उत्तराखंडः लोअर इंडिकेटर वाले क्षेत्रों से सम्बन्धित विभागों के नोडल सचिव नामित

उत्तराखण्ड का एसडीजी इण्डेक्स में प्रथम स्थान बरकरार रखने तथा अपेक्षाकृत कम च्मतवितउंदबम वाले कुछ इंडिकेटर में सुधार के लिए विशेष कार्य करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने लोअर इंडिकेटर वाले क्षेत्रों से सम्बन्धित विभागों के नोडल सचिव नामित करते हुए 15 दिन में समीक्षा के निर्देश दिए हैं। जीरो हंगर तथा विशेषरूप से महिलाओं व बच्चों में कुपोषण हटाने के लक्ष्य में सुधार के दृष्टिगत सीएस ने पीडीएस के माध्यम से दालों की आपूर्ति की कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने ऐसे दिव्यांग बच्चे जिनके द्वारा माध्यमिक शिक्षा पूरी नही की जा सकी है, उनकी पूर्ण शिक्षा की व्यवस्था करने हेतु कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने आंगबाड़ियों में ही दिव्यांग बच्चों की पहचान करते हुए भविष्य में उनकी सुविधा अनुसार विशेष शिक्षा के प्रबन्ध करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में वर्कफोर्स में लैगिंक समानता के लक्ष्य को प्राप्त करने तथा महिलाओं की भागीदारी कार्यबल में बढ़ाने की दिशा में मुख्य सचिव ने उद्यम नीति में आवश्यक सुधार करने की बात कही।

महिलाओं व बच्चों में कम बीएमआई व एनिमिया की समस्या के निदान के सम्बन्ध में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इन समस्याओं की प्रमुखता वाले क्षेत्रों की पहचान करते हुए टारगेटेड अप्रोच के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में वायु गुणवत्ता में सुधार के दृष्टिगत मुख्य सचिव ने शहरी विकास एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी तय करते हुए सोलिड वेस्ट मेनेजमेंट एव वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

गुमशुदा बच्चों, बच्चों के प्रति अपराध एवं मानव तस्करी के मामलों में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस सम्बन्ध में गृह विभाग को सटीक आंकडे़ एकत्रित करते हुए त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। सर्तकता विभाग को भ्रष्टाचार के सभी मामलों को दर्ज करते हुए इन्वेस्टिगेश से दोषसिद्धि तक की प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, सचिव मीनाक्षी सुन्दरम, रविनाथ रमन, शैलेश बगौली सहित सभी विभागों के सचिव, अपर सचिव व अधिकारी मौजूद रहे।

प्रभारी सचिव ने रूद्रप्रयाग में अधिकारियों को कार्य में गति लाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री के निर्देशन पर जनपद प्रभारी चारधाम यात्रा सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने केदारघाटी में अतिवृष्टि के बाद चल रहे कार्यों का संबंधित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग के किमी 72 से 75 तक पैदल भ्रमण करते हुए अधिकारियों को कार्य में तीव्रता लाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जनपद के प्रभारी सचिव ने लोनिवि के एनएच डिवीजन व सिंचाई विभाग के द्वारा किए जा रहे कार्यों का मौका मुआयना किया। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त मार्ग के सुदृढ़ीकरण करने के लिए लोक निर्माण विभाग की पूरी टीम राष्ट्रीय राजमार्ग के किमी 72 से क्षतिग्रस्त मार्ग को दुरुस्त करने हेतु तैनात है। इसके साथ ही अंतिम क्षतिग्रस्त मार्ग के किमी 75 तक भी उनके द्वारा निरीक्षण किया गया। जहां पर जेसीबी मशीन कार्य कर रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को त्वरित गति से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त अन्य ऐसे स्थानों को भी चिन्हित किया गया है जहां भविष्य में भूस्खलन की संभावना से मार्ग क्षतिग्रस्त होने की अधिक संभावनाएं हैं।

इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों द्वारा जनपद के प्रभारी सचिव को अवगत कराया गया कि ऐसे चिन्हित किए गए मार्गों के सुदृढ़ीकरण हेतु टीएचडीसी को प्रस्ताव उपलब्ध कराया गया है। इस पर जनपद के प्रभारी सचिव ने उपलब्ध कराए गए प्रस्ताव में अति संवेदनशील स्थानों को भी शामिल करने के निर्देश दिए।

