उत्तराखंड में आवास विभाग के अधीन विभिन्न पार्किंग प्रोजेक्ट पर तेजी से हो रहा है काम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आवास विभाग प्रदेश के बड़े शहरों, तीर्थ स्थलों और पयर्टन केंद्रों पर जाम की समस्या दूर करने के लिए पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के 11 स्थानों पर जल्द पार्किंग सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिसमें 1082 वाहन पार्क हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यभार ग्रहण करते ही, आवास विभाग को, विकास प्राधिकरणों के जरिए बड़े शहरों, तीथार्टन और पयर्टन केंद्रों में युद्धस्तर पर पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे, इसके बाद विभिन्न विकास प्राधिकरणों के जरिए 195 स्थानों पर पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव प्राप्त हुए, इसमें सरफेंस पार्किंग से लेकर मल्टी लेबल पार्किंग और टनल पार्किंग के तक के विकल्प शामिल थे। इसी आधार पर आवास विभाग 114 जगह पार्किंग की डीपीआर को मंजूरी प्रदान कर चुका है, जिसके लिए बजट भी जारी हो चुका है। जिसमें से प्रथम चरण में 54 स्थानों पर कुल 3244 वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है, यानि इन स्थानों पर पार्किंग सेवा शुरु हो चुकी है। अब दूसरे चरण में 11 अन्य स्थानों पर पार्किंग निर्माण करीब 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है, आवास विभाग इसी वित्तीय वर्ष में यहां निर्माण पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इससे 1082 वाहनों के लिए पार्किंग सेवा उपलब्ध हो सकेगी। इसके अलावा विकास प्राधिकरणों द्वारा अपने संसाधनों से 11 अन्य स्थानों पर भी पार्किंग निर्माण की जा रही है, जिससे 359 वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
*सचिव आवास ने निर्देश*
सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार ने सभी विकास प्राधिकरणों को पार्किंग निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी यात्रा सीजन से पहले सभी चिन्हित स्थानों पर पार्किंग सुविधा बहाल की जाए, साथ ही पार्किंग स्थलों पर शौचालय, लाइट और साफ सफाई की भी उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का पालन करने के भी निर्देश दिए हैं।

*उत्तराखंड में प्रतिवर्ष करोड़ों लोग तीर्थाटन, पयर्टन के लिए पहुंच रहे हैं। सड़कों का नेटवर्क अच्छा होने से अब बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों से आते हैं, इस कारण यातायात जाम की समस्या होने की स्वाभाविक है। इसी समस्या को देखते हुए, बीते चार सालों में विभिन्न स्थानों पर करीब छह वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है। जिसमें से कुछ पर काम पूरा भी हो चुका है। इससे यातायात जाम की समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड*

छोटे उद्योगों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन की व्यवस्था लागू की जाए: सचिव पिछड़ा आयोग

