उत्तराखंडः राज्य में लगभग 5000 होमस्टे को किया जायेगा ऑनलाइन

उत्तराखंड में होमस्टे के लिए बुकिंग अब www.uttarastays.com पर की जा सकती है। किसी भी राज्य में पर्यटन विभाग द्वारा यह पहली ऐसी पहल है जहां राज्य प्रायोजित होमस्टे बुकिंग पोर्टल लॉन्च किया गया है।

सचिव पर्यटन/मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद सचिन कुर्वे ने बताया कि राज्य में होमस्टे के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने हेतु यह तीन-आयामी रणनीति, जिसमें सब्सिडी के माध्यम से सहायता, होमस्टे मालिकों को कौशल प्रशिक्षण और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बुकिंग एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने सभी होमस्टे मालिकों को अपने होमस्टे को पोर्टल पर पंजीकृत कराने के लिए भी आमंत्रित किया है। उपयोगकर्ता प्लेटफॉर्म पर होमस्टे को रेटिंग भी दे सकते हैं जिसके माध्यम से होमस्टे संचालकों को उनकी सेवाओं पर वास्तविक प्रतिक्रिया मिलेगी, इससे उन्हें अपनी सेवाओं में सुधार करने का अवसर भी प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि भविष्य में होमस्टे को विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित वेलनेस सेंटरों के साथ जोड़ने की भी योजना है ताकि पर्यटकों को योग, प्राकृतिक चिकित्सा, पंचकर्म, आयुर्वेदिक मसाज आदि जैसी सेवाओं का भी लाभ मिल सके।

राज्य में पर्यटन को बढावा देने के लिये होमस्टे योजना प्रभावी माध्यम है। होमस्टे बुकिंग पोर्टल की शुरूआत, होमस्टे संचालकों की आर्थिकी को भी मजबूत करने वाला प्रयास है। इस पोर्टल से आम जनता को होमस्टे के बारे में सही जानकारी उपलब्ध कराने के साथ होमस्टे को ऑनलाइन बुक करने में सुविधा होगी। यह पहल होमस्टे मालिकों को बुकिंग के लिए एक ऑनलाइन माध्यम प्रदान करने का भी प्रयास है।

पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री उत्तराखंड

इस ऑनलाइन पोर्टल के साथ पर्यटन विभाग द्वारा होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए एक और आयाम जोड़ा गया है। इससे होमस्टे के मालिक होमस्टे के बारे में जानकारी प्रदान करके और इसके लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करके अपने होमस्टे को इस पोर्टल पर बुकिंग हेतु पंजीकृत कर सकते हैं। उत्तराखंड पर्यटन विभाग विभिन्न पर्यटन संबंधी गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। और यह पहल होमस्टे मालिकों को बिना किसी शुल्क के एक ऑनलाइन माध्यम प्रदान कर उनके राजस्व को बढ़ाने की दिशा में एक सशक्त और महत्वपूर्ण कदम है।

सतपाल महाराज
पर्यटन मंत्री

देहरादून पहुंची बाबा बौखनाग की डोली, सीएम ने पूजा कर की खुशहाली की कामना

मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में बाबा बौखनाग की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परेड़ ग्राउण्ड में बाबा बौखनाग की डोली के अयोध्या धाम भ्रमण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने बाबा की पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की तथा डोली को स्वयं कंधा देकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने बाबा बौखनाग डोली समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी भी बाबा बौखनाग के प्रति गहरी आस्था है। बाबा की कृपा पूरे उत्तराखण्ड पर है। इसका उदाहरण सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों की सकुशल रिहाई है। जिनकी कृपा से यह असंभव कार्य संभव हो सका।

उन्होंने कहा कि इसके लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी विशेषज्ञों के साथ इंदौर, चेन्नई, हैदराबाद आदि स्थानों से मशीनरी भेजी तथा विदेशों से भी विशेषज्ञ बुलाये, सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों की सकुशल वापसी में आ रहे अवरोध के समय हम सब विचलित हो रहे थे। उस समय हमें बाबा का स्मरण करने से रास्ता मिला और सभी लोग रेस्क्यू ऑपरेशन के अंतिम दिन तीन घंटे के बजाय आधे घंटे में ही बाहर आए। पूरे देश में इस घटना की चर्चा हुई और हमारे प्रयासों की तारीफ भी हुई, यह बाबा का आशीर्वाद रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन सिलक्यारा की सफलता में बाबा बौखनाग जी की असीम कृपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन, प्रगाढ़ इच्छाशक्ति के साथ ही पग-पग पर उनके सहयोग से विभिन्न संस्थानों, सेना के जवानों, रेट माइनर्स और ग्राउण्ड जीरो पर राज्य सरकार के समेकित प्रयासों से सुरंग में फंसे मजदूरों को जीवन बचाने में हम सफल हो पाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सिलक्यारा सुरंग हादसे में 41 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालना एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन के चलते ही यह बचाव अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो सका। केन्द्र सरकार की ओर से भेजी गई विशेषज्ञ बचाव एजेंसियों की बदौलत हम श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में कामयाब हो सके। 17 दिन 41 जिंदगियों के लिए पूरा देश प्रार्थना कर रहा था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय उन्होंने वहां पर बाबा बौखनाग के मंदिर निर्माण की घोषणा की थी, वह कार्य हो रहा है। शीघ्र ही मंदिर बन कर तैयार हो जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बड़कोट पंपिंग पेयजल योजना के शीघ्र समाधान का आश्वासन देते हुए बाबा बौखनाग मेले को राजकीय मेले के रूप में आयोजित किये जाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा की कृपा से आज हमारा राज्य नीति आयोग द्वारा जारी सतत् विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में 10वें से पहले स्थान पर आया है। चारधाम यात्रा में भी रिकार्ड संख्या में श्रद्धालु आ रहे है। बाबा की कृपा से यमुनोत्री और गंगोत्री में भी श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में बढ़ी है। गंगोत्री यमुनोत्री के साथ महासू देवता के स्थल हनोल का भी मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। अस्कोट से आराकोट तक राज्य समग्र रूप में विकास की दृष्टि से आगे बढ़ रहा है, हमने राज्य हित में अनेक कठिन व कठोर निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता अधिनियम लागू कर हमने प्रदेश की जनता से किया वायदा पूरा किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड से निकलने वाली समान नागरिक संहिता की गंगा पूरे देश में जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि जैसे पवित्र भूमि पर लंबे समय से विभिन्न विभागों की सरकारी भूमि पर कब्जा किया जा रहा था। सरकार द्वारा अभियान चलाकर ऐसी 05 हजार हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के मूल स्वरूप को बनाये रखने के लिये प्रदेश में किसी भी तरह का धर्मांतरण ना हो पाए इसके लिए सख्त कानून का प्रावधान किया गया है। सरकार संपत्ति को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध हमने सख्त कार्रवाई करते हुए दंगा निरोधक कानून बनाया है। जिसके अंतर्गत संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वाले से ही उसकी वसूली की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन साल में 15 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई हैं। प्रदेश में नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं की प्रतिभा का सम्मान किया गया है। पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था से युवा एक साथ कई पदों के लिये पात्रता में आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन, तीर्थाटन राज्य की आर्थिकी का मजबूत आधार है। सड़कों के विकास, हवाई यातायात एवं अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास से चारधाम यात्रा में गत वर्ष की अपेक्षा दुगने तीर्थ यात्री प्रदेश में आये हैं।

