मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिये सीमांत क्षेत्रवासियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सांय गुंजी में आयुक्त कुमांऊ, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ के साथ सेना, आई.टी.बी.पी. तथा बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन एवं अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ सीमांत क्षेत्र विकास से जुडे विषयों के साथ ही क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की तथा सीमांत क्षेत्र विकास से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि हमारे सीमान्त क्षेत्रवासी भी हमारी सीमाओं के प्रहरी है। उन्होंने क्षेत्र के निवासियों की समस्याओं के निराकरण के निर्देश देते हुये अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गुंजी पहुंचने पर प्रशासन, सेना, आई.टी.बी.पी. व बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन के अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी दिन-रात समर्पण भाव के साथ राष्ट्र सेवा में तैनात जवानों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

राज्य में रह रहे बाहरी लोगों को सघनता से सत्यापन किया जाएः सीएम


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि कानून-व्यवस्था का सख्ती से पालन करवाया जाए। राज्य में रह रहे बाहरी लोगों को सघनता से सत्यापन किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि जो भी बाहरी व्यक्ति राज्य में जमीन खरीदने के लिए आ रहे हैं, वे किस उद्देश्य से जमीन खरीद रहे हैं? आपराधिक विवरण के साथ ही भूमि क्रय करने का उद्देश्य भी बताना पड़ेगा। इसका उनसे निर्धारित प्रारूप पर घोषणा पत्र भरवाया जाए। बाहरी लोगों के जमीन खरीदने से पहले इसकी भी सघनता से जांच करवाई जाए कि उन पर कहीं कोई आपराधिक मामला न चल रहा हो, जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति पर आपराधिक मामला पाया जाता है, तो प्रारूप पर उसका स्पष्ट उल्लेख हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को चिन्हित किया जाए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कारवाई की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि वनाग्नि, पेयजल, और बिजली की समस्याओं को दूर करने के लिए नियमित बैठक कर समीक्षा की जाए। आगे इस तरह की समस्याएं न हों, इसके लिए जो भी प्रभावी उपाय किये जाने हैं, जल्द किये जाएं। कार्यों में लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। आपदा प्रबंधन और आगामी कांवड़ के दृष्टिगत सभी तैयारियां पूर्ण रखने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि शासन के वरिष्ठ अधिकारी नियमित सभी जिलाधिकारियों के संपर्क में रहें, जनपदों से किसी भी प्रकार की सहायता के अनुरोध पर उनका यथाशीघ्र समाधान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की धनराशि लाभार्थी को डी.बी.टी के माध्यम से जल्द मिले। वित्त विभाग और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इसकी त्वरित कार्यवाही करे। जन समस्याओं का समाधान शीघ्रता से किया जाए। जल संरक्षण और संवर्द्धन के साथ ही व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये। इसे जन अभियान से जोड़ा जाए। वर्षा जल संचय पर भी विशेष ध्यान देने के साथ ही इसके लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर, शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, एडीजी ए.पी. अंशुमन, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव जे.सी. कांडपाल उपस्थित थे।

समस्याओं के समाधान के लिए दिव्यांग फरियादियों के पास स्वयं पहुंचती हैं मुख्य सचिव राधा रतूड़ी

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मुख्य सचिव कार्यालय में उनसे मिलने आए दिव्यांग फरियादियों की सुविधा हेतु भूतल पर विशेष व्यवस्था की है। अब दिव्यांगजनो को अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु मुख्य सचिव से मिलने मुख्य सचिव कार्यालय के प्रथम तल पर जाने की आवश्यकता नहीं है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी स्वयं दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिदिन फरियादियों के पास पहुंचकर उनकी समस्याओं का संज्ञान लेती है।

उल्लेखनीय है कि दिव्यांगजनों के साथ ही आमजन की समस्याओं की सुनवाई के लिए मुख्य सचिव कार्यालय में प्रत्येक कार्यालय दिवस पर व्यवस्था की गई है। आमजन मुख्य सचिव से उनके कार्यालय में मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत करा सकते हैं। मुख्य सचिव कार्यालय के भूतल स्थित पर्यावरण प्रकोष्ठ में दिव्यांगजनों की सुविधा के दृष्टिगत विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

सीएस ने उर्जा सहित अन्य विभागों को दिए निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग के निर्देश


