बाबा केदार के धाम पहुंचे राज्यपाल, स्वच्छता एवं सुगम यात्रा व्यवस्था पर दिया विशेष जोर

राज्यपाल उत्तराखंड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि.) श्री केदारनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा केदार के दिव्य दर्शन कर यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया एवं विश्व कल्याण, मानवता की समृद्धि तथा उत्तराखण्ड के सतत विकास की कामना की।

राज्यपाल ने अत्यंत अल्प समय में ही बाबा के दर्शन किए, जिससे श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई। उनके आगमन के दौरान एक पल के लिए भी श्रद्धालुओं को दर्शन हेतु नहीं रोका गया तथा पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रही। राज्यपाल ने इस व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों की सराहना की।

अपने भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने मुख्य रूप से श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर उनका फीडबैक एवं सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनके यात्रा अनुभव जाने तथा प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। श्रद्धालुओं ने यात्रा मार्ग, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता एवं दर्शन व्यवस्था को लेकर संतोष व्यक्त किया।

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि बाबा केदार के दर्शन प्राप्त होना अत्यंत सौभाग्य एवं आध्यात्मिक अनुभूति का विषय है। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम में विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उनके सुझावों एवं समस्याओं को सुनने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुचारू, सुव्यवस्थित एवं भव्य बनाने हेतु पूरे वर्षभर सभी विभाग, स्थानीय लोग, प्रशासन, पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं सेवा से जुड़े लोग निरंतर मेहनत करते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक उत्तराखंडी एवं यात्रा से जुड़े हर व्यक्ति का इस यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान है। यह केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं बल्कि सेवा, समर्पण एवं आस्था का अभियान है। उन्होंने कहा कि “यह चरण सेवा और समर्पण का है तथा हम सभी का दायित्व है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सहज एवं आध्यात्मिक यात्रा अनुभव प्राप्त हो।”

राज्यपाल ने श्रद्धालुओं एवं आमजन से अपील करते हुए कहा कि केदारनाथ धाम सहित समस्त चारधाम क्षेत्र की प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक सुंदरता को बनाए रखने हेतु स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि साधना एवं स्वच्छता दोनों के लिए धैर्य, अनुशासन एवं संवेदनशीलता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “बाबा केदार की यह पावन भूमि स्वच्छता, शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक है, इसलिए हमारा भी कर्तव्य है कि इस धाम को स्वच्छ, सुंदर एवं पवित्र बनाए रखें।”

राज्यपाल ने श्री केदारनाथ धाम यात्रा के सफल संचालन हेतु किए जा रहे विकास कार्यों एवं व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि सभी विभागों एवं संस्थाओं का एक ही उद्देश्य है कि यात्रा शुभ, सुव्यवस्थित, सुगम एवं सुरक्षित रूप से संचालित हो। उन्होंने कहा कि आज बाबा केदार से संपूर्ण मानवता, सनातन संस्कृति, प्रत्येक भारतीय एवं प्रत्येक उत्तराखंडी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौहार्द एवं सफलता की प्रार्थना की गई है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित वस्तुओं को अवश्य खरीदें, जिससे स्थानीय लोगों एवं छोटे व्यापारियों को भी आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि संपूर्ण उत्तराखंड वर्षभर चारधाम यात्रा की प्रतीक्षा करता है और यह यात्रा यहां की आर्थिकी एवं सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ी हुई है।

राज्यपाल ने सभी श्रद्धालुओं से श्री केदारनाथ धाम एवं चारधाम यात्रा में आकर यहां की दिव्यता, भव्यता एवं अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि “यहां की आध्यात्मिक अनुभूति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव केवल देवभूमि उत्तराखंड में ही संभव है।”

राज्यपाल ने सभी श्रद्धालुओं से केदारनाथ धाम एवं संपूर्ण यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यह धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी पवित्रता एवं स्वच्छता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित धाम न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी इस पवित्र स्थल की गरिमा बनाए रखता है।”

इस दौरान राज्यपाल ने केदारनाथ धाम में संचालित पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने राज्यपाल को धाम में संचालित पुनर्निर्माण कार्यों तथा श्रद्धालुओं हेतु की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धाम में सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु सभी विभाग निरंतर समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।

