मुनाफाखोरी रोकने को मोदी सरकार ने बाजार में उतारे जासूस

एक जुलाई से जीएसटी लागू करने के बाद अब मोदी सरकार ने आम आदमी के फायदे के लिए 200 जासूसों को बाजार में उतारा है। ये जासूस देश के छोटे-बड़े शहरों के साथ-साथ कस्बों में घूमेंगे और ऐसे बिजनेसमैन, होलसेलर और रीटेलर की पहचान करेंगे जो नए टैक्स ढ़ांचे का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
केन्द्र सरकार ने यह कदम बीते एक हफ्ते के दौरान देश के अलग-अलग कोने से मुनाफाखोरी की शिकायतें मिलने के बाद उठाया है। गौरतलब है कि देश के नए टैक्स ढ़ांचे के केन्द्र में मुनाफाखोरी रोकने के प्रावधान है और यदि मुनाफाखोरी पर लगाम नहीं लगाई जाएगी को जीएसटी का पूरा मकसद ही फेल हो सकता है।
केन्द्र सरकार को उम्मीद है कि जीएसटी लागू होने के बाद कंपनियां और दुकानदार पूरी इमानदारी से कारोबार करेंगी तो इस कर सुधार का सबसे बड़ा फायदा आम आदमी को मिलेगा। वहीं इस सुधार में कारोबारियों ने बेइमानी के नए रास्ते इजात कर लिए तो देश में महंगाई बढ़ने की आसार पैदा हो जाएंगे।

जासूस कौन है और कहां घूमेंगे?
केन्द्र सरकार की तैयारी के मुताबिक ये 200 जासूस सीनियर आईएएस, आईआरएस और आईएफएस अधिकारियों में से चुने गए हैं। इन जासूसों को सरकार ने जिम्मेदारी दी है कि वह लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों में घूमकर जरूरी उत्पादों की कीमत का पूरा जाएजा लेंगे। बाजार में प्राइस ट्रेंड पर लगातार अपनी रिपोर्ट केन्द्र सरकार को देंगे। किसी भी जगह दुकानों पर बिक रहे सामान की कीमत का जायजा लेने के लिए खरीदारी कर सकते हैं।
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खुलासे के बाद लालू के परिवार की मुसीबतें बढ़ी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव और उनके परिवार के लिए मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली में राज्यसभा सांसद मीसा भारती और पति शैलेश से जुड़े तीन ठिकानों पर छापे मारे। कई घंटों से पूछताछ के बाद ईडी के अधिकारी लालू के दामाद शैलेश को सैनिक फार्म स्थित उनके फार्म हाउस पर अपने साथ ले गए। ईडी के अधिकारियों ने 5 घंटे तक मीसा और उनके पति से पूछताछ भी की।
आरोप है कि मीसा और उनके पति शैलेश ने मनी लॉन्ड्रिंग की है। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ईडी की छापेमारी की गई है। दरअसल 8000 करोड़ के ब्लैकमनी से व्हाइट करने के मामले मे जांच चल रही है, जिसमें कई लोगों द्वारा शैल कंपनियो के जरिए कालेधन को सफेद करने का आरोप है।

खुलासे के बाद मीसा पर कसा शिंकजा
आरोपों के मुताबिक इसी कंपनी में चार शैल कंपनियो के जरिए पैसा आया था। इसी पैसे से दिल्ली में फार्म हाऊस खरीदा गया था। ईडी इस मामले में शैल कंपनी के मालिक जैन बंधुओं और शैलेश के सीए राजेश अग्रवाल को गिरफ्तार कर चुका है। उन्हीं के खुलासे से मीसा के बारे मे पता चला था।
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मुंबई बम ब्लास्ट में शामिल आरोपी नजीबाबाद से गिरफ्तार

