राज्य स्थापना दिवस पर सीएम ने प्रदेशवासियों से मांगा सहयोग, बताई प्राथमिकताएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामना दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों, आन्दोलनकारियों एवं देश के लिये सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए हाल ही में प्रदेश में आई आपदा में जान गवाने वाले लोगों के प्रति भी संवेदना प्रकट की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के साथ औद्योगिक उत्तराखण्ड की मजबूत नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई को भी राज्य की जनता की ओर से नमन किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा है कि प्रदेश की महान जनता के आशीर्वाद, सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड तथा उत्तराखण्डवासियों से आत्मिक लगाव है, आज केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में विकास कार्य संचालित किये जा रहे हैं। हमारे चारधाम, न सिर्फ हमारी आस्था और श्रद्धा के केन्द्र हैं बल्कि हमारी आर्थिकी की बुनियाद भी है। इस वर्ष लगभग 45 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम और हेमकुण्ड साहिब के दर्शन के लिए आए। कोरोना काल से पूर्व की तुलना में यह संख्या 35 प्रतिशत अधिक है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में मल्टी मॉडल कनेक्टीवीटी पर अभूतपूर्व काम हुआ है। इसका प्रभाव आने वाले समय में प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास के रूप में दिखेगा। प्रदेश में सड़कों के निर्माण में तेजी से कार्य हो रहा है, इसके लिये केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय का पूरा सहयोग मिल रहा है। रूद्रपुर एवं रामपुर मुरादाबाद बायपास के निर्माण से प्रदेश के कुमांऊ क्षेत्र में विकास के नये आयाम स्थापित होंगे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और टनकपुर-बागेश्वर और डोईवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री रेललाइन के सर्वे पर केन्द्र सरकार द्वारा सहमति दी जा चुकी है। आज एयर कनेक्टीवीटी के क्षेत्र में भी हम काफी आगे बढ़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 21 अक्टूबर को प्रदेश के सीमान्त गांव माणा में राज्य के स्थानीय उत्पादों की सराहना करते हुए देशवासियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा स्थलों के भ्रमण पर जितना व्यय करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत व्यय वहां के स्थानीय उत्पादों के क्रय करने पर व्यय करें। हमारे प्रदेश में प्रतिवर्ष करोड़ों लोग पर्यटन एवं तीर्थाटन पर आते हैं। उनके द्वारा क्रय किये जाने वाले स्थानीय उत्पादों से हमारे लोगों की आर्थिकी मजबूत होने के साथ ही देश व दुनिया में इसकी पहचान भी बनेगी। उन्होंने कहा कि रानीबाग (नैनीताल) स्थित एच.एम.टी. की 45.33 एकड़ जमीन उत्तराखण्ड को प्राप्त होना प्रदेश के लिये डबल इंजन सरकार की एक और बड़ी सौगात है। इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास को और अधिक गति मिलेगी तथा हमारे युवा रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ सकेंगे
उत्तराखण्ड के युवा हमारा भविष्य हैं। इसीलिए हमने युवाओं साथ धोखा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है। भर्तियों में घोटाला करने वालों पर कड़ी क़ानूनी कारवाई की जा रही है। पारदर्शिता और समयबद्धता से परीक्षाओं के आयोजन के लिये हमने उत्तराखण्ड अधीनस्थ आयोग से भर्तियों को राज्य लोक सेवा आयोग को हस्तांतरित किया है। वर्तमान में जारी भर्ती कैलेण्डर के अनुसार 7 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। हमारी सरकार द्वारा राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन देने के लिए नई खेल नीति लाई गई है। साथ ही “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना“ में 8 से 14 वर्ष के उभरते खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की शुरूआत करने में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में है। आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना में प्रदेश के सभी परिवारों को 5 लाख रुपये वार्षिक तक के निशुल्क इलाज की सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सेवा, सुशासन, संवेदनशीलता और गरीब कल्याण के मंत्र पर चल रही है। ब्लॉक स्तर से लेकर मुख्यमंत्री स्तर पर जन समस्याओं की सुनवाई हो रही है। समस्याओं के त्वरित निवारण पर बल दिया जा रहा है। लोगों को योजनाओं का सही लाभ मिल सके और उनकी समस्याओं का निराकरण हो, इसके लिए हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र के आधार पर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने हेतु भ्रष्टाचार मुक्त एप-1064 लांच किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि ही नहीं, वीरभूमि भी है और सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान हमारा कर्तव्य है। इसको ध्यान में रखते हुए देहरादून में भव्य सैन्य धाम की स्थापना पर तेजी से काम किया जा रहा है। उत्तराखण्ड राज्य के वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में भी वृद्धि की गई है। हम हिम प्रहरी योजना पर भी काम कर रहे हैं। इसके अंतर्गत राज्य के भूतपूर्व सैनिकों एवं युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के निकटवर्ती जिलों में बसने के लिये सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह वाक्य कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा“। प्रधानमंत्री का हम पर यह विश्वास हर उत्तराखण्डवासी का सम्मान है। जहां इस बात से एक ओर हमें अपने राज्य पर गर्व होता है, तो दूसरी ओर बड़ी जिम्मेदारियों का भी अहसास होता है। हमारी सरकार ने राज्य को 2025 तक हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प का मूलमंत्र अपनाया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कविता को आत्मा की अभिव्यक्ति और दिल से निकली आवाज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कविता को आत्मा की अभिव्यक्ति तथा दिल से निकली आवाज बताते हुए कहा कि जिसका दिल साफ होगा मन में दया होगी, पीड़ा होगी, वही कविता लिख सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना के बाद पहली बार भाषा विभाग द्वारा सर्वभाषा कवि सम्मेलन का आयोजन सराहनीय पहल है। मुख्यमंत्री ने कवि सम्मेलन में पधारे कवियों को सम्मानित करते हुए कहा कि कवियों के बारे में कहावत है कि जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि। यही नहीं साहित्य, संगीत एवं कला से विहीन व्यक्ति को पशु के समान माना गया है। हमारे कवि समाज के पथ प्रदर्शक होते हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य आन्दोलनकारियों को नमन करते हुए सभी को राज्य स्थापना की भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता हमारी पहचान है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सायं आईआरडीटी सभागार में राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर भाषा विभाग द्वारा आयोजित सर्वभाषा कवि सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि पिछले 22 सालों में उत्तराखण्ड विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ा है। राज्य के विकास के लिये तैयार रोड मैप पर कार्य किया जा रहा है। रोजगार और आर्थिकी को बढ़ावा देने के लिये पर्यटन कृषि बागवानी के क्षेत्र में योजनायें बनायी गयी है। 6 हजार एकड में लेण्ड बैंक बनाया गया है ताकि अधिक से अधिक निवेशक राज्य में उद्योगों की स्थापना के प्रति आकर्षित हों। स्वयं सहायता समूहों की आर्थिकी को भी मजबूती देने के प्रयास किये जा रहे हैं। लखपति दीदी योजना में 2025 तक 1.25 लाख मातृशक्ति बहनों को लखपति बनाने की योजना बनायी गयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने माणा में केदारनाथ व हेमकुण्ड साहिब रोपवे के आदि योजनाओं के शिलान्यास के अवसर पर सभी लोगों से अपनी यात्रा व्यय का 5 प्रतिशत धनराशि वहां के स्थानीय उत्पादों के क्रय पर व्यय करने की बात कही। इससे स्थानीय उत्पादों के उत्पादन एवं विपणन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पधारे कवियों से भी अपेक्षा की कि वे अपनी अभिव्यक्ति की ताकत के बल पर इस अभियान को आगे बढ़ाने में सहयोगी बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव है तथा उन्होंने उत्तराखण्ड को स्वर्ग की संज्ञा दी है। प्रधानमंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप 2025 तक उत्तराखण्ड देश के श्रेष्ठ राज्यों में अपनी पहचान बनाये इसके लिये हम सबको मिलजुल कर प्रयास करने होंगे। राज्य के विकास की हम सबकी यह सामूहिक यात्रा है।
इस अवसर पर भाषा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हमारा प्रदेश बहुभाषी, बहुधर्मी एवं बहु संस्कृतियों वाला प्रदेश है। राज्य की भाषा एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिये भाषा विभाग द्वारा पहली बार यह पहल की है। इस आयोजन को भविष्य में और अधिक प्रभावी बनाये जाने की भी उन्होंने बात कही। उन्होंने मंचाशीन कवियों का आह्वान किया कि वे राज्य के प्रतिभावान युवा रचनाकारों को बेहतर प्लेटफार्म प्रदान करने में मददगार बनें ताकि उनकी भी पहचान देश व दुनिया में हो सके।
इस अवसर पर जिन कवियों ने अपनी कविताओं की प्रस्तुति दी उनमें बुद्धिनाथ मिश्र, अतुल शर्मा, अफजल मगलोरी, अम्बर खरबन्दा, प्रेम साहिल, नीता कुकरेती, बीना बेंजवाल, श्रुति वत्स, बसन्ती मठपाल, गिरीश सुन्दरियाल, दिनेश सुन्दरियाल प्रमुख रहे। निदेशक भाषा संस्थान स्वाति भदोरिया ने सभी का आभार जताया।

