एचडीसी कॉलोनी में सीवर धंसे, सड़क टूटी, डीएम ने मांगा जबाव, जनदर्शन से गायब इंजीनियर का रोका वेतन

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन/जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन कर जनसमस्याओं का निस्तारण किया गया। जनता दरबार में उपस्थित फरियादियों ने भूमि विवाद, निजी भूमि का सीमांकन, अवैध कब्जा, आपसी विवाद, आर्थिक सहायता, फीस माफी, उपचार से संबंधित कुल 92 शिकायतें एवं समस्याएँ जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कीं। जिलाधिकारी ने सभी जनशिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

एचडीसी कॉलोनी निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग एल.एन. नौटियाल ने अवगत कराया कि उनके मोहल्ले में सीवर लाइन, सड़क एवं नाली निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण न होने के कारण सीवर चौंबर धंस गए हैं। सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है तथा वर्षा ऋतु में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे आमजन को आवागमन में अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कई स्तरों पर समस्या रखने के बावजूद समाधान न होने पर उन्होंने जनता दरबार में अपनी पीड़ा व्यक्त की। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण चाहा। जनता दरबार में अनुपस्थित पाए जाने पर डीएम ने अधिशासी अभियंता के एक दिन के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही एडीएम को मामले की जांच कर संबंधित विभागों से शीघ्र समस्या समाधान सुनिश्चित करने कहा।

मोथरोवाला निवासी एक बुजुर्ग दंपत्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि सुनील कुमार एवं उनकी पत्नी सुधा, जो उनके आवास में रह रहे थे, न्यायालय के आदेश के बावजूद घर खाली नहीं कर रहे हैं तथा उनके साथ मारपीट एवं अभद्र व्यवहार कर मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए एसडीएम सदर को त्वरित कार्रवाई कर ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

राजीव नगर निवासी वृद्धा मंजू देवी ने अवगत कराया कि उनका पुत्र एवं बहू उन्हें घर से बेदखल कर संपत्ति हड़पने का प्रयास कर रहे हैं तथा प्रतिदिन अभद्र व्यवहार एवं जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ‘भरण-पोषण अधिनियम’ के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसी क्रम में अजबपुर कलां निवासी असहाय बुजुर्ग विधवा सीमा उनियाल ने अपने जेठ एवं उनके पुत्रों पर मारपीट, अभद्र भाषा का प्रयोग तथा निजी संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया। जिलाधिकारी ने तहसीलदार को मौके पर जांच कर पीड़िता को न्याय दिलाने एवं समस्या का यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

डोईवाला निवासी मीना क्षेत्री ने बताया कि संपत्ति से बेदखल किए जाने के बाद उनका पुत्र उनके साथ अभद्र व्यवहार कर रहा है तथा उन्हें जान से मारने का प्रयास कर रहा है। एक असहाय बुजुर्ग महिला की व्यथा को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ‘सीनियर सिटीजन एक्ट’ के अंतर्गत वाद दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए जिलाधिकारी ने बुजुर्ग महिला को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने हेतु ‘सारथी वाहन’ की व्यवस्था भी कराई।

लख्खीबाग निवासी मौ० यासीन ने अपनी आर्थिक तंगी का उल्लेख करते हुए अपने पुत्र की विद्यालय शुल्क माफी की प्रार्थना की। जिलाधिकारी ने प्रकरण को सहानुभूति पूर्वक लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित विद्यालय से समन्वय स्थापित कर नियमानुसार राहत दिलाने के निर्देश दिए, ताकि आर्थिक अभाव के कारण बच्चे की शिक्षा बाधित न हो।

तिपरपुर परगना निवासी बुजुर्ग बाला देवी ने शिकायत की कि उनकी निजी भूमि पर कुछ लोगों द्वारा जबरन अवैध कब्जा किया जा रहा है तथा विरोध करने पर उन्हें धमकाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार को स्थलीय निरीक्षण कर निष्पक्ष जांच करते हुए शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मोथरोवाला निवासी नरेन्द्र नाथ ने वाहन दुर्घटना में घायल अपने पुत्र के उपचार हेतु आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनका आयुष्मान कार्ड भी कार्य नहीं कर रहा है, जिससे उपचार में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि आयुष्मान कार्ड की स्थिति तत्काल जांच कर आज ही रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

