राज्य में प्रचलित सभी ब्रांड की गुणवत्ता में सुधार करने को हाउस आफ हिमालयास कंपनी का गठन

राज्य में प्रचलित सभी ब्रान्ड के उत्पादों की पहुंच बढ़ाने, गुणवत्ता में सुधार करने, मानकीकृत पैकेजिंग सुनिश्चित करने और ब्रान्डिंग एवं विपणन करने हेतु House of Himalayas Company तथा अम्ब्रेला ब्रान्ड – House of Himalayas का गठन किया गया है। Company के पंजीकरण / विधिमान्यकरण आदि कार्यवाहियां प्रचलित है। प्रथम चरण में दिल्ली एवं देहरादून में House of Himalayas Brand के आउटलेट / स्टोर खोले जाने की कार्यवाही भी गतिमान है।

Women on Wings (WoW½ एक नीदरलैन्ड बेस्ड गैर सरकारी संस्था है, जो ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं की स्थायी आजीविका का निर्माण करने एवं रोजगार बढ़ाने के क्षेत्र में वर्ष 2007 से कार्य कर रही है। वर्तमान में उक्त संस्था सम्पूर्ण भारत में लगभग 50 से ज्यादा सामाजिक उपक्रमों एवं महाराष्ट्र तथा झारखण्ड की राज्य संस्थाओं के साथ कार्य कर रही है।

House of Himalayas की Branding / Marketing हेतु Business Plan / Road Map विकसित करने में सहायता के उद्देश्य से उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास समिति ( UGVS ) एवं Women on Wings (WoW) के साथ गैर वित्तीय समझौता ज्ञापन ( MoU) निष्पादित किया गया है, जिसके अनुसार Women on Wings (WoW) House of Himalayas Company के संचालन हेतु SoP तैयार करने, House of Himalayas Brand को Scalable and Sustainable Brand के रूप में स्थापित करने, Business Strategy, Branding, Marketing, Product Pricing, Positioning, Supply Chain Creation, Capacity Building of Human Resource आदि तथा महिला उत्पादकों की सतत् आजीविका सृजित करने में UGVS@House of Himalayas Company को सहायता प्रदान करेगी।

मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन द्वारा ग्राम्य विकास विभाग की इस पहल को काफी सराहा गया तथा यह निर्देशित किया गया कि House of Himalayas की Website एवं Storeखोले जाने के संबंध में तत्काल कार्यवाही की जाय।

सीएम ने कैबिनेट सहयोगियों के साथ की श्रीराम मंदिर अयोध्या में पूजा व अर्चना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। इस दौरान सभी बेहद उत्साहित और भक्ति भाव में डूबे हुए नजर आए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल में अपने सहयोगियों सतपाल महाराज, प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, डॉ धन सिंह रावत, रेखा आर्य एवं राज्यसभा सांसद नरेश बंसल के साथ जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे श्री अयोध्या धाम के लिए रवाना हुए। अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा में पहुंचे पर मुख्यमंत्री धामी और उनके सहयोगियों का भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान पूरा परिसर जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। यहां से वह राम जन्मभूमि के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री एवं उनके सहयोगी श्री अयोध्या धाम में प्रभु राम को साष्टांग नमन कर पूजा अर्चना की। दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भावुक हो गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री रामलला के दर्शन से रोम-रोम भक्तिमय और मन प्रफुल्लित है। उन्होंने कहा कि रामलला को कई वर्षों तक टेंट में रहना पड़ा। आज भव्य मंदिर में रामलाला के दर्शन किए। मैं भाव विह्वल हूं और प्रभु श्रीराम के चरणों में समर्पित हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या में उत्तराखंड वासियों के लिए उत्तराखंड सरकार राज्य अतिथि गृह बनाने की तैयारी कर चुकी है। 4700 वर्ग मीटर में बनने वाले इस राज्य अतिथि गृह को बनाने के लिए हमारी सरकार ने भूमि की खरीद को लेकर 32 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से भगवान श्री राम के दर्शन करने के लिए अयोध्या पहुंचने वाले श्रीराम भक्तों को इस राज्य अतिथि गृह में सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।

