सीएम ने चंपावत में किया 1 अरब 62 करोड़ 15 लाख, 76 हजार (16215.76) की 45 योजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मातृ-शक्ति को समर्पित “संगज्यू-2024“ कार्यक्रम में जनपद चंपावत के लोहाघाट पहुंचे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजकीय इंटर कॉलेज लोहाघाट से रामलीला मैदान लोहाघाट तक विशाल रोड शो में प्रतिभाग किया। रोड शो में हज़ारों की संख्या में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से जनता पहुंची जनता ने पुष्प वर्षा कर प्रदेश के मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री धामी ने रोड शो के दौरान लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।

कार्यक्रम के दौरान पहाड़ की संस्कृति की झलक देखने को मिली। जिसमें सांस्कृतिक दलों और छोलिया नृत्य, स्थानीय जनता द्वारा ढोल दमाऊ बजाकर व पारंपरिक परिधानों में सज धज कर महिलाओं ने फूल बरसाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इससे पूर्व महिला पुलिस द्वारा मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

मातृशक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य पर आधारित कार्यक्रम संग्ज्यू – 2024 के दौरान महिला पीआरडी, एनसीसी, एनएसएस व नर्सिंग कॉलेज की महिलाओं,बालिकाओं के अतिरिक्त विभिन्न विद्यालयों की छात्राएं व स्वयंसेवी संस्थाओं की महिलाओं द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री ने देवी शक्ति स्वरूप 9 कन्याओं का पूजन किया तथा आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश की सुख, शांति व समृद्धि की कामना की।

इस दौरान जनपद चंपावत के विभिन्न विकास खण्डों में गठित सहकारिताओं एवं समूहों की महिलाओं द्वारा उत्पादित उत्पादों एवं अन्य विभागों एनआरएलएम, पशुपालन, महिला डेयरी,दुग्ध संघ, उद्यान आदि परियोजनाओं के स्टाल लगाए गए थे। इन स्टाल में ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादित स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर श्री धामी ने वहां लगे स्टालों का निरीक्षण कर महिला समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यो की सराहना की।

सीएम धामी ने पहाड़ की पारंपरिक वस्तुओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिलाओं के साथ ओखली में धान कूटने, रिंगाल की टोकरी बुनने के साथ ही लोहाघाट काली कुमाऊं की प्रसिद्ध हाथ से बनने वाली कढ़ाई व अन्य लोहे के सामान को अपने पूर्वजों की विरासत को आगे बढ़ाते आ रहे उद्यमियों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि वे अपने आमा-बूबू के समय से ही लोहाघाट की कढ़ाईयों का प्रयोग ही नहीं करते बल्कि अपने ईष्ट मित्रों को सौगात के रूप में देते आ रहे हैं। उनका कहना था कि लोहे की कढ़ाई में भोजन बनाने से हमें प्राकृतिक रूप से आयरन मिलने लगता है, इस दौरान उन्होंने स्वयं भी लोहे की चादर पीट कर, कहा कि हमारे ये बुजुर्ग इसी प्रकार पीढ़ी दर पीढ़ी पसीना बहाकर हमें लोहे की कढ़ाई का गजब का स्वाद बनाए हुए हैं

स्टालों के निरीक्षण के दौरान बाल विकास विभाग के स्टाल में मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ केक काटकर बच्चों को केक भी खिलाया। उन्होंने कहा की पहाड़ की विषम परिस्थितियों में भी पहाड़ की महिला हाड़तोड़ मेहनत कर अपनी आजीविका को सुदृढ़ बना अन्य को भी स्वरोजगार उपलब्ध करा रही हैं।

आयोजित कार्यक्रम अंतर्गत मुख्यमंत्री धामी ने सरस्वती शिशु मंदिर में महिलाओं के साथ झोड़ा, चाचरी व होली गायन में प्रतिभाग कर पुरानी यादों को साझा किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं संग चूख सानकर स्वयं भी खाया तथा अन्य को भी खिलाया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को अधिक बल देने व महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार विशेष कार्य कर रही है।

नारी शक्ति को समर्पित संगज्यू- 2024 कार्यक्रम अंतर्गत मुख्यमंत्री द्वारा महिलाओं का सम्मान किया गया। जिसमें उन्होंने 5 महिलाओं, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, ब्लाक प्रमुख रेखा देवी, नेहा ढेक, विनीता फर्त्याल व सुमनलता को सम्मानित किया।

इस अवसर पर 4 सहकारी समितियों सचिव हरीश चंद्र की बहुउद्देशीय साधन सहकारी समिति लिमिटेड चंपावत, निर्मल चंद्र भट्ट की धरमघर समिति, डीकर चंद की बाराकोट समिति व श्याम सिंह बिष्ट की रोलमेल समिति को ’प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के लाइसेंस वितरित किए गए।

रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत जनपद की ग्राम खिरद्वारी की एकमात्र वनराजी जनजाति के 14 परिवारों को भूमि पट्टे(आवास स्थल) प्रदान किए।

अपने संबोंधन में मुख्यमंत्री ने केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा नारी सशक्तिकरण के लिए चलायी जा रही योजनाओं, कार्यक्रमों, उपलब्धियों और प्रयासों से अवगत कराते हुए नारी शक्ति को इस पर्वतीय राज्य की रीढ़ कहा। कहा कि चाहे उत्तराखण्ड में महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देने की बात हो अथवा महिलाओं को उज्ज्वला गैस योजना के लाभ की बात हो, ऐसी योजनाओं से आज महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर और सशक्त होकर उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्य बनाने में अपना योगदान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मातृशक्ति के उत्थान को समर्पित सरकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार लगातार महिलाओं के कल्याण हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में यूसीसी (समान नागरिक संहिता) को पारित कर जनता से किया वादा उन्होंने पूरा किया है। उन्होंने समान नागरिक संहिता को देश एवं महिलाओं के विकास में मील का पत्थर कहा। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी जाति, धर्म समुदाय के लिए न होकर पूरे राज्यवासियों के हितों के लिए है। उन्होंने कहा कि मातृ शक्ति को आगे लाने का सपना पीएम का है आज हमारी माताएं बहनें आगे बढ़ रही हैं,नए भारत की तस्वीर बनने में महिलाएं सबसे आगे खड़ी हैं व नेतृत्व कर रही हैं।