मोहकमपुर जन कल्याण समिति द्वारा मोहकमपुर-लोअर नत्थनपुर एवं नेहरूग्राम क्षेत्र की जर्जर सड़कों, झुके हुए विद्युत पोल एवं झूलती विद्युत तारों से संभावित खतरे, फ्लाईओवर के नीचे व्याप्त गंदगी तथा अतिक्रमण जैसी समस्याओं को प्रमुखता से रखा। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि समस्त बिंदुओं की स्थलीय जांच कर 10 मार्च तक विस्तृत रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए, साथ ही आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

श्री चंद्रेश्वर महादेव मंदिर एवं क्षेत्र विकास समिति तथा स्थानीय निवासियों ने केदारपुरम कॉलोनी स्थित चक डांडा लखौंड, लिंक रोड सहस्रधारा रोड क्षेत्र में सरकारी भूमि पर तारबाड़ कर किए गए अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर को निर्देशित किया कि राजस्व अभिलेखों का परीक्षण कर स्थलीय निरीक्षण के उपरांत 15 मार्च तक स्पष्ट आख्या प्रस्तुत की जाए।

देहरादून से डोईवाला, भानियावाला, रानी पोखरी एवं भोगपुर होते हुए थानों तक स्मार्ट सिटी अथवा इलेक्ट्रिक बस सेवा प्रारंभ किए जाने की मांग पर भी जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित स्मार्ट सिटी प्रबंधन से पूछा कि अब तक परिवहन सेवा क्यों प्रारंभ नहीं की गई। इस संबंध में कारणों सहित विस्तृत रिपोर्ट 17 मार्च तक प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी विभाग निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को शीघ्र राहत मिल सके। जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए स्वीकृत की 102 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद ऊधम सिंह नगर के अन्तर्गत उपजिला चिकित्सालय, बाजपुर में 06 नग चिकित्साधिकारियों हेतु आवासीय भवनों के निर्माण कार्यों हेतु ₹ 4 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत Construction of Proposed Police Command Control Center Building at Haridwar Distt. Haridwar Uttarakhand के नवीन निर्माण कार्य हेतु ₹ 50.27 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के साथ कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के हर की पैड़ी से ललतारों सेतु तक गलियों का सुधारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु ₹ 9 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के साथ ही लोक निर्माण खण्ड, लो०नि०वि०, लक्सर के स्थान पर स्मार्ट सिटी पीआईयू, लो०नि०वि०, देहरादून से कार्य कराये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के विधानसभा क्षेत्र खानपुर में असुरक्षित सेतुओं के तहत नारसन-हरजौली-जट मुडलाना-लंडौरा-जौरासी बु‌ढ्ढाहेडी-बजेडी-राजपुताना मोटर मार्ग के कि०मी० 23 में आर०सीसी० सेतु की क्षतिग्रस्त ऐप्रोच का सुरक्षात्मक कार्य हेतु ₹ 6.67 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 2.67 करोड़, लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण हेतु की गई मांग ₹ 32.50 करोड़ के सापेक्ष ₹ 25 करोड़ की धनराशि राज्य आपदा मोचन निधि के पुनर्प्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद से अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत की तहसील पूर्णागिरी में हुड्डी नदी की बाढ़ से ग्राम छानीगोठ की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षात्मक दीवार निर्माण कार्य हेतु ₹ 5.75 करोड़ की योजना के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 2.30 करोड़, जनपद चमोली के विकासखण्ड गैरसैंण में रामगंगा नदी तट पर हो रहे भू-कटाव एवं आवासीय भवनों के बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य हेतु ₹ 6.83 करोड़ के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 2.74 करोड़, जनपद उत्तरकाशी के विकासखण्ड भटवाडी के ग्राम हर्षिल में भागीरथी नदी के दांये तट पर आवासीय एवं अनावासीय भवनों का सुरक्षात्मक कार्य हेतु ₹ 10.24 करोड़ की योजना के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 4.10 करोड़, के साथ ही जनपद देहरादून के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर में नगर निगम क्षेत्र के अन्तर्गत सुसवा नदी के दोनों तटों पर दूधा देवी पुल के डाउनस्ट्रीम में बाढ़ सुरक्षा योजना हेतु ₹ 4.30 करोड़ की योजना के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में ₹ 1.72 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा नगर पंचायत, ईमलीखेड़ा की लीगेसी वेस्ट निस्तारण हेतु 13.90 लाख की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करते हुए राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोबरियासार, रिखणीखाल, जनपद पौड़ी गढ़वाल का नाम शहीद अनुज नेगी के नाम पर रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

