हर हर महादेव के उद्घोष के साथ खुले बाबा केदारनाथ धाम के कपाट, सीएम बने साक्षी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बने कपाट खुलने के दिव्य क्षणों के साक्षी हर हर महादेव, जय श्री केदार के उदघोष से प्रफुल्लित हुई बाबा केदार की नगरी

श्रद्धा, आस्था और दिव्यता की अद्भुत त्रिवेणी, ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज बुधवार को विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। प्रातः 8 बजे शुभ मुहूर्त में कपाट खुलते ही पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “जय श्री केदार” के उद्घोष से गूंज उठा। धाम में पहली पूजा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गई।

इस पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे और उन्होंने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर प्रदेश एवं देश की सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। सिख रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच कपाट उद्घाटन का यह दिव्य क्षण और भी अलौकिक बन गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केदारनाथ धाम न केवल सनातन धर्मावलंबियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि यह भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा हर वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है और इस वर्ष भी बाबा केदार के आशीर्वाद से यात्रा ऐतिहासिक होगी।

मुख्यमंत्री ने की अपील
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने सभी उत्तराखंडवासियों से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के प्रति सेवा और आतिथ्य भाव बनाए रखने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को बाबा केदारनाथ का अनन्य भक्त बताते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद उनके मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का भव्य एवं दिव्य पुनर्निर्माण हुआ है, जो आज विश्वभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।

फूलों से सजा बाबा केदार का धाम
भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से गुप्तकाशी, फाटा और गौरीकुंड होते हुए कल शाम ही धाम पहुंच चुकी थी। इसी क्रम में कपाट खुलने की प्रक्रिया आज प्रातः 5 बजे से प्रारंभ हुई। इसके बाद प्रातः 8 बजे रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी गंगाधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, तीर्थ पुरोहित उमेश चंद्र पोस्ती सहित धर्माचार्यों एवं वेदपाठियों ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर विधिवत पूजा-अर्चना की। देव आवाहन एवं लोककल्याण के संकल्प के साथ ठीक 8 बजे कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट उद्घाटन के अवसर पर श्री केदारनाथ मंदिर को 51 क्विंटल से अधिक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

ये रहे मौजूद
कपाट खुलने के अवसर पर गीता धामी, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी, पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, तीर्थ पुरोहित उमेश चंद्र पोस्ती, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग/मुख्य कार्याधिकारी बीकेटीसी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, सहित बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहितगण, हकहकूकधारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वच्छ और शुद्ध भोजन के लिए व्यापक तैयारी

चारधाम यात्रा मार्ग के होटल – ढाबों में इस बार तीर्थयात्रियों को स्वच्छ और शुद्ध भोजन मिलेगा, इसके लिए खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने यात्रा मार्ग पर क्विक रिस्पांस टीमों और मोबाइल फूड सेफ्टी वैन की तैनाती की है। साथ ही विभाग ने यात्रा मार्ग के होटल- ढाबों और खाद्य कारोबारियों के साथ व्यापक स्तर संवाद और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरु किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चारधाम यात्रा को हरित यात्रा की थीम पर, संचालित करने पर जोर दे रहे हैं। इसी क्रम में खाद्य संरक्षा औषधि प्रशासन विभाग, यात्रा मार्ग के प्रमुख शहरों में होटल और खाद्य कारोबारियों के साथ प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित कर रहा है। विभाग ने
चारधाम मार्ग पर शुद्ध और ताजा भोजन उपलब्ध कराने के लिए रोटेशन के आधार पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी तैनात किए हैं। साथ ही यात्रा मार्ग पर खाद्य पदार्थों की जांच और जन जागरुकता के लिए मोबाइल फूड सेफ्टी वैन और शिकायत रिस्तारण के लिए क्विक रिस्पांस टीम भी तैनात की गई है। विभाग ने शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर -18001804246 भी जारी किया है।
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन सचिन कुर्वे के निर्देश पर विभाग यात्रा मार्ग के होटल, ढाबा संचालकों के साथ मीटिंग कर ग्रीन यात्रा, स्वच्छता और मिलावट रहित भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षण दे रहा है। उपायुक्त मुख्यालय गणेश कंडवाल ने बताया कि आयुक्त के दिशानिर्देशों के क्रम में अब तक उत्तरकाशी, श्रीनगर , देवप्रयाग, तीनधारा, चंबा, घनसाली, रुद्रप्रयाग, घट्टूगाड़ में 250 से अधिक होटल कारोबारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इन कार्यशालाओं में कारोबारियों से अपने भोजन में तेल, नमक और चीनी का उपयोग कम करने की अपील की जा रही है। इससे खासकर मधुमेह और उच्च रक्तचाप की समस्या से पीड़ित यात्रियों को सुविधा रहेगी। साथ ही ईट राइट अभियान के क्रम में होटलों को खाद्य तेल को तीन बार से अधिक इस्तेमाल करने के बजाय इसे बायोफ्यूल बनाने के लिए उपलब्ध कराने के लिए कहा जा रहा है।

चारधाम यात्रा में देश विदेश के लाखों यात्री उत्तराखंड पहुंचते हैं। हमारा प्रयास है कि ना सिर्फ तीर्थ यात्रियों को शुद्ध भोजन और स्वच्छ वातावरण मिले, बल्कि यात्रा के चलते हमारे पवित्र तीर्थस्थलों पर सिंगल यूज प्लास्टिक की समस्या भी पैदा न हो, हम सिंगल यूज प्लास्टिक का रिड्यूज, रियूज और रिसाइकिल के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

