परीक्षा में नकल करते पाए जाने पर कोई सख्त कार्यवाहीः राधा रतूड़ी

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि 14 जुलाई 2024 को प्रस्तावित उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल/ प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2024 के सफल एवं शुचितापूर्ण आयोजन हेतु इस संबंध में जारी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि 14 जुलाई 2024 को प्रस्तावित उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2024 में तैनात समस्त अधिकारियों एवं जिले के सभी परीक्षा केन्द्रों के केन्द्र पर्यवेक्षकों की परीक्षा से 02 दिन पूर्व ब्रीफिंग समस्त जिलाधिकारियों/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों की अध्यक्षता में आहूत की जाये जिसमें सभी केन्द्र व्यवस्थापक अनिवार्य रूप से भाग लें। बैठक में केन्द्र पर्यवेक्षकों/व्यवस्थापकों को परीक्षा की शुचिता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित किये जाने हेतु वांछित उपाय सख्ती से बरतने के निर्देश जारी किये जायें।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परीक्षा प्रक्रिया के निर्देशों के अनुसार कार्यवाही किये जाने हेतु केन्द्र पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया जाये कि वह सभी कक्ष निरीक्षकों, सचल दल एवं तैनात अन्य समस्त कार्मिकों को अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा के साथ अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु सचेत करेंगे। परीक्षा के दौरान परीक्षा से सम्बद्ध किसी भी स्तर पर शिथिलता परिलक्षित होने पर इसे अत्यन्त गम्भीरता से लिया जायेगा तदनुरूप कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षा से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं की जानकारी सभी उपलब्ध माध्यमों से जिले भर में प्रसारित की जाये, ताकि अवांछित तत्वों में प्रशासन की मुस्तैदी का प्रभाव बना रहे। जनपदों के सभी परीक्षा केन्द्रों का संवेदनशीलता के आधार पर वर्गीकरण करते हुये परीक्षा तिथि को इनमें सैक्टर मजिस्ट्रेट तथा फ्लाइंग स्क्वाड अतिरिक्त पुलिस बल/अभिसूचना कार्मिक तैनात किये जायें। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि दूरस्थ एवं संवेदनशील केन्द्रों में पृथक से डेडिकेटेड सैक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा सतत निगरानी की जायेगी। केन्द्रों में संबंधित सैक्टर मजिस्ट्रेट प्रश्नपत्रों, परीक्षा सामग्री का प्रति पाली पृथक-पृथक संकलित करते हुए पृथक से जमा करेंगे। परीक्षा तिथि के पूर्व से ही स्थानीय अभिसूचना इकाईयाँ/एजेंसीज सक्रिय बनी रहें। संज्ञान में आया है कि जनपदों में परीक्षाओं के संचालन में तैनात कतिपय सैक्टर मजिस्ट्रेट केवल गोपनीय सामग्री को परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचाने व वापस संबंधित डाकघर तक लाने में ही व्यस्त रहते हैं। अतः परीक्षा केन्द्रों पर व्यापक पर्यवेक्षण की आवश्यकता के दृष्टिगत अन्य जनपदीय अधिकारियों को भी उक्त कार्य हेतु तैनात किया जाये तथा जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी परीक्षा अवधि में विभिन्न परीक्षा केन्द्रों का आवश्यक रूप से भ्रमण एवं निगरानी करना सुनिश्चित करें। वर्षाकालीन मौसम के दृष्टिगत आवागमन सुचारू बनाए रखने हेतु अवरूद्ध मार्गों को तत्परता से खोलने हेतु सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए।