सीएस राधा रतूड़ी ने ऊर्जा एवं सम्बन्धित विभागों को निवेश प्रस्तावों की ग्राउण्डिंग के साथ ही राज्य में लगने वाले नए उद्यमों हेतु पर्याप्त मात्रा में विद्युत आपूर्ति तथा जलापूर्ति की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने राज्य में लग रहे बायोफ्यूल उद्यमों से कच्चे माल के रूप में पिरूल के उपयोग के प्रस्ताव पर विचार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्धता व लक्ष्य आधारित कार्यशैली अपनाते हुए सभी निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में गत वर्ष आयोजित हुए उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 में किये गए निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग की समीक्षा की। आज की बैठक में उन्होंने मुख्यतः आवास, पर्यटन तथा ऊर्जा विभाग के तहत किए गए एमओयू की समीक्षा की।

बैठक में जानकारी दी गई कि आवास विभाग के तहत कुल किए गए 125 एमओयू में से 74 पर कार्य आरम्भ हो चुका है, इससे कुल 7429.85 करोड़ रूपये का निवेश आया है तथा 12318 रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। पर्यटन विभाग के तहत कुल 505 एमओयू में से 140 पर कार्य आरम्भ हो चुका है, जिससे 3816.22 करोड़ रूपये का निवेश आया है तथा 5047 रोजगार सृजित हुए हैं। ऊर्जा विभाग के तहत कुल 193 यूनिट की ग्राउंडिंग हो चुकी है जिससे 28288 करोड़ का निवेश आया है तथा निर्माण कार्यों के दौरान 18119 रोजगार तथा संचालन के दौरान 4026 रोजगार सृजित हुए हैं। एरोमेटिक प्लान्टस के क्षेत्र में अभी तक कुल 32 यूनिट की ग्राउंडिंग हुई है जिससे 133.4 करोड़ रूपये का निवेश प्राप्त हुआ है तथा 1052 रोजगार सृजित हुए हैं।

बैठक में सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

पढ़ाई के साथ कमाई भी करेंगे छात्र-छात्राएंः डा. धन सिंह

उत्तराखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं अब पढाई के साथ-साथ कमाई भी करेंगे। इसके लिये सरकार ने श्सीएम लीप अर्न वाइल यू लर्नश् योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। राज्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शीघ्र ही इस योजना को लागू किया जायेगा। योजना के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान स्तर पर चयनित मेधावी छात्र-छात्राओं को अधिकतम छह हजार मासिक पारिश्रमिक दिया जायेगा। अकादमिक रूप से उत्कृष्ट छात्रों को उनके शैक्षणिक गतिविधियों के दौरान वित्तीय सहायता मिलने से छात्रों का पढ़ाई के प्रति जहां रूझान बढ़ेगा, वहीं उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र नामांकन में भी इजाफा होगा।

उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के पक्षधर है ताकि प्रदेश के युवाओं को शिक्षण संस्थानों में उच्च स्तरीय शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव और उपार्जन के अवसर उपलब्ध कराये जा सके। डॉ रावत ने बताया कि सरकार की इसी मंशा के तहत प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘सीएम लीप अर्न वाइल यू लर्न’ योजना लागू की जायेगी, जिसकी मंजूरी सरकार ने दे दी है और शीघ्र ही शासन स्तर से इसका शासनादेश जारी कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि सीखो और कमाओ आधारित इस महत्वपूर्ण योजना के तहत प्रदेश के समस्त राज्य विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों और अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थाओं में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं अनुसंधान स्तर के पात्र छात्र-छात्राओं को संस्थान में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य सौंपे जायेंगे। जिसमें प्रमुख रूप से पुस्तकालय संचालन सहायता कार्य, प्रयोगशालाओं में उपकरण संचालन, रखरखाव और प्रायोगिक सत्रों के लिये प्रयोगशाला सहायता संबंधी कार्य तथा कार्यालयी प्रशासनिक कार्य आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि योजना हेतु अभ्यर्थियों का चयन उनके समग्र शैक्षणिक स्कोर के आधार किया जायेगा। योजना के अंतर्गत कार्ययोजित छात्र-छात्राओं को सौ रूपये प्रतिघंटे के हिसाब से अधिकतम छह हजार रूपये प्रतिमाह पारिश्रमिक दिया जायेगा। विभागीय मंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत कार्ययोजित छात्र-छात्राओं पर इसके प्रभाव का समय-समय पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मूल्यांकन किया जायेगा। मूल्यांकन के दौरान नामंकित छात्रों व नियोजित करने वाले होस्ट दोनों से फीडबैक लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि एक निरंतर अंतराल में सीएम लीप योजना की समीक्षा भी की जायेगी ताकि इस नीति की प्रासंगिकता, प्रभावशीलता और उद्देश्यों को सुनिश्चित किया जा सके और भविष्य में छात्र-छात्राओं को इसका अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जा सके।

