सीएम ने 15 अक्टूबर तक सैन्य धाम का निर्माण पूर्ण करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैन्य धाम के निर्माण में हो रही देरी को असन्तोषजनक बताते हुए 15 अक्टूबर तक इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिये है। उन्होंने इसके लिये आगणित 94 करोड़ की धनराशि के अन्तर्गत ही निर्माण कार्य सम्पन्न कराने के भी निर्देश दिये है। सैन्य धाम के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता में भी किसी प्रकार की कोताही न बरतने के निर्देश कार्यदायी संस्था एवं अभियन्ताओं को उन्होंने दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सैन्य धाम निर्माण के संबंध में आयोजित उच्च स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस कार्य मे अब और अधिक विलम्ब न हो इसके लिये सैनिक कल्याण मंत्री को सैन्य धाम के निर्माण कार्यों का निरन्तर अनुश्रवण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहीद सैनिकों के आश्रितों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाये जाने का प्रस्ताव बनाये जाने को भी कहा। कठुआ, जम्मू कश्मीर में शहीद प्रदेश के पांचों वीर शहीदों के आश्रितों सहित इस तरह के समस्त मामलों में सरकारी सेवा में सेवायोजित करने की कार्यवाही तत्काल करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने इस तरह के प्रकरणों में भविष्य में ऐसी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिये कि सरकारी सेवा में सेवायोजित करने का कार्य बिना विलंब के किया जाये तथा इसके लिये समय सीमा तय कर दी जाये। पांचों शहीदों के गांवों के आस-पास सड़क व स्कूलों के नाम इन वीर शहीदों के नाम पर रखे जाने की भी शीघ्र कार्यवाही अमल में लाये जाने को कहा। उन्होंने सैन्य धाम के निर्माण के पश्चात एम.डी.डी.ए. को उसके रखरखाव व संचालन की जिम्मेदारी दिये जाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने सैन्य धाम के निर्माण में आ रहे भूमि विवाद के समाधान हेतु जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। सैन्य धाम सैनिकों के सम्मान तथा राज्य की समृद्ध सैन्य परंपरा का भी प्रतीक है। यह हमारे युवाओं का भी प्रेरणा स्थल बनेगा।

बैठक में सैन्य धाम के 500 मी. की परिधि में निर्माण कार्य प्रतिबन्धित किये जाने संबंधी जारी आदेश को निरस्त किये जाने तथा इस व्यवस्था को युक्ति संगत बनाये जाने पर भी निर्णय लिया गया।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशू, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, सचिव सैनिक कल्याण दीपेन्द्र चौधरी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एम.डी. पेयजल निगम रणवीर सिंह चौहान, उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए. बंशीधर तिवारी, जेओसी सब एरिया मे.ज. आर.प्रेम राज, एम.डी. उपनल ब्रिगेडियर (से.नि.) जे.एन.एस. विष्ट,, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ब्रिगेडियर (से.नि.) अमृतलाल सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम की कावड़ यात्रा 2024 की तैयारियों को लेकर की गई समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेला नियंत्रण कक्ष हरिद्वार में कावड़ मेला 2024 की तैयारियों को लेकर समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कांवड़ मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कांवड़ के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। स्थानीय लोगों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेला हर वर्ष आयोजित होता है, इसके दृष्टिगत स्थायी प्रकृति के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। दीर्घकालीन विकास की कार्य योजनाओं को कार्य संस्कृति में लाने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा की शिव भक्त कावड़ियों के स्वागत में हेली से पुष्प वर्षा की व्यवस्था की जाए। कावड़ यात्रा के दौरान आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन तैयार रहे। कावड़ यात्रा में संपूर्ण मार्ग पर पुलिस बलों की तैनाती के साथ विभिन्न स्थानों पर अस्थाई पुलिस चौकी का निर्माण कार्य भी कराया जाए एवं अतिरिक्त पुलिस फोर्स की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन एवं सीसीटीवी कैमरों से भी नियमित निगरानी रखे जाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए। बाईपास और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी साइन बोर्ड के माध्यम से कावड़ियों को दी जाए। उन्होंने कांवड़ को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए निरन्तर पड़ोसी राज्यों से भी समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कावड़ यात्रा से पहले कावड़ पटरी के सौंदर्यीकरण एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित करवाई जाए। कावड़ यात्रा मार्ग पर शौचालयों, स्नान घरों, स्वच्छ पेयजल, यात्री शेड, लाईट, मेडिकल सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कावड़ियों की यात्रा और सुगम सरल हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। यात्रा मार्ग एवं हरिद्वार क्षेत्र में स्थित होटलों ढाबों में भोजन की गुणवत्ता हेतु गुणवत्ता चेकिंग अभियान नियमित चलाया जाए, होटलों और ढाबों में रेट लिस्ट लगाये जाए। कावड़ यात्रा के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए, सफाई का कार्य 24 घंटे संचालित रहे। यह सुनिश्चित किया जाए कि मेला क्षेत्र में किसी तरह का अतिक्रमण न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों को आवाजाही में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े, सड़कों पर यातायात प्रभावित न हो, यातायात प्रबंधन के लिये बेहतर रूट प्लान बनाया जाए। उन्होंने हरिद्वार क्षेत्र में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। अन्य राज्यों से परस्पर समन्वय बनाकर कॉमन डायवर्जन प्लान बनाने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा वाटर एंबुलेंस की व्यवस्था भी कावड़ यात्रा के दौरान की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कावड़ यात्रा में भी विशेष वेरिफिकेशन ड्राइव चलाए जाए। ताकि पहचान छुपा कर आने वाले लोगों पर सख्ती से कार्यवाही अमल में लाई जा सके। विभिन्न कार्यों के सुपरविजन हेतु विशेष मजिस्ट्रेट की नियुक्तियां भी की जाए।

