सितम्बर तक सभी आवश्यक व्यवस्थायें पूर्ण करने के दिये निर्देशः सीएम


उत्तराखण्ड में प्रस्तावित 38वें राष्ट्रीय खेल की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि राष्ट्रीय खेलों की सभी तैयारियां सितम्बर तक पूर्ण करते हुए इस आयोजन को 2024 में कराने के लिए भारतीय ओलंपिक संघ से अनुमति की प्रक्रिया जल्द पूर्ण की जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से राज्य को खेल, साहसिक पर्यटन और अपनी सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान दिलाने का सुनहरा अवसर होगा। यह सुनिश्चत किया जाए कि देशभर से आने वाले खिलाड़ी एवं खेल गतिविधियों से जुड़े लोग देवभूमि उत्तराखण्ड से अच्छा संदेश लेकर जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के लिए शहरी क्षेत्रों के अलावा पर्वतीय जनपदों में भी खेलों के लिए उपयुक्त स्थल चुने जाएं। यह सुनिश्चत किया जाए कि उत्तराखण्ड में होने वाले राष्ट्रीय खेलों में सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तरीय हों। विभिन्न स्थलों पर आयोजित होने वाले खेलों के लिए अवस्थापना संबंधी सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित तरीके से की जाए। राज्य के प्रचलित परंपरागत खेलों को 38 वें राष्ट्रीय खेलों में जोड़ने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि खेलों की आयोजन व्यवस्था में आवश्यक वित्तीय सहयोग के लिए प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों से सी.एस.आर. के तहत वित्तीय सहयोग लिया जाए। राष्ट्रीय खेलों की बेहतर तैयारियों के लिए खेल मंत्री प्रत्येक सप्ताह समीक्षा करेंगी। मुख्यमंत्री स्वयं भी समय समय पर इसकी समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि हल्द्वानी में स्थापित होने वाले खेल विश्वविद्यालय के निर्माण से संबंधित कार्यवाही जल्द पूर्ण की जाए।
विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जानकारी दी कि 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन देहरादून, हल्द्वानी, हरिद्वार और रुद्रपुर के अलावा पर्वतीय जनपदों में भी कराये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन 14 दिन किया जायेगा। खेलों का शुभारंभ देहरादून में और समापन हल्द्वानी में किया जायेगा। राज्य में होने वाले राष्ट्रीय खेलों के बेहतर संचालन के लिए विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों को इस हेतु गठित समिति में शामिल किया गया है।
बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, एच.सी. सेमवाल, खेल निदेशक जितेन्द्र कुमार सोनकर एवं खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने मानसून को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि मानसून सीजन में आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत 24 घण्टे अलर्ट मोड पर रहें। शासन के वरिष्ठ अधिकारी जिलाधिकारियों से निरंतर समन्वय बनाकर रखें। वर्षाकाल के दृष्टिगत पर्वतीय जनपदों में सभी आवश्यक सुविधाएं खाद्यान्न, दवाइयां, एवं अन्य राहत सामग्री पर्याप्त मात्रा में रखी जाएं।
मुख्यमंत्री ने गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय और वर्चुअल माध्यम से जुड़े कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत से दोनों मण्डलों में बारिश और सड़को की स्थिति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने दोनों आयुक्तों को निर्देश दिये कि वे अपने मंडलों में सड़कों, पेयजल, विद्युत, नालों की सफाई आदि व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करें। जिलाधिकारियों से निरन्तर समन्वय बनाते हुए सभी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाये रखें। वर्षा के कारण सड़के, पेयजल और विद्युत लाइन बाधित होने की स्थिति में उन्हें यथाशीघ्र सुचारू करवाया जाए। मौसम विभाग की चेतावनी एवं स्थानीय मौसम संबंधी गतिविधियों के आधार पर ही स्कूलों को खोलने और बंद करने का निर्णय लिया जाए। जर्जर पुलों की स्थिति का भी आंकलन किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि गांवों में लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।
इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुदंरम, शैलेश बगोली, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, आईजी कृष्ण कुमार वी.के, अपर सचिव जगदीश चन्द्र काण्डपाल उपस्थित थे।