सिंचाई खंड द्वारा किए जा रहे कार्यों में सोनप्रयाग में सोन नदी के दोनों ओर चल रहे कार्यों का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने बताया कि सोन नदी की बायीं ओर का कार्य एक से दो दिनों में प्रारंभ करवा दिया जाएगा। वहीं इस नदी की दायीं ओर का कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके साथ-साथ सीतापुर पार्किंग वाले क्षेत्र का भी निरीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के साथ भी विस्तार पूर्वक विचार-विमर्श किया जाएगा तथा शासन स्तर से जिला प्रशासन को दी जाने वाली हर आवश्यक मदद के लिए शासन को अवगत करा दिया जाएगा।

इस अवसर पर राष्ट्रीय राजमार्ग, लोनिवि, सिंचाई विभाग के अधिकारियों सहित उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल कुमार शुक्ला आदि मौजूद रहे।

महिला आयोग की अध्यक्षा ने बांधी सीएम के हाथों में राखी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में ’मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ एवं मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चार जनपदों से आए प्रतिभागियों में से 10 सहायता समूह को रिवॉल्विंग फण्ड के रूप में 25-25 हजार रुपये, 10 समूह को सीआईएफ के रूप में 75-75 हजार रुपये एवं सीसीएल के रूप 1 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि के चेक प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा तथा उनके दीर्घायु की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमें हमारे सामाजिक कर्तव्यों का भी बोध कराता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार मातृशक्ति के उत्थान एवं कल्याण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है प्रदेश के विकास में हर कदम पर महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करें। राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत का आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने लक्ष्य लिया है कि 2025 तक अपनी डेढ़ लाख बहनों को लखपति दीदी बनाएंगे और यह लक्ष्य जब हमने लिया था, तब लगता था यह बड़ा लक्ष्य है पर आप लोगों ने अपनी मेहनत और लगन से लक्ष्य को बहुत पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष 30 नवंबर से उन्होंने सभी जिलों में बहनों के बीच जाकर ’मातृशक्ति वंदन’ के कार्यक्रम किये। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंची और एक से बढ़कर एक उत्पाद हमारी बहनों द्वारा बनाये गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्री केदारनाथ में कहा था 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा, उसे पूरा करने में हमारी बहनों महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। आज हमारी बहनें अपने सपनों को साकार कर रही हैं। वे अन्य बहनों को भी रोजगार प्रदान कर उन्हें भी सशक्त बना रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं का सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है। 2022 में ’मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूह योजना’ के अंतर्गत 84 करोड़ रुपये से अधिक का सहयोग किया गया, ब्याज प्रतिपूर्ति के रूप में करीब 25 करोड़ की छूट प्रदान की गई, 67 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह में 5 लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया। 53 हजार से अधिक समूह को रिवॉल्विंग फण्ड, 37 हजार से अधिक समूह को सामूहिक निवेश नीति भी दी गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूह द्वारा उत्पादों को बनाने के बाद उनकी पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए 24 ग्रोथ सेन्टर की स्थापना की गई है। 13 जनपदों में नैनो पैकेजिंग यूनिट व 17 सरस सेंटर संचालित किये जा रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर उत्तरा आउटलेट भी स्थापित किये गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल जब प्रधानमंत्री देहरादून में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रतिभाग करने आए तो उन्होंने राज्य के ’हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड’ का शुभारंभ कराया गया। आज इस ब्रांड के उत्पादों की तेजी से मांग हो रही है। जल्द ही यहां एक सीईओ की नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने कहा उत्पादों की पैकेजिंग, और मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से जनपदों में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों, कार्यशालाओं हेतु मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता सशक्तिकरण योजना अंतर्गत 2 करोड़ 30 लाख रुपये की धनराशि की स्वीकृति प्रदान करने। क्लस्टर स्तरीय संगठन के अंतर्गत महिलाओं की व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के लिए 15 करोड़ 40 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान करने। लखपति दीदी बनाए जाने के उद्देश्य से जो रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर हैं आरबीआई के माध्यम से मार्केटिंग प्रोडक्ट, डेवलोपमेन्ट एंड क्वालिटी कंट्रोल सेन्टर हेतु अल्मोड़ा के हवालबाग व जनपद पौड़ी के कोटद्वार में स्थापित प्रत्येक सेंटर के लिए 25 लाख रुपये की धनराशि की स्वीकृति प्रदान करने। डिजिटल एमआईएस हेतु ई-बुक कीपरों हेतु प्रथम चरण में 140 मॉडल क्लस्टर के 500 ई-बुक कीपरों हेतु टैबलेट प्रदान करने के लिए 75 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान करने। राष्ट्रीय स्तर के राज्य में आयोजित होने वाले 2 सरस मेलों के लिए मैचिंग ग्रांट में प्रति मेला 11 लाख 12 हजार की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की।

