बालगंगा और बूढ़ाकेदार में भारी बारिश और भूस्खलन को लेकर सीएम ने ली जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भिलंगना विकासखंड के बालगंगा एवं बूढ़ाकेदार क्षेत्र में हुई भारी बारिश और भूस्खलन को लेकर लगातार विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह एवं जिला अधिकारी टिहरी गढ़वाल मयूर दीक्षित से राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में लगातार जानकारी ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को तिनगढ़ गांव के अलावा आपदा प्रभावित क्षेत्र के अन्य संवेदनशील गाँवों को तत्काल चिन्हित कर प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। इसके साथ स्थानीय निवासियों के मवेशियों एवं अन्य पालतू पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रखे जाने की व्यवस्था करने तथा राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी तरीके से चलाए जाने के निर्देश दिए है।

जिलाधिकारी ने बताया कि बालगंगा क्षेत्र तोली गांव में 02 जनहानि हुई, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख के राहत राशि के चेक तथा आवास क्षति का 01 लाख 35 हजार रुपए का चेक कल ही तत्काल उपलब्ध कराए गए। 2 पशु हानि होने पर संबंधित पशुपालकों को 57 हजार 500 रुपए की मुआवजा राहत राशि के चेक वितरित किए गए।

जिलाधिकारी ने बताया कि तिनगढ गांव को कल ही खाली कराकर प्रभावित परिवारों को अस्थाई राहत शिविर रा.ई.का. बिनकखाल में शिफ्ट किया गया। शिविर में प्रभावितों हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

आपदाग्रस्त ग्राम तोली, जखाणा, कोट, विशन, थाती बूढाकेदार, पिंसवाड़ उरणी, अगुण्डा, कोटी आदि ग्रामों में सार्वजनिक रास्ते, कृषि भूमि, सड़क, पेयजल लाईन, विद्युत आदि परिसम्पत्तियों के क्षति आंकलन/सर्वे कार्य हेतु कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, राजस्व, उद्यान, समाज कल्याण, सहकारिता विभाग के अधिकारियों की टीमें गठित की गई हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि 27 जुलाई को अतिवृष्टि/बादल फटने से पिन्सवाड़ में तोली, कोटी, जखाणा, पिन्सवाड़, अगुण्डा में ट्रांसफार्मर व विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने से विद्युत आपूर्ति बाधित है, जिसकी सुचारीकरण की कार्यवाही की जा रही है।

घनसाली के अंतर्गत ग्राम थाती बुढाकेदार, झाला पेयजल योजना, कोट विशन पेयजल योजना, विशन विद्यालय पेयजल, सेन्दुल सिन्सरगाड पेयजल योजना, चमियाला पदोका पेयजल योजना, पिन्सवाड पेयजल योजना, कोट बुढाकेदार पेयजल योजना, अगुण्डा पेयजल, खवाड़ा पेयजल, डालगांव पेयजल, कुण्डयाली पेयजल, कुण्डयाली-सौला पेयजल, गेवाली पेयजल, तोली पेयजल लाईन क्षतिग्रस्त होने से बाधित है. जिसकी सुचारीकरण की कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही ग्राम तोली के अन्तर्गत ग्राम पंचायत की 01 पेयजल योजना तथा ग्राम जखाणा की 01 पेयजल योजना क्षतिग्रस्त है।

विकासखण्ड भिलंगना में स्योरा तोक तोली, चौरी तोक, सेरा से खंजर, दुगई तोक, घटतोक विशन, फकोरा, केमरियासौड, कोठियाडा, कोठियाडा कीडर, चमियाला, अन्द्रिया मण्टगांव, सिरस, जखाली पिलखी, बौर, सिलासेरा में नहर क्षतिग्रस्त हुई है।

दैवीय आपदा से न्याय पंचायत थाती बुढाकेदार के ग्राम भिगुन में लगभग 0.15 है। तिनगढ़ लगभग 0.20 है. तथा तोली लगभग 0.25 है. कृषि क्षति हुई है।

प्रसिद्ध समाजसेवी स्व. मांगेराम की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने वालों का रहा तांता

