उत्तराखंड में धामी की 109 तो देश के विभिन्न राज्यों में की 95 बड़ी जनसभाएं, रोड शो आदि कार्यक्रम

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के सबसे व्यस्त स्टार प्रचारकों में से एक साबित हुए हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते 60 दिनों में धामी ने देशभर में 204 चुनावी कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। इनमें नामांकन, रोड शो, जनसभायें इत्यादि कार्यक्रम शामिल रहे। महत्वपूर्ण यह भी की मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान देश के अनेक स्थानों पर 95 बड़ी जन सभाओं, रोड शो में भी प्रतिभाग किया।
समान नागरिक संहिता कानून, सख्त नकल विरोधी कानून, सख्त धर्मांतरण कानून, सख्त दंगा नियंत्रण कानून। ये कुछ ऐसे बड़े फैसले रहे, जिनसे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की लोकप्रियता का ग्राफ देश भर में तेजी से बढ़ा है। खासतौर से उत्तराखंड में जिस तरह से धामी ने समान नागरिक सहिंता को लागू किया, उसके बाद से लगातार उनके चर्चे देश भर में रहे। भारतीय जनता पार्टी ने भी इन लोकसभा चुनाव के मेनिफेस्टो में समान नागरिक सहिंता को देश में लागू करने को गारंटी के रूप में शामिल किया। यह एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला रहा जिसके चलते मुख्यमंत्री धामी की धमक पूरे देश में देखने को मिली। छोटे राज्य का मुख्यमंत्री होने के बावजूद जिस तरह के बड़े और अहम निर्णय धामी ने लिए उसे भाजपा आलाकमान ने भी भुनाने में कसर नहीं छोड़ी। देश में सात चरणों में सम्पन्न हुए लोकसभा चुनावों में धामी ने 60 दिन की अवधि में ताबड़तोड़ 204 कार्यक्रम देशभर में किये। इनमें तमाम नामांकन कार्यक्रम से लेकर रोड शो, रैली, जनसभा शामिल रही। देश के विभिन्न से ज्यादा राज्यों में उन्होंने चुनाव प्रचार किया और जहां जहां उनके कार्यक्रम हुए वहां हजारों की संख्या में युवाओं, महिलाओं की भीड़ उन्हें सुनने के लिए उमड़ती रही। मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान तेलंगाना सहित दिल्ली, हिमाचल, हरियाणा, पंजाब, बंगाल, मुंबई, झारखंड, उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में प्रचार किया। तेलंगाना में तो उनकी इतनी डिमांड रही कि उन्हें वहां से दोबारा चुनावी कार्यक्रमों के लिए बुलावा आया।
उत्तराखंड में भी विगत 60 दिनों में उन्होंने कुल मिलाकर 109 कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया तो इसके साथ-साथ ही वे देश के तमाम राज्यों में भी बिना रुके-बिना थके चुनावी कार्यक्रमों को धार देते रहे। मुख्यमंत्री धामी के साथ उनके चुनावी कोऑर्डिनेटर के रूप में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन के उपाध्यक्ष विनय रोहिल्ला भी हर पल उनके साथ मौजूद रहे।

वनाग्नि से लेकर चारधाम की चुनौती से भी पार पाया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जहां देश मे चुनाव प्रचार में व्यस्त थे तो उनके समक्ष अपने राज्य से वनाग्नि से लेकर चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन के रूप में चुनौतियां भी पेश आयी लेकिन उन्होंने इन चुनौतियों पर भी पार पा के दिखाया। मई की शुरुआत में जब उत्तराखंड के जंगल धधकने लगे तो धामी चुनावी व्यस्तताओं को छोड़ देहरादून लौटे और सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठकें कर जरूरी निर्देश जारी किए। इस का नतीजा यह रहा कि पूरा सिस्टम हरकत में रह और वनाग्नि पर तेजी से काबू पाया जा सका। इसी प्रकार से जब 10 मई से चारधामों के कपाट खुलने शुरू हुए तो अप्रत्याशित भीड़ धामों में उमड़ने लगी। ऐसे में बगैर देर किए सीएम धामी ने न केवल देहरादून लौटकर बैठकें की बल्कि स्थलीय निरीक्षण कर तंत्र को सक्रिय किया। नतीजा एक सप्ताह में सारी व्यवस्थायें सुचारू रूप से संचालित होने लगीं।