सीएम ने कहा कि श्री राम मंदिर का ऐतिहासिक निर्माण कराया गया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कश्मीर से धारा 370 हटा कर कश्मीर को पूर्ण रूप से भारत का हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि इस देव भूमि की आबोहवा खराब नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि जो भी देव भूमि की छवि खराब करने का प्रयास करेगा उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की लगातार कार्रवाई गतिमान है तथा यह इसी प्रकार चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि जो भी सरकारी कार्य में बाधा डालेगा उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत जिले को आदर्श जिला बनाने हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है यहां के विकास का मॉडल अन्य हिमालयी राज्यों को भी एक संदेश व अनुकरणीय करेगा।अनेक विकास कार्य चंपावत जिले में किए जा रहे हैं। पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज हमारा राज्य निरंतर विकास के लिए अग्रसर है। अग्रणी जनपद व प्रदेश बन रहा है। इसमें हमारी महिलाओं की अहम भूमिका है। वह श्रेष्ठ चंपावत व श्रेष्ठ राज्य के लिए अपनी भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के “विकल्प रहित संकल्प“ को पूर्ण कर रही है। आज उत्तराखंड को आदर्श बनाने हेतु चंपावत जिले से शुरुआत की गई है। इस जिले को आदर्श जिला बनाया जा रहा है जो आदर्श उत्तराखंड की ओर ले जाएगा।

संगज्यू- 2024 कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद विकास हेतु कुल 45 योजनाओं, कुल लागत 162 करोड़, 15 लाख 76 हजार (16215.76) का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिसमें जनपद चंपावत विधानसभा हेतु कुल 10 योजनाओं लागत 25 करोड़ 4 लाख 16 हजार (2504.16) का लोकार्पण तथा 16 विकास योजनाओं लागत 86 करोड़ 90 लाख 17 हजार (8690.17) का शिलान्यास किया।

इसके साथ ही लोहाघाट विधानसभा हेतु 11 विकास योजना लागत 28 करोड़ 83 लाख 54 हजार (2883.54) का लोकार्पण व 08 विकास योजनाओं लागत 21 करोड़ 37 लाख 89 हजार (2137.89) का शिलान्यास किया।

जिसमें विधानसभा क्षेत्र चंपावत अंतर्गत सिंचाई खंड के विधानसभा क्षेत्र चंपावत के अंतर्गत ग्राम ऊचोलीगोठ में शारदा नदी के दाएं पार्श्व पर स्नान घाट का निर्माण कार्य (लागत 459.65), विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अन्तर्गत शारदा नदी के दॉये पार्श्व पर घस्यारा मण्डी बस्ती पर शारदा नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य (लागत 607.48), राज्य आपदा मद के अन्तर्गत उत्तराखण्ड के जनपद चम्पावत में बाढ़ से तहसील टनकपुर के अन्तर्गत हुड्डी नदी के बायें पार्श्व पर स्थित ग्राम छीनीगोठ की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना कार्य (लागत 336.54)।
उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के जिला चंपावत के अंतर्गत नगर पालिका टनकपुर में मल्टी स्टोरी पार्किंग के निर्माण कार्य (मा० मुख्यमंत्री घोषणा) (लागत 296.79), जनपद चंपावत में शारदा राजि टनकपुर के अंतर्गत ककराली प्रथम बीट कक्ष संख्या- अ में वन चौकी का निर्माण (केम्पा योजना) (लागत 107.30)।
उत्तराखंड कृषि उत्पाद विपणन बोर्ड रुद्रपुर के विधानसभा चंपावत हेतु राजकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र नारियल गांव का सुधारीकरण एवं पशुओ हेतु शेड व प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण (लागत 441.85)।
पर्यटन विभाग के टनकपुर क्षेत्र में एरो स्पोर्ट्स गतिविधियों हेतु रनवे का विकास (लागत 55.49), पर्यटक आवास गृह टनकपुर का उच्चीकरण एवं मरम्मत कार्य (लागत 81.97), क्रांतेश्वर में पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं का विकास (लागत 55.74) पर्यटक आवास गृह चंपावत का उच्चीकरण एवं मरम्मत कार्य (लागत 61.35)का लोकार्पण किया गया।

साथ ही ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा जनपद चंपावत के विकासखंड चंपावत के चल्थी नौलापानी रोड में झालाकुड़ी नारायण सिंह के घर तक मोटर मार्ग का निर्माण (169.23), विकासखंड चंपावत के अंतर्गत ग्राम कोट अमोडी के ग्राम चंथेला में जूनियर हाई स्कूल तक मोटर मार्ग का निर्माण (लागत 186.74)।

उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड चंपावत में महिला छात्रावास तथा आईटी लैब का निर्माण (लागत 718.42), राजकीय महाविद्यालय टनकपुर चंपावत में विज्ञान संकाय भवन का निर्माण (लागत 428.06), विधानसभा क्षेत्र चंपावत के अंतर्गत अमोड़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण (218.26), पशुपालन विभाग के अंतर्गत राजकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र नरियाल गांव चंपावत के प्रथम चरण के सुदृढ़ीकरण का कार्य (लागत 659.01),

प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग चंपावत के राज्य योजना अंतर्गत (मानसखंड कॉरिडोर एवं पर्वतमाला योजना) जनपद चंपावत की विधानसभा क्षेत्र चंपावत के टनकपुर क्षेत्र में मां पूर्णागिरि हेतु पहुंच मोटर मार्ग एवं पैदल मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण का कार्य (लागत 605.68), माननीय मुख्यमंत्री घोषणा अंतर्गत चंपावत के विधानसभा क्षेत्र के तहत ललुवापानी- हिंगलादेवी तक पूर्व निमित्त कच्चे पैदल मार्ग को पूर्ण विद्यमान चौड़ाई में सीसी इंटरलॉकिंग टाइल्स द्वारा सुधारीकरण कार्य (लागत 208.98), मुख्यमंत्री घोषणा अंतर्गत जनपद चंपावत के विधानसभा क्षेत्र चंपावत के तहत राज्य मार्ग संख्या- 111 लालुवापानी- बैनलेख मोटर मार्ग का हॉटमिक्स द्वारा उदारीकरण का कार्य (लागत 473.34), माननीय मुख्यमंत्री घोषणा अंतर्गत जनपद चंपावत के विधानसभा क्षेत्र चंपावत के तहत चंपावत की आंतरिक संपर्क मार्ग का हॉट मिक्स द्वारा सुधारीकरण का कार्य (लागत 992.12), माननीय मुख्यमंत्री घोषणा अंतर्गत जनपद चंपावत की विधानसभा क्षेत्र के तहत टनकपुर एवं बनबसा क्षेत्र के विभिन्न आंतरिक मार्गों का हॉट मिक्स द्वारा सुधारीकरण का कार्य (लागत 326.19), माननीय मुख्यमंत्री घोषणा अंतर्गत जनपद चंपावत की विधानसभा क्षेत्र चंपावत के तहत राज्य मार्ग संख्या 109 सुखीढाग- धूरा- रीठा साहिब की ब्रजनगर- तालियांबाज प्रभाग तथा राज्य मार्ग संख्या 110 सुखीढाग- श्यामलाताल मोटर मार्ग में हॉट मिक्स द्वारा सुधारीकरण का कार्य (लागत 638.52)।

उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के जनपद चंपावत अंतर्गत डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी टनकपुर हेतु 66 बेडड महिला छात्रावास का निर्माण (लागत 575.04) तथा राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना अंतर्गत जनपद चंपावत के टनकपुर में 50 सैयायुक्त आयुष चिकित्सालय के भवन निर्माण (लागत 1503.91)।

पर्यटन विभाग के अंतर्गत 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टिनेशन योजना के अंतर्गत श्यामलाताल क्षेत्र का विकास (लागत 490.94) का शिलान्यास किया।

वही निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत राज्य योजना के तहत जनपद चंपावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अंतर्गत लोहाघाट डिग्री कॉलेज से गंगनौला नसखोल खालगड़ा मोटर मार्ग के 8 से 12 किलोमीटर तक पुननिर्माण एवं सुधारीकरण का कार्य (लागत 328.5) तथा राज्य योजना अंतर्गत जनपद चंपावत की विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के तड़ीगांव इंद्रपुरी मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण व सुधार कार्य (लागत 186.02)।

उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड रुद्रपुर द्वारा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोहाघाट चंपावत में महिला छात्रावास निर्माण कार्य (लागत 351.80), राजकीय महाविद्यालय लोहाघाट चंपावत में वाणिज्य संकाय भवन का निर्माण कार्य (लागत 236.27), राजकीय महाविद्यालय पाटी चंपावत के भवन का निर्माण कार्य (लागत 360.90)।

सिंचाई खंड लोहाघाट द्वारा नाबार्ड मद के अंतर्गत जनपद चंपावत के विकासखंड पाटी में लाधीया नदी के बाएं पार्श्व पर स्थित रीठा साहिब की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना (लागत 366.52), विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट अंतर्गत नाबार्ड मद के अंतर्गत विकासखंड पाटी के लधिया नदी के दाएं पार्श्व पर तथा किवाड़ी नाले के दाएं एवं बाय पार्श्व पर स्थित ग्राम परेवा (कलोता) सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना भाग- 2 (लागत 295.34), विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट में नाबार्ड मद के अंतर्गत विकासखंड पाटी के कुलियाल गांव में बाढ़ सुरक्षा योजना बनाई जाएगी (लागत 402.63)।

उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम लोहाघाट द्वारा राजकीय पॉलिटेक्निक लोहाघाट पुरुष एवं महिला छात्रावास (लागत 136.110)।
ग्रामीण निर्माण विभाग चंपावत द्वारा विकासखंड पाटी में टाइप 3 के 6 आवासीय भवनों का निर्माण कार्य (लागत 130.00) तथा पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटक आवास गृह लोहाघाट का उच्चीकरण एवं मरम्मत कार्य (लागत 89.41) का लोकार्पण किया गया। तथा निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग के माननीय मुख्यमंत्री घोषणा अंतर्गत जनपद चंपावत की विधानसभा लोहाघाट में बारकोट ब्लॉक मुख्यालय क्षेत्र में रोड का डामरीकरण कार्य के अंतर्गत उधुनदूंगा कोठेरा मोटर मार्ग में पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण का कार्य (लागत296.21)।

उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम लोहाघाट के राजकीय पॉलिटेक्निक लोहाघाट में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य (लागत 440.49) व जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान लोहाघाट के टाइप 3 आवासीय भवनों का निर्माण (लागत 200.00)।

जल संस्थान चंपावत के एडीधुरा पंपिंग पेयजल योजना (लागत 497.01), पाटन- पाटनी पंपिंग पेयजल योजना (लागत432.00)।

पर्यटन विभाग चंपावत की मानस खंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत पाताल रुद्रेश्वर में अवस्थापना सुविधाओं का विकास (लागत 229.18)।

धर्मस्य विभाग की जनपद चंपावत के विकासखंड बाराकोट के ग्राम पंचायत खोलासुनार के एडी बयानधूरा मंदिर का सौंदर्य करण किया जाएगा (लागत 22.00) तथा ग्राम पंचायत झिरकुनी के प्रसिद्ध देवी मैया मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा (लागत 21.00) का शिलान्यास किया।

कार्यक्रम के दौरान सांसद अजय टम्टा ने कहा कि क्षेत्र को हवाई सेवा से जोड़कर मुख्यमंत्री द्वारा ऐतिहासिक कार्य किया है। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक खुशाल सिंह अधिकारी व जिलाध्यक्ष भाजपा निर्मल महरा ने भी जनता को संबोधित किया।

संगज्यू – 2024 कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री धामी ने क्षेत्र विकास के लिए कई घोषणाएं की।