महिलाओं के अधिकारों में बाधा पहुंचाने वालों को करारा जवाब देगी मातृशक्तियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज भाजपा प्रदेश कार्यालय, देहरादून में आयोजित एक विस्तृत एवं महत्वपूर्ण प्रेस कांफ्रेंस के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संबंधित विषय पर विपक्ष के महिला विरोधी रवैये के संबंध में अपने विचार और तथ्य विस्तारपूर्वक रखे। उन्होंने इस विषय को केवल एक विधायी पहल नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों, सम्मान और सशक्तिकरण से जुड़ा हुआ ऐतिहासिक अवसर बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय-निर्माण में समान भागीदारी देने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता था। यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल थी, जिससे लोकतंत्र और अधिक समावेशी और संतुलित बनता। लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (ज्डब्) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (क्डज्ञ) जैसे विपक्षी दलों ने एक बार फिर राजनीतिक स्वार्थ के चलते इसे सफल नहीं होने दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का यह रवैया न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह महिलाओं के अधिकारों और उनकी आकांक्षाओं के प्रति उनकी वास्तविक सोच को भी उजागर करता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब भी देश में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कोई ठोस और निर्णायक कदम उठाया जाता है, तब-तब विपक्षी दलों द्वारा किसी न किसी बहाने से उसे रोकने या कमजोर करने का प्रयास किया जाता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अधिकारों को टालने और दबाने का रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब महिलाओं को शीघ्र 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने की दिशा में ठोस पहल की गई, तब विपक्ष ने बहानों, भ्रामक तर्कों और राजनीतिक गणित के जरिए इस प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास किया। यह केवल एक विधेयक का विरोध नहीं था, बल्कि यह महिलाओं की प्रगति को रोकने का प्रयास था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा लगातार यह भ्रम फैलाया गया कि परिसीमन की प्रक्रिया के कारण कुछ राज्यों या क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जबकि यह पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन है। इस विषय पर केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने भी संसद में स्पष्ट किया था कि परिसीमन की इस प्रक्रिया से देश के किसी भी राज्य या क्षेत्र के प्रतिनिधित्व पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि संतुलित और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। इसके बावजूद विपक्ष ने जनता को गुमराह करने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज देश की मातृशक्ति जागरूक है, सक्षम है और अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग है। उन्होंने कहा कि आज की महिला केवल घर तक सीमित नहीं है, बल्कि वह हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का लोहा मनवा रही हैकृचाहे वह राजनीति हो, प्रशासन हो, शिक्षा, विज्ञान, खेल या उद्यमिता का क्षेत्र। ऐसे में महिलाओं को निर्णय-निर्माण की मुख्यधारा से दूर रखना न तो न्यायसंगत है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में देश की मातृशक्ति उन दलों को करारा जवाब देगी, जो उनके अधिकारों में बाधा बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल दर्शक नहीं हैं, बल्कि वे देश की नीति और दिशा तय करने में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाओं और कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू कर रही हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ करना और समाज में उनकी भागीदारी को बढ़ाना है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं और भविष्य में भी ऐसे सभी प्रयास किए जाते रहेंगे, जो देश की मातृशक्ति को सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानित बनाने में सहायक सिद्ध हों। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे प्रयासों से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा महिलाओं को उनका उचित स्थान और सम्मान अवश्य प्राप्त होगा।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विधायक सविता कपूर, पार्टी की वरिष्ठ महिला पदाधिकारीगण, विभिन्न प्रकोष्ठों एवं मोर्चों की प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता, युवा कार्यकर्ता, तथा पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।

उत्तराखंडः गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इसके साथ ही उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा 2026 का भी शुभारंभ हो गया है। दोनों धामों में प्रधानमंत्री के नाम से पहली पूजा की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री धाम में कपाटोद्घाटन समारोह में संकल्प लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा की और चारधाम यात्रा के सफल आयोजन तथा देश-प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना की है।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर से चलकर गंगोत्री धाम पहुंची। गंगोत्री धाम में विशेष पूजा-अभिषेक के साथ 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गये। मां यमुना की डोली शनिदेव महाराज की अगुवाई में शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली से चलकर यमुनोत्री धाम पहुंची। धार्मिक विधि- विधान के साथ 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनात्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए।

गंगोत्री धाम के कपाटोद्घाटन समारोह में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉं गंगा के मंदिर में शीश नवाया और विशेष पूजा-अर्चना की और देव डोली से आशीष भी प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पावन अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो चुका है। उत्तराखण्ड के चारधाम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं, और इन दिव्य धामों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करने की इच्छा हर श्रद्धालु के हृदय में रहती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक और सुदृढ़ व्यवस्थाएँ की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वाेपरि रखते हुए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए हैं। साथ ही, यात्रा मार्गों पर सुचारु यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि देवभूमि उत्तराखण्ड में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को दिव्य धामों का आशीर्वाद प्राप्त होने के साथ-साथ यात्रा का एक सुखद, सुरक्षित और अविस्मरणीय अनुभव मिले। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से ग्रीन और क्लीन चारधाम यात्रा के सफल आयोजन हेतु सहयोग की अपील करते हुए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहने का आग्रह भी किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक सुरेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, दायित्वधारी प्रताप पंवार, जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशान्त आर्य, एसपी कमलेश उपाध्याय, एडीएम मुक्ता मिश्रा, मुख्यमंत्री के गढ़वाल कोर्डिनेटर किशोर भट्ट, मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मांनंद सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि,अधिकारी एवं मंदिर समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इस वर्ष चारधाम यात्रा पर ड्रोन से होगी कूड़ा और प्लास्टिक वेस्ट की मॉनिटरिंगः धामी