केंद्र सरकार द्वारा कारोबार में सुगमता बढ़ाने के लिए गठित टास्क फोर्स की अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सचिव मीता राजीव लोचन एवं मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में राज्य में ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस (फेज 2) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सचिव मीता राजीव लोचन ने बताया की उत्तराखंड ने डी-रेगुलेशन 1.0 कम्प्लायंस रिडक्शन में देश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा सिंगल विंडो सिस्टम, लैंड यूज, होम स्टे तथा उद्यमिता एवं श्रम सुधारो के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयोगों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य के लिए फेस-2 के तहत कुल 9 प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं जिसमें राज्य को भूमि उपयोग, भवन एवं निर्माण की स्वीकृति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, पर्यावरण, पर्यटन के क्षेत्र में नवाचार, जैसी प्राथमिकताएँ शामिल हैं। इन प्राथमिकताओं का उद्देश्य राज्य में विकास कार्यों को और गति देना, निवेश और आधारभूत ढांचे को और अधिक मजबूत करना तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सचिव ने सुझाव देते हुए कहा कि उद्योग से संबंधित प्रकरणों एवं प्रस्तावों को निर्धारित समय के अंदर मंजूरी मिले इसके लिए भी कार्य किया जाए। साथ ही छोटे उद्योगों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन की व्यवस्था लागू की जाए ताकि छोटे निवेशकों को भी बढ़ावा मिल सके।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सचिव ने बताया कि उत्तराखंड का मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) का 26 प्रतिशत योगदान करता है, जो कि राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। उन्होंने यह भी बताया कि इस क्षेत्र का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा औपचारिक रूप से पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित किया जाता है। राज्य में विनिर्माण क्षेत्र के लिए सकारात्मक वातावरण है, जिसमें कुशल मानव संसाधन, उच्च साक्षरता दर, जीवन की अच्छी गुणवत्ता और सुंदर प्राकृतिक वातावरण शामिल हैं। इन विशेषताओं के चलते उत्तराखंड निवेश और उद्योग के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन चुका है।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बताया कि राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण विकसित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा इसके साथ भवन एवं निर्माण, बिजली, श्रम सुधार, अग्निशमन, पर्यटन, स्वास्थ्य तथा शिक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सुधार के लिए प्रभावी प्रयास किया जा रहे हैं साथ ही निवेश को बढ़ाने के लिए निवेशकों की सुविधा अनुसार नियमों में सुधार किया जा रहा है।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस फेज 2 के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन करने तथा राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण को और अधिक सरल बनाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर केंद्रीय अपर सचिव राहुल शर्मा, राजेश शर्मा, सचिव आर राजेश कुमार, श्रीधर बाबू अदाकी, रंजीत सिन्हा, रविशंकर, विशेष सचिव मधुकर पराग धकाते, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, डॉ. सौरभ गहरवार, अभिषेक रोहेला एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सरकार फाइलों में नहीं, मैदान में काम करेगी: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम आर्यनगर (गाजीवाली), श्यामपुर कांगड़ी में आयोजित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत आयोजित मुख्य सेवक की चौपाल कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने जनता के बीच बैठकर सीधे संवाद किया और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार अब फाइलों में नहीं, मैदान में काम करेगी।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों के ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय नागरिकों ने अपनी-अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी शिकायत को लंबित रखना स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं पर देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अन्य विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया कि जिन समस्याओं का समाधान तत्काल संभव है, उनका निस्तारण मौके पर ही किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “मुख्य सेवक की चौपाल” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही का जीवंत प्रमाण है। सरकार का उद्देश्य है कि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि राज्य सरकार जनहित के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही सरकार का लक्ष्य है। जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी और सरकार जनता के साथ खड़ी है — हर समय, हर परिस्थिति में।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जनता का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा है। उन्होंने स्वयं को जनता से अलग नहीं, बल्कि उनका सेवक बताते हुए कहा कि जनता की संतुष्टि ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “मुख्यसेवक की चौपाल” कोई औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच संवाद का एक जीवंत मंच है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यहां लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए आए हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का संकल्प प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना है, ताकि आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार का मूल मंत्र है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जनहित सर्वोपरि रहे और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि किसी की आवाज दबाई नहीं जाएगी और कोई शिकायत अनसुनी नहीं रहेगी। सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत बीते डेढ़ माह में पूरे प्रदेश में लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं | उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का सशक्त सेतु है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 28,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से योग्य युवाओं को अवसर प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए भी निरंतर प्रोत्साहित कर रही है, जिससे प्रदेश का युवा आत्मनिर्भर बन सके और राज्य के समग्र विकास में भागीदार बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा और उनकी आय में वृद्धि के लिए सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान, कृषि उत्पादों के बेहतर मूल्य, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों के समग्र सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू कर उत्तराखंड ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सामाजिक समरसता, समानता एवं न्याय की भावना को सुदृढ़ करने वाला है। उन्होंने इसे राज्य की जनता के हित में लिया गया दूरदर्शी एवं साहसिक निर्णय बताया।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना के साथ कार्य कर रही है तथा प्रदेश के युवाओं, किसानों और आमजन के कल्याण हेतु निरंतर प्रयासरत रहेगी।

हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधार अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है तथा कृषि को लाभकारी बनाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कार्य किए जा रहे हैं। मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित हैं |

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिली है। डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता के कारण योजनाएं बिना भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से भ्रष्टाचार पर सख्त प्रहार किया गया है और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के सुझाव ही सरकार के लिए मार्गदर्शन का कार्य करते हैं। सरकार और जनता यदि साथ मिलकर कार्य करें तो विकास की कोई सीमा नहीं रहती। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासियों के सहयोग और विश्वास से उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के “विकल्प रहित संकल्प” को अवश्य सिद्ध किया जाएगा।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे |

जिला प्रशासन का जनदर्शन, जन सुरक्षा की गांरटी, मौके पर ही सभी कड़े व बड़े एक्शन

जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन/जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजित किया गया। जनता दर्शन में 163 शिकायत प्राप्त हुई। जनता दर्शन में भूमि विवाद, अतिक्रमण, भरपोषण, बैंक ऋण आर्थिक सहायता आदि शिकायतें प्राप्त हुई। जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करना सुनिश्चित करते हुए सम्बन्धित शिकायतकर्ता को कृत कार्यवाही से अवगत कराएंगे।
डकाल चौक इन्द्रानगर निवासी विधवा सुनीता ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि पति की मृत्यु हो गई है, आर्थिक स्थ्तिि बेहद खराब है 3 बच्चों का पालन-पोषण करने में दिक्कत आ रही है उन्होंन आर्थिक सहायता की गुहार लगाई जिस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को रायफल क्लब फंड से आर्थिक सहायता तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी को विधवा पेंशन लगवानेे की स्वीकृति प्रदान करते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश दिए।
रेसकार्स निवासी बजुर्ग महिला ने गुहार लगाई उनके दो पुत्रों द्वारा उनके मकान में रहने नही दिया जा रहा है तथा हम बुजुर्ग दम्पति से गाली गलौज मारपीट करते हैं तथा घर में घुसने नही देते। बच्चों ने घर से निकाल दिया है रहने के लिए कोई जगह नही है, जिस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही भरणपोषण अधिनियम में वाद दर्ज करवाया। वहीं भरणपोषण अधिनियम के आज 05 से अधिक वाद दर्ज किए गए।
दौड़वाला निवासी 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला कान्तादेवी ने गुहार लगाई कि उनकी नातिन के पति द्वारा उनकी सम्पति नातिन के नाम करवाई तथा विश्वास में लेकर भूमि विक्रय कर दी। धोखे से हस्ताक्षर करवाकर उनके बैंक खाते में नॉमिनी बन गया। जब बुजुर्ग बैंक खाते से धनराशि निकालने गई तो बैंक खाता खाली था पता चला उनके खाते से धनराशि आनलाईन माध्यम से नातिन के पति के खाते डाली गई। वर्ष 2024 में संदिग्ध परिस्थिति में नातिन की मृत्यु हो गई। धोखे से उनकी समस्त सम्पत्ति हड़प ली जिस पर जिलाधिकारी उप जिलाधिकारी न्याय को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
कंुज विहार कारगी चौक निवासी दुर्गा प्रसाद नौटियाल ने अपने शिकायत बताया कि उनके क्षेत्र में सीवर लाईन बिछाने का कार्य किया गया किन्तु उनका मकान छोड़ दिया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व तथा आपदा प्रबन्धन अधिकारी से यूयूएसडीए से कारण जानते हुए स्थिति स्पष्ट कर समाधान करने के निर्देश दिए।
