पीएम जो कहते हैं, वह करके दिखाते हैं, मोदी की गारंटी रहेगी जारीः सीएम

हरिद्वार लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी त्रिवेंद्र सिंह रावत के ऋषिकेश विधानसभा से सर्वाधिक 52250 मतों के अंतर से विजई होने पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लगातार दो बार सर्वाधिक मतों से जीत दर्ज करने में ऋषिकेश विधानसभा आगे रही। कहा कि यह जीत भारतीय जनता पार्टी के हर एक कार्यकर्ता की है, जिसने चुनाव में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। इस दौरान यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ जी के जन्मदिन पर मिठाई वितरित की गई।

बुधवार को बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने के रिकॉर्ड की बराबरी की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने जिस प्रकार से उत्तराखंड के विकास को लेकर काम किया है केंद्रीय योजनाएं देकर अपना प्रेम दिखाया है उसी का धन्यवाद करते हुए उत्तराखंड की जनता ने पांचों सीटें जीतकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि देश के विकास के लिए बड़े फैसलों का दौर जारी रहेगा, यह मोदी की गारंटी है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जो कहते हैं उसे करके दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुई जीत उन सभी कार्यकर्ताओं को समर्पित है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में पार्टी की विकासपरक सोच और सरकार के कार्यों को जनता के बीच रखा।

इस मौके पर मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, सुरेंद्र कुमार, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा सतीश सिंह, नितिन सकसेना, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, प्रतीक कालिया, वन विकास निगम के सदस्य देवदत्त शर्मा, शिव कुमार गौतम, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष माधवी गुप्ता, युवा मोर्चा अध्यक्ष जगावर सिंह, किशन मंडल, नंद किशोर जाटव, सुरेंद्र कक्कड़, जितेंद्र पाल, विशाल कक्कड़, गणेश रावत, विजेंद्र मोंगा, अभिनव पाल, संजीव पाल, राजू नरसिम्हा, दीपक बिष्ट, विकास तेवतिया, प्रताप सिंह राणा, बृजेश शर्मा, तनु तेवतिया, रूपेश गुप्ता, उषा जोशी, रेखा चौबे, सुधा असवाल, लक्ष्मी रावत, राजकुमारी पंत, दिनेश रावत, सीमा रानी, निवेदिता सरकार, रुचि जैन, रीता गुप्ता, पूनम डोभाल, रिंकी राणा, सुमन, सागर गिरी, राजेश जुगलान, राजेन्द्र बिष्ट, चंदू यादव, सचिन अग्रवाल, सुजीत यादव, प्रदीप कोहली, राधे जाटव, मेजर गोविंद सिंह रावत, अविनाश भारद्वाज, विवेक शर्मा, अनिरुद्ध शर्मा, अरविंद चौधरी, रीना शर्मा, चंद्र मोहन पोखरियाल आदि उपस्थित रहे।

नदियों और जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए प्रभावी प्रयास करेंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जल संरक्षण और पौधारोपण अभियान, 2024 के सफल क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये कि जल संरक्षण और जल संचय की दिशा में तेजी से कार्य किये जाए। नदियों और जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए प्रभावी प्रयास किये जाएं। इसके लिये सभी संबंधित विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें। 10 से 16 जून 2024 तक प्रदेशभर में जल उत्सव सप्ताह व्यापक स्तर पर मनाया जाय। यह निर्देश मुख्यमंत्री ने सचिवालय में आयोजित बैठक में दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक आधार पर जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए तेजी से कार्य किये जाए। इसके लिए यूकॉस्ट, यूसर्क एवं जल संरक्षण और संवर्द्धन के लिए कार्य करने वाली अन्य संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अभियान को सफल बनाने में जन सहभागिता बहुत अहम होती है। जल संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में कार्य करने वालों के साथ ही इस दिशा में जन भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन नदियों और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए अभी तक चिन्हित किया गया है, उनका बेस लाईन डाटा भी बनाया जाय। इनके पुनर्जीवीकरण के लिए लघुकालिक और दीर्घकालिक योजना के साथ कार्य किए जाए। वर्षा जल संचय की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए बनाई गई नीति का नियमानुसार पालन सुनिश्चित करवाया जाय।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि वनाग्नि से संभावित क्षेत्रों में वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए ऐसे क्षेत्रों में नमी संरक्षण की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए वन विभाग पूरी योजना बनाकर कार्य करें। जो जल स्रोत तेजी से सूख रहे हैं, उनके संरक्षण के लिए सुनियोजित तरीके से कार्ययोजना बनाकर कार्य किए जाएं। चाल-खाल और अमृत सरोवरों के निर्माण में और तेजी लाई जाय। शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण संचय और संरक्षण के लिए प्रभावी तरीके से कार्य किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि आगामी हरेला पर्व से व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया जाए। यह अभियान एक माह तक चलाया जाए। फलदार और छायादार पौधों का अधिक रोपण किया जाए। पौधारोपण के साथ उनका संरक्षण सबसे अधिक जरूरी है, इनके संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि पौधारोपण अभियान को न्याय पंचायत स्तर तक चलाया जाय। न्याय पंचायत स्तर पर गोष्ठी के माध्यम से जल संरक्षण और वृक्षारोपण के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम किये जाएं। न्याय पंचायत स्तर, विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में वृक्षारोपण अभियान के तहत फलदार पौध वितरित किए जाएं।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पौधारोपण अभियान में जन सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को मनरेगा से जोड़ने से लोगों की आजीविका भी बढ़ेगी। इस वर्ष इस अभियान को न्याय पंचायत स्तर तक विस्तार किया जायेगा। वन विभाग द्वारा सेक्टर बनाकर पौधारोपण किया जायेगा।

पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण जरूरी है। जल संचय और संरक्षण के परंपरागत तरीकों पर नियमित कार्य करना होगा। इस अभियान को जन अभियान बनाना जरूरी है।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, सचिव शैलेश बगोली, अरविन्द सिंह ह्यांकी, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, एच.सी. सेमवाल, डॉ. पराग मधुकर धकाते, शासन के वरिष्ठ अधिकारी और वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

पौधारोपण कर सीएम ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सहस्त्रधारा हेलीपैड के निकट सिटी पार्क में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर पौधारोपण किया। पौधारोपण कार्यक्रम के तहत अनेक प्रजाति के पौधे लगाये गये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों को बचाने के लिए संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अह्वाहन किया कि सभी परिवारों को जल संरक्षण में अपना योगदान देना होगा। हिमालय पर्वत की विश्व को स्वच्छ हवा और पानी देने में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए देवभूमि उत्तराखंड की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।

पौधारोपण कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में सीएम ने देवतुल्य जनता का आभार जताया


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय जनता पार्टी को उत्तराखण्ड में लोकसभा चुनाव में सभी पांचों सीटों पर विजयी बनाये जाने पर ’प्रदेश की देवतुल्य जनता का आभार व्यक्त किया है’। मुख्यमंत्री ने ’इस विजय को पार्टी कार्यकर्ताओं, सभी पदाधिकारियों की मेहनत एवं मार्गदर्शन का प्रतिफल बताया है।’

मुख्यमंत्री ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को शुभकामनायें देते हुए कहा कि ’हमारे लिए यह जनादेश प्रदेश की देवतुल्य जनता की और अधिक मनोयोग से जनसेवा की प्रेरणा देने वाला है।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास हेतु प्रदेश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी कार्यों पर भी अपनी मुहर लगाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ’आज ऐतिहासिक दिन है जब भाजपा और एनडीए गठबंधन को देश की जनता ने बहुमत देकर फिर से सरकार में आने का अवसर दिया है।’ ’”प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट के नेतृत्व में हमें यह सफलता मिली है।”’ हम सब उनका अभिनंदन करते है।

मुख्यमंत्री ने सभी का दिल की गहराइयों से धन्यवाद करते हुए कहा कि पार्टी हमारी माँ है और माँ के इस प्रांगण में वे सबका स्वागत एवं अभिनंदन करते है। इस चुनाव अभियान में आप सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पिछले 10 सालों में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण, महिला उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव है तथा देवभूमि प्रधानमंत्री के दिल में बसता है, जिसके फलस्वरूप उन्होंने दो लाख करोड़ से अधिक की योजनाओं की स्वीकृति उत्तराखण्ड को प्रदान की। उन्होंने विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुये कहा कि देहरादून-दिल्ली एलीवेटेड रोड जल्दी ही पूरा होने वाला है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का निर्माण अपने अंतिम चरण में है, जिससे पहाड़ में रेल का सपना साकार होगा। टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन पर तेजी से कार्य हो रहा है, लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा की यात्रा कर रहे हैं, मानसखण्ड के तहत हजारों श्रद्धालु कैंचीधाम की यात्रा कर रहे हैं, आदि कैलाश की यात्रा करके प्रधानमंत्री ने लोगों का ध्यान उस ओर आकर्षित किया। इसके अतिरिक्त समान नागरिक संहिता विधेयक को कानून के रूप में मान्यता मिल गयी है, दंगा रोधी कानून, राज्य में निवेश लाने सहित सभी काम डबल इंजन की सरकार में हुये हैं।

