टिहरी झील को पर्यटन की दृष्टि से और विकसित करेंगे

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को टिहरी में तीन दिवसीय टिहरी लेक महोत्सव-2019 का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील हमारे लिये अनमोल धरोहर की तरह है, जिसमें देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता है। इस झील में हमे उत्तराखण्ड के बच्चों का भविष्य नजर आता है। प्रदेश के युवाओं के बेहतर भविष्य एवं संकल्पना को साकार करने के लिये झील महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें प्रदेश को पर्यटन प्रदेश के रूप में विकसित करना है। खर्चीलें टूरिस्ट यहां आयेंगे तो इस क्षेत्र की आर्थिकी को और मजबूती मिल सकती है। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि जो व्यक्ति टिहरी झील को देखेगा वह बार-बार यहां आयेगा। गत वर्ष 13 राज्यों के प्रतिभागी टिहरी झील महोत्सव में आये थे और इस बार 24 राज्यों के प्रतिनिधि इस महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा 13 जिले 13 डेस्टीनेशन की योजना पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई टिहरी क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार प्रयासरत हैं। डोबरा-चांठी पुल के निर्माण के बाद टिहरी के दोनो ओर होटल, रिजोर्ट एवं शिक्षण संस्थान बनेगें। इससे पर्यटकों को अधिक सुविधाये उपलब्ध हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी में आवागमन को सुगम बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक मुश्त रूपये 88 करोड़ डोबरा-चांठी पुल निर्माण के लिए अवमुक्त किये हैं। ऑलवेदर रोड़ पर भी कार्य चल रहा है। ऑलवेदर रोड़ बनने के बाद ऋषिकेश से नई टिहरी पहुंचने में मात्र डेढ घण्टे का समय लगेगा। टिहरी झील में सी प्लेन उतारने के लिए भारत सरकार द्वारा सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शीघ्र ही टिहरी झील में सी प्लेन उतारा जायेगा। अगले आने वाले 10-15 वर्षो में टिहरी का एक नया स्वरूप सामने आयेगा जो निश्चित रूप से देश व दुनिया को अपने ओर आकर्षित करने में मददगार रहेगा।
गंगा नदी की स्वच्छता एवं निर्मलता बनाये रखने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘‘यह कल-कल बहती गंगा की धारा क्या कहती….. ‘‘ पंक्तियों के माध्यम से पवित्रगंगा का स्मरण किया। उन्हांने कहा कि गंगा नदी हमें त्याग व समर्पण सीखाती है निर्मलता का संदेश देती है। हम सभी को गंगा की निर्मलता एवं स्वच्छता को बनाये रखने में योगदान देना होगा। उन्होंने टिहरी की जनता से अतिथि सत्कार की भावना विकसित करने की भी अपील की ताकि अधिक से अधिक पर्यटक टिहरी भ्रमण पर आने के लिए प्रेरित हों।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नई टिहरी साहसिक खेल अकादमी का नाम एवरेस्ट विजेता स्व दिनेश सिंह रावत के नाम पर रखे जाने की घोषणा की।

उन्होंने मां राजेश्वरी महिला स्वयं सहायता समूह को सिलाई व्यवसाय, जागृति महिला वचन समूह को डेरी व्यवसाय एवं भगवती महिला स्वयं सहायता समूह को अगरबत्ती उद्योग विकसित करने के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज पर रूपये पांच-पांच लाख के ऋण के चेक वितरित किये।
इस अवसर पर जनपद के प्रभारी मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि टिहरी झील क्षेत्र के विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा गत वर्षो से अभिनव प्रयास किये जा रहें है।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने अपने सम्बोधन में कहा कि शासन की सोची समझी रणनीति के तहत ही टिहरी लेक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सरकार का मकसद टिहरी झील क्षेत्र की सूरत बदलना है। इस महोत्सव के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों का ध्यान टिहरी क्षेत्र की ओर आकर्षित करना हैं। जिसके लिए शासन और प्रशासन कार्य कर रहा हैं।
कार्यक्रम को टिहरी सांसद मालाराज लक्ष्मी शाह एवं क्षेत्रीय विधायक धन सिंह नेगी ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर विधायक विजय सिंह पंवार व शक्तिलाल शाह, गढवाल मण्डल विकास निगम के अध्यक्ष महाबीर सिंह रांगड, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, स्वामी चिदानंद मुनी, जिलाधिकारी सोनिका, पुलिस अधीक्षक डॉ योगेन्द्र सिंह रावत, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई आदि उपस्थित थे।