मुंबई सीरियल ब्लास्ट में टाडा के एक आरोपी को गुजरात और यूपी एटीएस ने बिजनौर से गिरफ्तार कर लिया है। इस शख्स पर मुंबई ब्लास्ट में हथियारों की सप्लाई में शामिल होने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपी को गुजरात पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई।
बिजनौर के नजीबाबाद से शनिवार को टाडा के आरोपी कदीर अहमद को गिरफ्तार किया गया। कदीर पर 93 मुंबई बम ब्लास्ट में हथियार सप्लाई करने में शामिल होने का आरोप है। सूत्रों की मानें तो सीरियल ब्लास्ट के लिए टाइगर मेमन द्वारा सप्लाई किए गए हथियार और विस्फोटक जो गुजरात के जामनगर में उतरे थे, उसमें कदीर का अहम रोल था।
यूपी एटीएस के इंस्पेक्टर विश्वजीत सिंह की टीम द्वारा कदीर को ढूंढ निकाला गया। गुजरात और यूपी एटीएस ने कदीर को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ की। जिसके बाद गुजरात एटीएस कदीर को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई।

मेमन के साथ शामिल था..
मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाकों के पीछे पाकिस्तान का हाथ था। इसके लिए पाकिस्तान से पैसे और हथियार आए थे। हथियारों को पाकिस्तान से मुंबई लाने की जिम्मेदारी टाइगर मेमन की थी। एटीएस की मानें तो आरोपी कदीर अहमद टाइगर की टीम में शामिल था।
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कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जीएसटी को कश्मीर की इकोनॉमिक आटोनॉमी में दखल बताया

जीएसटी बिल को लेकर मंगलवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। इंडीपेन्डेंट एमएलए इंजीनियर राशिद ने बिल लागू करने का विरोध किया। वे बीजेपी विधायकों से भिड़ गए। अपोजिशन ने राशिद का समर्थन किया। इस पर स्पीकर ने मार्शल्स से शोर शराबा कर रहे राशिद को सदन से बाहर ले जाने को कहा। लेकिन राशिद और अपोजिशन के मेंबर्स मार्शल्स से भी भिड़ गए। इस खींचातानी में सदन के स्टाफ का एक ऑफिशियल बेहोश हो गया।
राज्य में जीएसटी लागू करने के लिए सरकार ने असेंबली में प्रस्ताव पेश किया। सुबह इस पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान इंजीनियर राशिद ने कश्मीर मसले पर प्रस्ताव पेश की मांग करते हुए कई बार चर्चा को बाधित किया। राशिद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विवादित क्षेत्र है, इस पर एक प्रस्ताव लंबित है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा-राशिद को छूकर दिखाओ
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने राशिद का बचाव किया। उन्होंने बीजेपी मेंबर्स को चुनौती दी कि वे राशिद को छूकर दिखाएं। हालात बेकाबू होते देख स्पीकर कविन्द्र गुप्ता ने मार्शल्स से राशिद को सदन से बाहर निकालने को कहा। लेकिन नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अल्ताफ वानी, अब्दुल मजीद भट और मोहम्मद अकबर लोन ने मार्शल्स को राशिद को बाहर निकालने से रोकने की कोशिश की।
कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस का विरोध
– कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने यह कहते हुए जीएसटी बिल का विरोध किया है कि यह राज्य की इकोनॉमिक आटोनॉमी में दखल देगा। विधानसभा के बाहर दोनों पार्टियों के नेताओं ने काले झंडे भी दिखाए।
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स्वागत है मेरे दोस्त, हमें भारतीय पीएम का 70 सालों से इंतजार था