जिसमें, लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। लोहाघाट होली महोत्सव को प्रतिवर्ष राजकीय अनुदान दिया जाएगा। लोहाघाट के गोरखानगर में अंबेडकर भवन का निर्माण किया जाएगा।
लोहाघाट विधानसभा में मटियानी के रौसाल- किमतोली मार्ग को हॉट मिक्स की किया जाएगा। गुमदेश क्षेत्र के ग्राम पंचायत काल से तल्लादेश – रमोला तक जोड़ा जाएगा। ग्राम सभा चमलदेव के धौलीसीलिंग में मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।
ग्राम पंचायत बालिक रोड के तोक जोशीखोला उनकी तोक से शमशान घाट तक 3 किलोमीटर का सड़क निर्माण कार्य किया जाएगा।
राजकीय इंटर कॉलेज भींगराड़ा में एनसीसी विषय खोला जाएगा।
पाटी के सांगो-घिंगारुकोट बासुबास बसवाड़ी तक 4 किलोमीटर तक की सड़क सुधारीकरण, डामरीकरण व विस्तारीकरण का कार्य किया जाएगा।
चंपावत गौड़ी से किमतोली रोड का चौड़ीकरण व सुधारीकरण किया जाएगा।
ग्राम पंचायत बाराकोट की अनुसूचित बस्ती खकनिया प्रिताबजरान में ततकिना सड़क मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
कामाजूला- रेघाडी – भनार मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं पनार पुल तक मिलान एवं विस्तारीकरण का कार्य किया जाएगा।
लोहाघाट नगर पालिका का मास्टर प्लान के तहत सुनियोजित रूप से विकास किया जाएगा।
विकासखंड लोहाघाट अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायत के आंतरिक मोटर मार्गो के 25 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाएगा।
विकासखंड लोहाघाट की ग्राम पंचायत सेलपेडू- मंडलक- गुरेड़ी एवं मजपीपल में चमलेश्वर गधेरे में लिफ्ट परियोजना पेयजल योजना बनाई जाएगी।
ग्राम पंचायत ठाटा विकासखंड लोहाघाट का जूनियर हाई स्कूल का उच्चीकरण किया जाएगा। तथा लोहाघाट की रामलीला के लिए विशेष अनुदान दिया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान लोकसभा सांसद अजय टम्टा, दर्जा राज्य मंत्री गणेश भंडारी, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, विधायक लोहाघाट खुशाल सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महारा, पूर्व विधायक लोहाघाट पूरन फर्त्याल, ब्लाक प्रमुख विनीता फर्त्याल, नेहा ढेक, सुमनलता,रेखा देवी जिलाधिकारी नवनीत पांडे, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाएं, जनप्रतिनिधि व स्थानीय लोग व अन्य मौजूद रहे।

अल्मोड़ा में सीएम ने उत्कृष्ट महिलाओं को वितरित किए चेक, बढ़ाया हौसला

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा के हवालबाग में आयोजित आजीविका महोत्सव (दीदी भुली हाथ लगाल, उत्तराखंडक हौल अमृत काल) में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 20213.60 लाख रू0 की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिनमें 11702.67 लाख रू0 की योजनाओं का लोकार्पण एवं 8510.93 लाख रू0 की योजनाओं का शिलान्यास है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं अन्य अतिथियों द्वारा द्वीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने देवी शक्ति के स्वरूप 10 कन्याओं का पूजन किया तथा आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रूलर बिजनेस इन्क्यूवेटर में 21 महिला उद्यमियों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उज्जवला सहकारिता की अध्यक्ष कमला लटवाल ने मुख्यमंत्री को सहकारिता के क्षेत्र में किये गये कार्यों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी उन्होने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में 98 लाख का टर्नओवर प्राप्त किया जिसमें से 10 लाख 15 हजार का लाभांश उन्हें प्राप्त हुआ। रूलर बिजनेस इन्क्यूवेटर आरबीआई से जुडी भवना शर्मा ने मुख्यमंत्री का पूरे प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने पर उन्हें बधाई दी। इस दौरान ललिता काण्डपाल ने मुख्यमंत्री को अपने द्वारा किये जा रहे मशरूम उत्पादन के बारे में बताया। प्रबन्धक आरबी आई योगेश भट्ट ने बताया कि जनपद अल्मोड़ा का 5 हजार लखपति दीदी बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया था उसमें जनपद अल्मोड़ा ने समय से पूर्व अपना लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मातृशक्ति के उत्थान को समर्पित सरकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार लगातार महिलाओं के कल्याण हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में यूसीसी (समान नागरिक संहिता) को पारित कर जनता से किया वादा उन्होंने पूरा कर दिया है। उन्होंने समान नागरिक संहिता को देश एवं महिलाओं के विकास में मील का पत्थर कहा। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी जाति, धर्म समुदाय के लिए न होकर पूरे राज्यवासियों के हितों के लिए है।

उन्होंने कहा कि गोल्जू भगवान की पावन धरती अल्मोड़ा में आकर वें स्वयं को अभिभूत महसूस कर रहे हैं। इतने बड़े जन सैलाब के द्वारा अल्मोड़ा से किए गए स्वागत के लिए उन्होंने अल्मोड़ा वासियों का अभिनंदन किया एवं धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह जनसैलाब हमारे संकल्प में ऊर्जा भरने का काम करता है। चंद राजाओं की भूमि सांस्कृतिक विशेषताओं को संजोए हुए हैं। यहां आर्गेनिक कृषि, दुग्ध विकास, एपन की अपनी अलग पहचान है। इन विशेषताओं को गति देकर अल्मोड़ा में विकास का नया आयाम शुरू होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सबका साथ सबका विकास एवं सबका विश्वास के मंत्र पर हमारी सरकार अग्रसर है। कहा कि डबल इंजन की सरकार प्रदेश में विकास की गंगा बहाने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि प्रदेश है। यहां हमेशा से सुख शांति से लोग जीवन यापन करते हैं। इस देवभूमि की आबोहवा खराब नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि जो भी देवभूमि की छवि खराब करने का प्रयास करेगा उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। पूरे प्रदेश में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की लगातार कार्रवाई गतिमान है तथा यह इसी प्रकार चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि जो भी सरकारी कार्य में बाधा डालेगा उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को चेक वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इस धनराशि से महिलाओं की आर्थिकी में वृद्धि होगी एवं रोजगार सृजन करने में भी मददगार होंगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उद्यमशीलता को बढ़ावा देने हेतु 111 करोड़ रुपए के ऋण चेक महिलाओं को वितरित किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जो घोषणायें की उनमें भतरौजखान में स्टेडियम का निर्माण, विकासखण्ड लगमड़ा के सर्वादय इण्टर कालेज में 04 कक्षों का निर्माण कार्य, तिलोरा में सिंचाई पम्पिंग योजना, विकासखण्ड हवालबाग के समीप मिनी स्टेडियम का निर्माण, सल्ट के गुलमरा-गैरखेत मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं विकासखण्ड द्वाराहाट के ग्रामसभा सकुनी में शुक्रेश्वर महादेव मन्दिर का जीर्णाद्वार का अवशेष कार्य है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘मातृ-शक्ति आजीविका महोत्सव’ में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टाल्स एवं शिल्पकार गैलरी का निरीक्षण किया। मातृशक्ति द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों का अवलोकन करते हुए पहाड़ी नमक पीसने व घी तैयार कर पुरानी स्मृतियों को जीवंत किया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों द्वारा निर्मित ताम्र शिल्प उत्पादों, हथकरघा उत्पादों के साथ ही स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा वैज्ञानिक सिद्धांतों पर बनाए गए विभिन्न प्रोजेक्टों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ‘एक जिला-दो उत्पाद’ योजना के साथ ही नवाचारों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दे रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी सफल उद्यमी महिलाओं को बधाई देते हुये कहा कि जिस तरह से आपके द्वारा जो कार्य किया जा रहा है उसी तरह आप काम करते रहिये और अन्य लोगों को भी आगे बढ़ाने का काम करते रहिए।