प्रसिद्ध समाज सेवी स्व. मांगेराम अग्रवाल की 21वीं पुण्यतिथि पर केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा, स्वामी दयानंद आश्रम के अध्यक्ष परम पूज्य स्वामी साक्षात्कृर्तानंद सरस्वती महाराज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डॉक्टर शैलेंद्र, मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल, अध्यक्ष राज्य महिला आयोग कुसुम कंडवाल द्वारा उनके चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर संयुक्त रूप से श्रद्धाजंलि अर्पित की। इस मौके पर प्रसिद्ध समाजसेवी स्व. मांगेराम अग्रवाल को स्मरण कर उनकी याद में पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा के लिए योग एवं नाड़ी वैद्य के क्षेत्र में डॉक्टर लक्ष्मी नारायण जोशी, योग एवं नाड़ी वैद्य क्षेत्र में डॉक्टर निशि भट्ट, सामाजिक क्षेत्र के लिए विक्रम सिंह पुंडीर, शिक्षा के क्षेत्र के लिए डॉक्टर अंजली वर्मा, सर्वाधिक 133 बार रक्तदान करने के क्षेत्र में राजेंद्र बिष्ट, स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए डॉक्टर प्रनीति दास, आत्मनिर्भर एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में ममता ममगाई, निशुल्क कोचिंग सेंटर चलाने के लिए विशाल भट्ट, स्वच्छ भारत अभियान के क्षेत्र के लिए अक्षय त्रिवेदी, खेलकूद के क्षेत्र के लिए सरदार हरविंद्र सिंह, उत्तराखंड इंटर बोर्ड की परीक्षा में प्रदेश में तृतीय स्थान प्राप्त करने पर आवास विकास स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के मेधावी छात्र हरिश्चंद्र बिजल्वाण, हरज्ञान चंद सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में हाई स्कूल में विद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने पर अमित बिष्ट, इंटर मीडिएट में विद्यालय में प्रथम स्थान पाने पर अमर सिंह को केंद्रीय मंत्री ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

डोईवाला के वेडिंग पॉइंट में स्व. हरज्ञान चंद अग्रवाल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर डोईवाला की ओर से आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ कर केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि स्व. मांगेराम अग्रवाल दिव्य विभूती राष्ट्रभक्त थे, जो भारत माता की साधना में अनवरत लगे रहे। शिक्षा में भारतीय संस्कृति और संस्कार भी मिलने चाहिए। इस हेतु डोईवाला में मांगेराम ने पिता स्व हरज्ञान चन्द अग्रवाल की स्मृति में आपने विद्यालय के लिए अपनी भूमि दान देकर उसपर कक्षो का निर्माण करवाया। केवल डोईवाला में ही नहीं अपितु भानियावाला, थानों, भोगपुर, बुल्लावाला व दूधली में भी सरस्वती शिशु मंदिरों की स्थापना करवाई। आज यही विद्यालय हाई स्कूल व इंटर कालेज के स्वरूप ले चुके हैं।

कहा कि जिन सिद्धान्तों को लेकर मांगेराम ने अपना जीवकोपार्जन किया, उसी सिद्धान्तों को उनके बच्चें आगे बढ़ा रहे है। तीनों ही सुपुत्र सामाजिके कार्याे में सदैव अग्रसर रहते है। उनके पुत्र आज डॉ प्रेमचंद अग्रवाल कैबिनेट मंत्री के रूप में आज प्रदेश हित में कई सराहनीय कदम उठा रहे हैं।

कहा कि स्व. मांगे राम समरस्ता के प्रत्यक्ष ऐसे उदाहरण हैं जो कहते थे इस धरा पर कोई ऊंच- नहीं सब इंसान बराबर हैं। जाति के आधार पर कोई भेद-भाव या छुआछूत नहीं होनी चाहिए। वो हमेशा होली- दीवाली जैसे पर्व बस्ती में जाकर बस्ती के बन्धुओं के साथ मनाते थे। उन्होंने अपने रहते हुए सभी बच्चों को संघ का परिशिक्षण करवाया। वो हमेशा कहते थे शाखा हमारे जीवन का आधार है। यही जीवन का मूलमंत्र है।

कहा कि स्व. मांगेराम सच्चे निष्ठावान समर्पित स्वयंसेवक थे। संघ की इच्छा को हो आदेश स्वीकार कर जीवन में धारण किया। वो हर वर्ष संघ वर्ग के लिए एक माह का समय चाहे परिस्थिति अनुकूल हो या प्रतिकूल हो वर्ग की व्यावस्था रहते थे। शाखा है तो सब कुछ सम्भव है शाखा हमारी संस्कारों की निर्माण शाला है। जीवनपर्यन्त वो इसी पथ के अनुगामी रहे।

इस मौके पर परम पूज्य स्वमी साक्षात्कृर्तानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि स्वर्गीय मांगेराम जी विद्यालय के लिए जमीन ना देते तो आज निर्धन बच्चे शिक्षा ना ले पाते। कहा कि वास्तव में मांगे राम जी ने एक मंदिर की स्थापना की। ऐसे शिक्षा के मंदिर आज पूरे देश भर में खुलने चाहिए। उन्होंने अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आवाहन किया। साथ ही विद्यालय के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिया।