इस अवसर पर विधायक दुर्गेश्वर लाल, समिति के अध्यक्ष जयेन्द्र सिंह रावत, पूर्व विधायक राजकुमार, मनवीर चौहान, विनोद डोभाल, दीपक बिजल्वाण, सतेन्द्र राणा, आलोक रावत, चण्डी प्रसाद, यशवंत सिंह, गोपाल सिंह रावत आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किया जागेश्वर धाम के प्रसिद्ध श्रावणी मेले का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में एक महीने तक चलने वाले श्रावणी मेले का पूजा अर्चना कर शुभारंभ किया। उन्होंने जागेश्वर के भंडारा स्थल में पदम का वृक्ष लगाकर हरेला की शुभकामनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर धाम पौराणिक संस्कृति का अप्रतिम प्रतीक है। यहां आकर एक अलग ही शांति की अनुभूति मिलती है। भगवान जागेश्वर सभी श्रद्धालुओं पर अपनी कृपा रखते हैं। उन्होंने कहा कि यहां कोई अपनी मर्जी से नहीं बल्कि बाबा के बुलावे पर ही आता है। श्रावणी मेले को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला पौराणिक संस्कृति का जीता जागता उदाहरण है। श्रावणी मेला सदियों से श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को हरेला पर्व एवं श्रावणी मेले की शुभकामनाएं देते हुए डबल इंजन की सरकार उत्तराखंड के विकास को समर्पित सरकार है। इसी का परिणाम है कि नीति आयोग द्वारा जारी की गई सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में उत्तराखंड प्रथम स्थान पर आया है। यह उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद के विकास को लेकर अनेक घोषणाएं भी की जिनमें सरयू (सेराघाट) से वृद्ध जागेश्वर सहित जागेश्वर क्षेत्र के लिए पेयजल पंपिंग योजना का निर्माण, भगततोला कपकोट मोटर मार्ग का डामरीकरण, मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत वृद्ध जागेश्वर को धार्मिक पर्यटन से जोड़ने, भिकियासेन में डाम का निर्माण, चमडखान में बैंक की स्थापना, भरतोली के प्राचीन देवायल मंदिर का जीर्णाेधार, डिप्टेश्वर महादेव एवं कोटेश्वर महादेव का जीर्णाेधार तथा सौंदर्यीकरण किये जाने, मर्चुला भिकियासेन मोटर मार्ग पर रामगंगा नदी पर मोटर पुल का निर्माण, महात्मा गांधी इंटर कॉलेज चनोदा सोमेश्वर के अपूर्ण भवन का निर्माण किये जाने, चायखन – थूवासीमल से ध्युली – धोनी व ध्यूली रौतेला चौना बैंड तक लिंक रोड का निर्माण किये जाने, सोमेश्वर के ग्राम सभा रहत में धूनी गैर नामक स्थान पर तथा शहर फाटक नंगधूनी मंदिर के पास मिनी स्टेडियम का निर्माण किये जाने, विकासखंड हवालबाग के गोविंदपुर स्थित देवडघाट के नानकोसी में मिनी बैराज का निर्माण के साथ जागेश्वर विधानसभा में 40 किमी डामरीकरण के प्रस्ताव आदि कार्यों की घोषणा शामिल है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य के विकास को समर्पित सरकार है। अल्मोड़ा के कोसी से कौसानी तक साइकिल ट्रैक का निर्माण कार्य किया जा रहा है जिससे अल्मोड़ा जनपद के पर्यटन को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा शहर के विस्तार की भी योजना बनायी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जागेश्वर धाम में पूजा अर्चना की है तब से यहां श्रद्धालुओं की संख्या में गुणात्मक वृद्धि हुई है तथा लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार लगातार देश एवं प्रदेश में विकास के नए नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। प्रदेश के तीर्थाटन को बढ़ाने में भी राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। जिस प्रकार केदारनाथ एवं बदरीनाथ मंदिर के मास्टर प्लान के माध्यम से केदारनाथ एवं बदरीनाथ में श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है उसी प्रकार जागेश्वर धाम के मास्टर प्लान के माध्यम से भी यहां के लोगों के आजीविका के द्वार खुलेंगे। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम के मास्टर प्लान के कार्य पूरा हो जाने के बाद प्रति वर्ष 10 लाख श्रद्धालुओं के यहां आने की उम्मीद है। इसके माध्यम से यहां के लोगों का जीवन खुशहाल होगा एवं जनपद की आर्थिकी में भी बढ़ोतरी होगी।

इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने भी जनपद एवं प्रदेशवासियों को हरेला पर्व एवं श्रावणी मेले के शुभकनाएं दी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य के विकास के लिए प्रयासरत है। इस दिशा में अनेक कार्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन सुदूर आदि कैलाश में कराकर योग दिवस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड की सड़कों का कायाकल्प होगा एवं प्रदेश तेजी से मजबूत अर्थव्यवस्था को और अग्रसर होगा।

विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा ने मुख्यमंत्री के जागेश्वर धाम आने के लिए उनका धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लगातार प्रदेश एवं जनपद के लिए अहम फैसले लिए जा रहे हैं। जो प्रदेश के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।

इस दौरान जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश बहुगुणा, उपाध्यक्ष जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति नवीन चंद्र भट्ट, जिला मजिस्ट्रेट विनीत तोमर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे समेत अन्य विभागीय अधिकारी, जन प्रतिनिधि एवं आम जनमानस उपस्थित थे।

