चारधाम डैशबोर्ड पर यात्रा से जुड़े विभाग नियमित रूप से रियल टाइम डाटा अपडेट करेंगेः सीएस

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चारधाम यात्रा से सम्बन्धित सभी विभागों को जल्द आरम्भ होने वाले चारधाम डैशबोर्ड पर नियमित रूप से रियल टाइम डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह डैशबोर्ड चारधाम से सम्बन्धित सभी विभागों के मध्य सूचनाओं के प्रभावी आदान प्रदान व डाटा शेयरिंग का माध्यम बनेगा। इससे विभागों में प्रभावी समन्वय स्थापित होगा तथा उनके अलगाव में कार्य करने की प्रवृति खत्म होगी। उन्होंने इसके लिए सभी विभागों में एक-एक नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को हिदायत दी कि चारधाम डैशबोर्ड पर अपडेट किया जाने वाला डाटा डायनेमिक (गतिशील) व रियल टाइम होना चाहिए। इसे नियमित रूप से फीड किया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चारधाम डैशबोर्ड में लोक निर्माण विभाग को यात्रा रूट पर पड़ने वाले ब्लैक स्पॉट, स्लिपिंग जोन, मुख्य मार्गों के अलावा वैकल्पिक मार्गों की जानकारी, मलबे, भूस्खलन या टै्रफिक जाम से बाधित सड़कों, सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े अनिवार्य रूप से अपडेट करने तथा यूकाडा को धामों में खराब मौसम या अन्य कारणों से हैली सर्विस रद्द होने की पूर्व जानकारी अनिवार्य रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने पशुपालन विभाग को चारधाम डैशबोर्ड में यात्रा मार्ग पर खच्चरों के लिए चारे, पीने के गर्म पानी, पशुचिकित्सकों की उपलब्धता का रियल टाइम डाटा भी नियमित रूप से अपडेट करने तथा पुलिस विभाग को यात्रा मार्ग पर पार्किंग स्थलों की जानकारी व पार्किंग स्पेस की उपलब्धता का रियल टाइम डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में आईटीडीए द्वारा तैयार किए जा रहे चारधाम डैशबोर्ड की समीक्षा की। यह डैशबोर्ड आरम्भ में सरकारी विभागों के प्रशासनिक समन्वय व कार्यों के लिए उपयोग किया जाएगा और बाद में आमजन के लिए खोल दिया जाएगा।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चारधाम डैशबोर्ड में यात्रा मार्ग पर किए जाने वाले कार्यों की जीआईएस टैगिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परफॉर्मेशन एवल्यूशन के लिए विभिन्न विभागों के इन्टरलिंकिंग को जरूरी बताया है। मुख्य सचिव ने चारधाम डैशबोर्ड में अन्य भीड़-भाड़ वाले पर्यटक स्थलों जैसे मसूरी को भी जोड़ने के निर्देश दिए हैं, ताकि इन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को भी सभी जानकारियां व रियल टाइम डाटा उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों के वाहनों में ट्रेश बैग (कूड़ादान) अनिवार्यत रखे जाने के नियमों का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने ट्रिप कार्ड जारी करते समय जानकारी देने तथा नियमित रूप से चौकिंग व चालान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में नगर निकायों, निगमों व जिला पंचायतों को पत्र लिखे जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने यात्रा मार्ग पर सेवाएं देने वाले खच्चरों की बीमा व्यवस्था हेतु जिलाधिकारियों वार्ता के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबन्धन, पशुपालन, निदेशक आईटीडीए, महानिदेशक स्वास्थ्य व अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