राज्यपाल ने मंदिर परिसर में तीर्थ पुरोहित समाज से भी भेंट की, जहां पारंपरिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “केदारघाटी का प्रत्येक कण शिवमय है। यहां पहुंचते ही मन आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है और भगवान शिव की दिव्यता का अनुभव होता है।”

उन्होंने जिला प्रशासन, मंदिर समिति, पुलिस विभाग, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं अन्य सहयोगी एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी विभाग श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने यात्रा से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सेवा दलों से “अतिथि देवो भव” की भावना के साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं यात्रा को निरंतर सुचारू बनाए रखने का आग्रह किया।

इस अवसर पर श्री केदार सभा के महामंत्री राजेंद्र प्रसाद तिवारी, वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित उमेश चन्द्र पोस्ती, विनीत पोस्ती, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, उप जिलाधिकारी/यात्रा मजिस्ट्रेट कृष्णा त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

खिलाड़ियों के साथ खेल मैदान में उतरे मुख्यमंत्री धामी, क्रिकेट और फुटबॉल खेलकर बढ़ाया युवाओं का उत्साह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज अपने पिथौरागढ़ जनपद भ्रमण कार्यक्रम के दौरान श्री सुरेन्द्र सिंह वल्दिया स्टेडियम पहुंचकर उच्चीकृत क्रिकेट मैदान का लोकार्पण किया तथा क्रिकेट मैदान को जनपदवासियों को समर्पित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने क्रिकेट पिच पर स्वयं बल्लेबाजी करते हुए छह गेंदों का ओवर खेलकर पिच का औपचारिक उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री का खिलाड़ियों के साथ खेल मैदान में उत्साहपूर्ण और आत्मीय अंदाज देखने को मिला।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वहां उपस्थित खिलाड़ियों एवं युवाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल, हॉकी एवं अन्य खेल गतिविधियों में भी सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम भी हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित समस्त युवाओं को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई तथा उन्हें नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ राज्य में चल रहे अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, स्वस्थ जीवनशैली एवं सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री ने समस्त खिलाड़ियों को आशीर्वाद प्रदान किया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 9 खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेलों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और उत्तराखंड को खेल के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में अपार प्रतिभा एवं क्षमता है। खेल महाकुंभ जैसे आयोजनों से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी कुशलता प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के माध्यम से राज्य के उदीयमान खिलाड़ियों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने तथा आधुनिक खेल सुविधाओं के विस्तार हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ सहित राज्य के विभिन्न जनपदों में खेलों के लिए बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को खेलों के माध्यम से सकारात्मक दिशा प्रदान करना तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि इस क्रिकेट मैदान में चारों ओर फ्लड लाइट की व्यवस्था की जाएगी।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, खेल प्रेमी एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।

देवभूमि के शिखर पर स्वास्थ्य का नया अध्याय की भावना से संचालित होगा अस्पतालः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ धाम में भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड हॉस्पिटल का विधिवत लोकार्पण किया। यह अस्पताल स्वामी विवेकानन्द हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्री केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर एवं त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्च हिमालयी क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त अस्पताल का संचालन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह अस्पताल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाए रखने हेतु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्वास्थ्य जांच केंद्रों, ऑक्सीजन सुविधाओं एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार स्वस्थ उत्तराखंड समृद्ध उत्तराखंड के सपने को साकार करने के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार एवं सुधारीकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 61 लाख आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं जिसके माध्यम से आज प्रदेश के अंदर लाखों मरीजों को निशुल्क उपचार मिल रहा है इसके साथ ही राज्य के प्रत्येक जनपद में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा केदार के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना भी की। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सेवा एवं मानवता का भी प्रतीक है और इसी भावना के साथ सरकार देवभूमि में स्वास्थ्य एवं जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में उपस्थित विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने कहा कि यह अस्पताल सेवा, समर्पण एवं जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भविष्य में लाखों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय खन्ना, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी, विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र, बद्री केदार मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, बद्री केदार उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, श्री केदार सभा के अध्यक्ष पं. राजकुमार तिवारी, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य अमित मेंखडी, महा मंत्री अकिंत सेमवाल, संजय तिवारी, , जिला पंचायत सदस्य सुबोध बगवाड़ी, केशव बहुगुणा, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिक तोमर, उप जिलाधिकारी कृष्णा त्रिपाठी, कर्नल अजय कोटियाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने की स्टेट प्रगति के तहत विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय स्थित अपने सभागार में विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने प्रगति की तर्ज पर प्रदेश की महत्त्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा के लिए स्टेट प्रगति शुरू किया है। उन्होंने कहा कि स्टेट प्रगति के तहत महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी, ताकि परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा पर पूर्ण किया जा सके।

