राष्ट्रपति ने प्रो. दाता राम पुरोहित को संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से सम्मानित किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरूवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में देश भर से चयनित प्रख्यात संगीतकारों, नर्तकों, लोक एवं आदिवासी कलाकारों और रंगकर्मियों को उनके विशिष्ट योगदान हेतु वर्ष 2019, 2020, 2021 के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया। भारत में प्रदर्शन कला वर्ग में दिए जाने वाला यह सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार है। श्रीनगर गढ़वाल निवासी प्रख्यात संस्कृतिकर्मी और शिक्षाविद प्रो दाता राम पुरोहित को उत्तराखंड की लोक कलाओं के संवर्धन में अमूल्य योगदान के लिए साल 2021 का संगीत नाटक अकादमी सम्मान प्रदान किया गया. देश के इस प्रतिष्ठित पुरस्कार वितरण की परंपरा 1952 से चली आ रही है। जिसके तहत हर साल संगीत, नृत्य, रंगमंच, पारंपरिक कलाओं, कठपुतली कला और अन्य विविध प्रदर्शन कला के क्षेत्र में कलाकारों द्वारा दिए गए विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें रत्न सदस्यता और अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। प्रो डी आर पुरोहित ने अपना पूरा जीवन उत्तराखंड की लोक संस्कृति एवम उसके कलाकारों के संवर्धन के लिए समर्पित कर दिया. उत्तराखंड की लोक कलाओं को अपने शोध कार्यों के माध्यम से पूरी दुनिया में एक अलग पहचान दिलाने के लिए प्रो पुरोहित ने जर्मनी की प्रतिष्ठित हाइडिलबर्ग युनिवर्सिटी से लेकर अमेरिका की प्रिंस्टन युनिवर्सिटी तक दुनियाभर की दर्जनभर विश्वविद्यालयों और संस्थानों में व्याख्यान दिए. प्रो पुरोहित ने उत्तराखंड की ढोल वाद्य शैली, पंडवाणी, भड़वार्ता, जागर, रम्माण, नंदा के गीत और बादी बदीणों के गीतों पर शोध कर उनके अकादमिक प्रचार प्रसार में अहम भूमिका निभाई है. श्रीनगर के हेनब गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय में लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केन्द्र की अवधारणा एवम उसे मूर्त रूप देने का श्रेय भी प्रो डी आर पुरोहित को जाता है. प्रो पुरोहित अभी भी उत्तराखंड में लोक नाट्य कलाओं की जड़े सींचने के लिए निरंतर स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोध कार्यों, लेखन, निर्देशन एवं नए कलाकारों के मार्गदर्शन में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस दौरान प्रो डी आर पुरोहित के अलावा शास्त्रीय गायक छन्नू लाल मिश्र, लोक गायिका तीजन बाई, भजन गायक अनूप जलोटा समेत देश के कई प्रतिष्ठित कलाकारों को भी सम्मानित किया. अकादेमी फेलो के सम्मान में तीन लाख की पुरस्कार राशि दी जाती है, जबकि अकादेमी पुरस्कार में एक ताम्रपत्र के अलावा एक लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है। केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन और उत्तर पूर्व विकास मंत्री जी. किशन रेड्डी और संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और संगीत नाटक अकादेमी की चेयरपर्सन डॉ संध्या पुरेचा भी उपस्थित रहे.

पौड़ी में सीएम ने की विभिन्न समूहों के पदाधिकारियों के साथ भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को जनपद पौड़ी मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में पूर्व सैनिक संगठन एवं शहीदों के परिजनों, प्रबुद्ध नागरिकों, महिला स्वयं सहायता समूह व महिला संगठनों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के साथ संवाद व भेंटवार्ता की। इस अवसर पर उन्होंने सर्किट हाउस प्रांगण में पौधारोपण भी किया।
विभिन्न संगठनों के साथ संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार एकरूपता से उत्तराखंड की जनता के लिए कार्य कर रही है। संवाद कार्यक्रम के दौरान जो भी शिकायत या मांग पत्र उपलब्ध कराए गए हैं, उन पर समय रहते सकारात्मकता के साथ हर संभव कार्यवाही की जाएगी।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक लैंसडौन महंत दलीप सिंह रावत, विधायक पौड़ी राजकुमार पौरी, विधायक यमकेश्वर रेनू बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्षा शांति देवी, जिलाधिकारी डॉ आशीष चैहान, एसएसपी श्वेता चैबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि व संगठन के पदाधिकारी सदस्य आदि उपस्थित रहे।

