हमारे संविधान ने सभी अनेकताओं को एकता के सूत्र में पिरोया है-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारा देश विभिन्न सम्प्रदायों, भाषाओं, जातियों एवं संस्कृतियों से परिपूर्ण राष्ट्र है। इन सभी अनेकताओं को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य हमारे संविधान ने किया है। नये भारत के निर्माण में हमें संविधान में उल्लिखित न्याय, स्वतंत्रता, समानता तथा भाईचारे के मूलभूत लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति संकल्प लेने की आवश्यकता है।
गुरुवार को गांधी पार्क, देहरादून में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित ’सामूहिक वन्देमातरम् गायन कार्यक्रम’ को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से हमारी नई पीढ़ी एवं युवा साथियों को देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित होने का अवसर मिलता है। हमारा देश विविध प्रकार के संप्रदायों, भाषाओं, जातियों व संस्कृतियों से परिपूर्ण राष्ट्र है। अनेकता में एकता ही भारत की विशेषता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के अंदर एक नई पहचान स्थापित कर रहा है। देश का मान सम्मान स्वाभिमान बढ़ा है। आज वैश्विक मंचो पर भारत द्वारा दिए गए सुझाव पर गंभीरता से विचार किया जाता है। भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया के 5 सबसे बड़े देशों में शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत इस वर्ष जी 20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। जी-20 की महत्वपूर्ण बैठकें देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित की जा रही हैं। इसकी दो महत्वपूर्ण बैठकें उत्तराखण्ड में भी प्रस्तावित हैं। इससे हमारे समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ पर्यटन, योग आयुष एवं आयुर्वेद को भी पहचान मिलेगी। यह अवसर राज्य के उत्पादों को भी वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने में मददगार होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2023 को अन्तरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष भी घोषित किया गया है। इससे हमारे मोटे अनाजों को तेजी से बढ़ावा मिलेगा। भारत सरकार द्वारा मण्डुवा को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय करने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिये इसका समर्थन मूल्य 3578 भी घोषित किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना काल में भी आमजन की सुविधा अनुसार व्यवस्थित प्रबंधन किया गया। संपूर्ण देश में निशुल्क रूप से वैक्सीनेशन का कार्य प्रगति पर है। वहीं अन्य देशों को भी मुफ्त में वैक्सीन देने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार जोशीमठ के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। भू-धंसाव से प्रभावितों की पूरी मदद का हमारा संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्थिति की लगातार जानकारी ले रहे हैं। राज्य सरकार जोशीमठ के प्रभावितों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने सभी को गणतंत्र दिवस एवं वसंत पंचमी की शुभकामना देते हुए आजादी के अमृत महोत्सव के इस गणतंत्र दिवस पर प्रदेश के विकास में सहयोगी बनने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न शिक्षकों एवं छात्रों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में सामूहिक तौर पर वन्देमातरम् गीत भी गाया गया।