मुख्य सचिव ने परियोजनाओं को तय समयसीमा में अंतर्गत पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने नैनीताल में एसटीपी, ट्रंक सीवर से संबंधित कार्यों सहित सीवरेज प्रणाली निर्माण कार्य, जो भूस्खलन के कारण बाधित है, के लिए चिह्नित नई भूमि के लिए संबंधित विभाग से शीघ्र एनओसी लेकर नई टाईमलाईन जारी की जाएं। उन्होंने परियोजना का टाईमलाईन के अनुसार लगातार मॉनिटरिंग करते हुए समय से कार्य पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार मुख्य सचिव ने नगरपालिका नरेंद्रनगर के अंतर्गत एसटीपी निर्माण कार्य में आ रही समस्याओं को जिला प्रशासन को शीघ्र स्टेक हॉल्डर्स से संवाद कर निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्देश दिए कि हल्द्वानी-काठगोदाम जल आपूर्ति योजना के तहत जल स्रोत क्षमता विकास का कार्य में वनभूमि हस्तांतरण आदि के कार्य को लगातार फॉलोअप कर निस्तारित किया जाए।

मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ ले सकें इसके लिए आवेदकों को हर सम्भव सहायता मुहैय्या करवायी जाए। उन्होंने विभागों द्वारा बैंकों के साथ ही समन्वय किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने प्रदेश की महत्त्वपूर्ण योजनाओं का प्रत्येक 5 साल में मूल्यांकन भी किए जाने की बात कही। कहा कि मूल्यांकन से योजनाओं में और सुधार लाया जा सकेगा।

मुख्य सचिव ने मिशन एप्पल योजना की सफलता के लिए क्लस्टर बेस्ड एप्रोच अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक प्रोग्रेसिव किसानों को एप्पल मिशन से जोड़ने के लिए प्रयास किए जाएं। उन्होंने पुरोला-मोरी जैसे सेब की खेती के लिए अनुकूल क्षेत्रों में भी हाई डेंसिटी एप्पल फार्मिंग को बढ़ावा दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को सिडलिंग की व्यवस्था से लेकर मार्केट लिंकेज तक कम्पलीट हैण्ड होल्डिंग कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य की आवश्यकता के अनुरूप कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था के लिए अभी से तैयारियां शुरू किए जाने की बात कही। कहा कि योजना को सफल बनाने के लिए हनी बी फार्मिंग जैसे विकल्पों को भी इसमें जोड़ा जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव रणवीर सिंह चौहान एवं अपर सचिव अभिषेक रोहिला सहित सम्बन्धित जनपदों से सम्बन्धित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड विकास को मिली ओर गति, सीएम कई योजनाओं की दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य की विभिन्न विकास योेजनाओं के साथ ही शिक्षा, पर्यटन, शहरी एवं ग्रामीण निकायों तथा कुम्भ मेला-2027 से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र कालाढूंगी में कोटाबाग के पतलिया स्थित गुरूणी नाले पर पुल निर्माण हेतु ₹9.43 करोड़ तथा विकासखण्ड रामगढ़ में मोहन बाजार मुक्तेश्वर में कार पार्किंग के निर्माण कार्य हेतु ₹9.89 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹3.95 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा छठवें राज्य वित्त आयोग के अन्तर्गत समस्त शहरी स्थानीय निकायों को वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम त्रैमासिक किश्त (अप्रैल से जून) हेतु ₹ 328.27 करोड़ तथा तीन गैर निर्वाचित निकायों को प्रथम छमाही किश्त (अप्रैल से सितम्बर) हेतु ₹ 3 करोड़, कुल ₹ 331.27 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने के साथ ही त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिला पंचायतों को प्रथम त्रैमासिक किश्त (अप्रैल से जून) हेतु ₹82.20 करोड़, क्षेत्र पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों को प्रथम छमाही किश्त (अप्रैल से सितंबर) हेतु क्रमशः ₹75.46 करोड़ एवं ₹194.61 करोड़ कुल ₹352.27 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रारम्भिक शिक्षा के अन्तर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के कार्मिकों के वेतन भुगतान हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राविधानित धनराशि ₹ 160 करोड के सापेक्ष प्रथम किश्त में ₹ 80 करोड़ तथा माध्यमिक शिक्षा के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रथम छः माह (अप्रैल से सितम्बर, 2026) हेतु प्राविधानित धनराशि के सापेक्ष प्रथम 50 प्रतिशत धनराशि ₹ 300 करोड की धनराशि अवमुक्त किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों के लिए स्थायी प्रकृति के तीन महत्वपूर्ण कार्यो, हरिद्वार में शंकराचार्य चौक, देवपुरा चौक, चन्द्राचार्य चौक एवं आर्यनगर चौक के आन्तरिक मार्गों एवं बैरियर से गुगाल मंदिर की ओर मार्ग का बीसी द्वारा नवीनीकरण कार्य हेतु ₹ 6.44 करोड, रानीपुर मोड़, शंकर आश्रम, शिव मूर्ति चौक और झंडा चौक का जंक्शन सुधार एवं सौंदर्यीकरण हेतु ₹ 6.83 करोड तथा कुम्भ मेला-2027 के तहत व्यापक रखरखाव के साथ डीजल संचालित सेल्फ प्रोपेल्ड वैक्यूम आधारित ईवी रोड स्वीपिंग मशीनों की आपूर्ति और कमीशनिंग हेतु ₹ 5.95 करोड की धनराशि अवमुक्त किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