प्रान्त प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ डॉक्टर शैलेंद्र ने कहा कि हरियाणा के छोटे से गांव में स्व. मांगेराम का जन्म हुआ। यहीं से कार्य एवं पढ़ाई की दृष्टि से डोईवाला में आगमन हुआ। बाल्यकाल में ही संघ से जुड़ गए। यहीं से राष्ट्र निर्माण के पथ पर चल पड़े। कहा कि जीवन में साक्षात संघ को उतारने वाले स्व मांगेराम जी निरन्तर संघ कार्य के लिए डोईवाला के क्षेत्र के गांवों में शाखा लगाने लगे। पूरे क्षेत्र में संघ की पहचान मांगेराम जी बन गए। चाहे आपातकाल के काल हो, रामजन्म भूमि का आंदोलन हो, गो आंदोलन हो, सभी मे सक्रिय भाग ही नहीं लिया। अपितु समाज को जोड़ने का काम किया। उन्होंने आदर्श गांव बनाने के लिए प्रेरित किया कहा कि है कि ऐसा गांव स्थापित करें, जहां जैविक खेती, समरसता, जाती-पाती ना हो। जहां के बच्चे संस्कारित हो, उनमें देश प्रेम का भाव हो, पर्यावरण की समझ रखते हों, ऐसे गांव की आज जरूरत है।

वित्त व संसदीय कार्यमंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 1989 में सम्पूर्ण देश में संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार जी की जन्मशताब्दी का वर्ष था। संघ योजना के अंतर्गत अनेक सेवा कार्याे को प्रारंभ करने की योजना बनी। डोईवाला में भी ऐसी बस्ती बने जो भूमिहीन हों, वंचित समाज से हों आर्थिक स्तिथि दयनीय हों उनको इस बस्ती में बसाया जाए। स्व० मांगेराम के अथक प्रयास से डा. हेडगेवार के नाम से केशव बस्ती बसाई गई। जिसमें स्कूल, सड़क, खेड़ा, संस्कार केंद्र का निर्माण आपके द्वारा करवाया गया।

इस मौके पर स्व. मांगेराम की धर्मपत्नी धर्मों देवी, सुपुत्र ईश्वर चंद, सुपौत्र अभिषेक, पीयूष, अर्श, गगन नारंग, स्व. हरज्ञान चंद अग्रवाल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर डोईवाला के संयोजक रोशन लाल, अध्यक्ष ईश्वर चंद अग्रवाल, प्रधानाचार्य महेश चंद गुप्ता, जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, करण बोहरा, मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, सुरेंद्र कुमार, दिनेश पयाल, शिवानी भट्ट, जिला महामंत्री राजेन्द्र तड़ियाल, उषा जोशी, शिव कुमार गौतम, राजू नरसिम्हा, मानवेन्द्र कण्डारी, दिनेश सती, संजय शास्त्री, इंद्र कुमार गोदवानी, शम्भू पासवान, राजेश दिवाकर, राजपाल ठाकुर, रूपेश गुप्ता, देवदत्त शर्मा, समा पंवार, सोनी रावत, मानवेन्द्र कंडारी, विजेंद्र मोंगा, वीके बिष्ट सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

