का निर्माण करने की बड़ी जिम्मेदारी है, उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की समाज में अहम भूमिका होती है। बच्चों के भविष्य के निर्माण की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होती है। अच्छी शिक्षा से एक बच्चा देश और समाज के लिए अनमोल धरोहर साबित होता है। बेहतर शिक्षा जीवन का सबसे मजबूत आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक और नवाचार हो रहे है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव चयनित शिक्षक जिन स्कूलों में जायेंगे उनकी ऑनरशिप लेंगे और नवाचार के कार्य करेंगे। नये शिक्षकों के आने से स्कूलों में शिक्षा के क्षेत्र में नई आशाएं जगेगीं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास, ई-लर्निंग और डिजिटल शिक्षा, शिक्षा के महत्वपूर्ण अंग बन चुके हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि शिक्षण कार्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहे, व्यक्तित्व निर्माण और नैतिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। जीवन का लक्ष्य तय और दिशा स्पष्ट होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण अंग है। बच्चों को उनकी प्रतिभाओं के आधार पर तैयार करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार द्वारा 16 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में सेवायोजित किया गया है। गैर सरकारी क्षेत्रों में भी रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को नौकरियां दी जा रही हैं।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में 2906 पदों के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया गतिमान है। इसके तहत पहले चरण में 473 सहायक अध्यापकों को आज नियुक्ति मिली है। अब स्कूलों में शिक्षकों की संख्या काफी अच्छी हो गई है। जिन स्कूलों में दस से कम छात्र हैं, वहां एक शिक्षक रहेगा, जहां 10 से ज्यादा छात्र हैं वहां दो, जहां 40 से ज्यादा छात्र हैं वहां 3, जहां 70 से ज्यादा छात्र हैं वहां पर 4 एवं जहां 100 से ज्यादा छात्र हैं वहां 5 शिक्षक दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जहां एक शिक्षक है और अगर वह अवकाश पर जाता है तो नजदीकी विद्यालय जहां दो शिक्षक हैं, वहां से एक को उक्त विद्यालय में भेजा जाएगा। यह पूरी व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा में कक्षा 1 से 12 तक त्रिस्तरीय व्यवस्था बनाई जा रही है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बार स्थानांतरण नीति के अंतर्गत लगभग 6 हजार से ज्यादा शिक्षकों के स्थानांतरण हुए। स्थानांतरण में काउंसलिंग व्यवस्था का असर यह रहा कि जिनका ट्रांसफर हुआ वे तो खुश हैं, जिनका ट्रांसफर नहीं हुआ वो भी खुश हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री एवं सम्पूर्ण कैबिनेट का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पात्र शिक्षकों की शीघ्र पदोन्नति के लिए भी सरकार कोई न कोई रास्ता निकालने जा रही है। गेस्ट फैकल्टी कि मांगों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि उनको अपना जनपद मिल जाए। इनकी वेतन वृद्धि से जुड़ी मांग पर भी विचार किया जा रहा है।

इस अवसर पर सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव रंजना राजगुरू, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक विद्यालयी शिक्षा अजय कुमार नौडियाल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।