शहीद की पत्नी ने ऐसे दी विदाई कि सब की आंखें भर आई

जम्मू के पुलवामा में शनिवार को आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद देहरादून निवासी मेजर विभूति शंकर ढोंडियाल का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह उनके निवास डंगवाल मार्ग पर अंतिम दर्शन को रखा गया। शहीद की पत्नी निकिता, मां, दादी और बहनों का रो-रो कर बुरा हाल। इस दौरान शहीद की पत्नी ने कहा जयहिंद। साथ ही पार्थिव शरीर को सैल्‍यूट किया। बोली आई लव यू विभू। पत्‍नी ने खुद शवयात्रा की अगुआई की। शहीद की पत्‍नी ने कहा कि जो चले गए उनसे कुछ सीखें, दुनिया में जो शहादत देते हैं, उनसे सीखना चाहिए। देश के लिए काम करने के बहुत सारे फील्ड हैं, ईमानदारी से काम करें।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व विधानसभा अद्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल समेत कई मंत्री, विधायक, सेना, शासन प्रशासन के आला अधिकारी ने शहीद को श्रद्धांजल‍ि दी। इस दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल को अश्रुपूरित आंखों से अंतिम विदाई दी। कहा ये देश सदैव हमारे शहीदों का ऋणी रहेगा। सैन्य सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान हजारों का जन सैलाब उमड़ा। लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए। लोग भारत माता की जय, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे। शहीद विभूति अमर रहे के नारे भी लग गए। इसके बाद शहीद की अंतिम यात्रा हरिद्वार के लिए प्रस्थान कर गई।

सैन्‍य सम्‍मान के साथ किया गया अंतिम संस्‍कार

कश्मीर में शहीद उत्तराखंड के मेजर विभूति शंकर धौंडियाल का अंतिम संस्कार खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। शहीद के चाचा जगदीश प्रसाद ने चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के वक्त मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। इस दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम, पाकिस्तान मुर्दाबाद, मेजर धौंडियाल अमर रहे के नारे लगते रहे। इस दौरान शहीद मेजर के ससुर एमके कॉल, साले मनीष कॉल और सुशांत कॉल, बुआ कुसुम सकलानी और रेखा बहुगुणा मौजूद रहे। इससे पूर्व बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप एंड सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर रघु श्रीनिवासन, सीडीओ विनीत तोमर, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, महापौर अनीता शर्मा, मसूरी विधायक गणेश जोशी आदि ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर सैल्यूट किया।

जहरीली शराब कांड के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: बंसल

बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेश बंसल ने आज भगवानपुर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर विगत दिनों जहरीली शराब के कारण मृत लोगो के परिजनों एवं घायलों से भेंट की। बंसल ने प्रभावित परिवारों से मिलकर आश्वासन दिया कि राज्य सरकार द्वारा इस घटना को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि दोषियों को बक्शा नही जायेगा। उनके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। राज्य सरकार ने प्रथमदृष्टया दोषी पाये गये अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए निलंबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशील है। श्री बंसल ने इस दौरान स्थानीय लोगो की समस्याओं को सुना और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया।

आंतकी हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद, आतंकी आदिल अहमल भी मरा

सीआरपीएफ के जवानों की एक बस को आतंकवादियों ने विस्फोट कर उड़ा दिया। यह घटना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवंतीपोर के पास गोरीपोरा में बृहस्पतिवार को घटित हुई। इस विस्फोट में 44 जवान मौके पर ही शहीद हो गए, जबकि 44 ही जवान घायल हो गए। सभी को सेना के बेस अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया गया है। इस विस्फोट के पींछे आतंकी अहमद उर्फ वकास का हाथ बताया गया है।