उन्होंने कहा कि ’उत्तराखण्ड में लोकसभा की पांचों सीटों पर जीत हम सबका प्रोत्साहन बढ़ाने एवं गुरूतर दायित्व के बोध के साथ ही जन-जन तक पहुंच बनाए जाने का साधन बनेगा।

सीएम धामी पहुंचे यात्रा कार्यालय हरिद्वार, श्रद्धालुओं की सुविधा एवं यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकुल मैदान हरिद्वार में संचालित हो रहे चार धाम यात्रा पंजीकरण केन्द्र का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान पंजीकरण हेतु पहुंचे श्रद्धालुओं से भी बातचीत कर व्यवस्थाओं के प्रति उनके विचार जाने। मुख्यमंत्री को अचानक से अपने बीच पाकर श्रद्धालुओं ने प्रसन्नता व्यक्त की और मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी भी ली।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि श्रद्धालुओं के हित में यदि पंजीकरण काउण्टर बढ़ाये जाने की आवश्यकता हो तो जरूरत के हिसाब से काउण्टर बढ़ाये जाये, श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय के साथ कूलर आदि की व्यवस्था की जाए, सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा कर्मी तैनात किये जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर आवश्यक कदम उठाये जाये। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिये कि किसी भी श्रद्धालु के साथ फ्रॉड न हो, यदि किसी भी श्रद्धालु के साथ फ्रॉड होता है तो फ्रॉड करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्यवाही की जाये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम यात्रा हरिद्वार से प्रारंभ होती है। विगत दिनों चार धाम यात्रा के दौरान अधिक संख्या के कारण ऑफ लाइन पंजीकरण प्रक्रिया को कुछ समय के लिए बन्द किया गया था, जिसे अब खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा वाले जनपदों में श्रद्धालुओं की बढती संख्या को देखते हुए सुरक्षा के लिये प्रभावी कदम उठाये जा रहे है। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य एवं व्यवस्थाएं सामान्य रहने पर ऑफलाइन पंजीकरण संख्या को बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है की सभी श्रद्धालु धामों के दर्शन कर सकें और श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी बनी रहे। उन्होंने कहा कि यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित एवं सुगमता से पूरी हो, तथा कोई परेशानी श्रद्धालुओं को न हो, यही हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मानसून के दृष्टिगत जो भी व्यवस्थाएं की जानी होंगी, वह भी सुनिश्चित की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपेक्षा की है कि उन्हें चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन के अनुसार जो तिथि मिली है, उसके अनुसार ही दर्शन के लिए आयें। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य परीक्षण और मौसम का पूर्वानुमान देखने के बाद ही चारधाम यात्रा पर आने के लिए भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि चारधाम यात्रा सुरक्षित हो और सभी श्रद्धालु भी स्वस्थ और सुरक्षित हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा प्रदेश की लाईफ लाईन है। यह यात्रा राज्य की आर्थिकी से भी जुड़ी है। जिस तेजी से चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है, हम सबका दायित्व है कि यात्रा को सुगम और सरल बनाने में सभी मिलकर सहयोगी बनें। व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक मदन कौशिक, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानन्द ने मुख्यमंत्री से चारधाम यात्रा से सम्बन्धित विभिन्न बिन्दुओ पर चर्चा की। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष किरन चौधरी, एसएसपी प्रमेन्द डोबाल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुरेश यादव, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, बीजेपी जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, पर्यटन से जुड़े कारोबारी आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने की चार धाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में चार धाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। चार धाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुये श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने हरिद्वार व ऋषिकेश में ऑफलाईन रजिस्ट्रेशन की संख्या को 1500 से बढ़ाकर 2000 प्रतिदिन किये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाना हमारा उद्देश्य है। इस व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारी प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेयजल की कमी को दूर करने के लिये प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जल संचय एवं जल संवर्द्धन के प्रति संजीदगी के साथ योजना बनाने पर ध्यान दिया जाए। इसे जन आंदोलन के रूप में संचालित करने के लिये आम जनता को इससे जोड़ने के प्रयास किये जाएं। इसके लिये मुख्यमंत्री ने जल संचय, जल संवर्धन तथा भू-जल स्तर में सुधार के लिये बनायी जाने वाली कार्ययोजना के लिये सचिव शैलेश बगोली तथा विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते को नोडल अधिकारी नामित किये जाने के भी निर्देश दिये हैं।