जिलाधिकारी श्री धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि कावड़ मेला अवधि 22 जुलाई से 2 अगस्त तक है। इस वर्ष 5.5 करोड़ कावड़ियों के हरिद्वार आने की संभावना है। कांवड यात्रा के सुचारू संचालन हेतु कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जो 24 घण्टे संचालित होगा। यात्रा के सुचारू संचालन हेतु 14 सुपर जोन, 36 जोन एवं 130 सेक्टर बनाये गये हैं। मेले के लिए 5 नोडल अधिकारियों को नामित किए गए हैं। कांवड पटरी एवं प्रमुख मार्गों को यात्रा हेतु सुगम एवं सुविधाजनक बनाया गया है। स्वास्थ्य शिविर, मोबाईल मेडिकल टीम एवं एम्बुलेंस की सुविधा भी बढ़ाई जा रही है।

बैठक के दौरान गंगा सभा, विभिन्न संगठनों, जनप्रतिनिधियों ने बीते वर्ष सफल कावड़ यात्रा हेतु मुख्यमंत्री का आभार जताया एवं कावड़ मेला- 2024 के लिए अपने सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। जिस पर मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन एवं विभिन्न संगठनों, एनजीओ एवं स्थानीय जनता के सहयोग से यात्रा को सफल बनाने का आग्रह किया। साथ ही वर्चुअल माध्यम से जुड़े जिलाधिकारी देहरादून, रूद्रप्रयाग और पौड़ी ने जिले स्तर पर की गई तैयारी के संबंध में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, ममता राकेश, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, एल.फैनई, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव शैलेश बगोली, नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, विनोद कुमार सुमन, डॉ. आर. राजेश कुमार, कमिश्नर गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, एडीजी ए.पी. अंशुमान, आई.जी गढ़वाल के.एस नगन्याल, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, एसएसपी. हरिद्वार प्रमेन्द्र डोभाल एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड के नाम एक ओर कीर्तिमान, एसडीजी में राज्य प्रथम

नीति आयोग भारत सरकार ने आज एसडीजी 2023-24 की रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में उत्तराखंड ने सतत विकास लक्ष्यों की कसौटी पर खरा उतरते हुए पूरे देश मे पहला स्थान हासिल किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से विकास की राह पर अग्रसर है। एसडीजी के सभी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए राज्य सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है।

नीति आयोग ने आज शुक्रवार को 2023-24 की एसडीजी रिपोर्ट जारी की है। रैंकिंग में उत्तराखंड ने सर्वाधिक अंक लेकर पहला स्थान हासिल किया है।

