दून में जुटेंगे देश व दुनिया के महाबली, देंगे जैव विविधता का संदेश

विश्व के महान ताकतवर लोगों को अब आप देहरादून में एक साथ देख पाएंगे। यह पहला मौका है जब स्ट्रांग मैन इंडिया की ओर से देश के साथ ही उत्तराखंड में पहली बार एशिया स्ट्रॉन्गेस्ट मैन 2017 चैंपियनशिप का आयोजन होगा। इसमें भारत सहित दस देशों के प्रतिभागी एशिया स्ट्रॉन्गेस्ट मैन का खिताब जीतने के लिए दम लगाएंगे।
यह स्पर्धा उन 16 वर्ल्ड चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो स्ट्रॉन्गेस्ट चैंपियंस लीग कराती हैं। इसमें व्यक्ति के शारीरिक बल की परीक्षा होती है। बेहतर टाइमिंग और सबसे ज्यादा वजन उठाने वाले को विजेता घोषित किया जाता है। इस चैंपियनशिप के माध्यम से वन, जैव विविधता व जीवन बचाने बचाने का संदेश भी दिया जाएगा। इसके लिए सभी प्रतिभागी हरे रंग की टी-शर्ट पहनकर मैदान में उतरेंगे।
स्ट्रांग मैन इंडिया के सीईओ अर्जुन गुलाटी ने बताया कि इसमें दस देशों के 30 खिलाड़ी अलग-अलग वेट कैटेगरी में अपने शारीरिक बल का प्रदर्शन करेंगे। चैंपियनशिप का आयोजन 26 व 27 अगस्त को रेंजर्स ग्राउंड में किया जाएगा। यह चैंपियनशिप 90 किग्रा वर्ग, 105 किग्रा वर्ग व ओपन वर्ग में करायी जायेगी। चैंपियनशिप में भारत, ईरान, मलेशिया, थाईलैंड, स्कॉटलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील व इजरायल देश के स्ट्रांगमैन शामिल होंगे। विजेताओं में प्रथम पुरूस्कार वाले को 75 हजार रुपये, द्वितीय पुरूस्कार में 50 हजार रुपये व तृतीय पुरूस्कार वाले को 30 हजार रुपये की ईनामी राशि दी जायेगी।

ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, लगी रोक

सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए एक बार में तीन तलाक पर अगले छह महीने तक के लिए रोक लगा दी है। संसद जब तक इस पर कानून नहीं लाती तब तक ट्रिपल तलाक पर रोक रहेगी। कोर्ट ने केंद्र सरकार को संसद में इसे लेकर कानून बनाने के लिए कहा है। इससे पूर्व 11 से 18 मई तक रोजाना सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि मुस्लिम समुदाय में शादी तोड़ने के लिए यह सबसे खराब तरीका है। कोर्ट ने सवाल किया कि क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है। वह कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि कैसे कोई पापी प्रथा आस्था का विषय हो सकती है.
दरअसल, शायरा बानो ने तीन तलाक के खिलाफ कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की थी। इस पर शायरा का तर्क था कि तीन तलाक न तो इस्लाम का हिस्सा है और न ही आस्था। उन्होंने कहा कि उनकी आस्था ये है कि तीन तलाक मेरे और ईश्वर के बीच में पाप है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी कहता है कि ये बुरा है, पाप है और अवांछनीय है।
इस खंड पीठ में सभी धर्मों के जस्टिस शामिल हैं जिनमें चीफ जस्टिस जेएस खेहर (सिख), जस्टिस कुरियन जोसफ (क्रिश्चिएन), जस्टिस रोहिंग्टन एफ नरीमन (पारसी), जस्टिस यूयू ललित (हिंदू) और जस्टिस अब्दुल नजीर (मुस्लिम) शामिल हैं।