सीएम धामी की पहल पर देहरादून में संचालित की जा रही है हाईटेक ड्रग्स, मेडिकल डिवाइस एंड कास्मेटिक लैब

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशों पर प्रदेश खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने औषधि, मेडिकल उपकरण और कास्मेटिक सैंपलों की जांच के लिए देहरादून में एक हाईटेक लैब संचालित की जा रही है। इस लैब में औषधि, मेडिकल उपकरण और कास्मेटिक सैंपलों की जांच अत्याधुनिक मशीनों हो रही है। लैब में आनलाइन सर्टिफिकेशन की सुविधा है। आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग डॉ. आर राजेश कुमार का कहना है कि लैब को जल्द ही राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से भी मान्यता मिलने की संभावना है। इसके बाद लैब टेस्टिंग की रिपोर्ट पूरे विश्व में मान्य हो जाएगी। आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि लैब खुलने से औषधि, मेडिकल उपकरण और कास्मेटिक सैंपलों की जांचों में तेजी आएगी तथा नकली और मिलावटी उत्पाद निर्मित करने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

’केन्द्र के सहयोग से 7 करोड़ की लागत से बनी लैब’
देहरादून के सहस्रधारा रोड डांडा लखौण्ड में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन परिसर में हाईटैक लैब तैयार की गयी है। इस लैब का निर्माण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशन में किया गया । ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि भारत सरकार के सहयोग से लगभग सात करोड़ की लागत से निर्मित इस लैब में फार्मा और इंजेक्टेबल मेडिकल डिवाइस की टेस्टिंग की जाती है। इसके अलावा सौंदर्य प्रसाधनों की जांच भी की जाती है। लैब में एचपीएलसी, यूवी/विजुअल फोटो, एफटीआईआर, जीसीएचएस जैसी अत्याधुनिक मशीनों से जांच होती है जिनकी एक्यूरेसी अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होती है।

’जांच रिपोर्ट पूरे देश में मान्य’
ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी का कहना है कि लैब में भारत में निर्मित होने वाले सभी संबंधित उत्पादों की जांच की जाती है। अत्याधुनिक मशीनों की जांच सटीक रही हैं और पूरे देश में मान्य हैं। उनके अनुसार रुद्रपुर लैब में अब तक जांच का बोझ रहता था लेकिन अब इस लैब के खुलने से यहां जांचों में तेजी आएगी। गौरतलब है कि खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन लगातार प्रदेश में मिलावट खोरों और नकली उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ अभियान चला रहा है। प्रदेश में खाद्य लाइसेंस की आड़ में किये जा रहे नकली दवाओं के उत्पादन और विपणन को रोकने के लिए विभाग हरसंभव कोशिश कर रहा है।

’लैब में अब तक हुई 2 हजार जांच’
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की हाईटैक लैब में अब तक 2000 से अधिक जांच हो गयी हैं। यहां पांच प्रयोगशालाएं बनाई गयी हैं। इनमें रसायन परीक्षण लैब, मानइर, मेजर, कास्मेटिक और माइक्रो बायोलॉजी लैब हैं। इस लैब में ड्रग्स, टेबलेट, कप सिरप मसलन ओरल लिक्विड, मेडिकल डिवाइस और कास्मेटिक उत्पादों के सैपंलिंग की जांच की जाती है। लैब की क्षमता 3000 सैंपलिंग की है।

’सौंदर्य प्रसाधनों की जांच पर विशेष फोकस’
ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि यह लैब रुद्रपुर के बाद दूसरी लैब है। रुद्रपुर लैब में ड्रग्स सैंपलिंग की महज एक हजार टेस्टिंग की क्षमता है। उल्लेखनीय है कि सौंदर्य प्रसाधनों को लेकर महिलाओं में विशेष आर्कषण होता है। बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए कुछ असामाजिक तत्व नकली या मिलावटी सौंदर्य उत्पाद निर्मित कर बेचने का प्रयास करते हैं। विभाग ऐसे नकली उत्पाद निर्माण में जुटी कंपनियों के खिलाफ अंकुश लगाने में जुटा हुआ है।