इस दौरान सांसद अजय टम्टा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दौर में नई नई उपलब्धियां प्रदेश हासिल कर रहा है। समान नागरिक संहिता को लागू करने पर उन्होंने पूरे संसदीय क्षेत्र की तरफ से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया तथा प्रदेशवासियों को बधाई दी।

कार्यक्रम का संचालन विभु कृष्ण ने किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भाजपा अल्मोड़ा रमेश बहुगुणा, रानीखेत लीला बिष्ट, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, सल्ट महेश जीना, कपकोट सुरेश गड़िया, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट, महिला आयोग उत्तराखंड की उपाध्यक्ष ज्योति शाह मिश्रा, अनिल शाही समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

बाह्य सहायतित परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए केंद्र स्तर पर अच्छी पैरवी होः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में बाह्य सहायतित परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में संचालित बाह्य सहायतित परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए। जो परियोजनाए केन्द्र स्तर पर गतिमान हैं, उनमें तेजी लाने के लिए केन्द्र स्तर पर अच्छी तरह पैरवी हो सके, संबंधित विभागों द्वारा ऐसे प्रस्ताव रेजिडेंट कमिश्नर को भेजे जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रांश एवं राज्यांश की 90 और 10 के अनुपात वाली योजनाओं पर शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर कार्य किये जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि केन्द्र सरकार के लिए जो भी प्रस्ताव बनाये जा रहे हैं, उनका गहनता से अध्ययन एवं परीक्षण के साथ परियोजना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए भेजा जाय। उन्होंने निर्देश दिये कि विभागों को अपनी परियोजनाओं को केन्द्र सरकार में जिस विभाग को भेजा जा रहा है, संबंधित विभाग से नियमित समन्वय बना कर रखें, इसके लिए सभी विभागीय सचिव स्वयं जिम्मेदारी लें।

बाह्य सहायतित परियोजनाओं के अन्तर्गत ऊर्जा, आपदा प्रबंधन, ग्राम्य विकास एवं वित्त विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बैठक के दौरान जो भी निर्णय लिये जा रहे हैं, कार्यों में तेजी लाने के लिए विभागीय सचिव यथा शीघ्र निर्णयों के अनुपालन में विभागीय आदेश जारी करें और कार्य प्रगति की भी नियमित समीक्षा करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय जल आयोग द्वारा राज्य में मौजूद बांध एवं बैराजों की मजबूती के लिये विश्व बैंक की सहायता से 274 करोड़ की संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बांधों एवं बैराजों के संचालन एवं प्रबंधन में सुधार के साथ नियन्त्रण एवं निगरानी प्रणाली के आधुनिकीकरण एवं विद्युत उत्पादन में वृद्धि होगी। उन्होंने इस परियोजना को शीघ्रता के साथ धरातल पर उतारने के लिये सभी संबंधित विभागों से आपसी समन्वय एवं समयबद्धता के साथ कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड लोक वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ीकरण परियोजना की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि राज्य की वित्तीय रिपोर्ट समय पर तैयार करने, राज्य के आंतरिक लेखापरीक्षण प्रणाली को और बेहतर बनाने, बजट एवं क्रय संबंधी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाये जाने के साथ शहरी क्षेत्रों के वार्षिक वित्तीय विवरण तैयार करने तथा शहरी स्थानीय निकायों के संपति कर संग्रह की वृद्धि के लिये भी समेकित प्रयासों की जरूरत बतायी। उत्तराखंड सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ीकरण परियोजना की कुल लागत 274.6 करोड़ रुपये है। जिसके अन्तर्गत सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन के सुदृढ़ीकरण के अतिरिक्त राजस्व प्रबंधन प्रणाली के सुदृढ़ीकरण, शहरी स्थानीय निकायों और राज्य के स्वामित्व वाले उद्यम में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने व परियोजना प्रबंधन और निगरानी एवं मूल्यांकन के कार्य किये जाने हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रोक्योरमेंट प्रोसेस तथा फंडिंग एजेंसी के स्तर पर प्राप्त होने वाली वित्तीय सहायता प्रक्रिया के सरलीकरण पर भी ध्यान देने को कहा, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में सुगमता हो सके।

ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना ग्रामीण परिवारों की आय को दोगुना करने के साथ पलायन रोकने में मददगार होगी। आजीविका से संबंधित गतिविधियों को बढावा देने फार्म मशीनरी बैंकों में महिलाओं की भागीदारी के साथ किसानों को आधुनिक कृषिकरण से जोड़ने में इससे मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी संबंधित विभागों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित उत्तराखण्ड आपदा तैयारी से संबंधित परियोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि 1640 करोड़ की 06 साल की इस योजना से राज्य में जलवायु परिवर्तन एवं आपदा के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी। वनाग्नि को रोकने, आपदा प्रबंधन केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण एवं इससे संबंधित अवस्थापना सुविधाओं के विकास में इससे मदद मिलेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री ने प्रभावी कार्य योजना समयबद्धता के साथ तैयार कर उसके क्रियान्वयन पर ध्यान देने को कहा।

इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुदंरम, राधिका झा, दिलीप जावलकर, डॉ. रंजीत सिन्हा, नीरज खेरवाल, अपर सचिव मनुज गोयल, ऊर्जा के तीनों निगमों के प्रबंध निदेशक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

नजरियाः धामी सरकार पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई को यूनाइटेड किंगडम में अध्ययन करने का देने जा रही मौका