वीर सपूतों के बलिदान को याद कर भावुक हुए मुख्यमंत्री

जम्मू के कठुआ में शहीद हुए उत्तराखंड के पांच जवानों के पार्थिव शरीर जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांचों शाहिद जवानों के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर संपूर्ण राज्य की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने वीर सपूतों के बलिदान को याद कर मुख्यमंत्री भावुक नज़र आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए अत्यंत पीड़ा का क्षण है क्योंकि हमने भाई और बेटा भी खोया है। हमारे रणबाँकुरों ने उत्तराखण्ड की समृद्ध सैन्य परंपरा का पालन करते हुए माँ भारती के चरणों में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ भारती की रक्षा करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध हमारे वीर जवानों का यह सर्वाेच्च बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। इस कायरतापूर्ण हमले के दोषी, मानवता के दुश्मन आतंकवादी किसी भी क़ीमत पर बख्शे नहीं जाएँगे और इनको पनाह देने वाले लोगों को भी इसके परिणाम भुगतने होंगे। सैन्यभूमि उत्तराखण्ड वीर सैनिकों को जन्म देने वाली भूमि है। यहां के जवानों ने सदैव माँ भारती की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देकर अपने राष्ट्र धर्म का निर्वहन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहीद जवानों का नाम भारत हमेशा याद रखेगा। संपूर्ण राज्य को अपने बेटों व भाइयों पर गर्व हैं। पांचों वीर जवान हमारे परिवार के सदस्य हैं। इस दुख की घड़ी में संपूर्ण देश व प्रदेश शहीदों के परिजनों के साथ खड़ा है।

इस अवसर पर सांसद त्रिवेंद्र रावत, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक बृजभूषण गैरोला, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव दीपेंद्र चौधरी, जिला अधिकारी सोनिका, मेजर जनरल आर. प्रेम राज, ब्रिगेडियर संजोग नेगी, कर्नल साकेत उनियाल, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम धामी के तीन वर्ष पूर्ण, यह रहे प्रमुख कार्य…

1. समान नागरिक संहिता

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता विधेयक लागू किया गया। इससे सभी को समान अधिकार मिलेंगे।

2. नकल विरोधी कानून

प्रदेश में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया। इस कानून के लागू होने के बाद पारदर्शिता के साथ समय पर परीक्षाएं संपन्न हो रही हैं।

3. धर्मांतरण विरोधी कानून

उत्तराखंड में जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिये एक सख्त धर्मांतरण

विरोधी कानून लागू किया गया। अब प्रदेश में जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने या करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।

4. दंगारोधी कानून

प्रदेश में दंगारोधी कानून को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। अब दंगाइयों पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही दंगे में होने वाली सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई भी दंगाइयों से ही की जाएगी। इसके लिए क्लेम ट्रिब्यूनल का गठन कर दिया गया है।

5. लैंड जिहाद

लैंड जेहाद पर कार्यवाही करके देवभूमि उत्तराखंड में सुख, शांति और अमन-चौन सुनिश्चित किया है। लैंड जिहाद के तहत की गई कार्यवाही के दौरान प्रदेश में करीब 5 हजार एकड़ सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है।

6. महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण

प्रदेश सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए सरकारी नौकरी में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। इससे महिला सशक्तिकरण को और अधिक बल मिलेगा।

7. राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण

लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके सभी आश्रित पात्रों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया गया।

8. बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

राज्य में निःशुल्क जांच योजना के तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निःशुल्क सुविधा दी जा रही है। हरिद्वार में सुविधायुक्त मेडिकल कॉलेज का निर्माण प्रगति पर। ऊधमसिंह नगर जिले में एम्स ऋषिकेश का सैटेलाईट सेंटर का कार्य गतिमान है।

9. आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना

उत्तराखंड में इस योजना के तहत 55 लाख से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाएं जा चुके हैं, जिसमें से 9 लाख 11 हजार मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है, इस पर 1,720 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।

10. छात्रों को छात्रवृत्ति

उत्तराखंड नई शिक्षा नीति को सबसे पहले लागू करने वाला राज्य बना। प्रदेश में मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत कक्षा 6वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है।

3

11. नारी सशक्तिकरण योजना

नारी सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत महिलाओं को प्रोजेक्ट कॉस्ट का 30 प्रतिशत या एक लाख रुपए की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है।

12. लखपति दीदी योजना

महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु लखपति दीदी योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है। वर्तमान में करीब 80 हजार महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सलाना पांच से सात लाख कमाकर लखपति दीदी बनी है। सरकार ने 2025 तक 1.25 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है।

13. उत्तराखंड ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट

उत्तराखंड ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में विभिन्न देशों के उद्योगपतियों द्वारा 3.56 लाख करोड़ के 1,779 एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं। राज्य सरकार 20 फीसदी करार को धरातल पर उताकर अब तक 71 हजार करोड़ की परियोजनाओं की ग्राउंडिंग की जा चुकी है।

14. एक जनपद दो उत्पाद

उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को बड़े स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से ष्एक जनपद दो उत्पाद योजनाष् की शुरुआत की गई। इस योजना के जरिए प्रत्येक जिले में स्थानीय उत्पादो को व्यावसायिक रूप से बढ़ावा मिल रहा है, उत्तराखंड के 27 उत्पादों को जीआई टैग भी मिल चुके हैं।

15. होम स्टे योजना

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिये होम स्टे योजना शुरु की गई है। इस योजना के तहत, पर्यटकों के ठहरने के लिए पहाड़ों में होम स्टे बनाने पर सरकार 10 लाख रुपये तक की छूट दे रही है। यह योजना पहाड़ों से पलायन रोकने और रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने में काफी सफल साबित हो रही है।

16. नई खेल नीति

उत्तराखंड में नई खेल नीति को लागू कर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस नीति के तहत ओलंपिक खेल में पदक लाने वाले खिलाड़ियों को ग्रुप-ठ पद (ग्रेड पे-5400) पर और ओलंपिक खेल में प्रतिभाग करने वाले एवं विश्व चौंपियनशिप, विश्वकप, एशियन खेल एवं राष्ट्रमंडल खेल के पदक विजेता खिलाड़ी को सीधी भर्ती के पदों पर नियुक्ति दी जा रही है। इसके साथ 8 से 14 साल तक के खिलाड़ियों को शारीरिक टेस्ट और दक्षता के आधार पर हर महीने 1500 रुपये एवं 14 से 23 साल तक के 2600 मेधावी खिलाड़ियों को 2000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है।