म्येरू पहाड़ फाउण्डेशन ने मुख्यमंत्री को किया सम्मानित


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का डीपीएमआई सभागार न्यू अशोक नगर नई दिल्ली में म्येरू पहाड़ फाउण्डेशन द्वारा उत्तराखण्ड में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता विधेयक विधान सभा से पारित होने पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में बडी संख्या में बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों एवं अन्य गणमान्य लोगों द्वारा प्रतिभाग किया गया। उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू किये जाने के लिये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सभी ने प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने राज्य विधान सभा में नागरिक संहिता विधेयक पास होने के पीछे उत्तराखण्ड की जनता का आशीर्वाद बताते हुये कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह कानून मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने इसके लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्र सरकार तथा प्रदेश की देवतुल्य जनता का भी आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर एवं पं. दीन दयाल उपाध्याय को नमन करते हुए कहा कि देश में सभी के लिये सभी के लिये समान कानून लागू करने का हमारा संकल्प रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने समान नागरिक संहिता पर देवभूमि की सवा करोड़ जनता से किये गए अपने वादे को निभाया है। हमने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की जनता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ’’एक भारत और श्रेष्ठ भारत’’ मन्त्र को साकार करने के लिए उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लाने का वादा किया था। प्रदेश की देवतुल्य जनता ने हमें इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अपना आशीर्वाद देकर पुनः सरकार बनाने का मौका दिया। सरकार गठन के तुरंत बाद, जनता जर्नादन के आदेश को सिर माथे पर रखते हुए हमने अपनी पहली कैबिनेट की बैठक में ही समान नागरिक संहिता बनाने के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन का निर्णय लिया और 27 मई 2022 को उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति गठित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिये 43 जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किये जाने पर समिति को विभिन्न माध्यमों से लगभग 2.33 लाख सुझाव प्राप्त हुए। प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर समिति ने उनका रिकॉर्ड समय में विश्लेषण कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट 02 फरवरी 2024 को सरकार को सौंपी तथा 7 फरवरी को विधान सभा द्वारा पारित कर 11 जुलाई को राष्ट्रपति महोदया द्वारा इसे स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि इसकी नियमावली बनाने के लिये समिति का गठन किया गया है। समिति की रिपोर्ट प्राप्त होते ही इस वर्ष अक्टूबर तक इसे प्रदेश में लागू कर दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से इस देवभूमि से निकलने वाली मां गंगा अपने किनारे बसे सभी प्राणियों को बिना भेदभाव के अभिसिंचित करती है उसी प्रकार राज्य विधान सभा से पारित समान नागरिक संहिता के रूप में निकलने वाली समान अधिकारों की संहिता रूपी ये गंगा हमारे सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून की बात संविधान स्वयं करता है, क्योंकि हमारा संविधान एक पंथनिरपेक्ष संविधान है। यह एक आदर्श धारणा है, जो हमारे समाज की विषमताओं को दूर करके, हमारे सामाजिक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि माँ गंगा-यमुना का यह प्रदेश, भगवान बद्री विशाल, बाबा केदार, आदि कैलाश, ऋषि-मुनियों-तपस्वियों, वीर बलिदानियों की इस पावन धरती ने एक आदर्श स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 44 में उल्लिखित होने के बावजूद अब तक इसे दबाये रखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता समाज के विभिन्न वर्गों, विशेष रूप से माताओं-बहनों और बेटियों के साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचारों को रोका जाए। हमारी माताओं-बहन-बेटियों के साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त किया जाए। हमारी आधी आबादी को सच्चे अर्थों में बराबरी का दर्जा देकर हमारी मातृशक्ति को संपूर्ण न्याय दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में बीते दश वर्षों में शक्तिशाली समाज एवं देश के विकास में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। विकसित भारत का सपना देखने के साथ भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उनके नेतृत्व में यह देश तीन तलाक और धारा-370 जैसी ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने के पथ पर अग्रसर है। उनके नेतृत्व में सैंकड़ों वर्षों के बाद अयोध्या में रामलला अपने जन्मस्थान पर विराजमान हुए हैं, और मातृशक्ति को सशक्त करने के लिए विधायिका में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता में लिव इन संबंधों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करते हुए कहा कि एक वयस्क पुरुष जो 21 वर्ष या अधिक का हो और वयस्क महिला जो 18 वर्ष या उससे अधिक की हो, वे तभी लिव इन रिलेशनशिप में रह सकेंगे, जब वो पहले से विवाहित या किसी अन्य के साथ लिव इन रिलेशनशिप में न हों और कानूनन प्रतिबंधित संबंधों की श्रेणी में न आते हों। लिव-इन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को लिव-इन में रहने हेतु केवल पंजीकरण कराना होगा जिससे भविष्य में हो सकने वाले किसी भी प्रकार के विवाद या अपराध को रोका जा सके।