ऊर्जा की कमी को पूरा करने हेतु राज्यों को 25 मेगावाट से कम क्षमता की जल विद्युत परियोजनाओं के अनुमोदन का अनुरोध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की बैठक में प्रतिभाग करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को पूर्ण करने की दिशा में उत्तराखण्ड भी निरंतर कार्य कर रहा है। उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील राज्य है, इस बार के केन्द्रीय बजट में इसको दृष्टिगत रखते हुए विशेष वित्तीय प्राविधान किये जाने पर उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इंडेक्स रैंकिंग में उत्तराखण्ड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य ने ‘समान नागरिक संहिता’ विधेयक को उत्तराखण्ड में पारित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कई शहरों में पेयजल का गंभीर संकट दिखाई दिया है, इस समस्या के समाधान के लिए भू जल स्तर बढ़ाने के साथ-साथ जल संरक्षण पर विशेष कार्य करने की आवश्यकता है। उत्तराखण्ड में इसके लिए स्प्रिंग एंड रिवर रिज्यूविनेशन ऑथोरिटी का गठन किया है, जो जल संरक्षण और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और हिम आधारित नदियों को वर्षा आधारित नदियों से जोड़े जाने की परियोजना पर कार्य कर रही है। उन्होंने इसके लिए केन्द्र सरकार से विशेष वित्तीय सहायता एवं तकनीकि सहयोग का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को और अधिक बढ़ावा देने की आवश्यकता है, जिसके लिए कलस्टर आधारित इंक्यूबेशन सेंटर तथा ग्रोथ सेंटर महत्वपूर्ण साबित होंगे। उत्तराखण्ड में पायलट प्रोजक्ट के रूप में दो रूरल इंक्यूबेशन सेंटर तथा 110 ग्रोथ सेंटर स्थापित किये गये हैं। उन्होंने इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित करने के लिए केन्द्र सरकार से तकनीकि और वित्तीय सहयोग के लिए अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा की कमी को पूरा करने के लिए राज्यों को 25 मेगावाट से कम क्षमता की जल विद्युत परियोजनाओं के अनुमोदन तथा क्रियान्वयन की अनुमति प्रदान करने तथा लघु जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण के लिए प्रस्तावित 24 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी के प्रस्ताव को पूर्वाेत्तर राज्यों के साथ ही हिमालयी राज्यों में भी लागू करने का अनुरोध किया। पी.एम कृषि सिंचाई योजना’ की गाईडलाइन्स में लिफ्ट इरिगेशन को शामिल करने के लिए भी मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग तथा क्लाइमेट चेंज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी हमें विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके दृष्टिगत उत्तराखण्ड सरकार इकोलॉजी और इकोनॉमी के समन्वय से विकास योजनाओं को संचालित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में जीडीपी की तर्ज पर जीईपी जारी करने की शुरुआत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी विकसित राष्ट्र में उनके शहरी क्षेत्र ग्रोथ इंजन के रूप में विशेष योगदान देते हैं। रोजगार सृजन बड़े शहरों में अधिक होता है, जिस कारण इन शहरों में अत्यधिक जनसंख्या के कारण मूलभूत सुविधाएं देना कठिन हो जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए देश के विभिन्न शहरों के बीच ‘काउंटर मैग्नेट एरियाज’ विकसित करने होंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना शोध विकास एवं नवाचार के लिए ए.आई रेडीनेस और क्वांटम रेडीनेस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष नीति आयोग की आठवीं बैठक में हिमालयी राज्यों के विकास संबंधित कुछ प्रस्ताव रखे गये थे, उन प्रस्तावों पर हिमालयी राज्यों के परिपेक्ष में विशिष्ट नीतियां बनाने का उन्होंने अनुरोध किया।

सीएम ने दिए टिहरी में राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी तरीके से चलाने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी गढ़वाल के भिलंगना विकासखंड के बाल गंगा एवं बूढ़ा केदार में हुई भारी बारिश और भूस्खलन से हुई क्षति पर गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे एवं जिला अधिकारी टिहरी गढ़वाल मयूर दीक्षित को राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी तरीके से चलाए जाने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने घटना के प्रति दुख व्यक्त करते हुए टिहरी के प्रभारी मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को घटना स्थल पर जाकर राहत एवं बचाव कार्य की समीक्षा करने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने टिहरी जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्र के संवेदनशील गाँवों को तत्काल चिन्हित कर प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि स्थानीय निवासियों के साथ ही मवेशियों एवं अन्य पालतू पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रखे जाने की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि राहत कैंप में बिजली, पेयजल इत्यादि की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए तथा पीड़ितों को अनुमन्य राहत राशि भी तुरंत प्रदान की जाए।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद टिहरी गढ़वाल के भिलंगना विकास खण्ड के बालगंगा क्षेत्र में रात को भारी बारिश और भूस्खलन से तोली गांव में एक मकान में मलवे से दो महिलाएं दबने की सूचना प्राप्त हुई थी। एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य विभाग की टीमें तत्काल मौके के लिए रवाना हुई तथा खोज एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मकान के उपर सीसी मार्ग का मलवा आने से क्षतिग्रस्त हुआ। एक अति संवेदनशील श्रीमती पूर्णिमा देवी के घर के समान को शिफ्ट किया गया है।

उन्होंने बताया कि रेस्क्यू टीम ने मलवे से सरिता देवी पत्नी वीरेंद्र सिंह तथा अंकिता पुत्री वीरेंद्र सिंह के शवों को निकाला गया है जबकि एक घायल वीरेंद्र सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद पीएचसी बेलेश्वर में भर्ती किया गया है। मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख के राहत राशि के चेक दिये गये है तथा आवास क्षति का 01 लाख 35 हजार रुपए का चेक तत्काल उपलब्ध कराया गया। इसके साथ 2 पशु हानि की जांचोपरांत मुआवजा राहत राशि के चेक वितरित किए गए। इसके अतारिक्त थाती बुढ़ाकेदार नाथ में पूल के पास एक घर बहा है । धाम के गेट के नीचे बाजार में नदी के जलस्तर से खोखली हो रही सड़क के पास स्थित घर और दुकानों को खाली कराया जा चुका है।