17. सीएम हेल्पलाइन 1905

समस्याओं के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन 1905 पर 24 घंटे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। समय-समय पर इस हेल्पलाइन नंबर की समीक्षा स्वयं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी करते हैं तथा शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेते हैं।

18. युवाओं को रोजगार

प्रदेश में पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं संपन्न करवाकर सरकारी पदों पर लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के तीन साल के कार्यकाल में रिकार्ड 7644 युवाओं को पुलिस, दूर संचार, रैंकर्स, आबकारी विभाग, पशुपालन, रेशम, शहरी विकास, वन विभाग, परिवहन विभाग, परिवहन निगम, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग में एलटी, पेयजल निगम, विभिन्न विभागों में सहायक लेखाकार, अनुदेशक, सचिवालय रक्षक, मत्स्य विभाग में रोजगार दिया गया है।

इसके साथ ही 19 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी और विभिन्न रोजगार मेलों के जरिए युवाओं को नौकरी दिलाई जा रही है।

19. अपणि सरकार पोर्टल

अपणि सरकार पोर्टल की सहायता से राज्य के नागरिक ई-डिस्ट्रिक के किसी भी प्रकार के दस्तावेजों को बनवाने अथवा शुद्धि करने हेतु ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। जिससे उन्हें सरकारी विभाग अथवा दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है।

20. भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064

भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिये भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064 लांच किया है, जिस पर आने वाली शिकायत सीधा विजिलेंस विभाग को मिलती है। इसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि जो शिकायत की गई, उसके स्टेटस के बारे में अपडेट शिकायतकर्ता को मिले।

21. मानसखंड कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर

केदारखंड के साथ-साथ मानसखंड कॉरिडोर के तहत कुमांऊ क्षेत्र के मंदिरों का भी विकास कर रहे हैं। वहीं हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर के साथ ही शारदा कॉरिडोर की प्रक्रिया भी गतिमान है।

22. रोपवे कनेक्टिविटी

प्रदेश में रोपवे कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर में रोपवे शुरू किया जा चुका है। इसके साथ ही गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविदं घाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का शिलान्यास किया गया। वहीं पर्वतमाला परियोजना के तहत रानीबाग से नैनीताल, पंच कोटि से नई टिहरी, खलियाटॉप से मुन्स्यारी, नीलकंठ, औली से गौरसों रोपवे, पूर्णागिरि मंदिर रोपवे परियोजनाओं की प्रक्रिया भी गतिमान है। नैनीताल जिले के काठगोदाम से हनुमानगढ़ी के बीच रोपवे के निर्माण कार्य हेतु निविदा प्रक्रिया शुरू।

23. फसलों के दाम में वृद्धि

राज्य सरकार की तरफ से प्रदेश में गेंहू खरीद पर किसानों को 20 रूपए प्रति क्विंटल का बोनस दिया जा रहा है। इसके साथ ही गन्ना के मूल्य में 20 रूपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

24. नहर से मुफ्त सिंचाई योजना

किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए नहर के पानी को किसानों के लिए टैक्स फ्री कर दिया है। अब नहर से सिंचाई करने वाले किसानों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

25. पीआरडी जवानों का बढ़ाया मानदेय

लंबे समय से पीआरडी जवानों के मानदेय बढ़ाने की मांग को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरा करते हुए पीआरडी जवानों के मानदेय में 80 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोत्तरी कर 9,400 जवानों को तोहफा दिया। पूर्व में पीआरडी स्वयंसेवकों को प्रतिदिन 570 रुपये मानदेय दिया जाता था, अब इसमें 80 रुपये की बढ़ोत्तरी करके 650 रुपये प्रतिदिन हो गई है।

26. किसानों के लिए प्रमुख योजनाएं

राज्य सरकार किसानों को तीन लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही किसानों को श्फार्म मशीनरी बैंकश् योजना के अंतर्गत 80 फीसदी तक सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं दूसरी तरफ जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगभग साढ़े चार हजार जैविक क्लस्टरों में काम शुरू किया गया है।

27. किसान सम्मान निधि

वर्तमान में प्रदेश में योजना के अंतर्गत किसानों की संख्या 9.13 लाख है, जिसमें राज्य के 771567 किसानों को रुपए 166.08 करोड़ की धनराशि उनके खाते में हस्तांतरित की गई।

28. बिजली की आपूर्ति

बिजली से वंचित सभी गांवों का शत प्रतिशत विद्युतीकरण किया जा चुका है। वहीं 120 मेगावाट की व्यासी जल विद्युत परियोजना का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इसके साथ ही जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना को केंद्र से निवेश स्वीकृति मिलने के साथ धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है।

29. सैन्य धाम

उत्तराखंड में पांचवें धाम के रूप में देहरादून में शहीद सैनिकों को समर्पित सैन्यधाम की स्थापना की जा रही है। सैन्यधाम के निर्माण के लिए प्रदेश के 1734 शहीद सैनिकों के आंगन की मिट्टी लाई गई है।

30. शहीद सैनिक के परिवार को नौकरी

राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों के परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित किया जा रहा है।

31. सैनिकों को देय एकमुश्त राशि में बढ़ोत्तरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान राशि में वृद्धि की है।

32. वन रैंक, वन पेंशन

आज, देश भर में सैनिकों के परिवारों को व्त्व्च् के तहत 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक मिल चुके हैं। उत्तराखंड में भी हजारों परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है।

33. हवाई सेवा

देहरादून से अमृतसर, देहरादून से पंतनगर, देहरादून से अयोध्या, देहरादून से पिथौरागढ़, देहरादून से गोवा, देहरादून से कुल्लू के हेली सेवा शुरू की गई। त्रिजुगीनारायण, लैंसडाउन, अल्मोड़ा आदि स्थानों के लिए भी हेली सेवा के लिए प्रयासरत। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है, इसके लिए नये टर्मिनल का शुभारंभ किया गया। पंतनगर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा ओएलएस सर्वे कर लिया गया है।

34. एयरपोर्ट का निर्माण

जॉलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है, नये टर्मिनल का उद्घाटन किया गया। वहीं दूसरी ओर ऊधमसिंह नगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित करने की योजना का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया है और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा ओएलएस सर्वे कर लिया गया है।

35. वृद्धा पेंशन

वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर 1500 रू. किया गया है। पहले बुजुर्ग दंपत्ति में से किसी एक को पेंशन मिलती थी, अब पति-पत्नी दोनों को पेंशन दिया जा रहा है।