विधाता एन्कलेव निवासी सुरेश चौहान ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके द्वारा वर्ष 2024 में विद्युत पोल शिफ्टिंग की फीस जमा कराने के उपरान्त भी विद्युत पोल शिफ्टिंग नही हुआ जिस पर जिलाधिकारी ने एक्शियन विद्युत से विलम्ब का कारण प्रस्तुत करते हुए निस्तारण करने के निर्देश दिए।
सेवानिवृत्त अध्यापिका सुशीला नेगी ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उनकी पुलिस पब्लिक स्कूल में वर्षों से शिक्षण कार्य कर रही हैं स्कूल के प्रधानाध्यापक द्वारा अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को प्रकरण पर जांच कर कार्यवाही करते हुए 20 फरवरी तक एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
छरबा निवासियों ने अपने शिकायती पत्र तहसील विकासनगर के छरबा बंजर झाड़ी, तालाबो विनोबाभावे ट्रस्ट की भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया जा रहा है जिसकी उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की जिस पर उप जिलाधिकारी विकासनगर की अध्यक्षता में समिति गठित करते हुए 10 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
महालक्ष्मीपुर मोथोरोवाला निवासी आनंदमणी डिमरी ने अपनी शिकायत मेें बताया कि उनके क्षेत्र में एडीबी द्वारा बनाई गई सड़क में मानकों का उल्लंघन करते हुए उपयोग सामग्री गुणवत्तायुुक्त न होने के कारण सड़क खराब हो रही है। जिस पर जिलाधिकारी ने प्रोजेक्ट निदेशक यूयूएसडीए जांच करते हुए कार्यवाही हेतु लिखा है।
बुजुर्ग पिता ने डीएम से गुहार लगाई की उनका बेटा नशामुक्ति केन्द्र में है तथा राम फाईनेंस कम्पनी द्वारा उनके गेट पर वसूली नोटिस चस्पा किया है। पता करने पर ज्ञात हुआ कि फाईनेंस कम्पनी ने बिना किसी अभिलेखीय कार्यवाही के केवल बिजली के बिल पर उनके पुत्र को पर्सनल लोन दे दिया। उनके द्वारा ऐसी फाईनेंस कम्पनी जिनके द्वारा बिना अभिलेखीय कार्यवाही के लोन दिया जा रहा है पर कार्यवाही की मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने प्रकरण पर डीजीसी सिविल से विधिक राय प्रस्तुत करने को लिखा।
सुद्धोवाला निवासी श्रमिक मुन्ना सिंह चौहान ने शिकायत करते हुए बताया कि ठेकेदार द्वारा उनकी मजदूरी नही दी गई तथा उनके औजार जब्त कर दिए है, जिस पर जिलाधिकारी सहायक श्रमआयुक्त को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। आर्यनगर निवासी हरिराम दुबे ने शिकायत बताया कि वह राजकीय सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत थे तथा वर्ष 1966 में प्रीमियर मोटर्स राजपुर रोड में कार्यरत था प्रतिष्ठान के स्वामी द्वारा राजकीय सेवा में अनुसार समस्त वेतन व सुविधाए देने का आश्वासन दिया था प्रतिष्ठान का कार्यालय अब हरिद्वार बाईपास रोड में शिफ्ट हो गया है किन्तु प्रतिष्ठान द्वारा 1.55 लाख दिए उनके द्वारा देयकों का भुगतान करने की गुहार लगाई जिस पर सहायक श्रम आयुक्त को कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

टिहरी झील को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में विकसित करने को प्रभावी कार्ययोजना बनाएं: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने टिहरी झील को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में विकसित किये जाने के लिये प्रभावी कार्ययोजना बनाये जाने के निर्देश दिये है। उन्होंने सचिव पर्यटन को उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के स्तर पर टिहरी झील एवं उसके समीपवती क्षेत्रो को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किये जाने तथा अवस्थापना सुविधाओं के विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन से पूर्व टिहरी लेक डिटिनेशन का पर्यटन के दृष्टिगत विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिये।