परमार्थ निकेतन ऋषिकेश में आयोजित ऊर्जा संचय समागम का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परमार्थ निकेतन ऋषिकेश में आयोजित तीन दिवसीय ऊर्जा संचय समागम कार्यक्रम को वचुअर्ली संबोधित किया। उन्होंने इस आयोजन में पधारे आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री स्वामी अरुण आनंद सहित अन्य संत महात्माओं का स्वागत करते हुए इस समागम को आध्यात्मिक ऊर्जा को जन-जन पहुंचाने वाला प्रयास तथा व्यक्ति की आध्यात्मिक शक्ति को प्रभु की शक्ति के साथ एकीकृत करने वाला प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि यह समागम मानव मात्र को अपने भौतिक जीवन में मन कर्म वचन से आत्मज्ञान की दीक्षा देने में भी मददगार होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे संत महात्माओं ने अपने ज्ञान से मानव मात्र को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है। सद्भावना के मार्ग का अनुश्रवण कर राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का मान व सम्मान विश्व में बढ़ा है। भारत अपने पुरातन गौरव को प्राप्त कर विश्व गुरू बनने की राह में आगे बढ़ रहा है। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प पूरा हो रहा है।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के आध्यात्मिक स्वरूप को बनाये रखने के लिए अनेक निर्णय लिए गए हैं। उत्तराखंड के नागरिक के हित में समान नागरिक संहिता विधेयक लागू किया गया। इससे सभी को समान अधिकार मिलेंगे। उत्तराखंड में जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिये सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया। राज्य में लैंड जिहाद को रोकने के लिए 500 है0 भूमि अतिक्रमण से मुक्त करायी गई है। नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया गया है। प्रदेश में दंगारोधी कानून लागू किया गया है। अब दंगाइयों पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही दंगे में होने वाली सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई भी दंगाइयों से ही की जाएगी। अब राज्य के अन्दर अथवा राज्य के बाहर कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था किसी समिति अथवा ट्रस्ट का गठन कर राज्य के चार धामों एवं प्रमुख मंदिरों के नाम पर समिति अथवा ट्रस्ट का गठन नहीं कर पायेगा। उत्तराखण्ड आध्यात्मिक संस्कृति का केंद्र बने तथा युवा अपनी प्राचीन सनातन संस्कृति से जुड़े इसके लिए राज्य के विश्वविद्यालयों में हिंदू संस्कृति के अध्यनन की व्यवस्था की गई है।

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द मुनी, आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री तथा स्वामी अरूण आनंद ने मुख्यमंत्री द्वारा राज्य हित में लिए निर्णयों के प्रति उनकी सराहना की तथा उन्हें साधुवाद दिया।

सीएस ने जिलाधिकारियों से नगर निगमों के तहत कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों की आवासीय व्यवस्था की रिपोर्ट की तलब

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को मलिन बस्तियों का चिन्हीकरण कर 15 दिन में रिपोर्ट शासन को प्रेषित करने की डेडलाइन दी है। इसके साथ सीएस ने जिलाधिकारियों से नगर निगमों के तहत कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों की आवासीय व्यवस्था की रिपोर्ट भी तलब की है। मुख्य सचिव ने निर्माण स्थलों पर कार्य करने वाले प्रवासी श्रमिकों की आवासीय व्यवस्था की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में शहरी विकास की राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को ‘‘स्लम फ्री उत्तराखण्ड’’ विजन के साथ कार्य करने की नसीहत दी है। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी 15 दिनों से पहले जनपदों में अवस्थित मलिन बस्तियों के श्रेणीवार चिन्हांकन कर उनकी सूची शासन को प्राथमिकता के आधार पर भेज दी जाए। इसके बाद राज्य में अवस्थित मलिन बस्तियों में निवासरत परिवारों के जीवन स्तर में सुधार, मलिन बस्तियों के विनियमितीकरण, पुनरूद्धार पुनर्वास की कार्ययोजना पर कार्य किया जाएगा। मुख्य सचिव ने मलिन बस्तियों के सुधार हेतु विभिन्न राज्यों के मॉडल पर किए गए अध्ययन की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट भी तलब की।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने विशेषरूप से जनपद टिहरी, रूद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी उधमसिंहनगर और चम्पावत के जिलाधिकारियों से और समय न लेते हुए यथाशीघ्र मलिन बस्तियों की वांछित सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करते हुए प्रभावितों को प्रधानमंत्री आवास योजना या राज्य में प्रचलित अन्य उपयोगी एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करते हुए मलिन बस्तियों के निवासियों का पुनर्वासन एवं पुनर्व्यस्थापन किया जा सके।