जानिए लिंग परिवर्तन कराने के पीछे का सच, हैरान करने वाली कहानी

मुंबई में इन दिनों एक नया मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला जो कुछ सालों पहले पुरुष हुआ करती थी और एक पुरुष जो पहले महिला हुआ करता था। दोंनों ने शादी करने का फैसला लिया है। तीन साल पहले दोनों मुंबई के एक अस्पताल में अपना लिंग परिवर्तन कराने आए थे। वहीं पर उन दोनों की पहली ही मुलाकात प्यार में बदल गई। अब अगले महीने वे शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। केरल का रहने वाला आरव अप्पुकुट्टन 46, मुंबई में एक अस्पताल में अपना लिंग परिवर्तन कराने गया था। उसी अस्पताल में सुकन्या कृष्णन 22, भी वहां अपने लिंग का परिवर्तन कराने गयी हुयी थी। बस फिर क्या था, दोनों ने एक दूसरे को देखा, प्यार कर बैठे और अगले महीने शादी करने जा रहे है। सुकन्या बताती हैं, हम दोनों के माता-पिता ने बचपन से ही उन्हें किन्नरों की तरह ट्रीट किया था। आरव ने कहा, मैंने सोचा भी नहीं था कि हमें इस तरह प्यार हो जाएगा। हम दोनों ने पूरे रीति-रिवाज के साथ मंदिर में शादी करने का फैसला किया है। हमने एक बच्चा भी गोद लेने का फैसला किया है।
मुलाकात से पहले की कहानी
आरव ने बताया, जब मैं 13 साल का हुआ तब मुझे पता चला कि मैं औरत नहीं हूं। मुंबई जाने के बाद जब मैंने लड़कों के कपड़े पहने और उनके जैसे हेयरस्टाइल रखी। मैं अपना लिंग परिवर्तन कराने दुबई गया। एक साल मैं पूरी तरह से औरत से आदमी में बदल चुका था। यहां तक कि मेरे दाढ़ी और मूंछें भी आनी शुरु हो गई थी।
वहीं सुकन्या कहती है कि परिवार मुझे लड़कों के कपड़े पहनने को और लड़कों के साथ खेलने को कहते थे। एक बार तो एयरपोर्ट पर मुझे ये कहकर रोक दिया गया कि मेरे आधारकार्ड से मेरा चेहरा मैच नहीं कर रहा है। मैं इस समस्या को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना चाहती हूं कि हमें किस समस्या से गुजरना पड़ रहा है।

विवादित बयान मामले में केजरीवाल ने कोर्ट में मांगी माफी

अपने विवादित बयानों के लिये जाने जाते दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा से बीजेपी सांसद अवतार सिंह भड़ाना से पटियाला हाउस कोर्ट में लिखित में माफी मांगी है। पटियाला हाउस कोर्ट में भड़ाना ने केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। साथ ही एक करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की थी। सांसद भड़ाना का आरोप है कि केजरीवाल ने उनके संबंध में 31 जनवरी 2014 को एक आपत्तिजनक बयान दिया था। जिसमें उन्होंने कहा कि भड़ाना देश के सबसे भ्रष्ट व्यक्तियों में से एक हैं। इस आपत्तिजनक बयान से भड़ाना को मानसिक क्षति पहुंची है। भड़ाना ने कहा कि वे समाज के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। इस टिप्पणी से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। उन्होंने केजरीवाल को लीगल नोटिस भेज कर अपने बयान को वापस लेने व माफी मांगने की मांग की थी। मगर, केजरीवाल की ओर से ऐसा नहीं किया गया।
सोमवार को कोर्ट में केजरीवाल ने भड़ाना से लिखित मे माफी मांगी है कि अपने सहयोगी के बहकावे में आकर उन्होंने भड़ाना पर आरोप लगा दिए थे। बाद में पता चला कि वो आरोप सही नहीं है, इसलिए वो माफी मांग रहे है। उन्होंने अपने लिखित हलफनामें में कहा है कि उनका भड़ना पर इस तरह के आरोपों को लगा कर उनकी इमेंज को खराब करने का कोई मकसद नही था।