सीएम धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्लास्टिक बोतलों को हतोत्साहित करने के लिए यात्रा मार्ग पर जगह-जगह वाटर एटीएम एवं त्व् प्लांट स्थापित किए जाएं, कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्लास्टिक वेस्ट के लिए “मनी बैक” योजना को पूरे प्रदेश में लागू किया जाए और हर दुकान पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट अनिवार्य किया जाए। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा 2026 को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री आवास में शहरी विकास विभाग, पर्यटन विभाग तथा वन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

चारधाम यात्रा रूट में पड़ने वाले ग्राम पंचायत तथा अन्य संस्थाएं कूड़े एवं प्लास्टिक वेस्ट की ड्रोन के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग करेंगी और इसके लिए एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।

यात्रा मार्ग पर स्थित 30 नगर निकायों को मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। यात्रा के दौरान सफाई व्यवस्था को मजबूत करने हेतु बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है तथा अतिरिक्त सफाई कर्मियों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे मार्ग, बाजार, घाट एवं सार्वजनिक स्थल निरंतर स्वच्छ बने रहें। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत 37 एमआरएफ केंद्र, 299 कम्पोस्ट पिट, 38 प्लास्टिक कम्पैक्टर/बेलिंग मशीनें तथा 266 कचरा परिवहन वाहन तैनात किए गए हैं, जिससे कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित हो सके।

श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं के अंतर्गत सार्वजनिक शौचालयों का विस्तार किया गया है, जिसमें महिलाओं, पुरुषों एवं दिव्यांगजनों के लिए पृथक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं तथा 74 मोबाइल शौचालय इकाइयां भी संचालित की जाएंगी। यात्रा के दौरान वाहनों के दबाव को देखते हुए व्यापक पार्किंग व्यवस्था विकसित की गई है, जिसमें छोटे-बड़े वाहनों हेतु हजारों पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं और वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। श्रद्धालुओं के ठहराव हेतु होटल, लॉज, धर्मशालाओं एवं आश्रमों में लगभग 28,395 कमरे तथा 67,278 बिस्तरों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। रात्रिकालीन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख मार्गों पर 19,604 स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गई हैं।

चारधाम यात्रा को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने पर विशेष फोकस किया गया है। वर्ष 2025 में प्लास्टिक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के बाद वर्ष 2026 में इसे जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक अभियान का रूप दिया जाएगा। यह पहल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “स्वच्छ भारत” एवं “हरित, सतत विकास” के विजन से प्रेरित है और लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा को पूर्णतः स्वच्छ, प्लास्टिक मुक्त एवं ठोस अपशिष्ट मुक्त बनाया जाए। इसके साथ ही फत् कोड आधारित फीडबैक प्रणाली, त्वरित सहायता केंद्र (फनपबा त्मेचवदेम ज्मंउ), कंट्रोल रूम तथा आधुनिक मशीनों के माध्यम से यात्रा को तकनीकी रूप से सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत चारधाम यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु सभी सक्षम अधिकारियों को प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं और प्लास्टिक बोतलों के प्रबंधन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम लागू किया जाएगा, जिसे जिलाधिकारी एवं पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड क्रियान्वित करेंगे। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत चारधाम यात्रा मार्ग के सभी नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं को जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की लीद का वैल्यू एडिशन करते हुए पिरूल के साथ पैलेट तैयार कर एक इनोवेटिव व्यवस्था के तहत उसका प्रबंधन किया जाएगा। चारधाम यात्रा रूट पर सतत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्वयंसेवी संस्थाएं, एनसीसी कैडेट्स, महिला मंगल दल एवं ग्राम पंचायतों का सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही पूरे यात्रा मार्ग पर कूड़ा प्रबंधन हेतु स्पेशलाइज्ड मैनपावर की तत्काल प्रभाव से तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

“पहली बार केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को 24 घंटे मुफ्त गर्म पानी”

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जानकारी दी कि केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को अब ठंडे पानी के स्थान पर शीघ्र ही 24 घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था पिरूल (चीड़ की पत्तियां) और खच्चरों की लीद से तैयार बायोमास पैलेट्स के माध्यम से संचालित गीज़रों द्वारा की जाएगी। यह देश का पहला प्रयोग है, जहां इतनी ऊंचाई वाले क्षेत्र में चौबीसों घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। ये गीजर ळडटछ केदारनाथ एवं लिंचोली में लगाए जाएंगे। यह अभिनव प्रयोग केदारनाथ यात्रा मार्ग पर खच्चरों की लीद से होने वाली समस्या का समाधान करेगा, साथ ही जंगल की आग के प्रमुख कारण पिरूल से भी राहत दिलाएगा। इसके अतिरिक्त ट्रायल के तौर पर मार्ग में स्थित ढाबों को फायर पैलेट से चलने वाले चूल्हे भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जो ऊर्जा संकट के समय अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे और सफल परीक्षण के बाद इन्हें बड़े स्तर पर वितरित किया जाएगा।