योजना के लिये पात्रता
सीएम लीप अर्न वाइल यू लर्न योजना के लिये स्नातक द्वितीय वर्ष (तृतीय/चतुर्थ सेमेस्टर) से लेकर स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राएं तथा शोधार्थी पात्र होंगे। योजना के लिये छात्र-छात्राओं का चयन उनके समग्र शैक्षिणिक स्कोर के आधार पर किया जायेगा। इसके लिये इच्छुक छात्रों को संबंधित संस्थान में पूर्णकालिक नियमित संस्थागत छात्र होना अनिवार्य होगा। योजना के तहत स्नातक प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष में प्राप्त अंक, स्नातकोत्तर प्रथम व द्वितीय वर्ष में प्राप्त अंक, यूसेट में प्राप्त अंक तथा नेट में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट तैयार की जायेगी। तदोपरांत उच्च प्राथमिकता पात्रता मानदंड को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जायेगी। इसके लिये इच्छुक छात्र-छात्राओं को संबंधित संस्थान में आवेदन करना होगा। उक्त संस्थान द्वारा सीएम लीप योजना के अंतर्गत नामांकन/आवेदन समर्थ पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किये जायेंगे। जिसकी सूचना संस्थान को अपनी वेबसाइट पर प्रसारित करनी होगी और छात्र समूहों में भी इसका प्रचार-प्रसार करना अनिवार्य होगा।

योजना के तहत इन क्षेत्रों में मिलेगा काम’
पढ़ाई के साथ कमाई योजना के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत अर्ह छात्र-छात्राएं शैक्षणिक विभाग, अनुसंधान केन्द्र, स्कूल, पुस्तकालय, विभाग और प्रशासनिक कार्यालय में काम कर सकेंगे। जिसमें पुस्तकालय संचालन के तहत पुस्तक व्यवस्था, प्रदर्शन और संचालन शामिल है। अनुसंधान केन्द्र में उपकरण संचालन, रखरखाव और प्रयोगशाला सहायता संबंधी कार्यों किये जायेंगे। जबकि विभाग व प्रशासनिक कार्यालय में विशेष रूप से छात्र वर्ग से संबंधित कार्य, डाटा प्रबंधन, फाइलिंग, ड्राफ्टिंग इत्यादि कार्य शामिल है।

छात्रों को पढाई के साथ मिलेगा पारिश्रमिक
सीएम लीफ योजना के तहत कार्ययोजित छात्र-छात्राओं को रू0 100 प्रतिघंटे की दर से अधिकतम रूपये 6000प्रतिमाह पारिश्रमिक दिया जायेगा। जिसका भुगतान इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सेवा (ईसीएस) के माध्यम से करते हुये अर्जित धनराशि सीधे उनके व्यक्तिगत बैंक खाते में जमा की जायेगी।

उत्तराखंड में फेसलेस चालान सिस्टम होगा लागू, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने परिवहन विभाग से राज्य में सड़क दुर्घटनाओं के बाद हुए डेथ ऑडिट के फलस्वरूप उठाए गए सुधारात्मक कदमों (Corrective Measures) की जानकारी मांगी है। इसके साथ ही उन्होंने पूरी तरह से फेसलेस चालान सिस्टम को लागू करने के निर्देश दिए है। राधा रतूडी ने सम्पूर्ण राज्य सीमा एवं सभी मुख्य मार्गों पर एएनपीआर कैमरों के साथ ही शहरों में ड्रोन कैमरों से ट्रैफिक व्यवस्था की मॉनिटरिंग एवं चालान के निर्देश दिए हैं। सीएस ने शिक्षा विभाग को स्कूलों में सप्ताह में एक दिन बच्चों को सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ट्रैफिक सिगनल को एएनपीआर तथा आरएलवीडी सिस्टम से अपग्रेड करने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबन्ध समिति की बैठक की अध्यक्षता के दौरान राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने के दृष्टिगत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने दोपहिया वाहनों पर पीछे बैठने वालों के लिए हेलमेट पहनने एव फॉर वीकल में सभी के लिए सीट बेल्ट के नियम को सख्ती से लागू करवाने के निर्देश दिए हैं।