लोकसभा निर्वाचन को लेकर मुख्य सचिव ने जानी तैयारियां

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आगामी लोकसभा निर्वाचन के दृष्टिगत शिक्षा एवं सम्बन्धित विभागों को राज्य में सभी 11729 पोलिंग स्टेशनों पर मतदाताओं हेतु पेयजल एवं शौचालय, बिजली, पर्याप्त फर्नीचर, शेड तथा दिव्यांगजनों तथा बुजर्ग मतदाताओं के लिए रैम्प, व्हील चेयर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

निर्वाचन ड्यूटी में लगे कार्मिकों की स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्याओं तथा आकस्मिक चिकित्सा उपचार की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने एक एयर एम्बुलेंस, केशलेस उपचार की व्यवस्था, मेडिकल किट्स की उपलब्धता आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार हमें केजुअल्टी फ्री इलेक्शन 2024 के विजन के साथ कार्य करना है। मुख्य सचिव ने सभी निर्वाचन कार्मिकों की हेल्थ स्क्रीनिंग करवाने एवं जिला स्तरीय मेडिकल कमेटी के माध्यम से इस सम्बन्ध में मार्गदर्शन लेने के निर्देश दिए।

आबकारी विभाग को विशेषरूप से निर्देश देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अवैध शराब की जमाखोरी तथा तस्करी को पूरी तरह से रोकने के लिए पुलिस तथा आबकारी का जॉइन्ट ऑपरेशन चलाने, शराब की उत्पादन ईकाइयो, गोदामों तथा लाइसेन्स वाली दुकानों की सीसीटीवी से निगरानी करने, अर्न्तराज्यीय सीमाओं पर चेक पोस्ट एवं कण्ट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी चेक पोस्ट की भी सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने विभाग में राज्य स्तर, जिला स्तर तथा ब्लॉक स्तर पर निर्वाचन नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सभी सरकारी कार्मिकों, निर्वाचन की ड्यूटी में लगे कार्मिकों, पुलिस कर्मियों को पोस्टल बैलेट या ईडीसी के माध्यम से मतदान हेतु प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में कुल 189000 सरकारी कार्मिक, 5700 होम गार्ड्स, 9487 पीआरडी कर्मी तथा लगभग 25000 उपनल कार्मिकों मिलाकर कुल 229187 मतदाता हैं। यदि शत् प्रतिशत कार्मिक अपने मतदान का प्रयोग करते हैं तो मतदान प्रतिशत में 2.78 प्रतिशत की वृद्धि होगी। मुख्य सचिव ने सभी विभागों एवं कार्यालयों को अपने शत् प्रतिशत कार्मिकों को मतदान की शपथ दिलाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सचिव सैनिक कल्याण को सभी जिलों में सर्विस वोटर्स की लिस्ट अपडेट करने तथा सर्विस वोटर्स के शत् प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने श्रम विभाग को सभी श्रमिकों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में कार्य करने वाले कर्मियों का मतदान सुनिश्चित करने के लिए फैक्ट्री एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फैनई, एडीजी एपी अंशुमान, मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. बीवीआरसी पुरूषोतम सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