रायवाला का युवक म्यामांर में फंसा, मंत्री अग्रवाल ने एसएसपी को दिए निर्देश

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा क्षेत्रांर्तगत प्रतीतनगर रायवाला के 22 वर्षीय युवक के म्यामांर में फंसने को लेकर एसएसपी देहरादून से वार्ता की है। उन्होंने युवक की सकुशल वापसी तथा विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मंत्री अग्रवाल युवक के म्यामांर में फंसने की सूचना मिलते ही परिजनों से मिलने इंद्रा कॉलोनी प्रतीतनगर रायवाला पहुंचे। यहां रंजीता गौतम ने बताया कि उनके बेटा 22 वर्षीय बेटा विधान गौतम 21 मई को एक कंपनी के माध्यम से काम के लिए थाइलैंड निकला था। बताया कि युवक थाइलैंड न पहुंचकर म्यामांर पहुंच गया। उन्होंने बताया कि यह जानकारी स्वयं विधान गौतम ने फोन पर ऑडियों के माध्यम से परिजनों को दी।

रंजीता ने बताया कि उनके बेटे विधान के साथ धोखाधड़ी हुई है। उसके साथ देहरादून, खटीमा के युवक के अलावा देश के अन्य जगहों से भी युवक वहां फंसे है। युवक ने ऑडियों के जरिये बताया कि म्यामांर में उन पर अत्याचार किया जा रहा है।

मंत्री डा. अग्रवाल ने परिजनों के वार्ता के बाद मामले को गंभीर पाते हुए तुरंत मौके से ही एसएसपी देहरादून को दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने सख्त निर्देशित करते हुए कहा कि युवक के साथ जिस कंपनी के लोगों ने धोखाधड़ी कर म्यांमार बॉर्डर पर भेजा, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। साथ ही युवक की सकुशल वापसी के लिए रास्ता निकालने के लिए भी कहा। डा. अग्रवाल ने परिजनों को इस मामले में मुख्यमंत्री से भी वार्ता करने का भरोसा दिया।

इस मौके पर युवक के पिता सीताराम गौतम, प्रधान सागर गिरी, राजेश जुगलान, बीना बंगवाल आदि स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

अब मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बनेगी उत्तराखंड अवास नीतिः अग्रवाल

आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। समीक्षा के बाद डॉ अग्रवाल ने बताया कि 2024 की उत्तराखंड आवास नीति बनाई जाएगी। जिसमें मध्यम वर्गीय लोगों को आवास की सुविधा मिलेगी। बताया कि लंबे अंतराल के बाद जहाँ मास्टर प्लान नहीं बन पाते हैं। वहां 03 साल बाद समीक्षा की जाए। समीक्षा बैठक में उत्तराखंड बड़े टाउनशिप विकास नियमावली को भी लाने को कहा। इसके अलावा ट्रैफिक इंपैक्ट एसेसमेंट हेतु दिशा निर्देश भी दिए।

गुरुवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में संयुक्त मुख्य प्रशासक आवास पीसी दुमका ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अन्तर्गत कुल 20 परियोजनाओं में 15,960 आवासीय इकाईयाँ स्वीकृत हुई हैं। माह मई, 2024 तक 03 परियोजनाओं में कुल 992 ई0डब्ल्यू०एस० आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अवशेष 14,968 आवासीय इकाईयों का निर्माण माह दिसम्बर, 2024 तक पूर्ण करा लिया जायेगा तथा लाभार्थियों को कब्जा भी माह दिसम्बर, 2024 तक दे दिया जायेगा। बताया कि वर्तमान तक 11,436 आवासीय इकाईयों का आवंटन कर दिया गया है तथा आचार संहिता के पश्चात् 4,524 आवासीय इकाईयों का आवंटन पूर्ण किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि महायोजना के अन्तर्गत गढ़वाल मण्डल में 10 तथा कुमांउ मण्डल में 9 महायोजना अधिसूचित है। 79 नगर निकायों की महायोजना बनाये जाने का कार्य भारत सरकार की अमृत योजना के अन्तर्गत गतिमान है। बताया कि आवास विभाग द्वारा मानचित्रों के त्वरित स्वीकृति हेतु सरलीकरण के उपाय किये गये हैं, जिनमें मानचित्रों 30 दिवसों के अन्तर्गत एकल आवासीय मानचित्रों की डीम्ड स्वीकृति, व प्रत्येक पटल हेतु दिवस निर्धारित किये गये हैं। निश्चित समयावधि में पटल से पत्रावली निस्तारित न होने की अवस्था में, पत्रावली स्वयं अगले पटल पर ऑटोस्कलेट हो जाती है। इसके माध्यम से आज तक 138 पत्रावलियों आटोस्कलेट हो गयी हैं, तथा 16 एकल आवासीय मानचित्र डीम्ड अप्रूव्ड हो चुके हैं। इसके साथ-साथ मानचित्र स्वीकृति हेतु प्री-अप्रूव्ड डिजाइन तैयार करते हुये 815 मानचित्र ऑनलाइन अपलोड कराये गये हैं, जिसमें 11 मानचित्र स्वीकृत कराये जा चुके हैं।