रोड सेफटी की आज की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की ट्रैफिक व्यवस्था को हाईटेक एवं अपडेट करने के दृष्टिगत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी 13 जिलों में ड्रोन सेवाओं की व्यवस्था, ट्रैफिक सिगनल को एएनपीआर तथा आरएलवीडी सिस्टम से इंटिग्रेट व अपडेट करने, हाई टेक मोटर बाईक, कैमरों के साथ राडार स्पीड साइन बोर्ड, डिजिटल स्पीड साइन बोर्ड व वेरिएबल मेसेज डिस्पले बोर्ड लगाने, ट्रैफिक पुलिस कर्मियों हेतु बॉडी वॉर्न कैमरा, एल्कोमीटर / ब्रीथ एनालाइजर, पोर्टेबल साउण्ड सिस्टम जैसे आधुनिकतम टेक्नॉलाजी सिस्टम को लागू करने की वित्तीय एवं सैद्धान्तिक स्वीकृति दी है।

सीएस राधा रतूड़ी ने परिवहन एवं पुलिस विभाग को सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता हेतु अधिकाधिक सोशल मीडिया के माध्यम से जन जागरूकता को कार्य करने के निर्देश दिए है।

जीरो एक्सीडेंट राज्य के विजन के साथ कार्य करने की सख्त हिदायत देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूडी ने लोक निर्माण विभाग को वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु सुरक्षात्मक कार्यों के तहत क्रैश बैरियर लगाने, रोड डेलीनेटर व कैट आई, ब्लैक स्पॉट पर सुधारात्मक कार्य करने, पैरापिट एवं कॉशनरी साईन बोर्ड, रोड फर्नीचर रोड मार्किंग आदि कार्यों की वित्तीय एवं सैद्धान्तिक स्वीकृति दी।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने हिट एण्ड रन तथा गुड़ समेरिटन के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के मागों पर वैज्ञानिक तरीके से गति सीमा के निर्धारण की कार्ययोजना पर तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं ।

बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले वर्ष 67 गुड समेरिटन को 10 लाख की धनराशि आवंटित की गई है। वर्ष 2024-26 में गुड़ समेरिटन योजना हेतु 10 लाख की धनराशि प्रस्तावित है। विदित है कि गुड समेरिटन को प्रोत्साहित करने हेतु उत्तराखण्ड में Ministry of Road Transport and Highways, Government of India की Good Samaritan स्कीम को विभागीय स्तर पर लागू किया गया है, जिसमें Good Samaritan को नगद ईनाम और प्रशंसा पत्र दिया जाता है।“

उत्तराखण्ड राज्य में भी विभागीय Good Samaritans पुरस्कार योजना प्रारम्भ की गयी है, जिसके अन्तर्गत यदि कोई व्यक्ति निम्नलिखित कार्यों में से कोई कार्य करता है, तो उत्तराखण्ड पुलिस उसे नगद ईनाम और प्रशंसा पत्र प्रदान करेगी। सड़क दुर्घटना में किसी व्यक्ति को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करना। सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्ति/व्यक्तियों का राहत एवं बचाव कार्य कर समय से अस्पताल पहुँचाना। सड़क दुर्घटना में घायल / चोटिल व्यक्ति को एम्बुलेंस की उपलब्धता न होने की स्थिति में निजी वाहन से अस्पताल पहुँचाना।

सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को आवश्यकता पड़ने पर रक्तदान करना या रक्तदान का प्रचार-प्रसार कर सम्बन्धित ब्लड ग्रुप वाले रक्तदाता (Donor) की व्यवस्था करना।

दुर्घटना में घायल व्यक्ति की आर्थिक रूप से सहायता करना आदि। सड़क दुर्घटना की रोकथाम के प्रयास में प्रभावी सहायता योगदान उपलब्ध कराना।

बैठक में पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार, प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु, सचिव अरविन्द सिंह हयाकी, वी षणमुगम सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

नई दिल्ली में निर्मित उत्तराखण्ड निवास में दिखेगी पहाड़ी शैली की झलक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में निर्माणाधीन ‘उत्तराखण्ड निवास’ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्य की गुणवत्ता को बनाए रखते हुए माह जुलाई तक कार्य को पूर्ण किया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्ग में राज्य अतिथि गृह बनाने के भी निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड निवास में पहाड़ी शैली की झलक देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान उत्तराखण्ड निवास के निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से बातचीत भी की।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, विशेष कार्याधिकारी रंजन मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