होली मिलन कार्यक्रम में सीएम आवास में जुटे गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक के कलाकार

मुख्यमंत्री आवास में सोमवार को होली के रंगों की बहार नजर आई।
प्रदेश भर से आए लोक कलाकारों और होल्यारों ने अपनी अपनी धुनों से माहौल को उत्सवमय कर दिया। इस दौरान एक तरफ, हारूल नृत्य करते जौनसारी कलाकार थे तो दूसरी तरफ, अपनी ही धुन में मगन होली गीत गाते कुमांउनी होल्यारों की टीम। इन सबके बीच पौड़ी जिले के राठ क्षेत्र से आई सांस्कृतिक टोली ने भी अपना रंग जमाया। इस दौरान आम और खास ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रंग लगाकर शुभकामनाएं प्रेषित की।
मुख्यमंत्री आवास का प्रांगण सोमवार को होली के रंगों में सराबोर नजर आया। इस दौरान प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और एकता के भी दर्शन हुए। पूर्वाह्न से ही प्रदेश भर के लोक कलाकारों, संस्कृति कर्मियों की टोलियां होली गायन करते हुए, सीएम आवास पहुंचती रही। एक तरफ गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक का होली गायन था, नृत्य था। इस दौरान होली के गीत गूंजे। पारंपरिक गायन हुआ। ढोल, मंजीरे बजे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की संगत ने होली गीतों के प्रभाव को और बढ़ा दिया। आओ दगड़ियो, नाचा गावा, आ गई रंगीली होली का आह्वान यदि कुमांउ से आए कलाकारों ने किया, तो राठ क्षेत्र के कलाकारों ने गाया-आई डान्ड्यू बसंत, डाली मा मौल्यार।

इस दौरान जो भी यहां पहुंचा लोक के रंगों में खो गया। लोक संस्कृति का वह प्रभाव भी था, जो उत्तराखंड को सांस्कृतिक तौर पर विशिष्टता प्रदान करता है। लोक कलाकार इस बात से बेहद खुश दिखे कि उन्हें विशेष तौर पर बुलाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लोक कलाकारों के संग होली के रंगों में पूरी तरह से रंगे नजर आए। मुख्यमंत्री खुद लोक कलाकारों के साथ थिरकने को मजबूर हो गए।

*लोक संस्कृति पर सीएम कर रहे अच्छा काम*
उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों से आए लोक कलाकारों ने इस मौके पर कहा कि लोक संस्कृति पर सीएम अच्छा काम कर रहे हैं। राज्य सरकार लोक संस्कृति को बढ़ावा देते हुए, लोक कलाकारों को संरक्षण प्रदान कर रही है।

खटीमा होली मिलन समारोह में उमड़ा जनसैलाब, मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय संग साझा की उत्सव की खुशियां

सनातन धर्मशाला रामलीला मैदान, खटीमा में आयोजित भव्य होली मिलन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर उपस्थित जनसमूह को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक कुमाऊँनी होली, शास्त्रीय होली तथा थारू होली गायन में भाग लेकर जनसमुदाय के साथ उत्सव की खुशियां साझा कीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान के सशक्त आधार हैं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव, समरसता और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “खटीमा मेरा घर है और खटीमावासी मेरा परिवार है। अपने परिवारजनों के बीच आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी समृद्ध विरासत को संजोने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि महिला शक्ति के बिना कोई भी कार्य पूर्ण नहीं हो सकता। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा इसी दिशा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई है।