सौंग बांध परियोजना की कार्यवाही को जल्द से जल्द करें पूर्णः सीएस

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सौंग बांध परियोजना की प्रोसिजर क्लियरेन्स कार्यों में देरी पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित कार्यवाही को जल्द से जल्द पूरा करने के कड़े निर्देश सिंचाई विभाग तथा कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी लि0 को सचिवालय में आयोजित सौंग बांध की ईएफसी (व्यय वित्त समिति) के दौरान दिए। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सिंचाई विभाग को परियोजना से सम्बन्धित पर्यावरणीय, वित्तीय सहित सभी क्लियरेन्स जल्द से जल्द प्राप्त करते हुए इसका अन्तिम अनुमोदन प्राप्त करने निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून शहर में जलापूर्ति की कमी के कारण भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पेयजल के उद्देश्य से सौंग बांध अत्यन्त महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इससे देहरादून शहर को पेयजल आपूर्ति हेतु 150 एमएलडी रॉ वाटर, नलकूपों के रख रखाव के व्यय की बचत, भूमिगत जल रिचार्ज, बाढ़ नियंत्रण एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में सिंचाई विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि वन विभाग द्वारा 127 हेक्टेयर वन भूमि प्रत्यावर्तित किये जाने हेतु सैद्धान्तिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है तथा निजी भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही गतिमान है।

इसके साथ ही मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जामरानी बांध परियोजना की उच्चाधिकार समिति (एचपीसी) की बैठक के दौरान परियोजना पर सैद्धान्तिक सहमति देते हुए इससे सम्बन्धित प्रस्तुतिकरण अगली कैबिनेट में रखने हेतु तैयारी के निर्देश दिए हैं।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, दिलीप जावलकर सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

वन आरक्षी और सहायक लेखाकारों के पद पर नियुक्त प्रतिभागियों को मिले नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंंह धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र गढ़ीकैंट में वन विभाग द्वारा आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 892 वन आरक्षी तथा 104 सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल भी उपस्थित थे। नियुक्ति पाने वाले 104 सहायक लेखाकारों में 59 वन तथा 45 तकनीकि शिक्षा विभाग के शामिल हैं। वन विभाग के अधीन अप्रैल 2017 से अब तक समूह ग के विभिन्न 4406 पदों पर नियुक्ति की गई है, जिसमें जुलाई 2021 से अब तक 2528 नियुक्तियां शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी नव नियुक्त कार्मिकों को शुभकामनायें देते हुए कहा कि अब वे उत्तराखंड शासन, प्रशासन का हिस्सा बनने जा रहे हैं सभी सच्ची लगन और मेहनत से अपने कार्य को निपुणता से करेंगे, इसकी उन्होंने अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि त्वरित रूप से विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों पर प्रदेश के होनहार नौजवानों को अवसर प्रदान कराएं जाएं। यह अभियान लगातार और तेज गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग के जिन युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले हैं, उन पर प्रदेश के वन क्षेत्रों की सुरक्षा की बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जबकि तकनीकी शिक्षा से जुड़े युवाओं पर उत्तराखण्ड शासन प्रशासन को एडवांस तकनीक से सुसज्जित करने की भी चुनौतियां है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध हों हमारा यह प्रयास धीरे-धीरे धरातल पर उतरने लगा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में अधिक से अधिक युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार के और अधिक अवसर मिल पाएंगे।

उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही धांधली की शिकायतों को दूर कर हमने भर्ती प्रक्रियाओं में व्यापक बदलाव किया है। पहले की सरकारों में नौकरी के लिए विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति पत्र देने तक बहुत लंबा समय लग जाता था। इस देरी का फायदा उठाकर, रिश्वतखोरों द्वारा जमकर रिश्वत का खेल होता था। लेकिन हमारी सरकार ने भर्ती की प्रक्रिया को अब पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है और भर्ती प्रक्रिया एक तय समय सीमा के भीतर पूरी की जा रही है। इसका परिणाम इतना सुखद है कि अब प्रत्येक युवा को समान अवसर मिलने लगे हैं।

मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं से कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि आपको एक ऐसे प्रदेश में सेवा का मौका ईश्वर ने दिया है, जिसमें आपकी एवं राज्य की प्रगति की असीम संभावनाएं हैं। आज आप भर्ती प्रक्रिया में जिस पारदर्शिता और रफ्तार को देख रहे हैं वो सरकार के हर काम में दिख रही है। पारदर्शी तरीके से भर्ती और पदोन्नति युवाओं में भरोसा जगाती है। ये पारदर्शिता बेहतर तरीके से युवाओं को प्रतियोगिता में उतरने के लिए प्रेरित करती है, हमारी सरकार इसी दिशा में निरंतर काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों की और से भर्ती प्रक्रियाओं पर लगाये गए कलंक को मिटाने के लिए ही हमने राज्य में देश का सबसे कठोर ‘‘नकल विरोधी कानून’’ लागू किया है। हमारी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। नकल विरोधी कानून के प्राविधान इतने कड़े किये हैं कि अब युवाओं के भविष्य के साथ कोई भी नकल माफिया खिलवाड़ नहीं कर सकेगा। इस कानून के तहत दोषियों के लिए आजीवन कारावास तक का प्राविधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने सभी को विश्वास दिलाया कि हमारी सरकार प्रदेश के हर वर्ग के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध होकर निरंतर कार्य कर रही है और करती रहेगी तथा अपेक्षा की कि आप सभी उत्तराखण्ड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे ‘विकल्प रहित संकल्प’ की सिद्धि में भी इसी प्रकार अपना सहयोग देते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हजारों युवाओं में से आपको यह अवसर विशिष्ट कार्य के लिए प्रदान किया गया है। आपको अपने कार्यक्षेत्र में मानक तय करने होंगे। अनुशासित होकर ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का लक्ष्य बनाना होगा, नई तकनीकि में जुड़ना होगा। यह आपको अपने कार्य संपादन में प्रेरणा देने का भी कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश जन सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए 1905 एप् के साथ अपणी सरकार पोर्टल तैया किया गया है। जन शिकायतों की निस्तारण प्रक्रिया का समय-समय पर वे स्वयं भी परीक्षण करते हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि उन्हें भी जन समस्याओं के समाधान तथा जीरो पेंडेंसी का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिले इसके लिए हाल ही में आयोजित वैश्विक निवेश सम्मेलन में 3.50 लाख करोड़ के निवेश प्राप्त हुए हैं। इसमें 50 से अधिक देशों के निवेशक भी शामिल हैं इससे प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं को रोजगार के और अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड असीम संभावनाओं वाला प्रदेश है। प्रधानमंत्री ने भी 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। आज देश व दुनिया के लोग यहां आने के लिए उत्साहित है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए उत्तराखण्ड का हित सर्वोपरि है, जिसे हम विकल्प रहित संकल्प के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। हमने उत्तराखण्ड की जनता से राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का वायदा किया था जो पूर्ण किया गया है। इसमें प्रदेश में रहने वाले सभी नागरिकों के हितों को ध्यान में रखा गया है।

वन एवं तकनीकि शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने भी नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का 71 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र के अधीन है। प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता के साथ वन एवं पर्यावरण की सुरक्षा का कार्य वन आरक्षियों का रहता है। उन्होंने वन आरक्षियों को फ्रंट लाइन वर्कर बताते हुए कहा कि जंगल को बचाने तथा मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने एवं वनाग्नि को रोकने का भी उनका दायित्व रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं को तकनीकि दक्षता के लिए पॉलिटेक्निक एवं आई.टी.आई आदि कॉलेजों को अवस्थापना सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है। तकनीकि संस्थाओं के माध्यम से अधिक से युवाओं का प्लेसमेंट हो इस दिशा में भी प्रयास किये जा रहे है। गत वर्ष 65 प्रतिशत छात्रों का प्लेसमेंट हुआ है।

प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु ने भी युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण जैसे समारोह पहले आयोजित नहीं होते थे। ऐसे अवसर युवाओं में आत्मविश्वास जगाने के साथ उन्हें कार्यक्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने में मददगार होते है। उन्होंने युवाओं में निरंतर सीखते रहने की प्रकृति अपनाने तथा आदर्श चरित्र के साथ जीवन एवं कार्य क्षेत्र में आगे बढ़ने को कहा।