राज्य में गरीब परिवारों को हर माह 8 रूपये प्रति किलो की दर से मिलेगा आयोडाईज्ड नमकः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, नींबूवाला, देहरादून में ‘मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना’ के लाभार्थियों को आयोडाईज्ड नमक वितरण किया। इस योजना के तहत अंत्योदय और प्राथमिक परिवार योजना के लगभग 14 लाख राशन कार्ड धारकों को प्रति माह 8 रूपये प्रति किलो की दर से आयोडाईज्ड नमक उपलब्ध करवाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार प्रदेश के हर गरीब और समाज के अन्तिम छोर के व्यक्ति का जीवन बेहतर और सार्थक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत संपूर्ण देश में निशुल्क राशन वितरण किया जा रहा है। यह योजना लगातार अगले 5 सालों तक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलते रहेगी। इस योजना के अंतर्गत उत्तराखंड के 14 लाख गरीब परिवारों को हर महीने मुफ्त राशन का लाभ मिल रहा है। राज्य सरकार जनता को शुद्ध और बेहतर पोषणयुक्त राशन देने के लिए संकल्पबद्ध है। हमारी प्राथमिकता पारदर्शी प्रणाली को स्थापित करना है। उन्होंने कहा कुछ लोगों द्वारा फोर्टिफाइड चावल को प्लास्टिक का चावल बताकर आमजन को भ्रमित किया जा रहा था, जो कि पूर्ण रूप से असत्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनेक गरीब कल्याण की योजनाएं चलाई गई हैं। आयुष्मान भारत योजना से 5 लाख तक का इलाज मुफ्त में दिया जा रहा है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत हर घर तक शौचालय बनाए गए हैं। आवास योजना से पक्के घर और हर घर को नल और जल से आच्छादित किया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को सशक्त बनाकर उन्हें मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में गरीबों को समर्पित योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। जिसके फलस्वरूप बीते 10 वर्षाे में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। उत्तराखंड में भी पिछले 5 वर्षाे में 9 लाख से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल चुके हैं। हर वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं चलाई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं शहरों से लेकर पर्वतीय क्षेत्र के अंतिम गांव तक पहुंच रही हैं। राज्य में गरीबी रेखा से बाहर निकलने के मामले में पर्वतीय जनपदों का बेहतर प्रदर्शन है। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने गांव में रहते हुए गरीबों के संघर्ष को करीब से देखा है। राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ राज्य के प्रत्येक गरीब के विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है। राज्य में गरीब, महिला, युवा के साथ ही प्रत्येक वर्ग के लिए योजनाएं संचालित हो रही हैं।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना गरीबों परिवारों की आवश्यकताओं को पूर्ण करने का एक प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों की परेशानियों को दूर करते हुए गरीब कल्याण अन्य योजना को लागू की। मुफ्त खाद्यान्न योजना से गरीब परिवारों के भरण-पोषण मदद मिलती है। मुफ्त खाद्यान्न के साथ ही उसमें पोषण तथ्यों का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मिड डे मील में भी भोजन पोषण तथ्यों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना से गरीब परिवारों को सस्ते दरों पर नमक उपलब्ध हो सकेगा। यह योजना गरीबों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी और समाज में कुपोषण को दूर करेगी।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव खाद्य एल फैनई, आयुक्त एच.सी सेमवाल, अपर सचिव रुचि मोहन रयाल एवं खाद्य विभाग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने निम के पर्वतारोहण अभियान का किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की ओर से जनपद चमोली में स्थित माणा पास क्षेत्र में 11 अनाम और अनारोहित पर्वत शिखरों के पर्वतारोहण अभियान का मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से फ्लैग ऑफ किया। यह अभियान 15 अगस्त 2024 तक आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य पर्वतारोहण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करना एवं द्रौपदी का डांडा पर्वत शिखर पर विगत वर्ष हुए प्राकृतिक आपदा में एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स के उत्तराखण्ड राज्य के उन बहादुर पर्वतारोहियों के प्रति श्रद्धांजलि भी अर्पित करना है जिन्होंने इस प्राकृतिक आपदा में अपने प्राण गंवाए थे।
अभियान के बारे में जानकारी दी गई कि उत्तराखण्ड के माणा क्षेत्र में अवस्थित 11 अनाम व अनारोहित पर्वत शिखरों का आरोहण किया जायेगा, जिसमें 05 पर्वत शिखर 6000 मी० से ऊंचे हैं तथा शेष 06 पर्वत शिखर 5500 मी0 से अधिक ऊंचे हैं। संस्थान द्वारा आरोहित इन 11 अनाम पर्वत शिखरों को द्रौपदी का डांडा पर्वत शिखर पर बहादुरी से प्राण गंवाने वाले पर्वतारोहियों के नाम पर इन 11 अनाम पर्वत शिखरों का नामकरण किया जायेगा।
इस अभियान का नेतृत्व संस्थान के प्रधानाचार्य कर्नल अंशुमान भदौरिया करेंगे तथा डिप्टी लीडर के रूप में संस्थान के उप प्रधानाचार्य तथा चिकित्साधिकारी कैप्टन संतोष कुमार करेंगे। अभियान दल में संस्थान के प्रशिक्षक और पर्वतारोही राकेश राणा वरिष्ठ प्रशिक्षक, प्रशिक्षक दीप साही, विनोद गुसाई, सौरभ सिंह, अनूप पंवार, सहायक प्रशिक्षक रविंद्र रावत, सुबेदार मेजर हजारी लाल, नायब सुबेदार भूपेंद्र सिंह, नायब सूबेदार बहादुर पाहन, नायब सूबेदार रविंद्र सिंह, हवलदार थजाली पून, नायक मनोज कुमार, सहायक प्रशिक्षक अजीत रावत, नवप्रभात, हिमांशु जोशी, सहायक प्रशिक्षक, पंकज पंवार, मुनेन्द्र राणा, सहायक प्रशिक्षक और सूर्य रावत शामिल हैं।