सीएम धामी ने कहा लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनपद चंपावत में एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम पर बनबसा पहुंचे। बनबसा के एनएचपीसी सभागार में उन्होंने विद्युत, पेयजल, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा सिंचाई विभाग आदि की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों की लापरवाही एवं उदासीनता पर सख्त होते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई कहा कि सभी अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं साथ ही उन्होंने ऊर्जा और पेयजल के क्षेत्र में लापरवाही करने वाले अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिजली पानी से जनता परेशान हुई तो अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। उन्होंने पूर्णागिरि में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए साथ ही उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरी में आने वाले श्रद्धालुओं को भी बिजली पानी की दिक्कत न होने पाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भविष्य को देखते हुए आवश्यक विद्युत की मांग के अनुरूप आपूर्ति की योजनाएं अभी से तैयार कर लें। उन्होंने यूपीसीएल, पिटकुल व उरेडा से मिलकर प्रस्ताव तैयार करते हुए नए विद्युत घरों के कार्य का निर्माण शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी नवनीत पाण्डे को निर्देश दिए कि जनपद में होने वाले प्रत्येक निर्माण कार्यों में पूर्ण गुणवत्ता, समयबद्धता तथा पारदर्शिता रहे। इस हेतु वह स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर समीक्षा करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन भूमि हस्तांतरण के कारण जो भी परियोजनाएं लंबित हो रही हैं। उनका त्वरित निस्तारण करते हुए अधिकारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी से कार्य करें और शासन स्तर की समस्या हेतु अधिकारी देहरादून आकर संबंधित विभाग और स्वयं उनसे मिलकर समस्या का निवारण करें, ताकि समस्या का समाधान शीघ्र हो सके। उन्होंने कहा कि टनकपुर बनबसा क्षेत्र में पुरानी विद्युत लाइनें एवं ट्रांसफार्मर को एक माह के भीतर बदलने के साथ ही एलटी लाइन को भूमिगत करने हेतु प्रस्ताव तैयार करें साथ ही नए टर्मिनल भी बनाएं।

उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता की समस्याएं प्राथमिकता से सुनते हुए उनका निस्तारण करें और किसी भी प्रकार से जनता को उनकी समस्याओं से उलझाए नहीं। ग्रीष्मकाल में बढ़ती विद्युत की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अपने कार्यालय एवं आवासों में ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट (सीएम सूर्य घर योजना) को लगाने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री श्री धामी ने जनता से भी इस योजना का लाभ लेने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग में प्रमुख अभियंता को प्रदेश के छोटे शहर व कस्बों जहां जाम की स्थिति होती है वहां बाईपास का निर्माण कराने हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। किसी भी समस्या का स्थाई समाधान हो इस हेतु अधिकारी इसे गंभीरता से लें। जो कार्य जिस स्तर पर संभव हो अधिकारी व्यक्तिगत लेते हुए कार्यों को अपने स्तर से ही स्वीकृत कराए, बेवजह उन्हें लंबित न रखें। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड है।

मुख्यमंत्री ने कुमाऊं आयुक्त को समय-समय पर विकास योजनाओं की अपने स्तर से समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्णागिरि मेला क्षेत्र व शारदा घाट हेतु बनने वाले शारदा कॉरिडोर के निर्माण हेतु बेहतर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए जो भी योजनाएं बनाई जाती हैं उसके लिए भूमि का चयन करते समय उसकी पूरी उपयोगिता जनता को मिले इसका विशेष ध्यान भूमि चयन करते समय रखा जाए।

आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत ने वर्तमान में विद्युत, पेयजल आदि की व्यवस्था एवं मानसून की पूर्व तैयारी के संबंध में जानकारी दी। बैठक में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन, पिटकुल, उत्तराखंड जल निगम, विद्युत निगम, लोक निर्माण विभाग एवं जल संस्थान के विभागाध्यक्ष द्वारा वर्तमान में विद्युत पेयजल की समस्या के समाधान हेतु की जा रही कार्यवाही को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अवगत कराया। बैठक में विद्युत विभाग के विभागाध्यक्ष ने अवगत कराया की टनकपुर- बनबसा क्षेत्र के अंतर्गत वर्तमान में विद्युत लाइन की फीडर है व पुरानी होने के साथ ही एक ही फीडर से ही चार सब स्टेशन के कारण समस्या हो रही है। वर्तमान में इस समस्या के समाधान हेतु अलग सर्किट का निर्माण तथा 6 नए बिजली घर प्रदेश में बनाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने पर्यटन हेतु स्वदेश दर्शन योजना, शारदा कॉरिडोर, मुख्यमंत्री घोषणा, सड़क मार्गों, सिंचाई परियोजना आदि की भी समीक्षा की। उन्होंने नदियों में बाढ़ सुरक्षा हेतु चौनेलाइजेशन, रिवर ट्रेनिंग आदि सुरक्षा के कार्यों के साथ ही बरसात से पूर्व सभी सड़क मार्ग में नाली सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था आदि करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष जिला स्तर पर वर्चुअल माध्यम से कार्य योजनाओं की समीक्षा करें।