पिथौरागढ़ में मुख्यमंत्री धामी ने जिला अस्पताल पहुंच मरीजों का जाना हालचाल, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ भ्रमण कार्यक्रम के समापन उपरांत पिथौरागढ़ के जिला अस्पताल बी डी पाण्डेय पहुंचकर इमरजेंसी एवं चिल्ड्रन वार्ड का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर मरीजों का हालचाल जाना तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को मरीजों को बेहतर उपचार एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और किसी भी मरीज को उपचार के अभाव में परेशानी नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने मरीजों के परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की समस्या या दिक्कत आती है तो वे अपनी बात जिलाधिकारी आशीष भटगाईं के माध्यम से सीधे उन तक पहुंचा सकते हैं। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार एवं संवेदनशीलता से अस्पताल में मौजूद मरीजों एवं उनके परिजनों में भरोसा और उत्साह देखने को मिला।

बिथ्याणी महाविद्यालय में एआई बॉट से रूबरू हुए मुख्यमंत्री योगी और धामी, ओपन जिम में व्यायाम कर दिया फिटनेस का संदेश

उत्तराखंड की पावन भूमि यमकेश्वर आज दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों के मिलन और विकास कार्यों की साक्षी बनी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्त रूप से यमकेश्वर क्षेत्र का भ्रमण कर महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दोनों मुख्यमंत्रियों ने यमकेश्वर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। उन्होंने महादेव से देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की प्रार्थना की। यमकेश्वर आगमन पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने अतिथियों का स्वागत किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गाँव पंचूर पहुँचे। यहाँ उन्होंने श्री विष्णु महायज्ञ में प्रतिभाग किया और परिवार व ग्रामीणों के साथ आध्यात्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बने। मुख्यमंत्री योगी ने मंदिर समिति का आभार जताते हुए कहा कि तीन वर्ष पूर्व जहाँ केवल श्रद्धा का भाव था, आज वहाँ भव्य मंदिर खड़ा है। युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा जीवन में प्रगति के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण का होना अनिवार्य है। अच्छा सोचने से परिणाम सुखद होते हैं, और इस सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए ईश्वर की भक्ति और आध्यात्मिकता ही सबसे सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व की सराहना करते हुए ऑपरेशन सिंदूर की बरसी का उल्लेख किया। उन्होंने क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए बिथ्याणी महाविद्यालय को आदर्श कॉलेज के रूप में विकसित करने और क्षेत्र में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा और खेल सुविधाएं देने हेतु संकल्पबद्ध है, जिसके क्रम में इस महाविद्यालय को हाईटेक किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी पहुँचने पर छात्राओं ने पारंपरिक भव्यता के साथ दोनों मुख्यमंत्रियों का भावपूर्ण अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु गोरखनाथ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अतिथियों ने महाविद्यालय की नई एआई आधारित वेबसाइट का डिजिटल उद्घाटन किया, जिसकी कार्यप्रणाली के बारे में त्रिलोक चंद्र शर्मा ने विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान डिजिटल तकनीक का अनूठा उदाहरण तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं एआई बॉट से संवाद कर महाविद्यालय की परीक्षा प्रणाली व परिणामों की समीक्षा की, जबकि मुख्यमंत्री धामी ने छात्र संख्या और कौशल विकास जैसे विषयों पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त, महाविद्यालय के नए भवन व सेमिनार हॉल का उद्घाटन और श्विकसित भारत एक संकल्पश् पुस्तक का विमोचन भी गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ।

युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करने के लिए महाविद्यालय परिसर में ओपन जिम का लोकार्पण किया गया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने स्वयं जिम उपकरणों पर व्यायाम कर स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता का संदेश दिया। प्रस्तावित स्टेडियम के लिए चिन्हित भूमि के निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्वस्त किया कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही यह जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ आनंद उनियाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी, गिरीश गुणवंत, उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ योगेश कुमार शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल सहित अन्य अधिकारी, महाविद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाएं, छात्र छात्राएं तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन का किया फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निरंजनपुर देहरादून में राज्यभर से आये पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों एवं मत्स्य पालकों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन का भी फ्लैग ऑफ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण जीवन शैली का प्रमुख आधार रहा है, जो लाखों परिवारों की आजीविका का भी प्रमुख साधन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब हमारे गांव, किसान और पशुपालक आर्थिक रूप से सशक्त होंगे। इसलिए केंद्र सरकार पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए “प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना”, “राष्ट्रीय पशुधन मिशन”, “राष्ट्रीय गोकुल मिशन”, “पशुपालन अवसंरचना विकास कोष” तथा “किसान क्रेडिट कार्ड” जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन” के अंतर्गत पशुधन इकाइयों की स्थापना की जा रही है। इनमें पात्र लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तक ऋण अनुदान प्रदान किया जा रहा है। गोट वैली और पोल्ट्री वैली जैसी योजनाओं के माध्यम से भी पशुपालकों को सहायता प्रदान की जा रही है। पिछले चार वर्षों में गौ पालन, बकरी पालन और भेड़ पालन के माध्यम से राज्य में साढ़े 11 हजार से अधिक लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के अंतर्गत भी राज्य में करीब 4 हजार से अधिक युवाओं और महिलाओं को भी स्वरोजगार से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 60 विकासखंडों में मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स संचालित की जा रही हैं। साथ ही प्रत्येक जनपद में मॉडल पशु चिकित्सालयों का निर्माण किया जा रहा है। वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत सीमांत क्षेत्रों के पशुपालकों को आईटीबीपी के माध्यम से सीधा बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को वर्ष 2030 तक खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त राज्य बनाने के लिए चयनित किया गया है, जिससे पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि पिछले 4 वर्षों में राज्य के दुग्ध उत्पादन में प्रतिवर्ष लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। पिछले वर्ष राज्य में सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को लगभग 380 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कामधेनु “बद्री गाय” के ‘बद्री घी’ को देश में प्रथम जीआई टैग प्राप्त हुआ है। इस जीआई टैग के माध्यम से बद्री घी की गुणवत्ता और विशिष्टता को वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्राउट फार्मिंग हमारे राज्य में स्वरोजगार का एक बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। ट्राउट फार्मिंग को प्रोत्साहित करने के लिए पिछले वित्तीय वर्ष में 170 करोड़ रुपये की ट्राउट प्रोत्साहन योजना शुरू की है। उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ एवं बागेश्वर जनपद में एक-एक ट्राउट हैचरी की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही सरकार उत्तराखंड को हाई वैल्यू फिश प्रोडक्शन एवं एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। इन सब प्रयायों से उत्तराखण्ड का मत्स्य सेक्टर 9 प्रतिशत से अधिक की दर से वृद्धि कर रहा है। पिछले वर्ष भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को हिमालयी राज्यों की श्रेणी में श्रेष्ठ मत्स्य राज्य का सम्मान भी प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री के साथ संवाद के दौरान हरिद्वार के पशुपालक श्री हरिकिशन लखेड़ा ने कहा कि उन्होंने ब्रीड मल्टीप्लीकेशन फार्म योजना के तहत 50 गायें खरीदी। इस योजना का फायदा मिलने के बाद वे साहिवाल गाय से प्रतिदिन 300 लीटर दूध का उत्पादन कर रहे हैं। आठ लोग इस कार्य में उनसे जुड़े हैं। इससे उनकी प्रतिमाह 01 लाख 15 हजार की शुद्ध आय अर्जित हो रही है। डोईवाला के अमित सिंह ने कहा कि उन्होंने गायों के चारे के लिए एफ.पी.ओ की स्थापना की। इसमें उनके साथ 386 लोग जुड़े है। तीन साल में उनका 10 करोड़ से अधिक का टर्न ओवर रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगणा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मागदर्शन में पिछले चार सालों में पशुपालन, डेरी और मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक नवाचार हुए हैं। राज्य में मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना लागू की गई। गोट वैली प्रोजक्ट में 5 हजार 827 लाभार्थी जुड़े। अनेक योजनाओं में सब्सिडी दी जा रही है। आज सभी दुग्ध संघ फायदे में हैं।