सीएम के समक्ष यूकॉस्ट एवं ट्रस्ट के मध्य हुआ एमओयू हस्ताक्षरित

प्रदेश के ग्रामीण स्कूलों में 04 किलो वाट के सोलर पैनल एवं मॉर्डन क्लास रूमों का निर्माण श्री श्री ग्रामीण विकास परिजनों ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत तथा ऑर्ट ऑफ लिविंग एवं एसएसआरडीपी के प्रतिनिधि दीपक शर्मा के मध्य एमओयू हस्ताक्षरित किया गया।

इस संबंध में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि संस्था द्वारा मौजूदा समय में 30 ग्रामीण स्कूलों को मॉडर्न बनाया जा रहा है जिसमें 4 किलो वाट के सोलर पैनल व मॉर्डन क्लास रूम बनाए गए और आने वाले समय में 100 स्कूल और उनके गांव में कार्य किए जाएंगे जिससे स्कूलों की व्यवस्था में सही मायने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने ऐसे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा की इससे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के आधुनिकीकरण में मदद मिलेगी।

सीएम का आभार जता महासू मंदिर हनोल के स्थानीयों ने जताई खुशी

महासू मंदिर, हनोल के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान को मंजूरी प्रदान करने पर जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कैम्प कार्यालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर उनका आभार प्रकट किया। उन्होंने महासू मंदिर की प्रतिकृति मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट करने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि महासू मंदिर, हनोल का सुनियोजित विकास कर इस क्षेत्र को बड़े धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए एवं स्थानीय युवाओं के लिए आर्थिकी के नए अवसर सृजित किए जाएं। मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करने वालों में कमलेश भट्ट, नंदलाल भारती, भारत भूषण, जगमोहन जोशी, जयपाल बिष्ट, निकिता तोमर, प्रीतम चौहान आदि शामिल रहे।

