हाई एल्टीट्यूड मैराथन में सभी प्रतिभागियों ने अपने साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का उत्कृष्ट परिचय दियाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाल विश्वविद्यालय, चौरास परिसर, टिहरी में भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सूर्य देवभूमि चैलेंज के समापन समारोह में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सूर्य देवभूमि चौलेंज में भारतीय सेना के 100 जांबाज़ जवानों के साथ देशभर से आए लगभग 200 साहसिक ट्रैकर्स ने प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा हाई एल्टीट्यूड मैराथन में भाग लेने वाले लोगों ने केदार-बद्री ट्रेल में हेलंग से कलगोट, कलगोट से मंडल होते हुए उखीमठ तक 113 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण यात्रा में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा सभी प्रतिभागियों ने अपने साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का उत्कृष्ट परिचय दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभागियों ने साहसिक प्रतियोगिता के साथ बद्रीनाथ, केदारनाथ धाम सहित पंच केदार को जोड़ने वाले ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मार्ग की भी यात्रा की है। उन्होंने कहा सेना, देश की सीमाओं की रक्षा के साथ समाज और युवाओं को प्रेरित करने वाले ऐसे आयोजनों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस प्रकार के आयोजन युवाओं के भीतर अनुशासन, साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा उन्हें पूर्ण विश्वास है कि ये आयोजन समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में सहायक सिद्ध होने के साथ सीमांत क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने में भी मददगार साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत का युवा आत्मविश्वास से परिपूर्ण है, सीमांत क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और साहसिक खेलों तथा पर्यटन के क्षेत्र में हमारा देश वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत हमारे सीमावर्ती गांवों के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में भी अभूतपर्व कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष अपने हर्षिल-मुखबा में शीतकालीन प्रवास के दौरान कई साहसिक खेलों को बढ़ावा दिया था। राज्य सरकार, राज्य में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में एंगलिंग, राफ्टिंग, कयाकिंग, ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग, साइक्लिंग और माउंटेनियरिंग जैसी गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा औली की बर्फीली ढलानों से लेकर ऋषिकेश में तेज गति से बहने वाली गंगा नदी की धारा तक, मुनस्यारी की ऊँचाइयों से लेकर टिहरी झील के विशाल विस्तार तक उत्तराखण्ड का प्रत्येक क्षेत्र साहसिक पर्यटन का एक सशक्त और जीवंत केंद्र बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्र में सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे न केवल सीमांत क्षेत्रों में आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि पर्यटन, व्यापार और सामरिक विकास को भी नई मजबूती मिली है ।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने माणा जैसे दूरस्थ और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र का दौरा कर सीमान्त क्षेत्रों के महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का भी कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों और विजेताओं का आभार व्यक्त किया कर, सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर मेजर पुष्पेंद्र सिंह गढ़वाल स्काउट ने बताया कि यह प्रतियोगिता सीमांत ग्रामीण क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना व पारम्परिक यात्रा मार्गाे को पर्यटन से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया। जिसके तहत 113 किलोमीटर लंबी इस कठिन प्रतियोगिता में देशभर से लगभग 300 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को दुर्गम पहाड़ी मार्गों से गुजरते हुए विभिन्न चरणों में अपनी शारीरिक क्षमता, धैर्य और कौशल का प्रदर्शन करना पड़ा। कार्यक्रम की शुरुआत 16 अप्रैल को बद्रीनाथ में आयोजित एक्सपो के साथ हुई। इसके बाद 17 अप्रैल को हेलंग से कलगोट, 18 अप्रैल को कलगोट से मंडल और 19 अप्रैल को मंडल से उखीमठ तक मैराथन चरण आयोजित किए गए।

इस अवसर पर विधायक विनोद कण्डारी, मध्यकमान के जीओसी – इन – सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, ओलम्पिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह बेनिवाल, स्थानीय , भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, ब्लाक प्रमुख देवप्रयाग विनोद बिष्ट, कीर्तिनगर अंचला खण्डेवाल, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, कुलपति प्रकाश सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