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार मुहैया कराये जाने हेतु प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 24 अगस्त, 2023 को रक्षाबंधन त्योहार से ’मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ का प्रारम्भ किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना के अन्तर्गत महिलाओं द्वारा वर्तमान समय तक 95 ब्लॉकों में 1428 स्टाल लगाकर 318.98 लाख रू0 का विपणन किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से राज्य में मई, 2022 में लखपति दीदी पहल की शुरुआत की गयी। जिसमें 1.50 लाख दीदीयों को वर्ष 2025 तक लखपति दीदी के रूप में तैयार किया जायेगा। ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि अब तक 1.05 लाख महिलाओं को इस पहल के तहत लखपति दीदी के रूप में तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य में महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा रहा है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, सविता कपूर, खजान दास, सचिव राधिका झा, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आशा नौटियाल, भाजयुमो की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी आदि उपस्थित रहे।

नजरियाः 10 माह में स्वयं सहायता समूहों ने योजना के माध्यम से किया 318.98 लाख रूपये का कारोबार

उत्तराखंड में शुरू की गई मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना प्रदेश की मातृ शक्ति को सशक्त बनाने में वरदान साबित हो रही है। वर्तमान में प्रदेश की करीब 37 हजार से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं। बीते एक वर्ष में योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों ने संपूर्ण प्रदेश में 318.98 लाख रूपये का कारोबार किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। सरकार द्वारा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की पैकेजिंग से लेकर ब्रांडिंग तक की व्यवस्था की जा रही है।

बीते वर्ष रक्षाबंधन पर 24 अगस्त, 2023 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस योजना की शुरुआत की थी। योजना का लक्ष्य महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध करना था। इसके लिए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिला समूहों द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों की ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शनी लगाई जाती है साथ ही उत्पादों के विपणन की व्यवस्था की जाती है।

स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर (मार्केटिंग) रोहित सिंह ने बताया कि योजना के तहत अगस्त 2023 से जून 2024 की समावधि के दौरान प्रदेश के 95 ब्लॉकों में कुल 1428 स्टॉलों के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा ₹318.98 लाख का कारोबार किया गया।

इस वर्ष भी विभाग ने प्रत्येक महीने की 25-30 तारीख के बीच ब्लॉक स्तर पर स्टॉल लगाने एवं प्रदेश में आयोजित होने वाले पारंपरिक मेलों पर स्टॉल लगाकर समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री के विपणन का निर्णय लिया है। इस वर्ष देहरादून स्थित सचिवालय में स्टॉल के माध्यम से योजना की शुरुआत की गई है। जल्द ही प्रदेश के अन्य ब्लॉकों में भी स्टॉल लगाए जाएंगे।

स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि योजना के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी में जबरदस्त उछाल आया है। वो आत्मनिर्भर और सशक्तिकरण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।

मुख्य सचिव ने बैंकों से सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में अधिकाधिक प्रतिभागिता करने की अपेक्षा की

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि बैंकों द्वारा भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रहे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में अधिकाधिक प्रतिभागिता की जानी चाहिए ताकि राज्य के अधिक से अधिक जन मानस को इन योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। मुख्य सचिव राधा रतूडी द्वारा सचिवालय में उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक के वार्षिक प्रतिवेदन वित्तीय वर्ष 2023-24 का विमोचन किया गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक की उत्कृष्टता और ग्राहक सन्तुष्टि के प्रति प्रतिबद्वता सराहनीय है। बैंक द्वारा एनआरएलएम क्रेडिट लिंकेज और पीएमएफएमई में राज्य में शीर्ष बैंकों में स्थान प्राप्त करने के साथ ही सामाजिक सुरक्षा सोर्सिंग और दावों में वास्तव में प्रंशसनीय कार्य किया है। ग्रामीण आजीविका का समर्थन करके पीएमएफएमई के माध्यम से सूक्ष्म उद्यमों को सशक्त बनाने और मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र सुनिश्चित करने में बैंक का निरन्तर प्रयास लोगों के जीवन और समुदायों को बदलने में महत्वपूर्ण सहायक रहा है।

