काशीपुर कलस्टरः ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के लिए 1429.89 लाख रूपये पर हुए अनुमोदन

काशीपुर कलस्टर की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के लिए वित्त मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने 1429.89 लाख रूपये पर अपना अनुमोदन दिया है।

मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि काशीपुर कलस्टर जिसमें काशीपुर, जसपुर और महुआडाबरा आदि की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के लिए उनकी ओर से 1429.89 लाख रूपये को अपना अनुमोदन दिया है। उन्होंने बताया कि इसमें चतुर्थ राज्य वित्त आयोग से 571.956 लाख रूपये, स्वच्छ भारत मिशन से 500.46 लाख रूपये तथा काशीपुर कलस्टर से 357.4725 लाख रूपये स्वयं के वहन से करेगा।

उन्होंने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का तात्पर्य है कि वातावरण एवं जन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना ठोस कचरे के उपचार, निस्तारण, पुनः प्रयोग, पुनः चक्रण व ऊर्जा में परिवर्तन करने की प्रक्रिया से है।

उन्होंने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया के अनेक लाभ है इन लाभों में जन स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी तंत्र को लाभ मिलता है, बताया कि पर्यावरण स्वच्छ रहता है।

उन्होंने बताया कि हमारे आसपास के सभी कचरे का उचित निपटान किया जाए तो हम पर्यावरण को आसानी से स्वच्छ रख सकते हैं। बताया कि कचरा प्रबंधन की पुनर्चंक्रण प्रक्रिया से हमें नए उत्पादों के लिए कच्चा माल प्राप्त होता है।

सीएम ने सौरभ वशिष्ठ और उनके परिजनों से की भेंट, दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कतर से सकुशल वापस लौटे नौ सेना के पूर्व अधिकारी सौरभ वशिष्ठ को सम्मानित कर शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री नें वशिष्ठ के टर्नर रोड स्थित आवास पर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की तथा उनकी खुशी में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौरभ की सकुशल रिहाई विश्व में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भारत की बढ़ती ताकत की पहचान है। यही नहीं उनकी रिहाई मोदी है तो मुमकिन है का स्पष्ट उदाहरण भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सौरभ वशिष्ठ लम्बे समय के बाद तमाम मुश्किलों का सामना कर वापस घर लौटे हैं, उनके परिवार के लिये यह अवसर दीपावली जैसा है। मुख्यमंत्री ने इसके लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश वासियों एवं विदेशों में रह रहे प्रवासी सभी भारतीयों को परिवारजन कहते हैं तथा सभी का परिवार के मुखिया की तरह ध्यान भी रखते हैं, यह मौत की सजा का सामना कर रहे कतर से सौरभ वशिष्ठ की सकुशल वापसी का सबसे बड़ा उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के कुशल नेतृत्व पर उनके परिवार के साथ स्वयं उन्हें भी पूरा भरोसा था कि कतर में फंसे सभी 8 लोगों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मौत के मुंह से जरूर वापस लायेंगे।

कार्यदायी संस्था कार्यों के प्रति उदासीन नजर आने पर त्वरित कार्यवाही बाहर करेंः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में संचालित एवं प्रस्तावित बाह्य सहायतित परियोजनाओं के क्रियान्वयन में समय बद्धता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिये हैं कि जनहित से जुड़ी योजनायें समय पर पूरी हों इसके लिये कार्यदायी संस्थाओं की सजगता से निगरानी की जाए। जो कार्यदायी संस्था कार्यों के प्रति उदासीन नजर आये उस पर त्वरित कार्यवाही कर उन्हें बाहर किया जाए। योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत सुनिश्चित हो यह विभागीय सचिवों एवं विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी है।