इस अवसर पर अध्यक्ष गौ सेवा आयोग राजेन्द्र प्रसाद अंथवाल, उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र मोघा, उत्तराखंड मत्स्य पालक विकास अभिकरण के उपाध्यक्ष उत्तम दत्ता, सीमा चौहान, अपर सचिव संतोष बडोनी मौजूद थे।

मुख्य सचिव ने की मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में आगामी मानसून सीजन को लेकर विभागों एवं जनपदों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को मानसून पूर्व तैयारियां समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून के दौरान जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि मानसून के दौरान आगामी कुछ महीने अत्यंत संवेदनशील एवं चुनौतीपूर्ण रहेंगे। वर्तमान में चारधाम यात्रा भी संचालित हो रही है, ऐसे में सभी रेखीय विभागों को 24×7 अलर्ट मोड में कार्य करना होगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पूर्व सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करते हुए क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत पूरी कर ली जाए।

बिजली एवं पेयजल विभाग को विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों तथा पेयजल लाइनों की पूर्व मरम्मत एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि मानसून अवधि में विद्युत एवं जलापूर्ति अधिक समय तक प्रभावित न हो। उन्होंने शहरी विकास विभाग, नगर निकायों तथा जिलाधिकारियों को नालों एवं नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव की स्थिति किसी भी दशा में उत्पन्न नहीं होनी चाहिए तथा नदी-नालों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न करने वाले अवरोधों एवं अतिक्रमणों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि कामचलाऊ व्यवस्थाओं से बचते हुए गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित किए जाएं।

मुख्य सचिव ने राज्य में नदी तटीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए नदियों के चौनलाइजेशन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नदी मार्ग में जमा आरबीएम को हटाया जाए ताकि नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित न हो और कटाव से आबादी एवं आधारभूत संरचनाओं को नुकसान न पहुंचे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संसाधनों की कोई कमी नहीं रखी जाएगी, इसलिए सभी विभाग अपने दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन सुनिश्चित करें। संवेदनशील स्थलों पर सड़क खोलने हेतु जेसीबी मशीनों की अग्रिम तैनाती की जाए तथा बैली ब्रिज का पर्याप्त भंडारण रखा जाए। साथ ही बाढ़ संभावित क्षेत्रों में नाव एवं बोट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने विभागीय तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न रेखीय विभागों के नोडल अधिकारियों की तैनाती की जा चुकी है तथा मानसून अवधि के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।

बैठक में विशेष सचिव पराग मुधकर धकाते, सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव एल फैनई, सचिव सचिन कुर्वे, बीके संत, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, सचिव खाद्य आनंद स्वरूप, सूचना निदेशक बंशीधर तिवारी, एसीईओ प्रशासन महावीर सिंह चौहान, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक अभिषेक कुमार आनंद, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद रहे।