इस अवसर पर जानकारी दी गई कि उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में कार्यरत कुल 290 शाखाओं में से 219 शाखायें ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत हैं, एवं 624़ ग्राहक सम्पर्क केन्द्रों के माध्यम से सम्पूर्ण उत्तराखण्ड राज्य के अन्तर्गत बैंकिंग सुविधायें दी जा रही हैं। उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक में भारत सरकार, उत्तराखण्ड सरकार एवं भारतीय स्टेट बैंक का क्रमशः 50, 15 एवं 35 अंशधारिता है तथा वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान बैंक ने विशुद्व रू0 75 करोड़ का लाभ अर्जित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2023-24 में उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक की विभिन्न शाखाओं के माध्यम से 72 लोगों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अन्तर्गत रू0 1.44 करोड़ तथा 169 लोगों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अन्तर्गत रू0 3.38 करोड़ के दावों का भुगतान किया गया है।

इस अवसर पर बैंक अध्यक्ष हरिहर पटनायक एवं महाप्रबन्धक (प्रशासन) अमिता रतूड़ी भी मौजूद रहे।

शहीद कैप्टन दीपक सिंह के पार्थिव शरीर पर राज्यपाल और सीएम ने अर्पित किए पुष्पचक्र

डोडा, जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए 48 राष्ट्रीय राइफल के कैप्टन दीपक सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट देहरादून पहुंचा। जहां राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किए। उन्होंने ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद के पिता महेश सिंह से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया एवं राज्य सरकार के स्तर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

राज्यपाल ने कहा कि शहीद कैप्टन दीपक सिंह, वीर भूमि उत्तराखण्ड के गौरव हैं। माँ भारती की सेवा में उनका यह बलिदान युवाओं में राष्ट्रभक्ति का संचार करता रहेगा। देश की रक्षा करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध हमारे वीर जांबाज का यह सर्वाेच्च बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। इस दुख की घड़ी में संपूर्ण देश व प्रदेश शहीद के परिजनों के साथ खड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद कैप्टन दीपक सिंह का देश के खातिर दिया गया सर्वाेच्च बलिदान एवं उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। वीर जवानों की शहादत एवं उनके शौर्य से ही हमारा देश सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि पूरा प्रदेश शहीद के परिजनों के साथ खड़ा है। राज्य सरकार द्वारा शहीद के परिजनों को हर संभव मदद की जाएगी।

इस अवसर पर विधायक बृजभूषण गैरोला, लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, कमान्डेंट, भारतीय सैन्य अकादमी, मेजर जनरल आर प्रेम राज, जीओसी उत्तराखंड सब एरिया एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

ध्वजारोहण कर सीएम ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड देहरादून में राज्य के मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया एवं फोटो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से अपर पुलिस अधीक्षक, एस०डी०आर०एफ० विजेन्द्र दत्त डोभाल एवं दलनायक आईआरबी द्वितीय प्रताप सिंह तोमर को सम्मानित किया। सेनानायक, एस०डी०आर०एफ० उत्तराखण्ड मणिकान्त मिश्रा और पुलिस अधीक्षक, जनपद उत्तरकाशी अर्पण यदुवंशी को मुख्यमंत्री ने विशिष्टि कार्य के लिए सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया। वर्ष 2023 में पांचवी एशियन यूथ एथलेटिक्स, ताशकंद, उजबेकिस्तान में आयोजित अन्तरराष्ट्रीय एथलेटिक्स चौंपियनशिप में स्वर्ण पदक अर्जित करने वाले प्रियांशु, रजत पदक प्राप्त करने वाले राहुल सरनालिया एवं एथलेटिक्स प्रशिक्षक लोकेश कुमार को भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस की सभी प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्होंने राज्यहित में 08 घोषणाएं की।