मुख्यमंत्री ने दो दिन पहले जम्मू कश्मीर में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीर भूमि भी है। यहां लगभग हर परिवार से कोई न कोई सेना, अर्द्ध सैन्य आदि बलों से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य देश दुनिया के लोगों को आकर्षित का केंद्र रहा है। देवभूमि उत्तराख्ण्ड के मूल स्वरूप को बनाये रखने के लिये राज्य में हमने जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कानून बनाया गया है। हमारी सरकार लैंड जिहाद को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार कार्यवाही कर रही है। अब तक 5 हजार हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया है। दंगा करने वाले दंगाइयों से ही सारे नुकसान की भरपाई का नियम लागू किया गया है। हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान, संतुष्टि के साथ-साथ विकल्प रहित संकल्प की मूल भावना को साकार करने की दिशा में अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का अभाव था, परन्तु हमने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने का कार्य किया तथा राज्य में देश के सबसे कठोर “नकल विरोधी कानून बनने के बाद पारदर्शिता के साथ ही अब समयबद्ध तरीके से परीक्षाएं संपन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि यह नकल विरोधी कानून का ही प्रतिफल है कि हम हर रोज अलग अलग विभागों में योग्य युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उन्हें रोजगार देने का कार्य कर रहे हैं। अब तक 15 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शिता के साथ सरकार नौकरी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर आगे बढ़ कर जनहित के कार्य किए जा रहे हैं। आज उत्तराखंड विकास और विश्वास के अभूतपूर्व माहौल में, जन आकांक्षाओं को पूरा करते हुए आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सम्मान उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता का सम्मान है।

म्येरू पहाड फाउण्डेशन के अध्यक्ष प्रो. दयाल सिंह पंवार, एडवोकेट सतीश टम्टा, पूर्व आईएएस कुलानंद जोशी, देवेन्द्र जोशी आदि ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, प्रो ललिता गांधी, डॉ धर्मा रावत आदि उपस्थित थे।

वीर सपूतों के बलिदान को याद कर भावुक हुए मुख्यमंत्री

जम्मू के कठुआ में शहीद हुए उत्तराखंड के पांच जवानों के पार्थिव शरीर जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांचों शाहिद जवानों के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर संपूर्ण राज्य की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने वीर सपूतों के बलिदान को याद कर मुख्यमंत्री भावुक नज़र आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए अत्यंत पीड़ा का क्षण है क्योंकि हमने भाई और बेटा भी खोया है। हमारे रणबाँकुरों ने उत्तराखण्ड की समृद्ध सैन्य परंपरा का पालन करते हुए माँ भारती के चरणों में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ भारती की रक्षा करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध हमारे वीर जवानों का यह सर्वाेच्च बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। इस कायरतापूर्ण हमले के दोषी, मानवता के दुश्मन आतंकवादी किसी भी क़ीमत पर बख्शे नहीं जाएँगे और इनको पनाह देने वाले लोगों को भी इसके परिणाम भुगतने होंगे। सैन्यभूमि उत्तराखण्ड वीर सैनिकों को जन्म देने वाली भूमि है। यहां के जवानों ने सदैव माँ भारती की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देकर अपने राष्ट्र धर्म का निर्वहन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहीद जवानों का नाम भारत हमेशा याद रखेगा। संपूर्ण राज्य को अपने बेटों व भाइयों पर गर्व हैं। पांचों वीर जवान हमारे परिवार के सदस्य हैं। इस दुख की घड़ी में संपूर्ण देश व प्रदेश शहीदों के परिजनों के साथ खड़ा है।

इस अवसर पर सांसद त्रिवेंद्र रावत, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक बृजभूषण गैरोला, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव दीपेंद्र चौधरी, जिला अधिकारी सोनिका, मेजर जनरल आर. प्रेम राज, ब्रिगेडियर संजोग नेगी, कर्नल साकेत उनियाल, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