ईको टूरिज्म में विभिन्न आयामों को शामिल करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिए जाने हेतु गठित उच्च अधिकार प्राप्त समिति की पहली बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि ईको टूरिज्म के क्षेत्र में पर्यटन, वन, आयुष और अन्य विभाग अपने-अपने स्तर पर विभिन्न कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी विभागों द्वारा पर्यटकों को इस ओर आकर्षित करने के लिए एक सम्पूर्ण पैकेज की दिशा में कार्य करना होगा। इसके लिए ही इस उच्च अधिकार प्राप्त समिति का गठन किया गया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि ईको टूरिज्म की दिशा में आज हो रही गतिविधियों से 100 गुना अधिक सम्भावनाएं हैं। ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सभी सम्बन्धित विभागों को एक साथ मिलकर एक कंप्लीट पैकेज की दिशा में कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन, वन, ग्राम्य विकास और आयुष को मिलकर ईको टूरिज्म योजना पर कार्य किया जाए। उन्होंने वन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न ईको टूरिज्म गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग को भी वनों के आसपास के क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, साथ ही आयुष विभाग इन्हीं के आसपास अपने वेलनेस सेंटर या हर्बल गार्डन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दे तो पर्यटकों को एक साथ सम्पूर्ण पैकेज मिलने से पर्यटन को बहुत अच्छा बूस्ट मिलेगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि देश-विदेश में हर्बल उत्पादों की बहुत अधिक मांग है। उत्तराखण्ड इस मांग को पूरा करने में बहुत ही अधिक सक्षम है। साथ ही, पर्यटन गतिविधियों में हॉर्टी टूरिज्म के साथ जोड़कर ईको टूरिज्म की दिशा में कार्य किया जा सकता है। मुख्य सचिव ने वन पंचायतों को इसमें किस प्रकार से जोड़ा जा सकता है, इस पर मंथन किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन विभाग को सभी क्षेत्रों के लिए गाईड प्रशिक्षण प्रोग्राम को बड़े स्तर पर किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव सचिन कुर्वे, बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय एवं विजय कुमार यादव सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

पत्रकारों ने कहा-धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सीएम की सोच सकारात्मक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मीडियाकर्मियों ने भेंट की। उन्होंने गणतंत्र दिवस की परेड में कर्तव्य पथ पर शामिल उत्तराखंड की “मानसखंड झांकी“ को पहली बार प्रथम स्थान प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। मीडियाकर्मियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि मानसखण्ड को देश मे प्रथम स्थान मिलने से उत्तराखंड को देश में पहचान मिली है। मानसखण्ड झांकी के माध्यम से देश विदेश के पर्यटकों को मंदिर माला मिशन की जानकारी भी मिलेगी। प्रतिनिधि मंडल में प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय राणा, मनोज इष्टवाल, दयाशंकर पांडेय, अमित अमोली, रमन जायसवाल, सुभाष गौड़ व अवधेश नौटियाल आदि शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने बताया गौरवशाली पल और उपलब्धि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा यह उपलब्धि हम सबके लिए गौरवशाली पल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराणों में गढ़वाल का केदारखंड और कुमाऊं का मानसखंड के रूप में वर्णन किया गया है। स्कंद पुराण में मानसखंड के बारे में बताया गया है। जागेश्वर मंदिर की बहुत धार्मिक मान्यता है। गणतंत्र दिवस परेड को अभी तक राजपथ के नाम से जाना जाता था, किंतु इस वर्ष उसका नाम बदलकर कर्तव्य पथ रखा गया है। नाम बदलने के बाद कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस की यह पहली परेड थी, जिसमे उत्तराखंड की झांकी मानसखंड को देश मे प्रथम स्थान मिलने से इतिहास में उत्तराखंड राज्य का नाम दर्ज हो गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सांस्कृतिक नवजागरण में उत्तराखंड सरकार भी काम कर रही है। मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। “मानसखण्ड” मंदिर माला मिशन के तहत चार धाम की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों को भी विकसित किया जा रहा है।
वहीं, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि इस वर्ष के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं मानसखंड की झांकी का सुझाव दिया था व इसके डिजाइन का तीन बार स्वयं अवलोकन कर उसे फाइनल किया था। यह पूरे प्रदेश के लिए खुशी की बात है।