सोमवार को सचिवालय में पर्यटन विकास परिषद द्वारा टिहरी लेक प्रोजेक्ट के तहत सतत् समावेशी अनुकूल जलवायु आधारित पर्यटन विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि टिहरी लेक को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में विकसित किये जाने संबंधी भारत सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में शामिल किया जाय। उन्होने टिहरी लेक का पूरा मास्टर प्लान तैयार करने के लिये अनुभवी कन्सलटेन्ट की नियुक्ति के साथ पर्यटन विभाग को इसी के दृष्टिगत अपनी कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

मुख्य सचिव ने टिहरी लेक के चारों ओर रिंग रोड तैयार करने की कार्ययोजना में तेजी लाये जाने, टिहरी लेक में प्रस्तावित सी प्लान योजना के साथ रिंग रोड पर कम से कम दो हेलीपैड बनाए जाने की व्यवस्था के भी निर्देश दिये। इसके लिये उन्होंने सचिव वित्त से सचिव पर्यटन, नागरिक उड्डयन तथा लाके निर्माण से समन्वय कर योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी लेक को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में पहचान दिलाने के लिये आवश्यक है कि यहां पर विश्व स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का विकास हो, उन्होंने लोक निमार्ण विभाग को रिग रोड के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि रिंग रोड बनने से अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास में भी तेजी आ सकेगी। मुख्य सचिव ने ऋषिकेश मुनि की रेती तथा लोहाघाट चम्पावत के पर्यटन विकास से संबंधित योजनाओं के प्रस्ताव भी शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिये ताकि सभी प्रस्तावों को मास्टर प्लान के साथ समयान्तर्गत भारत सरकार को प्रेषित किया जा सके।

बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव अभिषेक रोहेला, गिरधारी सिंह रावत, एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम के मार्गदर्शन में गोल्फकार्ट से लेस पहला पर्यटन स्थल होगा मसूरी: डीएम