ऋषिकेश से चार धाम जाने वाली बसों को सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित चारधाम यात्रा-2026 के शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चार धाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए स्थापित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने देश भर से आए श्रद्धालुओं का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा – आस्था, साधना और आत्मा को जोड़ने का मार्ग है। यह यात्रा हर कठिनाई को पार करने की शक्ति देती है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प है कि यात्रा सुगम, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य हो। चारधाम यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा माँ गंगा के आशीर्वाद से यात्रा हर साल नया कीर्तिमान रच रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए दृढ़ संकल्पित है, वे स्वयं लगातार यात्रा की तैयारियों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य, हर श्रद्धालु को सुरक्षा, सम्मान और दिव्य अनुभव प्रदान कराना है। हर श्रद्धालु देवभूमि में बिताए गए पलों की स्वर्णिम स्मृतियाँ अपने साथ लेकर जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से धार्मिक स्थलों एवं यात्रा मार्ग में विशेष स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड के कण-कण में भगवान का वास है, इस पवित्रता को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने इस वर्ष ग्रीन चारधाम यात्रा और प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ धाम का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार द्वारा यात्रा मार्गों पर नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सभी वाहनों में डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा जैसे हम अपने घर के मंदिर को साफ और पवित्र रखते हैं, वैसे ही देवभूमि को भी स्वच्छ और पवित्र बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यात्रा को और अधिक सुगम बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। हाल ही में ₹ 12 हजार करोड़ की लागत से बने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण हुआ है, जिससे यात्रा सुगम और तेज हो गई है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य गतिमान हैं। गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में भी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा ऑल वेदर रोड परियोजना के अंतर्गत यात्रा मार्गों को सुगम बनाया गया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक के लिए रोपवे परियोजनाओं का कार्य भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा चारधाम यात्रा लाखों लोगों की आजीविका का आधार है। इसलिए यात्रा के दौरान स्थानीय उत्पादों, रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यात्रियों से अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने का भी आवाहन किया।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार, यात्रियों की सुविधा, सुगमता और स्वास्थ्य को लेकर पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। उन्होंने यात्रियों से निवेदन करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अवलोकन अवश्य करें। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य जांच करने के बाद ही यात्रा में आए। उन्होंने बताया केदारनाथ में मेडिकल अस्पताल तैयार हो गया है। बद्रीनाथ में 50 बेड का अस्पताल जून तक तैयार हो जाएगा। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है।

कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि परिवहन विभाग लगातार आगामी यात्रा की तैयारी कर रहा है। हमारा कर्तव्य है कि प्रदेश में आने वाले हर श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित हो। उन्होंने बताया इस वर्ष यात्रा मार्ग में सिंगल लेन सड़कों, लैंडस्लाइड जोन, जैसे स्थानों पर शटल सर्विस की शुरुवात की गई है। इसके साथ मूवेबल शटल सर्विस के लिए हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध करवाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर एल.ई.डी लगाकर लोगों को जानकारियां दी जाएंगी।

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, अध्यक्ष हेमकुंड गुरुद्वारा ट्रस्ट नरेंद्रजीत बिंद्रा, भास्करानंद भारद्वाज, जितेंद्र नेगी, अजय सिंह, मनोज ध्यानी, संजय शास्त्री, भोपाल सिंह नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

चारधाम यात्रा के मद्देनजर ग्राउंड जीरो पर उतरे मुख्यमंत्री, रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक सड़क मार्ग से किया यात्रा मार्ग का निरीक्षण

आस्था और श्रद्धा के महान पर्व के रूप में प्रतिष्ठित श्री केदारनाथ धाम के कपाट वर्ष 2026 की यात्रा हेतु आगामी 22 अप्रैल 2026 को विधि-विधान एवं सनातन परंपराओं के अनुरूप श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जनपद रुद्रप्रयाग पहुंचे और ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक कार द्वारा निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जवाड़ी बाईपास, निर्माणाधीन सुरंग, तिलवाड़ा में हटाए गए अतिक्रमण, बांसवाड़ा, कुंड-काकड़ागाड़ जैसे भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क के पेचवर्क, झाड़ी कटान, साइनेज, क्रैश बैरियर, सुरक्षा उपायों एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी लंबित कार्यों को यात्रा शुरू होने से पूर्व हर हाल में पूर्ण किया जाए।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा गुप्तकाशी में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर जनपदीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्य व्यवहार रखने के निर्देश दिए। साथ ही हेलीपैड पर यात्री शेड, लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों के समीप पुलिस चौकियों में आवश्यक सुविधाएं जैसे दवाइयां, पेयजल एवं फूड पैकेट उपलब्ध रखने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा सके।

मुख्यमंत्री ने यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने पर विशेष जोर देते हुए “ग्रीन यात्रा” के उद्देश्य को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

गैस आपूर्ति के विषय में मुख्यमंत्री ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार से अतिरिक्त गैस आपूर्ति की मांग की गई है, जिससे यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को यात्रा से जोड़ते हुए “वोकल फॉर लोकल” के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए।