बैठक में प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, नितेश कुमार झा सहित अन्य अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से आयुक्त गढ़वाल और कुमाऊ व सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने दीनदयाल उपाध्याय राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार से विद्यार्थियों और प्रधनाचार्यों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ननूरखेड़ा, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, (एस.सी.ई.आर.टी) उत्तराखण्ड के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पं० दीन दयाल उपाध्याय राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार के तहत उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा संचालित वर्ष 2023 एवं 2024 हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट में सर्वाेच्च स्थान प्राप्त करने वाले तीन-तीन स्कूलों, हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षाओं में प्रथम 10 स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में सी.एस.आर. के सहयोग से स्थापित 442 स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण दिन है। शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत, लगन, समर्पण के बल पर उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए हैं। ये पुरस्कार विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को आगे भी इसी मनोयोग से प्रयास करने के लिए प्रेरित करेंगे और अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायक होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एससीईआरटी भवन का निर्माण कार्य 02 साल में पूर्ण करने का शिक्षा विभाग को लक्ष्य दिया गया था। विभाग द्वारा निर्धारित समयावधि में 29 करोड़ 25 लाख की धनराशि से भव्य भवन का निर्माण किया गया है। एससीईआरटी भवन बनने से शैक्षिक विकास, शिक्षक प्रशिक्षण, शैक्षिक अनुसंधान तथा राज्य के शिक्षा के तंत्र का सम्पूर्ण विकास किये जाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एस.सी.ई.आर.टी के भवन निर्माण के साथ ही इसकी गुणवत्ता भी अत्यधिक मायने रखती है। राज्य सरकार का स्पष्ट ध्येय है कि किसी भी तरह के निर्माण कार्य में क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा सीएसआर के अंतर्गत बनी 442 स्मार्ट क्लास के शुरू होने से सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था में अधिक गुणवत्ता आएगी। राज्य सरकार राज्य के 840 विद्यालयों में हाइब्रिड मोड में वर्चुअल एवं स्मार्ट क्लास की स्थापना पर भी कार्य कर रही है। कक्षा 1 से 12 तक के बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें एवं कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकों के साथ ही जूते और बैग भी प्रदान किए जा रहे हैं। कक्षा 9 में प्रवेश करने वाली बालिकाओं के लिए साइकिल योजना एवं मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना भी लागू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि राज्य का कोई भी विद्यार्थी बुनियादी आवश्यकताओं से वंचित न रहे और न ही उनकी पढ़ाई पर कोई असर पड़े। उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक आधुनिक और व्यावहारिक बनाने के लिए सरकार लगातार नीतिगत फैसले ले रही है। सभी को बेहतर शिक्षा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। राज्य के किसी भी छात्र-छात्राओं के जीवन में शिक्षा का अभाव नहीं होने देंगे।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि इस वर्ष उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट 30 अप्रैल को घोषित कर दिया था। जिससे बच्चों को उच्च शिक्षा हेतु अच्छे संस्थानों में जाने का मौका मिलता है। आगामी शिक्षण सत्र के लिए रिजल्ट 20 अप्रैल तक घोषित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में अध्यापकों के ट्रांसफर में पारदर्शिता आई है। ट्रांसफर में काउंसलिंग व्यवस्था की शुरुआत की गई है। अब तक 5000 अध्यापकों के ट्रांसफर हो चुके हैं। एससीईआरटी और डायट को और अधिक सृदृढ़ बनाया जा रहा है। आगामी वर्ष से टीचरों के ट्रांसफर भी ऑनलाइन व्यवस्था से होने लगेंगे।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों में 70 प्रतिशत से कम अध्यापक होंगे वहां नए अध्यापकों के जाने तक अध्यापक रिलीव नहीं होंगे। राज्य सरकार छात्रों को किताबें, कपड़े, बैग, जूते मुफ़्त में देने का कार्य कर रही है। छात्रों को छात्रवृत्ति और निःशुल्क नोटबुक भी उपलब्ध कराई जा रही है।

विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य सरकार द्वारा निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू होने से शिक्षा के क्षेत्र में अनेक क्रान्तिकारी परिवर्तन हो रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में शिक्षा के उन्नयन के लिए तेजी से कार्य हो रहे हैं।

महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी ने शिक्षा विभाग को प्रेरणा और नई दिशा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एससीईआरटी का अपने भवन बनने से शैक्षिक विकास, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नये आयाम प्राप्त होंगे। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और विद्यार्थियों को शुभकामना भी दी। शिक्षा महानिदेशक ने कहा कि प्रधानाचार्य और शिक्षक विद्यालयी शिक्षा के मजबूत स्तंभ हैं।

इस अवसर पर निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट, निदेशक प्राथमिक शिक्षा रामकृष्ण उनियाल एवं शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

खिलाड़ियों के बीच आकर हमेशा उत्साह और ऊर्जा का होता है संचारः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड, देहरादून में 24 जुलाई से 28 जुलाई तक आयोजित होने वाली 22वीं उत्तराखण्ड राज्य जूनियर एवं सीनियर बैडमिंटन चैपियनशिप का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन भी किया ।

मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के बीच आकर उनमें हमेशा उत्साह और ऊर्जा का संचार होता है। बैडमिंटन के क्षेत्र में उत्तराखंड, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष पहचान बना रहा है। लक्ष्य सेन सहित कई खिलाड़ी बैडमिंटन में इतिहास रचते हुए देश एवं प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। वर्तमान समय में खेल के बेहतर अवसर एवं संसाधन मौजूद हैं। युवा अपने प्रयासों से निरंतर प्रयास करते रहें, जिससे उन्हें भविष्य में निश्चित ही सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा खेल के प्रति लगन और अनुशासन, जीवन में नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गये है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहन दिया जाता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों के शुभारंभ से खेल को बड़े स्तर पर बढ़ावा दिया गया है। ओलंपिक में भारत के अच्छे प्रदर्शन के लिए खिलड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग एवं सुविधाएं दी जा रही है। हर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों पर भारत के कदम निरंतर बढ़़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष आयोजित हो रहे पेरिस ओलंपिक में भारत की ओर से अब तक का सबसे बड़ा दल प्रतिभाग करने जा रहा है। राज्य सरकार भी प्रदेश में खेलो एवं खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए हर स्तर पर कार्य कर रही है। प्रदेश भर में प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन, खेल सामग्री का वितरण, आवासीय क्रीडा छात्रावास योजना के तहत खिलाड़ियों को मुफ्त शिक्षा, चिकित्सा, भोजन की सुविधा दी जा रही है। ओलंपिक में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतने पर क्रमशः 2 करोड़, 1.5 करोड़ एवं 1 करोड़ की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण, रजत एवं कास्य पदक विजेताओं को क्रमशः 6 लाख, 4 लाख, 3 लाख की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन को बढ़ावा देने के लिए नई खेल नीति लागू की गई है। इस वर्ष मेडल प्राप्त करने वाले 31 खिलाड़ियों को सरकारी विभागों में नियुक्तियां दी है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 वर्ष के 3900 खिलाड़ियों को 1500 प्रति माह छात्रवृत्ति दी जा रही है। खेल छात्रावास में रहकर तैयारी कर रहे खिलाड़ियों के दैनिक भत्ते को 175 से बढ़ाकर 225 कर दिया गया है। ग्रामीण स्तर पर ओपन जिम के लिए 10 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया है। उत्तराखंड को आगामी राष्ट्रीय खेलों के आयोजन का अवसर मिला है। जो हमारे लिए बड़ा अवसर है।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, यूएसबीए की अध्यक्ष डॉ. अलकनंदा अशोक, सचिव बी.एस मनकोटी, राकेश डोभाल एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड तीर्थ पुरोहित महापंचायत के पदाधिकारियों ने की मुख्यमंत्री धामी से भेंट, किया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उत्तराखण्ड तीर्थ पुरोहित महापंचायत के पदाधिकारियों ने भेंट कर मुख्यमंत्री को उनके 03 साल का कार्यकाल पूर्ण होने पर बधाई दी। उन्होंने चारधाम यात्रा को व्यवस्थित करने के लिए गठित किये जाने वाले प्राधिकरण या किसी अन्य संस्था के गठन के सबंध में लिये गये निर्णय तथा कैबिनेट द्वारा राज्य के चारधाम और अन्य प्रमुख मंदिरों के नाम ट्रस्ट या समिति गठित किये जाने के विरूद्ध कठोर विधिक प्राविधान किये जाने के निर्णय के लिए भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे देशभर में चारधामों के जो करोड़ों श्रद्धालु हैं उनमें किसी तरह के भ्रम की स्थिति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह राज्य सरकार का अच्छा निर्णय है और देवस्थानम बोर्ड का निर्णय वापस लिये जाने के बाद तीर्थ पुरोहितों के हित में लिया गया निर्णय है जिसका सभी तीर्थ पुरोहित, पुजारी, रावल और सभी लोग स्वागत करते हैं।