लोक नृत्य में लोक कलाकारों के साथ मुख्यमंत्री भी हुए शामिल

इगास पर्व पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेश भर में सभी संस्थाओं एवं संगठनों के साथ आम जनता द्वारा इस पर्व में अपनी भागीदारी निभायी। इस दौरान प्रदेश में लोक संस्कृति एवं लोक परम्परा के इस पर्व पर उत्साह का माहौल दिखायी दिया। इगास के मौके पर मुख्यमंत्री आवास में भी लोकगीत लोकनृत्य एवं लोक संस्कृति के साथ लोक परम्पराओं के जीवन्तता की झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री स्वयं भेलो पूजन कर, भेलो खेलने के साथ लोक कलाकारों के साथ लोक नृत्य में भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी को इगास की बधाई दी तथा सभी से अपनी लोक संस्कृति एवं लोक परम्पराओं को आगे बढ़ाने में सहयोगी बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में संपूर्ण देश में सांस्कृतिक विरासत और गौरव की पुनर्स्थापना हो रही है। उसी तरह उत्तराखंडवासी अपने लोकपर्व इगास को आज बङे उत्साह से मना रहे हैं।
प्रधानमन्त्री ने लाल किले से आजादी के अमृत काल में पंच प्रण के संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया था। जिनमें से एक संकल्प यह है कि हम अपनी विरासत और संस्कृति पर गर्व करें। इगास पर्व का आयोजन उत्तराखंडी लोक संस्कृति से नयी पीढ़ी के जुड़ाव को और प्रगाढ़ बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखण्डवासियों से भी अनुरोध किया कि वे भी अपने लोक पर्व को अपने गांव में मनाने का प्रयास करें तथा प्रदेश के विकास में सहभागी बने, सभी के सामुहिक प्रयासों से हम विकल्प रहित संकल्प के साथ उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्यों में शामिल करने में सफल होंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, प्रेमचन्द अग्रवाल, रेखा आर्या, चन्दन राम दास, सुबोध उनियाल, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, मेयर सुनिल उनियाल गामा, पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य उपस्थित रहे।

गढ़ सेवा संस्थान ने पर्वतीय सांस्कृतिक जन कल्याण समिति के सहयोग से आयोजित किया कार्यक्रम