खामियों के चलते अपडेट होंगी एनसीईआरटी की पुस्तकें

एनसीईआरटी की पुस्तको में 1,300 से ज्यादा तथ्यों की गलतियां सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर ने बताया कि एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित स्कूली टेक्स्टबुक की चल रही समीक्षा के दौरान इन किताबों में 1,300 से ज्यादा तथ्यों की गलतियां पाई गई हैं। एनसीईआरटी ने एक के बाद एक पुस्तकों में गलतियों को देखते हुए पुस्तकों को रिव्यू करने का फैसला लिया है, क्योंकि उनका कहना है, सभी पुस्तकें काफी समय पहले लिखी गई थी और अब इन्हें अपडेट करने की जरूरत है।
बतादें इससे पहले एनसीईआरटी की 54वीं काउंसिल बैठक में दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने किताबों को लेकर एक समीक्षा रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट में सिसोदिया ने किताबों के चौप्टर, प्रेजेंटेशन और भाषा पर आपत्ति जताई है। काउंसिल बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेडकर और कई राज्यों के शिक्षा अधिकारी भी मौजूद थे। उस दौरान ज्यादातर राज्यों के अधिकारियों ने किताबों में बदलाव का सुझाव दिया था। उस समय मीडिया से बात करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा था कि देश के सारे बच्चे एनसीईआरटी की किताब पढ़ते हैं। इन किताबों में बहुत गलतियां हैं, जिसे लेकर बैठक में चर्चा हुई कि किताब में किसी चौप्टर को रखने का मकसद, उसकी भाषा या प्रिजेंटेशन कैसा हो। उनका कहना है कि किताब लिखते वक्त सिर्फ बच्चों के बारे में सोचना चाहिए।

पर्दाफाशः हुस्न के जरिए, लूट को अंजाम

अंधेरी रात में पहले अंग का प्रदर्शन और फिर सुनसान जगह में ले जाकर लूट। सुनने में किसी फिल्मी कहानी सा प्रतीत होता है। मगर, एक ऐसी ही घटना सामने आयी है। जिसमें पहले महिला को आगे रखकर हुस्न का प्रदर्शन किया जाता था, बाद में उसे कार में बैठाकर सुनसान जगह में ले जाकर मारपीट व लूट की जाती थी। गुड़गांव में पुलिस ने रात के अंधेरे में हुस्न की नुमाइश कर लूट करने वाले एक गैंग का पर्दाफाश किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गैंग की मुखिया एक महिला है। रात के समय यह गैंग सड़कों से अपनी गाड़ी में सवारी बैठाकर लूटपाट की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस गैंग के 4 लोगों को गिरफ्तार कर मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला गुड़गांव के इफको चौक और एमजी रोड का है। इस गैंग की मुख्य सरगना की पहचान महिमा उर्फ माही के रूप में हुई है। पिछले कुछ समय से माही अपने साथी गौरव, अक्षय और जानवी के साथ मिलकर लगातार लूट की वारदातों को अंजाम दे रही थी। लूट के समय आरोपी गौरव लड़का होने के बावजूद भी लड़की बनकर रहता था.
आरोपी अपनी गाड़ी लेकर इफको चौक और एमजी रोड पर शिकार की तलाश करते थे। जैसे ही कोई शिकार नजर आता उसे अपनी हुस्न के जाल में फंसाकर गाड़ी में बैठा लिया जाता। इसके बाद पीड़ित को एक सुनसान जगह ले जाकर मारपीट करते और लूट कर फरार हो जाते। काफी समय से पुलिस इन लोगों को तलाश रही थी। सूचना मिलते ही उनको धर दबोचा।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी महिमा पहले भी लूट की वारदात में जेल जा चुकी है। यह महिमा ही लूट की प्लानिंग करती थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने तीन और वारदातों को कबूल किया है। जिसका केस गुड़गांव में ही दर्ज है। फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुछताछ चल रही है।