राज्य के सभी जनपदों में शीघ्र बनाये जाएं रूरल बिजनेस इंक्यूबेटर सेंटरः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड के ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ को वैश्विक स्तर पर ले जाने की योजना को सितम्बर तक पूर्ण रूप से धरातल पर लाया जाए। उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और मार्केटिंग का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि हवालबाग और कोटद्वार में बनाये गये रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर सेंटर की तरह ही राज्य के सभी जनपदों में जल्द रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर सेंटर बनाये जाएं। युवाओं और स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के क्षेत्र में बढ़ावा देने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, इसलिए विशेष ध्यान दिया जाए कि राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बनाई जा रही योजनाओं का नाम सरल और प्रभावी हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनता से जुड़ी 15 महत्वपूर्ण योजनाओं को चिन्हित किया जाए, योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए जनपदवार रैंकिंग की व्यवस्था भी की जाए। मुख्यमंत्री ने सचिव ग्राम्य विकास को निर्देश दिये कि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को समय-समय पर गांवों में भेजा जाए। सचिव भी स्वयं कुछ गांवों में जाएं। ग्राम सभाओं की बैठकों में ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को भेजा जाए। अमृत सरोवरों के निर्माण और मेंटेनेंस पर विशेष ध्यान दिया जाए। अमृत सरोवरों के किनारे वृक्षारोपण भी किया जाए।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। कार्यों की गुणवत्ता में लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण करेंगे। ग्रामीण निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ‘मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना’ के तहत गांवों को सड़कों से जोड़ने के लिए निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। गांवों के विकास के लिए सड़क कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत प्रशिक्षण संस्थाओं को लक्ष्यों की स्वीकृति, लक्ष्य के सापेक्ष कार्य आरंभ एवं लक्ष्य के सापेक्ष प्रशिक्षण में राज्य का प्रथम स्थान है। एन.आर.एल.एम योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के फलस्वरूप विगत दो वर्षों में राज्य को लगातार बोनस प्राप्त हो रहा है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ माध्यम से आगामी 03 वर्षों में 25 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य रखा गया है। लखपति दीदी योजना के तहत राज्य में अभी तक 93 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। 2026 तक 2.50 लाख महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत राज्य में 66,596 आवास बनाये गये हैं। एनआरएलएम के तहत राज्य में 66,459 समूहों का गठन किया गया है। जिसमें 5.06 लाख परिवारों को लाभ मिल रहा है। बैठक में जानकारी दी गई कि पीएमजीएसवाई के तहत अभी तक स्वीकृत 1864 बसावटों के सापेक्ष 1845 बसावटें संयोजित की जा चुकी हैं। इन बसावटों से लगभग 22 लाख की जनसंख्या लाभान्वित हुई हैं।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुदंरम, राधिका झा, अपर सचिव सविन बंसल, मनुज गोयल, कर्मेन्द्र सिंह एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

एमोजॉन इंडिया के ई मार्केटिंग पोर्टल पर हाउस आफ हिमालयाज की हुई लॉचिंग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में सचिवालय में उत्तराखण्ड के अम्ब्रेला ब्रांड “हाउस ऑफ़ हिमालयाज़” एवं एमोजॉन के बीच एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एमोजॉन के ई-मार्केटिंग पोर्टल पर “हाउस ऑफ़ हिमालयाज़” की विधिवत लांचिंग की। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों की ख़रीदारी भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिसंबर माह में इन्वेस्टर समिट में “हाउस ऑफ़ हिमालयाज़” ब्रांड की लांचिंग की गई थी। उन्होंने कहा कि इस ब्रांड को लॉंच करने का उद्देश्य प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहुँचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “हाउस ऑफ़ हिमालयाज़” ब्रांड में शामिल उत्पादों की प्रोसेसिंग और उत्पादन का अधिकांश कार्य स्वयं सहायता समूह के माध्यम से किया जाता है। जिससे महिला स्वयं सहायता समूहों की आजीविका को मज़बूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न ई-मार्केटिंग पोर्टल्स के माध्यम से प्रदेश के स्थानीय उत्पादों की देश और दुनिया के हर क्षेत्र से ऑनलाइन खरीदारी की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री ने सचिव ग्राम्य विकास को निर्देश दिये कि “हाउस ऑफ़ हिमालयाज़” ब्रांड के विभिन्न उत्पादों जैसे जीआई टैगिंग वाले उत्पाद, ऑर्गेनिक उत्पाद, खाद्य उत्पाद, सगंध उत्पाद को कैटेगराइज कर उनकी कैटेगरीवाइस ब्रांडिंग की जाये।

उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों और बड़े शहरों में बनाएं जाए बहुउद्देशीय हॉल और खेल मैदानः सीएम