खटीमा में अतिवृष्टि से हुए जलभराव का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम, हर संभव सहायता का दिया आश्वासन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा क्षेत्र में गत दिवस अतिवृष्टि से हुए जलभराव क्षेत्र चकरपुर, अमाऊं, खटीमा बाजार, रेलवे क्रासिंग, आवास विकास, पकड़िया आदि क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों से वार्ता कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के साथ है, बाढ़ आपदा प्रभावित परिवारों को हर संभव त्वरित सहायता दी जायेगी। उन्होंने मौके पर जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों को जनता के सभी प्रकार के हुए नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रभावितों के रहने-खाने व दवाओं की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही आपदा के कारण हुए फसलों की हुई क्षति का आंकलन करते हुए पीड़ितों को मुआवजा जल्द से जल्द वितरित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बाढ़, जल भराव प्रभावित क्षेत्र आमऊं वार्ड नं 7, पूर्णागिरी कालोनी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर पालिका खटीमा को जल भराव क्षेत्रों को सही करने व कालोनी मार्ग को ठीक कराने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बाजार होते हुए आवास विकास, पकड़िया क्षेत्र में टूटी सड़कों व नालों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आपदा से हुए परिसंपत्तियों का शीघ्र-अतिशीघ्र सर्वे आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए व जनता से वार्तालाप कर उनकी समस्याएं भी जानी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि किसी भी आपदा को रोका नहीं जा सकता किंतु इसके होने वाले प्रभावों को न्यून करना हम सबका दायित्व है। इसके लिए सभी अधिकारी अपने अपने क्षेत्रों में निगरानी बनाएं रखे और निरंतर मॉनिटरिंग करें। किसी भी क्षेत्र से सूचना प्राप्त होते ही तत्काल टीम को भेजकर यथासंभव राहत बचाव कार्य शुरू करे। इस प्रकार का मेकेनिज्म हो कि प्रभावितों को मौके पर ही राहत सामग्री और राशि दी जाए। आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविरों का संचालन हो इसके लिए स्थानों को चिन्हित कर लिया जाए। हमारा प्रयास होना चाहिए कि यथा शीघ्र आम जन के जीवन को सामान्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जनपद के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी, सांसद अजय भट्ट, अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मंडलायुक्त दीपक रावत, डीआईजी डा. योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी उदय राज सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा मंजुनाथ टीसी सहित विभागीय अधिकारियों के साथ चकरपुर क्षेत्र व वनखंडी महादेव मन्दिर परिसर से संचालित अस्थाई राहत शिविर का निरीक्षण किया व राहत शिविर में विस्थापित लोगों से वार्ता की व बाढ़ जलभराव से हुए नुकसान व उत्पन्न समस्याओं के निस्तारण के निर्देश मौके पर अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में मौजूद लोगों को भोजन वितरित किया तथा उन्हें मिल रहे भोजन के गुणवत्ता की जानकारी ली। पीड़ितों ने बताया कि गत दिवस से राहत शिविर में शुद्ध-ताजा भोजन व शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, साथ ही चाय व बच्चों को दूध भी उपलब्ध कराया गया।
मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी ने बताया कि राहत कैम्प लगाए गए हैं, प्रभावितों को पका हुआ भोजन व पानी आदि उपलब्ध कराया जा रहा है साथ ही कच्चा फूड पैकेट भी वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अहेतुक सहायता राशि वितरित की जा रही है, मुआवजा राशि भी शीघ्र वितरित की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंडलायुक्त दीपक रावत ने तत्काल अधिकारियों की बैठक लेते हुए अधिकारियों को आपदा पीड़ितों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के साथ ही आपदा से हुए परिसंपत्तियों का आंकलन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