पुलिस विभाग को सीएम ने किया निर्देशित, अब 02 सितंबर को शारीरिक नाप जोख परीक्षा

उत्तराखंड पुलिस विभाग में उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस/अभिसूचना), गुलनायक एवं अग्निशमन द्वितीय अधिकारी की सीधी भर्ती हेतु शारीरिक नाप-जोख एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा दिनांक 30 जून, 2024 को प्रस्तावित की गई थी।

वर्तमान में हो रही अधिक गर्मी के कारण अभ्यर्थियों द्वारा परीक्षा तिथि को आगे बढ़ाने हेतु मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा अभ्यर्थियों के अनुरोध को सहानुभूतिपूर्वक स्वीकार करते हुए उपरोक्त शारीरिक नाप-जोख एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा को 02 सितंबर, 2024 से कराए जाने हेतु पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया।

सीएस ने दी अधिकारियों को मलिन बस्तिवासियों के साथ मानवीयता व संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की नसीहत

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को नगर निकायों में अवस्थित मलिन बस्तियों के चिन्हीकरण के बाद सूचीबद्ध रिपोर्ट एक सप्ताह में शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि उनके विकास, पुनरूद्वार व पुनर्वासन की कार्ययोजना पर जल्द से जल्द कार्य आरम्भ किया जा सके। सीएस राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को राज्य में मलिन बस्तियों के सुधार, विनियमितीकरण, पुनरूद्वार, पुनर्वासन तथा पुनर्व्यस्थापन के लिए अत्यन्त संवेदनशीलता एवं मानवीयता के साथ प्रभावी कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में शहरी विकास विभाग तथा आवास विभाग की एक बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने शहरी विकास विभाग को सफाई कर्मियों के लिए पर्याप्त आवास एवं बीमा की व्यवस्था हेतु कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए हैं। सीएस ने मलिन बस्तियों हेतु प्राधिकरण के माध्यम से कॉर्पस फण्ड के निर्माण के भी निर्देश दिए हैं।
बैठक में जानकारी दी गई कि शासन की अधिसूचना संख्या 2154 दिनांक 21 दिसम्बर 2016 की विभिन्न श्रेणियों के तहत जनपद बागेश्वर में श्रेणी एक की 04 मलिन बस्तियां तथा श्रेणी दो की 02 मलिन बस्तियां, हरिद्वार में श्रेणी एक की 57 मलिन बस्तियां, श्रेणी दो की 02, श्रेणी तीन की 24, नैनीताल में श्रेणी एक की 37, श्रेणी दो की 01, श्रेणी तीन की 23, अल्मोड़ा में श्रेणी एक की 04, देहरादून में कुल 128 मलिन बस्तियों चिहिन्त की गई हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु सहित अन्य अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

विश्व खाद्य दिवस पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग उत्तराखंड द्वारा खाद्य सुरक्षा संवाद का आयोजन

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग उत्तराखण्ड द्वारा खाद्य करोबारीं, मीडिया व विषय विशेषज्ञों के साथ दिनांक 07.06.2024 शुक्रवार को विश्व खाद्य दिवस पर खाद्य सुरक्षा संवाद आयोजित किया जा रहा है। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि अपर आयुक्त आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग उत्तराखंड ताजबर सिंह जग्गी सहित विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों सहित गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम पेसेफिक होटल, सुभाष रोड में सुबह 11 बजे आयोजित होगा।

सुरक्षित आहार स्वास्थ्य का आधार- डॉ आर राजेश कुमार
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग उत्तराखण्ड डॉ आर राजेश कुमार ने राज्य की जनता को विश्व खाद्य दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित आहार ही स्वस्थ रहने का आधार है। जिसके लिए खाद्य विभाग अपनी पूरी मुस्तैदी और ईमानदारी के साथ राज्य में कार्य कर रहा है। राज्य के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के दिशा निर्देशों पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग चारधाम यात्रा मार्गों व पर्यटन केन्द्रों पर विशेष अभियान चलाकर नकली खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर नकेल कसी जा रही है। विगत पांच महीनों में ही जनवरी 2024 से मई 2024 तक 1763 नमूने लिये जा चुके हैं। जांच में दोषी पाये जाने वालों के विरूद्व विभागीय कार्रवाई के साथ ही मुकदमें दर्ज किये जा चुके हैं। उन्होंने आम जनता से भी जागरूक होने की अपील की और किसी भी तरह की समस्या या शिकायत के लिए विभागीय टोल फ्री नम्बर 180018004246 पर जानकारी देने की बात कही।