बैठक में दर्जा प्राप्त मंत्री अनिल डब्बू, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी नवनीत पाण्डे, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, भाजपा जिला अध्यक्ष निर्मल महरा, प्रमुख अभियंता सिंचाई जयपाल सिंह, मुख्य अभियंता लोनिवि अल्मोड़ा अशोक कुमार, निदेशक परिचालन यूजेवीएनएल अजय कुमार सिंह, प्रबंधक निदेशक पीटीसीयूएल पीसी ध्यानी, प्रमुख अभियंता लोनिवि दीपक कुमार यादव, निदेशक पीटीसीयूएल जीएस बुदीमाल, डीएफओ चंपावत आरसी कांडपाल, सीडीओ संजय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

एस्ट्रो टूरिज्म से प्रदेश में होगा बहुआयामी पर्यटन का विकासः सीएम

उत्तराखण्ड में पर्यटन की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत एस्ट्रो टूरिज्म को बढ़ावा दिये जाने के उद्देश्य से में पर्यटन विभाग द्वारा एस्ट्रो टूरिज्म कंपनी के सहयोग से ‘नक्षत्र सभा‘ का जॉर्ज एवरेस्ट मसूरी में विधिवत उद्घाटन हो गया है। यह अपने आप में अलग क़िस्म का आयोजन है, देश में पहली बार एस्ट्रो टूरिज्म की थीम पर “नक्षत्र सभा” आयोजन किया गया है। यह आयोजन 2 जून तक चलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के अलावा बहुआयामी पर्यटन गतिविधियों बढ़ावा देने के दृष्टिगत पर्यटन विभाग ने यह पहल की है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित “नक्षत्र सभा” के सफल आयोजन के लिए शुभकामना दी हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश में बहुआयामी पर्यटन के दृष्टिगत सरकार अन्य संसाधन भी विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि सरकार ग्रीन टूरिज्म को बढ़ावा देने के दृष्टिगत विभिन्न प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के अलावा साहसिक पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म, एस्ट्रो टूरिज्म पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर एस्ट्रो विलेज स्थापित कर रही है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि सरकार का प्रयास है प्रदेश में जो भी पर्यटक आते हैं वो एक बेहतर अनुभव ले के जायें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए -नए पर्यटक स्थलों को विकसित करने पर ज़ोर दिया जा रहा है।

इस आयोजन का उद्घाटन समारोह जॉर्ज एवरेस्ट, मसूरी में आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान के निदेशक डॉ. दीपांकर बनर्जी, डॉ0 प्रभास पांडे, प्रोफेसर, दिल्ली विश्वविद्यालय, श्री आकाश सिन्हा, सहायक प्रोफेसर , प्रैक्टिस, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, शिव नादर विश्वविद्यालय, डॉ0 टी0वी0 वेंकटेश्वरन, विज्ञान प्रसार, और स्टारस्केप्स के संस्थापक श्री रामाशीष रे की उपस्थिति में आयोजित किया गया था।

आयोजन के लिए स्थान के रूप में जॉर्ज एवरेस्ट शिखर का चयन महत्वपूर्ण ऐतिहासिक महत्व रखता है। प्रसिद्ध ब्रिटिश सर्वेक्षक सर जॉर्ज एवरेस्ट के नाम पर रखा गया यह शिखर भारत के त्रिकोणमितीय सर्वेक्षण का केंद्र था, जो देश के सटीक मानचित्रण के लिए महत्वपूर्ण था। हिमालय क्षेत्र के सर्वेक्षण में पं0 नैन सिंह रावत ने सर जॉर्ज एवरेस्ट के साथ बड़े पैमाने पर सहयोग किया। हाल ही में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने सर जॉर्ज एवरेस्ट स्टेट में देश के पहले कार्टाग्राफी संग्रहालय का भी उद्घाटन किया।