महिलाओं के अधिकारों में बाधा पहुंचाने वालों को करारा जवाब देगी मातृशक्तियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज भाजपा प्रदेश कार्यालय, देहरादून में आयोजित एक विस्तृत एवं महत्वपूर्ण प्रेस कांफ्रेंस के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संबंधित विषय पर विपक्ष के महिला विरोधी रवैये के संबंध में अपने विचार और तथ्य विस्तारपूर्वक रखे। उन्होंने इस विषय को केवल एक विधायी पहल नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों, सम्मान और सशक्तिकरण से जुड़ा हुआ ऐतिहासिक अवसर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय-निर्माण में समान भागीदारी देने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता था। यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल थी, जिससे लोकतंत्र और अधिक समावेशी और संतुलित बनता। लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (ज्डब्) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (क्डज्ञ) जैसे विपक्षी दलों ने एक बार फिर राजनीतिक स्वार्थ के चलते इसे सफल नहीं होने दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का यह रवैया न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह महिलाओं के अधिकारों और उनकी आकांक्षाओं के प्रति उनकी वास्तविक सोच को भी उजागर करता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब भी देश में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कोई ठोस और निर्णायक कदम उठाया जाता है, तब-तब विपक्षी दलों द्वारा किसी न किसी बहाने से उसे रोकने या कमजोर करने का प्रयास किया जाता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अधिकारों को टालने और दबाने का रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब महिलाओं को शीघ्र 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने की दिशा में ठोस पहल की गई, तब विपक्ष ने बहानों, भ्रामक तर्कों और राजनीतिक गणित के जरिए इस प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया। यह केवल एक विधेयक का विरोध नहीं था, बल्कि यह महिलाओं की प्रगति को रोकने का प्रयास था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा लगातार यह भ्रम फैलाया गया कि परिसीमन की प्रक्रिया के कारण कुछ राज्यों या क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जबकि यह पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन है। इस विषय पर केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने भी संसद में स्पष्ट किया था कि परिसीमन की इस प्रक्रिया से देश के किसी भी राज्य या क्षेत्र के प्रतिनिधित्व पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि संतुलित और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। इसके बावजूद विपक्ष ने जनता को गुमराह करने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज देश की मातृशक्ति जागरूक है, सक्षम है और अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग है। उन्होंने कहा कि आज की महिला केवल घर तक सीमित नहीं है, बल्कि वह हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का लोहा मनवा रही हैकृचाहे वह राजनीति हो, प्रशासन हो, शिक्षा, विज्ञान, खेल या उद्यमिता का क्षेत्र। ऐसे में महिलाओं को निर्णय-निर्माण की मुख्यधारा से दूर रखना न तो न्यायसंगत है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में देश की मातृशक्ति उन दलों को करारा जवाब देगी, जो उनके अधिकारों में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल दर्शक नहीं हैं, बल्कि वे देश की नीति और दिशा तय करने में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू कर रही हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ करना और समाज में उनकी भागीदारी को बढ़ाना है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं और भविष्य में भी ऐसे सभी प्रयास किए जाते रहेंगे, जो देश की मातृशक्ति को सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानित बनाने में सहायक सिद्ध हों। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे प्रयासों से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा महिलाओं को उनका उचित स्थान और सम्मान अवश्य प्राप्त होगा।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विधायक सविता कपूर, पार्टी की वरिष्ठ महिला पदाधिकारीगण, विभिन्न प्रकोष्ठों एवं मोर्चों की प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता, युवा कार्यकर्ता, तथा पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।

उत्तराखंडः गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इसके साथ ही उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा 2026 का भी शुभारंभ हो गया है। दोनों धामों में प्रधानमंत्री के नाम से पहली पूजा की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री धाम में कपाटोद्घाटन समारोह में संकल्प लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा की और चारधाम यात्रा के सफल आयोजन तथा देश-प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना की है।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर से चलकर गंगोत्री धाम पहुंची। गंगोत्री धाम में विशेष पूजा-अभिषेक के साथ 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गये। मां यमुना की डोली शनिदेव महाराज की अगुवाई में शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली से चलकर यमुनोत्री धाम पहुंची। धार्मिक विधि- विधान के साथ 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनात्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए।