उत्तराखण्ड तीर्थ पुरोहित महापंचायत के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से चार धाम के महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व और मेलों के लिए राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया ताकि स्थानीय स्तर पर इन आयोजनों को दिव्य और भव्य ढंग से आयोजित किया जा सके। उन्होंने चारधाम यात्रा को व्यवस्थित करने के लिए गठित की जाने वाली प्रस्तावित प्राधिकरण या किसी अन्य संस्था के गठन से पूर्व चार धाम के तीर्थ पुरोहित्तों, मंदिर समितियों, तीर्थ पुरोहित महा सभाओं के साथ ही हित धारकों को विश्वास में लिये जाने की भी बात मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। चार धाम यात्रा से संबंधित वीडियो, अपुष्ट और भ्रामक प्रचार प्रसार करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किये जाने तथा यात्रा काल में पंजीकरण व्यवस्था के चलते कोई तीर्थ यात्री चार धाम आने से वंचित न रह जाये। इसके लिये जनहित में पंजीकरण व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त किये जाने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैबिनेट द्वारा राज्य के चार धाम व अन्य प्रमुख मंदिरों के नाम से ट्रस्ट या समिति गठित किये जाने के विरुद्ध कठोर विधिक प्राविधान किये जाने से जन सामान्य में असमंजस की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। साथ ही स्थानीय परम्पराओं एवं धार्मिक मान्यताओं को भी ठेस नहीं पहुंचेगी तथा स्थानीय स्तर पर आक्रोश की भी संभावना नहीं रहेगी। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा कड़े विधिक प्राविधान लागू किये जाने का निर्णय कैबिनेट द्वारा राज्य हित में लिया गया है। अब राज्य के अन्दर अथवा राज्य के बाहर कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था किसी समिति अथवा ट्रस्ट का गठन कर राज्य के चार धामों एवं प्रमुख मंदिरों के नाम पर समिति अथवा ट्रस्ट का गठन नहीं कर पायेगा। इससे इस संबंध में उत्पन्न विवाद का भी समाधान होगा ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम यात्रा को बेहतर बनाने तथा आने वाले 30 वर्षों की यात्रा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार चारधाम यात्रा को व्यवस्थित करने के लिए प्राधिकरण या किसी अन्य संस्था के गठन की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि इसमें तीर्थ पुरोहितों और हित धारकों की राय भी ली जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने तीर्थ पुरोहितों के अनुरोध पर प्रत्येक धाम में आयोजित होने वाले दो धार्मिक आयोजनों एवं पर्वाे के लिए राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के तहत श्रद्धालुओं के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। यात्रा के दूसरे चरण में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही व्यवस्थाएं खुली रखी जाएगी। चार धाम आने वाले किसी भी यात्री को असुविधा न हो इसके हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, चारधाम महापंचायत के महासचिव डॉ बृजेश सती, किशोर भट्ट, यमुनोत्री तीर्थ पुरोहित महासभा अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल, चारधाम महापंचायत के मीडिया प्रभारी रजनीकांत सेमवाल, उपाध्यक्ष अमित उनियाल, गंगोत्री धाम के आलोक सेमवाल, लखन उनियाल, सुरेश हटवाल, रमेश कोठियाल, चिंतामणि हटवाल, गौरव, हार्दिक ,शिवम, सुशील एवं डॉ मनीष सेमवाल आदि उपस्थित रहे।