उन्होंने कहा कि खटीमा सर्वधर्म समभाव का प्रतीक है और ‘मिनी इंडिया’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां सभी धर्मों, समुदायों और संगठनों के लोग प्रेम, एकता और सौहार्द के साथ रहते हैं तथा सभी पर्वों को मिल-जुलकर मनाते हैं। आधुनिक परिवेश के बीच भी खटीमा में पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना अत्यंत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर खटीमा, प्रदेश और देश की उन्नति के लिए कार्य करें तथा प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों के साथ होली खेलकर उत्सव की आनंदमयी भावना को और प्रगाढ़ किया तथा समस्त प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण होली की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री मंजीत सिंह, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, उपाध्यक्ष अमित कुमार पांडे, महासचिव रमेश चंद्र जोशी, नंदन सिंह खड़ायत, गम्भीर सिंह धामी, सतीश भट्ट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने गृहमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर की तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगामी 7 मार्च को प्रस्तावित हरिद्वार भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएँ समयबद्ध, सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण ढंग से सुनिश्चित की जाएँ, ताकि भ्रमण के दौरान सुरक्षा, यातायात, जनसुविधाओं तथा समन्वय से संबंधित सभी व्यवस्थाएँ सुचारु रूप से संचालित हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी है, ऐसे में कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं एवं आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने, यातायात प्रबंधन के लिए प्रभावी योजना बनाने, पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा संबंधित विभागों के मध्य समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यक्रम स्थलों पर स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।

बैठक में गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को कार्यक्रम की तैयारियों की प्रगति से अवगत कराया तथा विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की प्रत्येक व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए, ताकि केन्द्रीय गृह मंत्री का हरिद्वार भ्रमण सफलतापूर्वक एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

लोक भवन में तीन दिवसीय वसंतोत्सव का हुआ भव्य समापन

लोक भवन देहरादून में तीन दिवसीय वसंतोत्सव का रविवार को समापन हो गया। वसंतोत्सव के इन तीन दिनों में बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्पों के प्राकृतिक सौंदर्य और अन्य कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया। वसंतोत्सव-2026 में इस वर्ष की चल वैजंती (रनिंग ट्राफी) आईआईटी रुड़की को मिली।

  इस वर्ष आईआईटी रुड़़की ने 13 श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं 04 श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त कर ओएनजीसी को दूसरा स्थान मिला। वसंतोत्सव में 15 श्रेणियों की 54 उप श्रेणियों में 161 पुरस्कार वितरित किये गये। राज्यपाल लेफ्टिनेट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुष्प प्रदर्शनी प्रतियोगिताओं, रंगोली तथा बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता, फोटो प्रतियोगिता आदि श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।

   वसंतोत्सव- 2026 में इस वर्ष पहली बार गवर्नर्स अवार्ड की शुरुआत की गई, जिसके अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों, महिला कृषकों तथा स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार कर रहे युवा कृषकों को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित कृषकों की श्रेणी में बागेश्वर जनपद के दीपक गडिया को प्रथम, रुद्रप्रयाग जनपद के कपिल शर्मा को द्वितीय तथा पिथौरागढ़ जनपद के शुभम सिंह को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला कृषकों की श्रेणी में चंपावत जनपद की राधा राणा को प्रथम, अल्मोड़ा जनपद की कविता मेहरा को द्वितीय तथा पौड़ी गढ़वाल जनपद की शांति जुयाल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार कर रहे अग्रणी युवा कृषकों की श्रेणी में टिहरी जनपद के देवेंद्र सिंह चौहान को प्रथम, नैनीताल जनपद के पंकज मेहता को द्वितीय तथा हरिद्वार जनपद के उज्ज्वल सैनी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

   समापन समारोह में आईएमए और आईटीबीपी के पाइप बैंड के मधुर धुनों ने समापन समारोह को और आकर्षक बना दिया। उपस्थित दर्शकों ने जिसका पूरा आनंद लिया और पाइप बैंड की धुनों की सराहना की।

    इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि इन तीन दिनों में लोक भवन में आई लगभग साढ़े तीन लाख जनता के चेहरे पर जो प्रसन्नता और संतोष दिखाई दिया, वही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है। राज्यपाल ने कहा कि वसंतोत्सव-2026 की मूल भावना यह रही कि फूलों के माध्यम से व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता, संतुलन और रचनात्मकता का संचार हो। उन्होंने कहा कि शोध के आधार पर उद्यान विभाग द्वारा स्थापित स्टॉलों में यह प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार पुष्प मानव जीवन में स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और आनंद का स्रोत बन सकते हैं।

   राज्यपाल ने नवाचार को विकसित भारत 2047 की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण मंत्र बताते हुए कहा कि इस उत्सव में प्रत्येक स्टॉल और प्रस्तुति में नई सोच और रचनात्मकता दिखाई दी। उन्होंने ‘रिद्मिक योगा’, दिव्यांग बच्चों की योग प्रस्तुतियाँ एवं वुशु प्रदर्शन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की नारी शक्ति आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणादायक कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि वसंतोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की प्राकृतिक संपदा, कृषि शक्ति और उभरती हरित अर्थव्यवस्था का उत्सव है। उन्होंने कहा कि वसंत ऋतु प्रकृति के श्रृंगार के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रसन्नता का संदेश देती है। लोक भवन में सुसज्जित विविध पुष्पों की रंगत और सुगंध राज्य की समृद्ध जैव-विविधता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अनुशासन, राष्ट्रनिष्ठा और दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में राज्य निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक नवाचार के समन्वय से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं एवं युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की दिशा में सशक्त कदम बताया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में लगभग 656 हेक्टेयर क्षेत्र में व्यावसायिक पुष्प खेती की जा रही है, जो कम लागत में अधिक आय का सशक्त माध्यम बन रही है। राज्य सरकार द्वारा समग्र पुष्प नीति, मंडी शुल्क में छूट, विपणन सुविधा एवं मौनपालन अनुदान जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगभग 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन एवं ड्रैगन फ्रूट नीति लागू की गई है। इन योजनाओं के अंतर्गत बागवानी को बढ़ावा देने हेतु 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
 
    कार्यक्रम में कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, प्रथम महिला गुरमीत कौर, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, सचिव उद्यान एस. एन. पाण्डेय, अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी, निदेशक उद्यान एस.एल. सेमवाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

सीएम ने पेंशन प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के सख्त निर्देश जारी किए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेंशन प्रकरणों का निस्तारण पूर्ण तत्परता और समयबद्धता के साथ किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पेंशन योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक योग्य लाभार्थियों तक पहुँचाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान संचालित किया जाए और वंचित एवं कमजोर वर्गों को योजनाओं से जोड़ने के लिए नवाचार आधारित प्रभावी कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत राज्यभर में आयोजित शिविरों का व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है, जिसके परिणामस्वरूप पेंशनार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनशील और प्रतिबद्ध कार्यशैली का प्रमाण बताते हुए निर्देश दिए कि दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में ऐसे विशेष अभियान निरंतर जारी रखे जाएँ ताकि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री आवास में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे।

बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के करकमलों द्वारा समाज कल्याण विभाग की माह फरवरी 2026 की पेंशन किश्त का वन-क्लिक के माध्यम से सफलतापूर्वक भुगतान किया गया। इस अवसर पर कुल 9,57,651 लाभार्थियों को ₹14,191.61 लाख अर्थात ₹141 करोड़ 91 लाख 61 हजार की धनराशि वितरित की गई। यह राशि मासिक पेंशन के साथ-साथ एरियर भुगतान को भी सम्मिलित करती है, जिससे पात्र लाभार्थियों को समय पर आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है।