गंगोत्री धाम के कपाटोद्घाटन समारोह में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉं गंगा के मंदिर में शीश नवाया और विशेष पूजा-अर्चना की और देव डोली से आशीष भी प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पावन अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो चुका है। उत्तराखण्ड के चारधाम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं, और इन दिव्य धामों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करने की इच्छा हर श्रद्धालु के हृदय में रहती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक और सुदृढ़ व्यवस्थाएँ की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वाेपरि रखते हुए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए हैं। साथ ही, यात्रा मार्गों पर सुचारु यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को दिव्य धामों का आशीर्वाद प्राप्त होने के साथ-साथ यात्रा का एक सुखद, सुरक्षित और अविस्मरणीय अनुभव मिले। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से ग्रीन और क्लीन चारधाम यात्रा के सफल आयोजन हेतु सहयोग की अपील करते हुए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने का आग्रह भी किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक सुरेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, दायित्वधारी प्रताप पंवार, जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशान्त आर्य, एसपी कमलेश उपाध्याय, एडीएम मुक्ता मिश्रा, मुख्यमंत्री के गढ़वाल कोर्डिनेटर किशोर भट्ट, मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मांनंद सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि,अधिकारी एवं मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

22 अप्रैल को प्रातः 08 बजे शुभ मुहूर्त में खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, रवाना हुई पंचमुखी उत्सव डोली

आस्था और श्रद्धा के प्रतीक भगवान श्री केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली आज शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से विधिवत पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो गई। परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार मंदिर की परिक्रमा के उपरांत डोली ने अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।

डोली प्रस्थान के दौरान पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में भक्त डोली के साथ पैदल यात्रा पर भी निकले। डोली प्रस्थान से पूर्व ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का भारी जनसमूह उमड़ा, जहां भक्तों ने पुष्प वर्षा कर बाबा केदार का आशीर्वाद प्राप्त किया।

मंदिर परिसर को लगभग आठ कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा। पूर्व परंपरा के अनुसार शनिवार रात्रि को भैरवनाथ जी की पूजा-अर्चना भी संपन्न की गई।

निर्धारित यात्रा कार्यक्रम के अनुसार डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर गुप्तकाशी पहुंचेगी, जहां श्री विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन देने हेतु अल्प विश्राम किया जाएगा। इसके पश्चात डोली फाटा के लिए प्रस्थान करेगी, जहां रात्रि विश्राम निर्धारित है। आगामी 20 अप्रैल को डोली फाटा से प्रस्थान कर गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा।

21 अप्रैल को प्रातः गौरीकुंड से प्रस्थान कर डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंचेगी और मंदिर भंडार में विराजमान होगी। तत्पश्चात 22 अप्रैल 2026 को प्रातः 08रू00 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे, जिसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ यात्रा 2026 का विधिवत शुभारंभ होगा।

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग एवं मुख्य कार्याधिकारी बी.के.टी.सी. विशाल मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि मा० मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार डोली यात्रा एवं इस यात्रा सीजन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा, यातायात प्रबंधन एवं अन्य व्यवस्थाओं के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है। साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत, सड़क एवं पैदल मार्गों का सुदृढ़ीकरण, बर्फ हटाने सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं लगभग पूर्ण कर ली गई हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि यात्रा सुचारू, सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं में बाबा केदार के प्रति गहरी आस्था एवं उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।

स्वामी परमानन्द गिरि महाराज की 71वीं संन्यास जयंती पर सीएम ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आयोजित श्री अखण्ड परमधाम गंगा घाट के लोकार्पण समारोह एवं स्वामी परमानन्द गिरि महाराज की 71वीं संन्यास जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देशभर से पधारे संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल एक घाट के लोकार्पण का अवसर नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना के निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। उन्होंने स्वामी परमानन्द गिरि महाराज के जीवन को तप, त्याग और साधना का अनुपम उदाहरण बताते हुए कहा कि उनके विचारों एवं शिक्षाओं ने समाज को सेवा, करुणा और मानव कल्याण के मार्ग पर अग्रसर किया है।