सभी प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की देवतुल्य जनता के आशीर्वाद और सहयोग से ये उपलब्धि हासिल हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारी डबल इंजन सरकार के विकासोन्मुखी प्रयासों से आज हमारा प्रदेश अग्रणी राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ा है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य 2023-2024 की रिपोर्ट में उत्तराखण्ड का शीर्ष स्थान प्राप्त करना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। राज्य सरकार में कैबिनेट के सहयोगियों, शासन प्रशासन के अधिकारियों को भी बहुत बधाई।

हमारी सरकार इकोलॉजी और इकोनॉमी के समन्वय के साथ श्विकसित उत्तराखण्डश् की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। राज्य में पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करते हुए सर्वस्पर्शी एवं सर्वांगीण विकास करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

जम्मू के कठुआ में शहीदों की स्मृृति में मंत्री अग्रवाल ने किया पौधरोपण

जम्मू कश्मीर के कठुआ में शहीद हुए उत्तराखंड के पांच वीर जवानों की स्मृति में क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि यह पौधे सदैव हमारे वीर शहीदों के बलिदान के लिए स्मरणीय रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान केदारनाथ की दिवंगत विधायिका शैलारानी रावत को भी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान 2 मिनट का मौन भी रखा गया।

बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में डॉ अग्रवाल ने रुद्रप्रयाग के नायब सूबेदार आनंद सिंह, पौड़ी के हवलदार कमल सिंह और राइफलमैन अनुज नेगी, टिहरी के नायक विनोद सिंह और राइफलमैन आदर्श नेगी की स्मृति में अमरूद, कटहल, जामुन, नींबू, आंवला के पौधे रोपे।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, चाहे कोई भी चुनौती क्यों न हो। “देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कहा कि हमने देश के शत्रुओं को खत्म करने के लिए सशस्त्र बलों को खुली छूट दे रखी है। उन्होंने कहा कि पहले देश और सशस्त्र बलों में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली हमारी सरकार ने इस कमी को दूर कर दिया है। हम अपनी सेनाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं। लोगों और संसद को हमारे सैनिकों पर पूरा भरोसा है।”

डॉ अग्रवाल ने कहा कि एक सैनिक का जीवन त्याग और तपस्या का जीवन है। यह उनका अपने देश के लिए प्रेम ही तो है कि वे अपने घर वालों को पीछे छोड़कर देश कि सेवा के लिए चले जाते हैं। कहा कि एक सैनिक का जीवन संघर्ष और गर्व का समन्वय होता है। जहाँ एक तरफ वो खतरे देश के लिए लड़ते है वही उन्हें देश के लिए क़ुर्बान होने का गर्व भी होता है। उन्होंने कहा कि हमें सदैव सैनिकों का सम्मान करना चाहिए। सैनिकों के योगदान को सदा स्मरण करना चाहिए, उन्हीं की वजह से हम अमन से रह पाते है। हम सभी को सैनिकों से प्रेरणा लेना चाहिए और अपने कार्य को देश की प्रगति में लगाना चाहिए।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि यदि आपको जीवन में अनुशासन का सही उदाहरण देखना हो तो एक सैनिक से अवश्य मिलें। उनका अपने देश के लिए पागलपन देखते बनता है। उनका अनुशासन उन्हें अपने घर-परिवार से दूर तो रखता ही है, साथ ही साथ भोजन, नींद और आराम को भी त्यागना पड़ता है। वाकई यह किसी तपस्या से कम नहीं।

इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष रविंद्र राणा, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष कविता शाह मंडल अध्यक्ष सुमित पवार, शिवानी भट्ट, जयंत किशोर शर्मा, देवदत्त शर्मा, दीपक बिष्ट, शिव कुमार गौतम, विरेन्द्र रमोला, दिनेश सती, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष निर्मला उनियाल, माधवी गुप्ता, नितिन सकसेना, राजू नरसिम्हा, बृजेश शर्मा, प्रदीप कोहली, शम्भू पासवान, राम कुमार संगर, मानवेन्द्र कंडारी, नंद किशोर जाटव, सुरेंद्र कक्कड़, सोनू पांडेय, सुधा असवाल, पुनिता भंडारी, आशा शुक्ला, चंदू यादव, रूपेश गुप्ता, सुजीत यादव, अखिलेश मित्तल, विनोद भट्ट, आशीष अग्रवाल, अनामिका अग्रवाल आदि सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कृषि, मत्स्य पालन, हॉर्टिकल्चर, डेरी से सम्बन्धित स्टार्टअप को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएः सीएस


मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड वेंचर फण्ड के तहत चयनित किए जाने वाले ऐसे अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फण्ड (एआईएफ) को वरीयता देने के निर्देश दिए हैं जिनके माध्यम से उत्तराखण्ड की आर्थिकी पर ठोस सकारात्मक प्रभाव दिखे तथा राज्य में रोजगार सृजन, तकनीकी सांझेदारी तथा पूंजीगत निवेश को प्रोत्साहन मिले। सीएस ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखण्ड स्टार्टअप पॉलिसी 2023 की थीम पर चलने वाले अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फण्ड को ही निवेश हेतु चयनित किया जाना चाहिए। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फण्ड को प्राथमिकता दी जाए जो राज्य के मुख्य फोकस सेक्टर तथा उभरती हुई तकनीक में निवेश में रूचि रखते हो।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने 200 करोड़ के उत्तराखण्ड वेंचर फण्ड के तहत राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि, मत्स्य पालन, हॉर्टीकल्चर, डेरी से सम्बन्धित स्टार्टअप को स्थापित करने में सहायता के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सोशल वेंचर के तहत अधिकाधिक महिला स्वयं सहायता समूहों व महिलाओं को स्थानीय उत्पादों विशेषरूप से स्थानीय मिलेट्स के उत्पादन व प्रसंस्करण के माध्यम से स्टार्टअप स्थापित करने में सहायता के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने पिरूल के उपयोग पर आधारित स्टार्टअप को भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग को भी इस कार्य से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड वेंचर फण्ड के तहत सार्वजनिक निधि का लाभ उठाते हुए राज्य के स्टार्टअप ईकोसिस्टम में निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उत्तराखण्ड की आर्थिकी को फायदा पहुंचाने वाले स्टार्टअप को विकास निधि या वेंचर ऋण प्रदान करने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि उत्तराखण्ड के युवाओं को अपने स्टार्टअप को पंजीकृत कराने हेतु प्रोत्साहित किया जाए।
विदित है कि 200 करोड़ रूपये के उत्तराखण्ड वेंचर फण्ड में आईआईटी रूड़की तथा आईआईएम काशीपुर मुख्य ईकोसिस्टम पार्टनर हैं। उत्तराखण्ड वेंचर फण्ड के तहत उत्तराखण्ड के स्टार्टअप ईकोसिस्टम में निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहित करना, उत्तराखण्ड के युवाओं को अपने स्टार्टअप पंजीकृत करवाने हेतु प्रोत्साहित करना तथा उत्तराखण्ड में सकारात्मक आर्थिकी एवं सामाजिक प्रभाव सृजित करना मुख्य उद्देश्य है। उत्तराखण्ड स्टार्टअप नीति 2023 के तहत राज्य को अगले 5 वर्षों में सभी ईकोसिस्टम प्लेयर्स के लिए स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में अभी तक कुल 1092 स्टार्टअप, 13 राज्य मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर्स व 200 से अधिक पंजीकृत मेन्टर्स हैं। देहरादून जिले में सर्वाधिक 549 स्टार्टअप व 7 इन्क्यूबेटर्स, हरिद्वार में 200 स्टार्टअप एव उधमसिंह नगर में 112 स्टार्टअप हैं। उत्तराखण्ड राज्य वर्ष 2022 में एसआरएफ 21 रैंकिंग में एस्पायरिंग स्टेट से लीडिंग स्टेट की श्रेणी में आ गया था तथा राज्य वर्ष 2023 में 200 करोड़ के वेंचर फण्ड स्थापित करने व यू हब इनोवेशन सेन्टर घोषित होने के बाद अपने लीडर रैंक की श्रेणी को बनाए रखने में सफल रहा।
गुरूवार को सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड वेंचर फण्ड के संचालन से सम्बन्धित दिशा निर्देशों के सम्बन्ध में बैठक ली।
बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव रोहित मीणा, मनुज गोयल व उद्योग विभाग के सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