सामान्य प्रशासन विभाग को लंबित फाइलों की स्थिति की निगरानी के लिए एक दैनिक समीक्षा तंत्र स्थापित करने हेतु कार्ययोजना जल्द बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड सचिवालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि ई-ऑफिस पोर्टल पर फाइलों की समीक्षा, प्रसंस्करण एवं संचरण को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए फाइलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाय।
सीएस रतूड़ी ने कहा है कि पत्रावलियां के लंबित रहने की प्रथा किसी भी विभाग/संस्था के कुशल संचालन को प्रभावित करती है एवं जनहित से संबंधित कार्यां में विलम्ब होता है। मुख्य सचिव ने प्रोटोकॉल के अनुसार निर्धारित समय-सीमा पर फाइलों के निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय सामान्य प्रशासन विभाग को लंबित फाइलों की स्थिती की निगरानी के लिए एक दैनिक समीक्षा तंत्र स्थापित करने हेतु कार्ययोजना जल्द बनाने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय प्रशासन विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि फाइलों के निस्तारण में अनावश्यक रूप से देरी न हों। फाइलों के निस्तारण में अनुचित देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरूद्ध उचित कार्यवाही की जायेगी जिसमें अनुशासनात्मक उपाय भी शामिल हो सकते हैं।

उत्तराखण्ड सचिवालय प्रशासन द्वारा फाइलों के निस्तारण की स्थिति पर मुख्य सचिव के समक्ष साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने फाइलों के शीघ्र निस्तारण को सुविधाजनक बनाने के लिए पूर्व की भांति सभी संबधित अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ई-ऑफिस पोर्टल के कुशल उपयोग के प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने फाइलों के शीघ्र निस्तारण एवं ई-ऑफिस को यूजर फ्रेण्डली बनाने हेतु तकनीकी रूप से ई-ऑफिस पोर्टल में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सुझावों पर यथोचित सुधार करने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस सम्बन्ध में सभी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

नजरियाः देहरादून में न्यायिक कार्मिकों के लिए बनने वाले 32 आवासीय भवनों के निर्माण का अनुमोदन

उत्तराखण्ड के बौर, हरिपुरा, तुमारिया, नानकसागर जैसे जलाशयों में अत्यधिक सिल्ट जमाव की समस्या के समाधान तथा इन जलाशयों में पर्यटन गतिविधियों एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जलाशयों के डिसिल्टिंग (सिल्ट या मिट्टी उठान) को रॉयल्टी फ्री करने हेतु नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने इस सम्बन्ध में सिंचाई विभाग को सभी सम्बन्धित विभागों से अनापत्ति लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि यदि विभाग द्वारा बौर व हरिपुरा जलाशयों के सिल्ट का कर्मिशयल उपयोग नही किया जा रहा है तो इन जलाशयों के सिल्ट उठान को रॉयल्टी फ्री करने की नीति तैयार करने की दिशा में तत्काल कार्य आरम्भ किया जाए। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को 15 दिन का समय देते हुए वन विभाग के साथ सयुंक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जलाशयों को पचास साल से भी अधिक का समय हो गया है ऐसी स्तिथि में जलाशयों की क्षमता निरंतर घटती जा रही है। जलाशयों में अत्यधिक सिल्ट आने से भविष्य में किसानों को सिंचाई के लिए पानी के अभाव और बाढ़ जैसे चुनौतियों के समाधान, जलाशयों में पर्यटन गतिविधियों एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए डिसीलटिंग जरूरी है।

सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उधमसिंह नगर के गदरपुर में बाबा डल मन्दिर से बौर जलाशय से गूलरभोज-कूल्हा तिलपुरी वन बैरियर तक सिंचाई विभाग के माध्यम से कंक्रीट सड़क निर्माण कार्या का वित्तीय अनुमोदन दिया। बौर एवं हरिपुरा जलाशय जनपद ऊधमसिंहनगर के विकास खण्ड गदरपुर/बाजपुर में स्थित है। इन बांधों की लम्बाई क्रमशः 9.500 कि०मी० एवं 7.900 कि०मी० तथा जल ग्रहण क्षमता 3650 एवं 1000 मि० घन फुट है। जलाशयों में वर्षा काल की बाढ़ से जल संचय किया जाता है, इन जलाशयों में वर्षभर सिंचाई हेतु कृषकों को पानी दिया जाता है। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा पर्यटन हब के रूप में भी इस क्षेत्र को विकसित किया जाना है। उत्तराखण्ड शासन की महत्वकांक्षी योजना 13 जनपद 13 पर्यटन स्थल में भी बौर-हरिपुरा जलाशय को सम्मिलित किया गया है। इन जलाशयों में पर्यटन की गतिविधियों को बढावा देने हेतु पर्यटन विभाग द्वारा विगत वर्षों से पर्यटकों हेतु नौकायान एवं अन्य जल क्रीडाओं का आयोजन किया जा रहा है जिसमें भारी संख्या में पर्यटकों का आवागमन बना रहता है। उक्त जलाशयों के पहुँच मार्ग कच्चे होने के कारण पर्यटकों के सुगम आवागमन में अत्यधिक कठिनाइयां उत्पन्न हो रही है जिसके लिए यह योजना बनाई गई है। योजना का वित्त पोषण Missing Link Funding के तहत किया जा रहा है।