36. मुख्यमंत्री अंत्योदय निःशुल्क गैस रिफिल योजना

मुख्यमंत्री रिफिल योजना के तहत राज्य के करीब पौने दो लाख गरीब परिवारों के साल में तीन सिलेंडर मुफ्त रिफिल किये जा रहे है। गैस रिफिल करने के बाद पूरी धनराशि सब्सिडी के रूप में डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के

बैंक खाते में डाली जा रही है।

37. क्लस्टर योजना

राज्य में क्लस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस में सब्जी एवं फूलों की खेती के लिए बनाई गई योजना। नाबार्ड की आर०आई०डी०एफ० योजनान्तर्गत क्लस्टर आधारित 100 वर्गमीटर आकार के 17648 पॉलीहाउस स्थापना के लिए 304 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये।

10

38. एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन

मादक पदार्थों की रोकथाम एवं इस सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही हेतु राज्य में वर्ष 2022 में त्रिस्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया।

39. हाउस ऑफ हिमालयाज

उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को अंतर्रास्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने के लिए अम्ब्रेला ब्राण्ड ष्हाउस ऑफ हिमालयाजष् की शुरूआत की गई है।

40. नई फिल्म नीति

प्रदेश में उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 को मंजूरी दी गई है। नई फिल्म नीति के बाद उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग का क्रेज बढ़ेगा। इस नीति में क्षेत्रीय फिल्मों की शूटिंग पर दो करोड़ तक की सब्सिडी दी जाएगी। इसके साथ ही नई फिल्म नीति में फिल्म विकास परिषद का गठन करने का प्रस्ताव है।

40. सोलर एनर्जी उत्तराखंड, सूर्यघर योजना

उत्तराखंड में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। नई सौर ऊर्जा नीति के तहत उरेडा द्वारा चिन्हित 1000 गांवों को सोलर ग्राम बनाया जा रहा है। राज्य सरकार का वर्ष 2025 तक 2000 मेगावाट और 2027 तक 4000 मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा प्लांटो के जरिए उत्पादित करने का लक्ष्य है। सोलर प्रोजेक्ट
लगाने के लिए सरकार 70 फीसदी तक सब्सिडी दे रही है।

41. इन्फ्रास्टक्चर

जमरानी बांध बहुद्देशीय परियोजना का मिली निवेश की स्वीकृति। नैनीताल व ऊधमसिंहनगर के तराई क्षेत्र लाभान्वित होंगे।

300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के लिये निविदा आमंत्रित । 120 मेगावाट की व्यासी जल विद्युत परियोजना का निर्माण पूर्ण कर उत्पादन प्रारम्भ किया जा चुका है।

सौंग बांध परियोजना से देहरादून में वर्ष 2053 तक अनुमानित आबादी के लिए पेयजल आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी।

चीला पॉवर हाऊस 144 मेगावाट की योजना (306 करोड़ रूपये की लागत) का रेनोवेशन कार्य।

जिला रूद्रप्रयाग में 113.71 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित 4.5 मेगावाट की कालीगंगा-द्वितीय लघु जल विद्युत परियोजना।

नैनीताल जिले में बंद पड़ी एचएमटी फैक्ट्री की 45.33 एकड़ जमीन उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित कर दी गई है। राज्य में 30 नई नीतियां प्रख्यापित की गई हैं।

42. बद्रीगाय से उत्पादन का योगदान

बद्री गाय उत्तराखंड की पहली पंजीकृत मवेशी नस्ल है, जिसे राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (छठ।ळत्) द्वारा प्रमाणित किया गया है। साल 2019 की गणना के अनुसार उत्तराखंड में बद्री गाय की संख्या करीब 988,000 थी। बद्री गायों की संख्या में अधिक वृद्धि हो, इसके लिए सरकार कई तरह की योजनाएं भी चला रही है।

12

43. श्री अन्न योजना

सरकार ने मिलेट्स के तहत मंडुवे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 35.78 रूपये तय किया है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन कार्ड धारकों को भी वितरित किया जा रहा है। 2025 तक मिलेट उत्पादन को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अंत्योदय परिवारों को दिया जा रहा एक किलो मंडुआ एवं मध्यान्ह भोजन योजना में झंगोरा और मंडुआ भी दिया जा रहा है।

44. मेट्रोरेल

उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के बड़े शहरों में ट्रैफिक के लोड को कम करने और देहरादून से हरिद्वार और ऋषिकेश को जोड़ने के लिए अत्याधुनिक रैपिड ट्रांजिक सिस्टम का निर्माण करने जा रहा है। इसके लिए उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (न्ज्ञडत्ब्) ने योजना तैयार कर ली है। पहले चरण में, ड्रोन टेक्नोलॉजी और एनालिटिक्स कंपनी आईजी ड्रोन को देहरादून शहर के भीतर प्रस्तावित पर्सनलाइज्ड रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर (च्त्ज्) के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (क्च्त्) तैयार करने के लिए टोपोग्राफिकल सर्वे करने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है।

45. भारत माला प्रोजेक्ट

वर्तमान में उत्तराखंड में भारतमाला परियोजना के तहत 5 योजनाएं चल रही हैं, जिसमें 650 किलोमीटर की 5 सीमावर्ती और सामरिक दृष्टि की सड़कें शामिल हैं। इन सड़कों में भैरव घाटी-नीलम नागा सोनम सड़क, जोशीमठ-मलारी सड़क, माणा से माणा पास सड़क, कर्णप्रयाग से सिमली ग्वालदम की सड़क और अस्कोट से लिपुलेख तक सड़क शामिल है।

13

46. प्रधानमंत्री आवास योजना

अब तक केन्द्र सरकार से उत्तराखंड को 47,654 आवास का अप्रूवल मिल चुका है, जिसमें से 27,923 घरों का निर्माण कार्य पूरा करवाकर उन्हें लाभार्थियों को दे दिया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लेटेस्ट रैंकिंग में उत्तराखंड परफॉर्मेंस इंडेक्स में नेशनल रैंकिंग में दूसरे पायदान पर आ गया है।

47. निःशुल्क राशन

उत्तराखंड के अंत्योदय और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा गारंटी राशन कार्ड वाले करीब 61.94 लाख पात्रों को सरकार रियायती मूल्य पर तीन किलो गेंहू दो किलो चावल व एक किलो मंडवा प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत राज्य की मासिक खपत 1.80 लाख कुंतल गेंहू, 1.20 लाख कुंतल चावल की है।

अन्य महत्वपूर्ण कार्य

48. पर्यावरण मित्रों का एक दिन का मानदेय बढ़ाकर 500 रूपये किया। जबकि पहले उन्हें 300 रुपए प्रतिदिन मिलता था।