वन प्रमुख (हॉफ) अनूप मलिक तथा सचिव तकनीकि शिक्षा रविनाथ रमन ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर वन एवं तकनीकि शिक्षा के अधिकारी एवं नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवा उपस्थित थे।

हमारा स्वप्न और संकल्प है कि एक आदर्श चंपावत बनाएंः धामी

मुख्यमंत्री ने चंपावत से वर्चुअल रूप से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हिमालयन बास्केट की शुरुआत वर्ष 2018 में सुमित और स्नेहा थपलियाल ने की थी। उन्होंने कहा कि सुमित पेशे से एक इंजीनियर हैं और स्नेहा एक मार्केटिंग पेशेवर हैं। देवभूमि से होने के कारण, दोनों हमेशा स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए कुछ अलग करना चाहते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों ने डेयरी, खेती और उनके पहलुओं से संबंधित विकल्पों पर विचार कर हिमालयन बास्केट की स्थापना का निर्णय लिया।

हिमालयन बास्केट के तहत दूध, हल्दी, पुदीना जैसे कृषि उत्पाद खरीदकर इनसे अलग-अलग उत्पाद बनाकर विदेशों में सप्लाई करते हैं। उत्पाद बनाने के लिए 200 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध से बनने वाले उत्पाद ’चुरपी’ और ’घी’ की अधिक डिमांड है। क्योंकि चुरपी गाय के दूध से बना एक विशेष कठोर पनीर है और दोनों ने उत्तराखंड में इसके उत्पादन का बीड़ा उठाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह सरकार और जिला प्रशासन की मदद से दोनों को बागवानी कोल्ड स्टोर लीज पर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भी इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं हमारी सरकार उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा स्वप्न और संकल्प है कि एक आदर्श चंपावत बनाएं। इसके लिए हमें चाहिए कि चंपावत के जो भी उत्पाद हैं, वो सभी आदर्श होने चाहिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी नवनीत पांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल मेहरा आदि उपस्थित रहे।

युवा मुख्यमंत्री धामी सौर स्वरोजगार योजना में दिखा रहे बेहद दिलचस्पी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड को ऊर्जा प्रदेश बनने का संकल्प सिद्ध होता हुआ नजर आ रहा है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना बेहद सफल साबित हो रही है। बड़ी बात यह है कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक 20 से लेकर 200 किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्रों की स्थापना के लिए प्रदेश के युवा खूब दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर 13 मार्च 2023 को मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना (MSSY) को संशोधित का किया गया। इसके बाद प्रदेश में 20 / 25/ 50 /100 और 200 किलोवाट के ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना पोर्टल msy.uk.gov.in पर 839 आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें 297 आवेदनों के LOI भी जारी की जा चुकी है।

पूर्ववर्ती MSSY योजना में 3.43 मेगावाट स्थापित क्षमता ₹13.6 करोड़ के अनुमानित निवेश की तुलना में मॉडिफाइड MSSY योजना में 839 आवेदनों में से 297 संख्या ,संचयी क्षमता 44.94 MWp के एलओए, अब तक जारी किए जा चुके हैं, जिससे राज्य में रोजगार के अवसर के साथ-साथ लगभग ₹224 करोड़ के निवेश के अवसर पैदा होंगे।

नई मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना में 44.94 मेगावाट की स्थापना के बाद प्रदेशवासियों के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर Net Zero लक्ष्य प्राप्त करने के अधिक अवसर पैदा होंगे। मॉडिफाइड MSSY योजना में उत्तराखंड के निवासी उत्सुकता से आवेदन कर रहे हैं और आवंटन प्रक्रिया 246 MWp संचयी लक्ष्य उपलब्धि तक जारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन के साथ ही ग्रीन इकोनॉमी की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।

हल्द्वानी अतिक्रमण विवादः डीएम वंदना को कट्टरपंथियों से ट्रोलिंग, जनता ने किया समर्थन

हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली जिलाधिकारी वंदना सिंह सोशल मीडिया पर चर्चाओं का केंद्र बन गई हैं। कुछ कट्टरपंथी उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रेंड करवा रहे थे और उनके खिलाफ भड़काऊ अभियान चला रहे थे।

अब्दुल मलिक पर कार्रवाई का नतीजा?