कार्यक्रम में राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक सविता कपूर, भारत विकास परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष बृज प्रकाश गुप्ता, एस.एस कोठियाल, महानगर अध्यक्ष भाजपा सिद्धार्थ अग्रवाल, अनिल गोयल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम आवास में उत्तराखण्ड मिलेट्स भोज का आयोजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में कृषि विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष 2023 के अवसर पर आयोजित “उत्तराखण्ड मिलेट्स भोज” में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के मिलेट्स उत्पादों से भरपूर पारंपरिक व्यंजनों के स्टाल्स का निरीक्षण भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में उत्पादित होने वाला पारंपरिक मोटा अनाज मिलेट्स का भरपूर स्रोत है। इसका उपयोग करने से जहां एक ओर लोगों को पौष्टिक भोजन मिलेगा वहीं इसको बढ़ावा देने से प्रदेश के किसानों की आय में भी इजाफा होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हाल में ही भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड के मोटे अनाज (मण्डुआ) के प्रोक्योरमेंट की अनुमति दी गई है। मण्डुवा के प्रोक्योरमेंट की यह अनुमति फसल वर्ष 2022-23 के लिए दी गई है। मण्डुवा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3578 रूपये प्रति कुन्तल निर्धारित है। यह राज्य सरकार द्वारा पर्वतीय क्षेत्रों के कृषकों की आमदनी बढ़ाने हेतु अभिनव प्रयास सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मोटे अनाज (मण्डुआ) के 0.096 लाख मीट्रिक टन की प्रोक्योरमेंट की अनुमति मिलने से राज्य में मिलेट (मोटा अनाज) उत्पादन करने वाले किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। मण्डुवा, पौष्टिकता से भरपूर होता है। किसानों से खरीद कर मिड डे मील और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से बच्चों और लोगों को उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कृषि मंत्री गणेश जोशी, विधायक राजपुर खजान दास, पूर्व विधायक मुकेश कोहली, सचिव कृषि वी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, अपर सचिव कृषि रणवीर सिंह चैहान, निदेशक कृषि गौरी शंकर समेत अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

गणतंत्र दिवस पर राज्य को सर्वश्रेष्ठ बनाने का संकल्प दोहराया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं और राज्य आन्दोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान निर्माण का एक पर्व है। आज के दिन हमारे देश में बाबा साहेब अम्बेडकर के दिशा निर्देशन में बनाए गए संविधान को लागू किया गया था। हमारा यह विशिष्ट संविधान हमारे राष्ट्र का निरंतर मार्गदर्शन करता आ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे स्वाधीनता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान का स्मरण भी कराता है। यह अवसर हमें देशभक्तों के सपनों को साकार करने और अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध होने का संकल्प लेने की भी प्रेरणा देता है। संविधान के अंतर्गत ही हम सभी की जिम्मेदारी यह भी है कि हम न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के मूलभूत लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना को साकार करते हुए वर्ष 2025 तक देवभूमि उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, केंद्र सरकार के सहयोग एवं प्रदेश की 1.25 करोड़ जनता के आशीर्वाद से हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने में प्राण प्रण से जुटे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान निस्तारण और जन संतुष्टि के मूलमंत्र पर चलते हुए अंत्योदय की भावना के साथ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के विकास, कल्याण और उन्नति हेतु संकल्पबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जीरो टॉलरेंस आन करप्शन की नीति का अनुसरण कर प्रदेश में नकल माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही कर रहे है। राज्य कैबिनेट द्वारा प्रदेश में भर्तियों में भ्रष्टाचार रोकने के लिये सख्त नकल विरोधी कानून बनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इस कानून को इतना सख्त बनाया जायेगा कि भविष्य में कोई इस बारे में सोच भी न सके। सख्त नकल विरोधी कानून में दोषी का उम्र कैद की सजा का प्राविधान तो होगा ही उसके द्वारा अर्जित संपत्ति को जब्त किये जाने का भी व्यवस्था रहेगी।