मुख्यमंत्री ने परमपूज्या साध्वी ऋतम्भरा के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र एवं सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि संतों का सानिध्य समाज को सही दिशा प्रदान करता है और आध्यात्मिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने श्रीराम मंदिर निर्माण, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर एवं महाकाल लोक जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के विकास, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर तथा यमुनातीर्थ स्थल के पुनरुद्धार जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। साथ ही दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना भी की गई है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता लागू करने, धर्मांतरण विरोधी कानून, तथा अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध की गई कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत एवं जनसंख्या संतुलन को सुरक्षित रखने के लिए संकल्पबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए आध्यात्मिक मूल्यों का सुदृढ़ होना आवश्यक है। उन्होंने सभी से संतों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर चारधाम यात्रा का शुभारभ किया जा रहा है आज मां यमुना एवं मां गंगा के कपाट देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खोले जा रहे है,उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि चार धाम पर आने वाले यात्रियों की यात्रा सुगम, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संचालित हो, इसके लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है तथा आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सभी सुविधाएं एवं व्यवस्थाएं चाक चौबंद की गई है तथा आने वाले सभी तीर्थयात्रियों का चारों धामों के दर्शन सुगमता से कराना सरकार की प्राथमिकता है।

इस अवसर पर पूज्य स्वामी बालकानंद महाराज, पूज्य बीकानेर स्वामी विशोकानन्द भारती जी महाराज, योग ऋषि पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज, साध्वी ऋतंभरा (दीदी मां), पूज्य स्वामी महाराज अविचल दास, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पूरी महाराज,निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज, आचार्य स्वामी ज्योतिर्यानंद गिरी महाराज, पूज्य स्वामी मुनि महाराज, महंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ,चिदानंद मुनि महाराज, पूज्य आचार्य बालकृष्ण महाराज, स्वामी अनंत देव महाराज, पूज्य बाबा निर्मल दास महाराज, जितेंद्रानंद सरस्वती महाराज, अध्यक्ष राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग पूज्य साध्वी निरंजन ज्योति, महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी हरिचेतनानंद महाराज, महामंडलेश्वर पूज्य आत्मानंद मुनि महाराज, महामंडलेश्वर ज्योतिर्मयानंद महाराज, राष्ट्रीय मंत्री हिंदू परिषद अशोक तिवारी, पंचायतीराज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक, परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह सहित देशभर से आए संत महात्मा एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

एलपीजी सिलेंडर कालाबाजारी पर डीएम दून ने लिया सख्त एक्शन, प्राथमिकी दर्ज

जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने हेतु गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा सत्त प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है।
जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा निरंतर प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में क्यूआरटी को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि सुधोवाला चौक से मांडूवाला मार्ग पर आनंदी हाउस के समीप एक मकान में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का कार्य किया जा रहा है। सूचना का संज्ञान लेते हुए क्यूआरटी टीम द्वारा तत्काल मौके पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान मौके बरामद सामग्री को पुलिस के सहयोग से कब्जे में ले लिया गया हैं, जिनमें 19 किलोग्राम के 02 गैस सिलेंडर, 14 किलोग्राम के 04 गैस सिलेंडर, 01 इलेक्ट्रॉनिक कांटा, 01 हैंगिंग वेटिंग मशीन, 01 बांसुरी (रिफिलिंग उपकरण) जब्त किए गए हैं। मौके पर शिवम पुत्र मुकेश को अवैध रिफिलिंग कार्य करते हुए पाया गया। जांच में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 तथा एलपीजी (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) ऑर्डर के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। उक्त प्रकरण में संबंधित के विरुद्ध थाना प्रेमनगर में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में गैस की कालाबाजारी, अवैध भंडारण एवं रिफिलिंग जैसे अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन की टीमें आगे भी जनपद में सत्त निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्यवाही जारी रखेंगी, जिससे उपभोक्ताओं को सुचारू एवं सुरक्षित रूप से एलपीजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 09 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 13913 से अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 1005 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।एलपीजी का घरेलू 25861 तथा व्यवसायिक का 4313 स्टॉक उपलब्ध है। घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।