इसके अतिरिक्त पैदल मार्गों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने पहाड़ी बोली भाषा के शब्दों को दी अपने भाषण में जगह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-दून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुभारंभ पर उत्तराखंडवासियों से सीधे कनेक्ट किया। उन्होंने सिर पर ब्रहमकमल टोपी, भाषण के शुरूआत में गढ़वाली-कुमाऊंनी के छोटे-छोटे वाक्य रखे। मौके पर प्रधानमंत्री ने अपने चिर परिचित अंदाज में एक बार फिर साबित किया कि उत्तराखंड की प्रगति से उनका खास वास्ता है।

उन्होंने कहा एक्सप्रेस वे के निर्माण में मां डाटकाली के आशीर्वाद का प्रधानमंत्री ने खास तौर पर जिक्र किया। ये भी जोड़ा कि देहरादून पर मां डाटकाली की कृपा है। उत्तराखंड से लगे उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में स्थित संतला माता मंदिर का भी उन्होंने स्मरण किया। प्रधानमंत्री ने हरिद्वार कुंभ, नंदा राजजात से लेकर पंच बदरी, पंच केदार, पंच प्रयाग का भी प्रभावपूर्ण जिक्र कर जबरदस्त लोकल कनेक्ट किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेे जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित समारोह में 210 किमी लंबे, दिल्ली -देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का रिमोट बटन दबाकर लोकार्पण किया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने गढ़ी कैंट तक 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में प्रतिभाग करने के साथ ही डाटकाली मंदिर में दर्शन करने के उपरांत पूजा भी की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गढ़ी कैंट में आयोजित, समारोह में अपने संबोधन की शुरुआत देशवासियों को बैसाखी और बिहू पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले कुछ दिनों में उत्तराखंड में स्थित पवित्र चार धामों की भी यात्रा शुरु होने वाली है, जिसका देशभर के आस्थावान लोग प्रतीक्षा करते हैं। दिल्ली- देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने से चारधाम के यात्रियों को भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य अपने स्थापना के 26वें प्रवेश कर चुका है, अब राज्य की प्रगति में दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे भी शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले उन्होंने बाबा केदार की धरती पर अनायास ही कहा था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड के नाम होने जा रहा है, उन्हें यह देखकर बेहद खुशी हो रही है कि डबल इंजन वाली सरकार की नीतियों और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से उत्तराखंड तेजी से इस राह पर बढ़ रहा है।

उत्तराखंड ने देश को दिखाई राह
प्रधानमंत्री ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ बीआर अंबेडकर को उनकी जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि बीते एक दशक से उनकी सरकार ने जो भी निर्णय लिए वो देश के संविधान की गरिमा को बढ़ाने वाले साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में धारा 370 की समाप्ति और देश से माओवाद खत्म होने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू हो गया है। उन्होंने कहा कि, उत्तराखंड ने संविधान की भावना के अनुरूप, समान नागरिक संहिता लागू कर, पूरे देश को नई राह दिखाई है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों को न्याय पूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित रहा है, केंद्र सरकार भी इसी भावना के साथ हर गरीब को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि देश का संतुलित विकास, सबको सुविधा और सबकी समृद़धि ही सामाजिक न्याय का माध्यम बन सकती है। इसलिए बाबा साहेब भी औद्योगिकरण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भरपूर वकालत करते थे।

सड़कें बनेगी भविष्य की रेखा
प्रधानमंत्री ने देश के विकास में सड़क, रेलवे, रोपवे और वाटरवे की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोग, भविष्य जानने के लिए हाथ की रेखाओं को दिखाने के लिए ज्योतिष शास्त्र की शरण में जाते हैं। आज इसी तरह सड़कें, राष्ट्र की भाग्य रेखाएं बनती जा रही हैं। उन्होनें कहा कि बीते एक दशक से सरकार विकसित भारत के लिए ऐसी ही भाग्यरेखाओं के निर्माण में जुटी हुई है। ये भाग्य रेखाएं, सिर्फ आर्थिकी का आधार नहीं बनेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी की समृद्धि की गारंटी भी बनेगी और यही मोदी की गारंटी भी है। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में सरकार ने इन विकास रेखाओं के निर्माण में अभूतपूर्व निवेश किया है। वर्ष 2014 तक, पूरे देश के इंफ्रा प्रोजेक्ट पर दो लाख करोड़ भी खर्च नहीं हो पाते थे, जबकि आज यह राशि छह गुना अधिक बढ़कर 12 लाख करोड़ के पार पहुंच चुकी है। इस दौरान अकेले उत्तराखंड में ही, सवा दो लाख करोड़ रुपए के इंफ्रा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी उत्तराखंड के गांवों में सड़कों के इंतजार में पीढ़ियां बूढ़ी हो जाती थी, आज डबल इंजन की सरकार के कारण गांव गांव सड़क पहुंच रही है। इससे वीरान गांव फिर जीवंत हो रहे हैं। चारधाम महामार्ग परियोजना, रेल परियोजना, केदारनाथ, हेमकुंड रोपवे जैसे परियोजनाएं उत्तराखंड की भाग्य रेखाएं बन रही हैं।