सचिवालय में पर्यटन, पेयजल, जलागम प्रबंधन, वन, नगर विकास, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा कौशल विकास एवं सेवा योजना के अंतर्गत संचालित एवं प्रस्तावित बाह्य सहायतित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त निर्देश दिये कि हमारा लक्ष्य एवं प्रयास योजनाओं को समय पर पूर्ण करने का होना चाहिये। उन्होंने कहा कि संचालित योजनाओं से जनता कितना लाभान्वित हो रही है, इसका भी आकलन किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो परियोजनाएं केन्द्र स्तर पर गतिमान हैं तथा उनमें तेजी लाये जाने के लिए केन्द्र स्तर पर अच्छी तरह पैरवी हो सके, इसके लिये ऐसे प्रस्ताव रेजिडेंट कमिश्नर को भेजे जाएं। कार्यों की स्वीकृति में शीघ्रता के लिये विभागीय नोडल अधिकारी की व्यवस्था के निर्देश भी उन्होंने दिये हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि केन्द्र सरकार के लिए जो भी प्रस्ताव बनाये जा रहे हैं, उनका गहनता से अध्ययन एवं परीक्षण के साथ परियोजना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए भेजा जाय।

मुख्यमंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में डेसबोर्ड एवं एस.ओ.पी. तेयार करने के भी निर्देश दिये ताकि योजनाओं की मॉनिटरिंग सही ढंग से हो सके। इसके लिये योजनाओं के संचालन में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील के आसपास के क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इस वर्ष वर्षा एवं बर्फबारी की कमी के कारण जलापूर्ति की कमी को दूर करने के लिये पेयजल एवं जलागम के क्षेत्र में भी कार्ययोजना योजना तैयार करने को कहा। वन विभाग द्वारा जायका के अधीन संचालित योजनाओं में जनता की सुविधाओं पर ध्यान देने पर भी मुख्यमंत्री ने बल दिया।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि प्रदेश के पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई कौशल विकास एवं युवाओं के रोजगार एवं स्वरोजगार के केंद्र बने, इसके लिये इन्हें अवस्थापना सुविधाओं से मजबूत किया जाए ताकि युवाओं को तकनीकि दक्षता उपलब्ध हो इसके लिये प्रमुख उद्यमियों से वार्ता कर उनके अनुकूल ट्रेड में युवाओं की दक्षता पर ध्यान दिया जाए। इसके लिये दक्ष प्रशिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि आईटीआई में यदि अनुदेशकों की कमी है तो इसके लिये शीघ्रता से भर्ती प्रक्रिया आरम्भ की जाय। यदि आयोग के स्तर पर इसमें विलंब हो रहा हो तो इसके लिये शीघ्र नियुक्ति के लिये आयोग से अपेक्षा की जाय।

इस अवसर पर राज्य अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, अरविंद सिंह ह्यांकी, आर. राजेश कुमार, नीरज खैरवाल, वन प्रमुख (हॉफ) अनूप मलिक, अपर सचिव युगल किशोर पंत एवं सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किया ’’विकल्प रहित संकल्प’’ भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जीवन में हमने जो लक्ष्य निर्धारित किए हैं, उन लक्ष्यों को संकल्प तक पहुंचाने के लिए हमें मेहनत करनी चाहिए और किसी भी संकल्प में कोई विकल्प नहीं होना चाहिए, क्योंकि जिस संकल्प में विकल्प नहीं होता वह संकल्प अवश्य पूर्ण होता है और हम इसी ’’विकल्प रहित संकल्प’’ को लेकर ’’21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक’’ बनाने के लिए प्रयासरत हैं।

यह बात उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित ’’विकल्प रहित संकल्प’’ भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करते हुए कही। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

’’युवा संकल्प’’ की अलख जलाये रखने के उद्देश्य से उत्तराखंड के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में ’’विकल्प रहित संकल्प’’ परिवार के तत्वावधान में ’’21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक’’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसमें 150 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑनलाइन वीडियो माध्यम से प्रतिभाग किया था। निर्णायक मंडल की ओर से अंतिम चरण में शीर्ष 5 प्रविष्टियों में से प्रथम तीन प्रविष्टियों के साथ ही अन्य दो को प्रोत्साहन पुरस्कार के लिए चयनित किया गया था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में प्रथम दुर्गेश अमोली, द्वितीय शाम्भवी मुरारी, तृतीय विनय कुमार, चतुर्थ आयुषी पांडे, तथा पंचम प्रज्ञा पंत को ट्रॉफी एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

सभी सार्वजनिक भवनों, होटलों, बड़े संस्थानों में स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग सिस्टम होगा लागू

सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार विनी महाजन एवं मुख्य सचिव उत्तराखण्ड राधा रतूड़ी ने सचिवालय में वर्चुअली सभी जिलाधिकारियों के साथ स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण तथा जल जीवन मिशन की समीक्षा की।

सचिव डीडीडब्लयूएस भारत सरकार विनी महाजन एवं मुख्य सचिव उत्तराखण्ड राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को सभी ग्राम सभाओं द्वारा ओडीएफ प्लस कैटगरी के तहत उदीयमान, उज्ज्वल तथा उत्कृष्ट रेटिंग के लिए किये जा रहे कार्यों को आईएमआईएस पर अपलोड करने निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिलाधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में वेस्ट मेनेजमेंट के तहत घरेलू स्तर पर टवीन पिट टॉयलेट्स, ग्रे वाटर के लिए एचएच सोक पिट/किचन गार्डन, कम्पोस्ट पिट के साथ ही सामुदायिक समाधानों पर विशेष बल देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिलाधिकारियों को प्लास्टिक वेस्ट मेनेजमेंट यूनिट स्थापित करने, सड़कों के निर्माण में प्लास्टिक का प्रयोग करने, सेनेटरी वेस्ट मेनेजमेंट के लिए सभी सार्वजनिक स्थलों, पर्यटक स्थानों, होटल, रेस्टोरेंट, होम स्टे आदि में रेड बिन लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जनपदों में बायोमेडिकल वेस्ट मेनेजमेंट पर भी गम्भीरता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदेश में पेयजल के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों को प्रत्येक घर, स्कूल, आंगनबाड़ी में पेयजल आपूर्ति का सर्टिफिकेशन करवाने के निर्देश दिए गए है। साथ ही पेयजल से सम्बन्धित गतिमान योजनाओं की जानकारी वाले स्कीम इर्न्फोमेशन बोर्ड सभी स्थानों विशेषकर पंचायत स्तर पर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायतों में इन योजनाओं के सम्बन्ध में चर्चा करवाने के निर्देश भी सम्बन्धित अधिकारियों को दिए गए हैं। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शत् प्रतिशत घरों, आंगबाड़ियों एवं स्कूलों में पेयजल आपूर्ति हेतु अधिकारियों को अधिक से अधिक फील्ड विजिट करने, ब्लॉक स्तर, ग्राम स्तर से विस्तृत आंकड़े व सूचनाएं एकत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति के साथ ही इस सम्बन्ध में शिकायतों के ससमय निवारण हेतु मेकेनिज्म मजबूत करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारियों को गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त पेयजल आपूर्ति हेतु कन्टीजेन्सी प्लान (आकस्मिक योजना) तैयार करने, पंचायत स्तर पर नल जल मित्र का प्रशिक्षण करवाने, लीकेज को तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति से जुड़ी योजनाओं को समय से पूरा करना जिलाधिकारियों की निजी जिम्मेदारी है। जिलाधिकारियों को इस सम्बन्ध में आने वाली बाधाओं व समस्याओं को तत्काल मुख्य सचिव के संज्ञान में लाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव रतूड़ी ने सचिवालय समेत राज्य के सभी सार्वजनिक भवनों, होटलों, बड़े संस्थानों में स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं। भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग सिस्टम के तहत हॉस्पिटिलिटी क्षेत्र में होटल्स, होम स्टे, लॉजस, धर्मशालाओं, टै्रकिंग कैम्पस आदि में स्वच्छता, शौचालय, ग्रे वाटर मेनेजमेंट, सॉलिड वेस्ट मेनेजमेंट तथा अपशिष्ट प्रबंधन आदि के आधार पर स्वच्छता रेटिंग दी जाती है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इसे प्रदेश के सभी सार्वजनिक भवनों एवं होटल्स, होम स्टे आदि पर लागू करने की बात कही। मुख्य सचिव ने इस सम्बन्ध में जिलाधिकारियों को होटल मालिकों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि हमें राज्य में ग्रीन स्टेट की अवधारणा को बढ़ावा देना है तथा रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म को प्रोत्साहित करना है।

बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सेनिटेशन वर्कर्स के लिए बीमा योजना शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सड़कों के निर्माण में प्लास्टिक के उपयोग के सम्बन्ध में एक बैठक लोक निर्माण विभाग तथा अन्य सम्बन्धित विभागों के जल्द आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में जानकारी दी गई कि फरवरी 2024 तक ओडीएफ प्लस ग्रामों के मामले में राष्ट्रीय कवरेज 87.5 प्रतिशत है तथा उत्तराखण्ड में यह 87.36 प्रतिशत रहा है। राज्य के कुल 95 ब्लॉक में से 62 ब्लॉक में प्लास्टिक वेस्ट मेनेजमेंट यूनिट स्थापित हो चुकी हैं। राज्य के कुल 14977 ग्रामों में से 9848 ग्राम सॉलिड वेस्ट मेनेजमेंट से आच्छादित है। राज्य के 9890 ग्राम ग्रे वाटर मेनेजमेंट से आच्छादित हो चुके हैं।

बैठक में सचिव अरविन्द सिंह हयांकी, भारत सरकार से अपर सचिव तथा एमडी जल जीवन मिशन चन्द्रभूषण कुमार, एमडी स्वच्छ भारत मिशन जितेन्द्र श्रीवास्तव, निदेशक जल जीवन मिशन रंजीत कुमार, वर्चुअली सभी जनपदों के जिलाधिकारी तथा केन्द्र तथा राज्य सरकार के सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने किया जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट पर नवनिर्मित टर्मिनल भवन फेज-2 का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट पर नवनिर्मित टर्मिनल भवन फेज-2 का लोकार्पण किया। इस अवसर पर केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। द्वितीय चरण में जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट के टर्मिनल का 14 हजार वर्ग मीटर विस्तार किया गया। अब एयटरपोर्ट के टर्मिनल का कुल विस्तार 42 हजार वर्ग मीटर में हो चुका है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट का टर्मिनल दो चरणों में 486 करोड़ की लागत से बना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनके अनुरोध पर पिथौरागढ़-हिंडन हवाई सेवा की प्रक्रिया शुरू करने और इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के लिए हेलीकॉप्टर की उत्तराखण्ड से शुरूआत करने की बात कहे जाने पर केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारतीय नागरिक उड्डयन उद्योग अमेरिका और चीन के बाद घरेलू यातायात में तीसरे स्थान पर है, इसके लिए उन्होंने नागर विमानन मंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। पिछले कुछ वर्षों से हवाई यात्रा परिवहन का सस्ता, तेज एवं विश्वसनीय साधन होने के कारण लोगों में अत्यन्त लोकप्रिय बनी है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दीर्घकालिक सोच के कारण ही संभव हो पाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा देवभूमि की देवतुल्य जनता के अतिरिक्त भारतीय संस्कृति और परम्परा के अनुसार ’अतिथि देवों भवः’ के सिद्धांत का पालन करते हुए प्रदेश के बाहर के लोगों को भी सस्ती हवाई सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे एक ओर जहाँ राज्य को अधिक राजस्व प्राप्ति हो रही है, वहीं दूसरी ओर आम जनमानस को सरल एवं सस्ती हवाई सेवा उपलब्ध करायी जा रही है। भारत सरकार की ’’उड़े भारत का हर नागरिक’’ योजना के अन्तर्गत प्रदेश के विभिन्न सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बेहतर हवाई सेवा प्रदान की जा रही है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 13 हेलीपोर्ट्स का निर्माण सहस्त्रधारा, चिन्यालीसौड, गौचर, हल्द्वानी, नैनीताल, अल्मोड़ा, नई टिहरी, श्रीनगर, मसूरी, जोशीमठ, धारचूला, हरिद्वार में भी किया जा रहा है। उत्तराखंड धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को राज्य में आवागमन के लिए हर प्रकार की सुविधा मिले। इसमें हवाई सेवाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसी के साथ-साथ पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा ओएलएस सर्वे भी कर लिया गया है। पिछले माह ही जौलीग्रांट से पिथौरागढ़ के मध्य हवाई सेवा का शुभारंभ किया गया। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से देहरादून-अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ के मध्य हैली सेवा की शुरूआत की थी, इसको भी नियमित करने की हमारी योजना है। निकट भविष्य में चिन्यालीसौड़ व गौचर से छोटे एयर क्राफ्ट की सेवाओं को शामिल करने के संबंध में भी हम कार्य कर रहे हैं, भारत सरकार से इसके लिए अनुरोध किया जा रहा है। कुछ माह पूर्व प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश और जागेश्वर धाम के दर्शन किये थे, उसके बाद आदि कैलाश और जागेश्वर धाम में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखंड के पर्यटक स्थलों को देश विदेश में नई पहचान दिला रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अंदर हवाई सेवा को बढ़ाये जाने हेतु क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना के अतिरिक्त अन्य हेलीपोर्ट का भी निर्माण राज्य सरकार द्वारा गौजियाना (घनसाली), गैरसैण (चमोली), देघाट-सियालदे(अल्मोड़ा), जखोल एवं जोशीयाड़ा (उत्तरकाशी), डीडीहाट (पिथौरागढ़) में कराया जा रहा है। इसके साथ ही हमारे द्वारा प्रदेश के विभिन्न पर्यटक केंद्रों के दर्शन हेतु जॉय राइड सेवा तथा हिमालयन दर्शन सेवा भी प्रस्तावित है। इन सेवाओं के प्रारंभ होने से राज्य में पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि उनके लिए यह क्षण कई पहलुओं से भावुक और महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड से उनका पहले से नाता है। उन्होंने 05 साल उत्तराखण्ड से शिक्षा ग्रहण की। उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक शक्ति सम्पूर्ण विश्व में अनूठी है। केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ उन्हें केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री बनने के बाद सबसे पहले जौलीग्रांट एयरपोर्ट के टर्मिनल के प्रथम फेज के कार्यों का लोकार्पण करने का अवसर मिला था। आज देहरादून के इस एयरपोर्ट से देश के 13 शहरों के लिए हवाई सेवा चल रही है।

केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मंत्रालय द्वारा पिथौरागढ़-हिंडन हवाई सेवा के लिए कार्यवाही शुरू की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के लिए हेलीकॉप्टर की देश में उत्तराखण्ड से शुरूआत की जा रही है। एम्स ऋषिकेश मंड इसके लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की जायेगी। 150 किलोमीटर के दायरे के अन्तर्गत हेलीकॉप्टर द्वारा मरीजों को लाने की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस एयरपोर्ट से उत्तराखण्ड के अन्य स्थानों को मुख्यमंत्री की सहायता से और तेजी से जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में तीन एयरपोर्ट देहरादून, पंतनगर और पिथौरागढ़ विकसित करने की पहल की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में 2014 में मात्र एक हेलीपोर्ट था। जो अब 10 हो चुके हैं, उड़ान 5.0 योजना तक राज्य में 21 हेलीपोर्ट बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक बृज भूषण गैरोला, वर्चुअल माध्यम से सचिव नागर उड्डयन वुमलुनमंग वुअलनाम, अध्यक्ष एएआई संजीव कुमार उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री व सीएम ने किया देव संस्कृति विवि के व्याख्यान माला में प्रतिभाग

हरिद्वारः केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में आयोजित व्याख्यान माला कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। व्याख्यान माला का मुख्य विषय ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम’’ रहा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मेरी एक बार पुनः गायत्री परिवार का हिस्सा बनने के लिए हरिद्वार आने की प्रबल इच्छा थी। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे आप सभी से यहां दोबारा जुड़ने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य में किए अपने अच्छे कार्य गिनाने की जरूरत नहीं है, उत्तराखण्ड के लोगों का उनके मुख्यमंत्री के प्रति यह स्नेह और विश्वास उनका कार्य कौशल साफ दिखता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह मेरा भी सौभाग्य है कि मुझे इस पावन धरा परम वैभवशाली मंदिर में आने का मौका मिला है। हम सभी के लिए यह सौभाग्य का विषय है कि आज वसुधैव कुटुंबकम की थीम पर आयोजित इस विशेष व्याख्यानमाला में हम सभी को केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय एक प्रमुख शिक्षा संस्थान है जो विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान करता है। यहां विश्व भर से छात्रों को अद्वितीय शिक्षा और विकास के अवसर प्रदान किए जाते हैं।

इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने शौर्य दीवार पर देश के अमर वीर जवानों को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके पश्चात केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने विश्वविद्यालय परिसर में मौलश्री के पौधे भी रोपित किए।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति चिन्मयानंद पांडेय, विधायक मदन कौशिक, विश्वविद्यालय के आचार्यगण और समस्त छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

शौर्य, साहस और शालीनता के प्रतीक थे जनरल रावतः राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में नंदा की चौकी स्थित द टोंस ब्रिज स्कूल में देश के प्रथम सीडीएस जनरल स्व. बिपिन रावत की प्रतिमा का अनावरण किया।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड सेनानियों की भूमि है और इसे वीरभूमि कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि यह राज्य मेरे हृदय के बेहद करीब है और यहां के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को देखकर मेरा मन बहुत प्रफुल्लित होता है, वह स्वाभाविक रूप से प्रशंसा के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास की नई बुलंदियों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे आज इस स्कूल परिसर में जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा के अनावरण का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि जनरल रावत की प्रतिमा सदैव यहां के छात्रों व आसपास के लोगों के लिए प्रेरणा का कार्य करती रहेगी। जनरल रावत के व्यक्तित्व और वैल्यूज को जनता के बीच में लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनरल रावत का जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है। जिस दिन यह हादसा हुआ तब भी ऑन ड्यूटी थे और देश की सेवा कर रहे थे। यह उनकी निष्ठा और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जनरल रावत से बेहतर रोल मॉडल छात्रों के लिए और कोई नहीं हो सकता।

रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार उत्कृष्ट व आधुनिक हथियार देकर सेना को लगातार मजबूत करने के कार्य में जुटी है। रक्षा मंत्री ने कहा कि जनरल रावत शौर्य, साहस और शालीनता के प्रतीक थे और यह तीनों गुण उसी में होते हैं जो आध्यात्मिक होगा। उन्होंने कहा कि जनरल रावत का मन बहुत बड़ा था। उन्हें गोली भी लगी, वे जाबांज पराक्रमी सैनिक और एक अच्छे इंसान थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल में जनरल रावत सेनाध्यक्ष रहने के साथ ही देश के प्रथम सीडीएस बने।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्व. जनरल बिपिन रावत जी की 08 दिसम्बर 2021 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई आकस्मिक मृत्यु से देश को जो अपूरणीय क्षति पहुंची है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक सैनिक बाहुल्य प्रदेश है तथा भारतीय सेना के गौरवमयी इतिहास में उत्तराखण्ड के वीर सैनिकों का अति विशिष्ट योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं का सेना में शामिल होना प्रमुख प्राथमिकता रही है। सैन्य सेवा हमारे लिये मात्र रोजगार का अवसर नहीं, वरन देश एवं समाज के लिये जीवन समर्पित करने का उत्कृष्ट मौका भी है। स्व.जनरल बिपिन रावत ने भी अपने जीवनकाल में उत्तराखंड की इसी सैन्य परम्परा का निर्वहन किया। मातृभूमि के लिए उनकी चार दशकों की निस्वार्थ सेवा असाधारण वीरता और रणनीतिक कौशल से परिपूर्ण थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 दिसम्बर 1978 को जनरल रावत को 11 जी.आर. की 5 वीं बटालियन में कमिशन मिला और उस दिन से लेकर जीवन के अंतिम दिन तक वे केवल और केवल देश के लिए ही जिए। उनका सेनाध्यक्ष तथा प्रथम सीडीएस बनना ,ये स्पष्ट दर्शाता है कि वे कितने योग्य जनरल थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के तीनों अंगों के आधुनिकीकरण तथा देश को रक्षा आवश्यकताओं के क्षेत्र में स्वावलंबी बनाये जाने हेतु स्व. जनरल बिपिन रावत द्वारा विशेष प्रयास किये गये। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. जनरल बिपिन रावत ने पूरी लगन से भारत की सेवा की, वे एक सच्चे देशभक्त और एक उत्कृष्ट योद्धा थे, सामरिक मामलों पर उनकी अंतर्दृष्टि और दृष्टिकोण असाधारण थे। जनरल बिपिन रावत जी “High Altitude Warfare“ और “Counter Insurgency operations“ के महारथी थे।अनेक उदाहरण हैं जब कठिन चुनौतियों में उनकी रणनीति और उत्कृष्ट नेतृत्व कौशल ने देश को गौरवान्वित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान उनका मार्गदर्शन सैनिकों के बहुत काम आया। उनके अनुकरणीय योगदान और प्रतिबद्धता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने वीरता के नए नए कीर्तिमान स्थापित किए। वे देश के साथ – साथ अपने राज्य उत्तराखंड की धरती से भी बहुत प्रेम करते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस अवसर पर वे एक और महान व्यक्ति, हमारे पूर्व राष्ट्रपति स्व. एपीजे अब्दुल कलाम को भी नमन करते हैं। जिस उद्देश्य के लिए देश के भूतपूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी ने इस विद्यालय की नींव रखी थी, उस उद्देश्य की पूर्ति के लिए स्कूल प्रबंधन निरन्तर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब अम्बेडकर ने कहा था कि ’’शिक्षा से अधिक महत्व चरित्र का होता है, परंतु अच्छी शिक्षा अच्छे चरित्र के निर्माण में सहायक होती है’’। शिक्षा हमें उच्च विचार, उच्च आचार, उच्च संस्कार और उच्च व्यवहार के साथ ही समाज की समस्याओं का उचित समाधान भी उपलब्ध कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का जो नारा दिया है उस नारे को हमें सार्थक करके दिखाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में नई शिक्षा नीति को लागू किया है।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, आईएमए के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, जनरल बिपिन रावत की पुत्री तारिणी रावत, विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, मुन्ना सिंह चौहान, सविता कपूर, स्कूल के प्रबंधक विजय नागर आदि उपस्थित रहे।