इस वर्ष चारधाम यात्रा पर ड्रोन से होगी कूड़ा और प्लास्टिक वेस्ट की मॉनिटरिंगः धामी

सीएम धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्लास्टिक बोतलों को हतोत्साहित करने के लिए यात्रा मार्ग पर जगह-जगह वाटर एटीएम एवं त्व् प्लांट स्थापित किए जाएं, कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्लास्टिक वेस्ट के लिए “मनी बैक” योजना को पूरे प्रदेश में लागू किया जाए और हर दुकान पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट अनिवार्य किया जाए। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा 2026 को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री आवास में शहरी विकास विभाग, पर्यटन विभाग तथा वन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

चारधाम यात्रा रूट में पड़ने वाले ग्राम पंचायत तथा अन्य संस्थाएं कूड़े एवं प्लास्टिक वेस्ट की ड्रोन के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग करेंगी और इसके लिए एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।

यात्रा मार्ग पर स्थित 30 नगर निकायों को मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। यात्रा के दौरान सफाई व्यवस्था को मजबूत करने हेतु बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है तथा अतिरिक्त सफाई कर्मियों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे मार्ग, बाजार, घाट एवं सार्वजनिक स्थल निरंतर स्वच्छ बने रहें। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत 37 एमआरएफ केंद्र, 299 कम्पोस्ट पिट, 38 प्लास्टिक कम्पैक्टर/बेलिंग मशीनें तथा 266 कचरा परिवहन वाहन तैनात किए गए हैं, जिससे कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित हो सके।

श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं के अंतर्गत सार्वजनिक शौचालयों का विस्तार किया गया है, जिसमें महिलाओं, पुरुषों एवं दिव्यांगजनों के लिए पृथक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं तथा 74 मोबाइल शौचालय इकाइयां भी संचालित की जाएंगी। यात्रा के दौरान वाहनों के दबाव को देखते हुए व्यापक पार्किंग व्यवस्था विकसित की गई है, जिसमें छोटे-बड़े वाहनों हेतु हजारों पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं और वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। श्रद्धालुओं के ठहराव हेतु होटल, लॉज, धर्मशालाओं एवं आश्रमों में लगभग 28,395 कमरे तथा 67,278 बिस्तरों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। रात्रिकालीन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख मार्गों पर 19,604 स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गई हैं।

चारधाम यात्रा को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने पर विशेष फोकस किया गया है। वर्ष 2025 में प्लास्टिक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के बाद वर्ष 2026 में इसे जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक अभियान का रूप दिया जाएगा। यह पहल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “स्वच्छ भारत” एवं “हरित, सतत विकास” के विजन से प्रेरित है और लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा को पूर्णतः स्वच्छ, प्लास्टिक मुक्त एवं ठोस अपशिष्ट मुक्त बनाया जाए। इसके साथ ही फत् कोड आधारित फीडबैक प्रणाली, त्वरित सहायता केंद्र (फनपबा त्मेचवदेम ज्मंउ), कंट्रोल रूम तथा आधुनिक मशीनों के माध्यम से यात्रा को तकनीकी रूप से सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत चारधाम यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु सभी सक्षम अधिकारियों को प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं और प्लास्टिक बोतलों के प्रबंधन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम लागू किया जाएगा, जिसे जिलाधिकारी एवं पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड क्रियान्वित करेंगे। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत चारधाम यात्रा मार्ग के सभी नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं को जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की लीद का वैल्यू एडिशन करते हुए पिरूल के साथ पैलेट तैयार कर एक इनोवेटिव व्यवस्था के तहत उसका प्रबंधन किया जाएगा। चारधाम यात्रा रूट पर सतत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्वयंसेवी संस्थाएं, एनसीसी कैडेट्स, महिला मंगल दल एवं ग्राम पंचायतों का सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही पूरे यात्रा मार्ग पर कूड़ा प्रबंधन हेतु स्पेशलाइज्ड मैनपावर की तत्काल प्रभाव से तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