भू-धंसाव से प्रभावित जोशीमठ की इस विपदा में हम प्रभावितों के साथ खड़े हैं। हम प्रभावितों के हित में उनकी जो भी अपेक्षाएं हैं उन अपेक्षाओं के अनुरूप उनके पुनर्वास और सेटलमेंट के लिए काम कर रहे हैं, प्रधानमंत्री जी भी स्वयं और उनका कार्यालय भी लगातार इस बात की चिंता कर रहा है। प्रभावितों के विस्थापन के लिए उनके सुझावों के आधार पर इतनी बेहतर व्यवस्था की जायेगी यह पूरे देश के लिए नजीर बने। उत्तराखण्ड एक आपदा संवेदनशील राज्य है। इसलिए हमारी जिम्मेदारियां भी अलग हैं। हम अपने सभी पर्वतीय शहरों की धारण क्षमता का सर्वेक्षण करवा रहे हैं। हम हमेशा इकॉलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन की बात करते हैं। उत्तराखण्ड पर्यावरणीय सेवा प्रदाता राज्य है। हिमालय, वन एवं वन्य जीव सम्पदा हमारी अमूल्य धरोहर है। इनका संरक्षण एवं संवर्धन हमारा ध्येय है। स्थानीय लोगों का विकास व रिवर्स पलायन भी हमारी एक बड़ी जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिना किसी तुष्टिकरण के सबका साथ सबका विश्वास और सबके प्रयास की भावना को साकार करने तथा धर्म, संस्कृति, आध्यात्म, शौय एवं सामरिक महत्व वाले गंगा के प्रदेश, देवभूमि उत्तराखण्ड के सभी संप्रदायों के हित में समान नागरिक संहिता कानून बनाये जाने के लिये कृत संकल्पित है। इसका हमने चुनाव से पूर्व जनता से भी वादा किया था। इसके साथ ही राज्य के कई क्षेत्रों में घटित हो रही धर्मांतरण की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोकने के लिये प्रदेश में सख्त धर्मांतरण कानून बनाया है। हमारे शांत प्रदेश में इस प्रकार की जबरन धर्मांतरण की घटनायें घटित न हों इसके लिये यह कानून लाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति का सम्मान भी हमारे लिये सर्वोपरि है। महिलाओं के कल्याण के लिये राज्य सरकार द्वारा प्रभावी योजनायें क्रियान्वित की जा रही हैं। राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने का प्राविधान किया है। राज्य में महिला सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत 2025 तक राज्य की 1.25 लाख महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश अमृत महोत्सव मना रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का नव भारत एक भारत श्रेष्ठ भारत तथा आत्मनिर्भर भारत के महा अभियान में सहयोग का आह्वान किया।

साहित्यकार हमें नई सीख प्रदान करते है-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में साहित्यकार डा. मुनि राम सकलानी की पुस्तक ’आजादी का अमृत महोत्सव और हिन्दी की प्रगति यात्रा’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुस्तक में आजादी से लेकर अब तक राजभाषा के विकास के लिए हुए विभिन्न कार्यों के बारे में जानकारी देने का सराहनीय प्रयास किया गया है।
’आजादी का अमृत महोत्सव और हिन्दी की प्रगति यात्रा’ पुस्तक के लेखक डा. मुनि राम सकलानी ने कहा कि पुस्तक में आजादी से लेकर अब तक इन 75 वर्षों में राजभाषा हिन्दी की प्रगति यात्रा का विस्तृत वर्णन एवं भारत सरकार की राजभाषा नीति के तहत किये प्रयासों का उल्लेख किया गया है। पुस्तक में देश के साथ-साथ वैश्विक परिप्रेक्ष्य में हिन्दी की स्थिति पर प्रकाश डाला गया। हिन्दी के उद्भव व विकास से लेकर राजभाषा के व्यावहारिक व प्रयोजनमूलक पक्ष को अधिक उजागर किया गया है। कार्यालयीन हिन्दी को एक वृहद परिप्रेक्ष्य में रखने का प्रयास किया गया है।
इस अवसर पर पूर्व कुलपति उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय डा. सुधा पाण्डेय, वरिष्ठ साहित्यकार शिवमोहन सिंह, डा. रंजिता सिंह, आशा, जयकृष्ण सकलानी, डा. सत्यानंद बडोनी उपस्थित रहे।

सीएम ने दिये जी-20 समिट के आयोजन की व्यवस्थाओं में तेजी लाने के दिये निर्देश

आगामी 25 से 28 मई एवं 26 से 28 जून 2023 में उत्तराखण्ड में प्रस्तावित जी-20 की बैठकों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं में तेजी लाई जाए। उत्तराखण्ड में होने वाली जी-20 की बैठकों के जिस विभाग को जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, संबंधित विभागीय सचिव उसकी नियमित समीक्षा करें। उत्तराखण्ड में होने वाली जी-20 की बैठकों की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री प्रत्येक 15 दिन में स्वयं समीक्षा करेंगे। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में जी-20 समिट की तैयारियों की बैठक के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा इस आयोजन से उत्तराखण्ड को वैश्विक पटल पर नई पहचान मिलेगी। जी-20 देशों के प्रतिनिधि ऋषिकेश में गंगा आरती में भी प्रतिभाग करेंगे। इससे मां गंगा के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व से भी सम्मेलन के प्रतिभागी परिचित हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में मई एवं जून में होने वाली जी-20 की दोनों बैठकों में जी-20 एवं आमंत्रित देशों के जो प्रतिनिधि शामिल होंगे। उनके सामने जो भी प्रस्तुतीकरण दिया जाना है, उसकी समय पर पूरी तैयारियां कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का यह हमारे पास एक अच्छा अवसर है। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि जिन उत्पादों को हम व्यापक स्तर पर वैश्विक पहचान दिला सकते हैं, उनकी विशिष्टता की पहचान कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में जी-20 की जो दो बैठकें आयोजित होंगी, इसमें प्रयास किये जायेंगे कि एक बैठक गढ़वाल मण्डल एवं एक बैठक कुमांऊ मण्डल में हो। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में होने वाली जी-20 संबंध में जन जागरूकता के लिए शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, सूचना विभाग एवं पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाए। जनपदों में बहुद्ेशीय शिविरों के माध्यम से भी लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जी-20 की बैठकों में आयोजन स्थल पर उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों पर आधारित स्टॉल लगाये जाएं। उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएं। आयोजन स्थल पर योग एवं पंचकर्म की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड योग की धरती है, योग एवं आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए जो कार्य किये जा रहे हैं, समिट में इसका प्रस्तुतीकरण भी दिया जाए। उन्होंने कहा कि जी-20 की बैठकों में अनेक देशों से प्रतिनिधि आयेंगे, इसके लिए विदेशी भाषाओं के जानकारों की भी सेवाएं ली जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले जी-20 की बैठक के बेहतर आयोजन के लिए राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के सुझाव भी लिए जायेंगे।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरूगेशन, ए.पी अंशुमन,सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, अरविन्द सिंह ह्ंयाकी, सचिन कुर्वे, बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी टिहरी डॉ. सौरभ गहरवार वर्चुअल माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, जिलाधिकारी पौड़ी आशीष चैहान एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

वंसतोत्सव कार्यक्रम का आगाज, छात्रों ने दिखाई प्रतिभा

वसंतोत्सव का आगाज मंगलवार को श्री भरत मंदिर परिसर में ध्वजारोहण के साथ हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। इस दौरान रंगोली, समूह गान, मेहंदी आदि प्रतियोगिताओं में अव्वल रहे प्रतिभागियों को कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने सम्मानित किया।
पांच दिवसीय वसंतोत्सव के तहत मंगलवार को एसबीएम इंटर कॉलेज, संस्कृत विद्यालय सहित अन्य स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। रंगोली और समूह गान प्रतियोगिताएं हुईं। रंगोली में स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल प्रथम, हैपी होम मोंटसरी द्वितीय, मदर मिरेकल स्कूल और केवीएस आईडीपीएल तीसरे स्थान पर रहे।
प्राइमरी ग्रुप डांस में गंगोत्री विद्या निकेतन पहले, एसबीएम पब्लिक स्कूल दूसरे, सनशाइन पब्लिक स्कूल तीसरे स्थान पर रहे। मेहंदी जूनियर ग्रुप में जीजीआईसी प्रथम, एसबीएम इंटर कॉलेज द्वितीय, एनडीएस श्यामपुर तृतीय स्थान पर रहा। सीनियर वर्गमेंगंगोत्री विद्या निकेतन प्रथम, पंजाब सिंध क्षेत्र द्वितीय, हरीशचंद्र गुप्ता आदर्श कन्या विद्यालय तीसरे और सामूहिक गायन में श्री भरत मंदिर पब्लिक स्कूल प्रथम, श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज द्वितीय और श्री दर्शन महाविद्यालय तीसरे स्थान पर रहे। अंत्याक्षरी जूनियर में एसबीएम पब्लिक स्कूल ने बाजी मारी। वाद विवाद प्रतियोगिता में आरपीएस की निधि शर्मा अव्वल रहीं। वहीं, साईकिल रेस में श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज के संयम सिंह पहले, करण जायसवाल दूसरे और उत्तम यादव तीसरे स्थान में रहे। कार्यक्रम में शिक्षाविद बंशीधर पोखरियाल, प्रधानाचार्य धीरेंद्र जोशी, कमला प्रसाद भट्ट, डा. सुनील दत्त थपलियाल, सुजाता श्रीधर, संगीता नवानी श्रीलता, अन्विता डबराल, सोनिया यादव आदि मौजूद रहे।
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शहीदों के सपनों का राज्य बनाना ही मेरा लक्ष्य-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़ी कैंट स्थित शहीद दुर्गामल्ल पार्क में आजाद हिंद फौज के शहीद मेजर दुर्गामल्ल की मूर्ति पर श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांललि दी। उन्होंने आजादी के अमृत महोत्सव के समय शहीद दुर्गामल्ल के नाम पर डाक टिकट जारी किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शहीद दुर्गामल्ल के नाम पर डाक टिकट जारी किया जाना सम्मान की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद दुर्गामल्ल द्वारा देश की आजादी के लिए दिया गया महत्वपूर्ण योगदान हमारी स्मृति में हमेशा रहेगा। हमारी आने वाली पीढ़ी हमारे ऐसे महाननायकों के बारे में जान सके, इसके लिए आजादी के अमृत महोत्सव में ऐसे महानायकों की याद में देश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। भारत की आजादी के लिए हमारे अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी। हमारे अमर सेनानियों का बलिदान हमें सदैव प्रेरणा देने का कार्य करेगा। इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी भी उपस्थित थे।

सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आपसी सामंजस्य के साथ समेकित विकास पर ध्यान देना जरुरी

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस की 5वीं कार्यकारी समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। इस दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सतत विकास लक्ष्य को पाने के लिए इनकी साप्ताहिक मॉनिटरिंग की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु हमें आपसी सामंजस्य के साथ समेकित विकास पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थानों के साथ लगातार सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने आईआईएम काशीपुर को राज्य के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए भी विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार आईआईटी रूड़की और पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय अपने अपने क्षेत्र में राज्य के विकास के लिए विभिन्न प्रकार से प्रशिक्षण आदि उपलब्ध करा सकते हैं। इसके लिए नियोजन विभाग और संस्थान मिलकर योजना तैयार करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि बहुत से ऐसे कार्य हैं जो राज्य सरकार और शिक्षण संस्थान जनहित में करना चाह रहे हैं, परन्तु आपसी संवादहीनता के कारण ये कार्य बाधित हो रहे हैं। विभिन्न शिक्षण संस्थानों की एक समिति बनाकर तिमाही बैठक आयोजित की जाए। राज्य केन्द्रित शोधों के लिए रिसर्च फेलोशिप कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समस्याओं को समझने और उसका समाधान खोजे जाने के लिए सम्बन्धित संस्थान को समस्या का अभिनव समाधान खोजे जाने का कार्य दिया जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव मीनाक्षी सुन्दरम, अपर सचिव नियोजन रोहित मीणा सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कर्तव्य पथ पर दिखेगी