क्या है मानसखंड मंदिर माला मिशन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर श्री केदारनाथ और श्री बदरीनाथ की भांति ही कुमाऊं के प्रमुख पौराणिक महत्व के मंदिर क्षेत्रो में अवस्थापनात्मक विकास के लिए मानसखंड मन्दिर माला मिशन योजना पर काम किया जा रहा है। इन्हें बेहतर सड़कों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही इस योजना के जरिए गढ़वाल और कुमाऊं के बीच सड़क कनेक्टिविटी को भी सुधारा जाएगा, ताकि उत्तराखण्ड में गढ़वाल और कुमाऊं के बीच यातायात सुगम हो। मानसखंड कॉरिडोर को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मानसखंड कॉरिडोर पर काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि विभिन्न धार्मिक सर्किटों का विकास किया जाए। उन्होंने कहा इसके तहत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आने वाले मुख्य मंदिरों को आपस में जोड़ेंगे एवं सर्किट के रूप में विकसित करके धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।

इन प्रमुख मंदिरों का होगा विकास
मुख्यमंत्री धामी के विजन के अनुसार पहले चरण में करीब 2 दर्जन से अधिक मंदिरों को इसमें शामिल किया गया है। इनमें जागेश्वर महादेव, चितई गोलज्यू मंदिर, सूर्यदेव मंदिर, नंदादेवी मंदिर कसारदेवी मंदिर, झांकर सैम मंदिर पाताल भुवनेश्वर, हाटकालिका मंदिर, मोस्टमाणु मंदिर, बेरीनाग मंदिर, मलेनाथ मंदिर, थालकेदार मंदिर, बागनाथ महादेव, बैजनाथ मंदिर, कोट भ्रामरी मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर गुफा, गोल्ज्यू मंदिर, निकट गोरलचैड मैदान, पूर्णागिरी मंदिर, वारही देवी मंदिर देवीधुरा, रीठा मीठा साहिब, नैनादेवी मंदिर, गर्जियादेवी मंदिर, कैंचीधाम, चैती (बाल सुंदरी) मंदिर, अटरिया देवी मंदिर व नानकमत्ता साहिब प्रमुख रूप से शामिल किए गए हैं।