चीनी बॉर्डर पर सरकार का निर्देश, जल्द सड़क बनाने के दिए आदेश

चीन और भारत में डोकलाम विवाद के बीच सरकार ने बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की फाइनेंशियल और एडमिनिस्ट्रेटिव पावर बढ़ा दी हैं। सरकार ने इसलिए ये कदम उठाया ताकि 3,409 किलोमीटर लंबे इंडिया-चीन बॉर्डर के पास सड़कें बनाने का काम तेजी से किया जा सके। दरअसल, नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इंडिया-चीन बॉर्डर से लगे 61 प्रोजेक्ट लंबे समय से अटके हुए हैं। इंडिया-चाइना बॉर्डर रोड के तहत बनने वाले ये प्रोजेक्ट स्ट्रैटेजिकली इम्पॉर्टेंट हैं व ऐसे इलाकों को सड़कों से जोड़ने का काम कर रहा है, जहां पहुंचना मुश्किल है। असलियत में, सिक्किम सेक्टर में भूटान ट्राइजंक्शन के पास चीन एक सड़क बनाना चाहता है। भारत और भूटान इसका विरोध कर रहे हैं। करीब 2 महीने से इस इलाके में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं। डिफेंस मिनिस्ट्री नेे कहा, बीआरओ में बदलाव लाने का मकसद काम को सही रफ्तार से पूरा करना है, ताकि आर्मी जरूरत के मुताबिक नतीजे हासिल किए जा सकें। बता दें कि इससे पहले बीआरओ के डायरेक्टर जनरल के पास स्वदेशी मशीनरी और इक्विपमेंट के लिए 7.5 करोड़ और विदेश मशीनरी के लिए 3 करोड़ रुपए के अप्रूवल अथॉरिटी थी।
डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा, बीआरओ को बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों के साथ बातचीत की भी आजादी दे दी गई है, ताकि काम को जल्द पूरा करने में मदद मिल सके। चीफ इंजीनियर और टास्क फोर्स कमांडर लेवल तक फाइनेंशियल पावर दे दी गई हैं ताकि चीफ इंजीनियर और बीआरओ डायरेक्टर जनरल और डिफेंस मिनिस्ट्री के बीच बातचीत के नजरिए से भी काम में किसी तरह की रुकावट ना आए।

ब्लू व्हेल का दिखा असर, नहीं ले जा सकेंगे स्कूलों में स्मार्ट फोन

आज के दौर में क्या बच्चे और क्या बड़े। सभी ऑनलाइन गेम से अछूते नहीं है और फिर ऐसे में आया ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल। बच्चों और किशोरों को खुदकुशी के लिए उकसाने वाले ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल के खतरे के मद्देनजर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों में इंटरनेट और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के उपयोग के लिए नये दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें बोर्ड की तरफ सेे स्कूलों को यह साफ तौर पर निर्देश दिया गया है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों स्मार्टफोन, टैबलेट, आई पैड, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बिना इजाजत स्कूल में नहीं ला सकेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा इस्तेमाल कर रहे कंप्यूटर्स को ऐसे जगह रखा जाए जहां से उस पर नजर रखा जा सके। इसके साथ ही स्कूल को यह भी निर्देश दिया गया है कि छात्रों को इंटरनेट के इस्तेमाल करने पर सुरक्षा और प्रभाव के बारे में बताया जाए। इंटरनेट के इस्तेमाल करने पर डिजिटल निगरानी की व्यवस्था हो। बच्चों को केवल पहले से चयन किए हुए वेबसाइट तक पहुंचने की अनुमति देना होगा। उन्होंने कहा कि ब्लू व्हेल ही नहीं, बल्कि सभी जानलेवा वेबसाइट्स पर भी रोक लगनी चाहिए। सीबीएसई के परिपत्र में कहा गया है कि यह सूचित किया जाता है कि दृश्य या श्रव्य सामग्री को संग्रहित, रिकॉर्ड या प्ले कर सकने में समक्ष स्मार्ट मोबाइल फोन, टैबलेट, आई पैड, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरणों को स्कूल या स्कूल बसों में बिना अनुमति के नहीं लाया जाए। स्कूल में प्राचार्य और स्कूल बसों में परिवहन प्रभारी इस बात का ध्यान रखें कि मोबाइल फोन नहीं लाया जा सके।