शेवेनिंग अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्ति कार्यक्रम के अन्तर्गत राज्य सरकार 10 ग्रेजुएट छात्रों को यूनाइटेड किंगडम में अध्ययन का अवसर मिलेगा। जिसमें पांच छात्र और पांच छात्राएं शामिल होंगी। इस संबंध में शेवेनिंग इंडिया की प्रमुख सुप्रिया चावला ने सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। उन्होंने कहा कि शेवनिंग चार दशकों से 160 देशों में काम कर रहा है। संगठन द्वारा उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को इंग्लैंड के किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश की सुविधा प्रदान करता है, जिसकी लागत आमतौर पर एक वर्ष के लिए 40 लाख रुपये होती है। राज्य सरकार इस लागत में 20 लाख रुपये का योगदान देती है और शेवनिंग इंडिया शेष 20 लाख रुपये वहन करता है, जिससे बच्चे विश्वविद्यालय पढ़ाई में कुशल बन सकें। शेवेनिंग छात्रवृत्ति के लिए सफल विद्यार्थियों को उनकी नेतृत्व क्षमता और शैक्षणिक उत्कृष्टता के आधार पर चुना जाता है। शेवेनिंग ने दुनिया भर में कई प्रभावशाली नेताओं और परिवर्तन-निर्माताओं को तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को आगे लाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा मेधावी छात्रवृत्ति प्रोत्साहन योजना चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी महाविद्यालयों के जिन मेधावी छात्र-छात्राओं को इस छात्रवृत्ति योजना के तहत विदेश भेजा जा रहा है, उनको अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और आवश्यक कौशल और ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, सचिव डॉ.बी.वी.आर. सी. पुरुषोत्तम उपस्थित थे।

देवभूमि से देशभर में ट्रेंड होता रहा #UCCInUttarakhand

देहरादून। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट मिलते ही सोशल मीडिया में भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मुहिम के मुरीद उमड़ पड़े। इस दौरान नामी शख्सियत से लेकर प्रसिद्ध सोशल मीडिया इंफ्यूलेन्सर ने यूसीसी के ड्राफ्ट पर धाकड़ धामी के फैसले की जमकर तारीफ की। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत के विजन को देवभूमि से धामी सरकार सच में बदल रही है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ठीक 20 माह बाद देश के सबसे बड़े कानून समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का ड्राफ्ट मिल गया है। यह ड्राफ्ट मुख्यमंत्री धामी के राज्य के विकास को लेकर लिए गए बड़े संकल्पों में से एक है। शुक्रवार को जैसे ही यूसीसी की कमेटी ने ड्राफ्ट मुख्यमंत्री को सौंपा तो सोशल मीडिया में “हैशटैग यूसीसी इन उत्तराखंड” तेजी से ट्रेंड हो गया। देखते ही देखते ड्राफ्ट के समर्थन में देशभर से सोशल मीडिया इंफ्यूलेन्सर से लेकर बड़ी शख्सियत, विचारक एवं टिप्पणीकार आगे आ गए। सोशल मीडिया में ट्वीट, पोस्ट, शेयरिंग, ग्रफिक्स, वीडियो के साथ यूसीसी पर धामी सरकार के निर्णय का समर्थन होने लगा। हर कोई इस फैसले पर मुख्यमंत्री धामी के मुरीद दिखे और बेबाकी से लिखते गए कि समान नागरिक संहिता कानून समय की जरूरत है। खासकर यूसीसी के समर्थन में सबसे ज्यादा लोग सोशल मीडिया एक्स( X) पर ट्रेंड करते नजर आये।अक्सर सोशल मीडिया में अपनी बात बेबाकी से रखने वाली इनफ्लुएंसर्स प्रीति गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” का विजन सच में बदल रहा है।” इसी तरह इंफ्लुयेंसर रमेश सोलंकी ने लिखा कि “समृद्धि और समानता की दिशा में यूसीसी से देवभूमि एक समृद्ध समाज की ओर कदम बढ़ा रहा है।” सौरभ गुप्ता नाम के यूजर ने ट्वीट पर मुख्यमंत्री धामी के इस ऐतिहासिक निर्णय हेतु बधाई देते हुए लिखा कि “निश्चित तौर पर यह सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जल्द ही यूसीसी को कानून बनाकर उत्तराखंड में लागू भी कर दिया जाएगा।” इधर, उत्तराखंड भाजपा ने भी सरकार की इस उपलब्धि पर ट्वीट करते हुए लिखा कि आगामी विधानसभा सत्र में भाजपा सरकार समान नागरिक संहिता का विधेयक पेश कर अतिशीघ्र कानून के रूप में लागू करने की ओर कदम बढ़ाएगी। इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सुरेश गडिया जैसे तमाम नेताओं, मीडिया से जुड़े लोग भी धाकड़ धामी की इस मुहिम के समर्थन में ट्वीट करते हुए मुरीद दिखे।

यह ड्राफ्ट उत्तराखंड की देवतुल्य जनता की आंकाक्षाओं के अनुरूप बनाया गया है। यह प्रधानमंत्री जी के एक भारत-श्रेष्ठ भारत के स्वप्न को साकार करने वाला ड्राफ्ट है। जल्द इसका विधिक परीक्षण और चर्चा कर विधानसभा में विधेयक के रूप में लाया जाएगा।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।

सीएम ने की केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ से भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भारी उद्योग डॉ० महेन्द्र नाथ पाण्डेय से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, हरिद्वार के स्वामित्व की अनुप्रयुक्त 492 एकड़ भूमि का स्वामित्व उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित किए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री धामी ने औद्योगिक विकास के लिए केंद्र से मिल रहे सहयोग पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, निवेश प्रोत्साहन तथा स्टार्ट अप क्षेत्र में निरंतर विकास कर रहा है। भारत सरकार द्वारा निर्गत की जाने वाली रैंकिंग में लगातार उत्तम श्रेणी प्राप्त कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में स्थापित भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, हरिद्वार के स्वामित्व की 457 एकड़ भूमि, जो कि एकीकृत औद्योगिक आस्थान, हरिद्वार के साथ लगती हुई स्थित है, लगभग 60 वर्षों से अप्रयुक्त होने के कारण रिक्त है। साथ ही भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, हरिद्वार के स्वामित्व की एक अतिरिक्त 35 एकड़ भूमि रिक्त एवं अप्रयुक्त उपलब्ध है, जोकि हरिद्वार रेलवेलाईन के किनारे स्थित है एवं मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क स्थापित किये जाने के लिए उपयुक्त है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उक्त 457 एकड भूमि औद्योगिक विस्तार हेतु व 35 एकड़ भूमि मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क स्थापित किये जाने हेतु राज्य सरकार को हस्तान्तरित की जा सकती है, जिससे राज्य में होने वाले निवेश को एक नया आयाम प्राप्त होगा, साथ ही युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकेंगे।

इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री ने उत्तराखण्ड के रूड़की एव पंतनगर में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के निर्माण के लिये सैद्धांतिक सहमति प्रदान की।

यूसीसी पर बने गीत का मुख्यमंत्री धामी ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में समान नागरिक संहिता पर बने गीत ‘‘आ रहा है यू.सी.सी.’’ का विमोचन किया। इस गीत को भूपेन्द्र बसेड़ा द्वारा लिखा और स्वर प्रदान किया गया है तथा राकेश भट्ट द्वारा संगीतबद्ध किया गया है। गीत पर बने वीडियो में मुख्य भूमिका ओम तरोनी एवं ललित जोशी द्वारा निभायी गयी है। इस गीत के माध्यम से यू.सी.सी के लाभ एवं आम जनमानस पर पड़ने वाले प्रभावों को दर्शाया गया है। इस गीत को हिन्दी में तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने जनता को जागरूक करने तथा यूसीसी के प्रचार-प्रसार के दृष्टिगत गीत से जुड़ी समस्त टीम को बधाई दी। इस अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी भी मौजूद थी।

विशेषज्ञ समिति ने मुख्यमंत्री को सौंपा समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की सभी विधिक प्रक्रिया जल्द ही पूरी करने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। इससे पूर्व पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने यूसीसी का ड्राफ्ट मुख्यमंत्री धामी को सौंपा।

सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में समिति के सभी सदस्य शुक्रवार पूर्वाह्न मुख्य सेवक सदन पहुंचे और यूसीसी का ड्राफ्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपा। सीएम धामी ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का वायदा किया था। उत्तराखंड की देवतुल्य जनता ने लगातार दूसरी बार सेवा का मौका दिया तो पहली कैबिनेट बैठक में अपने वायदे के अनुसार विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वह शुभ घड़ी भी आ गई, जिसका सबको बेसब्री से इंतजार था। भगवान सूर्यदेव के उत्तरायण में आते ही देवताओं के दिन शुरू हो गए हैं। प्रधानमंत्री जी के के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद देश का नया बजट भी आ गया, नए काम भी शुरू हो गए हैं। यूसीसी का काम भी आगे बढ़ गया है। सीएम धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद प्रकट कर कहा कि उनके मार्गदर्शन में उत्तराखंड लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देवतुल्य जनता को नमन कर कहा कि अब सभी विधिक प्रक्रिया पूरी करने के यूसीसी को राज्य में लागू किया जाएगा।

’यह थी पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति’
सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति में सिक्किम हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल और सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौड़ शामिल है।

’माणा गांव में हुई पहली बैठक’
सीएम धामी ने कहा कि विशेषज्ञ समिति ने चमोली जिले में भारत-चीन सीमा पर स्थित देश के पहले गांव माणा से अपना काम शुरू किया। समिति ने गांव में बैठक कर यहां निवास कर रहे जनजाति समूह के लोगों से संवाद किया।

’दो लाख 33 हजार लोगों से किया संवाद’
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि विशेषज्ञ समिति ने यूसीसी पर आम जनता की राय जानने के लिए 45 स्थानों पर जनसंवाद और 72 बैठकें की। ऑनलाइन सुझावों के लिए वेब पोर्टल भी लांच किया गया। समिति ने दो लाख 33 हजार लोगों से संवाद कर उनके विचार जाने। देश में यह पहला मौका है जबकि यूसीसी के सम्बंध में इतनी बड़ी संख्या यानि 10 फीसदी लोगों ने अपनी राय दी है।

’विशेषज्ञ समिति का दिल से धन्यवाद’
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विशेषज्ञ समिति ने सर्वप्रथम दो उपसमितियों का गठन किया। इनमें एक समिति जनसंवाद और दूसरी प्रारूप तय करने के लिए बनाई गई। समिति की सराहना करते हुए सीएम धामी ने कहा कि ष्मैं दिल से विशेषज्ञ समिति का धन्यवाद प्रकट करता हूंष्। उन्होंने कहा कि समिति के सभी विद्वान सदस्यों ने प्रदेश भर के विभिन्न स्थानों पर जाकर ददेवतुल्य जनता की राय जानी। प्रवासी उत्तराखण्डियों से भी समिति ने यूसीसी पर चर्चा की। सभी सुझावों का संज्ञान लेने के बाद समिति ने बड़े परिश्रम से ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया है।

स्वास्थ्य सेवा 108 की पुरानी एवं खराब गाड़ियों को शीर्ष प्राथमिकता पर जल्द बदलने के कड़े निर्देश दिएः राधा रतूड़ी