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद कट्टरपंथियों ने डीएम वंदना के खिलाफ “#अरेस्ट_वंदना_सिंह” ट्रेंड चलाया। उन पर आरोप लगाते हुए सांप्रदायिक रंग दिया गया। सोशल मीडिया ट्रेंड के विश्लेषण से पता चला कि इसमें ज्यादातर एक समुदाय विशेष के कट्टरपंथी समूह शामिल थे।

कथित प्रेस कॉन्फ्रेंस और झूठा माहौल

इसी कट्टरपंथी मानसिकता से ग्रसित कुछ लोगों ने दिल्ली प्रेस क्लब में डीएम के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ये लोग कभी बनभूलपुरा गए ही नहीं थे, लेकिन वहां से एक वीडियो के आधार पर वंदना सिंह के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की। यही गिरोह अक्सर लोगों को भड़काने के लिए जाना जाता है।

सच सामने आया, मिला जनता का विश्वास

लेकिन सच छिपाए नहीं छिपता। जैसे ही सच्चाई सामने आई, सोशल मीडिया साईट एक्स पर “#isupportdmvandana” ट्रेंड शीर्ष पर चला गया। राष्ट्रीय मीडिया में भी डीएम वंदना की चर्चा होने लगी। शायद उत्तराखंड में पहली बार किसी डीएम ने इतनी ख्याति प्राप्त की, उन्हें लगातार सोशल मीडिया पर युवाओं द्वारा सपोर्ट और फॉलो किया जा रहा है। दूसरे शब्दों में कहें तो यह अराजक तत्वों पर सम्पूर्ण नारी शक्ति का तमाचा है।

सरकार का समर्थन, डीएम की निष्ठा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे घटनाक्रम में डीएम का समर्थन किया, जिससे वह बिना किसी दबाव के अपना कर्तव्य पूरा कर सकीं। डीएम वंदना ने साबित किया कि अगर आप सत्य के साथ खड़े हों तो कोई ताकत आपको झुका नहीं सकती। उन्होंने सरकार और सीएम धामी को हर परिस्थिति में विश्वास रखने के लिए धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड एवं स्लोवेनिया के मध्य संरक्षित क्षेत्रों के प्रबंधन पर हुई वार्ता को बताया विश्वस्तरीय प्रयास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्लोवेनिया की राजधानी लुबलियाना में उत्तराखण्ड एवं स्लोवेनिया के मध्य संरक्षित क्षेत्रों के प्रबंधन, संसाधन प्रबंधन एवं पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने हेतु उत्तराखण्ड के फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान एवं स्लोवेनिया के त्रिग्लाव राष्ट्रीय उद्यान के मध्य सहमति पत्र पर हस्ताक्षर होना राज्य की जैव विविधता को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाला प्रयास बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राष्ट्रीय पार्कों को यूनेस्को द्वारा विश्व प्राकृतिक धरोहर घोषित किया गया है। इससे निश्चित रूप से वन एवं संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन में उत्तराखण्ड के योगदान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी, तथा और अधिक पर्यटक फूलों की घाटी के सौंदर्य के प्रति आकर्षित होंगे। सहमति पत्र पर स्लोवेनिया में भारत की राजदूत नम्रता कुमार की उपस्थिति में उत्तराखंड के प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक डॉ. समीर सिन्हा तथा ट्रिग्लाव राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक डॉ टिट पोतोनिक द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इस सहमति पत्र के अनुसार दोनों राष्ट्रीय उद्यानों को एक दूसरे के सिस्टर पार्क का दर्जा दिया जाएगा। इस सहमति पत्र में दोनों राष्ट्रीय पार्कों के मध्य सहयोग से एक दूसरे के बीच प्रबंधन के अनुभव साझा करने, प्रचार प्रसार करने तथा वैश्विक स्तर पर वन प्रबंधन में स्लोवेनिया एवं उत्तराखण्ड के बेस्ट प्रैक्टिसेज को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