आज की व्यय वित्त समिति में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मोहकमपुर देहरादून में न्यायिक कार्मिकों के लिए बनने वाले 32 आवासीय भवनों के निर्माण का भी अनुमोदन दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि उक्त आवासीय भवनों में अनिवार्य रूप से सोलर पैनल की व्यवस्था की जाए तथा ग्रीन बिल्डिंग की अवधारणा पर कार्य किया जाए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने देहरादून में पशु प्रजनन फार्म कालसी के सुदृढ़ीकरण के कार्यों हेतु कम्प्ररहेन्सिव स्टडी के निर्देश दिए हैं। पशु प्रजनन प्रक्षेत्र, कालसी जनपद देहरादून में स्थापित है तथा वर्तमान में भारत सरकार द्वारा देश में सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस ऑन इण्डीजिनस ब्रीड्स नामित किया गया है। इस प्रक्षेत्र पर भ्रूण प्रत्यारोपण की तकनीक से नस्ल सुधार कार्यक्रम सम्पादित किया जा रहा है। केन्द्र पोषित राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजनान्तर्गत प्रक्षेत्र का सुदृढ़ीकरण प्रस्तावित है। फार्म पर बायोसिक्योरिटी के सुदृढ़ीकरण से संस्था पर व्यवस्थित पशुधन को संक्रामक रोगों से बचाव करना है। प्रक्षेत्र में स्थापित प्रशिक्षण केन्द्र पर प्रदर्शन इकाइयों की स्थापना से पशुपालकों को हैंड्स ऑन प्रशिक्षण दिये जाने हेतु कार्य किया जाना है तथा प्रशिक्षण हेतु आये पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान हो सकेगी। योजना का वित्त पोषण भारत सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजनान्तर्गत 100 प्रतिशत वित्त पोषित है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पशुलोक ऋषिकेश में हीफर रियरिंग फार्म के सुदृढ़ीकरण के कार्य की भी सैद्धान्तिक स्वीकृति दी है। पशुलोक ऋषिकेश में वर्ष 2019 में हीफर रियरिंग फार्म की स्थापना का कार्य आर०आई०डी०एफ० योजनान्तर्गत किया गया था तथा फार्म से राज्य के पशुपालकों को उचित मूल्य पर संकर नस्ल की गाय उपलब्ध कराना है। वर्तमान में प्रक्षेत्र पर उपलब्ध 37.9 एकड भूमि पर पशुओं हेतु चारें का उत्पादन किया जाता है तथा योजनान्तर्गत 38.7 एकड भूमि पर अतिरिक्त चारा एवं साईलेज का उत्पादन किया जाना है जिससे प्रक्षेत्र पर व्यवस्थित पशुधन को पर्याप्त मात्रा में चारा मिल सकें। प्रक्षेत्र से राज्य के पशुपालकों को उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता के पशुओं को उपलब्ध कराया जायेगा। योजना का वित्त पोषण भारत सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजनान्तर्गत 100 प्रतिशत वित्त पोषित है।