“पहली बार केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को 24 घंटे मुफ्त गर्म पानी”

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जानकारी दी कि केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को अब ठंडे पानी के स्थान पर शीघ्र ही 24 घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था पिरूल (चीड़ की पत्तियां) और खच्चरों की लीद से तैयार बायोमास पैलेट्स के माध्यम से संचालित गीज़रों द्वारा की जाएगी। यह देश का पहला प्रयोग है, जहां इतनी ऊंचाई वाले क्षेत्र में चौबीसों घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। ये गीजर ळडटछ केदारनाथ एवं लिंचोली में लगाए जाएंगे। यह अभिनव प्रयोग केदारनाथ यात्रा मार्ग पर खच्चरों की लीद से होने वाली समस्या का समाधान करेगा, साथ ही जंगल की आग के प्रमुख कारण पिरूल से भी राहत दिलाएगा। इसके अतिरिक्त ट्रायल के तौर पर मार्ग में स्थित ढाबों को फायर पैलेट से चलने वाले चूल्हे भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जो ऊर्जा संकट के समय अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे और सफल परीक्षण के बाद इन्हें बड़े स्तर पर वितरित किया जाएगा।

ऋषिकेश से चार धाम जाने वाली बसों को सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित चारधाम यात्रा-2026 के शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चार धाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए स्थापित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने देश भर से आए श्रद्धालुओं का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा – आस्था, साधना और आत्मा को जोड़ने का मार्ग है। यह यात्रा हर कठिनाई को पार करने की शक्ति देती है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प है कि यात्रा सुगम, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य हो। चारधाम यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा माँ गंगा के आशीर्वाद से यात्रा हर साल नया कीर्तिमान रच रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए दृढ़ संकल्पित है, वे स्वयं लगातार यात्रा की तैयारियों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य, हर श्रद्धालु को सुरक्षा, सम्मान और दिव्य अनुभव प्रदान कराना है। हर श्रद्धालु देवभूमि में बिताए गए पलों की स्वर्णिम स्मृतियाँ अपने साथ लेकर जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से धार्मिक स्थलों एवं यात्रा मार्ग में विशेष स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड के कण-कण में भगवान का वास है, इस पवित्रता को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने इस वर्ष ग्रीन चारधाम यात्रा और प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ धाम का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार द्वारा यात्रा मार्गों पर नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सभी वाहनों में डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा जैसे हम अपने घर के मंदिर को साफ और पवित्र रखते हैं, वैसे ही देवभूमि को भी स्वच्छ और पवित्र बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यात्रा को और अधिक सुगम बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। हाल ही में ₹ 12 हजार करोड़ की लागत से बने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण हुआ है, जिससे यात्रा सुगम और तेज हो गई है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य गतिमान हैं। गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में भी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा ऑल वेदर रोड परियोजना के अंतर्गत यात्रा मार्गों को सुगम बनाया गया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक के लिए रोपवे परियोजनाओं का कार्य भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा चारधाम यात्रा लाखों लोगों की आजीविका का आधार है। इसलिए यात्रा के दौरान स्थानीय उत्पादों, रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यात्रियों से अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने का भी आवाहन किया।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार, यात्रियों की सुविधा, सुगमता और स्वास्थ्य को लेकर पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। उन्होंने यात्रियों से निवेदन करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अवलोकन अवश्य करें। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य जांच करने के बाद ही यात्रा में आए। उन्होंने बताया केदारनाथ में मेडिकल अस्पताल तैयार हो गया है। बद्रीनाथ में 50 बेड का अस्पताल जून तक तैयार हो जाएगा। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है।

कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि परिवहन विभाग लगातार आगामी यात्रा की तैयारी कर रहा है। हमारा कर्तव्य है कि प्रदेश में आने वाले हर श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित हो। उन्होंने बताया इस वर्ष यात्रा मार्ग में सिंगल लेन सड़कों, लैंडस्लाइड जोन, जैसे स्थानों पर शटल सर्विस की शुरुवात की गई है। इसके साथ मूवेबल शटल सर्विस के लिए हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध करवाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर एल.ई.डी लगाकर लोगों को जानकारियां दी जाएंगी।