तो क्या एक साल पहले ही हो जाएंगे लोकसभा चुनाव

यूं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक लंबे समय से राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लोकसभा चुनाव के साथ कराने की वकालत करते रहे हैं। ऐसी अटकलें हैं कि अपनी दलील को अमली जामा पहनाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव करीब एक साल पहले ही कराने पर विचार कर रही है। इसके पीछे का गणित कुछ यह है कि बीजेपी की कोशिश है, साढ़े तीन सालों के दौरान किए गए कामों को लेकर जनता के बीच जाएं और उनसे वोट मांगे। बजाय इसके कि वह 20 महीना और इंतजार करें और रोजगारी और किसानों की समस्या हल करने में अपनी असफलता को और उजागर होने दें। केंद्र सरकार को यह भी पता है कि विपक्ष मौजूदा समय में बेहद कमजोर है, लेकिन उसे यह भी साफ दिख रहा है कि विपक्षी दल कांग्रेस अभी भी देश के कुछ हिस्सों में प्रभावी है। दूसरा यह कि हाल ही में मध्य प्रदेश में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस की स्थिति में जिस तरह सुधार हुआ है। साथ ही पश्चिम बंगाल के निकाय चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने जिस तरह भारी जीत दर्ज की है।वह निश्चित तौर पर बीजेपी के लिए चिंता का सबब होगा। कहीं न कहीं बीजेपी यह भी जानती है कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और गुजरात में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में उसे सत्ता-विरोधी माहौल का सामना करना होगा। ऐसे में अगर पूर्व के चुनावों के मुकाबले पार्टी की सीटों में कमी आती है। तो इसका सीधा असर 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर भी पड़ेगा।
बीजेपी को यह भी याद रखना होगा कि जनता अक्सर सत्तारूढ़ दल के प्रदर्शन से असंतुष्ट होकर उनके खिलाफ मतदान करती रही है। भले विपक्ष कमजोर हो। मगर, इसी साल गोवा और मणिपुर में हुए विधानसभा चुनाव में ऐसा देखने को मिला। जहां कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. यह अलग बात है कि विधायकों को अपने पाले में शामिल करने में सफल रही बीजेपी ने गोवा और मणिपुर में सरकार बनाई, लेकिन इस सच्चाई को नहीं झूठलाया जा सकता कि बीजेपी के प्रति असंतुष्टि की भावना है।

पाक चीफ आर्मी ने कहा जिन्ना का पाकिस्तान बनाएंगे

सीमा पर तनाव के बीच भारत और पाकिस्तान के सीमा रक्षकों ने भारत के 71वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पंजाब के अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर एक दूसरे को मिठाइयां व बधाई दी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों व कर्मियों ने पाकिस्तानी रेंजरों को अटारी संयुक्त जांच चौकी पर व फिरोजपुर जिले के हुसैनावाला सीमा व साथ ही फाजिलिका जिले के सीमा के प्रवेशद्वार पर मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। आपको बता दें कि हाल में द्विपक्षीय तनाव के कारण कई मौकों पर दोनों पक्षों ने मिठाइयां व बधाइयां देना बंद कर दिया था। मिठाइयों का आदान-प्रदान सीमा सुरक्षा बलों के बीच स्वतंत्रता दिवस व दूसरे त्योहारों जैसे ईद व दिवाली पर होता रहता है।

आधी रात को वाघा सीमा पर फहराया 80 फीट का झंडा
पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) ने पाकिस्तान के 70वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वाघा सीमा पर पाक का सबसे बड़ा राष्ट्र ध्वज फहराया। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में बना 120 फीट गुना 80 फीट का ध्वज आधी रात को फहराया गया। इसे 400 फीट की ऊंचाई पर फहराया गया। यह ध्वज दक्षिण एशिया में सबसे ऊंचा और दुनिया में आठवें स्थान पर है। पाक सेना प्रमुख ने कहा, करीब 77 साल पहले लाहौर में पाकिस्तान का संकल्प पारित हुआ था। उन्होंने कहा, कि हम पाकिस्तान को मोहम्मद अली जिन्ना और अल्लामा इकबाल (कवि) का देश बनाएंगे।