उत्तराखंड वीरों की भूमि, यहां हर घर सैनिक परिवार-धामी

’’राष्ट्र-सर्वोपरि’’ की भावना से ओत-प्रोत हमारे वीर सैनिकों ने सदैव ही देश की ’’आन-बान और शान’’ को अक्षुण्ण रखने का कार्य किया है। हमारे देश के वीर सैनिकों ने आजादी के बाद हुए प्रत्येक संघर्ष में हमेशा अपने शौर्य और पराक्रम से दुश्मन के छक्के छुड़ाने का साहस दिखाया है। देवभूमि उत्तराखंड के अनेकों वीर सैनिकों ने भी देश की सुरक्षा के लिये अपने प्राण न्योछावार किये हैं। जिन्होंने अपने अदम्य साहस और वीरता से विश्व को यह आभास कराया है कि शांति का उपदेश देने वाली हमारी यह पावन भूमि समय आने पर अपने शौर्य और पराक्रम द्वारा दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब देने की क्षमता भी रखती है।
शुक्रवार को सहस्त्रधारा रोड़ स्थित एक होटल में आयोजित एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ये विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सम्पूर्ण विश्व, भारत की शक्ति एवं सामर्थ्य से परिचित हुआ है, जिसका परिणाम है कि अब कोई भी दुश्मन हमारी ओर आंख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता। अब देश की सुरक्षा में लगे सैनिकों को दुश्मन की गोली का जवाब देने के लिए सरकार से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती। हमारी सेना गोली का जवाब गोलों से देने का कार्य करती है।
म्ुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व एवं रक्षामंत्री के अथक प्रयत्नों का ही परिणाम है कि हमारे सैनिकों को किसी भी प्रकार के सैन्य साजो समान की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है। एक सैनिक पुत्र होने के नाते उन्होंने राष्ट्र सेवा के प्रति हमारे वीर जवानों के जज्बें को बहुत ही करीब से देखा है। हमारी सरकार का हमेशा से प्रयास रहा है कि आने वाली पीढ़ी, सैनिकों के पराक्रम और वीरता से भलीभांति परिचित हो सके। इसी दिशा में हमारी सरकार राज्य में भव्य सैन्य धाम के निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसका निर्माण प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखण्ड को सैन्य धाम बताये जाने के विजन के अनुरूप किया जा रहा है। अभी हाल में ही देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीड़ बाग में “शौर्य स्थल“ का लोकार्पण कर वीर सैनिकों के हितों के प्रति केंद्र व राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी वीर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन शहीदों को वीरता को याद करने के साथ-साथ हम सभी को अपने देश और प्रदेश के प्रति कर्तव्यों के प्रति जागरूक भी करेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड के विकल्प रहित संकल्प की पूर्ति के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करने के साथ ही सैनिकों के सपनों का उत्तराखण्ड बनाने के लिए दिन-रात संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शहीद सैनिकों के पारिवारिक जनों को सम्मानित भी किया।
अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य का जोशीमठ क्षेत्र पिछले एक माह से आपदा से जूझ रहा है, जोशीमठ क्षेत्र के प्रभावितों को हर संभव मदद करना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। प्रभावितों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो, उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण हो, इसके निर्देश सभी सम्बन्धित अधिकारियों को दिये गये हैं। जोशीमठ क्षेत्र के भूगर्भीय जांच आदि में केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी संस्थान जुटे हैं। शीघ्र ही इस संबंध में ठोस कार्य योजना पर कार्य किया जायेगा। प्रभावितों के पुनर्वास आदि के स्थायी समाधान के भी प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र का नियोजित विकास भी हमारी प्राथमिकता है। सांस्कृतिक, धार्मिक एवं सामरिक महत्व वाला जोशीमठ क्षेत्र सुरक्षित हो, यह अपने पुराने स्वरूप में लौटे तथा आगामी यात्रा भी सुनियोजित ढंग से संपन्न हो, इस दिशा में भी हमें कार्य करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार जोशीमठ के हालात की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक 270 परिवारों को राहत शिविर में रखा गया है। केंद्र व राज्य सरकार पीड़ितों के हित में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ का कुछ सीमित क्षेत्र ही भू धंसाव से प्रभावित है तथा अधिकांश भाग में सामान्य रूप से कार्य संचालित हो रहे हैं, ऐसे में पूरे जोशीमठ के बारे में असुरक्षा का माहौल बनाया जाना ठीक नहीं है। चार माह बाद चार धाम यात्रा प्रारम्भ होनी है। ऐसे समय में यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि पूरा जोशीमठ क्षेत्र ही असुरक्षित है। हमारा प्रयास होना चाहिये कि सुरक्षित उत्तराखण्ड का संदेश भी देश व दुनिया में जाये। कार्यक्रम में नैनीताल बैंक के एमडी श्री निखिल मोहन द्वारा जोशीमठ भूधंसाव से प्रभावितों की सहायता हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में 20 लाख का चेक भी मुख्यमंत्री को भेंट किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर उत्तराखण्ड की झांकी मानसखण्ड को प्रथम स्थान प्राप्त होने से राज्य का सम्मान बढ़ा है तथा उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति से देश व दुनिया परिचित हुई है। मुख्यमंत्री ने झांकी को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर प्रदेशवासियों के साथ झांकी में सम्मिलित सभी कार्मिकों एवं कलाकारों को भी बधाई दी।

प्रदेश की नदियों को बचाने और चेक डैम बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश की नदियों को बचाए जाने और चेक डैम बनाए जाने आदि के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक आयोजित हुई।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश की नदियों के पुनरोद्धार के लिए प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नदियों को बचाने के लिए प्राधिकरण बनाए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने जनपद स्तरीय और राज्य स्तरीय प्राधिकरण बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा आधारित नदियों को बचाने के लिए उनके श्रोत से राज्य की सीमा तक कार्य करने की आवश्यकता है। यह काम सुचारू रूप से हो सके इसके लिए सिंचाई, लघु सिंचाई, जलागम और वन विभाग को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य को लगातार मॉनिटर किया जाए। इसके लिए एक डेडिकेटेड सेल का गठन किया जाए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वन विभाग और सिंचाई विभाग द्वारा अपने अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक चेक डैम बनाएं जाएं। इससे भूजल स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि चैक डैम और वृक्षारोपण आदि के माध्यम से लगातार इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर वन विभाग से डी.एस. मीणा ने टिहरी जनपद में हेंवल नदी के पुनरोद्धार के लिए किए गए प्रयासों पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य सचिव ने उनके प्रयासों को सराहते हुए कहा कि इस कार्य को पूरे प्रदेश में किस प्रकार से लागू किया जा सकता है, इसके लिए कॉन्सेप्ट पेपर तैयार किया जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, हरिचन्द्र सेमवाल सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