जल्द होगी 25 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती
अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, उत्तराखण्ड ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि खाद्य विभाग द्वारा राज्य में खाद्य अपमिश्रण पर अंकुश लगाने हेतु मानव संसाधन जैसे कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कमी को जल्दी दूर कर लिया जायेगा। इस हेतु 25 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के चयन हेतु लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा गया है। लोक सेवा आयोग से चयन होने तक प्रतिनियुक्ति पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी तैनात किये जाने की प्रक्रिया गतिमान है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्टेयरिंग कमेटी का गठन
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के प्राविधानों के प्रभावी क्रियान्ययन व अनुश्रवण हेतु राज्स स्तर पर मुख्य सचिव महोदय की अध्यक्षता में विभागीय सचिवों की स्टेयरिंग कमेटी का गठन किया गया है। जनपद स्तर पर जिला अधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के कार्यालयाध्यक्ष की स्टेरिंग कमेटी का गठन किया गया है। राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर गठित स्टेरिंग कमेटीयों की नियत समयावधि में बैठक आयोजित की जाती है। राज्य में खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 के प्राविधानों के तहत अपीलीय अधिकरण देहरादून एवं हल्द्वानी में पीठासीन अधिकारी एवं रजिस्ट्रार कार्यरत है। जनपद स्तर पर अपर जिला अधिकारी/जिला अधिकारी द्वारा दायर वादों के विरुद्ध अपीलों का समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के प्रवर्तन/सर्विलान्स की कार्यवाही में तेजी लायी जा रही है।

राज्य में 2000 स्ट्रीट वेन्डरों को किया गया प्रशिक्षित
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि खाद्य उपभोकताओं को अपमिश्रण के प्रति जागरूक किये जाने हेतु प्रशिक्षण व त्वरित जॉच हेतु 03 सचल खाद्य विश्लेषणशालाओं के माध्यम से निगरानी नमूने जॉच किये जा रहे है। खाद्य उपभोगताओं से अपमिश्रण सम्बन्धी शिकायतों पर सूचना देने हेतु टोल फ्री नम्बर 180018004246 क्रियाशील है। खाद्य करोबारकर्ताओ को खाद्य नियमों की जानकारी, स्वच्छता सम्बन्धी मानकों हेतु जागृत करने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। 2000 स्ट्रीट वेन्डरों को राज्य के विभिन्न जनपदों में प्रशिक्षित किया जा चुका है।

जल्द शुरू होगी सर्विलान्स की कार्यवाही’
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि अपमिश्रण सम्बन्धी अपराध का पता लगाने व अपराधी को पकड़वाने में मदद करने हेतु जल्द ही राज्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों के तहत विधि व निधि निर्धारित करने हेतु प्रयासरत है। बताया कि खाद्य तरक्षा और औषधि प्रशासन द्वारा जल्द ही सर्विलान्स की कार्यवाही करेगा, जिसमें फल (आम, पोला आदि), मसाले, दूध व खाद्य तेल प्रमुख है। उन्होंने कहा कि राज्य में विद्यमान खाद्य निर्माण इकाईयों का रिस्क बेस निरीक्षण किये जायेगे। दुग्ध उत्पदों, खाद्य तेल, मसाले निर्माण इकाईयों का समय-समय पर निरीक्षण कर नियमों के उल्लंघन पर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

पिछले पांच महीनों में लिए गये 1763 नमूने
राज्य में उपभोगताओं को सुरक्षित आहार स्वास्थ्य का आधार विषय व ईंट राईट इण्डिया अभियान के अन्तर्गत संचालित नवाचारों में प्रतिभाग करने हेतु वृहद स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम किये जायेगें। बताया कि चारधाम व पर्यटक सीजन के दृष्टिगत विशेष अभियान व सर्विलान्स किया जा रहा है। सर्विलान्स अभियान के तहत फल, मसालों, तेल एवं दुग्ध तथा दुग्ध उत्पाद आदि के निम्मानुसार नमूनें संग्रहित किये गये है। जनवरी, 2024 से मई, 2024 तक सर्विलान्स नमूनों की संख्या 1763 है। जिनमें से प्राप्त जॉच रिपोर्ट 1040 हैं और अधोमानक नमूनो की संख्या 60 है।