अपरान्ह करीब सवा तीन बजे जब यह काफिला दक्षिण कश्मीर में जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर गोरीपोरा (अवंतीपोर) के पास पहुंचा तो अचानक एक कार तेजी से काफिले में घुसी। आत्मघाती कार चालक ने सीआरपीएफ जवानों की एक बस के सथ टक्कर मार दी। इसके बाद वहां जोरदार धमाके की आवाज आई और कार धू-धू कर सड़क पर जलने लगी। बस के एक हिस्से में भी आग की लपटें निकलने लगी।

काफिले में शामिल अन्य वाहन तुरंत रुक गए और उनमें सवार जवान जब बाहर निकल रहे थे, तो इस दौरान उन पर गोलियां भी दागी गई। जवानों ने भी जवाबी फायर किया। जवाबी फायर पर आतंकी वहां से भाग निकले। आतंकी हमले का निशाना बनी बस सीआरपीएफ की 54वीं वाहिनी की है।

विभागीय अधिकारियों ने दी जानकारी के अनुसार 12 जवान मौके पर ही शहीद हो गए थे, जबकि चार अन्य ने अस्पताल ले जाते हुए रास्ते में दम तोड़ा। 11 अन्य जवानों की अस्पताल में शहादत पाई। विस्फोट की सूचना मिलते ही राज्य पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के आलाधिकारी भी अपने दल बल समेत मौके पर पहुंच गए।

10वीं पास था आतंकी आदिल अहमद
कश्मीर में अब तक के सबसे बड़े आत्मघाती हमले को अंजाम देने वाला आत्मघाती आतंकी आदिल अहमद उर्फ कमांडो उर्फ वकास दक्षिण कश्मीर के गुंडीबाग, काकपोरा, पुलवामा का रहने वाला था। वह बीते साल अप्रैल माह के दौरान ही आतंकी संगठन में सक्रिय हुआ था। 21 वर्षीय आदिल 10वीं पास था और सुरक्षाबलों ने उसे सी-श्रेणी के आतंकियों में सूचीबद्ध कर रखा था। उसके ऊपर तीन लाख का इनाम था। बताया जा रहा है कि विस्फोट के दौरान उसकी भी मौत हो गई है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी घटना की कड़ी निंदा की है, उन्होंने शहीद जवानों की आत्मशांति की कामना की। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य की कामना भी की। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में शहीद परिवारों के साथ सरकार खड़ी है।