सीएस बोलीं, वॉकल फॉर लोकल तथा लोकल फॉर ग्लोबल की थीम पर हाउस ऑफ हिमालयाज

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत स्थानीय उत्पादों की बेहतरीन मार्केटिंग, क्वालिटी व ब्राण्डिंग पर फोकस करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने हाउस ऑफ हिमालयाज को उत्तराखण्ड के अम्ब्रेला ब्राण्ड के रूप में स्थापित करते हुए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए मिशन मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत अधिकाधिक महिला स्वयं सहायता समूहों व स्थानीय महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उत्तराखण्ड के सभी उत्पादों को एक ही नाम व ब्राण्ड मिलने से राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा।

सीएस ने निर्देश दिए हैं कि हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से राज्य के सभी स्थानीय ब्राण्ड्स की पहुंच बढ़ाने के लिए कार्य किया जाना चाहिए। हाउस ऑफ हिमालयाज को वॉकल फॉर लोकल तथा लोकल फॉर ग्लोबल की थीम के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक स्तर तक पहुचाने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज राज्य का अम्ब्रेला ब्राण्ड होने के साथ ही प्रदेशभर की स्थानीय महिलाओं की आजीविका का सशक्त माध्यम बनने जा रहा है। उन्होंने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों और उनके उत्पादों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए हैं। हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत प्रथम चरण में 21 उत्पादों को रखा गया है। भविष्य में अधिकाधिक स्थानीय उत्पादों को इससे जोड़ा जाएगा। इसके उत्पादों की गुणवत्ता की जांच तीन स्तरों पर की जा रही है।

सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में हाउस ऑफ हिमालयाज की बोर्ड ऑफ गर्वनेस की बैठक में सचिव राधिका झा, अपर सचिव मनुज गोयल सहित सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

यूसीसी लागू करने की तैयारियों के संबंध में सीएम ने बुलाई सचिवालय में अधिकारियों की बैठक