राज्य में गर्भवती महिलाओं की कठिनाइयों को शीर्ष प्राथमिकता पर लेते हुए नवनियुक्त मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में अपनी पहली बैठक में राज्य में गर्भवती महिलाओं की चुनौतियों एवं समस्याओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को उनके जनपदों में होने वाली किसी भी गर्भवती महिला की गर्भावस्था या प्रसव के दौरान होने वाली मृत्यु के ऑडिट या मेटरनल डेथ ऑडिट व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस सम्बन्ध में रतूड़ी ने सभी जिलों जल्द से जल्द आंकडे़ स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करवाने तथा प्रत्येक मातृ मृत्यु प्रकरण का अलग-अलग (केस टू केस) अध्ययन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनपदों में विशेषरूप से दुर्गम एवं दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में सभी गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (एण्टी नेटल चेक अप ) को अनिवार्यतः सुनिश्चित करवाने हेतु स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव रतूड़ी ने प्रत्येक जनपद में सभी गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण हुआ है या नही तथा कितनी गर्भवती महिलाओं की नियमित प्रसवपूर्व जांच की जा रही है, का टै्रक रिकॉर्ड रखने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने इस सम्बन्ध में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को समुचित प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने इस सम्बन्ध में आशा एवं आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए एसओपी भी तैयार करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि वर्तमान में प्रदेश में 82 प्रतिशत महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच की जा रही है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अत्यन्त जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (हाई रिस्क प्रेगन्सी) को चिहिन्त करके उनके स्वास्थ्य का नियमित फॉलोअप करने की कार्ययोजना पर पूरी गंभीरता से कार्य करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं। वर्तमान में उत्तराखण्ड में संस्थागत प्रसव 91 प्रतिशत हैं, जोकि 81 प्रतिशत से बढ़कर 91 प्रतिशत हो गया है। मुख्य सचिव ने संस्थागत डीलवरी को अधिक से अधिक बढ़ाने हेतु कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में गर्भवती महिलाओं के प्रसव के दौरान डॉक्टर्स एवं गाइनाकॉलिस्टस की कमी को पूरा करने के सम्बन्ध में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने अधिक से अधिक नर्सिंग ऑफिसर्स को इस सम्बन्ध में प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सम्बन्धित विभाग को स्वास्थ्य सेवा 108 की पुरानी एवं खराब गाड़ियों को शीर्ष प्राथमिकता पर जल्द बदलने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने सभी जनपदों से डोली पालकी की डिमाण्ड शीघ्र स्वास्थ्य विभाग को भेजने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जल्द ही 78.60 लाख के बजट के साथ 262 डोली पालकियां जिलों को उपलब्ध करवाया जाना प्रस्तावित है। महिलाओं के स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाली गैर सरकारी संस्थाओं के सहयोग से मुख्य सचिव ने जनपदों में रेडियोलॉजिस्ट की कमी को पूरा करने की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश भी सभी जिलाधिकारियों को दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 796 एएनएम तथा 1376 नर्सिंग ऑफिसर्स की भर्ती की गई है। इसके साथ ही 36 विशेषज्ञ डॉक्टर्स को यू कोट वी पे के आधार पर तैनात किया गया है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने गर्भवती महिलाओं को सरकारी योजनाओं के तहत दिए जाने वाले आहार की रैण्डम सैम्पलिंग करके इसको क्रॉस चौक करवाकर भोजन की पौष्टिकता की नियमित जांच के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के भोजन में स्थानीय अनाजों को प्रोत्साहित करने की हिदायत दी है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों से उनके जिलों में कितनी गर्भवती महिलाओं द्वारा वन स्टॉप सेन्टर को बर्थ वेटिंग हॉम के रूप में उपयोग किया जा रहा है, की जानकारी जल्द उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में हाई रिस्क प्रेगनेंसी के केसों के सम्बन्ध में वन स्टॉप सेन्टर हेतु 76 लाख रूपये के बजट का प्रावधान किया गया है।

मुख्य सचिव ने 104 कॉल सेन्टर व्यवस्था जिसके तहत एएनएम द्वारा गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य संबंधी फॉलों अप किया जाता हैं, को और अधिक मजबूत करने तथा इसके माध्यम से सभी गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य का टै्रक रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए। उन्होंने इस सम्बन्ध में एक सॉफटवेयर जल्द से जल्द लॉच करके सभी जनपदों में इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव रतूड़ी ने स्वास्थ्य विभाग को गर्भवती महिलाओं की सहायता हेतु टेलीमेडिसिन को भी राज्य में अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं हेतु राज्य में 109 डिलीवरी पॉइन्टस को उपकरणों तथा मानव संसाधनों की दृष्टि से मजबूत किया जा रहा है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी सभी जिलाधिकारियों से उनके जनपदों में हीमोग्लोबिन मीटर की डिमाण्ड जल्द से जल्द स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिसपॉन्सिबिलिटी) फण्ड की सहायता से कार्य किया जाएगा। मुख्य सचिव ने प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से आयरन फॉलिक एसिड टेबलेट की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने के भी निर्देश दिए हैं।

मातृ मृत्यु दर के सम्बन्ध में उत्तराखण्ड की स्थिति 103 है। राज्य सरकार द्वारा 2030 तक उत्तराखण्ड के मातृ मृत्यु दर को 70 पर लाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में भारत में मातृ मृत्यु दर 197 है।

बैठक में सचिव डा0 आर राजेश कुमार, एच सी सेमवाल, अपर सचिव आन्नद श्रीवास्तव एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जनपदों के जिलाधिकारी सहित सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

29.76 करोड़ की लागत से सीएम ने किया एकीकृत भवन का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आई.टी पार्क देहरादून में लेखा परीक्षा विभाग, रजिस्ट्रार चिट्स फर्म्स एवं सोसायटी तथा अर्थ एवं संख्या के नव निर्मित एकीकृत भवन का लोकार्पण किया। इस भवन का निर्माण ब्रिटकुल द्वारा 29.76 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है।

मुख्यमंत्री ने तीनों विभागों को अपना भवन मिलने पर विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सबके प्रयासों से यह भवन जल्द बनकर तैयार हुआ। विभागों को अपना भवन मिलने से कार्यों के संचालन में आ रही कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरलीकरण, समाधान, निस्तारण राज्य सरकार का मूल मंत्र है। तीन विभाग एक ही भवन पर संचालित होने से लोगों को आसानी होगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि तीनों विभागों को अपना भवन मिलने से विभागों की कार्यक्षमता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि यहां पर आने वाले आगंतुकों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से कार्य कर रही है। हर विभाग को लक्ष्य दिया गया कि राज्य और जनहित में कोई महत्वपूर्ण योजना और कार्यों पर कार्य करें, जो प्रदेश की जनता के लिए समर्पित हो। उन्होंने कहा कि हर विभाग को अपने कार्य व्यवहार में नवाचार लाने होंगे। सभी अधिकारी और कर्मचारी जिस विभाग में भी सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें अपने विभाग में अपना अहम योगदान देना होगा, जिससे उनके योगदान को हर कोई लंबे समय तक याद रख सके। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा राज्य में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह सभी विभागों का दायित्व है कि उनके सभी कार्यालय स्वच्छ हों।

वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि तीनों विभागों को अपना भवन मिलने के बाद कार्य करने में सुगमता होगी। इससे विभागीय कार्मिकों में कार्यों के प्रति दक्षता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रयोजन से तीनों विभागों के लिए एकीकृत भवन बनाया गया है, उसका आम आदमी को पूरा लाभ मिलना जरूरी है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, एस.एन. पाण्डेय एवं तीनों विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।