49. प्रधानमंत्री निःशुल्क अन्न योजना के तहत देवभूमि के 50 लाख से अधिक परिवारों को मिल रहा खाद्यान्न।

50. कोरोना महामारी और अन्य दुर्घटना में मृत माता-पिता के बच्चों के पालन पोषण के लिए किया जा रहा मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना का सफल संचालन । 51. जल जीवन मिशन के अंतर्गत ष्हर घर नल से जलष् में एक रूपये मात्र में पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है। इसमें राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के 7 लाख से अधिक परिवारों को पानी के कनेक्शन दिये जा चुके हैं।
52. ऑलवेदर रोड के तहत दुर्गम क्षेत्रों की सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।

53. महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता के लिये एक विशेष कोष गठित किया जाएगा।

54. पिटकुल द्वारा हरिद्वार जनपद के पदार्था में 84 करोड़ रूपये की लागत से 132 के.वी. के आधुनिक तकनीक के बिजली घर एवं इससे संबंधित लाइन का निर्माण।

55. राज्य की सभी ग्राम पंचायतों को ऑप्टीकल फाईबर से जोड़ने की योजना पर कार्य गतिमान ।

56. मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के तहत प्रथम दो बालिकाओं के जन्म पर माता और नवजात कन्या शिशु को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट।

57. आपातकाल में जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों की मृत्यु के बाद उनके आश्रितों को भी अब पेंशन मिलेगी। लोकतंत्र सेनानियों की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी या पति को भी 20,000 प्रतिमाह की पेंशन राशि।

58. प्रदेश में गंगा के किनारे 5 कि0मी0 के कोरिडोर में प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहित करने हेतु ष्नमामि गंगे प्राकृतिक कृषि कोरिडोर योजनाष् बनाने हेतु कैबिनेट द्वारा लिया गया निर्णय।

59. आवास विकास विभाग के तहत मिनिस्ट्रियल संवर्ग की कोई नियमावली नहीं थी जिसे मंजूरी दी गई है। वित्त सेवा के तहत प्रमोशन होने के बाद भी अब ट्रेनिंग होगी। पहले प्रमोशन के बाद ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं थी।

60. वित्त विभाग के तहत कर्मचारियों को पहले बैंक से एक्सीडेंट पर बीमा नहीं मिलता था, लेकिन अब बैंकों ने बीमा की कर्मचारियों को सुविधा दी है।
61. बैंक अब 38 लाख से 1 करोड़ तक बीमा देंगे। एसबीआई, कैनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक में जिन कर्मचारियों के खाते होंगे उन्हें बीमा का लाभ मिलेगा।

62. पर्यटन नीति के तहत जिलों को श्रेणी में बांटा गया था, लेकिन अब 10 साल के लिए श्रेणी में बदलाव किया गया है। 10 साल के लिए एसडीएसी होगा।

63. खाद्य वितरण प्रणाली के तहत 13 पदों को भरने को मंजूरी मिली।

64. चिकित्सा सेवा नियमावली में बदलाव किया गया है।

65. चिकित्सा बोर्ड में 3 पदों को भरने के लिए नियमावली में बदलाव किया गया है।

66. महासू देवता मास्टर प्लान के तहत विस्थापितों के लिए पुनर्वास नीति को मंजूरी मिल गई है। इसके तहत 16 परिवारों को विस्थापित किया जाएगा।

उत्तराखंडः कोयला आपूर्ति के लिए केंद्र से मिली सैद्धांतिक स्वीकृति


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर विद्युत मंत्रालय भारत सरकार द्वारा यूजेवीएन लिमिटेड एवं टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम को कोयला आधारित तापीय बिजली संयंत्र की स्थापना हेतु सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी गई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा शक्ति नीति के अंतर्गत अप्रैल 2024 में कोयला आवंटन हेतु भारत सरकार को अवगत कराया गया कि राज्य सरकार अपने सार्वजनिक उपक्रम यूजेवीएन लिमिटेड के अतिरिक्त टीएचडीसी एवं यूजेवीएन लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से भी कोयला आधारित तापीय विद्युत संयंत्र की स्थापना की इच्छुक है। इसी क्रम में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा भी उत्तराखंड राज्य को शक्ति नीति के अंतर्गत 1320 मेगावाट तापीय विद्युत उत्पादन के प्रयोजनार्थ कोयला आपूर्ति हेतु प्रबल संस्तुति की गई थी। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार द्वारा टीएचडीसी तथा यूजेवीएन लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से तापीय विद्युत संयंत्र स्थापना पर सहमति जताई गई। शक्ति नीति के अनुसार कोल इंडिया लिमिटेड केंद्र एवं राज्य सरकारों की उत्पादन कंपनियों तथा उनके संयुक्त उपक्रमों को अधिसूचित दरों पर कोयला आपूर्ति की अनुमति दे सकती है। इसी क्रम में टीएचडीसी तथा यूजेवीएन लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम द्वारा कोयला आवंटन हेतु आवेदन किया जाना प्रस्तावित किया गया था। कोयला आवंटन के उपरांत उत्पादित होने वाली विद्युत से राज्य की विद्युत व्यवस्था में निश्चित ही सुधार होगा।

मानसून की शुरूआत के साथ मंत्री अग्रवाल ने किया नालों का निरीक्षण

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने श्यामपुर हाट बाजार के समीप नेशनल हाईवे से पुरानी चुंगी हरिद्वार मार्ग तक सड़क के दोनों ओर बने नालों का निरीक्षण किया। इस दौरान नालों में गंदगी देख डा. अग्रवाल ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मानसून से पूर्व नालों की सफाई करने के सख्त निर्देश दिए। जिस पर अधिकारियों ने पांच जुलाई तक नालों की सफाई करने की बात कही। इस दौरान नेशनल हाईवे और नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।

डा. अग्रवाल ने श्यामपुर से निरीक्षण की शुरूआत की। इस मौके पर स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां नालों पर गंदगी होने के चलते मानसून के दौरान पानी घरों में प्रवेश करता है। जिस पर मंत्री डा. अग्रवाल ने नेशनल हाईवे के अधिकारियों को नालों के सफाई के लिए निर्देशित किया। इस दौरान मंडल अध्यक्ष श्यामपुर दिनेश पयाल, मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा सोनी रावत, चंद्रमोहन पोखरियाल, प्रभाकर पैयूली आदि उपस्थित रहे।

