SIR: 29 मई से 7 जून 2026 तक गणना प्रपत्र के प्रिंटिग, कर्मचारियों के प्रशिक्षण सम्बंधी कार्य होंगे सम्पादित

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग ने तीसरे चरण में 19 राज्यों के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की घोषणा कर दी है। उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया संपन्न की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि आयोग द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड में 29 मई से 7 जून 2026 तक गणना प्रपत्र के प्रिंटिग,कर्मचारियों के प्रशिक्षण सम्बंधी कार्य सम्पादित किए जाएंगे। 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्र का वितरण एवं संकलन करेंगे। उत्तराखण्ड में 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा। इसी क्रम में 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच दावे एवं आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। इसी बीच 10 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक सभी नोटिस जारी कर दावे आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में 11733 पोलिंग बूथ के सापेक्ष वर्तमान में प्रदेश में राजनैतिक दलों द्वारा 21 हजार 808 बीएलए की तैनाती कर दी गई है।

रोजगार मेले में साक्षात्कार को पहुंचे अभ्यर्थियों को मंत्रियों ने शुभकामनाएं

सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के आईटी एवं अन्य क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवक एवं युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा (परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी) की अध्यक्षता तथा मुख्य अतिथि माननीय कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी (कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण) की उपस्थिति में IRDT Auditorium, Dehradun में रोजगार मेले का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा (परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी) द्वारा दीप प्रज्वलित कर रोजगार मेले का शुभारम्भ किया गया। तत्पश्चात मंत्री द्वारा रोजगार मेले में साक्षात्कार करने हेतु उपस्थित कम्पनियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। मंत्री द्वारा अपने उद्बोधन भाषण में रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

रोजगार मेले में आईडीआईटी-ऐस्कल के उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं, भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों एवं अन्य युवक-युवतियों द्वारा प्रतिभाग किया। युवाओं के उत्साहपूर्ण प्रतिभाग के दृष्टिगत माननीय कैबिनेट मंत्री, सैनिक कल्याण द्वारा भविष्य में वृहत स्तर पर इस प्रकार के रोजगारोन्मुखी आयोजनों को निरंतर आयोजित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया, जिससे राज्य की युवा शक्ति को भविष्य में भी रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें तथा प्रदेश से पलायन को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी द्वारा रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं में से कम्पनियों द्वारा चयनित प्रतिभागियों को नियुक्तिपत्र प्रदान किये एवं साक्षात्कार हेतु उपस्थित कम्पनियों के प्रतिनिधियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

रोजगार मेले में लगभग 359 युवक-युवतियों द्वारा दिल्ली/एनसीआर एवं उत्तराखण्ड से आईटी एवं अन्य क्षेत्रों की 21 प्रतिष्ठित कम्पनियों के अंतर्गत रिक्त पदों पर प्रतिभाग किया गया, जिसमें से साक्षात्कार के उपरांत कम्पनियों द्वारा लगभग 195 युवक-युवतियों का चयन किया गया।

कार्यक्रम का संचालन आईडीआईटी CALC के नोडल अधिकारी द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। इस अवसर पर आईटीडीए के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

सरकारी सेवा के ज्वाइनिंग लेटर सौंपकर सीएम बोले, यह नियुक्ति पत्र नहीं, जनसेवा का संकल्प पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में कुल 307 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। जिसमें 243 चिकित्सा अधिकारियों, 42 फार्मासिस्ट, उद्यान विभाग के अन्तर्गत 22 प्रयोगशाला सहायकों एवं मशरूम पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह नियुक्ति पत्र केवल रोजगार का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की सवा करोड़ जनता की सेवा का संकल्प पत्र है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण राज्य में स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में संकट की घड़ी में जनता की पहली उम्मीद स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्मिक ही होते हैं। उन्होंने नव नियुक्त चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों से कहा कि वे संवेदनशीलता, समर्पण और सेवा भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आयुष्मान योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को उपचार का लाभ मिल रहा है। प्रदेश में अब तक 62 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा चुके हैं तथा लगभग 12 लाख मरीजों का 2200 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण और संचालन तेजी से किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 5 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि 2 निर्माणाधीन हैं। इसके साथ ही 9 नर्सिंग कॉलेज और 3 नर्सिंग स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है तथा हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण प्रगति पर है। दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए टेलीमेडिसिन एवं हेली एंबुलेंस सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि एवं उद्यानिकी को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। कीवी, ड्रैगन फ्रूट, हाई डेंसिटी एप्पल, मशरूम उत्पादन तथा मधुमक्खी पालन जैसी उच्च मूल्य फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव नियुक्त युवा प्रदेश को कृषि नवाचार और आधुनिक उद्यानिकी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सभी भर्ती प्रक्रियाएं पूर्ण पारदर्शिता से हो रही है। प्रदेश में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसका परिणाम है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उद्यान विभाग द्वारा अतिसघन सेब बागवानी, कीवी मिशन, ड्रैगन फ्रूट मिशन, मधुमक्खी पालन नीति तथा जाइका परियोजना जैसी विभिन्न योजनाओं का सफल संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मशरूम उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में उभर सकता है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उनके सामाजिक एवं आर्थिक स्तर में गुणात्मक सुधार आएगा।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि नये चिकित्सकों और फार्मासिस्ट की नियुक्ति होने से राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों तक चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता हो और लोगों को अपने निकटतम क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी चिकित्सक पूरी कर्तव्यनिष्ठा के साथ जन सेवा के प्रति समर्पित रहेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सचिव सचिन कुर्वे, डाॅ. एस. एन. पाण्डेय एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

केदारनाथ में यात्रा व्यवस्थाओं से श्रद्धालुओं में उत्साह, प्रशासन की हो रही सराहना

विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा इस वर्ष नए आयाम स्थापित कर रही है। 22 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा अब 22वें दिन में प्रवेश कर चुकी है और अब तक 5,23,582 श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के शुरुआती चरण से ही श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या धाम पहुंच रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन के बावजूद यात्रा व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारु बनी हुई हैं। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा स्वयं यात्रा व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और यात्रा संचालन पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं।

*यात्रा मार्ग से धाम तक व्यापक इंतजाम, सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष फोकस*

जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग से लेकर धाम परिसर तक व्यापक और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। पैदल यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। वहीं धाम क्षेत्र में स्वच्छता, आवास व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन टीमों और अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। बेहतर व्यवस्थाओं का ही परिणाम है कि देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु जिला प्रशासन और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली की खुलकर सराहना कर रहे हैं।

पंजाब के रोपड़ से आए श्रद्धालु दिवाकर ने कहा, “प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं बेहद उत्कृष्ट हैं। बाबा केदारनाथ के दर्शन अत्यंत सहजता से हुए। धाम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है और प्रशासन की टीमें हर समय सहायता के लिए उपलब्ध हैं।”

अहमदाबाद से आई माही ने कहा, “धाम पहुंचकर अत्यंत सुखद अनुभव हुआ। यहां की व्यवस्थाएं हमारी अपेक्षाओं से कहीं बेहतर हैं। जिला प्रशासन का हम हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।”

वहीं अहमदाबाद से आए कुणाल चावला ने कहा, “इतनी ऊंचाई और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जिस स्तर की व्यवस्थाएं की गई हैं, वह वास्तव में काबिले-तारीफ हैं।

कैबिनेट फैसले: धामी की अध्यक्षता में हुआ निर्णय, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जल्द प्रभावी ईवी पॉलिसी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रीमंडल की बैठक में, राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के बाद, रूस – यूक्रेन संघर्ष और वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विशेष तौर पर ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों पर दबाव बढ़ा है। इस वैश्विक संकट के कारण भारत भी बढती ईंधन लागत, आयात निर्भरता और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है। जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं।

*वर्क फ्रॉम होम*
सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढावा दिया जाएगा। निजी क्षेत्रों में भी वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों को सार्वजनिक परिवहन के अधिकतम उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

*नो व्हीकल डे*
मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी की जाएगी। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया जाएगा। वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करेंगे। जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन “No Vehicle Day” के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सरकारी एवं निजी भवनों में AC के प्रयोग को सीमित करने के प्रयास किए जाएंगे।

*एक अधिकारी, एक वाहन*
परिवहन विभाग को सार्वजनिक बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके द्वारा एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल किया जाएगा।

*ईवी पॉलिसी*
इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए जल्द ही प्रभावी ईवी पॉलिसी लाई जाएगी, नए सरकारी वाहनों के क्रय में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर EV होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए चार्जिंग स्टेशन / नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा।

*सरकारी विदेश यात्राएं सीमित होंगी*
सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा।
“Visit My State अभियान के माध्यम से घरेलू पर्यटन को बढावा दिया जाएगा। राज्य में विरासत, धार्मिक, वेलनेस, ग्रामीण और इको-टूरिज्म सर्किटों के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

राज्य में Destination Weddings को प्रोत्साहन और Single Window Clearance की व्यवस्था की जाएगी। उत्तराखंड इस दिशा में पहले ही पहल कर चुका है। प्रवासी भारतीयों को उत्तराखंड में छुट्टियां बिताने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

*”मेरा भारत, मेरा योगदान”*
“मेरा भारत, मेरा योगदान” जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। “Made in State” अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाई जाएगी। सरकारी खरीद में “Make in India” नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने के लिए जागरुक किया जाएगा।

*खाद्य तेल की खपत घटाना*
आम जनमानस को कम तेल वाले भोजन से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल उपयोग की समीक्षा करते हुए उसके उपयोग में कमी लाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को Low-Oil Menu” अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा।

*प्राकृतिक खेती को बढ़ावा*
किसानों को Natural Farming, Zero Budget Farming और Bio-inputs का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

*स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा*
PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में PNG उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।

PM Surya Ghar Yojana के अंतर्गत Rooftop Solar को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर गैस को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया।
Mining, Solar और Power Projects की मंजूरी प्रदान करने में तेजी लायी जाएगी। मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित एचपीसी 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी।

पीएम मोदी के नेतृत्व में सेना ने आतंकवाद के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून सैनिक इंस्टीट्यूट, गढ़ी कैंट, देहरादून में ऑपरेशन सिंदूर-शौर्य, सम्मान और वीरता का एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं सेना के शौर्य के कारण आतंकवाद के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। मुख्यमंत्री ने सेना के साहस और शौर्य के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि सेना के साहस, समर्पण और त्याग के कारण दुश्मन कभी भी भारत की ओर आँख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा ऑपरेशन सिंदूर, आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा जब पूरा देश सो रहा था, तब सेनाओं ने 22 मिनट में पाकिस्तान में चल रहे आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ध्वस्त कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा देश की अत्याधुनिक वायु सुरक्षा प्रणाली ने भारत की ओर होने वाले हमलों को नाकाम कर दिया और एक भी मिसाइल भारतीय जमीन पर नहीं गिरने दी। भारतीय सेनाओं ने चार दिनों के भीतर अपने पराक्रम से पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए भारत के सामने झुका दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड के प्रत्येक परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना में होता है, इसलिए हमारा सेना और सैनिकों के साथ भावनात्मक लगाव है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ सेना को अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है। भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के साथ कई अन्य देशों को भी रक्षा उपकरणों और संसाधनों का निर्यात कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में रक्षा सामग्री के निर्यात में 38 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। भारत दुनिया के 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण, हथियार और अन्य रक्षा सामग्रियां उपलब्ध करवा रहा है। उन्होंने कहा ऑपरेशन सिंदूर से यह सिद्ध हो गया है कि हमारे स्वदेशी हथियार अन्य किसी भी देश के हथियारों से कई गुना बेहतर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देता है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सैनिकों के हितों में भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं। वन रैंक वन पेंशन योजना, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि, बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने जैसे कई कार्य किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में पाँच गुना तक की वृद्धि की है। पूर्व सैनिकों को विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही है। सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेंशन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त एवं वार्षिक सम्मान राशि में बढ़ोतरी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीद सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का भी निर्णय लिया है, इसके साथ सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया है। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। पूर्व सैनिकों हेतु 25 लाख रुपए मूल्य की स्थायी सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर केवल एक सैन्य अभियान का नाम नहीं है, बल्कि यह भारत की उस अटल प्रतिज्ञा का प्रतीक है कि हमारी माताओं-बहनों के सम्मान, राष्ट्र की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि सिन्दूर भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान, सौभाग्य और शक्ति का प्रतीक है। जब इस अभियान का नाम ऑपरेशन सिन्दूर रखा गया, तब यह संदेश स्पष्ट था कि भारत अपनी मातृशक्ति के सम्मान और सुरक्षा के लिए हर स्तर पर दृढ़ता से खड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि नया भारत अन्याय को सहन नहीं करता, बल्कि उसका मुँहतोड़ जवाब देता है।