मानसखण्ड झांकी, सीएम ने किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला पर गणतंत्र दिवस-2023 परेड के लिये उत्तराखण्ड राज्य की चयनित “मानसखण्ड” की झांकी का निरीक्षण किया तथा झांकी में सम्मिलित उत्तराखण्ड के कलाकारों को कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित की जाने वाली उत्तराखण्ड की कला एवं संस्कृति के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने झांकी के संबंध में निर्देश दिये कि झांकी का निर्माण उच्च कोटि का किया जाय, जिसमें उत्तराखण्ड राज्य की कला एवं संस्कृति की झलक गणतंत्र दिवस परेड में देखने का मिले। गणतंत्र दिवस परेड में इस वर्ष उत्तराखण्ड की झांकी में मानसखण्ड के अंतर्गत जागेश्वर धाम, कार्बेट नेशनल पार्क तथा उत्तराखण्ड की प्रसिद्व ऐपण आर्ट को दिखाया जा रहा है।
मानसखण्ड का उल्लेख स्कन्द पुराण में वर्तमान कुमाँऊ क्षेत्र से है। राज्य सरकार गढ़वाल मण्डल में होने वाली चारधाम यात्रा की भांति मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के रूप में कुमाऊँ क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों का चिन्हीकरण करते हुए इनमें आवश्यकतानुसार अवस्थापना सुविधाएं विकसित कर रही है। इससे देशी विदेशी पर्यटकों को क्षेत्र की समृद्ध पौराणिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित भी कराया जा सकेगा, जिससे राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
इस अवसर पर स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, उत्तराखण्ड झांकी के टीम लीडर/संयुक्त निदेशक के0 एस0 चौहान, विशेष कार्याधिकारी राष्ट्रीय रंगशाला शिविर, रवि पाण्डे, गुजरात झांकी की टीम लीडर पंकज मोदी उपस्थित रहे।

24 जनवरी से पांच दिवसीय ऋषिकेश बंसतोत्सव का आगाज

पांच दिवसीय वसंतोत्सव का आगाज 24 जनवरी को ध्वजारोहण से होगा। पहले दिन साइकिल दौड़, मटकी फोड़ प्रतियोगिता होगी। 26 जनवरी को हृषिकेश नारायण भरत भगवान की डोली यात्रा निकाली जाएगी।
बुधवार को झंडा चौक स्थित भरत मंदिर सभागार में आयोजित बैठक में वसंतोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। सफल आयोजन के लिए समितियों का गठन कर जिम्मेदारी सौंपी गई। मेला संयोजक हर्षवर्धन शर्मा ने बताया कि 24 जनवरी को सुबह मेला परिसर में ध्वजारोहण से वसंतोत्सव का शुभारंभ होगा। हरिद्वार रोड पर लोनिवि के सामने से साइकिल दौड़ शुरू होगी। भरत मंदिर में मटकी फोड़ प्रतियोगिता और सुबह 11.30 बजे छात्र-छात्राओं का कार्यक्रम होगा। शाम को गढ़वाली सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। 25 जनवरी गुरुवार को स्व.महंत अशोक प्रपन्नाचार्य महाराज की स्मृति में रक्तदान शिविर और शाम को समन्वय संस्था की ओर एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 26 जनवरी को हृषिकेश नारायण भरत भगवान की डोली यात्रा निकाली जाएगी। 27 जनवरी को नगर निगम ऋषिकेश कार्यालय परिसर में दंगल प्रतियोगिता होगी। इसका समापन 28 जनवरी को होगा। 28 जनवरी को शाम को कवि सम्मेलन के साथ वसंतोत्सव का समापन होगा। मौके पर महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य, वरुण शर्मा, बचन पोखरियाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, विनय उनियाल, मेजर गोविंद सिंह रावत, धीरेंद्र जोशी, रामकृपाल गौतम, भगतराम कोठारी, अशोक अग्रवाल, राजेंद्र बिष्ट, राधा रमोला, शकुंतला शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, संदीप शास्त्री, प्यारेलाल जुगरान, जयेंद्र रमोला, महंत रवि प्रपन्नाचार्य, रंजन अंथवाल, डॉ. सुनील दत्त थपलियाल, मदन मोहन शर्मा, विमला रावत, प्रवीण रावत, डीबीपीएस रावत, जितेंद्र बिष्ट, धीरज चतरथ, महेश किंगर, कमला प्रसाद भट्ट, विजयलक्ष्मी शर्मा, श्रीकांत शर्मा, शकुंतला शर्मा, राधा रमोला, अशोक कुमार रस्तोगी, चंद्रशेखर, जयप्रकाश नारायण, अंजू रस्तोगी, ललित मोहन मिश्रा, राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट, चेतन शर्मा, रामकृपाल गौतम, विवेक शर्मा, जितेंद्र बिष्ट, लखविंदर सिंह आदि मौजूद रहे।