उत्तराखण्ड की फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान एवं स्लोवेनिया के त्रिग्लाव राष्ट्रीय उद्यान दोनों को यूनेस्को द्वारा विश्व प्राकृतिक धरोहर घोषित किया गया है। फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1982 में हुई थी तथा इसका क्षेत्रफल 87.5 वर्ग किमी है। ट्रिग्लाव राष्ट्रीय उद्यान स्लोवेनिया का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है जिसकी स्थापना 1981 में हुई थी तथा इसका क्षेत्रफल 880 वर्ग किमी है। ट्रिग्लाव शिखर स्लोवेनिया की सबसे ऊँची चोटी है जिसकी ऊंचाई 2863.65 मीटर है। फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान जैसे उत्तराखण्ड हिमालय क्षेत्र में स्थित है, उसी भाँति यह राष्ट्रीय उद्यान भी जूलियन ऐल्प्स पर्वतों के मध्य स्थापित है। यहाँ की परिस्थितियां, अवसर एवं चुनौतियां कई मायनों में फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान के समान ही हैं।

यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि इस प्रकार का यह पहला अवसर है जब उत्तराखण्ड ही नहीं भारत के किसी संरक्षित क्षेत्र ने विदेश के किसी संरक्षित क्षेत्र के साथ सहयोग हेतु इस प्रकार की कोई सहमति की है। इस सहमति पत्र को मूर्त रूप देने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रोत्साहन एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल का मार्गदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने इसे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए इस पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

इस सहमति पत्र पर हस्ताक्षर से उत्तराखण्ड के फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान को सिस्टर पार्क बनाने से उत्तराखण्ड राज्य को वन एवं संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन में उत्तराखंड के योगदान को वैश्विक स्तर पर नयी पहचान मिलने के साथ जनसहभागिता से वन प्रबंधन के प्रयासों के प्रचार प्रसार से यहाँ के स्थानीय समुदायों के योगदान को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलेगी। इससे वन एवं संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन में आधुनिकतम तकनीक के बारे में जानकारी साझा करने का अवसर मिलेगा जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष, वनाग्नि, जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी तथा उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फूलों की घाटी जैसे यूनेस्को विश्व धरोहर घोषित क्षेत्रों के विषय में यूरोप में भी प्रचार प्रसार होगा एवं अधिक संख्या में विदेशी पर्यटक यहां आने हेतु प्रेरित होंगें।

स्लोवेनिया की इस यात्रा के दौरान स्लोवेनिया में भारत की राजदूत श्रीमती नम्रता कुमार एवं उत्तराखंड के प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक डॉ समीर सिन्हा द्वारा स्लोवेनिया के राष्ट्रीय असेंबली के सदस्य, त्रिग्लाव राष्ट्रीय उद्यान के अन्तर्गत विभिन्न शहरों के मेयर, स्लोवेनिया के निवेश एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की संस्था के निदेशक समेत अनेक विशेषज्ञों के साथ भी बैठक कर उनको उत्तराखण्ड में वन एवं वन्यजीव प्रबंधन, विशेष रूप से इसमें जन समुदायों की भूमिका, पर्वतारोहण, पर्यटन आदि के अवसरों के विषय में जानकारी दी गई तथा उन्हें विभिन्न पुस्तकें एवं अन्य विवरण उपलब्ध कराया गया। सभी ने उत्तराखंड एवं स्लोवेनिया के पर्वतीय क्षेत्र की समानताओं के दृष्टिगत उत्तराखण्ड के साथ सहयोग करने में गहरी रुचि दिखाई। आने वाले समय में स्लोवेनिया में भारत के दूतावास के सहयोग से इसको और आगे बढ़ाया जाएगा। इस विषय को गति देने हेतु स्लोवेनिया के एक प्रतिनिधिमंडल के शीघ्र ही उत्तराखंड आने की संभावना है।

राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम को राज्य सरकार ने अपने नियंत्रण में लिया

नेशनल कम्पनी लॉ ट्रिब्यूनल के निर्देशों का अनुपालन न किये जाने के कारण राजीव गांधी अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के संचालन हेतु अधिकृत की गई फर्म मे देहरादून इन्टीग्रेटेड अरीना लि. से सम्पत्ति को खाली कराकर राज्य सरकार के नियंत्रण में लिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में खेल अवस्थानात्मक सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में ये निर्णय लिया गया है। इससे राज्य में खेल परिसम्पत्तियों के संरक्षण एवं आगामी राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन में भी मदद मिलेगी। ज्ञातव्य है कि राजीव गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को निविदा के आधार पर मेर्सस आई०टी०यू०ए०एल० को दिया गया था जिस हेतु उनके द्वारा देहरादून इन्टीग्रेटेड अरीना लि० कम्पनी को निर्मित कर राज्य सरकार के साथ मई, 2018 में अनुरक्षण एवं संचालन हेतु अनुबंन्ध गठित किया गया था। कोविड महामारी काल में उक्त कंपनी ने स्टेडियम के संचालन हेतु प्रर्याप्त वित्तीय संसाधन के अभाव में इन्सोल्वेन्सी हेतु मा० एन०सी०एल०टी में वाद दायर किया गया था। मा० एन०सी०एल०टी द्वारा इस हेतु आई०आर०पी० श्री अन्सुल पठानिया को रिजोल्यूशन प्लान हेतु नियुक्त किया गया था। माह नवम्बर, 2023 में मा० एन०सी०एल०टी द्वारा मेर्सस ट्राइवर इन्टरप्राइजेज के रिजोल्यूशन प्लान को स्वीकार करते हुये आदेश निर्गत किये गये थे। परन्तु उक्त कम्पनी द्वारा नई संचालन एजेंसी के रूप में राज्य सरकार से ना तो अनुमोदन प्राप्त किया गया ना ही मूल अनुबंधी शर्तों के अनुरूप एस्क्रो खाता खोला गया और ना ही अपेक्षित बैंक गारंटी उपलब्ध करायी गई, अपितु स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजन हेतु विभिन्न संस्थाओं से धनराशि बुकिंग हेतु ली गयीं।
एनसीएलटी के निर्णय उपरान्त मै. देहरादून इन्टीग्रेटेड अरीना लि० को अनुबन्ध की नियमों के पालन हेतु दिनांक 12.12.2023 को अनुबन्ध की शर्तों अनुसार नोटिस दिया गया था जिसका संज्ञान उनके द्वारा नहीं लिया गया तथा प्रतिनिधियों द्वारा बैठक हेतु समय मांगने उपरान्त भी बैठक हेतु नहीं आये। नयी संस्था द्वारा की जा रही बुकिंग के विरूद्ध थाना रायपुर मे एक प्राथमिकी भी पीड़ित संस्था द्वारा दर्ज की गयी है जिसकी जांच पुलिस स्तर पर गतिमान है। राज्य एवं परिसंम्पत्ति के संरक्षण हित में दिनांक 13.02.2024 को पुनः नोटिस जारी कर संपत्ति को खाली करने के निर्देश दिये गये थे जिसके क्रम में आज दिनांक 17.02.2024 को संस्था द्वारा परिसर को रिक्त कर दिया गया है एवं राज्य सरकार द्वारा जन हित में स्टेडियम का नियंत्रण ले लिया गया है।