इस अवसर पर सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी मेजर जनरल शमी सभरवाल, मेजर जनरल डी अग्निहोत्री, मेजर जनरल पीएस राणा, उपनल के एमडी ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, ब्रिगेडियर केजी बहल, सैनिक कल्याण निदेशक श्याम सिंह, मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत, वाइस एडमिरल अनुराग थपलियाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है पीएम की अपील: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए ऊर्जा संसाधनों की बचत हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से की गई अपील केवल आर्थिक बचत के लिए नहीं बल्कि आत्मनिर्भर और सशक्त भारत
के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर हम सभी अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए अनावश्यक विदेश यात्रा को टालना, स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देना, पेट्रोल डीजल की खपत कम करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करना, ऊर्जा की बचत करना, एक साल के लिए स्वर्ण आभूषणों की खरीद से बचना, खेती में रासायनिक उर्वरक की बजाय प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल करना और खाद्य तेल का संयमित उपयोग करना जैसे छोटे छोटे संकल्प लें तो देश की अर्थव्यवस्था में ये हमारा महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि के नागरिक हमेशा राष्ट्र हित में अग्रणी रहे हैं। वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प तभी सफल होगा जब हर नागरिक अपने स्तर पर योगदान दे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य की जनता प्रधानमंत्री के आह्वान को जन आंदोलन का रूप देगी। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सभी नागरिकों की सहभागिता से ये संकल्प और अधिक मजबूत होगा।

पीएम मोदी ने देशवासियों से की एक साल तक सोना न खरीदने की अपील, जानें क्या है मायने

पीएम मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल बचाने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने, वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को दोबारा से शुरू करने, गैर-जरूरी चीजों की खरीदारी और विदेश यात्राओं से बचने की अपील की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोगों से पेट्रोल-डीजल बचाने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने, वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को दोबारा से शुरू करने, गैर-जरूरी चीजों की खरीदारी और विदेश यात्राओं से बचने की अपील की। उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के चलते खड़े हुए वैश्विक संकट से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा को बचाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, देशभक्ति सिर्फ जान देना नहीं बल्कि मुश्किल वक्त में जिम्मेदारी से जीना भी देशभक्ति है।

मेट्रो, कारपूल, EV अपनाओ

प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से ब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की. उन्होंने मेट्रो, कारपूल, EV अपनाने पर जोर दिया। इसकी वजह यह है कि भारत 85 प्रतिशत तेल बाहर से मंगाता है, पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ने के चलते क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर तक पहुंच गई थीं।

वर्क फ्रॉम होम करो

पीएम मोदी ने वर्क फ्रॉम होम करने पर जोर दिया।इसके पीछे सीधा हिसाब है। दफ्तर आने-जाने में रोजाना लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल जलता है। कॉर्पोरेट कंपनियाँ अगर हफ्ते में कुछ दिन भी वर्क फ्रॉम होम लागू करें तो ईंधन की खपत और आयात का बोझ दोनों कम हो सकते हैं।

1 साल विदेश यात्रा टालो

पीएम ने नागरिकों से अपील की कि वे गैर जरूरी विदेश यात्रा, विदेश में छुट्टियां मनाने और विदेशी शादियों से बचकर और घरेलू पर्यटन और भारत के भीतर समारोह आयोजित करके विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित करने में मदद करें। क्योंकि रुपया 85 से टूटकर 93 पर आ गया, डॉलर बचाना जरूरी है।

1 साल सोना मत खरीदो

पीएम मोदी ने लोगें से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना खरीदने वाला देश है और हम हर साल करीब 59 अरब डॉलर यानी लगभग पांच लाख करोड़ रुपए का सोना बाहर से मंगाते हैं। सिर्फ अप्रैल से सितंबर 2025 के छह महीनों में 26.51 अरब डॉलर का सोना आया। दिवाली और शादी के सीजन में अक्टूबर 2025 में तो सोने का आयात 200 प्रतिशत उछल गया, जिसने व्यापार घाटे को रिकॉर्ड 41.68 अरब डॉलर तक पहुंचा दिया। SBI रिसर्च के मुताबिक सोने की कीमत और रुपए की कमजोरी के बीच सीधा रिश्ता है। सोना महंगा होता है तो रुपया और टूटता है।