”आवा! हम सब्बि मिलके इगास मनोला, नई पीढ़ी ते अपणी लोक संस्कृति से जुड़ोला। लोकपर्व इगास हमारु लोक संस्कृति कु प्रतीक च। हमारि नई पीढ़ी भी हमारा पारंपरिक त्यौहारों से जुणि रौ, यु हमारु उद्देश्य च।” इन्हीं शब्दों के साथ क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने मालवीय नगर में आयोजित इगास लोकपर्व पर अपनी शुभकामनाएं दीं।
शुक्रवार को गढ़ सेवा संस्थान ऋषिकेश की ओर से पर्वतीय सांस्कृतिक जन कल्याण समिति की ओर से मालवीय नगर दुर्गा मंदिर के प्रांगण में लोकपर्व इगाम पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर किया।
मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि इगास लोकपर्व हमारी समृद्ध संस्कृति की पहचान है। दीपावली के बाद 11वें दिन राज्य में इगास और बूढ़ी दीपावली मनानी की प्रथा सदियों पुरानी है। गढ़वाल में इगास को बग्वाल के रूप में जबकि कुमायूं में बूढ़ी दीपावली कहा जाता है।
मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि इगास को पूरे प्रदेश में धूमधाम से मना सकें, इसके लिए हमारी सरकार ने अवकाश की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि लोकपर्व हमारे राज्य की पहचान है, हमें इसकी महत्वता को समझना होगा। कहा कि जनसहभागिता से ही हमारे लोकपर्व का महत्व बढ़ेगा।
मंत्री डा. अग्रवाल ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अपने राज्य की संस्कृति, मेले, लोकपर्वों का महत्व जानें और इसमें सहभाग करते हुए धूमधाम से मनाएं। इस दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। साथ ही पहाड़ी व्यंजन कंडाली का काफल, भात, कोदे की रोटी, अरसे, स्वाल, भड्डू दाल का स्वाद लोगों ने चखा। इसके अलावा मंत्री डा. अग्रवाल ने भेलो भी खेला।
इस अवसर पर गढ़ सेवा संस्थान के अध्यक्ष देवेंद्र नेगी, सचिव रविंद्र राणा, उपाध्यक्ष ताजेंद्र नेगी, कोषाध्यक्ष गोपाल सती, पर्वतीय सांस्कृतिक जनकल्याण समिति आईडीपीएल के अध्यक्ष भरत सिंह नेगी, बीपी जोशी, अरूण बडोनी, दिनेश पयाल, मनोज ध्यानी, भगवती रतूड़ी, राजवीर रावत, सुमित पंवार, प्रधान सागर गिरी, ममता नेगी, प्रमिला त्रिवेदी, महावीर चमोली, पुनीता भंडारी, निर्मला उनियाल, पार्षद वीरेंद्र रमोला, जेएस राणा, सुरेंद्र सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

छात्र-छात्राओं ने गंगा स्वच्छता की शपथ ली

श्रीदेव सुमन विवि परिसर ऋषिकेश के नमामि गंगे प्रकोष्ठ ने गंगा उत्सव मनाया। छात्र-छात्राओं ने गंगा स्वच्छता की शपथ के साथ ही गंगा आरती की।
शुक्रवार को त्रिवेणीघाट पर श्रीदेव सुमन विवि परिसर ऋषिकेश के नमामि गंगे प्रकोष्ठ द्वारा गंगा उत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पार्षद चेतन चौहान ने किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को मेरा संकल्प के अंतर्गत गंगा स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि हमें अपने क्षेत्र के गंगा तटों को साफ सुथरा रखना चाहिए। किसी भी प्रकार से सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करना चाहिए। नमामि गंगे के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार मेंदोला ने विचार रखे। इस दौरान छात्राओं द्वारा महागंगा आरती, दीपोत्सव, दीपदान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी। छात्रों ने गंगा आरती कर 251 दीपों की श्रृंखला त्रिवेणी घाट पर बनाई।
इस दौरान हिमांशु कुमार, अमित रतूड़ी, अमित चौहान, तुषार, सुधांशु, तन्मय, रितेश, सलोनी बिष्ट, रितिका, सृष्टि आर्य, प्रीति, मनीषा, माधुरी, शालू, सलोनी, अंबालिका, प्रियंका, अक्षिता, दीक्षा, अभिलाषा, रिया, वर्षा, प्राची, अंकिता, मितिक्षा, सुहानी, साक्षी, ज्योति, खुशी, वैष्णवी, दीक्षा सिंह, किरन, कशिश, शालिनी, मानसी आदि उपस्थित रहे प्

महिला आरक्षण पर बोले सीएम राज्य की महिलाओं के सर्वागींण विकास के लिए जरुरी है आरक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने महिला क्षैतिज आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट से रोक मिलने का स्वागत किया है। राज्य सरकार ने एक साल के भीतर सरकारी विभागों में 19 हजार भर्तियां करने का लक्ष्य रखा है।
शुक्रवार को महिला क्षैतिज आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सीएम धामी ने त्वरित टिप्पणी की है। सीएम धामी की मंजूरी के बाद ही महिला आरक्षण को यथावत रखने के लिए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। उसी पर सर्वाेच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के आदेश पर स्टे दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के प्रदेश की महिलाओं के हित में दिए गए फ़ैसले स्वागत किया। कहा कि हमारी सरकार प्रदेश की महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए कटिबद्ध है। राज्य सरकार ने महिला आरक्षण को यथावत् बनाए रखने के लिए अध्यादेश लाने के लिए भी पूरी तैयारी कर ली थी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी समय से अपील करके प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की।
सीएम धामी पहले ही साफ कर चुके हैं कि एक वर्ष के भीतर सरकार ने विभिन्न सरकारी विभागों में 19 हजार नई भर्तियों का फैसला लिया है। ताजा आदेश के बाद अब इन भर्तियों में तेजी आने की उम्मीद है। दरअसल, पहले उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग भर्ती घपला और फिर हाईकोर्ट के 30 फीसदी महिला आरक्षण पर रोक के बाद भर्ती प्रक्रिया थम गई। इससे बेरोजगार अभ्यर्थियों में आक्रोश पनप रहा था, लेकिन अब फिर भर्तियों की राह जोर पकड़ सकती हैं।

एक्ट बनाने से नहीं फंसेगा फेंच
उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों में अभी महिलाओं को 30 फीसदी आरक्षण सिर्फ एक जीओ के आधार पर मिल रहा है। 18 जुलाई, 2001 को नित्यानंद स्वामी सरकार ने इसकी शुरूआत की थी। तब 20 फीसदी आरक्षण का प्रावधान था। तब से सरकार ने इसके लिए कोई एक्ट नहीं बनाया है, जिससे भविष्य में भी इस जीओ को चुनौती मिल सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य सरकार को यह लाभ यथावत देने के लिए अध्यादेश या फिर विधानसभा के पटल पर विधेयक लाना होगा, ताकि इसे कानूनी तरह से अमली जामा पहनाया जा सके। पिछले माह हुई बैठक में कैबिनेट मुख्यमंत्री को महिला आरक्षण को लेकर अध्यादेश लाने की मंजूरी देने को अधिकृत भी कर चुकी है।

न्याय विभाग से भी इसका परीक्षण कराया जा चुका है। चूंकि, फिलहाल सरकार को राहत मिल चुकी है तो अध्यादेश या फिर विधेयक दोनों में कोई एक विकल्प सरकार चुन सकती है। एक्ट बनने से भविष्य में राज्य में महिला आरक्षण पर पेंच नहीं फंसेगा।

एसएलपी में ये दिए थे तर्क
राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी में आरक्षण यथावत रखने के लिए विभिन्न तर्क दिए थे। इसमें कहा गया था कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां बिल्कुल भिन्न हैं और पर्वतीय महिलाओं की विकट जीवन शैली है। चूल्हे से लेकर खेत-खलिहान सभी उन्हीं के जिम्मे है। वहीं, सरकारी नौकरियों में महिलाओं का प्रतिनिधत्व काफी कम है। लिहाजा समाज के मुख्य धारा में महिलाओं को शामिल करने के लिए उनके लिए क्षैतिज आरक्षण जरूरी है।