वीर सपूत के बलिदान को याद कर भावुक हुए मंत्री अग्रवाल

जम्मू के कठुआ में शहीद हुए भानियावाला के जवान विनोद सिंह का अंतिम सस्कार गंगा तट स्थित पूर्णानंद घाट पर राजकीय सम्मान के साथ किया गया। राज्य सरकार की ओर से क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने शहीद को अंतिम सलामी देकर पुष्पांजलि अर्पित की। अपने वीर सपूत के बलिदान को याद कर डॉ अग्रवाल भावुक नज़र आए। इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने भी शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए अत्यंत पीड़ा का क्षण है क्योंकि हमने भाई और बेटा भी खोया है। हमारे रणबाँकुरों ने उत्तराखण्ड की समृद्ध सैन्य परंपरा का पालन करते हुए माँ भारती के चरणों में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि माँ भारती की रक्षा करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध हमारे वीर जवानों का यह सर्वाेच्च बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। इस कायरतापूर्ण हमले के दोषी, मानवता के दुश्मन आतंकवादी किसी भी क़ीमत पर बख्शे नहीं जाएँगे और इनको पनाह देने वाले लोगों को भी इसके परिणाम भुगतने होंगे। सैन्यभूमि उत्तराखण्ड वीर सैनिकों को जन्म देने वाली भूमि है। यहां के जवानों ने सदैव माँ भारती की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देकर अपने राष्ट्रधर्म का निर्वहन किया है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि हमारे शहीद जवानों का नाम भारत हमेशा याद रखेगा। संपूर्ण राज्य को अपने बेटों व भाइयों पर गर्व हैं। पांचों वीर जवान हमारे परिवार के सदस्य हैं। इस दुख की घड़ी में संपूर्ण देश व प्रदेश शहीदों के परिजनों के साथ खड़ा है।

शहीद विनोद सिंह की अंतिम यात्रा में कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, जिला अध्यक्ष ऋषिकेश रविन्द्र राणा, एसपी देहात देहरादून लोकजित सिंह, एडीएम जय भारत, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, उप जिलाधिकारी नरेंद्र नगर देवेंद्र नेगी, पूर्व विधायक धन सिंह नेगी, निवर्तमान पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी, पूर्व मंडी समिति अध्यक्ष विनोद कुकरेती, देवेश उनियाल सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग, शहीद के परिजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर कांवड़ यात्रा व्यवस्थाओं के लिए स्वीकृत हुई तीन करोड़ की धनराशि

आगामी कांवड़ यात्रा 2024 को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन द्वारा तीन करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, यह धनराशि कांवड यात्रा 2024 की विभिन्न व्यवस्थाओं हेतु विभागों की माँग के सापेक्ष स्वीकृत कर जिलाधिकारी हरिद्वार को उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री द्वारा कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए पूर्व से आयोजित समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को दिए गए थे।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए थे कि गत वर्ष की कांवड़ यात्रा में आये शिव भक्तों की संख्या एवं व्यवस्थाओं के दृष्टिगत इस वर्ष कांवड़ यात्रा में सम्मिलित होने वाले श्रद्धालुओं को दी जाने वाली आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए साथ ही इस दौरान शांति एवं क़ानून व्यवस्था एवं यातायात प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश उनके द्वारा दिए गए हैं।

इस संबंध में अपर सचिव शहरी विकास नितिन भदोरिया द्वारा जिलाधिकारी हरिद्वार को संबोधित शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि कांवड़ मेला-2024 की व्यवस्थाओं हेतु विभिन्न विभागों से प्राप्त धनराशि की माँग के सापेक्ष अपने स्तर से समीक्षा करते हुए अत्यंत आवश्यक कार्यों का चयन कर धनराशि वित्तीय नियमों के अंतर्गत ही व्यय की जाए। यदि नियमानुसार किसी निर्माण कार्य आदि के आगणन के सापेक्ष शासन की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति पृथक से प्राप्त किया जाना आवश्यक है, तो उसका प्रस्ताव शासन को पृथक से उपलब्ध कराया जाएगा।