युवा स्वयं में लीडरशिप का विकास करें-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में इस वर्ष गणतन्त्र दिवस परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने एनसीसी कैडेट्स व आरडीसी दल को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री धामी ने कैडेट् अंजलि नेगी, कैडेट् प्रिया पाण्डेय, कैडेट् आरती सिंह (घुड़सवारी में कांस्य पदक), कैडेट् यश पाण्डेय (बैण्ड मास्टर), कैडे्ट मनोज सिंह बिष्ट (घुड़सवारी में कांस्य पदक), शिविर के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये फलाईग कैडे्ट अविनाश, कैडेट मंयक काला, कैडेट् गिरीश जोशी, कैडेट् तन्वी, कैडे्ट अदिति कौशिक और कैडे्ट प्रियंका पनेरू को सम्मानित किया।
एनसीसी कैडेट्स को गणतंत्र दिवस पर बधाई देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारे एनसीसी कैडेट्स के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ ही इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर उत्तराखण्ड की झांकी मानसखण्ड को प्रथम स्थान मिलना प्रत्येक उत्तराखण्डवासी के लिये गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एनसीसी जैसे गौरवशाली संगठन से जुड़ना प्रत्येक युवा के लिए गर्व का विषय है। एनसीसी संगठन से ज्यादा एक मिशन है, जिसका उद्देश्य देश की युवाशक्ति में अनुशासन, दृढ़ निश्चय और राष्ट्र के प्रति निष्ठा की भावना को मजबूत करना है। देश के किसी भी हिस्से में जब भी कभी कोई संकट या आपदा आई, एनसीसी के कैडेट्स ने हमेशा पूर्ण समर्पण भाव के साथ अपने दायित्व का निर्वहन किया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह गर्व की बात है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दोनों ही दक्ष एनसीसी कैडेट्स रहे हैं। एनसीसी वो नर्सरी है, जहां भविष्य के वीर सैनिक तैयार होते हैं, इसलिए वर्तमान में एनसीसी के विस्तार और आधुनिकीकरण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में केंद्र सरकार की ओर से विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री की योजना है कि आने वाले समय में 1 लाख नए कैडेट्स तैयार किए जाएं, जिनमें से करीब एक तिहाई महिलाएं होंगी। सरकार की योजना सीमावर्ती इलाकों में एनसीसी के कार्यक्षेत्र को और अधिक बढ़ाने की भी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि विद्यार्थी जीवन के दौरान वह भी एनसीसी का कैडेट रहे हैं। एनसीसी के माध्यम से जिस अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठता और राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव को उन्होंने अंगीकार किया वह आज प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में कार्य करते हुए उनके सबसे अधिक काम आ रहा है। उन्होंने कहा कि आज विश्व में हमारे देश की पहचान एक युवा देश के रूप में होती है, देश ही नहीं बल्कि हमारा प्रदेश भी एक युवा प्रदेश है। देश में आज युवा सोच है और देश का युवा हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। जिस देश के युवाओं में अनुशासन हो, दृढ़ इच्छाशक्ति हो, निष्ठा हो और लगन हो, उस देश का तेज गति से विकास कोई नहीं रोक सकता। युवाओं को स्वयं में लीडरशिप का विकास करना होगा। युवा जिस भी क्षेत्र में जाए, वहां नेतृत्व करें। प्रधानमंत्री “सबका साथ“ लेकर, “सबका विकास“ करते हुए, “सबका विश्वास“ हासिल कर रहे हैं, अब यह हम “सबका प्रयास“ होना चाहिए कि हम इस भावना को देश के प्रत्येक युवा तक पहुंचा सके।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारत को विश्व के जी-20, की अध्यक्षता मिलना अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर देश के सामर्थ्य का परिचय देता है। कोरोना काल में जहां दुनिया की अर्थव्यवस्था अव्यवस्थित रही वही भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की रूप में उभरी। प्रधानमंत्री जी के आह्वाहन पर पूरे विश्व में योग को मान्यता मिली। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीयों का आत्मविश्वास बढ़ा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की धर्मपत्नी गीता धामी, एडीजी उत्तराखण्ड एनसीसी निदेशालय मेजर जरनल पी.एस.दहिया, कंटीजेंट कमांडर आरडीसी 2023 लेफ्टिनेंट कर्नल दीपेन्द्र सिंह समेत एनसीसी के अधिकारी-कर्मचारी एवं कैडेट्स मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने मानसखण्ड झांकी के प्रत्येक कलाकार को 50 हजार देने की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में गणतंत्र दिवस पर विभिन्न राज्यों की झांकियों में उत्तराखण्ड की “मानसखण्ड” झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त करने के बाद महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने ट्रॉफी के साथ भेंट की। इस अवसर पर झांकी के टीम लीडर संयुक्त निदेशक सूचना के.एस.चैहान के साथ झांकी के कलाकार उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड को मानसखण्ड झांकी के लिये प्रथम पुरस्कार मिलने पर प्रदेश के लिये सम्मान की बात बतायी। उन्होंने झांकी में शामिल प्रत्येक कलाकार को 50-50 हजार की धनराशि देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड की झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त होने से राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति एवं धार्मिक विरासत को देश व दुनिया में पहचान मिली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन के उपरान्त मानसखण्ड पर आधारित झांकी प्रस्तावित की गई थी। श्री केदारनाथ व श्री बदरीनाथ की तर्ज पर कुमाऊ के पौराणिक मंदिरों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मानसखण्ड मंदिर माला मिशन योजना पर कार्य किया जा रहा है।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि हुई घोषित

विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बृहस्पतिवार 27 अप्रैल को प्रातः 7 बजकर 10 मिनट पर खुलेंगे। जबकि गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा का दिन 12 अप्रैल निश्चित हुआ। राजदरबार नरेंद्र नगर में बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आयोजित धार्मिक समारोह में राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल ने पंचांग गणना पश्चात विधि विधान से कपाट खुलने की तिथि का विनिश्चय किया तथा महाराजा मनुजयेंद्र शाह ने कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की।
वहीं, गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा अर्थात भगवान बदरीविशाल के अभिषेक के लिए तिलों के तेल तेल पिरोने हेतु 12 अप्रैल की तिथि निश्चित हुई। समारोह में टिहरी राजपरिवार सहित श्री बदरी-केदार मंदिर समिति, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद थे। इससे पूर्व श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के प्रतिनिधियों ने तेलकलश राज महल के सुपुर्द किया। इस अवसर पर महाराजा मनुजयेंद्र शाह, सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, बदरीनाथ धाम के रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, राजकुमारी शिरजा शाह, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, स्वामी मुकुंदानंद, नितेश चैहान, मंदिर समिति सदस्य, श्रीनिवास पोस्ती, पुष्कर जोशी, आशुतोष डिमरी, वीरेंद्र असवाल, भास्कर डिमरी, राजपाल जड़धारी, डिमरी धार्मिक पंचायत अध्यक्ष विनोद डिमरी, तथा मंदिर समिति पूर्व सदस्य हरीश डिमरी, मंदिर समिति मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह, अनिल ध्यानी, भुवन चंद्र उनियाल, राधाकृष्ण थपलियाल, आरसी तिवारी, रमेश नेगी, रवीन्द्र भट्ट, प्रमोद नौटियाल, डा. हरीश गौड़, टीका प्रसाद, नरेंद्र डिमरी राजेंद्र डिमरी हेमचंद्र डिमरी अनुज डिमरी, माधव नौटियाल, आचार्य कृष्णानंद नौटियाल आदि मौजूद रहे। मंदिर समिति की ओर से बताया गया कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि शिवरात्रि 18 फरवरी को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में तय होगी। अक्षय तृतीया इस वर्ष 22 अप्रैल को है श्री गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया को खुलते है। इस संबंध में श्री गंगोत्री तथा यमुनोत्री मंदिर समिति द्वारा कपाट खुलने की तिथि और समय की घोषणा की जाएगी।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सराहनीय सेवाओं के लिए किया पुलिस अधिकारियों को सम्मानित

74वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गुरुवार को परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वज फहराया तथा राष्ट्रीय ध्वज को नमन करते हुए परेड की सलामी ली। इस अवसर पर सीआरपीएफ, आई.टी.बी.पी., पुलिस, पीएसी, होमगार्ड, पीआरडी के जवानों सहित एन.सी.सी की टुकड़ियों ने परेड करते हुए राज्यपाल को सलामी दी। राज्य के लोक कलाकारों व विभिन्न स्कूली बच्चों ने भी विभिन्न सांस्कृतिक लोक नृत्य का मनोहारी प्रदर्शन किया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पुलिस के ‘विजन डॉक्यूमेंट’ का अनावरण किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस कर्मियों को उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, ग्राम्य विकास, पर्यटन विभाग, उद्यान विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, उद्योग विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं तथा नीतियों पर आधारित झांकियों का भी प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में उद्यान विभाग की झांकी को प्रथम, पर्यटन विभाग को द्वितीय तथा शिक्षा विभाग की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इस अवसर पर द्वितीय गढ़वाल राइफल्स, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, उत्तराखण्ड पुलिस, आई.आर.बी द्वितीय, उत्तराखण्ड विशेष पुलिस, उत्तराखण्ड विशेष पुलिस (महिला), होमगार्ड, पीआरडी, एनसीसी ब्वॉइज, एनसीसी गर्ल्स ने भव्य परेड में प्रतिभाग किया। परेड करने वाली टुकड़ियों में प्रथम स्थान पर द्वितीय प्लाटून केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, द्वितीय स्थान पर प्रथम दस्ता गढ़वाल राइफल्स और तृतीय स्थान पर 5वीं प्लाटून उत्तराखंड महिला दल रहीं। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा छोलिया, गढ़वाली, भांगडा, कौथिक, बसन्त, हारूल, नृत्य का प्रदर्शन किया गया। जिसका उपस्थित दर्शकों ने खूब आनंद लिया।
परेड ग्राउण्ड में आयोजित इस समारोह में सांसद नरेश बंसल, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, मुख्य सचिव डॉ.एस.एस.संधु, डी.जी.पी. अशोक कुमार, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव राज्यपाल डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका सहित पुलिस तथा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विशिष्ट गणमान्य अतिथि एवं जनसामान्य भी उपस्थित रहे।

इन्हें मिला सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक-
रमेश कुमार पाल, पुलिस उपाधीक्षक (एम) (से0नि0) पुलिस मुख्यालय।
विरेन्द्र दत्त उनियाल, पुलिस उपाधीक्षक (से0 नि0) जनपद देहरादून।
कैलाश चन्द पंवार, पुलिस उपाधीक्षक (से0 नि0) एसटीएफ।
पंकज कुमार उप्रेती, पुलिस उपाधीक्षक (से0 नि0) सतर्कता सैक्टर हल्द्वानी।
विरेन्द्र सिंह रावत, पुलिस उपाधीक्षक (से0 नि0) मुख्यमंत्री सुरक्षा।
मोहन गिरी, उप निरीक्षक अध्यापक (से0 नि0) एटीसी हरिद्वार।
दिनेश चन्द्र, प्लाटून कमाण्डर, 31वीं वाहिनी पीएसी रूद्रपुर।
विक्रम सिंह, उप निरीक्षक वि0श्रे0 (से0 नि0) जनपद हरिद्वार।
पितृशरण बहुगुणा उप निरीक्षक आरमोरर (से0 नि0) पुलिस मुख्यालय।
मोहन राम, उप निरीक्षक वि0श्रे0 (से0 नि0) एसपीआर हलद्वानी।
जई राम, मुख्य आरक्षी वि0श्रे0 चालक (से0 नि0) 46वीं वाहिनी पीएसी।

विशिष्ट कार्य के लिए राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक
दलीप सिंह कुंवर, पुलिस उपमहानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून।
आयुष अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड।
देवेन्द्र पींचा, पुलिस अधीक्षक, चम्पावत।
राकेश चन्द्र देवली, अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्यमंत्री सुरक्षा उत्तराखण्ड।
दिनेश चन्द्र बडोला, पुलिस उपाधीक्षक पीटीसी नरेन्द्र नगर।
पूरन सिंह रावत, निरीक्षक एम पुलिस मुख्यालय।