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यू.सी.सी) लागू करने की तैयारियों के संबंध में सचिवालय में बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यूसीसी लागू करने के लिए इसके अधीन संचालित होने वाली प्रक्रियाओं एवं नियमों को समयबद्धता के साथ अंतिम रूप दिया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यूसीसी के प्राविधानों को व्यवस्थित रूप से संपादित किये जाने के लिए गठित उप समिति के कार्यों एवं विभिन्न विभागों के स्तर पर की जाने वाली कार्यवाही को भी शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने इस संबंध में विभिन्न स्तरों पर होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी को विधिवत लागू किये जाने से पूर्व सभी पहलुओं का गहनता एवं सजगता से अध्ययन किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी के बारे में व्यापक स्तर पर जन जागरूकता भी लाई जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
यूसीसी के प्राविधानों को लागू करने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह ने जानकारी दी गई कि इस सबंध में तीन उप समितियों का गठन किया गया। नियमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए गठित उप समिति की अब तक 43 बैठकें हो चुकी हैं, जो 31 अगस्त 2024 तक अपनी रिपोर्ट देगी। नियमों के कार्यान्वयन में सुगमता और पारदर्शिता के लिए गठित उप समिति की 20 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, यह उप समिति भी 31 अगस्त 2024 तक अपनी रिपोर्ट देगी। क्षमता विकास और प्रशिक्षण के लिए बनाई गई उप समिति भी 30 सितम्बर 2024 तक अपनी रिपोर्ट देगी। बैठक में बताया गया कि यूसीसी से संबंधित प्राविधानों को प्रभावी ढ़ग से क्रियान्वित किये जाने के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, डीजीपी अभिनव कुमार, विभिन्न विभागों के सचिव, समिति के सदस्यगण एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सरकारी विभागों में रिक्त विभिन्न पदों पर और तेजी से होगी नियुक्ति की प्रक्रियाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग में चयनित 68 असिस्टेंट प्रोफेसर, शहरी विकास विभाग में चयनित 63 अधिशासी अधिकारी एवं 22 कर व राजस्व निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी अभ्यर्थी राज्य सरकार के साथी के रूप में राज्य में अपनी सेवाएं देंगे। उन्होंने कहा जो जिम्मेदारी मिलने वाली है, उसका निर्वहन पूर्ण मनोयोग और ईमानदारी से करना है और उत्तराखंड को आदर्श राज्य बनाने के लिए सभी को अपना योगदान देना है। सभी चयनित युवा अपनी मेहनत, माता-पिता, गुरुजनों एवं भगवान के आशीर्वाद से इस मुकाम पर पहुंचे हैं। जीवन के इस नए आयाम में नई शुरुआत करनी है, नौकरी के पहले दिन से ही संकल्प, अनुशासन लेकर कार्य करें, आगे काम करने के लिए जीवन में मापदंड तय करने होंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी और पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चयनित अभ्यर्थी हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि आपके द्वारा किए गए कार्यों का प्रभाव लाखों लोगों पर पड़ेगा, जनता के विश्वास पर खड़ा उतरना सभी की शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए। आपकी लगन और मेहनत से प्रदेश विकास क्षेत्र में आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार की संकल्पना समृद्ध और सशक्त उत्तराखंड की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की थी। उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए सरकार हर संभव कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों के विकास हेतु अनेक कार्य कर रही है। सभी छोटे बड़े शहरों को विकसित करने हेतु निरंतर कार्य जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मागर्दशन में सभी शहरों के नवीनीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शहरी विकास में चयनित सभी अभ्यर्थी पूर्ण निष्ठा से शहरों के विकास की परियोजनाओं को आगे बढ़ाएंगे और राज्य के विकास में अपना अहम योगदान देंगे। अभ्यर्थी जन सहभागिता को प्राथमिक देकर कार्य करें, ताकि योजनाओं का सीधा लाभ आम जन को मिले। उन्होंने कहा निश्चित ही नए अभ्यर्थियों के आने से विभाग में नवाचार, ट्रांसपेरेंसी आएगी और कार्यशैली में परिवर्तन भी होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक निर्णय लिये गये हैं। राज्य में 20 मॉडल कॉलेज बनाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू करके इस समस्या को जड़ से खत्म किया है। आज योग्यता के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आगे भी विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को जल्द भरेगी।

कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि लोक सेवा आयोग से चयनित सभी युवा, आने वाले समय में हमारे योग्य और सक्षम अधिकारीगण बनेंगे। आज प्रदेश में 105 निकाय हैं, शहरी विकास की योजनाओं को आगे बढ़ाने में सभी युवा अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इन अभ्यर्थियों के आने से विभाग के कार्यों में तेजी आयेगी। प्रदेश में 9 नगर निगम, 47 नगर पालिका, 49 नगर पंचायतें हैं। इन क्षेत्रों का विकास विभाग की प्राथमिकता में है। अब नए युवा अधिकारियों के आने से यह कार्य और सरलता से हो सकेगा।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में तीन वर्षों में 15 हजार 500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया गया है। इस वर्ष 4000 बेसिक शिक्षकों, 1600 एल.टी , 882 लेक्चरर, करीब 622 प्रधानाचार्य, बीआरपी सीआरपी में 1500, हर इंटर कालेज हेतु 2500 चतुर्थ श्रेणी की नियुक्ति करने वाले हैं। इस प्रकार से कुल 11 हज़ार लोगों की नियुक्तियां शिक्षा विभाग में होंगी। इसके अलावा 1500 नर्सिंग स्टाफ, 750 एएनएम, 500 सीएचओ, 500 डॉक्टर्स, 378 मेडिकल कॉलेज हेतु असिस्टेंट प्रोफेसर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, हरिद्वार, रूद्रपुर मेडिकल कॉलेज हेतु 3700 पदों पर नियुक्तियां देने जा रहे हैं। आज राज्य सरकार युवाओं की रोजगार के कई अवसर दे रही है।