आवश्यक सामग्री का भण्डारण किया जाए, न हो कोई कमी

देहरादून। मुख्य सचिव आंनद बर्द्धन ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को गैस, राशन, खाद्यान्न, डीजल एवं पेट्रोल सहित आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में राहत सामग्री एवं खाद्य सामग्री के वितरण हेतु पूर्व से विस्तृत रणनीति तैयार की जाए ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मानसून अवधि के दौरान संभावित संक्रामक एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभी से फॉगिंग अभियान चलाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने को कहा। साथ ही हेली एम्बुलेंस सेवाओं को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए ताकि आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

क्रियाशील रहें हाइड्रोमेट के सेंसर, नियमित टेस्टिंग जरूरी

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हाइड्रोमेट सिस्टम, सेंसर तथा सेटेलाइट फोन का नियमित परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी चेतावनियां व अलर्ट आमजन तक त्वरित रूप से पहुंचना अत्यंत आवश्यक है, ताकि लोग समय रहते आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठा सकें। उन्होंने सचेत एप तथा सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक के अधिकाधिक उपयोग पर विशेष जोर दिया।

फेक वीडियो प्रसारित करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आपदा संबंधी भ्रामक एवं फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भ्रामक सूचनाएं आमजन में अनावश्यक भय एवं भ्रम की स्थिति उत्पन्न करती हैं, जिससे आपदा प्रबंधन कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

03 डॉप्लर रडार संचालित, 03 और लगेंगे
देहरादून। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 525 हाइड्रोमेट सेंसर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में 03 डॉप्लर वेदर रडार स्थापित हैं तथा 03 अतिरिक्त डॉप्लर रडार स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं, जिससे मौसम पूर्वानुमान प्रणाली और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने जानकारी दी कि पिथौरागढ़ में आरएसआरडब्ल्यू (रेडियो सांडे, रेडिया विंड) की स्थापना की जानी प्रस्तावित है। इसके स्थापित होने से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियों का अधिक सटीक एवं स्थानीय स्तर पर पूर्वानुमान प्राप्त हो सकेगा, जिससे समय रहते चेतावनी जारी कर जनहानि एवं नुकसान को कम करने में सहायता मिलेगी।

टिहरी क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में किया जाए विकसितः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में टिहरी झील क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किए जाने हेतु संबंधित विभागों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक राज्य एक ग्लोबल डेस्टिनेशन के तहत् टिहरी झील रिंग रोड एवं आसपास के क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किए जाने के लिए एक कोम्प्रेहेंसिवे प्लान तैयार किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (ज्।क्।) पूरे क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीएमओ) के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा कि टिहरी झील क्षेत्र को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए एक व्यापक एवं सम्पूर्ण कार्ययोजना तैयार की जाए। जिसमें टिहरी झील रिंग रोड का निर्माण, आईकोनिक ब्रिज और हरे-भरे पैदल मार्ग शामिल हों। जहां एक ओर एडवेंचर टूरिस्ट के साथ-साथ वेलनेस सेंटर्स हों तो दूसरी ओर ईको पार्क और प्राकृतिक व्यू पॉइन्ट्स हों। उन्होंने कहा कि इसमें फेजवाइज़ काम किया जा सकता है, परन्तु योजना एक बार में सर्म्पूण रूप से तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने टिहरी पहुँचने के लिए एंड टू एंड कनेक्टिविटी पर भी फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्गों को चौड़ीकरण एवं सौन्दर्यीकरण किए जाने की भी बात कही। कहा कि नए रूट्स की सम्भावनाएं भी तलाशी जाएं। उन्होंने साईट स्पेसिफिक कंस्ट्रक्शन पर जोर देते हुए पूरे क्षेत्र में ग्रीन एरिया एवं प्राकृतिक सौन्दर्यता को बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने परियोजना में वॉटरड्रोम और वॉटरपोर्ट को भी शामिल किए जाने की बात कही। कहा कि आइकोनिक पुलों का निर्माण एवं डिजाईन में सी-प्लेन के परियोजना को ध्यान में रखते हुए किया जाए। उन्होंने डोबराचांटी पुल के पास स्थित हेलीपैड को हेलीपोर्ट के रूप में विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि इस परियोजना में कार्य करने वाली सभी संस्थाएं आपनी तालमेल के साथ कार्य करें।

इस अवसर पर सचिव सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार एवं अभिषेक रोहिला सहित सम्बन्धित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।