खुशखबरी : आर्थिक रिपोर्ट में उत्तराखंड हुआ समृद्ध

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड वर्ष 2018-19 के आर्थिक सर्वेक्षण को राज्य के विकास का मजबूत आधार बताया है। उन्होंने कहा है कि यह सर्वेक्षण स्पष्ट तौर पर एक समृद्ध और विकास की ओर गतिमान उत्तराखण्ड की तस्वीर पेश करता है। राज्य में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और पारदर्शिता के साथ कार्य होने से कार्यप्रणाली में सुधार आया है। उड़ान योजना से कुॅमाऊ-गढ़वाल के मध्य हवाई सेवा शुरू हुई है जिससे कम समय में और सस्ती दरों में हवाई सफर किया जा सकता है, साथ ही सौभाग्य योजना के तहत राज्य के विद्युतविहीन लगभग 2 लाख से ज्यादा परिवारों को विद्युतीकरण की सुविधा प्रदान की जा चुकी है। रोड, रेल एवं रोपवे में तेजी से हो रहे कार्य के चलते विकास दर में गुणवत्ता देखी जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के उद्देश्य से किये गये डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड के प्रभावी नतीजे आने शुरू हो गये हैं। जहां पिछले 17 वर्षों में 40 हजार करोड़ के आसपास कुल निवेश उत्तराखण्ड में आया है, वहीं पिछले 6-7 महिनों में 10 हजार करोड़ से ज्यादा निवेश पर कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि इससे राज्य के 20 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। पर्यटन के क्षेत्र में लिये गये फैसलों ने भी असर दिखाना शुरू कर दिया है। टिहरी वाटर स्पोर्टस का हब बन गया है, जबकि ऋषिकेश एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में दुनिया भर में उभरता गंतव्य बन रहा है। उन्हें विश्वास है कि 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टीनेशन के तहत पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने से उत्तराखण्ड के विकास में यह फैसला एक क्रान्तिकारी फैसले के रूप में जाना जायेगा। हमारे प्रयासों के चलते गत वर्षों की तुलना में पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना- अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना गेम चैंजर साबित हो रही है, जिससे आज गुणवत्ता युक्त इलाज निःशुल्क दिया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों के लिये टेली मेडिसीन व टेली रेडियोलाॅजी प्रारम्भ की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष स्नेह का लाभ भी इस राज्य को प्राप्त हो रहा है। आॅल वैदर रोड एवं चारधाम रेल परियोजना से उत्तराखण्ड विकास के नये स्तर पर पहुंच रहा है। सेतु भारतम योजना के तहत काशीपुर में दो आरओबी का निर्माण हो रहा है। अटल सेतु एवं इं विश्वेश्वरैय्या से देहरादून आगमन आसान हुआ है एवं अजबपुर फ्लाईओवर के निर्माण के बाद और भी आसान हो जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में एनसीआरटी की पुस्तकों को लागू करना अभिभावकों को राहत प्रदान करने वाला फैसला रहा है। व्यवस्थागत सुधारों के चलते निवेश हेतु बेहतर माॅहोल बनाने से दुनिया भर के उद्योगपतियों ने उत्तराखण्ड का रूख किया है। समाजिक प्रगति सूचकांक में उत्तराखण्ड 64.23 अंक के साथ केरल, हिमाचल प्रदेश तथा तमिलनाडु के बाद शीर्ष चैथे स्थान पर है एवं इसका स्कोर अखिल भारतीय औसत से ऊपर है। किसान पेंशन योजना के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 में माह दिसम्बर 2018 तक 528.47 लाख की धनराशि व्यय कर 15,374 किसानों को लाभान्वित किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश द्वारा भारत सरकार के सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में 11वां स्थान प्राप्त किया है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 31 दिसम्बर, 2018 तक 2.66 लाख गरीब परिवारो को निशुल्क गैस कनेक्शन दिये गये हैं, जबकि जिन परिवारों को इस योजना का लाभ प्राप्त नही हो पा रहा था तथा ऐसे परिवारों को राज्य सरकार अपने स्तर से निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध करा रही है। दिसम्बर तक इस योजना में 7267 परिवारों को निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराये जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण को राज्य के विकास का आइना बताते हुए कहा कि राज्य की विकास दर में वर्ष 2017-18 में 6.82 प्रतिशत की वृद्धि आंकी गई जबकि वर्ष 2018-19 में इसमें 7.03 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। वर्ष 2017-18 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद रूपए 2,14,933 करोड़ आकलित था, जिसकी तुलना में वर्ष 2018-19 में यह 2,37,147 करोड़ रहने का अनुमान है। यही नहीं वर्ष 2017-18 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय रू0 1,74,622 आंकी गई थी जबकि वर्ष 2018-19 में यह 1,90,284 अनुमानित है।
वर्ष 2018-19 के बजट अनुमानों में राज्य सरकार की कुल राजस्व प्राप्तियां 35,660 करोड़ रूपए है जो कि वर्ष 2017-18 के पुनरीक्षित अनुमान के अनुसार रू0 29,783 करोड़ हो गयी है जो 19.73 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अन्तर्गत चालू वित्त वर्ष 2018-19 में सितम्बर, 2018 तक राज्य में बैंकों द्वारा 55,759 नए सूक्ष्म उद्यमियों को रू0 906.07 करोड़ का नया ऋण स्वीकृत किया गया है।