नए भारत में स्पीड और स्केल पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत जिस स्पीड और स्केल पर काम कर रहा है, उसकी चर्चा दुनियाभर में हो रही है। उन्होने कहा कि बीते कुछ महीनों के भीतर ही दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ है, साथ ही मेरठ तक मेट्रो पहुंची है, नोएडा में एयरपोर्ट शुरु हुआ है और अब दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर भी शुरु हो चुका है। इतने छोटे से क्षेत्र में इतना सबकुछ हो रहा है तो आप देशभर की प्रगति का आंकलन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में कई इकोनॉमिक कॉरिडोर पर काम चल रहा है। ये इकोनॉमी कॉरिडार प्रगति के नए द्वार बनने जा रहे हैं जिनसे हमारी उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली दृ देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जहां लोगों का आने जाने में समय बचेगा, वहीं ईंधन की खपत कम होने से किराया और माल भाड़ा भी बचेगा। साथ ही किसानों को अपने उत्पाद, तेजी से बड़ी मंडियों तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी। इस शानदार एक्सप्रेस वे का सर्वाधिक लाभ उत्तराखंड के पर्यटन को मिलेगा ।

बारामासी पर्यटन की ओर बढ़ा उत्तराखंड
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड सरकार द्वारा विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्ट्स और वेड इन उत्तराखंड जैसे अभियानों को बढ़ावा दिए जाने के लिए जारी प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि, अब उत्तराखंड बारामासी पर्यटन की तरफ बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने 2023 में अपनी आदि कैलाश- ओमपर्वत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि, पहले यहां साल में कुछ सौ लोग ही आते थे, जबकि 2025 में यह संख्या 40 हजार के पार पहुंच गई है। इसी तरह उत्तराखंड में शीतकालीन यात्रा में आने वाले पयर्टकों और तीर्थयात्रियों की संख्या भी 80 हजार से बढ़कर डेढ़ लाख पहुंच गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए, प्रगति, प्रकृति और संस्कृति को साथ रखा जाना जरूरी है। इसलिए आज हर निर्माण का इस त्रिवेणी को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें ध्यान देना होगा कि इंसानों के लिए होने वाले विकास कार्यों से वन्य जीवों को कोई कष्ट न हो। इसलिए दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर 12 किमी लंबा एलिवेट रोड बनाया गया है।

उत्तराखंड की पवित्रता का करें पालन
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के लोगों के साथ ही यहां आने वाले पयर्टकों से अपील करते हुए कहा कि वो देवभूमि की धरोहर बहुत पवित्र है, ऐसे स्थानों का साफ सुधरा रखना हम सबका कर्तव्य है। यहां जगह -जगह कूड़ा डालने, प्लास्टिक की बोतलें फेंकने से देवभूमि की पवित्रता को ठेस पहुंचती है। इसलिए देवभूमि के तीर्थ स्थलों को स्वच्छ और सुंदर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले साल हरिद्वार में दिव्य, भव्य और स्वच्छ कुंभ मेले का आयोजन होगा, इसी के साथ उत्तराखंड में जल्द ही नंदा देवी राजजात भी आयोजित होने वाली है। ये यात्रा उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक चेतना का भी उदाहरण है, जिसमें मां नंदा को बेटी मानकर सम्मान के साथ विदा किया जाता है। उन्होंने कहा कि वो मां नंदा को प्रणाम करते हुए, विकसित भारत के निर्माण में माताओं बहनों की बड़ी भूमिका है।

2029 में आधी आबादी को मिलेगा पूरा हक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिलाओं को राजनैतिक प्रतिनिधित्व प्रदान करने के लिए, संसद ने चार दशक के बाद नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कर दिया है, इससे लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तय हो गया है। अब इसे लागू करने में देर नहीं होने चाहिए, 2029 के लोकसभा और इससे आगे के विधानसभा चुनावों में इसे लागू किया जाना चाहिए। देश की इसी भावना के अनुरूप 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सभी दलों से इस संसोधन अधिनियम को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि, 2029 में देश की पचास प्रतिशत आबादी को उनका हक मिलकर रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश, 1962 में शहीद हुए बाबा जसवंत सिंह के शौर्य को भुला नहीं सकता। सैनिकों के सम्मान के क्रम में केंद्र सरकार ने वन रैंक, वन पेंशन लागू करते हुए पूर्व सैनिकों के खाते में सवा लाख करोड़ से अधिक की धनराशि जमा की है। जिसका लाभ उत्तराखंड के हजारों परिवारों को भी मिला है। सरकार देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति को जोडते हुए विकसित भारत का संकल्प सच करने का प्रयास कर रही है।

पीएम-सीएम की फिर दिखी मजबूत बांडिंग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मजबूत बांडिंग एक बार फिर प्रदर्शित हुई। अपने संबोधन में प्रधाानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री के लिए लोकप्रिय, कर्मठ और युवा जैसे शब्दों का प्रयोग किया। जिस वक्त केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जनसभा को संबोधित कर रहे थे, उस दौरान मोदी-धामी के बीच किसी विषय पर वार्तालाप हुआ। मुख्यमंत्री की बात को गौर से सुनते हुए प्रधानमंत्री दिखाई दिए।

अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारतः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि उनका प्रत्येक दौरा उत्तराखंड के लिए नई ऊर्जा और विकास की नई सौगात लेकर आता है। उन्होंने कहा आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड को ₹12 हजार करोड़ की लागत से बने एशिया के सबसे लंबे ऐलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की सौगात मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में विशेष है। एक ओर जहां दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में उत्तराखंड की विकास यात्रा को नई गति मिल रही है, वहीं यह अवसर भीमराव अंबेडकर की जयंती का भी है। उन्होंने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने सामाजिक सौहार्द एवं समरसता को मजबूत करने के लिए वंचित वर्ग को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी और सिख नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारे सांस्कृतिक वैभव और कृषि परंपराओं का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। 2014 के बाद भारत ने आधारभूत संरचना, अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी का तीसरा दशक, उत्तराखंड का दशक बताकर सभी का उत्साहवर्धन किया। प्रधानमंत्री ने सीमांत गांव माणा में आकर उसे देश का प्रथम गांव घोषित किया, इन्वेस्टर समिट के उद्घाटन पर वेड इन उत्तराखंड का संदेश दिया। आदि-कैलाश का दर्शन कर इस तीर्थ को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई, राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन से देवभूमि को खेलभूमि के रूप पहचान दिलाई, हर्षिल मुखबा से शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा दिया एवं रजत जयंती वर्ष के अवसर पर अगले 25 वर्षों के लिए राज्य को एक नया विजन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड देश का श्रेष्ठ राज्य बनने के लिए अपने विकल्प रहित संकल्प के साथ ष्विकास भी और विरासत भी’’ की अवधारणा के अनुरूप प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन ष्अब रफ्ता-रफ्ता नहीं, पूरी रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है भारत अब नक्सलवाद, उग्रवाद और आतंकवाद से जीत रहा है भारत अब अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार के साथ-साथ नवाचार में भी कीर्तिमान बना रहा है भारत कविता से किया। मुख्यमंत्री ने कविता के माध्यम से प्रधानमंत्री के नेतृत्व, विकास कार्यों और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को सराहा और आभार व्यक्त किया।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को नंदा राजजात यात्रा पर आधारित स्मृति चिन्ह भेंट किया, जिसमें मां नंदा की डोली, यात्रा की अगुवाई करते खाड़ू तथा स्थानीय लोगों का सुंदर चित्रण किया गया है।


उत्तराखंड में एक लाख 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर चल रहा कामः गडकरी

सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने रखा विकास परियोजनाओं का विवरण
केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गड़करी ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखण्ड के विकास को नई गति प्रदान करेगा। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में करीब एक लाख 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।

गडकरी ने कहा कि सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किलोमीटर छह लेन रोड़ का भी जून में उद्घाटन होने जा रहा है। इसी तरह 1650 करोड़ के लागत से पौंटा साहिब से देहरादून फोर लेन मार्ग अगले महीने तक शुरु हो जायेगा। 1600 करोड़ की लागत से हरिद्वार में फोर लेन ग्रीन फील्ड बाईपास फेज-1 अक्टूबर, 2026 तक पूरा हो जायेगा, जिससे हरिद्वार और ऋषिकेश जाने में ट्रेफिक जाम की समस्या हल होगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने 1100 करोड़ की लागत से ऋषिकेश बाईपास परियोजना को भी मंजूरी प्रदान कर दी है, जिस पर अगस्त तक काम शुरू हो जायेगा।

उन्होंने कहा कि 1050 करोड़ की लागत से 21 किमी. लम्बा रूद्रपुर में फोरलेन बाईपास इसी साल अक्टूबर और 936 करोड़ की लागत से 15 किमी. लम्बा काशीपुर से फोरलेन बाईपास दिसंबर 2026 में पूरा होगा। साथ ही 716 करोड़ की लागत से 12 किमी. लम्बा देहरादून – झाझरा – आशारोड़ी फोर लेन एलिवेडेट रोड़ अगले साल अप्रैल और 745 करोड़ की लागत से 20 किमी. लम्बा भानियावाला, जौलीग्रांट से ऋषिकेश तक फोर लेन मार्ग अप्रैल 2028 तक पूरा होगा। साथ ही साथ 800 करोड़ की लागत से श्रीनगर में भी टू लेन बाईपास की भी डीपीआर बन रही है।

उन्होंने कहा कि पहले हमें मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल और चीन से होकर जाना पड़ता था। लेकिन अब 5200 करोड़ रूपये की लागत से टनकपुर-पिथौरागढ़ होकर लिपुलेख तक मार्ग बनाया जा रहा है। 370 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट में से करीब 200 किमी. का कार्य पूरा हो चुका है।इसी तरह 12 हजार करोड़ की लागत से निर्माणाधीन 825 किमी लंबी चारधाम सड़क परियोजना में 640 किमी. का काम पूरा हो चुका है। 1300 करोड़ की लागत से रूद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक का कार्य दिसम्बर 2026 तक शुरू किया जायेगा। इसके साथ-साथ गंगोत्री धाम जाने के लिए 142 किमी का काम पूरा हुआ है और बाकी 100 किमी. का काम चरणबद्ध तरीके से हो रहा है। यमुनोत्री धाम में 2500 करोड़ की लागत से धरासू से यमुनोत्री तक 46 किमी. का काम पूरा हो चुका है तथा 30 किमी. का काम अप्रैल, 2028 तक पूरा हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार सोनप्रयाग – केदारनाथ रोपवे और गोंविदघाट से हेमकुंड साहिब पर भी काम कर रही है। प्रदेश में अनेक जगहों पर टनल भी बनाई जा रही है।

कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल ले.ज (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, विजय बहुगुणा, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, रेखा आर्य, खजान दास, डॉ. धन सिंह रावत, सौरभ बहुगुणा, मदन कौशिक, राम सिंह कैड़ा, भरत चौधरी, प्रदीप बत्रा, सांसद अनिल बलूनी, अजय भट्ट, माला राज्यलक्ष्मी शाह, नरेश बंसल उपस्थित हुए। वहीं, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं।