सीएम ने अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन कर मुआवजा राशि वितरित करने के दिये निर्देश।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर, बनबसा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय एवं हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावितों से मिलकर उनकी समस्यायें सुनी। मुख्यमंत्री ने आयुक्त कुमाऊं तथा जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि जनपद में अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन कर पीड़ितों को मुआवजा धनराशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए। विगत दिनों में हुई भारी बारिश के चलते जनपद चंपावत में हुए नुकसान के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में जलभराव से हुए नुकसान व प्रभावितों से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी टनकपुर व बनबसा पहुंचे और अधिकारियों से हुए नुकसान की जानकारी लीं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी व अधिकारियों से आपदा के कारण हुए क्षति, नुकसान की जानकारी ली और आश्वस्त किया की भारी बारिश के कारण प्रभावित लोगों को जो भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई सरकार द्वारा की जायेगी, उन्होंने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत एवं जिलाधिकारी नवनीत पांडे को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि तत्काल प्रभावितों को सहायता राशि वितरित करने के साथ ही रिस्टोरेशन के कार्य तत्परता से किया जाए। स्थलीय भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने सैलानीगोठ, शारदा घाट पहुंचकर जल भराव के साथ ही अन्य प्रकार से प्रभावित लोगों से वार्ता कर भरोसा दिलाया कि सरकार इस आपदा की घड़ी में प्रभावित लोगों की सहायता हेतु प्रतिबद्ध है। शारदा घाट में स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री को बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा किए गए कार्यों के कारण क्षेत्र में नुकसान कम हुआ है तथा मांग की कि इसी प्रकार के बाढ़ सुरक्षा के कार्य अन्य स्थानों में भी कराए जाय। इस दौरान मुख्यमंत्री ने टनकपुर, बनबसा क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया,तत्पश्चात अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र ही बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों, परिवारों को हुई क्षति व नुकसान की जानकारी लेते हुए प्रभावितों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर कहा कि इस संकट में सरकार प्रभावित लोगों को हर सम्भव मदद पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और सरकार लोगों को हुए नुकसान की भरपाई करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि भारी बारिश के चलते जनपद में हुए सरकारी परिसम्पत्तियों का आंकलन शीघ्र तैयार कर उसके भरपाई हेतु प्रस्ताव अविलम्ब तैयार कर शासन को भेजें, ताकि सरकारी परिसम्पत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई शीघ्र की जा सकें। उन्होंने टनकपुर, बनबसा मैदानी क्षेत्रों में जहा-जहा जल भराव हुआ है वहा से पानी की निकासी की तत्काल व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने बताया कि टनकपुर, बनबसा क्षेंत्रों में जो ड्रेनेज की समस्या के स्थाई समाधान हेतु धनराशि अवमुक्त कर दी जायेगी, जिससे यहा के लोगों को ड्रेनेज की समस्या से निजात मिल जायेगा। उन्होंने सिचाई विभाग को किरोड़ा नाला के डाईवर्जन के लिए बृहद कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये, ताकि किरोड़ा नाला का पानी आबादी क्षेत्र में ना जाये और लोगों को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो। उन्होंने सड़कों पर आये मलवा, बोल्डर आदि के निस्तारण की कार्यवाही तुरन्त करने के निर्देश सड़क निर्माण विभागों के अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा किरोड़ा पुल से लेकर बाटनगाढ़ तक यदि मलवे आदि के कारण मार्ग अवरूद्ध हो तो उसके तत्काल खोलने की कार्यवाही करें ताकि मॉ पूर्णागिरि के दर्शन हेतु आये श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।

जिलाधिकारी नवनीत पाण्डे ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि भारी बारिश के दौरान सोमवार तक जनपद में 01 जनहानि, 17 गाय तथा 43 बकरियों की हानि हुई है, 02 भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त तथा 42 भवन आंशिक क्षतिग्रस्त हुए। उन्होंने बताया कि टनकपुर, बनबसा क्षेत्र में जलभराव से प्रभावित परिवारों को राहत शिविर एवं उनके रिश्तेदारों के यहां पहुंचाया गया है।

इस दौरान, आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत डीआईजी योगेंद्र रावत, जिलाधिकारी नवनीत पांडे, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, सीडीओ संजय कुमार सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण आदि मौजूद रहे।

हल्द्वानी में गौला नदी से हुए भू कटाव का सीएम ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में गौला नदी से हुए भू-कटाव का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग को गौला नदी के 500 मीटर भाग में चौनलाइजेशन, वायर क्रेट और सुरक्षात्मक कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी नैनीताल को निर्देश दिये कि हल्द्वानी स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को भू-कटाव से बचाव के लिए सुरक्षात्मक उपायों के लिए ठोस नीति बनाकर कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए शासन स्तर जो भी वित्तीय स्वीकृति के लिए आवश्यकता होगी, शीघ्र उपलब्ध कराई जायेगी। मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिये कि निर्माण कार्यों में सुनियोजित विकास के नाम पर हो रहे निर्माण से किसी अन्य भौगोलिक, प्राकृतिक संरचना को कोई खतरा न हो, इसके लिए निकासी योजना को प्राथमिकता देते हुए योजना का क्रियान्वयन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि मानसून सीजन में आपदा प्रबंधन की दृष्टि से सभी अधिकारी 24 घण्टे अलर्ट मोड पर रहें। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से होने वाले प्रभावों को न्यून करना हम सबका दायित्व है, इसके लिए सभी विभाग अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में निरंतर पेयजल, विद्युत, सड़क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग करें। किसी भी क्षेत्र में अतिवृष्टि की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल टीम को भेजकर यथासंभव राहत बचाव कार्य किये जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रभावितों को मौके पर ही राहत सामग्री और अनुमन्य राशि दी जा सके।