इसके बाद डा. अग्रवाल ने नंदू फार्म से होते हुए कोयल घाटी, हरिद्वार मार्ग, पुरानी चुंगी तक निरीक्षण किया। यहां नालों में गंदगी और बिना सफाई किये स्लैब डाले जाने पर नाराजगी जताई। इस पर अधिकारियों ने पांच जुलाई तक नालों में सफाई करने की बात कही। इस दौरान मंडल अध्यक्ष वीरभद्र मोर्चा सुरेंद्र कुमार, मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा निर्मला उनियाल, महामंत्री तनु तेवतिया, पुनीता भंडारी, मनोरमा, पूनम डोभाल, पिंकी धस्माना, सुमन रावत, बालम सिंह, विजय जुगलान आदि उपस्थित रहे।

इस दौरान डा. अग्रवाल ने नगर निगम के अधिकारियों को कोयल घाटी पर सड़क पर बिखरी गंदगी के लिए भी निर्देशित किया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता नेशनल हाइवे नवनीत पांडेय, अधिशासी अभियंता मनोज राठौर, एमएनए शैलेन्द्र सिंह नेगी, एसएनए रमेश रावत, दिनेश भट्ट, मंडल अध्यक्ष सुमित पंवार, वन विकास निगम के सदस्य देवदत्त शर्मा, निवर्तमान पार्षद शिव कुमार गौतम, दीपक बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

केंद्रीय बजट से पूर्व हुई नई दिल्ली में बैठक, सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों ने किया प्रतिभाग

उत्तराखंड के वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने आगामी केन्द्रीय बजट के लिए राज्यों के सुझाव के सम्बन्ध में नई दिल्ली में आयोजित बैठक में प्रतिभाग किया।

भारत मंडपम में आयोजित बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री भारत सरकार निर्मला सीतारमण जी ने की। बैठक में केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों सहित केन्द्रीय एवं राज्य सरकार के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड की ओर से वित्त मंत्री प्रेम चन्द अग्रवाल एवं सचिव वित्त दिलीप जावलकर उपस्थित थे।

बैठक में उत्तराखण्ड के वित्त मंत्री डॉ प्रेम चन्द अग्रवाल ने देवभूमि उत्तराखण्ड की जनता की ओर से बजट निर्माण पूर्व बैठक में प्रतिभागिता का अवसर देने के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री जी का आभार व्यक्त किया। आगामी बजट में उत्तराखण्ड की भौगोलिक एवं परिस्थितियों को विशेष रूप से सहानुभूति पूर्वक विचार करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री डॉ प्रेम चन्द अग्रवाल ने तीन बिन्दुओ को प्रमुखता से उठाया।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि एक पर्वतीय व सीमान्त राज्य होने के दृष्टिगत सुदृढ़ कनेक्टिविटी व सुचारू आवागमन एक महत्वपूर्ण बिन्दु है। ऑल वेदर रोड़ व ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना सहित राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं पर द्रुतगति से हो रहे कार्य हमारे लिए संजीवनी का कार्य कर रहे हैं। हमें आशा है कि आगामी बजट में उत्तराखण्ड को नयी केन्द्रीय योजनाओं का आशीर्वाद मिलेगा। इस आलोक में आगामी बजट में ऋषिकेश-उत्तरकाशी तथा टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना हेतु आवश्यक प्रावधान करने का निवेदन किया।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड सहित कुछ दूसरे हिमालयी राज्यों को प्रतिवर्ष लैण्ड स्लाइड का सामना करना पड़ रहा है। क्रोनिक लैण्ड स्लाईड के ट्रीटमेंट हेतु राष्ट्रीय महत्व के शोध संस्थान की स्थापना उत्तराखण्ड के सीमान्त व संवेदनशील जनपद यथा-चमोली, पिथौरागढ़ तथा चम्पावत आदि में किये जाने का अनुरोध किया।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि भू-जल के स्तर में क्षरण एक ज्वलन्त समस्या है। यह देखा गया है कि हिमालय के तराई भाग में भूजल के स्तर में तीव्रता से क्षरण हो रहा है। आबादी का बडा भाग तराई क्षेत्र में निवास करता है। यहाँ के वाटर टेबल को बचाये जाने के लिए तथा भूजल के स्तर में क्षरण को यथा शीघ्र रोके जाने के लिए गम्भीर प्रयासों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस सम्बन्ध में हमारे राज्य की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं यथा कुमायूँ मण्डल के हल्द्वानी एवं समीपवर्ती तराई के शहरों में सिंचाई व पेयजल आपूर्ति हेतु जमरानी बांध परियोजना एवं गढवाल मण्डल में देहरादून व उपनगरीय क्षेत्र में पेयजल की समस्या के निदान हेतु सौंग बांध परियोजना उल्लेखनीय हैं। केन्द्र सरकार की कृपा से जमरानी बांध परियोजना को पी. एम.के.एस.वाई. ए.आई.वी.पी. योजना के अन्तर्गत आच्छादित किया जा चुका है। इसी क्रम में गढवाल मण्डल में देहरादून व उपनगरीय क्षेत्र में पेयजल की समस्या के निदान हेतु सौंग बांध परियोजना जो यद्यपि सिंचाई परियोजना नहीं है तथापि भूजल के स्तर को बनाये रखने के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है कि वित्त पोषण हेतु सहानुभूति पूर्वक विचार करने का अनुरोध किया।
———————————-
’कई बिंदुओं को लेकर डॉ अग्रवाल ने दिया ज्ञापन’
’नई दिल्ली/देहरादून।’ वित्त मंत्री डॉ प्रेमचन्द अग्रवाल ने इस अवसर पर एक ज्ञापन दिया। जिसमें
ऽ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा जल जीवन मिशन योजना से राज्य में विद्यमान ग्रेविटी स्कीमों की तुलना में पम्पिंग स्कीमों पर अधिक निर्भरता के दृष्टिगत राज्य द्वारा अतिरिक्त व्यय की ओर ध्यान आकर्षित किया गया तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अनुरूप ही जल जीवन मिशन योजना के अनुरक्षण के लिए भी केन्द्रीय सहायता का अनुरोध किया गया।

ऽ ैक्त्थ् योजना से अनाच्छादित आपदाओं/ घटनाओं हेतु नई योजना प्रारम्भ करने हेतु अथवा अनाच्छादित मदों जैसे भ्पही टवसजंहम ज्तंदेउपेेपवद स्पदमे / वनाग्नि आदि घटनाओं को ैक्त्थ् की ळनपकमसपदम से आच्छादित करने का अनुरोध किया।