बैठक में सचिव पशुपालन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सिंचाई एव सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने 04 घोषणाएं की, वीर नारियों को भी किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) पर गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शहीद स्मारक पर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीदों के परिवारजनों को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक सविता कपूर, बृज भूषण गैरोला और निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा ने भी शहीद स्मारक पर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने 04 घोषणाएं की। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में शहीद सैनिकों को मिलने वाली अनुग्रह अनुदान राशि 10 लाख रूपये से बढ़ाकर 50 लाख रूपये की जायेगी। शहीद सैनिक के परिवारजनों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को 02 साल से बढ़ाकर 05 साल किया जायेगा। शहीदों के आश्रितों को अब जिलाधिकारी कार्यालयों में समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ के अलावा अन्य विभागों में भी समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ के पदों पर नियुक्ति प्रदान की जायेगी। सैनिक कल्याण विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों को उपनल कर्मियों की भांति अवकाश प्रदान किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में माँ भारती की रक्षा के लिये हमारे वीर जवानों ने पराक्रम और अदम्य साहस का परिचय दिया। भारतीय सैनिकों ने कारगिल युद्ध में जिस प्रकार की विपरीत परिस्थितियों में वीरता का परिचय देते हुए घुसपैठियों को सीमा पार खदेड़ा, उससे पूरे विश्व ने भारतीय सेना का लोहा माना। कारगिल युद्ध में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों के बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल की यह विजय गाथा भी उत्तराखंड के वीरों के बिना अधूरी है और अपने 75 सपूतों का बलिदान ये वीर भूमि कभी नहीं भुलाएगी। जिस सांस्कृतिक परिवेश और विचारों ने हम सभी को पोषित किया है, उस संस्कृति में मान्यता है कि देशभक्ति सभी प्रकार की भक्तियों में सर्वश्रेष्ठ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक पुत्र होने के नाते उन्होंने बचपन से ही एक सैनिक और उसके परिवार के संघर्ष को देखा है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के समय अटल बिहारी वाजपेयी जी प्रधानमंत्री थे। हमने युद्ध भी जीता और वैश्विक स्तर पर कूटनीति में भी जीते। अटल जी ने शहीदों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गाँव में राजकीय सम्मान के साथ करने की व्यवस्था की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से सेना न केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है बल्कि उसकी यश और कीर्ति भी बढ़ रही है। हमारी सरकार जहां एक तरफ सेना के आधुनिकीकरण पर बल दे रही है, वहीं सैनिकों और उनके परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं को भी बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री जी निरंतर सैनिकों के साहस और मनोबल को बढ़ा रहे हैं और यही कारण है कि सेना आज गोली का जवाब गोले से दे रही है। आज भी प्रधानमंत्री ने कारगिल वॉर मेमोरियल, लद्दाख में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में आरक्षण का प्राविधान किया जायेगा, इसके लिए एक्ट लाया जायेगा।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों के आश्रितों के कल्याण के प्रति वचनबद्ध है। शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता अनुसार सरकार द्वारा सेवायोजित किया जा रहा है। अभी तक 26 आश्रितों को सेवायोजित किया जा चुका है। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राज्य के वीरता पदक से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त धनराशि में वृद्धि की गई है। देहरादून के गुनियाल गांव में प्रदेश के शहीदों की स्मृति में अत्याधुनिक एवं समस्त सुविधाओं युक्त ’शौर्य स्थल (सैन्य धाम) का निर्माण किया जा रहा है जिसमे प्रदेश के समस्त शहीदों के नाम अंकित किये जायेंगें। उन्होंने कहा कि हर्बटपुर में सैनिक कल्याण का दूसरा कार्यालय खोला जा रहा है।

कार्यक्रम में सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल (से.नि), लेफ्टिनेंट जनरल अश्वनि कुमार (से.नि), मेजर जनरल के.एस राणा (से.नि), ब्रिगेडियर कीर्ति बहल (से.नि), ब्रिगेडियर हरीश सेट्ठी (से.नि), निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल (से.नि), एमडी उपनल ब्रिगेडियर जे.एस. बिष्ट (से.नि), जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एसएसपी देहरादून अजय सिंह एवं अन्य सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक और शहीदों के परिवार जन उपस्थित थे।

सीएम ने किया जनपद देहरादून में ई-अभिलेखागार वेब पोर्टल का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सी.एम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सचिव एवं विभागाध्यक्ष सी.एम हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी सुनिश्चित करें कि शिकायत जिस अधिकारी के स्तर की है, उनका समाधान उनके स्तर पर ही हो जाय। अनावश्यक रूप से शिकायतें उच्च स्तर पर न आये। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सी.एम. हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक में इसका भी विवरण दिया जाय कि जनपदों के प्रभारी सचिवों द्वारा जनपदों में विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए कितनी बैठकों का आयोजन किया और किन महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान करवाया। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि बीडीसी और तहसील दिवसों का आयोजन नियमित रूप से हो और इनमें जनपद स्तरीय अधिकारी भी अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ई-अभिलेखागार जिला देहरादून के वेब पोर्टल का भी शुभारंभ किया। जनपद देहरादून की तहसीलों के रिकॉर्ड को स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि अन्य जनपद भी ई-अभिलेखागार के माध्यम से वेब पोर्टल बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों के पेंशन संबंधी प्रकरणों का समयबद्धता के साथ निस्तारण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी को भी पेंशन संबंधी प्रकरणों में कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाना पड़े। विभागों के पेंशन प्रकरणों की नियमित समीक्षा के निर्देश उन्होंने मुख्य सचिव को दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सी.एम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करने वाले 06 शिकायतकर्ताओं से फोन पर वार्ता भी की। तीन शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जा चुका था। जिन तीन शिकायतकर्ताओं की समस्या का अभी तक समाधान नहीं हुआ था उनमें बागेश्वर के मोहन सिंह ने शिकायत की थी कि उनके मकान के पीछे एक बड़ा पेड़ गिरने की स्थिति में हैं, जिसकी जड़े दरक गई हैं, जिससे उनके मकान में पेड़ गिरने का खतरा बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी बागेशवर को निर्देश दिये कि इनकी समस्या का शीघ्र समाधान कर जानकारी सीएम कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। उधमसिंह नगर के राकेश कुमार अग्रवाल ने शिकायत की थी कि उनका बिजली का बिल आरडीएफ में आ रहा था, बिल जमा न करने पर उन पर 09 हजार रूपये का ब्याज लगा दिया गया। उन्होंने वास्तविक बिल उपलब्ध कराये जाने की मांगी की। मुख्यमंत्री ने यूपीसीएल के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाए। देहरादून के अरुण अहलूवालिया ने शिकायत की कि वे 31 अगस्त 2023 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उन्हें पेंशन का लाभ तो मिल चुका है, लेकिन इंश्योरेंस का पैसा नहीं मिला है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इनके इंश्योरेंस की धनराशि यथाशीघ्र उपलब्ध करवाई जाय।