नक्षत्र सभा विशेष उपकरणों के माध्यम से तारों को देखने, विशेष सौर अवलोकन, एस्ट्रोफोटोग्राफी प्रतियोगिता, तारों के नीचे शिविर लगाने जैसी बहुत सी गतिविधियों के साथ एक समग्र खगोल पर्यटन अनुभव प्रदान करती है। नक्षत्र सभा का आयोजन 2025 के मध्य तक किया जायेगा, जो पूरे उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर गहन कार्यक्रमों की एक श्रृंखला पेश करेगी। इसमें विशेषज्ञों के साथ सेमिनार और वेबिनार के अलावा उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली जिलों में डार्क स्काई संभावित स्थलों को कवर किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य खगोल विज्ञान के प्रति उत्साही लोगों को ब्रह्मांड की सुंदरता को देखने के लिए एक साथ लाना है।

यह अभियान स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और कौशल विकास के अवसर प्रदान करेगा, जिससे उनके लिए रोजगार के नए अवसरों का सृजन हो सके। इसके अलावा यह उत्तराखंड में डार्क स्काई संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए समर्पित राजदूतों के एक समुदाय को बढ़ावा देकर डार्क स्काई के संरक्षण की वकालत करेगा। इसमें एक अंधेरे आकाश संरक्षण नीति का निर्माण और वर्ष के दौरान पूरे क्षेत्र में इसका कार्यान्वयन शामिल है। स्टारस्केप्स की टीम स्थानीय समुदायों, यात्रा और पर्यटन भागीदारों के साथ-साथ होमस्टे समुदायों के साथ सक्रिय रूप से कार्य करेगी तथा नक्षत्र सभा के सफल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण और निरंतर सहायता प्रदान करेगी।

सचिन कुर्वे, सचिव पर्यटन/मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने कहा कि नक्षत्र सभा के शुभारंभ के साथ हमारा उद्देश्य उत्तराखंड को खगोल पर्यटन में सबसे आगे रखना है। स्टारस्केप्स के सहयोग से यह अनूठी पहल शुरू की गई है। उत्तराखंड अपने विशाल वन क्षेत्र, प्रकृति-आधारित पर्यटन और होम स्टेस् के साथ एस्ट्रो टूरिस्ट की पसंद बनने के लिए विशिष्ट स्थिति में है। यह अभियान उस दिशा में एक और कदम है। हमारा उद्देश्य दुनिया भर से आगंतुकों को आमंत्रित करना है। हम उन्हें उत्तराखंड की अनूठी विरासत की झलक दिखाने के साथ-साथ ब्रह्मांड के जादू का अनुभव करने के लिए इस तरह के कई और अभियानों की मेजबानी करने के लिए उत्सुक हैं जो उत्तराखंड को वैश्विक एस्ट्रो टूरिज्म मानचित्र पर ला सकते हैं।

स्टारस्केप्स के संस्थापक, रामाशीष रे ने कहा, पिछले कई वर्षों से हम राज्य में अनुभव केंद्रों और वेधशालाओं की अपनी श्रृंखला के माध्यम से इसे बढ़ावा देने के अलावा, उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के साथ मिलकर कई एस्ट्रो टूरिज्म शिविरों की मेजबानी कर रहे हैं, जिनमें हमें अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। हम पर्यटन विभाग के इस वार्षिक एस्ट्रो पर्यटन अभियान- ‘नक्षत्र सभा‘ के साथ जुड़ने में खुद को सौभाग्याशाली मानते हैं। इस अभियान की संकल्पना उत्तराखंड को आदर्श एस्ट्रो टूरिज्म गंतव्य के रूप में स्थापित कर स्थानीय समुदायों को एस्ट्रो टूरिज्म से जोड़कर रोजगार के अवसर प्रदान करना है।

नक्षत्र सभा की मुख्य विशेषताओं में विशेष उपकरणों के माध्यम से तारों को देखना, एस्ट्रो टूरिज्म पर विशेषज्ञ वार्ता, एस्ट्रोफोटोग्राफी प्रतियोगिता, विशेष सौर अवलोकन आदि शामिल हैं।

बढ़ते तापमान पर सीएम हुए चिंतित, अस्पतालों में दवाओं के स्टाक को रखने के निर्देश दिए

हमेशा ठंडा रहने वाला उत्तराखंड भी अब गर्मी की चपेट में है। राज्य के मैदानी जिलों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य के मैदानी जिलों से लेकर पर्वतीय जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार को स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों को लेकर जरूरी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी अस्पतालों में समुचित व्यवस्थायें बनाने और जरूरी दवाओं का स्टाक रखने के निर्दश दिये हैं।