सीएम ने दी दिवंगत विधायिका को अंतिम श्रद्धांजलि, निधन पर जताया दुःख

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बलबीर रोड, स्थित भाजपा कार्यालय में केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने विधायक शैलारानी रावत के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका निधन पूरे प्रदेश एवं पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। वे अपनी विधानसभा की जन समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहती थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शैलारानी रावत केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा समर्पित भाव से कार्य करती थी और जनता की समस्याओं को सरकार एवं शासन स्तर पर प्राथमिकता से रख कर उनका समाधान करवाती थी। उन्होंने हमेशा समाज के अंतिम छोर में खड़े लोगों की आवाज को उठाने और समाधान की ओर ले जाने का कार्य किया। उनका सरल, सहज एवं मृदुभाषी व्यक्तित्व था।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने एवं शोक संतप्त परिजनों और शुभचिंतकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। उन्होंने कहा कि शैलारानी रावत की कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा के प्रति समर्पण भाव को सदैव याद रखा जायेगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्या, सौरभ बहुगुणा, सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत, विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजान दास, रेनू बिष्ट, सुरेश सिंह चौहान एवं पार्टी पदाधिकारियों ने शैलारानी रावत को श्रद्धांजलि दी।

दिल्ली में बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे शिवभक्त, सीएम धामी ने किया शिलान्यास


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली स्थित बुराड़ी, हिरंकी में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए श्री केदारनाथ मंदिर ( दिल्ली ) का भूमि-पूजन कर मंदिर का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में बाबा केदार के मंदिर के निर्माण से सभी शिव भक्तों की मनोकामना पूर्ण होगी। बुराड़ी क्षेत्र का जिक्र हमारे पौराणिक ग्रंथों में मिलता है। इस क्षेत्र का संबद्ध महाभारत काल से भी है। बुराड़ी की पावन धरती में उत्तराखण्ड और सनातन संस्कृति के मूल परिचायक बाबा केदारनाथ का धाम हमारी संस्कृति और आस्था का आधुनिक प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि इस मंदिर से शिव भक्तों और सनातन संस्कृति की आस्था को बल मिलेगा। यह मंदिर श्रद्धा को जीवन, मानव को महादेव, समाज को अध्यात्म, और वर्तमान पीढ़ी को प्राचीन संस्कृति से जोड़ने का कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण विश्व में सनातन संस्कृति की ध्वजा फैल रही है। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में उज्जैन में महाकाल लोक का निर्माण, भव्य काशी कॉरिडोर का निर्माण, अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर का निर्माण हुआ है, इसके अतिरिक्त श्री केदारनाथ एवं श्री बदरीनाथ का पुनर्निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि यह कालखंड भारत की सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान का कालखंड है। आज विदेशों से आने वाले मेहमानों का स्वागत श्रीमद् भगवत गीता भेंट करके होता है।

सचिवालय में नागरिक सेना संपर्क कांफ्रेस का हुआ आयोजन


मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में नागरिक सेना सम्पर्क कॉन्फ्रेस का आयोजन हुआ। बैठक में राज्य एवं सेना के मध्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। राज्य में वाइब्रेंट विलेज योजना की प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार विमर्श किया गया। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि भारत सरकार के वाइब्रेंट विलेज तथा विकसित भारत मिशन के कार्याे को पूरा करने हेतु राज्य एवं सेना के प्रभावी समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इस दिशा में राज्य एवं सेना को समन्वित प्रयासों करने हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव सचिन कुर्वे, सब एरिया कमाण्डर तथा जिलाधिकारी पिथौरागढ़, नैनीताल, पौड़ी व चंपावत वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में नागरिक सेना सम्पर्क कॉन्फ्रेस का आयोजन हुआ। बैठक में राज्य एवं सेना के मध्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। राज्य में वाइब्रेंट विलेज योजना की प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार विमर्श किया गया। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि भारत सरकार के वाइब्रेंट विलेज तथा विकसित भारत मिशन के कार्याे को पूरा करने हेतु राज्य एवं सेना के प्रभावी समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इस दिशा में राज्य एवं सेना को समन्वित प्रयासों करने हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि जनपद पिथौरागढ़ के सीमांत गांव गुंजी में पर्यटन विभाग द्वारा शिवधाम का निर्माण किया जाएगा।