फरवरी माह में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 5,93,184 लाभार्थियों को प्रति माह ₹1500 की दर से ₹8897.76 लाख की धनराशि वितरित की गई, जबकि विधवा पेंशन योजना के तहत 2,31,593 लाभार्थियों को ₹1500 प्रतिमाह की दर से ₹3473.895 लाख का भुगतान किया गया। दिव्यांग पेंशन योजना में 87,477 लाभार्थियों को ₹1500 प्रतिमाह के अनुसार ₹1312.155 लाख की राशि हस्तांतरित की गई। किसान पेंशन योजना के अंतर्गत 27,638 लाभार्थियों को ₹1200 प्रतिमाह की दर से ₹331.656 लाख वितरित किए गए। परित्यक्ता पेंशन योजना में 8,096 लाभार्थियों को ₹1200 प्रतिमाह के अनुसार ₹97.24 लाख की राशि दी गई, जबकि भरण-पोषण अनुदान योजना के अंतर्गत 7,409 लाभार्थियों को ₹700 प्रतिमाह की दर से ₹51.86 लाख वितरित किए गए। तीलू रौतेली पेंशन योजना में 2,125 लाभार्थियों को ₹1200 प्रतिमाह के अनुसार ₹25.5 लाख की राशि प्रदान की गई तथा बौना पेंशन योजना के तहत 129 लाभार्थियों को ₹1200 प्रतिमाह की दर से ₹1.55 लाख की धनराशि हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की संवेदनशीलता, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के संकल्प की सशक्त अभिव्यक्ति हैं। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को सम्मानपूर्वक जीवनयापन हेतु निरंतर और प्रभावी आर्थिक संबल उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में सचिव श्रीधर बाबू अद्यांकी, अपर सचिव संदीप तिवारी, संजय सिंह टोलिया सहित समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

न्यायालय के निर्णय से 500 परिवारों के करीब 2000 लोगों को मिला रोजगार का संबल

अल्मोड़ा स्थित मैग्नेसाइट उद्योग को उच्च न्यायालय से चार माह के लिए पुनः संचालन की अनुमति प्राप्त हो गई है।

इस महत्वपूर्ण निर्णय से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े लगभग 500 परिवारों के करीब 2000 लोगों को राहत एवं संतोष मिला है। लंबे समय से उद्योग बंद होने के कारण प्रभावित परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया था |

राज्य सरकार के सतत प्रयासों के फलस्वरूप उद्योग द्वारा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) से सीटीओ (Consent to Operate) प्राप्त किया गया। इसके उपरांत माननीय उच्च न्यायालय ने उद्योग एवं उससे जुड़े श्रमिकों और परिवारों के व्यापक हित को दृष्टिगत रखते हुए पुनः संचालन की अनुमति प्रदान की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के संरक्षण, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन और स्थानीय रोजगार सृजन—तीनों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर स्तर पर सकारात्मक पहल कर रही है।

मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए ट्रैप कैमरे, सोलर फेंसिंग और गहन निगरानी के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एफटीआई सभागार, हल्द्वानी में कानून व्यवस्था एवं जनपद में संचालित विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी एवं समन्वय के साथ पूरे किए जाएं।

*मानव-वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी रोक के निर्देश*

मुख्यमंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर बल दिया। उन्होंने सभी संवेदनशील स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए जाने, सोलर फेंसिंग व तारबाड़ प्रणाली को मजबूत करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को ठोस एवं कारगर उपाय अपनाने के लिए कहा, ताकि जनहानि और फसलों को होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

वनाग्नि की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री ने फायर लाइन (अग्निरोधक खाइयों) को दुरुस्त रखने, संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने, रेंजवार मॉनिटरिंग करने और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वनाग्नि की किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

*विकास कार्यों में समन्वय और जवाबदेही पर जोर*

हल्द्वानी शहर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्य आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं, अतः निर्माण कार्यों के दौरान जनता को अनावश्यक असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और जवाबदेही के साथ करें। कार्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग आपसी जिम्मेदारियों को एक-दूसरे पर न डालें और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण हों।

*कानून व्यवस्था पर सख्त संदेश*

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस, प्रशासन तथा सभी विभागों को आमजन के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए।

*रानीबाग में आईटी हब की योजना*

मुख्यमंत्री ने बताया कि रानीबाग स्थित बंद पड़ी एचएमटी फैक्ट्री की भूमि पर सरकार द्वारा आईटी हब विकसित करने की योजना पर कार्यवाही गतिमान है। इससे क्षेत्र में रोजगार सृजन एवं औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने हल्द्वानी नगर के बच्चीनगर सहित अन्य क्षेत्रों में सिंचाई विभाग की नहरों के चौड़ीकरण एवं मरम्मत संबंधी प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

*जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के सुझाव*

सांसद अजय भट्ट ने वन क्षेत्रों में वाचरों की संख्या बढ़ाने, झाड़ियों की कटान करने तथा वन आच्छादित क्षेत्रों से गुजरने वाले मार्गों की नियमित सफाई एवं मरम्मत कराने का सुझाव दिया।

सचिव/आयुक्त दीपक रावत ने कुमाऊँ मंडल में कानून व्यवस्था, ओवरलोडिंग के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई तथा अन्य प्रशासनिक कदमों की जानकारी दी।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम हेतु प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। पनियाली क्षेत्र में नियमित गश्त की जा रही है तथा ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से वन क्षेत्र में न जाने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को चारा उपलब्ध कराने के लिए विधानसभा क्षेत्र भीमताल के विभिन्न गांवों में 15 लाख रुपये की धनराशि पूर्व में उपलब्ध कराई गई है। इसी प्रकार पनियाली क्षेत्र में भी 15 लाख रुपये स्वीकृत कर वितरित किए जा रहे हैं, ताकि महिलाओं एवं पशुपालकों को चारा लेने के लिए जंगल न जाना पड़े।

वन संरक्षक सी.एस. जोशी ने अवगत कराया कि पनियाली क्षेत्र में कैमरों में लैपर्ड नहीं, बल्कि बाघ की पहचान हुई है, जिसे पकड़ने की कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ की जा रही है।

बैठक में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के मंडल स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

यह समीक्षा बैठक राज्य में कानून व्यवस्था की सुदृढ़ता, वन्यजीव प्रबंधन की प्रभावशीलता तथा विकास कार्यों की गति को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

हल्द्वानी में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद नैनीताल के हल्द्वानी भ्रमण के दौरान रामपुर रोड स्थित पीएसपी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर केवल एक अस्पताल के उद्घाटन का नहीं, बल्कि दृढ़ निश्चय, संघर्ष और सेवा की प्रेरक यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पीएसपी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर का शुभारंभ समाज के प्रति समर्पित एक ऐसे परिवार की कहानी को दर्शाता है, जिसने अपने जीवन मूल्यों को कर्म के माध्यम से साकार किया है।

मुख्यमंत्री ने संस्थान के संस्थापक, जनपद बागेश्वर के गागरी गोल गांव से निकलकर स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाले श्री जगदीश सिंह पिमोली को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एक साधारण ग्रामीण परिवेश से प्रारंभ हुई उनकी यात्रा आज स्वास्थ्य सेवा के इस आधुनिक केंद्र तक पहुँची है, जो हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। श्री पिमोली का संघर्ष, परिश्रम और संकल्प आज उनकी सफलता की सच्ची मिसाल है। दूरस्थ गांव से आकर उन्होंने पहले व्यापार के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई और अब चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश कर मानव सेवा के इस पवित्र कार्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 250 बेड का यह आधुनिक मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित है। यह संस्थान भविष्य में चिकित्सा उत्कृष्टता के मानचित्र पर उत्तराखंड को और अधिक सशक्त बनाएगा।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया है। यह अभियान बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हमारी बेटियों के जीवन के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही थी। बेटियों को इस गंभीर रोग से सुरक्षित करने के संकल्प के साथ यह राष्ट्रव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक सुलभ और प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश में आयुष्मान उत्तराखंड योजना के अंतर्गत 61 लाख से अधिक नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। निःशुल्क जांच योजना के तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचें बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि ऊधमसिंह नगर में एम्स के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे क्षेत्र की बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। ये सभी प्रयास प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने होली गायन कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया तथा सभी प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में सांसद नैनीताल-ऊधमसिंह नगर अजय भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक लालकुआं मोहन सिंह बिष्ट, विधायक भीमताल राम सिंह कैड़ा, विधायक नैनीताल सरिता आर्या, विधायक कपकोट सुरेश गड़िया, मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, दायित्वधारी अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, शंकर कोरंगा, नवीन लाल वर्मा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, पीएसपी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के संस्थापक जगदीश पिमोली एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।