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, अध्यक्ष हेमकुंड गुरुद्वारा ट्रस्ट नरेंद्रजीत बिंद्रा, भास्करानंद भारद्वाज, जितेंद्र नेगी, अजय सिंह, मनोज ध्यानी, संजय शास्त्री, भोपाल सिंह नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाएंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन-1905 पर 30 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों को फोर्स क्लोज करने के मामलों में जिलाधिकारी, विभागाध्यक्ष या संबंधित सचिव की संस्तुति के बिना किसी भी स्तर पर फोर्स क्लोज की कार्रवाई न की जाए। सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ये निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना पर्याप्त कार्यवाही किए यदि कोई अधिकारी शिकायत को फोर्स क्लोज करता है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन-1905 केवल एक दूरभाष संख्या नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं और विश्वास का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निस्तारण शिकायतकर्ता की पूर्ण संतुष्टि सुनिश्चित होने तक किया जाए।

उन्होंने शासन के अधिकारियों, विभागाध्यक्षों तथा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित कर उनके शीघ्र समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्राप्त प्रत्यक्ष शिकायत की तरह गंभीरता से लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी स्तर पर प्रत्येक सप्ताह तथा विभागीय सचिव स्तर पर प्रत्येक माह में कम से कम दो बार शिकायतों की समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की सफलता का वास्तविक आकलन तभी संभव है, जब शिकायतकर्ता यह अनुभव करें कि सरकार ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध और प्रभावी समाधान प्रदान किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर उनका फीडबैक प्राप्त किया जाए तथा उच्च स्तर पर शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री (सीएम) हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये ए.आई. डेटा संचालन एवं शिकायत प्रबन्धन पर ध्यान दिया जा रहा है। इसमें शिकायतों का पूर्वानुमान एवं हॉट स्पॉट की पहचान कर प्राथमिकता के साथ मजबूत समाधान एवं निगरानी प्रणाली को विकसित करने में मदद मिली है। ए.आई. आधारित प्रक्रिया से विभिन्न मौसमों के अनुरूप प्राप्त होने वाली शिकायतों के त्वरित समाधान मंे मदद मिल रही है। ग्रीष्म कालीन शिकायतांे में प्रमुख रूप से पेयजल, ऊर्जा, शहरी विकास एवं गृह विभाग से शिकायतें शामिल रही हैं, जिनका निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया गया है। सी.एम. हेल्प लाइन के प्रति लोगों मंे जागरूकता बढ़ने के साथ कॉल वॉल्यूम मंे वृद्धि के साथ समाधान की राह भी प्रशस्त हुई है। सी.एम. हेल्प लाइन में जनपद वार जन शिकायतों के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं, जबकि उत्तरकाशी और चम्पावत बेहत्तर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने अधिकतम जन शिकायतों का निस्तारण करने वाले अधिकारियों से की वार्ता।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान अधिकतम शिकायतों का निस्तारण करने वाले अधिकारियों से वार्ता कर ऐसे अधिकारियों की सराहना करते हुए उन्हें सभी के लिए प्रेरणाश्रोत बताया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग, उत्तरकाशी में कार्यरत अधिशासी अभियंता मनोज गुसाई और ऊर्जा विभाग, पौड़ी में कार्यरत अधिशासी अभियंता अभिनव रावत से वार्ता की तथा उनके प्रयासों की सराहना की।

मनोज गुसाई ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उनके द्वारा नियमित रूप से 1905 में आई शिकायत की मॉनिटरिंग की जाती है। साथ ही विभाग के अंतर्गत एक स्पेशल सेल बनाई गई है जो लोगों से बात कर उनकी समस्याओं का समाधान करती है। अभिनय रावत ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके द्वारा विभाग के अंतर्गत कोऑर्डिनेशन कमिटी बनाई गई है एवं 1905 मोबाइल ऐप के माध्यम से नियमित मॉनिटरिंग की जाती है।

मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से फोन पर की बात।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से भी वार्ता की। इसी क्रम में उन्होंने देहरादून की विना ढींगरा की समस्या सुनी। विना ढींगरा ने बताया कि वो मार्च 2023 में सहायक अध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हुई थी। जिसके बाद से उन्हें एनपीएस पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 2 दिन के भीतर उनकी समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। बीना ढींगरा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

हरिद्वार के तरुण सिंह ने पानी निकासी की समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया, जिस पर मुख्यमंत्री ने वीसी के माध्यम से जुड़े हरिद्वार के जिला अधिकारी को तुरंत समस्या के समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने देहरादून जिले के सुरेंद्र कुमार नागपाल से भी वार्ता की। सुरेंद्र कुमार नागपाल ने बताया कि सहस्त्रधारा रोड स्थित उनके आवास में स्ट्रीट लाइट विगत दिनों से खराब थी, जिस पर उन्होंने 1905 पर शिकायत की। सुरेंद्र कुमार नागपाल ने बताया कि अगले ही दिन उनकी समस्या का समाधान हो गया, इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् विश्वास डाबर, उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन विनय रुहेला, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, बृजेश कुमार संत, डॉ. पंकज कुमार पांडे, चंद्रेश यादव, एस एन पाण्डेय, रंजीत सिन्हा, विनोद कुमार सुमन, सी. रविशंकर, रंजना राजगुरू, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव आलोक पांडे, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, अपर सचिव मनमोहन मैनाली एवं अन्य अधिकारी तथा समस्त जनपदों से जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने लोक निर्माण विभाग की मास्टर प्लान पुस्तिका का किया विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार की गई आगामी 05 वर्षों (2026 – 2031) के कार्यों से संबंधित मास्टर प्लान पुस्तिका का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा आगामी 05 वर्षों के विजन पर आधारित मास्टर प्लान पुस्तिका का विमोचन किया जाना सराहनीय पहल है। यह पुस्तिका राज्य में बुनियादी ढांचे को विकसित करने, सशक्त और सुरक्षित, भविष्य को सुनिश्चित करने का मार्ग है। उन्होंने कहा राज्य में विकास की संभावनाओं एवं विकसित भारत 2047 के संकल्पों को पूरा करने में यह मास्टर प्लान पुस्तिका अहम भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्य तेजी से गए बढ़े हैं। बीते सालों में राज्य में व्यापक स्तर पर सड़कों का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा राज्य सरकार बुनियादी ढांचे के विकास में नवाचार को प्राथमिकता दे रही है। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारा संकल्प है कि राज्य को तय लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ाया जाए और विजन के साथ विकास किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड राज्य, पर्यटन हब के रूप में उभर रहा है, ऐसे में पर्यटकों की आवश्यकताओं को देखते हुए हम विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। राज्य में टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन के माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा दी जा रही है। उन्होंने कहा यह पुस्तिका निश्चित ही राज्य को आगे बढ़ाने का विजन तय करेगी।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि लोक निर्माण विभाग स्पष्ट विजन के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। हम राज्य में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा विकास के लिए कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण है, जिसपर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि मास्टर प्लान पुस्तिका में 100 से अधिक प्रोजेक्ट के विजन को रखा गया है। उन्होंने कहा समय की आवश्यकता अनुसार पुस्तिका में संशोधन किए जाएंगे। उन्होंने बताया पुस्तिका में रोड कनेक्टिविटी इकनॉमी हब कनेक्टिविटी, ब्रिज डेवलपमेंट एवं सेफ्टी, सड़क सुरक्षा एवं स्लोप प्रोटेक्शन, टेक्नोलॉजी, वित्तीय प्रबंधन एवं पॉलिसी जैसे विभिन्न प्राथमिकताओं पर विभाग का विजन रखा गया है।

इस दौरान उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् विश्वास डाबर, प्रमुख अभियंता राजेश चन्द्र शर्मा, मुख्य अभियंता रणजीत रावत, राजेन्द्र सयाना, अधीक्षण अभियंता मनोज बिष्ट, अरूण पाण्डेय, अधिशासी अभियंता बी.एन द्विवेदी, राजेश कुमार, नीरज त्रिपाठी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।