1. प्रत्येक जनपद में एक स्थानीय निकाय को आदर्श निकाय के रूप में विकसित किया जायेगा।

2. उद्योग, बागवानी तथा कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले काश्तकारों, उद्यमियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमशः एक लाख, 75 हजार एवं 50 हजार की धनराशि प्रदान की जायेगी।

3. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के नियमित कर्मचारियों हेतु ’’कर्मचारी व्यक्तिगत ऋण योजना’’ लागू की जायेगी।

4. वृद्धावस्था पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना, दिव्यांग पेंशन योजना, जन्म से दिव्यांग बच्चों को अनुदान योजना एवं परित्यक्ता पेंशन योजना में वर्तमान में निर्धारित मासिक आय 4000 से बढ़ाकर 6000 प्रतिमाह किया जायेगा।

5. युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु कौशल विकास योजनान्तर्गत प्रशिक्षण की विषय-वस्तु का निर्धारण जिला कौशल विकास समिति द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप किया जायेगा।

6. वरिष्ठ नागरिकों के समग्र कल्याण के लिए नीति बनायी जायेगी।

7. राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने और ट्राउट मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ’’मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना’’ के अंतर्गत मत्स्य विभाग में रुपए 200 करोड़ की योजना शुरू की जाएगी।