मसूरी में रिक्शा अब हुए पुरानी जमाने की बात हो गई मसूरी को जल्द ही 40 नये गोल्फ कार्ट जल्द मिलने जा रहे। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारी पूर्ण करते हुए सीएसआर फंड से 3.36 करोड़ धनराशि का प्रबन्ध कर लिया है। इससे पूर्व 14 गोल्फ कार्ट जिलाधिकारी के प्रयासों से मसूरी को पहले ही मिल चुके। वहीं अब 40 नये गोल्फकार्ट मिलने जा रहे जो कि मसूरी मॉल रोड कैमल बैक रोड पर चलने वाले स्थानीय रिक्शा का स्थान लेगें जिसके लिए रिक्शा चालकों को इसके लिए पूर्व में प्रशिक्षित किया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा गोल्फकार्ट के लिए आरईसी फांडेशन लि0 (आरईसी) के अधिकारियों से चर्चा कर अपना प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सीएसआर फंड से धनराशि की मांग की जिस पर आरईसी से 3.36 करोड़ धनराशि सीएसआर फंड से दी जा रही है। जिला प्रशासन का मसूरी में गोल्फकार्ट संचालन कराना अपने आप में बेहतरीन प्रयास जिससे मसूरी में जाम से निजात तो मिलेगा ही साथ मसूरी वासियों एवं पर्यटकों को सुविधा तथा स्थानीय रिक्शा चालकों को रोजगाार मिलेगा।
जिला प्रशासन के प्रयासों से दिसम्बर 2024 को मूसरी को सुगम सुविधा एवं जाम से निजात दिलाने हेतु गोल्फकार्ट का शुभारम्भ किया गया था स्थानीय रिक्शा चालकों को गोल्फ कार्ट चलाने हेतु सम्बन्धित कम्पनी के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। नगर पालिका परिषद द्वारा प्रथम चरण में 4 गोल्फ कार्ट चलाए गए थे, वर्तमान में जिनकी संख्या 14 है। इन 40 नए गोल्फकार्ट आने से अब इनकी संख्या 54 हो जाएगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर मसूरी माल रोड में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए माल रोड पर वाहनों का आवागमन पर रोक लगाते हुए, स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों की आवागमन हेतु सुगम सुविधा के लिए गोल्फ कार्ट चलाने की जिला प्रशासन ने योजना है, जो की मसूरी में यातायात प्रबंधन की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।
जनपद देहरादून के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पहाड़ो की रानी मसूरी में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने तथा स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों को सुगम आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रशासन द्वारा अभिनव पहल की गई है। जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में मसूरी में चरणबद्ध तरीके से गोल्फकार्ट संचालन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे जाम की समस्या से निजात के साथ ही पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिला है। मसूरी में पूर्व में 14 गोल्फकार्ट संचालित किए जा चुके हैं। अब 40 अतिरिक्त गोल्फकार्ट शीघ्र ही शामिल किए जाने जा रहे हैं, जिससे इनकी कुल संख्या में और वृद्धि होगी। ये गोल्फकार्ट विशेष रूप से मसूरी मॉल रोड एवं कैमल्स बैक रोड पर संचालित किए जाएंगे, जहां पूर्व में स्थानीय रिक्शा संचालित होते थे।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार स्थानीय रिक्शा चालकों के रोजगार को संरक्षित रखते हुए जिला प्रशासन के प्रयासों से “2 रिक्शा चालक पर 1 गोल्फकार्ट” मॉडल पर सहमति बनी है। जिला प्रशासन एवं रिक्शा चालकों के मध्य समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया गया है कि परंपरागत रोजगार प्रभावित न हो, बल्कि आधुनिक परिवहन प्रणाली के माध्यम से आय के अवसर बढ़ें। गोल्फकार्ट संचालन हेतु संबंधित कंपनी के विशेषज्ञों द्वारा रिक्शा चालकों को विधिवत प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (डीआरडीए) के माध्यम से आरईसी फांउडेशन लि0 के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव के आधार पर आरईसी द्वारा 3.36 करोड़ रुपये की धनराशि सीएसआर फंड से स्वीकृत की गई है। यह धनराशि गोल्फकार्ट क्रय एवं संचालन व्यवस्था सुदृढ़ करने में उपयोग की जाएगी।

मसूरी को जाम से राहत दिलाने एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से दिसंबर 2024 में जिलाधिकारी ने प्रशासक रहते गोल्फकार्ट सेवा का शुभारंभ किया गया था। प्रथम चरण में नगर पालिका परिषद द्वारा चार गोल्फकार्ट संचालित किए गए थे। वर्तमान में इनकी संख्या में निरंतर वृद्धि की जा रही है। माल रोड पर बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए वाहनों के आवागमन पर नियंत्रण लागू किया गया है। स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों की सुविधा हेतु गोल्फकार्ट सेवा को प्राथमिक परिवहन माध्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है।
जिला प्रशासन की यह पहल न केवल मसूरी को जाम की समस्या से राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षित यातायात व्यवस्था एवं स्थानीय रोजगार सृजन का उत्कृष्ट उदाहरण भी है।

अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक, घुसपैठियों, बांग्लादेशी तथा संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों की होगी पहचान

दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड के निर्देशानुसार प्रदेश में *कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने हेतु सघन सत्यापन प्रारंभ* किया गया है। यह विशेष अभियान *प्रदेश के सभी जनपदों में सर्किल, थाना एवं चौकी स्तर पर संचालित किया जाएगा।*

▪️ अभियान के अंतर्गत *मल्टी स्टोरी अपार्टमेंटस, आश्रम, धर्मशालाएं, किराये के मकान, फ्लैट, पीजी, होम-स्टे, होटल एवं गेस्ट हाउस* में निवासरत व्यक्तियों का verification किया जाएगा। *प्रॉपर्टी डीलर, रियल एस्टेट एजेंट एवं ब्रोकर का सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा तथा उनके माध्यम से कराए गए किरायेदारी अनुबंधों की जांच की जाएगी।* बिना पुलिस सत्यापन किरायेदारी कराने अथवा *संदिग्ध व्यक्तियों को आश्रय देने पर विधिसम्मत कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।*