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय दौरे पर इजराइल पहुंच गए हैं। इसराइल प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने मोदी का गर्मजोशी से तेल अवीव एयरपोर्ट पर स्वागत किया। बीते 70 साल में इसराइल का दौरा करने वाले नरेंद्र मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। तेल अवीव में एयरपोर्ट पर पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने प्रोटोकॉल तोड़कर मोदी का वेलकम किया। एयरपोर्ट पर इजरायल के 11 मंत्री भी मौजूद थे। नेतन्याहू ने एक-एक कर सभी का परिचय मोदी से कराया। एयरपोर्ट से निकलकर मोदी दांजिगर डान फ्लावर फार्म देखने गए। वहां उन्होंने फूलों की खेती के नए तरीकों की जानकारी ली। इजरायल सरकार ने मोदी के सम्मान में गुलदाउदी के फूल को मोदी नाम दिया। इसके बाद मोदी यरूशलम के याद वाशेम मेमोरियल सेंटर (नेशनल होलोकॉस्ट मेमोरियल) गए। वहां उन्होंने नेतन्याहू और अन्य इजरायली लीडर्स के साथ मेमोरियल सेरेमनी में हिस्सा लिया।
– बेन गुरियन एयरपोर्ट पर मोदी के प्लेन से उतरते ही नेतन्याहू ने बहुत गर्मजोशी से उनका हाथ थाम लिया। दोनों नेता 18 मिनट में 3 बार गले मिले। फिर उनको इजरायली सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और दोनों देशों की राष्ट्रगान की धुन बजाई।
– एयरपोर्ट पर बने एक पंडाल में नेतन्याहू ने अपनी स्पीच की शुरुआत हाथ जोड़कर हिंदी में बोलते हुए की। उन्होंने कहा, आपका स्वागत है मेरे दोस्त। इस दौरान नेतन्याहू ने मोदी के लिए कई बार मेरे दोस्त वर्ड का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, हमें 70 साल से भारतीय पीएम का इंतजार था। पीएम मोदी ऐतिहासिक दौरे पर इजरायल आए हैं।
– हम भारत से प्यार करते हैं, आपके कल्चर, हिस्ट्री, डेमोक्रेसी और डेवलपमेंट के लिए कमिटमेंट की तारीफ करते हैं। बता दें कि मोदी 70 साल में इजरायल जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। वे 3 दिन के दौरे पर इजरायल गए हैं।

नेतन्याहू के घर भी जाएंगे
– मंगलवार रात मोदी नेतन्याहू के यरूशलम स्थित घर भी जाएंगे। वहां साझा बयान जारी किया जाएगा। फिर मोदी-नेतन्याहू डिनर करेंगे।
मोदी का 5 मई का शेड्यूल
– मोदी बुधवार को इजरायल के प्रेसिडेंट रेउवेन रिवलिन से मुलाकात करेंगे। पीएम नेतन्याहू के साथ मीटिंग होगी। लंच के बाद दोनों देशों के बीच करार होंगे। ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी।
– मोदी अपोजिशन के नेता एमके इसाक हरजॉग से मुलाकात करेंगे। इसके बाद तेल अवीव में इंडियन कम्युनिटी के इवेंट में शिरकत करेंगे। इजरायल म्यूजियम देखने जाएंगे।

ये है 6 मई का शेड्यूल
– दौरे के तीसरे और आखिरी दिन गुरुवार को मोदी, नेतन्याहू के साथ हाइफा कब्रिस्तान जाएंगे, जहां पहले विश्व युद्ध में शहीद भारतीय सैनिकों को दफनाया गया था।
– इसके बाद दोनों नेता गैल मोबाइल-इंट्रीग्रेटेड वाटर प्यूरीफिकेशन देखने जाएंगे। इसे हाई क्वालिटी पीने का पानी तैयार करने के लिए बनाया गया है। इसका इस्तेमाल आपदा के वक्त पीने का पानी मुहैया कराने में भी किया जाता है।

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आधी रात को बजा घंटा और फिर एक देश एक कर प्रणाली हुई लागू


एक देश-एक कर के लक्ष्य वाला जीएसटी बीती रात संसद के केन्द्रीय कक्ष में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घंटा बजाये जाने के साथ लागू हो गया। प्रधानमंत्री ने इस महत्वपूर्ण कर सुधार की तुलना आजादी से करते हुए कहा कि यह देश के आर्थिक एकीकरण में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। संसद के केंद्रीय कक्ष में हुई विशेष बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसे ऐतिहासिक क्षण करार दिया और कहा कि यह कराधान के क्षेत्र में एक नया युग है जो कि केंद्र एवं राज्यों के बीच बनी व्यापक सहमति का परिणाम है।
राष्ट्रपति ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दायरे के लोगों द्वारा किया गया प्रयास है जिन्होंने दलगत राजनीति को परे रखते हुए राष्ट्र को आगे रखा। उन्होंने कहा कि यह भारत के लोकतंत्र की परिपक्वता और बुद्धिमत्ता का सम्मान है।

जीएसटी सामूहिक प्रयासों की देनः मोदी
इससे पहले समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी सभी राजनीति दलों के सामूहिक प्रयासों की देन है। उन्होंने कहा कि यह सभी राज्यों एवं केंद्र के वर्षों तक चले विचार विमर्श का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जीएसटी सहकारी संघवाद का एक बेहतर उदाहरण है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार सरदार वल्लभ भाई पटेल ने विभिन्न रियासतों को मिलाकर भारत का एकीकरण संभव कराया था, उसी प्रकार जीएसटी के कारण देश का आर्थिक एकीकरण होगा। उन्होंने कहा कि इसमें शुरुआत में थोड़ी दिक्कत आ सकती है लेकिन इसके कारण सभी वर्गों के लोगों को लाभ मिलेगा।
मोदी ने देश के व्यापारी वर्ग से अपील की कि जीएसटी लागू होने से उन्हें जो लाभ होता है उसका फायदा वे गरीब तबके के लोगों तक पहुंचाएं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी लागू होने की लंबी यात्रा का उल्लेख करते हुए इसमें शामिल सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जीएसटी लागू होने से दीर्घकाल में महंगाई पर लगाम लगेगी और कर वंचना कम होगी।संसद के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में आजादी सहित यह चौथा ऐसा मौका है जब मध्य रात्रि के समय कोई कार्यक्रम हुआ। 14 अगस्त 1947 की मध्य रात्रि के अलावा, 1972 में स्वतंत्रता की रजत जयंती और 1997 में स्वर्ण जयंती के अवसर पर ऐसे कार्यक्रम हुए थे।

कांग्रेस सहित कुछ दलों ने किया बहिष्कार
कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने भले ही आज के कार्यक्रम का बहिष्कार किया हो लेकिन आज केंद्रीय कक्ष में सपा, जदयू, जद-एस, राकांपा, टीआरएस, अन्नाद्रमुक, बीजद के सांसदों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा, रतन टाटा सहित प्रमुख उद्योगपति एवं अन्य गणमान्य हस्तियां मौजूद थीं। इस समारोह में मंच पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, प्रधानमंत्री मोदी, वित्त मंत्री जेटली एवं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा मौजूद थे।
जीएसटी के लागू होने से केंद्र और राज्यों के स्तर पर लगने वाले एक दर्जन से अधिक कर समाप्त हो जाएंगे और उनके स्थान में केवल जीएसटी लगेगा। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस कार्यक्रम से दूर रही। कांग्रेस ने जीएसटी की शुरुआत के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम को तमाशा करार दिया। कांग्रेस के इसी बहिष्कार के चलते पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस कार्यक्रम से दूर रहे। तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, डीएमके और वामपंथी दलों ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया।

17 साल पुराना इंतजार हुआ खत्म
जीएसटी से देश की 2,000 अरब की अर्थव्यवस्था और 1.3 अरब लोग सभी एक साथ जुड़ जाएंगे और पूरा देश एक साझा बाजार बन जाएगा। इस समूची प्रक्रिया को पूरा होने में 17 सालों का लंबा समय लगा है। जीएसटी से वर्तमान बहुस्तरीय कर व्यवस्था समाप्त होगी और कर के ऊपर कर लगने से माल की लागत पर बढ़ने वाला बोझ भी समाप्त होगा।

स्मार्ट सिटी बनेगा देहरादून, केन्द्र ने दी मंजूरी


नई दिल्ली।
स्मार्ट सिटी की सूची में देवभूमि देहरादून का नाम भी शामिल हो गया है। लंबे समय से चल रही कवायद को अंततः मंजिल मिल ही गयी है। दून के स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल होने से प्रदेश की राजधानी को विकास की नई दिशा मिलेगी। जिससे प्रदेश में पर्यटन और रोजगार के अवसर श्रृजित होंगे। बता दें कि दून को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल करने की मांग लंबे समय से चल रही है। स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल होने से प्रदेश को लोगों में खुशी की लहर हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत विकास के लिए जिन 30 शहरों की नई सूची जारी की गई है उनमें केरल का तिरूवनंपुरम, छत्तीसगढ़ का नया रायपुर और गुजरात का राजकोट शहर शामिल है। इस नई घोषणा के साथ केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना के तहत चयनित शहरों की संख्या 90 हो गई है। नई सूची के ऐलान से जुड़े के कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए सूची में 40 शहरों के लिए स्थान खाली थे, लेकिन व्यवहारिकता और कार्य करने योग्य योजना सुनिश्चित करने के लिए 30 शहरों का चयन किया गया। स्मार्ट सिटी योजनाओं के तहत 57,393 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत केंद्र हर शहर को पांच साल की अवधि में 500 करोड़ रुपए प्रदान करता है ताकि विभिन्न विकास परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जा सके।
 
आखिर जून माह में क्यों जुटते है कामाख्या मंदिर में देश विदेश के साधक!
नए शहरों की सूची

आंध्र प्रदेश का अमरावती
बिहार के पटना और मुजफ्फरपुर
यूपी से इलाहाबाद, अलीगढ़ और झांसी
तेलंगाना का करीमनगर
केरल के त्रिवेंद्रम,
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और नया रायपुर
गुजरात के दाहोद, गांधीनगर और राजकोट
पुडुचेरी का पुडुचेरी
जम्मू कश्मीर के जम्मू और श्रीनगर
मध्य प्रदेश के सतना और सागर
हरियाणा के करनाल
कर्नाटक के बेंगलुरू
हिमाचल प्रदेश के शिमला
उत्तराखंड के देहरादून
तमिलनाडु के तिरुनवेली
तिरुचिरापल्ली, त्रिपुरा और तूतुकुडी
महाराष्ट्र के पिंरी चिंचवड
अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट
मिजोरम के आइजोल
सिक्किम के गंगटोक शहर

‘सरकारी स्कूलों का गिरता स्तर’ बिहार ने 65 प्रतिशत ‘फेल का बनाया रिकॉर्ड’

लगभग समूचे देश के सरकारी स्कूलों में लगातार गिरते जा रहे शिक्षा के स्तर और खराब परिणामों के कारण इनमें बच्चों के दाखिलों का आंकड़ा लगातार गिरता जा रहा है और अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षा दिलवाने के लिए सरकारी स्कूलों से मुंह मोड़ कर महंगी फीस के बावजूद प्राइवेट स्कूलों को ही प्राथमिकता देने लगे हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर किस कदर गिर चुका है यह कुछ राज्यों के ताजा घोषित नतीजों से स्पष्ट है।
09 मई को घोषित हिमाचल का 10वीं का नतीजा 67.57 प्रतिशत रहा। 20 मई को घोषित हरियाणा का 10वीं का परिणाम 55 प्रतिशत रहा। 22 मई को घोषित पंजाब का 10वीं का परिणाम 57.50 प्रतिशत रहा। 30 मई को घोषित झारखंड का 10वीं का परिणाम 57.91 प्रतिशत रहा जो वहां 10वीं का अब तक का सबसे खराब नतीजा है। झारखंड का 12वीं का नतीजा 52.36 प्रतिशत रहा। 30 मई को ही घोषित बिहार स्कूल शिक्षा बोर्ड की बारहवीं कक्षा की परीक्षा का परिणाम तो उक्त सभी परिणामों की तुलना में घोर निराशाजनक रहा। इस परीक्षा की सभी श्रेणियों में 65 प्रतिशत छात्र-छात्राएं फेल हो गए तथा सिर्फ 35 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को ही सफलता मिल पाई। ये सभी परिणाम देश के 2 दक्षिणी राज्यों केरल के 98.5 प्रतिशत व तमिलनाडु के 94.8 प्रतिशत के पिछले वर्ष के परिणाम के सामने कहीं ठहरते ही नहीं।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 12वीं कक्षा की बिहार स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा ली जाने वाली परीक्षा में ‘नकल का महाघोटाला’ हुआ था तथा 67.66 प्रतिशत छात्र पास घोषित किए गए थे तब सिरे से नालायक छात्रों को परीक्षा में टॉपर घोषित कर दिया गया था। इस घोटाले का पर्दाफाश उस समय हुआ था जब टॉपर घोषित छात्रा रूबी राय टी.वी. इंटरव्यूज में साधारण से प्रश्रों के भी सही उत्तर न दे पाई।
जिसके चलते कोहराम मचने के बाद शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष ललकेश्वर प्रसाद सिंह सहित अनेक उच्चाधिकारियों के विरुद्ध पुलिस में रपट दर्ज करवाई गई। ललकेश्वर सहित अनेक उच्चाधिकारियों और कुछ छात्रों की गिरफ्तारी भी हुई और टॉपर छात्रों के परिणाम रद्द किए गए। इस समय रूबी राय जमानत पर रिहा है तथा बिहार स्कूल शिक्षा बोर्ड के अनेक अधिकारी जेल में हैं ।
बोर्ड के नए अध्यक्ष आनंद प्रकाश के अनुसार पिछली परीक्षा में पक्षपात तथा अनियमितताओं के बोर्ड अधिकारियों पर लगे गम्भीर आरोपों के चलते इस बार उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में कठोरता बरतने तथा उत्तर पुस्तिकाओं की ‘बारकोड’ करने सेे हेराफेरी की गुंजाइश न रहने के कारण ‘मॉडरेशन’ के बावजूद पास प्रतिशत पिछली बार से 32 प्रतिशत कम रहा। बिहार के शिक्षा मंत्री डा. अशोक चौधरी के अनुसार, ‘‘खराब नतीजा बोर्ड द्वारा अतीत में होती रही अनियमितताओं का नतीजा है परंतु कुछ समय में शिक्षा ढांचे में सुधार के बाद शिक्षा के स्तर व परिणामों में भी सुधार दिखाई देगा।’’
सभी राज्यों में देश के अलग-अलग तीन मुख्य राजनीतिक दलों-कांग्रेस, भाजपा और तृणमूल कांग्रेस की सरकारें हैं जो स्पष्ट प्रमाण है कि बेशक इन तीनों दलों का राजनीतिक एजेंडा अलग-अलग है परंतु शिक्षा के प्रति उदासीनता के मामले में तीनों राज्यों की सरकारें लगभग एक जैसी हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए लम्बी छुट्टी लेकर विदेशों में बैठे अध्यापकों की सेवाएं तत्काल समाप्त करने तथा अध्यापकों द्वारा अपने स्थान पर रखे ‘प्रॉक्सी टीचरों’ को निकाल कर उनके स्थान पर नई भर्ती करने और दोषियों विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है।

केंद्र ने कहा- विमान हादसे में हुई थी नेताजी की मौत, परिवार ने कहा- मांगें माफी

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत को लेकर तस्वीर अब साफ होती दिख रही है। एक आरटीआई आवेदन का जवाब देते हुए भारत सरकार ने बताया है कि नेताजी की मौत विमान हादसे में हुई थी। RTI में दिए गए जवाब से नेताजी का परिवार खुश नहीं है। नेताजी के पोते चंद्र कुमार बोस ने कहा कि यह काफी गैर जिम्मेदाराना है, केंद्र सरकार इस तरह का जवाब कैसे दे सकती है, जबकि मामला अभी भी सुलझा नहीं है।
यह आरटीआई सायक सेन नामक व्यक्ति ने दायर की थी, जिसके जवाब में गृह मंत्रालय ने अपना जवाब भेजा है। RTI के जवाब में साफ तौर पर कहा गया है कि नेताजी की मौत 18 अगस्त 1945 को हुई थी। जवाब में कहा गया है कि भारत सरकार की और से नेताजी की मौत से जुड़ी 37 फाइलें जारी की थी, जिसमें पेज नंबर 114-122 पर इसकी जानकारी दी गई है। इस जवाब में शाहनवाज कमेटी, जस्टिस जी.डी. खोसला कमीशन, और जस्टिस मुखर्जी कमीशन की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है।

माफी मांगे गृह मंत्रालय
चंद्र कुमार बोस ने कहा कि गृह मंत्रालय को इस मामले में माफी मांगनी चाहिए, हम चाहते हैं कि इस मामले में SIT का गठन किया जाए, जो कि जारी की गई फाइलों का अध्ययन कर सके, इसके साथ ही हम चाहते हैं कि ताइवान में मिली अस्थियों का केंद्र सरकार DNA टेस्ट करवाए। मैं पहले बोस परिवार का सदस्य हूं और बाद में बीजेपी का नेता… मेरा पहला लक्ष्य उनकी मौत की गुत्थी को सुलझाना है।