राज्य के सभी जनपदों और 50 हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में खेल विभाग द्वारा आधुनिक सुविधायुक्त बहुउद्देशीय हॉल और खेल मैदान बनाएं जाएं। खेल विभाग 10 दिन में इसका पूरा प्रस्ताव तैयार कर 02 साल में इन्हें बनाकर पूर्ण करे। यह निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में खेल विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुउद्देशीय हॉल और खेल मैदान के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए बहुउद्देशीय हॉल में बैडमिंटन, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और अन्य इंडोर गेम की व्यवस्था की जाय। इनके संचालन और रखरखाव की भी समुचित व्यवस्था करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि विभागों द्वारा जो भी योजनाएं बनाई जा रही हैं, वे ठोस तरीके से बने। यह सुनिश्चित किया जाय कि योजनाओं का कार्य धरातल पर दिखे। योजनाओं का आम जन को पूरा लाभ मिले, इसके लिए योजनाओं का विभिन्न माध्यमों से प्रचार एवं प्रसार भी किया जाए। सभी विभाग यह भी सुनिश्चित करें कि सरकारी संस्थान साफ-सुथरे हों। खेल विभाग द्वारा खिलाड़ियों और विभागीय कार्मिकों के सहयोग से खेल परिसरों में स्वच्छता अभियान चलाया जाय राज्य में खेलों को तेजी से बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने संस्थानों से कोई एक खेल गोद लेने की अपेक्षा की है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ युवा, स्वस्थ उत्तराखण्ड’ योजना के तहत ग्राम पंचायतों में स्थापित ‘ओपन जिम’ का क्रियान्वयन और प्रभावी तरीके से किया जाए।

बैठक में जानकारी दी गई मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत राज्य में 08 से 14 वर्ष के 3900 बालक एवं बालिकाओं को 1500-1500 रूपये की छात्रवृत्ति प्रतिमाह दी जा रही है। मुख्यमंत्री प्रोत्साहन खिलाड़ी योजना के तहत 2208 बालक एवं बालिकाओं को प्रतिमाह 2000-2000 रूपये की छात्रवृत्ति और 10-10 हजार रूपये प्रतिवर्ष खेल उपकरण के लिये दिया जा रहा है। आउट ऑफ टर्न योजना के अन्तर्गत 31 कुशल खिलाड़ियों को नियुक्ति प्रदान की गई है।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगोली एवं खेल निदेशक जितेन्द्र कुमार सोनकर उपस्थित थे।

तकनीकि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के दोनों मण्डलों में बनाए जाएं एक्सीलेंस सेंटरः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि तकनीकि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमांऊ मण्डल में एक-एक एक्सीलेंस सेंटर बनाए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी तकनीकि संस्थानों से पासआउट होने वाले छात्रों को अधिक से अधिक कैम्पस प्लेसमेंट मिले। औद्योगिक संस्थानों की आवश्यकता के अनुरूप तकनीकि संस्थानों में आधुनिक कोर्स और आधुनिक उपकरणों की समुचित व्यवस्था की जाए। तकनीकि संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त वाले युवाओं को कितने प्रतिशत छात्रों को रोजगार मिला और कितने प्रतिशत ने उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लिया इसका स्पष्ट डाटा रखा जाए। तकनीकि शिक्षा प्राप्त करने के बाद राज्य के युवाओं को प्रदेश में रोजगार की पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराये जाएं, ताकि उन्हें रोजगार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। राज्य में युवाओं के कौशल विकास के लिए प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डिंग तथा अन्य मैकेनिकल प्रशिक्षण भी कराये जाएं।
बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले तीन सालों में पॉलिटेक्निक के माध्यम से 6490, सरकारी क्षेत्र में 369 तथा पॉलिटेक्निक के माध्यम से सामुदायिक विकास योजना के तहत 552 युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार मिला। आगामी एक साल में आई.आई.टी रूड़क के सहयोग से विभिन्न राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थाओं में वर्चुअल लैब की स्थापना और प्रशिक्षण दिया जायेगा। उत्तराखंड राज्य करियर काउंसिलिंग सेंटर की स्थापना की जायेगी। पॉलिटेक्निक संस्थाओं को सर्विस प्रोवाइडर के रूप में विकसित कर बेरोजगार युवाओं को व्यवसाय से जोड़ा जायेगा।
बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, रविनाथ रमन, डॉ. रंजीत सिन्हा, कुलपति वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ओंकार सिंह, अपर सचिव शिक्षा रंजना राजगुरू, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी सहित शिक्षा एवं तकनीकि शिक्षा के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।