▪️ *होम डिलीवरी सेवाओं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी एजेंटों, सिक्योरिटी एजेंसी स्टाफ, कैब संचालकों तथा इंडस्ट्रियल एरिया में ठेकेदारों का विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। Amazon, Zomato, Blinkit सहित विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं से संबद्ध कार्मिकों की पहचान एवं सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी।*

▪️ अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान हेतु *आधुनिक तकनीकी साधनों एवं केंद्रीय डाटाबेस का उपयोग किया जाएगा। National Intelligence Grid (NATGRID), CCTNS, ICJS सहित अन्य केंद्रीय/राज्य सुरक्षा पोर्टलों* के माध्यम से सूचना मिलान एवं सटीक विश्लेषण किया जाएगा।

▪️ अवैध रूप से निवास कर रहे *प्रवासियों, विशेष रूप से अवैध घुसपैठियों, बांग्लादेशी तथा वीज़ा अवधि समाप्त होने के उपरांत भी ठहरे हुए विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्यवाही* सुनिश्चित की जाएगी।

▪️ प्रदेश के *समस्त रिहायशी क्षेत्रों, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सर्विस सेंटर, कोचिंग संस्थान, जिम, स्कूल, विश्वविद्यालय, ट्रांसपोर्ट एजेंसियों, ब्यूटी पार्लर एवं सैलून आदि प्रतिष्ठानों में High Resolution सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता, उनकी कार्यशील स्थिति एवं रिकॉर्डिंग व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा। तैनात सुरक्षा कर्मियों का चरित्र सत्यापन कर उन्हें आवश्यक सुरक्षा ब्रीफिंग प्रदान की जाएगी।*

▪️ क्षेत्रों में निवासरत *एकल नागरिकों एवं वरिष्ठ नागरिकों का चिन्हीकरण कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाएगा। उनकी सेवा में लगे घरेलू सहायकों, केयर-टेकर, ड्राइवर एवं अन्य सहयोगी कार्मिकों का भी अनिवार्य सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा।*

▪️ अभियान के दौरान जनपदीय पुलिस, *स्थानीय अभिसूचना इकाई, एसओजी एवं एसटीएफ द्वारा समन्वित रूप से कार्यवाही की जाएगी।* प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण कर आवश्यकतानुसार अन्य राज्यों एवं केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया जाएगा। *प्रत्येक थाना स्तर पर विशेष फील्ड टीमों का गठन किया गया है। CO से लेकर IG रेंज स्तर तक समीक्षा व्यवस्था लागू की गई है।*

▪️*पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस का यह व्यापक अभियान महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।*
*” पूरे अभियान की monitoring के साथ-साथ हर स्तर पर जवाबदेही तय की गई है। आपराधिक तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।”*

सीएम ने खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक करोड़ की लागत से खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं हेतु नव निर्मित चैम्बर का फीता काटकर व दीप प्रज्वालित कर लोकार्पण किया।

कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं को महाशिवरात्रि पर्व व नए चैम्बर बनने की बधाई व शुभकामनायें दीं। उन्होंने कहा कि नया चैम्बर अधिवक्ताओं के लिए न्यायिक विमर्श व विधि अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा न्यायिक कार्य सरलता से व त्वरित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेर्तत्व न्याय व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि खटीमा व खटीमा के आस पास से आने वाले अधिवक्ताओं के लिए व आम जन के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जो पुराने गैर जरूरी व अंग्रेजो के जमाने से चले आ रहे कानूनों को हटाकर वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू करने का ऐतिहासिक काम किया है। जिससे न्यायिक व्यवस्था प्रभावी हो रही है, ई-कोट्स प्रोजेक्ट, नेशनल ज्यूडिसियल डाटाक्रेट, फास्टट्रेक, स्पेशल कोर्ट, महिला एवं बाल अपराधों के लिए त्वरित न्याय तंत्र, ऑनलाइन के माध्यम से सुनवाई और डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहलों के द्वारा न्याय व्यवस्था को और अधिक तेज और सुगम बनाने की दिशा में क्रन्तिकारी परिवर्तन किये गए है। उन्होंने कहा की आज न्यायलयों में तकनीकी के प्रभावी उपयोग ने न केवल समय की बचत की है बल्कि प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया है। जिससे न्याय प्रक्रिया पहले से अधिक विश्वसनीय वैज्ञानिक और प्रामाणिक बनी है।