देहरादून में स्थापित होगी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी

युवाओं खासतौर पर उन छात्र-छात्राओं के लिए के लिए खुशखबरी है जो कि विधि के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखण्ड में नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी खोली जाएगी। प्रदेश को क्वालिटी एजुकेशन हब बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड से विशेष स्नेह है। इससे पूर्व डोईवाला में सीपैट की न केवल स्थापना की जा चुकी है बल्कि उसमें कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं। किच्छा व लालढांग में दो नए माॅडल डिग्री काॅलेज व पौड़ी के पैठानी में व्यावसायिक काॅलेज के लिए तो भूमि चयन के साथ बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है। हाल ही में प्रधानमंत्री जी ने रूसा के तहत इनका रिमोट के माध्यम से शिलान्यास भी किया था।
इस समय देश में 21 नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी हैं जिनमें क्लेट के माध्यम से प्रवेश होते हैं। इनमें स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। उत्तराखण्ड में नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी, क्वालिटी व रोजगारपरक शिक्षा में मील का पत्थर साबित होगा। देहरादून के रानीपोखरी में लगभग 10 एकड़ भूमि में इसकी स्थापना की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि राज्य में नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी की स्थापना से प्रदेश के साथ ही देश भर के प्रतिभावान छात्र-छात्राएं यहां आएंगे। इससे यूनिवर्सिटी के निकटवर्ती क्षेत्रों की आर्थिकी को भी फायदा होगा। प्रदेश सरकार उत्तराखण्ड को एजुकेशन व टूरिज्म हब बनाना चाहती है। इसमें केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में डबल इंजन की डबल रफ्तार देखी जा सकती है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारपुरी की गरिमा के अनुरूप पुनर्निर्माण किया गया है। चार धाम आॅल वेदर रोड़ पर तेजी से काम चल रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन पर भी समयबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। उत्तराखण्ड में हवाई सेवाओं का काफी विस्तार हुआ है।

देहरादून सिटी टॉप-10 में शामिल

अगर आप उत्तराखंड में रहते हैं और खासतौर पर देहरादून में निवास करते हैं, तो आपके लिए खुशी का पल है। हाल ही में जागरन डॉट कॉम, KMPG और फेसबुक पर एक सर्वे किया गया है। इसमें लोगों से पूछा गया था कि सुरक्षा के लिए लिहाज से देश का सबसे सुरक्षित शहर कौन है? कौन सा ऐसा शहर है, जहां लोग खुद को महफूज महसूस करते हैं ? आपको जानकर खुश होगी कि देहरादून इस लिस्ट में पहले नंबर पर है।
सबसे खास बात ये है कि इस लिस्ट में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू जैसे महानगर टॉप-10 में जगह भी नहीं बना पाए। सुरक्षा के लिहाज से ये ब़ड़े शहर देहरादून के आगे बिल्कुल भी नहीं टिकते। एक वेबसाइट में बताया गया है कि ये सर्वे कुल मिलाकर 14 हजार लोगों पर किया गया है। हालांकि इस लिस्ट में इंदौर पहले नंबर पर है लेकिन वो सिर्फ रहने के लिहाज से पहले नंबर पर है।

जहां तक सुरक्षा की बात करें, तो देहरादून पहले नंबर पर बना हुआ है। देशभर में रहने के लिहाज से देहरादून तीसरे नंबर पर है, जबकि सुरक्षा के लिहाज से पहले नंबर पर है। ये हैं देश के 10 टॉप टेन शहर।
1- इंदौर
2- लखनऊ
3- देहरादून
4- वाराणसी
5- रायपुर
6-रांची
7- मेरठ
8-लुधियाना
9- पटना
10- कानपुर
सुरक्षा के लिहाज से देहरादून देशभर में पहले नंबर पर बना हुआ है। इसलिए अगर आप देहरादून से हैं, तो आपके लिए इससे गर्व का मौका कोई हो नहीं सकता। इससे पहले NCRB यानी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो का एक सर्वे आया था, जिसमें कहा गया था कि उत्तराखंड में अपराध सबसे कम हैं और ये राज्य देश का सबसे सुरक्षित राज्य है।

रक्षा मंत्री ने सिद्धार्थ के परिजनों को ढ़ांढ़स बंधाया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने बंगलुरू में फाइटर प्लेन दुर्घटना में शहीद हुए देहरादून के स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ नेगी के पंडितवाड़ी स्थित आवास पर जाकर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री और देश की रक्षा मंत्री ने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने स्व. सिद्धार्थ नेगी के माता -पिता व पत्नी धुविका को ढ़ांढ़स बंधाया। उन्होंने दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।

अमित शाह ने उत्तराखंड में कार्यकर्ताओं को दिए चुनावी टिप्स

उत्तराखंड राज्य का विकास फास्ट ट्रेक पर दौड़ रहा है। लोग बदलाव महसूस करने लगे हैं। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। आम जन की बेहतरी को अच्छी योजनाएं बनाई गई हैं। ये कहना है भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का। शाह शनिवार को टिहरी और हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के संयुक्त त्रिशक्ति सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं की टोह ली और 2019 के आम चुनाव की तैयारियों में जुटने का आहवान किया।
इस मौके पर उन्होंने त्रिवेंद्र सिंह रावत की पीठ थपथपाई। कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चल रही हैं। विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। राज्य सरकार ने अटल आयुष्मान उत्तराखंड जैसी योजना शुरू की है। कहा कि केंद्र और राज्य सरकार उत्तराखंड को मॉडल राज्य बना रही है। इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को भी रखा। केदारनाथ धाम की कायकल्प के बारे में बताया। ऑल वेदर रोड का जिक्र किया। कहा कि उत्तराखंड का विकास फास्ट ट्रेक पर दौड़ने लगा है।

कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय बजट के बाद सबके चेहरों की हवा उड़ी हुई है। बजट में किसान, मजदूर, नौकरीपेंशा, सेना के लिए बेहतर किया गया है। भाजपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं का आहवान किया कि केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अजय भटट, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, थावरचंद गहलौत, सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक, माला राज्यलक्ष्मी, तीरथ सिंह रावत आदि मौजूद थे।

परेड में शामिल होकर एनसीसी कैडेट्स ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हाॅल में गणतंत्र दिवस परेड में प्रतिभाग करने वाले एनसीसी कैडेटों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने परेड भाग लेने वाले एनसीसी केडैट्स को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेटों का गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर आयोजित होने वाली गरिमामय परेड के लिए चयनित होना गर्व एवं सम्मान की बात है। यह उनके जीवन का भी यादगार पल है। ऐसे मौके हर किसी को नही मिलते हैं। इस परेड के अनुभव उन्हें देश सेवा के लिये भी प्रेरित करते रहेंगे। एनसीसी अनुशासन का भी पर्याय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही प्रदेश में एनसीसी अकादमी की स्थापना की जायेगी। एनसीसी अकादमी के लिए भूमि का चयन किया जा चुका है, जल्द ही इसका शिलान्यास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि एनसीसी अकादमी के समीप 6.5 करोड़ की लागत से एक झील का निर्माण भी किया जायेगा। इस एकेडमी की स्थापना से एनसीसी केडेटों को और बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे तथा आवश्यक सुविधाएं भी मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि एनसीसी का प्रशिक्षण उन्हें सैन्य बलों में अपनी सेवा देने में भी मददगार रहता है।
गौरतलब है कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड के लिए उत्तराखण्ड से कुल 111 एनसीसी कैडेट्स का चयन हुआ था। जिन्होंने अपनी प्रतिभा से प्रदेश का भी नाम रोशन किया है।
इस अवसर पर सचिव शिक्षा डाॅ.भूपिन्दर कौर औलख, महानिदेशक शिक्षा ज्योति यादव, निदेशक एनसीसी ब्रिगेडियर वहल, ब्रिगेडियर एस. मुखर्जी, एस.पी.सिंह, जे.एस.नेगी आदि उपस्थित थे।