समीक्षा बैठक के बाद डॉ अग्रवाल ने निर्देशित कर कहा कि आवास विभाग के अच्छे प्रयासों तथा सेवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए। कहा कि डीम्ड अप्रूव्ड मानचित्र जिस भी कर्मचारी के पटल से पाताल से स्वीकृत हुए हैं उन पर विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। कहा कि सीलिंग की कार्यवाही के बाद ऐसे प्रकरणों पर जहां सीलिंग के बाद भी निर्माण कार्य हो रहे हैं उनसे संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों के विरुद्ध सस्पेंशन की कार्यवाही की जाए।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि आवास विभाग की सभी स्कीमों की जानकारी के प्रचार प्रसार के लिए समाचार पत्रों, सोशल मीडिया के साथ-साथ होर्डिंग तथा फ्लेक्स आदि राज्य के प्रमुख स्थानों पर प्राधिकरण द्वारा लगाए जाएं। जिससे आम जनता को प्राधिकरण की सेवाओं की सही जानकारी प्राप्त हो सके। डॉ अग्रवाल ने कहा कि अवैध रूप से बनाई जा रही कॉलोनी के विरुद्ध तुरंत सीलिंग की कार्यवाही प्रारंभ की जाए।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्राधिकरण सभी क्षेत्र में कैंप लगाए जिससे आम जनमानस को मानचित्र स्वीकृत की प्रक्रिया की सही जानकारी प्राप्त हो तथा उनकी समस्या का समाधान त्वरित गति से किया जा सके। कहा कि ऐसे क्षेत्र जहां फ्रिज जॉन निर्धारित किए गए हैं वहां आम जनमानस को राहत देने हेतु शीथलीकरण की व्यवस्था के लिए नीति बनाई जाए।

इस मौके पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव आवास एस एन पांडे, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण उधम सिंह नगर अभिषेक रूबेला, सचिव एचआरडीए उत्तम सिंह चौहान सहित विभिन्न प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारियों को मिली डेडलाइन, निवेश प्रस्तावों के कॉमन एप्लीकेशन फार्म 10 दिन में निस्तारित किये जाएं

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियो को जिला स्तर पर लंबित नए निवेश प्रस्तावों के कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म को दस दिनों में निस्तारित करने की डेडलाइन दी है। इसके साथ ही सीएस ने सभी जिलाधिकारियों को नए निवेश प्रस्तावों के द्वितीय स्तर के अनुमोदन को भी 30 दिन के भीतर निस्तारित करने का अल्टीमेटम दिया है। निवेशकों की विभिन्न विभागों से सम्बन्धित शिकायतों को गम्भीरता से लेते हुए राधा रतूड़ी ने राजस्व, शिक्षा, यूपीसीएल तथा जिला प्रशासन को शिकायतों के तत्काल निस्तारण के कड़े निर्देश दिए है। निवेशकों की शिकायतों के निस्तारण में विलम्ब पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव ने इस पर तत्परता से शीर्ष प्राथमिकता पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से नए निवेश प्रस्तावों के कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म के लंबित होने के कारणों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने राज्य स्तर पर महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग को भी निवेशकों के लंबित कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म के तत्परता से निस्तारण के निर्देश दिए है।

बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य स्तर पर विभिन्न कारणों से 75 निवेश प्रस्ताव लंबित है. जिनके निस्तारण की कार्यवाही गतिमान है। जिला स्तर पर 38 कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म विभिन्न कारणों से लंबित है, जिनके निस्तारण की कार्यवाही गतिमान है। जिला स्तर पर अभी तक कुल 1174 कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म अनुमोदित किए जा चुके है। जिला स्तर पर द्वितीय स्तर पर अनुमोदन हेतु 787 निवेश प्रस्ताव लंबित है जिनके निस्तारण की कार्यवाही गतिमान है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में 61वी राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, विनय शंकर पाण्डेय सहित उद्योग विभाग के अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

बेसिक शिक्षकों की भर्ती को मंत्री धन सिंह ने दिए निर्देश, जनपदवार शीघ्र जारी करें विज्ञप्ति

प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत सहायक अध्यापक (बेसिक) के लगभग 3600 रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को जनपदवार विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश दे दिये गये हैं। बेसिक शिक्षकों की नई भर्ती में ऐसे डीएलएड व डीएड योग्यताधारी अभ्यर्थियों को आवेदन करने में छूट प्रदान की गई है जिन्होंने पूर्व में जारी विज्ञप्ति के लिये आवेदन किया किया था। ऐसे अभ्यर्थियों को पूर्व में किये गये आवेदन के आधार पर नई भर्ती के लिये अर्ह माना जायेगा और उन्हें पुनः आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार प्राथमिक स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी है। प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिये सरकार ने प्रत्येक प्राथमिक विद्यालयों में सभी संसाधान मुहैया कराने के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में प्राथमिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश में लागू आदर्श आचार संहिता के बीच निर्वाचन आयोग से बेसिक शिक्षकों के लम्बे समय से रिक्त चल रहे पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मांगी थी जिस पर आयोग ने अपनी स्वीकृत प्रदान कर दी है। विभागीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेसिक शिक्षकों के लगभग 3600 पद रिक्त पड़े हैं, जिन पर जनपदवार शीघ्र भर्ती विज्ञापन जारी करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर प्रत्येक प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदो ंके सापेक्ष शिक्षकों की तैनाती की जायेगी ताकि प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके। डा. रावत ने बताया कि राज्य में बेसिक शिक्षकों की भर्ती उत्तराखंड राजकीय प्रारम्भिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली-2024 में निर्धारित प्राविधानों के अनुरूप की जायेगी। नये प्राविधानों के तहत डीएलएड व डीएड योग्यताधारी अभ्यर्थी ही बेसिक शिक्षक पद के लिये अर्ह होंगे।

पुराने अभ्यर्थियों को मिलेगी पुनः आवेदन करने में छूट रू डा. रावत
प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 2020 एवं 2021 में सहायक अध्यापक प्राथमिक के अवशेष रह गये रिक्त पदों को नई भर्ती में शामिल किया गया है। ऐसे में जिन डीएलएड व डीएड योग्यताधारी अभ्यर्थियों ने पूर्व की इन विज्ञप्तियों के लिये आवेदन किया था लेकिन उन्हें नियुक्ति प्रदान नहीं की गई। ऐसे अभ्यर्थियों को नई विज्ञप्ति में पुनः आवेदन करने में छूट प्रदान की गई है। ऐसे अभ्यर्थियों को फिर से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों को पूर्व में किये गये आवेदन के आधार पर नई भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं।

मुख्य सचिव ने राफ्टर्स के लिए मार्केट बनाने और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम पर बल देने की बात कही

राफ्टिंग व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए मुख्य सचिव ने खारास्रोत पार्किंग तृतीय एवं गंगा नदी में पुट इन पॉइंट ब्रह्मपुरी का निरीक्षण कर व्यवस्थित रूप से संचालित हो रही राफ्टिंग की सराहना की। इस दौरान उन्होंने राफ्टर्स के लिए मार्केट बनाने, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम पर बल देने, राफ्टिंग की ड्रोन फुटेज लेने तथा रिवर राफ्टिंग एवं क्याकिंग नियमावली का उल्लंघन करने वालों के दंडात्मक/चालान कार्यवाही जिला प्रशासन स्तर से किए जाने हेतु अग्रिम कार्यवाही की बात कही। जिलाधिकारी ने बताया कि राफ्टर्स के लिए बनाए गए अस्थाई पार्किंग स्थल खारास्रोत में द्वितीय चरण के कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें सीसी कार्यों के साथ ही अन्य कार्य किए जाने हैं।