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा गर्मी के बढ़ने से सेहत पर भी इसका असर पड़ता है। मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में सीवियर हीट वेव कंडीशन देखने को मिली है। जिसके चलते मैदान से लेकर पहाड़ तक गर्म हवाएं चल सकती हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नई हैल्थ एडवाइजरी जारी की गई है। जिसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी अस्पतालों में अर्लट जारी कर दिया है। एडवाइजरी में दोपहर 12 से सायं 4 के मध्य धूप में बिना जरूरी काम के न निकलने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा गर्मी के कारण बीमारियां की चपेट में आने की ज्यादा संभावनाएं रहती हैं। इसको देखते हुए प्रदेश के सारे सरकारी अस्पततालों में पूर्व में ही अर्लट जारी कर व्यवस्थायें बनाने के निर्देश जारी कर दिये गये थे।

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने तापमान बढ़ने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जिससे शरीर डिहाइड्रेटेड हो जाता है। उन्होंने कहा गर्मी के मौसम में बच्चों और बुर्जगों को कम से कम घर से निकलने दें, ताकि बच्चें हीट वेव से बच सकें और वो कम बीमार पड़े। उन्होंने कहा कि गर्मी से बचने के लिए अधिक से अधिक तरल पदार्थ का सेवन करें, ताकि शरीर में पानी की कमी ना हो पानी की कमी नहीं होने से भी गर्मी के प्रकोप से बच्चों को बचाया जा सकता है।

हीटवेव (गर्मी/लू) से बचाव के लिए क्या करे
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा घर बाहर निकलने से पहले एक बार तापमान जरूर देख लें और अगर ज्यादा ही जरूरी है, तो अपने साथ धूप से बचाने वाली चीजें लेकर चलें, जैसे चश्मा, छाता, सनस्क्रीन, मुंह पर बांधने वाला कपड़ा, पानी की बोतल और खाने के लिए छोटी-मोटी चीजें। थोड़े-थोड़े समयान्तराल पर तरल पदार्थ (शीतल जल, नीबू पानी, शिकंजी, नारियल पानी आदि) पीते रहें। घर, कार्यस्थल आदि स्थानों पर सूर्य की सीधी रोशनी को रोकने के लिए पर्दा आदि का प्रबन्ध करें। जानवरों को छायादार स्थानों पर रखें। बच्चे, बीमार व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। हीट स्ट्रोक/लू के लक्षण दिखने पर नजदीकी राजकीय चिकित्सा इकाई पर सम्पर्क करें।

हीटवेव (गर्मी/लू) में क्या न करें
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बिना काम के घर से बाहर न निकलने की अपील की है। अत्यधिक गर्मी (दोपहर 12 से सायं 4) के मध्य बाहर धूप में बिना जरूरी काम के बिल्ुकल न जायें। नंगे पैर/बदन धूप में जाने परहेज करें। अत्यधिक प्रोटीन युक्त भोजन व बासी भोजन का सेवन करने से बचें। धूप में खड़ी गाड़ियों में बच्चों और पालतू जानवरों को अकेला बिल्कुल न छोडें। गहरे व चटक रंग के कपड़ों को गर्मियों में पहनने से परहेज करें। इसके साथ ही तंग एवं छोटे कपड़ों का प्रयोग विशेषकर जब बाहर धूप में जाना हो बिल्कुल न करें। बंद एवं अत्यधिक गर्मी वाले स्थान पर भोजन न पकायें। गर्मियों में शराब, चाय, कॉफ़ी, कार्बाेहाइड्रेट, साफ्ट ड्रिंक आदि का अधिक सेवन न करें। अधिक गर्मी/धूप में श्रम कार्य करने से बचना चाहिए।

राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में अर्लट जारी
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा गर्मी के मौसम व हीट वेव के खतरे को दृष्टिगत रखते हुए सभी जनपदों को सतर्क रहने के निर्देश पहले ही दे दिए गए थे। सभी चिकित्सालयों को पर्याप्त मात्रा में ओआरएस, आई फलूडस आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के लिए कहा गया। सभी स्वास्थ्य कर्मी चिकित्सा एवं पैरामेडिकल स्टाफ का प्रशिक्षण किया गया है। सभी चिकित्सालयों में पीने के पानी की दुरुस्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए थे तथा चिकित्सालय में बिजली की निरंतर आपूर्ति रखने के लिए कहा गया है। हीट स्ट्रोक से कोई मृत्यु दर्ज होती है तो उसकी डेथ ऑडिट किया जायेगा, ताकि मृत्यु के सही कारण का पता लगाया जा सके लोगों को हीट स्ट्रोक से बचाव हेतु जागरूकता के लिए सोशल मीडिया प्रिंट मीडिया होर्डिंग बैनर के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जा रहा है।