8. राज्य के पशुपालकों को आधुनिक पशुचिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से 75 करोड़ रूपये की लागत से सभी जनपदों में एक-एक मॉडल पशु चिकित्सालय स्थापित किए जायेंगे, जिससे लगभग 11 लाख पशुपालक परिवारों के पशुधन को सुरक्षा प्रदान की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ वीरभूमि भी है, हमें उन वीरों के बलिदान और शौर्य के सम्मान के लिए यह प्रण लेना है कि हम विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत बनाने के लिए अपना योगदान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। आज कश्मीर से धारा 370 हटाना, तीन तलाक की प्रथा को गैर कानूनी घोषित करना, अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर भव्य मंदिर का निर्माण, अंग्रेजों के समय से चले आ रहे कानूनों को रद्द करना यह सब प्रधानमंत्री के मजबूत नेतृत्व से ही संभव हो सका है। प्रधानमंत्री ने भारत की आजादी की 100वीं वर्षगांठ 15 अगस्त 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए हमारी सरकार भी राज्य के समग्र विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष नीति आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार एसडीजी इंडेक्स रैंकिंग में उत्तराखण्ड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। ईज़ ऑफ डूंइंग बिजनेस की श्रेणी में राज्य अचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर की श्रेणी में शामिल है। उत्तराखण्ड ग्रोस एन्वायरमेंट प्रोडक्ट (जी.ई.पी) का इंडेक्स तैयार कर ईकोसिस्टम ग्रोथ का आंकलन करने वाला भारत का प्रथम राज्य बन चुका है। समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश में पहला राज्य होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर देने, प्रदेश की महिलाओं के लिये 30 प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू करने, पुनः सरकारी नौकरियों में खेल कोटा प्रारंभ करने एवं उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे प्रदेश के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने जैसे अनेकों अभूतपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इसके साथ ही राज्य में जबरन धर्मांतरण पर रोक के लिये कानून, लैंड जिहाद और लव जिहाद को रोकने, देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून और कठोर दंगा रोधी कानून लागू किया गया है। राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टिकरण के मंत्र को ध्यान में रखकर निरंतर कार्य कर रही है। अपणि सरकार पोर्टल, ई-केबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन, सेवा का अधिकार और ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था के चलते कार्य संस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। भ्रष्टाचार को समाप्त करने की दिशा में 1064 पर प्राप्त शिकायतों के माध्यम से अब तक करीब 100 से अधिक लोगों को जेल भेजा जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने “मुख्यमंत्री एकल महिला सशक्तिकरण स्वरोजगार योजना’’ और ’’लखपति दीदी योजना’’ योजनाएं प्रारंभ की हैं। बीते 3 वर्षों में राज्य सरकार ने सरकारी विभागों में 15 हजार से भी अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी हैं। राज्य में पांचवें धाम के रूप में ’’सैन्यधाम’’ की स्थापना की जा रही है। वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान राशि में वृद्धि की है, वहीं शहीद सैनिकों के परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी सुनिश्चित की गयी है। शहीद सैनिकों के आश्रित परिवारों को वर्तमान में दी जाने वाली आर्थिक सहायता को 10 लाख रूपये से बढ़ाकर 50 लाख रूपये किया है। प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत करीब साठ लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाएं गये हैं, जिसके अंतर्गत अब तक करीब दस लाख से अधिक मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए सकंल्प बद्ध है। प्रदेश में गेहूं खरीद पर किसानों को 20 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस दिया जा रहा है। गन्ने के मूल्य में 20 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। वर्ष 2025 तक मिलेट उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य भी लिया है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगभग साढ़े चार हजार जैविक क्लस्टरों में काम शुरू किया गया है। राज्य में क्लस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस में सब्जी एवं फूलों की खेती के लिए योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में नई खेल नीति को लागू कर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। ओलंपिक खेल में पदक लाने वाले खिलाड़ियों को और ओलंपिक खेल में प्रतिभाग करने वाले एवं विश्व चौंपियनशिप, विश्वकप, एशियन खेल एवं राष्ट्रमंडल खेल के पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के पदों पर नियुक्ति दी जा रही है। राज्य में खेल विश्वविद्यालय खोलने के लिए कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष उत्तराखंड ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में 3.56 लाख करोड़ के एमओयू हुए, जिनमें से अब तक 75 हजार करोड़ रूपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 के अंतर्गत क्षेत्रीय फिल्मों की शूटिंग पर दो करोड़ तक की सब्सिडी भी दी जाएगी। राज्य में “एक जनपद दो उत्पाद योजना” की शुरुआत के साथ ही ’’हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड’’ शुरू किया गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिये प्रारंभ की गई ’’होम स्टे योजना’’ वरदान साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए रेल, रोड और रोपवे के विस्तार पर लगातार काम कर रहे हैं। हर गांव को हाईवे से जोड़ने और पहाड़ों में रेल पहुंचने का स्वप्न ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के माध्यम से शीघ्र ही साकार होने वाला है। सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर में रोपवे शुरू किया जा चुका है। गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंद घाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास हो चुका है, जिस पर शीघ्र कार्य प्रारंभ हो जाएगा। पर्वतमाला परियोजना के तहत रानीबाग से नैनीताल, पंच कोटि से नई टिहरी, खलियाटॉप से मुनस्यारी, नीलकंठ, औली से गौरसू रोपवे व पूर्णागिरि मंदिर रोपवे परियोजनाओं की प्रक्रिया भी गतिमान है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य में हवाई सेवाओं के नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। राज्य के भीतर विभिन्न स्थानों पर हेली सेवा का संचालन करने के साथ ही जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थाटन एवं पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तम्भ है, इसे मजबूत करने के लिए ’’नई पर्यटन नीति’’ लाई गई है। पिछली कैबिनेट बैठक में ’’उत्तराखंड पर्यटन उद्यमी प्रोत्साहन योजना’’ को मंजूरी दी गई है। जिसके तहत पांच करोड़ रुपये से कम लागत की पर्यटन परियोजनाओं के लिए 80 लाख रुपये से डेढ़ करोड़ रूपये तक की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम केदारखंड और मानसखंड मंदिर माला मिशन पर तेजी से कार्य किये जा रहे हैं।
हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर के साथ ही शारदा कॉरिडोर बनाने की प्रक्रिया भी गतिमान है। राज्य में सभी गांवों का शत प्रतिशत विद्युतीकरण किया जा चुका है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है, जिसमें ’’मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना’’ प्रमुख है। इसके अंतर्गत 70 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। नई सौर ऊर्जा नीति के तहत उरेडा द्वारा चिन्हित 1000 गांवों को सोलर ग्राम बनाया जा रहा है। वर्ष 2025 तक 2000 मेगावाट और 2027 तक 4000 मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा प्लांटो के जरिए उत्पादित करने का लक्ष्य है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, लोक सभा सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, विधायक खजानदास, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अभिनव कुमार, जनप्रतिनिधिगण, शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को सीएम ने किया नमन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुभाष रोड स्थित होटल में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर देश के विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले लोगों को नमन करते हुए विभाजन की विभीषिका का दर्द सहने वाले तमाम सेनानियों के परिजनों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होने कहा कि देश के विभाजन के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को जब हम आजादी का जश्न मना रहे थे वहीं दूसरी ओर देश के विभाजन का भी हमने दुःख सहा है। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के कारण सामने आई परिस्थितियों को देखते हुए भारत दो टुकड़ों में विभक्त हुआ। लाखों लोग इधर से उधर हुए उनका घर-बार छूटा, परिवार छूटा, लाखों की जानें गईं। भारत के लिए यह घटना किसी विभीषिका से कम नहीं थी। वर्ष 2021 में इसी दर्द को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को ’’विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’’ मनाने का निर्णय लिया। तब से यह दिन मनाया जा रहा है, जिससे हम अपने उन लाखों सेनानियों व परिवारजनों से बिछड़े लोगों के बलिदान को याद कर सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन उन सभी सेनानियों की याद दिलाता है जिन्होंने भारत माँ के लिए बलिदान दिया। भारत के बंटवारे ने सामाजिक एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया था। उन्होंने कहा कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम देश को स्वतंत्र कराने वाले और देश के विभाजन की यातनाएं झेलने वाले मां भारती के प्रत्येक सपूत के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन विभीषिका की पीड़ा सह चुके लोग प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के विकास में सहयोगी बने हैं। देश विभाजन के समय हुई दर्दनाक हिंसक घटनाओं ने मानवता को ही शर्मसार नहीं किया बल्कि हिंसा का वह अमानवीय तांडव कभी न भरने वाला घाव दे गया, जिसकी टीस आज भी हमें महसूस होती है। यह दिवस हमारी भावी पीढ़ी को इतिहास की उस विभीषिका से परिचित कराता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा पिछले वर्ष रुद्रपुर में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर उन्होंने विभाजन का दंश झेलने वालों की स्मृति भी विभाजन विभीषिका स्मृति स्मारक बनाये जाने की घोषणा की थी जिस पर कार्य चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने विभाजन की विभीषिका को इतिहास का काला अध्याय तथा दुनिया का सबसे बडा विभाजन बताते हुए कहा कि लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाकर विभाजन के साथ विस्थापना का दर्द झेला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947, 1971 के बाद आज फिर बांग्लादेश की घटना लोगों के लिये पलायन के लिये मजबूर कर रही है। आज हम सबको बांगलादेश के हिन्दुओं व अन्य अल्पसंख्यक समुदाय की चिंता करनी है। किन्तु देश में छोटी छोटी घटनाओं पर विरोध करने तथा मानवाधिकार का रोना रोने वाले न जाने कहां खो गये हैं, वे सीन से ही गायब हो गये हैं। यह अवसर सजग और सतर्क रहने के साथ ऐसे ढोंगियों से सतर्क रहने का भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन की पीड़ा झेलने वालों ने अपनी प्रबल इच्छा शक्ति तथा कौशल के बल पर देश व प्रदेश के विकास में अहम योगदान दिया है। उनका यह योगदान अविस्मरणीय है। उन्होने दिखाया है कि प्रबल इच्छा शक्ति के बल पर क्या कुछ नहीं किया जा सकता है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभाजन विभीषिका से संबंधित फोटो प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