अपर मुख्य कार्याधिकारी (साहसिक विंग) यूटीडीबी कर्नल अश्विनी पुण्डीर ने बताया कि गंगा नदी में 263 फर्म पंजीकृत हैं तथा 576 राफ्ट्स हैं। जबकि अलकनंदा नदी में 29 फर्म पंजीकृत हैं तथा 65 राफ्ट्स हैं। उन्होंने बताया कि टिकट काउंटर के समीप सुलभ शौचालयों/चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। सड़क मार्ग से नदी में जाने वाले समस्त पैदल मार्गों का मरम्मतीकरण का कार्य किया गया है। पुट इन एवं पुल आउट पॉइंट्स यथा नीम बीच, ब्रहमपुरी, शिवपुरी, मैरीन ड्राइव में स्थाई निर्माण कार्य हेतु वन भूमि हस्तान्तरण की कार्यवाही अन्तिम चरण में गतिमान है। राष्ट्रीय जल कीड़ा संस्थान गोवा के सहयोग से लगभग 400 गाइडों को लाईफ सेविंग का प्रशिक्षण साहसिक खेल अकादमी कोटी कालोनी टिहरी में दिया गया।

इस दौरान मुख्य सचिव ने चार धाम यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए भद्रकाली में केदारनाथ/बद्रीनाथ एवं गंगोत्री/यमुनोत्री धाम यात्री पंजीकरण जांच केंद्र का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि चारधाम यात्रा का ट्राय जंक्शन पॉइंट भद्रकाली में यात्रियों के पंजीकरण की जांच करके ही गाड़ियों को आगे भेजा जा रहा है। जनपद में यातायात व्यवस्था सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संचालित हो रही है। मुख्य सचिव ने यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के दृष्टिगत निरंतर व्यवस्थाएं बनाए रखने को कहा।

इस मौके पर डीएफओ जीवन डगाड़े, एडीएम के.के. मिश्रा, एएसपी टिहरी जे.आर. जोशी, एएसपी पौड़ी, एआरटीओ सतेंद्र राज, एसडीएम देवेंद्र नेगी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

फील्ड अधिकारियों के कुशल प्रबन्धन से राज्य में चारधाम यात्रा का पुनः सफलतापूर्वक संचालन जारीः राधा रतूड़ी

चारधाम यात्रा के साथ ही प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं हेतु एक फूलप्रूफ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की स्थायी व्यवस्था विकसित करने हेतु मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने प्रतिष्ठित आईटी कन्सलटेन्सी कम्पनी की सहायता लेने के निर्देश चारधाम यात्रा प्रबन्धन से सम्बन्धित अधिकारियों को दिए हैं। सीएस ने यात्रा प्रबन्धन से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा के सुव्यवस्थित प्रबन्धन तथा स्थायी समाधान में टेक्नॉलजी ही सबसे अधिक सहायता कर सकती है। उन्होंने जल्द से जल्द इस आईटी कन्सलटेन्सी कम्पनी के साथ ही चारधाम यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों जिनमें होटल व्यवसायी, टूर ऑपरेटर्स, पर्यटन से जुड़े लोग तथा प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से यह रजिस्ट्रेशन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए हैं।

चारधाम यात्रा में फील्ड पर काम कर रहे अधिकारियों को यात्रा प्रबन्धन में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने आज स्वयं ऋषिकेश स्थित यात्रा रजिस्ट्रेशन ऑफिस तथा ट्रांजिट कैम्प पहुंचकर सभी अधिकारियों विशेषकर फील्ड पर कार्य करने वाले कनिष्ठ अधिकारियों से यात्रा प्रबन्धन हेतु बनने वाली एसओपी के लिए उनके सुझाव मांगे।

सीएस राधा रतूड़ी ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रबन्धन से जुड़े सभी अधिकारियों विशेषरूप से फील्ड अधिकारियों के कुशल प्रबन्धन से राज्य में चारधाम यात्रा आरम्भ में कुछ चुनौतियों के बाद पुनः सुचारू, सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। वर्तमान में ऋषिकेश हरिद्वार के हॉलडिंग प्वाइंट में लगभग 3000 श्रद्धालु मौजूद हैं, जिन्हें धामों में भेजा जा रहा है। चारधाम से सभी श्रद्धालु यात्रा के पश्चात सकुशल वापस लौट रहे हैं। यात्रा मार्ग एवं धामों में सभी व्यवस्थाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं। इसलिए हरिद्वार से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पुनः आरम्भ किया जा रहा है।