मुख्यमंत्री ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पश्चात देश भर में लगभग 7 हजार से अधिक कोर्ट का व 11 हजार आवासीय इकाइयों का निर्माण किया गया है, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री जी से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड में भी न्याय व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने,विधि शिक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा खटीमा का हर क्षेत्र में विकास किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के लिए 20 नए चैंबर बनाने हेतु 02 करोड़ 50 लाख रुपए देने की घोषणा की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य,विधायक गोपाल सिंह राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, जिला जज सिकंद कुमार त्यागी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिला जज मंजू सिंह मुंडे, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय,बार एसोसिएशन अध्यक्ष सूरज प्रकाश राणा, सचिव भरत पांडे, अधिवक्ता गोपाल सिंह बिष्ट, के डी भट्ट सहित अधिवक्तागण, जनप्रतिनिधि,जनता मौजूद थे।

महाशिवरात्रि मेले का उद्घाटन कर सीएम ने भक्तों को दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के वनखंडी महादेव मन्दिर, चकरपुर में आयोजित महाशिवरात्रि मेले का फीता काटकर शुभारम्भ किया व सभी श्रद्धांलुओं एवं प्रदेश वाशियों को महाशिवरात्रि की बधाई व शुभकामनायें दी।

मुख्यमंत्री ने वंखण्डी महादेव मन्दिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक किया व पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-शान्ति, समृद्धि एवं उन्नति की कामना की। इस दौरान उन्होंने कहा की वंखण्डी महादेव मन्दिर में बड़ी संख्या श्रद्धांलुओं का आवागमन होता है, इसीलिए कार्ययोजना बना कर मन्दिर को विकसित किया जायेगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश जोशी, गंभीर सिंह धामी, गोपाल सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित मन्दिर समिति के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

सीएम के संकल्पानुसार राज्य आंदोलनकारी चयन हमारी प्राथमिकता: डीएम

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आज ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में राज्य आंदोलनकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण सहित विभिन्न लंबित विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के दौरान राज्य आंदोलनकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव एवं मांगें प्रस्तुत कीं। विशेष रूप से शपथ-पत्र के आधार पर राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए जाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि संगठनों द्वारा प्रस्तुत शपथ-पत्रों एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर प्रकरण को प्रबल संस्तुति के साथ शासन को प्रेषित किया जाएगा, ताकि उचित स्तर पर निर्णय लिया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि आप हमारे राज्य के निर्मातागण आपकी समस्याओं का निस्तारण करना शासन-प्रशासन का परम दायित्व है। जिलाधिकारी ने समिति के गठन के संबंध में कहा कि सभी संगठन आपसी समन्वय एवं सर्वसम्मति से समिति सदस्यों के नाम प्रस्तावित कर प्रेषित करें। प्राप्त नामों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं एवं योगदान का सम्मान करता है तथा विषय के समाधान हेतु संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के संकल्पानुसार राज्य आंदोलनकारी चयन हमारी प्राथमिकता है। प्राप्त सुझाव, मानको में संशोधन चयन कमेटी निर्धारण आपके सौजन्य व विमर्श से ही किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि संवाद एवं समन्वय के माध्यम से ही समस्याओं का सकारात्मक समाधान संभव है तथा प्रशासन इस दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेगा।