प्रत्येक विभाग अपने सभी कार्यों को लेकर वार्षिक कैलेण्डर तैयार कर कार्य करें: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में सचिव समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सचिवगणों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा कर दिशानिर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अगले वित्तीय वर्ष में कराए जाने वाले नए कार्यों के लिए 15 फरवरी तक स्वीकृतियां ले ली जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने सभी कार्यों को लेकर वार्षिक कैलेण्डर तैयार कर, उसके अनुसार अपनी सभी गतिविधियों को संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कुम्भ मेला – 2027 से सम्बन्धित कार्यों को भी प्राथमिकता पर लेते हुए सभी प्रकार की स्वीकृतियां और प्रक्रियाएं समय पर पूर्ण करते हुए निर्धारित प्रक्रिया समय पर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने खाद्य सुरक्षा के मापदण्डों का प्रवर्तन एवं निगरानी को और मजबूत किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए टेस्टिंग लैब आदि बढ़ाए जाने एवं इससे सम्बन्धित मामलों के निस्तारण में तेजी लाए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने पूंजी निवेश के लिए राज्यों को दी जाने वाली विशेष सहायता के तहत् सभी प्रोजेक्ट्स को गतिशक्ति पोर्टल पर अपलोड किए जाने एवं निर्धारित समय सीमा पर कार्य पूर्ण किए जाने हेतु लगातार निगरानी किए जाने के निर्देश दिए।

जन-जन की सरकार कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए मुख्य सचिव ने तहसील एवं थाना दिवसों को वर्षभर नियमित आयोजन किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने इसके लिए कार्ययोजना तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस को मुख्यालयों एवं जनपद स्तरीय कार्यालयों में लागू किए जाने को लेकर अब तक हुयी प्रगति पर सभी विभागीय सचिवों और जिलाधिकारियों से प्रत्येक सचिव समिति की बैठक में चर्चा की जाएगी।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि नक्शा पास करने वाली सभी ऑथॉरिटीज नक्शा पास करने के उपरान्त सम्बन्धित स्थानीय निकाय के साथ उक्त नक्शा और जानकारियां भी साझा करें ताकि स्थानीय निकाय उक्त प्रॉपर्टी के सम्बन्ध में अपना डाटाबेस अपडेट कर सकें। उन्होंने कहा कि कुछ विभागों में श्रमिकों के लिए लेबर कंप्लायंस टूल (Labour Compliance Tool) का प्रयोग किया जा रहा है, यह एक अच्छा प्रयोग है, और इसे प्रदेशभर में लागू किया जाना चाहिए, ताकि श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं का निस्तारण इसी से हो सकेगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनाई, धनंजय चुतर्वेदी, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार यादव, बृजेश कुमार संत, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, सी. रवि शंकर, रणवीर सिंह चौहान एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सिंचाई विभाग की खुली नहर में बुजुर्ग हुए चोटिल, अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज

जनपद में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हो रही सड़क दुर्घटना संबंधी शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन की क्यूआरटी ने निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। लापरवाही पर सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

अपर तुनवाला प्रकरण के संबंध में घटना कैनाल रोड, अपर तुनवाला क्षेत्र की नहर की सफाई के दौरान पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध न किए जाने एवं असुरक्षित स्थिति में कार्य किए जाने के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा सिंचाई विभाग के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार एक बुजुर्ग व्यक्ति मॉर्निंग वॉक के दौरान पूर्वनिर्मित सिंचाई नहर (कैनाल) के खुले भाग में गिर गए। यह नहर सिंचाई विभाग की पुरानी संरचना है, जो सड़क से लगभग डेढ़ फीट ऊंचाई पर पेवमेंट के रूप में स्थित है। नहर की नियमित सफाई के उद्देश्य से सिंचाई विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों पर स्लैब हटाए गए थे।

कोहरे की स्थिति के कारण बुजुर्ग व्यक्ति खुले स्लैब को देख नहीं पाए और नहर में गिर गए। प्रथम दृष्टया यह घटना सीवर निर्माण कार्य से संबंधित नहीं पाई गई है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने समस्त कार्यवाही संस्थाओं एवं ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्यों के दौरान कटिंग की गई सड़कों अथवा कार्यस्थलों पर किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं/ठेकेदारों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज किये जाएंगे। सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्तर पर अनदेखी स्वीकार्य नहीं की जाएगी।

जिला प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि किसी भी प्रकार के निर्माण/सफाई कार्य के दौरान पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, रात्रिकालीन रिफ्लेक्टर एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

अवगत कराया गया है कि कैनाल रोड, अपर तुनवाला प्रकरण के संबंध में घटना कैनाल रोड, अपर तुनवाला क्षेत्र की है, जहां सीवर पाइपलाइन डाले जाने के उपरांत मार्ग के रेस्टोरेशन का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में उक्त स्थल पर रोड कटिंग से संबंधित कोई कार्य संचालित नहीं हो रहा है तथा सड़क का प्राथमिक रेस्टोरेशन कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री धामी उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज परेड ग्राउंड में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोक कलाकारों, साहित्यकारों, कला-प्रेमियों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित जनता का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोक संस्कृति को एक सूत्र में पिरोकर भावी पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सेवा संकल्प फाउंडेशन, इसकी संस्थापक गीता धामी एवं समस्त आयोजन समिति को साधुवाद देते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन राज्य की पहचान को और अधिक सशक्त करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन आयोजनों के माध्यम से लोक कलाओं, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प एवं कारीगरी को नजदीक से जानने और समझने का अवसर प्राप्त होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़, छोपाटी जैसे लोकगीतों तथा छोलिया, पांडव और झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा हैं, जिन्हें संरक्षित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चार दिवसीय आयोजन में लगे स्टॉलों के माध्यम से पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक उत्पादों एवं उत्तराखंडी व्यंजनों के सुंदर प्रदर्शन की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार द्वारा भी राज्य के समग्र विकास के लिए अनेक योजनाएं और नीतियां प्रभावी रूप से लागू की गई हैं।

उन्होंने बताया कि ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा रही है। इसके साथ ही स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते साढ़े चार वर्षों में उत्तराखंड ने अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। किसानों की आय बढ़ाने में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है तथा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में भी राज्य अग्रणी बनकर उभरा है।

उन्होंने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को ‘अचीवर्स’ और स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ की श्रेणी प्राप्त हुई है। सिंगल विंडो सिस्टम को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक 2023-24 में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य खनन तत्परता सूचकांक में उत्तराखंड को श्रेणी-सी में देश में दूसरा स्थान मिला है। लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस में भी राज्य को अचीवर्स श्रेणी में स्थान मिला है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर मिले पुरस्कार ने उत्तराखंड की निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन व्यवस्था को प्रमाणित किया है।

पर्यटन क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को बेस्ट वाइल्डलाइफ और बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2024 में जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया है। वर्ल्ड रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म अवार्ड में राज्य को ‘वन टू वॉच’ पुरस्कार मिला है।

कृषि और मत्स्य क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में मत्स्य विकास के लिए उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। हाल ही में हैदराबाद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय विमानन सम्मेलन में राज्य को ‘बेस्ट स्टेट फॉर प्रोमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम’ सम्मान से नवाजा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लोक कलाकारों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। लोक कलाकारों की सत्यापित सूची तैयार कर कोरोना काल में लगभग 3,200 कलाकारों को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी गई। 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध एवं अस्वस्थ लोक कलाकारों को पेंशन प्रदान की जा रही है। गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत लोक प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार लोक सांस्कृतिक लिपियों के प्रकाशन, आर्ट गैलरियों की स्थापना तथा साहित्य और संस्कृति के संरक्षण के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। साहित्यकारों को सम्मान और ग्रंथ प्रकाशन हेतु अनुदान प्रदान किया जा रहा है तथा स्थानीय भाषाओं और बोलियों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सेवा संकल्प फाउंडेशन जैसी संस्थाएं भविष्य में भी उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी।

सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने कहा कि बीते 4 दिनों से इस महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति को जीवंत रखने का कार्य किया गया है। इस महोत्सव में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक उत्पाद, जीवनशैली को सुंदर रूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा इस महोत्सव का शुभारंभ शंखनाद से हुआ था। इस कार्यक्रम का सफल आयोजन सभी की मेहनत का फल है।

गीता धामी ने कहा कि उत्तरायणी कौथिक में पूरे राज्य से लोग आए। यह मात्र संस्था का नहीं बल्कि पूरे राज्य का आयोजन है। जिसमें पूरे राज्य से लोगों ने प्रतिभाग किया है। हमने इस कौथिक के माध्यम से पूरे राज्य की संस्कृति एक मंच पर दिखाया। उन्होंने कहा युवा पीड़ी को इतिहास से जोड़ते हुए उनका भविष्य बनाना है। उन्होंने कहा हमने अपने भविष्य को अपनी जड़ों से जोड़े रखना है।

गीता धामी ने कहा कि आधुनिकता के साथ संस्कृति का संरक्षण भी बेहद जरूरी है। जब तक संस्कृति जीवित है, तब तक हमारी पहचान और सम्मान है। हमारी सनातन संस्कृति ही सबसे पुरातन संस्कृति है। हमें गर्व है कि हम उत्तराखंड और भारत के लोग हैं। उन्होंने सभी से उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की अधिक से अधिक खरीदारी करने की बात कही। उन्होंने कहा जिससे हम राज्य के अर्थव्यवस्था को बढ़ा सके और उत्तराखंड को आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाएं।

गीता धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू हुआ, सख्त नकल विरोधी लागू कर हजारों लोगों को रोजगार दिया है। आज उत्तराखंड नए आयाम स्थापित कर रहा है।

आज कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल, पूर्व मुख्यमंत्री पद्म भूषण भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, अध्यक्ष केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड पद्मश्री प्रसून जोशी, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक खजान दास, विधायक दुर्गेश्वर लाल, विधायक अनिल नौटियाल, विधायक भोपाल राम टम्टा, विधायक सुरेश गढ़िया, सुरेश चौहान, अजेय कुमार, बिशना देवी, अपर्णा जोशी, डीजीपी दीपम सेठ, दायित्वधारी राज्य मंत्री हेमराज बजरंगी, मधु भट्ट, डॉ. गीता खन्ना, गीताराम गौड़, विश्वास डाबर, श्याम अग्रवाल, विनोद उनियाल, नेहा शर्मा, हरक सिंह, मुकेश कुमार, ज्योति गैरोला, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम धामी ने उत्तराखंड क्रिकेट टीम को रणजी सेमीफाइनल में पहुंचने पर दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की क्रिकेट टीम को पहली बार रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंचने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और इससे प्रदेश के खिलाड़ियों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन को भी इस सफलता में उनके निरंतर प्रयासों और योगदान के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने बेहतर टीमवर्क, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खेलों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकें।

मुख्यमंत्री ने सेमीफाइनल मुकाबले के लिए टीम को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि उत्तराखंड की टीम सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में प्रवेश करेगी और राज्य का गौरव बढ़ाएगी।

सीएम ने जनता की समस्याओं को खटीमा कैंप में जाना, निस्तारण के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने खटीमा भ्रमण के दूसरे दिन रविवार को कैंप कार्यालय लोहियाहेड व हेलीपेड में जनप्रतिनिधियों व जनता से मुलाकात कर जनसमस्याएं सुनी
तथा समस्याओं का समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ग्राम भगचुरी पहुंचे, जहां पर उन्होंने स्व0 मलकीत सिंह राणा के निधन एवं वीरेंद्र मौर्य की माता (स्व0 सुन्दरी देवी 92वर्ष) के निधन पर उनके आवास में पहुँचकर शोक संवेदना व्यक्त की एवं परिजनों को ढांढस बधाया व मृत आत्माओ की शान्ति कि कामना की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया,जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तूभ मिश्रा, एसपी नीहारिका तोमर, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि, जनता उपस्थित थे।

सीएम धामी ने खटीमा में छात्रसंघ के विंटर कार्निवाल का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमवंती नंदन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खटीमा में छात्र संघ द्वारा आयोजित विंटर कार्निवाल में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया व हौसला अफज़ाई की। उन्होंने विंटर कार्निवाल का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया व छात्र संघ के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को उनके सफल कार्यकाल हेतु हार्दिक शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छात्र संघ द्वारा पहली बार विंटर कार्निवल के अंतर्गत भजन क्लम्बिंग जैसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत की जा रही है। मेरा मानना है, इस प्रकार की पहल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, लोक परंपराओं और युवा चेतना के संगम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भजन क्लंबिंग जैसे आयोजन ये सिद्ध करते हैं कि हमारा युवा वर्ग आधुनिकता के साथ-साथ अपनी जड़ों से भी मजबूती से जुड़ा हुआ है और संगीत, भक्ति और संस्कृति के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देना, ऐसे आयोजनों की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस पहल के लिए मैं, छात्र संघ की पूरी टीम को बधाई देता हूँ। ऐसा आयोजन कर आप सभी ने नेतृत्व क्षमता, संगठन शक्ति और सामाजिक दायित्व का परिचय दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि जिन छात्र-छात्राओं ने आज इस कार्यक्रम का संचालन किया है, वही छात्र कल राज्य और देश का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि खटीमा मेरे लिए कोई विधानसभा सीट नहीं बल्कि ये मेरा घर है, मेरी कर्मभूमि है और मेरी पहचान है। खटीमा की मिट्टी ने मुझे सेवा का संस्कार दिया है, यही वो धरती है जहाँ से मैंने जनसेवा की पहली सीढ़ी चढ़ी थी। यही वजह है कि यहां की हर गली, हर गांव मेरे दिल के बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल सहित बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए हैं। खटीमा में हमने विकास को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे ज़मीन पर उतारने का काम किया है। हमने एक ओर जहां क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए गदरपुर-खटीमा बाईपास और नौसर में पुल का निर्माण कराया है, वहीं पूरे क्षेत्र में सड़कों के व्यापक नेटवर्क का विकास भी सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि हमने खटीमा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना करने के साथ-साथ चकरपुर में राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जहां एक ओर खटीमा में आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया है वहीं, विद्यार्थियों के लिए “साथी केंद्र” की स्थापना करने के साथ ही औद्योगिक विकास को गति देने लिए सिडकुल की स्थापना भी की गई है। इतना ही नहीं, हम खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक भी बनाने जा रहे हैं, जिस पर जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भी संकल्पित है, जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। यही नहीं, हमने एक ओर जहां राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई, वहीं जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि हम जहां एक ओर जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने की दिशा में कार्य कर रहे है वहीं, क्षेत्र के लोगों को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एम्स के सेटेलाइट सेंटर की स्थापना करने के साथ-साथ खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि आज उत्तराखंड रोजगार सृजन के मामले में भी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बना चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब प्रदेश की प्रतिव्यक्ति आय सीमित थी, लेकिन आज उसी प्रतिव्यक्ति आय में 17 गुना की वृद्धि हुई है। प्रदेश में सड़कों का नेटवर्क दोगुना हुआ है, और बिजली उत्पादन में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है। ये परिवर्तन केवल सरकारी रिपोर्टों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम जन के जीवन में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट बताती है कि प्रदेश में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन हुआ है। यानी आज हमारा पहाड़ का युवा, बेहतर भविष्य, स्वरोजगार और आत्मसम्मान की उम्मीद के साथ फिर से अपनी मिट्टी, अपने गांवों की ओर लौट रहा है। प्रदेश की बेरोजगारी दर में एक ही वर्ष में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी की है, जो राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, अस्मिता और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन पर सख्ती से लागू करके भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हमने 11 हज़ार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया। इतना ही नहीं, 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओं पर बुलडोजर चलाकर ये स्पष्ट संदेश भी दिया है कि देवभूमि की एक-एक इंच भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कालनेमि के माध्यम से हमने सनातन धर्म को बदनाम करने वाले ढोंगियों और पाखंडियों पर भी कठोर कार्रवाई की है। क्योंकि आस्था की आड़ में ठगी करने वालों के लिए देवभूमि में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने समान नागरिक संहिता लागू कर प्रदेश में समरसता, समान अधिकार और सामाजिक न्याय की मज़बूत नींव रखी है। ये सिर्फ कानून नहीं, बल्कि नए उत्तराखंड का संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर नकल माफिया की कमर तोड़ने की पहल की, और इसका परिणाम है कि आज प्रदेश के 28 हज़ार से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा है कि युवाओं के हक पर किसी माफिया का साया नहीं पड़ने दिया जाएगा, अब प्रदेश में पर्ची नहीं, परिश्रम चलता है, सिफारिश नहीं, सिस्टम चलता है। उन्होंने कहा कि हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ भी “जीरो टॉलरेंस की नीति” अपनाकर पिछले साढ़े चार वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है। यहाँ विकास भी होगा, परंपराएँ भी सुरक्षित रहेंगी, और जो ताकतें राष्ट्र, संस्कृति और समाज के खिलाफ खड़ी होंगी, उन्हें जवाब भी अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है, और मुझे पूर्ण विश्वास है कि खटीमा के मेरे परिवारजनों का स्नेह, विश्वास और सहयोग हमें इसी प्रकार मिलता रहेगा।

इससे पहले मुख्यमंत्री खटीमा में पूर्व जिला पंचायत सदस्य राम सिंह जेठी के पत्नी के निधन पर उनके आवास, ढील्लू सिंह राणा एवं जशोधर भट्ट के निधन पर उनके आवास पर पहुँच कर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर दीपक बाली, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व मंडी अध्यक्ष नंदन सिंह खड़ायत,अमित पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी, गौरव पांडे, सी ओ बी एस धोनी सहित छात्र संघ के सभी पदाधिकारी एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

सीएम धामी ने क्रिकेट टूर्नामेंट में खिलाड़ियों का जाना परिचय, दी शुभकामनाएं

बिरिया मझोला खटीमा में स्वर्गीय मनीष चंद स्मृति द्वितीय ग्रामीण क्रिकेट टूर्नामेंट 2026 के समापन एवम् पुरुस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग कर खिलाड़ियों को पुरुस्कार वितरित किया। टूर्नामेंट में 16 टीमों द्वारा प्रतिभाग किया गया। फाइनल मुकाबला नगला तराई खटीमा व उजालिकोट टनकपुर के बीच खेला गया। मुख्यमंत्री धामी ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर शुभकामनाएं दी व क्रिकेट में हाथ भी आजमाए। पहले खेलते हुए नगला तराई खटीमा ने 108 का लक्ष्य दिया जबकि उजलीकोट ने लक्ष्य प्राप्त कर 03 विकेट से जीत हासिल की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय मनीष चंद के चित्र पर पुष्पांजली अर्पित की व संबोधित करते हुए कहा कल भारतीय युवा अंडर 19 टीम ने विश्व कप जीता है इसके लिए उन्होंने सभी को बधाई दी।उन्होंने कहा खिलाड़ी लक्ष्य लेकर संकल्प के साथ आगे बढ़ें सिद्धि तक अवश्य पहुंचेंगे। उन्होंने कहा अब खेल एक मनोरंजन का साधन नहीं है,खेलो में कैरियर की अपार संभावनाएं हैं इसलिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए अनुशासन के साथ खेले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल शरीर व मनमस्तिष्क को स्वस्थ रखता है तथा हमें अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व सिखाता है इसलिए टीम भावना से खेले। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने खेलो इंडिया,फिट इंडिया योजनाओं के अन्तर्गत खेलो का ढांचागत विकास किया है इसलिए हमारे खिलाड़ी आज सभी खेलो में परचम लहरा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री खिलाड़ियों से मिलते हैं व उनका हमेशा उत्साहवर्धन करते हैं। उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेलो में हमारे खिलाड़ी यों ने 103 पदक जीते है यह हमारे लिए गर्व की बात है हमारी देव भूमि अब खेल भूमि बन रही है।उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, स्वर्गीय मनीष चंद की माता हरिकेश चंद,जिला पंचायत सदस्य रीता काफलटा,भास्कर संभल ,क्षेत्र पंचायत सदस्य मंदीप राणा,प्रेम प्रकाश,तेज सिंह महर,प्रधान भागीरथी राणा, दीपक एरी, चन्द्रकला, माया जोशी, गणेश सिंह महर,गीता ज्याला, सांसद प्रतिनिधि रवींद्र राणा,पूर्व मंडी अध्यक्ष नंदन सिंह खड़ायत,अमित पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी,गौरव पांडे, सी ओ बी एस धोनी सहित टूर्नामेंट कमेटी के सदस्य एवं जनता मौजूद थे।

डीएम का शिक्षा मॉडल हर कक्षा में अब स्मार्ट तकनीक, सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्रांति की शुरुआत

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल की विशेष पहल एवं उनके व्यक्तिगत निर्देशन में जनपद देहरादून के राजकीय संचालित माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट उत्कर्ष अन्तर्गत डिजिटल एवं उन्नत शिक्षण सुविधाओं के विकास हेतु एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी कदम उठाया गया है। विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद के सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा-कक्षों को स्मार्ट शिक्षण प्रणाली से सुसज्जित किए जाने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल करते हुए जनपद के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट शिक्षण व्यवस्था लागू कर दी है। कुल 3.67 करोड़ रुपये की लागत से 884 स्मार्ट टीवी स्थापित किए गए हैं, जिससे प्रत्येक कक्षा को डिजिटल शिक्षण प्रणाली से जोड़ा जा रहा है।
जिले के सरकारी स्कूलों को डिजिटल रफ्तार मिलने जा रही है जिला प्रशासन की इस पहल को सरकारी विद्यालयों में शिक्षा में बड़ी पहल के तहत देखा जा रहा है। जिलाधिकारी के विशेष निर्देशन में संचालित इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक, इंटरएक्टिव एवं तकनीक आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है। स्मार्ट टीवी के माध्यम से अब कक्षाओं में ऑडियो-वीडियो कंटेंट, ई-लर्निंग मॉड्यूल एवं डिजिटल पाठ्यसामग्री का उपयोग किया जाएगा, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी और रोचक बनेगी। यह पहल न केवल सरकारी स्कूलों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा वातावरण प्रदान कर डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
इस योजना के अंतर्गत जिले के 06 विकास खंडों में संचालित कुल 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा-कक्षों हेतु कुल 884 स्मार्ट टीवी क्रय किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक विद्यालय में डिजिटल शिक्षण सुविधा समान रूप से उपलब्ध हो तथा ग्रामीण एवं शहरी विद्यालयों के मध्य डिजिटल अंतर को न्यूनतम किया जा सके। स्मार्ट टीवी की स्थापना से विद्यालयों में शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनेगी। इसके माध्यम से दिक्षा पोर्टल, पीएमई विद्या, ई-सामग्री, शैक्षिक वीडियो, वर्चुअल कक्षाएं तथा अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग संभव होगा। इससे विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ, सहभागिता एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है।
जिला प्रशासन द्वारा कक्षा-कक्षों के आकार एवं छात्र संख्या को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट टीवी दो आकारों में क्रय किए जा रहे जिनमें 43 इंच छोटे एवं मध्यम आकार के कक्षों हेतु तथा 55 इंच बड़े आकार के कक्षों हेतु स्मार्ट टीवी क्रय किये जा रहे हैं। इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना हेतु कुल ₹3,67,00,000/- (रुपये तीन करोड़ सड़सठ लाख मात्र) की धनराशि स्वीकृत की गई है। उक्त धनराशि का प्रावधान जिला खनन निधि देहरादून से किया गया है। इससे पूर्व जिले के सभी सरकारी विद्यालयों को 5 करोड़ सीएसआर फंड से फर्नीचरयुक्त किया जा चुका है।
स्मार्ट टीवी का क्रय जैम पोर्टल के माध्यम से ई-टेंडर प्रक्रिया द्वारा पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रणाली के अंतर्गत किया गया है। निविदा प्रक्रिया में देश के विभिन्न राज्यों से कुल 12 फर्मों द्वारा प्रतिभाग किया गया। निविदाओं के परीक्षण एवं चयन हेतु मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक टेंडर समिति का गठन किया गया, जिसमें एनआईसी, कोषागार तथा अन्य संबंधित विभागों के तकनीकी एवं वित्तीय विशेषज्ञों को सम्मिलित किया गया। समिति द्वारा प्राप्त निविदाओं का नियमानुसार विस्तृत तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन किए जाने के उपरांत पात्र एवं न्यूनतम दर वाली फर्म का चयन कर कार्यादेश निर्गत कर दिया गया है। आपूर्ति एवं स्थापना संपूर्ण क्रय प्रक्रिया जैम पोर्टल के माध्यम से ई-टेंडर प्रणाली द्वारा पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक ढंग से संपन्न की कार्यादेश निर्गत कर दिया गया है। आपूर्ति एवं स्थापना कार्य शीघ्र प्रारंभ करते हुए निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह पहल न केवल डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने का सशक्त प्रयास है, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप तकनीक-सक्षम शिक्षण वातावरण विकसित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इसे जनपद में शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि प्रशासन विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। जनपद प्रशासन द्वारा स्मार्ट टीवी की आपूर्ति एवं स्थापना कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराते हुए सभी विद्यालयों में शीघ्र ही डिजिटल शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

सीएम धामी के निर्देश के बाद राज्य में टैक्स फ्री हुई फिल्म गोदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसान परंपरा, ग्रामीण जीवन और गोवंश के महत्व पर आधारित फिल्म ‘गोदान’ को उत्तराखंड में टैक्स फ्री करने के निर्देश दिए हैं। यह फिल्म 6 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और समाज को भारतीय संस्कृति व परंपराओं से जोड़ने का संदेश देती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय केवल धर्म और आस्था का विषय नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग है। इस तरह की फिल्मों के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता विकसित होती है, इसलिए ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गोवंश संरक्षण को लेकर निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में गोसदनों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे निराश्रित और बेसहारा गोवंश की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सके। साथ ही गोपालकों और पशुपालकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार सामाजिक, सांस्कृतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर बनी फिल्मों और रचनात्मक प्रयासों को भविष्य में भी प्रोत्साहन देती रहेगी।

उत्तराखंड आवास विभाग के प्रयास हुए सफल, केंद्र से 264 करोड़ की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शहरी विकास और आवास विभाग के स्तर से लागू किए गए विभिन्न सुधारों के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को 264.5 करोड़ की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने राज्यों को शहरी विकास और आवास विभाग से संबंधित विभिन्न नीतिगत सुधारों को लागू करने को कहा था। इन सुधारों को लागू करने के क्रम में मंत्रालय ने उत्तराखंड को स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट 2025-26 के क्रम में कुल 264.5 करोड़ की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। इसमें शहरी विकास विभाग को जीआईएस आधारित यूटिलिटी मैपिंग (सीवर, पेयजल, ड्रैनेज कार्य) के लिए 03 करोड़, सरकारी जमीनों और भवनों की मैपिंग के लिए 6.5 करोड और निकायों के स्तर पर आय के स्रोत बढ़ाने के लिए 10 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि जारी की गई है।
*आवास विभाग के प्रयास सफल*
मंत्रालय ने सबसे अधिक प्रोत्साहन राशि आवास विभाग के अधीन लागू किए गए सुधारों के लिए स्वीकृत की है। अरबन लैंड एंड प्लानिंग रिफार्म के तहत उत्तराखंड आवास विभाग ने टाउन प्लानिंग स्कीम और लैंड पूलिंग स्कीम के नियम लागू किये थे, जिसके लिए मंत्रालय ने 100 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की है। इसी तरह पुराने शहरी क्षेत्रों के पुनरुद्धार कार्यक्रम के लिए 140 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही बिल्डिंग बायलॉज में ग्रीन बिल्डिंग के मानक लागू करने के लिए 05 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि आवास विभाग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में, उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को किफायती आवास उपलबध कराने के साथ ही उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों मे शामिल करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है।

*उत्तराखंड सरकार केंद्र सरकार के सभी दिशा निर्देशों को पूरी निष्ठा के साथ अमल में लाने का प्रयास कर रही है। इसी क्रम में आवास और शहरी विकास विभाग में किए गए रिफार्म पर 264.5 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत हुई है, इससे पहले खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के लिए भी केंद्र सरकार से 200 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है। उत्तराखंड गुड गर्वनेंस का एक आदर्श मॉडल बनकर सामने आया है।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*