उत्तराखंड को मिला ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ का राष्ट्रीय पुरस्कार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में प्रख्यात फिल्म निर्माता-निर्देशक मधुर भंडारकर ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखंड को फिल्म निर्माण के क्षेत्र में एक अग्रणी गंतव्य के रूप में विकसित करने, निवेश को आकर्षित करने तथा राज्य की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के विषय में विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता, विविध भौगोलिक परिस्थितियों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं शांत वातावरण के कारण फिल्म निर्माण के लिए अत्यंत उपयुक्त राज्य है। राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि उत्तराखंड को देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनाया जाए और इसे एक सशक्त फिल्म शूटिंग हब के रूप में स्थापित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई आधुनिक एवं उद्योगोन्मुख फिल्म नीति के अंतर्गत फिल्म निर्माताओं को आकर्षक सब्सिडी, टैक्स छूट तथा विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। साथ ही सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से शूटिंग से संबंधित सभी अनुमतियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है, जिससे फिल्म निर्माण प्रक्रिया को अत्यधिक सुगम बनाया जा सका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अब तक व्यापक स्तर पर कार्य किए गए हैं। राज्य में अनेक हिंदी फिल्मों, क्षेत्रीय फिल्मों, टीवी धारावाहिकों एवं वेब सीरीज़ की शूटिंग सफलतापूर्वक संपन्न हुई है, जिससे उत्तराखंड देश के प्रमुख फिल्म निर्माण स्थलों में तेजी से उभरकर सामने आया है। यहां की वादियां, झीलें, धार्मिक स्थल एवं ऐतिहासिक लोकेशन फिल्म निर्माताओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि उत्तराखंड को फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुका है, जो राज्य सरकार की नीतियों और व्यवस्थाओं की सफलता का प्रमाण है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि राज्य ने फिल्म इंडस्ट्री के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में उल्लेखनीय प्रगति की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में फिल्म शूटिंग के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में लोकेशन बैंक तैयार किया गया है, जिसमें पर्वतीय क्षेत्र, झीलें, वन क्षेत्र, ऐतिहासिक स्थल एवं धार्मिक धाम शामिल हैं। इससे फिल्म निर्माताओं को विविध और आकर्षक लोकेशन एक ही मंच पर उपलब्ध हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म उद्योग के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों एवं युवाओं को फिल्म निर्माण प्रक्रिया से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही फिल्म एवं मीडिया से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे युवाओं को इस क्षेत्र में करियर बनाने के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में फिल्म सिटी के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिससे फिल्म निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया को राज्य के भीतर ही संचालित किया जा सके। इसके साथ ही फिल्म महोत्सवों एवं सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहित कर राज्य की पहचान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त बनाई जा रही है।

इस अवसर पर मधुर भंडारकर ने उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता एवं अनुकूल वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा फिल्म उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग करने की इच्छा भी व्यक्त की।

मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि फिल्म उद्योग के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार फिल्म निर्माताओं को हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

हरिद्वार में तेजी से बन रहा पीएम यूनिटी मॉल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में हरिद्वार में प्रस्तावित पीएम यूनिटी मॉल परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज देहरादून स्थित राज्य सचिवालय में सचिव आवास डॉ आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में पीएम यूनिटी मॉल के निर्माण कार्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है, जिसके चलते अब तक करीब 46 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। यह मॉल न सिर्फ व्यापार, बल्कि पर्यटन और स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) के अनुसार 160.57 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस यूनिटी मॉल का निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए तेजी से किया जा रहा है। फरवरी 2023 में घोषित इस परियोजना को सरकार की प्राथमिकता में रखा गया है। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर सचिव आवास विनोद गिरी, सचिव हरिद्वार-विकास प्राधिकरण मनीष सिंह सहित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

*‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ को मिलेगा मंच*
पीएम यूनिटी मॉल को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) की अवधारणा पर विकसित किया जा रहा है। इसके तहत देशभर के राज्यों और उत्तराखंड के जिलों के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और छोटे उत्पादकों को बड़ा बाजार मिलने की उम्मीद है।

*56 दुकानें और मल्टीप्लेक्स की सुविधा*
प्रस्तावित मॉल में 56 दुकानों की व्यवस्था की जा रही है, जहां विभिन्न राज्यों के उत्पाद प्रदर्शित और बेचे जाएंगे। इसके साथ ही तीन मल्टीप्लेक्स भी बनाए जाएंगे, जिससे यह मॉल व्यापार के साथ-साथ मनोरंजन और पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।

*पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा*
अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से हरिद्वार में पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी यह मॉल अहम भूमिका निभाएगा।

*दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य*
परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। समय पर निर्माण पूरा होने पर यह यूनिटी मॉल देश की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

*आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार का बयान*
आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देश हैं कि पीएम यूनिटी मॉल परियोजना को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने बताया कि यह मॉल ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ जैसी पहल को मजबूत करेगा। इससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए बड़ा बाजार मिलेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना की नियमित समीक्षा की जा रही है और निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है, ताकि दिसंबर 2026 तक इसे पूरा कर प्रदेश को एक बड़ा व्यापारिक और पर्यटन केंद्र दिया जा सके।