भविष्य में श्रद्धालुओं की निरन्तर बढ़ती संख्या के समाधान हेतु मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चारधाम यात्रा से सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारियों को नए ठहराव स्थलों को चिहिन्त करने के साथ ही वहाँ पर पार्किंग स्थलों को विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द ही धनराशि भी जारी कर दी जाएगी। सीएस ने यात्रा मार्ग पर वाहनों की कैरिंग कैपिसिटी व पार्किंग स्थलों का सही आकलन जल्द बनाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कैरिंग कैपिसिटी के अनुसार ही नियमों का सख्ती से पालन करवाना आवश्यक है। इसके साथ ही सीएस ने ट्रिप कार्ड व्यवस्था का भी कड़ाई से पालन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भविष्य में चारधाम यात्रा के सफल संचालन हेतु नेशनल टूर ऑपरेटर्स का भी सहयोग लेने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस ने देश के अन्य राज्यों के ऐसे जिले जहां से सबसे अधिक यात्री चार धाम पर आते हैं, उनके जिलाधिकारियों एवं जिला प्रशासन से भी समन्वय एवं संवाद के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने ऋषिकेश स्थित यात्रा रजिस्ट्रेशन ऑफिस एवं ट्रांजिट कैम्प पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून, टिहरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी तथा चारधाम यात्रा से सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तराखण्ड के चारों धामों के अलावा यात्रा मार्गों पर भी श्रद्धालुओं और वाहनों की धारण क्षमता का आंकलन करेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में चारधाम यात्रा, मानसखण्ड मदिंर माला मिशन, कैंचीधाम और पूर्णागिरी में विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि चारों धामों की धारण क्षमता के अलावा यात्रा मार्ग के अन्य स्थलों पर भी श्रद्धालुओं और वाहनों की धारण क्षमता का आंकलन करना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा मार्गों और राज्य के तीर्थाटन और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों पर पार्किंग और मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित प्रस्ताव आवास विभाग को भेजे जाएं। चारधाम यात्रा के चरम सीमा वाली अवधि में हर साल के लिए विशेष प्लान बनाया जाए। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल सेवा शुरू होने से पहले रेल मार्गों पर और कर्णप्रयाग एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों में पार्किंग एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी कार्ययोजना के साथ कार्य किये जाएं।

चारधाम यात्रा सुचारू रूप से चलने पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने शासन और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिये कि इसी मनोयोग के साथ चारधाम यात्रा को आगे भी सुव्यवस्थित रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मई तक ऑफलाईन रजिस्ट्रेशन बंद रखे जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के अनुरूप ऑफलाईन रजिस्ट्रेशन पर आगे निर्णय लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने गढ़वाल और कुमांऊ कमिश्नर को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत रूट डायवर्ट प्लान पर भी कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंची धाम और पूर्णागिरी में भी श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कैंची धाम में मूलभूत सुविधाओं के साथ पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था रखी जाए। कैंची धाम जाने वाले मार्गों में भी पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की जाय। कैंची धाम के लिए शटल बस सेवा शुरू की जाय। कैंचीधाम के लिए बाईपास भी प्रस्तावित है। पूर्णागिरी में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत कार्यों में तेजी लाई जाय। श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के साथ ही मूलभूत सुविधाओं पर तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि गढ़वाल और कुमांऊ की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने और पर्यटन तथा तीर्थाटन की दृष्टि से दोनों मण्डलों को श्रद्धालुओं से जोड़ने लिए रानीखेत और चौखुटिया क्षेत्र में होम स्टे और अन्य सुविधाओं को विस्तार देने पर कार्य किया जाए।