इस अवसर पर विधायक फ़कीर राम टम्टा, सचिव शैलेश बगौली, सचिव नितेश झा, निदेशक शहरी विकास नितिन भदौरिया, अपर निदेशक डॉ. ललित नारायण मिश्रा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में टाटा ट्रस्ट के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक

सचिवालय में टाटा ट्रस्ट के साथ बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जानकारी दी है कि उत्तराखण्ड सरकार के साथ मिलकर टाटा ट्रस्ट राज्य में हेल्थ केयर सेक्टर, टेलीमेडिसिन, महिलाओं व बच्चों के कुपोषण से बचाव, युवाओं के कौशल विकास, बालिकाओं की शिक्षा, कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, आंगनबाड़ी वर्कर्स के क्षमता विकास व प्रशिक्षण, स्मार्ट कलासेज, ग्रामीण आजीविका, पलायन, वाइब्रेंट विलेज, मानसिक स्वास्थ्य व नशा मुक्ति जैसे क्षेत्रों में कार्य करेगा।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने टाटा ट्रस्ट के समक्ष उत्तराखण्ड सरकार की प्राथमिकताएं एवं थ्रस्ट एरिया को फोकस करते हुए राज्य में मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर तथा उत्तराखण्ड के युवाओं हेतु राज्य की आवश्यकताओं एवं परिस्थिति के अनुसार मुम्बई सहित देश के विभिन्न स्थानों में टाटा ग्रुप के स्किल डेवलपमेंट इन्सटिटयूट में कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण की व्यवस्था करने का आग्रह किया। सीएस रतूड़ी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की विभिन्न क्षेत्रों हेतु योजनाओं की समीक्षा कर गैप एनालाइसिस किया जाए ताकि टाटा ट्रस्ट द्वारा इस गैप फीलिंग के लिए कार्य किया जा सके। उन्होंने टाटा ट्रस्ट द्वारा टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में कार्य किए जाने हेतु सहमति पर निर्देश दिए कि इसके लिए सबसे पहले पर्वतीय जनपदों व ब्लॉक को चिहिन्त किया जाए। इसके साथ ही उत्तराखण्ड के प्रत्येक जनपद के हेल्थ एनालिसिस की बात कही गई जिसके तहत प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं, बुनियादी चिकित्सा ढांचे, स्टाफ, प्रशिक्षण आदि की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। मैंकेंजी के माध्यम से राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र की के भी निर्देश दिए गए। टाटा ट्रस्ट द्वारा राज्य में हेल्थ रिकॉर्ड की डिजिटाइजेशन में सहयोग पर सहमति दी गई।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने टाटा ट्रस्ट से राज्य के दूरस्थ स्थानों में रह रही आबादी को आधुनिकतम स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाकर प्राइमरी व सेकेण्डरी हेल्थ केयर सेवाओं की मजबूती के लिए कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने महिलाओं व बच्चों को कुपोषण व एनीमिया से बचाने के लिए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा को मजबूत कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, उच्च शिक्षा के बाद महिलाओं की कार्यबल में हिस्सेदारी बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों विशेषकर सीमान्त गांवों से पलायन रोकने हेतु ग्रामीण आजीविका की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि टाटा ट्रस्ट से कौन-कौन से क्षेत्रों में सहायता ली जा सकती हैं, इसकी रिपोर्ट अगली बैठक तक तैयार रखी जाय।

बैठक के दौरान टाटा ट्रस्ट द्वारा राज्य के 13 जिलों की कमजोर सामाजिक आर्थिक पृष्ठभूमि वाली 13 टॉपर बालिकाओं को आर्थिक अनुदान की कार्ययोजना की बात कही गई।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, एसडीजी इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर है। इस स्थिति को बनाए रखने के लिए, राज्य सरकार का लक्ष्य सभी हितधारकों के साथ सहयोग करना है, जिससे समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, टाटा ट्रस्ट के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं टाटा ट्रस्ट की टीम मौजूद रही।