सीएम धामी की बड़ी घोषणा, वनभुलपुरा में अतिक्रमण स्थल पर पुलिस थाना बनेगा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी के वनभुलपुरा की घटना पर हरिद्वार में आक्रमक दिखे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वनभुलपुरा में अतिक्रमण वाले स्थान पर पुलिस थाना बनाया जाएगा। इसके अलावा देवभूमि में कानून को तोड़ने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द घटना के लिए जिम्मेदार सभी षड्यंत्रकारी सामने लाये जांएगे।

हरिद्वार में नारी शक्ति महोत्सव को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हल्द्वानी के वनभुलपुरा की घटना निंदनीय है। जिस तरह से अराजक तत्वों ने महिला पुलिस कर्मियों, पुलिस फोर्स के जवानों और नियमानुसार अतिक्रमण हटाने गई टीम के साथ अभद्रता की, वह देवभूमि में बर्दाश्त करने लायक नहीं है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि वनभुलपुरा मामले में कानून अपना काम कर रहा है। सभी अतिक्रमण को हटाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषण की कि अतिक्रमण वाले स्थान पर पुलिस थाना बनाया जाएगा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा और लोहाघाट (चंपावत) में भी हल्द्वानी की घटना पर कहा था कि वनभुलपुरा की घटना के सभी जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। सरकार अतिक्रमण पर न झुकेगी, न रुकेगी और सभी अतिक्रमण हटाते रहेगी।

नेता प्रतिपक्ष सहित कांग्रेसी दल ने की सीएम से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। उन्होंने हल्द्वानी के बनभूलपुरा मामले में मुख्यमंत्री से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस घटना को गंभीरता से लेकर उपद्रवग्रस्त क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए त्वरित कार्यवाही की गई है। इस घटना की जांच के लिये आयुक्त कुमाऊं को मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा।

प्रतिनिधिमण्डल द्वारा मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच की भी बात की गई। उनका यह भी कहना था कि प्रदेश में कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों का वे भी समर्थन नहीं करते हैं। प्रतिनिधिमण्डल में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक प्रीतम सिंह, भुवन कापड़ी, फुरकान अहमद, आदेश चौहान, ममता राकेश एवं सुमित हृदयेश आदि शामिल थे।