जिलाधिकारी नैनीताल वंदना सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा दीर्घालिक कार्यों के लिए 200 मीटर के भू कटाव से रोकथाम की 02 करोड़ 60 लाख लागत की डीपीआर शासन को भेजी गई है, जो कि स्वीकृति के चरण पर है। अतिवृष्टि के कारण अब लगभग कुल 600 मीटर का भू कटाव हो गया। अतिरिक्त 400 मीटर भाग की डीपीआर शीघ्र तैयार कर शासन को भेजी जा रही है।

इस अवसर पर विधायक डा. मोहन सिंह बिष्ट, कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड मंडी के अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी एन मीणा एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

टिहरी के भिलंगना ब्लॉक का सुनार गांव तथा कैमरिया सौंण गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित होगाः राधा रतूड़ी


मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में आज प्रवासी उत्तराखण्ड प्रकोष्ठ की पहल के तहत प्रवासी उत्तराखण्डवासियों द्वारा अपने गांव गोद लेने की योजना की समीक्षा की। आज की बैठक में चीन में निवासरत प्रवासी उत्तराखण्डी देव रतूड़ी (चीन में अभिनेता व होटल व्यवसायी) द्वारा जनपद टिहरी के भिलंगना ब्लॉक के सुनारगांव तथा कैमरिया सौंण गांव को गोद लेने पर सहमति दी गई है। विदित है कि गत 05 मार्च को मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा 16 देशों में निवासरत प्रवासी उत्तराखण्डवासियों के साथ वर्चुअल सेमिनार के माध्यम से राज्य के विकास में प्रवासियों के योगदान पर विस्तृत चर्चा की गई थी। इस सेमिनार में मुख्यमंत्री द्वारा सम्पन्न प्रवासी उत्तराखण्डवासियों से उत्तराखण्ड के दुर्गम क्षेत्रों के गांवों को गोद लेकर उनके विकास में योगदान देने का आह्वाहन किया गया था। इसी क्रम में सबसे पहले चीन में रहने वाले लोकप्रिय होटल व्यवसायी व अभिनेता श्री देव रतूड़ी ने टिहरी में अपने पैतृक गांव कैमरिया सौंण एवं सुनारगांव को गोद लेने पर सहमति दी है।

देव रतूड़ी ने इन गांवों के शिक्षा से वंचित बच्चों की शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता एवं बेराजगार युवाओं को चीन में हॉस्पिटेलिटी से सम्बन्धित रोजगार के अवसर देने की इच्छा व्यक्त की है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारी टिहरी को गांव कैमरिया सौंण एवं सुनारगांव को मॉडल गांव के ग्राम के रूप में विकसित करने हेतु बनाई गई कार्ययोजना पर श्री देव रतूड़ी के साथ मिलकर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने उत्तराखण्डी प्रवासियों द्वारा गोद लिए जाने वाले गांवों में सरकारी योजनाओं तथा व्यक्तिगत प्रयासों के प्रभावी समन्वय पर विशेष जोर दिया है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इन गांवों में निर्माण कार्याे के अपेक्षा आर्थिक विकास, मानव संसाधन विकास, प्रशिक्षण, होम स्टे, ऑगेनिक फार्मिंग, स्थानीय उत्पादों एवं मिलेट्स की खेती पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
टिहरी के कैमरिया सौंण एवं सुनारगांव को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने के सम्बन्ध में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारी को इन गांवों को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने इन गांवों में शत् प्रतिशत सोलर पैनल कवरेज करने, होम स्टे विकसित करने, शत् प्रतिशत साक्षरता हेतु कैम्पेन चलाकर बुर्जगों को भी शिक्षित करने, गांव की खाली जमीन पर मंडुआ, झंगौरा जैसे स्थानीय मिलेट्स की खेती करने, गांवों की सामूहिक संवाद की परम्परा को प्रोत्साहित करने हेतु पंचायत घर में समय-समय पर सामूहिक भोज आयोजित करने तथा गांव में ही आजीविका के अवसर बनाकर पलायन रोकने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारी को कैमरिया सौंण एवं सुनारगांव को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने के सम्बन्ध में तत्काल एक टीम गठित कर इन गांवों में भेजने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि कैमरिया सौंण एवं सुनारगांव को मॉडल गांव बनाने की कार्ययोजना का क्रियान्वयन जल्द से जल्द पूरा करना है, ताकि सभी प्रवासी उत्तराखण्डवासियों को अपने अपने गांवों को गोद लेकर उनके विकास में योगदान की प्रेरणा मिल सके।
बैठक में सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, प्रवासी उत्तराखंड प्रकोष्ठ से सुधीर नौटियाल, देव रतूड़ी, ग्राम प्रधान कैमरिया सौंण हरिभजन सिंह रावत तथा टिहरी जिला प्रशासन के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे।