कार्यक्रम में उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ देवेन्द्र भसीन, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण समिति विश्रवास डाबर, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, उद्यमी राकेश ओबेराय तथा अपने बचपन में विभाजन की विभीषिका का सामना करने वाले डॉ कुलदीप दत्त, तथा किशन लाल बिज ने भी अपने विचार रखे।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल, अनिल गोयल, संतोष नागपाल, डी.एस.मान, नीरज कोहली सहित बडी संख्या में विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लोग तथा सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

भूस्खलन की सूचनाओं के डेटाबेस, भूस्खलन के खतरों व जोखिमों के आकंलन को प्रभावी बनाया जाएगा

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य में भूस्खलन की सूचनाओं के डेटाबेस, भूस्खलन के खतरों व जोखिमों के आकंलन, भूस्खलनों के स्थलीय परीक्षण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने प्रदेश में भूस्खलनों के न्यूनीकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की निरन्तर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भूस्खलनों की मॉनिटरिंग व अर्ली वार्निग सिस्टम को प्रभावी बनाने के भी निर्देश सचिवालय में यूएलएमएमसी (उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केन्द्र) की दूसरी कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान जारी किए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में भूस्खलनों के जोखिम से बचाव के लिए जागरूकता एवं पूर्व तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने लैण्डस्लाइड इंफोर्मेशन डेटाबेस के तहत चारधाम यात्रा मार्ग का एटलस तैयार करने, जिलावार लैण्डस्लाइड इन्वेंटरी तैयार करने तथा जिलावार भूस्खलनों की संवेदनशीलता की मैपिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अल्मोड़ा, गोपेश्वर, मसूरी, नैनीताल उत्तरकाशी में किए जा रहे भूस्खलन के खतरों व जोखिमों के आंकलन की रिपोर्ट भी तलब की। बैठक में जानकारी दी गई कि यूएलएमएमसी द्वारा गत एक वर्ष में 60 स्थलों का भूस्खलन स्थलीय परीक्षण किया जा चुका है। जोशीमठ, हल्दपानी (गोपेश्वर), इल धारा (धारचूला), बलियानाला (नैनीताल) व ग्लोगी (मसूरी) में भूस्खलन न्यूनीकरण व अनुश्रवण के प्रोजेक्ट संचालित किये जा रहे हैं। नैनीताल के नैना चोटी, हरिद्वार के मनसा देवी व कर्णप्रयाग के बहुगुणानगर में लैण्डस्लाइड मिटिगेशन व मॉनिटरिंग के प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी है। एसडीएमएफ के तहत 226 डीपीआर का मूल्यांकन किया जा चुका है।

बैठक में प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव डा अहमद इकबाल, विनीत कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने 13 जनपदों के लिए लीटर पीकर क्लीनिंग मशीन का फ्लैग ऑफ कर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गाँधी पार्क देहरादून में विशेष स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत ’स्वच्छता अपनाओ, बीमारी भगाओ’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पंचायती राज विभाग के माध्यम से 13 जनपदों के लिए स्वच्छता वाहनों ( लीटर पीकर क्लीनिंग मशीन) का फ्लैग ऑफ कर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा की सफाई कर उन्हें श्रद्धांजलि दी एवं सभी को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वच्छता अभियान को सामूहिक प्रयासों से ही प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। सभी को अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए पूरी क्षमता से स्वच्छता मिशन पर कार्य करना चाहिए। शहरों की स्वच्छता की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने कहा मानसून के दौरान बीमारियों से बचाव के लिए पर्यावरण मित्रों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूर्ण मनोयोग से किया है। प्रदेश में 12 से 15 अगस्त तक विशेष स्वच्छता अभियान चल रहा है। देहरादून में भी विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं, एनजीओ के सहयोग से जन जागरूकता के कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी में स्वच्छता के प्रति जागरूक करने वाली बैणी सेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वच्छता हमारी संस्कृति और सभ्यता का अभिन्न अंग है। वेद एवं पुराणों में भी स्वच्छता को महत्वपूर्ण बताया गया है। जहां स्वच्छता होती है वहां देवी देवताओं का वास होता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संपूर्ण देश में स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की, स्वच्छता की यह शुरुआत जन आंदोलन के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार कार्य किये जा रहे हैं। जिसके लिए राज्य सरकार कई योजनाओं पर निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण का गहरा संबंध है। पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए हमें स्वच्छता को प्राथमिकता में रखना होगा। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी को भी बढ़ावा देना है। जल्द ही सफाई की निगरानी हेतु क्यूआर कोड की व्यवस्था भी शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए “एक पेड़ मां के नाम“ अभियान को शुरूआत की है। उन्होंने सभी से “एक पेड़ मां के नाम“ अभियान के तहत पौधारोपण करने का आग्रह किया।

कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि शहरी विकास के माध्यम से स्वच्छता हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश के हर शहर को साफ करने का अभियान चलाया गया हैं। पर्यावरण मित्रों का इस स्वच्छता अभियान में बेहद महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्यावरण मित्रों का मानदेय भी बढ़ाया गया है। पर्यावरण को स्वच्छ रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस दौरान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, निवर्तमान मेयर सुनिल उनियाल गामा, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, अपर सचिव शहरी विकास नितिन भदोरिया, नगर आयुक्त नगर निगम गौरव कुमार मौजूद थे।