ऽ राज्य के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में जल विद्युत परियोजनाओं को प्रोत्साहित किये जाने हेतु रू. 2 करोड़ प्रति मेगावाट की दर से रू. 8 हजार करोड़ की टपंइपसपजल ळंच थ्नदकपदह (टळथ्) प्रदान करने हेतु आवश्यक प्रावधान आगामी बजट में करने का अनुरोध किया। वृद्धावस्था पेंशन हेतु केन्द्रांश को रू0 200 से बढ़ाकर रू0 500 किये जाने, मानसखण्ड माला

ऽमिशन के अन्तर्गत इंटरनल कनेक्टिीविटी को सुदृढ़ करने, नेट फेज-2 परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन किये जाने एवं मनरेगा कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्तराखण्ड सहित समस्त पर्वतीय राज्यों हेतु श्रम व सामग्री का अनुपात 60रू40 के बजाय 50रू50 किये जाने का अनुरोध किया।

ऽ राज्य में प्रतिवर्ष करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुाओं के आने (फ्लोटिंग पोपुलेशन) के परिणाम स्वरूप साफ-सफाई एवं अवस्थापना सुविधाओं के नों के अनुरक्षण हेतु आगामी बजट में यथोचित योजना के अन्तर्गत इस बिन्दु पर सहानुभूतिपूर्वक अनुदान देने के लिये विचार करने का अनुरोध किया।

डॉ प्रेमचन्द अग्रवाल ने बताया कि विभिन्न केन्द्र पोषित योजनाओं व केन्द्रीय अनुदानों से प्रदेश के सर्वांगीण विकास का पथ प्रशस्त हुआ है। केन्द्र के आशीर्वाद से हमारी विकास यात्रा को गति मिली है।

मुख्यमंत्री से नेपाल एसोसिएशन ऑफ टूर एंड ट्रेवल एजेंट के प्रतिनिधियों ने की भेंट


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सचिवालय में नेपाल एसोसिएशन ऑफ टूर एंड ट्रेवल एजेंट के प्रतिनिधियों ने अध्यक्ष पद्म विक्रम सिंह के नेतृत्व में भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को नेपाल में संचालित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल से हमारे रिश्ते जुड़े हैं। उत्तराखण्ड एवं नेपाल के पर्यटन व्यवसायी आपस में मिलकर पर्यटन व्यवसाय को नये आयाम देने में मददगार हो सकते हैं। उन्होंने पर्यटन को आर्थिकी का आधार बताते हुए इस दिशा में नेपाल एसोसिएशन ऑफ टूर एंड ट्रेवल के प्रयासों की भी सराहना की।
इस अवसर पर दून ट्रैवल ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल, सचिव प्रवीण चावला आदि भी उपस्थित थे। जबकि नेपाल टूरिज्म बोर्ड के सदस्यों में माया प्रकाश भट्टा, विक्रम शाह आदि उपस्थित थे।

सीएम ने गूंजी का निरीक्षण कर की घोषणा, बोले बनाएंगे मास्टर प्लान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आदिकैलाश में आयोजित योग कार्यक्रम में योग कर देश व दुनिया को योग का संदेश दिया। योग के महत्व पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि योग में मानव जीवन को सुखमय बनाने की ताकत है। योग तन, मन और आत्मा का संगम है। मुख्यमंत्री ने आदिकैलाश क्षेत्र में पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं का आह्वान किया कि भगवान भोलेनाथ की इस पावन धरा पर आने वाले पर्यटक, श्रद्धालु बन कर आयें। इससे उन्हें आत्मिक शान्ति का आभास होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में बडी संख्या में पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के आगमन से स्थानीय लोगों को रोजगार व स्वरोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। स्थानीय खानपान को बढावा देने से स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा। ऊनी कालीन उद्योग भी यहां की आर्थिकी का आधार रहा है, इसे बढ़ावा देने के प्रयास हों। उन्होंने इस क्षेत्र में नगरीकरण में निर्मित होने वाले भवनों के निर्माण में स्थानीय वास्तुकला का ध्यान रखते हुए शत-प्रतिशत होमस्टे पर आधारित पर्यटन विकसित किये जाने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में परिवहन सुविधा के मानकीकरण तथा इनर लाईन परमिट निर्गत करने की प्रक्रिया का सरलीकरण किये जाने पर ध्यान देने को कहा। इस दिशा में संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता का ध्यान रखना होगा इससे यहां आने वाले लोगों को सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में देश व दुनिया से आने वाले लोगों को बिचौलियों के माध्यम से कोई परेशानी न उठानी पड़े तथा इस संवेदनशील सीमांत क्षेत्र में किसी प्रकार की अशान्ति न हो इस पर भी ध्यान देने की उन्होंने जरूरत बतायी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्राकृतिक जल श्रोत सूखने के साथ ही पर्यावरण दूषित हो रहा है। इस दिशा में परंपरागत धारे, नौले, गधेरों को पुनर्जीवित करने के लिये कार्ययोजना बनाई गई है। इसमें सभी को सहयोगी बनना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आदर्श राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाते हुए जल और जंगल के संरक्षण एवं संवर्द्धन में देश को दिशा देने का कार्य कर सके इसमें भी हम सबको योगदान देना होगा। पर्यावरण संरक्षण के लिये अधिक से अधिक वृक्षारोपण की भी मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आने वाले समय मे गुंजी को मास्टर प्लान के माध्यम से शिवधाम बनाया जायेगा जिसमे स्थानीय लोगो के भी सुझाव लिये जायेंगे। गुंजी, नाबी, कुटी, नौटी, बूँदी के व्यक्तियों को विकास कि मुख्य धारा से जोड़ा जायेगा, जिसके लिए केंद्र व राज्य सरकार प्रयासरत हैं

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पार्वती सरोवर के निकट शिव मंदिर पहुंच कर कुटी समाज के रीति रिवाज़ से मंदिर में पूजा अर्चना करते हुए उत्तराखंड की सुख समृद्धि तथा खुशहाली की प्रार्थना की।

केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा ने भी योग दिवस पर सभी को शुभकामनाएं दी। इस अवसर मे विधायक धारचूला हरीश धामी, ब्लॉक प्रमुख धन सिंह धामी, दायित्वधारी गणेश भंडारी, सचिव लोक निर्माण विभाग ड़ॉ पंकज कुमार पाण्डेय, आयुक्त कुमाऊ दीपक रावत, डीआईजी योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी रीना जोशी, मुख्य विकास अधिकारी नंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, आयुष योग प्रशिक्षक एवं जनप्रतिनिधि आदि मौजूद थे।