आपको बता दें कि इससे पहले भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के रहस्यमय तरीके से गायब होने की गुत्थी नहीं सुलझने से नाराज उनके परिजनों ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नेताजी के भाई के पोते एवं बीजेपी नेता चंद्र बोस ने बताया कि इस बाबत परिवार ने फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ इस सप्ताह आंदोलन शुरू किया जाएगा।

मोदी ने नेताजी से जुड़ी फाइलें की थी सार्वजनिक
पिछले एक साल में मोदी सरकार ने हर महीने नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी 100 फाइलें जारी की। इसकी शुरुआत पिछले साल 23 जनवरी से हुई थी। अब ये सभी फाइलें सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध हैं। 2015 में नेताजी के परिजनों से मिलने के बाद पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की थी कि वह रूस सरकार से भी नेताजी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग करेंगे।

अच्छे रैंक की राह ने बनाया नंदिनी को टॉपर

देश के सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षा, यूपीएससी के नतीजे आ गए हैं। यूपीएससी की परीक्षा में इस बार कर्नाटक की नंदिनी के आर ने टॉप किया है। उनका इस बार ये चौथा प्रयास था, उन्होंने अपनी सफलता का सारा श्रेय अपने मां-बाप को दिया हैं। बेंगलूरू में नंदिनी के माता-पिता भी इस खुशी से फूले नहीं समा रहे। जबसे पता चला है कि उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में टॉप किया है तबसे उनके घर में पड़ोसियों और रिश्तेदारों का मजमा लगा हुआ है। उनके पिता सरकारी हाई स्कूल में टीचर हैं और मां हाउसवाइफ हैं। नंदिनी का कहना है कि वे आज जो कुछ भी हैं अपने माता पिता की बदौलत हैं।

खराब रैंक के बावजूद पलता रहा आईएएस बनने का ख्वाब
नंदिनी का पूरा नाम नंदिनी कोलार राजेश है। उन्होंने इस बार देश के सबसे कठिन माने जानेवाली परीक्षा यानि की सिविल सर्विसेज के एग्जाम में टॉप किया है। जब से रिजल्ट आया है तब से उन्हें मिलने वाली बधाइयों का सिलसिला नहीं रुक रहा है। ओबीसी पृष्टभूमि से आनेवाली 26 साल की नंदिनी कर्नाटक की रहने वाली हैं। उन्होने पिछले साल भी परीक्षा पास की थी लेकिन पिछले साल उनकी रैंक 849वीं थी और वे इससे खुश नहीं थीं। वैसे तो उन्होंने दिल्ली से सटे फरीदाबाद में इंडियन रेवेन्यू सर्विस के लिए ट्रेनिंग तो शुरु कर दी थी लेकिन फिर भी उन्होंने आईएएस बनने का ख्वाब नहीं छोड़ा था।
नंदिनी ने 10वीं तक की पढ़ाई कर्नाटक के कोलार में की, इसके बाद उन्होंने मैंगलोर से 12वीं की पढ़ाई की, 12वीं के बाद उन्होंने बेंगलूरू से एमएस रमैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। पढ़ाई के बाद वे दो सालों तक कर्नाटक में पीडब्ल्यूडी इंजीनियर भी रहीं। यूपीएससी परीक्षा में उनका ऑप्शनल सब्जेक्ट कन्नड़ लिटरेचर था। उनका कहना है कि कन्नड़ साहित्य पढ़ना उनके लिए पढ़ाई से ज्यादा एक हॉबी थी।

1099 छात्रों ने पास की है ये परीक्षा
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा से देश में आईएएस, आईएफएस और आईपीएस अफसर चुने जाते हैं। इस बार 1099 छात्रों ने ये परीक्षा पास की है। जिसमें से 180 छात्र आईएस बनेंगे. 45 छात्र आईएफएस यानि भारतीय विदेश सेवा का हिस्सा होंगे, वहीं 150 छात्र आईपीएस बनाए जाएंगे और इनके अलावा 834 छात्रों को सेंट्रल ग्रुप के ए और बी सर्विस का हिस्सा बनाया जाएगा।