बैठक में निदेशक आईटीडीए नितिका खंडेलवाल ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सी.एम हेल्पलाइन में शिकायतों के निस्तारण के संबंध में शिकायतकर्ताओं का फीडबैक दर्ज करने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों को मण्डल स्तर पर सीएम हेल्पलाइन 1905 और डिजिटल तहसील दिवस के आयोजन के लिए 07 अगस्त से देहरादून और नैनीताल में प्रशिक्षण दिया जायेगा।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव एल.फैनई, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, राधिका झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चन्द्रेश यादव, बृजेश कुमार संत, डॉ. वी.षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, एस.एन पाण्डेय, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

पीएम, केंद्रीय वित्त और रेल मंत्री का सीएम धामी ने किया आभार, रेल परियोजनाओं के लिए मिले पांच हजार करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड के लिए विभिन्न रेल परियोजनाओं के लिए इस वर्ष के बजट में 05 हजार करोड़ से अधिक की धनराशि आवंटित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस धनराशि से राज्य में रेल सुविधाओं के विकास में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य महत्व की महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। 2026 तक इस परियोजना के पूर्ण होने की पूरी संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यहित की बागेश्वर टनकपुर बागेश्वर गैरसैंण ऋषिकेश-उत्तरकाशी तथा देहरादून सहारनपुर रेलवे लाइनों की डीपीआर तैयार किए जाने तथा 03 रेल परियोजनाओं का कार्य गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने देहरादून, हरिद्वार, हर्रावाला, काशीपुर, काठगोदाम, किच्छा, कोटद्वार, लालकुआँ, रामनगर, रूड़की तथा टनकपुर रेलवे स्टेशनों को अमृत स्टेशनों के रूप में विकसित किये जाने की योजना पर भी केंद्र सरकार का आभार जताया है।

राज्य में आने वाले सभी वाहनों में डस्टबिन को अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देशः मुख्य सचिव

उत्तराखण्ड राज्य की प्राकृतिक स्वच्छता व सुन्दरता को बनाए रखने में सामूहिक जिम्मेदारी विशेषरूप से पर्यटकों, टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेन्सी व वाहन चालकों का उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के दृष्टिगत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड आने वाले सभी वाहनों में Dustbin /Garbage Bag को अनिवार्यतः लगाने के नियम का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने इस सम्बन्ध में नियमित रूप से चैकिंग एव चालान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व में इस सम्बन्ध में परिवहन विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चण्डीगढ़, राजस्थान व मध्य प्रदेश के परिवहन आयुक्तों को भी पत्र लिखा गया। परिवहन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार चारधाम यात्रा के दौरान स्वच्छता अभियान के तहत वाहन में बैठे यात्री सड़कों पर कचरा नही फेंक सकते तथा सभी वाहनों में Dustbin /Garbage Bag लगाना अनिवार्य है।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में प्रवेश करने वाले वाहनों को ट्रिप कार्ड जारी करते समय यह अवश्य सुनिश्चित कर लिया जाए कि प्रत्येक वाहन में Dustbin /Garbage Bag हो। आमजन को व्यापक स्तर पर इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने इस सम्बन्ध में टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंसी व वाहन चालकों से भी संवाद व समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि पर्यटन प्रदेश होने के कारण राज्य की प्राकृतिक स्वच्छता बनाए रखना और पर्यावरण का संरक्षण उत्तराखण्ड के निवासियों के साथ ही हर वर्ष लाखों की संख्या में आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं का भी सामूहिक उत्तरदायित्व है। यह कार्य सामूहिक भागीदारी का है।