मेड इन इंडिया सामान खरीदो

प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों को मेड-इन-इंडिया और लोकल लेवर पर बनने वाले प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया, जिनमें जूते, बैग और सहायक उपकरण जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं। वजह यह है कि 2025-26 में भारत का व्यापार घाटा बढ़ रहा है। चीन और दूसरे देशों का सस्ता सामान इस घाटे को और बढ़ा करता है। भारतीय सामान खरीदने से आयात कम होगा और देश के उद्योग और रोजगार को फायदा मिलेगा।

किसान -खाद 50% घटाओ, सौर पंप लगाओ

पीएम मोदी ने किसानों से अपील कि वे रासायनिक खाद 50 प्रतिशत कम करें प्राकृतिक खेती अपनाएं और डीजल पंप की जगह सौर पंप लगाएं. भारत यूरिया की अपनी जरूरत का 25 प्रतिशत, फास्फेट का 90 प्रतिशत और पोटाश का पूरा 100 प्रतिशत विदेश से मंगाता है. 2023-24 में सिर्फ उर्वरक सब्सिडी का बोझ 1.75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। यूरिया बनाने के लिए प्राकृतिक गैस चाहिए जो खुद आयात होती है।

यात्रा पर जाने से पूर्व मौसम की जानकारी ले लें

मौसम विभाग द्वारा 12 एवं 13 मई को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा और प्रतिकूल मौसम की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस पर संज्ञान लेते हुए गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान मौसम की ताज़ा जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा पूरी सावधानी के साथ अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

आयुक्त ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए 12 और 13 मई को यात्रा कार्यक्रम बनाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें। यदि संभव हो तो मौसम सामान्य होने के बाद यात्रा करना अधिक सुविधाजनक रहेगा। साथ ही, यात्रा के दौरान प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद बनी रहे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि श्रद्धालुओं के सहयोग और सतर्कता से चारधाम यात्रा निर्विघ्न और सफलतापूर्वक संपन्न होगी।

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 256 करोड की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य की विभिन्न विकास योेजनाओं के साथ ही कुम्भ मेला-2027 से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए ₹ 256 करोड की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत 15वें वित्त आयोग की अवशेष धनराशि से प्रत्येक जनपद को राहत एवं बचाव मद में ₹ 3.00 करोड, पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में ₹ 5.00 करोड़ तथा तैयारी एवं क्षमता विकास मद में ₹ 2.00 करोड़, इस प्रकार प्रति जनपद ₹ 10.00 करोड़, कुल धनराशि ₹ 130 करोड़ अवमुक्त किये जाने के साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक में उत्तराखण्ड राज्य में समस्त जिलाधिकारियों को नोन एसडीआरएफ (जिलाधिकारियों हेतु आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों के पुनर्निर्माण) में प्राविधानित धनराशि ₹ 39.00 करोड़ के सापेक्ष प्रति जनपद धनराशि ₹ 2.00 करोड़, कुल धनराशि ₹ 26.00 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-58 से औद्योगिक क्षेत्र तक चार लेन मार्ग के नवीनीकरण हेतु ₹ 2.72 करोड, पथुलोक बैराज मार्ग के किमी0 0.00 से 5.00 तक बी०सी० द्वारा सुधार कार्य हेतु ₹ 2.13 करोड तथा बहादराबाद-रोहाल्की तिराहे से अलीपुर-सुकरासा-पथरी अम्बूवाला मार्ग के नवीनीकरण कार्य हेतु ₹ 1.36 करोड की धनराशि अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून की पित्थूवाला शाखा में कमला पैलेस एवं जी०एम०एस० रोड क्षेत्र में नलकूप निर्माण, राईजिंग मेन और वितरण प्रणाली एवं तत्संबंधी कार्यों हेतु ₹ 20.37 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा SASCI कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद रुद्रप्रयाग के तिलवाडा नगर पंचायत पेयजल योजना हेतु ₹ 39.86 करोड, जनपद चमोली की पीपलकोटी नगर पंचायत पेयजल योजना हेतु ₹ 24.38 करोड तथा जनपद टिहरी गढ़वाल की हिण्डोलाखाल पम्पिंग पेयजल योजना हेतु ₹ 9.73 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा रुड़की नगर निगम में सुनहरा मार्ग चौराहे का नाम शहीद चौक रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।