पर्यटन विकास के सभी प्रोजेक्ट में स्थानीय आमजन की ओनरशिप एवं भागीदारी सुनिश्चित होः राधा रतूड़ी

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने टिहरी झील तथा इसके कैचमेंट एरिया के सम्पूर्ण विकास हेतु एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) की गाइडलाइन्स के अनुसार तैयार डीपीआर पर कार्य करने के साथ ही इस तरह के प्रोजेक्ट में सभी स्टेकहोल्डर्स विशेषकर स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उनके सुझाव लेने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने निर्देश दिए कि राज्य में संचालित पर्यटन विकास से सम्बन्धित सभी प्रोजेक्ट में स्थानीय आमजन की ऑनरशिप एवं भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने सभी प्रोजेक्ट में हितधारकों एवं स्थानीय लोगों के साथ विचार विमर्श करने व सुझाव लेने की संस्कृति अपनाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि पर्यटन विकास के सभी प्रोजेक्ट में पर्यावरणीय हितों का विशेष ध्यान रखा जाए। विशेषरूप से पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन विकास की गतिविधियों में सोलिड वेस्ट मेनेजमेंट को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्ग पर भी ठोस अवशिष्ट प्रबन्धन हेतु पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही श्रीमती राधा रतूड़ी ने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होम स्टे हेतु भी कूड़ा प्रबन्धन की व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने टूरिज्म एवं इकोलॉजी में संतुलन रखने की नीति का पालन करते हुए सभी टूरिज्म प्रोजेक्ट पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में पर्यटन के विकास से सम्बन्धित सभी प्रोजेक्ट का इस आधार पर मूल्यांकन किया जाए कि इससे कितने स्थानीय लोगों को रोजगार, विकास एवं कल्याण से सम्बन्धित लाभ पहुंचा है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सोमवार को सचिवालय में टिहरी झील विकास परियोजना पर सतत्, समावेशी तथा जलवायु अनुकूल पर्यटन विकास से सम्बन्धित द्वितीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) बैठक के दौरान निर्देश दिए हैं कि इस प्रोजेक्ट के तहत स्थानीय समुदायों को विकास का भागीदार बनाते हुए टिहरी को एक ब्राण्ड पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। सीएस ने निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट के तहत टिहरी शहर के ऐतिहासिक महत्व को पुनः स्थापित करने, पर्यटन की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, क्षेत्र में सत्त एवं रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म को प्रोत्साहित करने, पलायन रोकने, स्थानीय लोगों की आजीविका के अवसर बढ़ाने तथा क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को कम से कम 3 तीन दिन तक यहां रहने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि 1294 करोड़ रूपये लागत के एडीबी सहायता प्राप्त टिहरी लेक प्रोजेक्ट के तहत 52 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लगभग 103 गांवों की लगभग 96875 आबादी को लाभ पहुंचेगा। प्रोजेक्ट के तहत डोबरा चांटी, तिवार गांव, कोटी कॉलोनी, न्यू टिहरी, मदन नेगी तथा झील कलस्टर में विभिन्न पर्यटन सुविधाओं को विकास किया जाएगा।

बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

शिक्षा विभाग ने टोलफ्री नम्बर जारी कर तैनात किये नोडल अधिकारी


विद्यालयी शिक्षा विभाग ने बरसाती सीजन को देखते हुये समस्याओं के निवारण के लिये कंट्रोल रूम की स्थापना की है। इसके साथ ही विभाग ने टोलफ्री नम्बर भी जारी किया है। जिस पर छात्र-छात्राएं, अभिभावक व शिक्षक अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे। जन समस्याओं के निराकरण के लिये विभाग ने नोडल अधिकारियों की तैनाती भी सुनिश्ति कर दी है ताकि शिकायतों व समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने मानसून सीजन को देखते हुये कांट्रोल रूम की स्थापना की है, ताकि बरसात के दौरान समाने आने वाली विभिन्न समस्या से तत्काल निपटा जा सके। इसके अलावा विभाग ने शिकायतों व समस्याओं के निराकरण के लिये टोलफ्री नम्बर 18001804132 भी जारी किया है। जिस पर छात्र-छात्राएं, अभिभावक व शिक्षक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। टोलफ्री नम्बर पर दर्ज शिकायतों व समस्याओं के तत्काल निवारण के लिये विभाग ने नोडल अधिकारी, सह नोडल अधिकारी व 10 कम्प्यूटर ऑपरेटर की तैनाती की है। जिसमें अजीत भण्डारी, प्रद्युमन रावत, पल्लवी नैन, अंजुम फातिमा, एम.एम. जोशी को नोडल जबकि हरीश नेगी, नूतन, विजयलक्ष्मी, पूनम व मुकेश कुमेड़ी सह नोडल होंगे। ये सभी कार्मिक 8 जुलाई से 10 अगस्त 2024 तक कंट्रोल रूम में बैठकर टोलफ्री नम्बर पर दर्ज समस्याओं व शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लेकर विभागीय स्तर पर निवारण करेंगे। इस संबंध में विभागीय मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिये हैं। उन्होंने अधिकारियों को टोलफ्री नम्बर पर आने वाली प्रत्येक कॉल को रिसीव करने तथा प्रत्येक समस्या का समय पर समाधान करने को कहा। इसके साथ ही कांट्रोल रूम के सफल संचालन को प्रत्येक दो सप्ताह में समीक्षा करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियां को दिये हैं।

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मानसूनी सीजन में राजकीय विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों में व्यवधान उत्पन्न न हो इसके लिये शिक्षा विभाग में पहली बार कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। विभाग ने टोलफ्री नम्बर 18001804132 भी जारी किया है। जिस पर विद्यालयों से सम्बंधित शिकायत व समस्याएं दर्ज की जा सकेंगी। किसी भी समस्या का समय से समाधान करने के लिये कार्मिकों की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है।
– डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

सीएम ने जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 07 जुलाई 2024 रविवार को मौसम विभाग द्वारा राज्य के नौ जनपदों में भारी से बहुत भारी वर्षा के पूर्वानुमान को लेकर सभी संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से भी भारी बारिश के चलते संभावित आपदाओं के दृष्टिगत सावधानी बरतने तथा सुरक्षित स्थलों पर रहने की अपील की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन तथा आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़े अन्य अधिकारियों को यूएसडीएमए के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से सभी जनपदों की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में जैसे ही आपदा को लेकर कोई भी सूचना आए तो उस पर तुरंत कार्यवाही अमल में लाई जाए।

गौरतलब है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 07 जुलाई रविवार को अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत, नैनीताल, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर जनपद में अनेक जगह भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। इसके अलावा पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग जनपद में कहीं-कहीं बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश तथा कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने का पूर्वानुमान जताया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को प्रत्येक स्तर पर तत्परता एवं आम लोगों के जान-माल की सुरक्षा हेतु हर संभव एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में उससे प्रभावी तरीके से निपटा जाए। मार्ग बाधित होने पर तत्काल उसे खुलवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संभावित आपदा के दृष्टिगत सभी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद्य तथा मेडिकल टीम को हर स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को भी आपसी सामंजस्य बनाते हुए हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के आम जनमानस के लिए जारी अपनी संदेश में कहा है कि लोग अफवाहों पर कतई ध्यान न दें। जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। खतरे वाली जगहों पर न जाएं और बहुत जरूरी हो तभी आवागमन करें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आपदाओं से कम से कम जान-माल का नुकसान हो।

सरकार तथा विभिन्न विभागों के स्तर पर तैयारियां पूरी हैं और चुनौतीपूर्ण से चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने लिए सरकारी की पूरी तैयारी है। उन्होंने बच्चों, महिलाओं तथा बुजुर्गों से खास तौर पर एहतियात बरतने की अपील की है।