चारधाम यात्रा को सुगम और बेहतर बनाने के लिए ‘यात्रा समाधान’ मोबाइल एप्लीकेशन का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। इस मोबाइल एप्लीकेशन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं एक ही प्लेटफार्म पर देना है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से चारों धामों के निकटवर्ती पुलिस स्टेशन, हॉस्पिटल, पार्किंग और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से यात्रा से जुड़े सभी पक्षकार बीकेटीसी, मंदिर प्रशासन, होटल, टूर ऑपरेटर्स, ट्रांसपोर्टस आपस में जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने आईटीडीए और पर्यटन विभाग को निर्देश दिये कि इस मोबाइल एप्लीकेशन को और बेहतर बनाने के लिए कार्य किये जाए।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, सचिव एवं गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, सचिव एस.एन. पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, एडीजी ए.पी. अंशुमन, अपर सचिव रणवीर सिंह चौहान, नितिन भदौरिया, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एसएसपी अजय सिंह वर्चुअल माध्यम से अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत, जिलाधिकारी हरिद्वार धीराज गर्ब्याल, जिलाधिकारी नैनीताल वंदना उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश पहुंचकर चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन कार्यालय का किया स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ऋषिकेश पहुंचकर चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन कार्यालय एवं श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनसे व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को आवश्यक मूलभूत सुविधाओं समेत पेयजल, भोजन, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए गए विश्राम स्थल, स्वास्थ्य केन्द्र एवं यात्रा नियंत्रण कक्ष में सभी सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने एवं व्यवस्थित यात्रा के लिए आपसी सामंजस्य से कार्य करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालुओं की सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। इस अवसर पर आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी के.एस. नगन्याल एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

भाजपा आलाकमान लोकसभा चुनाव में सीएम धामी का जमकर कर रहा इस्तेमाल

समान नागरिक संहिता कानून, सख्त नकल विरोधी कानून, सख्त धर्मांतरण कानून और सख्त दंगा नियंत्रण कानून। ये चंद ऐसे बड़े निर्णय रहे हैं, जिनसे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की लोकप्रियता का ग्राफ देश भर में तेजी से बढ़ा। यही वजह रही कि भाजपा आलाकमान ने भी धामी की इस बढ़ती लोकप्रियता को इन लोकसभा चुनावों में भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। धामी अब तक लोकसभा चुनाव के लिए हुए छह चरणों में धमाकेदार 60 से ज्यादा जनसभायें कर चुके हैं। तेलंगाना से लेकर दिल्ली और राजस्थान से लेकर पंजाब तक में भाजपा उनका जमकर उपयोग कर रही है।
भाजपा की नई पंक्ति के नेताओं में पुष्कर सिंह धामी अब सीधा फ्रंट लाइन में हैं। धामी की पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी खूब जमती है। पीएम मोदी के पास उत्तराखंड हित के कार्यों के लिए जब सीएम धामी जाते हैं तो उन्हें कभी निराशा नहीं मिलती। कई मौके तो ऐसे भी आये जब पीएम से मुलाकात के लिए 15 मिनट का समय तय था लेकिन मुलाकात डेढ़ घंटे तक चली।
दरसअल, धामी 2022 में जब दोबारा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने राज्य में समान नागरिक सहिंता कानून को लागू करने का वायदा जनता से किया और कुछ ही अंतराल में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया जहां इसे लागू किया गया है। जनसंघ के दौर से ही पार्टी ने इसे अपने एजेंडे में प्राथमिकता पर रखा और उत्तराखंड में धामी ने भाजपा के इस अहम एजेंडे को लागू करके दिखाया। यही वजह रही कि इस बार के लोकसभा चुनाव के अपने मेनिफेस्टो में भाजपा ने उत्तराखंड की तर्ज पर इसे अब देश भर में लागू करने की गारंटी दी है। यही नहीं, धामी उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू कर चुके हैं। इसके बाद केंद्र सरकार ने भी इसे लागू किया। इन तमाम बड़े फैसलों के कारण आज उत्तराखंड के सीएम धामी की भाजपा आलाकमान में स्वीकारोक्ति अधिक बढ़ी है और इसके बाद भाजपा आलकमान ने उन्हें लोकसभा चुनाव में धामी को स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया है।
अब तक लोकसभा चुनाव के छह चरण हो चुके हैं और धामी इन चुनाव में भाजपा के लिए देशभर में ताबड़तोड़ तरह से 60 से ज्यादा जनसभा कर चुके हैं। क्या, दिल्ली, क्या राजस्थान, क्या हिमाचल, क्या तेलंगाना सब जगह धामी की धूम है। जहां जहां उनकी जनसभा व रोड शो हो रहे हैं वहां वहां युवाओं की भीड़ उन्हें देखने और सुनने को उमड़ रही है।