कई राज्यों में है महिला आरक्षण
विभिन्न राज्यों में सभी महिलाओं को सरकारी नौकरियों में क्षैतिज आरक्षण देने का प्रावधान है। इनमें बिहार में सबसे अधिक 35 फीसदी आरक्षण है, जबकि मध्यप्रदेश और राजस्थान में 30-30 फीसदी आरक्षण है। यूपी ने भी 20 फीसदी आरक्षण का लाभ दिया था, लेकिन वर्ष 2019 में इलाहाबादा हाईकोर्ट में चुनौती मिलने के बाद इस पर रोक लगी है।

कब क्या हुआ
18 जुलाई, 2001 में नौकरियों में मिला था स्थानीय महिलाओं को 20 फीसदी आरक्षण
24 जुलाई, 2006 में एनडी सरकार में इसमें बढ़ोत्तरी कर 30 फीसदी किया
10 अक्तूबर,2022 में हाईकोर्ट ने आरक्षण पर रोक लगाई
24 अगस्त, 2022 को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन की दायर

वहीं, वित्त, संसदीय, शहरी विकास व आवास, पुनर्गठन व जनगणना मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने राज्य में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का स्वागत किया है। राज्य सरकार ने इस दिशा में सुप्रीम कोर्ट में ठोस पैरवी की थी। उसी के परिणामस्वरूप सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण को यथावत रखने का आदेश सुनाया है। डा. अग्रवाल ने कहा कि जहां उत्तराखंड राज्य यहां की महिलाओं के संघर्ष के बाद प्राप्त हुआ। महिलाओं के लिए यह राज्य सदैव ऋणी रहेगा। उत्तराखंड में महिलाओं को मां, बहन और बेटी के रूप में पूजा जाता है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश इस वक्त में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, जब पूरा उत्तराखंड अपना लोकपर्व इगास मना रहा है। आज ही के दिन ग्राम्य विकास विभाग द्वारा लखपति दीदी योजना परवान चढ़ी है। डा. अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने लखपति दीदी योजना में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से एक वर्ष में एक लाख से अधिक की आय अर्जित करने वाली महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में सम्मानित किया।
डा. अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कार्यरत है, 2025 तक सरकार ने सवा लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निश्चित किया है।

सामूहिक नृत्य में झूमे मंत्री अग्रवाल, इगास की दी बधाई

छिद्दरवाला में युवक मंगल दल और महिला मंगल दल की ओर से इगास महोत्सव धूमधाम से आयोजित किया गया। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने पारंपरिक वेशभूषा पहाड़ी टोपी पहनकर शिरकत करते हुए भेलो खेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम में झूमकर सामूहिक नृत्य किया। मंत्री डॉ अग्रवाल ने आयोजक समिति को 11 हज़ार रूपए भी दान स्वरूप भेंट किये।
जोगीवाला माफी में आयोजित इगास महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने पहाड़ी व्यंजन अरसे का स्वाद चखा और ग्रामीणों को इगास पर्व की बधाई दी।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इगास पर्व पर अवकाश की घोषणा से राज्य की लोक संस्कृति को बल मिलेगा। प्रदेश में यह दूसरा मौक़ा है जब उत्तराखण्ड में लोकपर्व ईगास को लेकर अवकाश घोषित किया गया है। कहा कि इगास पर्व पहाड़ी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर मैदानी क्षेत्रों में भी पहुंच गया है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि युवाओं में इसकी लोकप्रियता बढ़ी हैं। इसका लाभ हमारे राज्य की संस्कृति को मिलेगा। कहा कि इस पर्व को देवोत्थान एकादशी के साथ ही गढ़वाल में इगास और कुमायूं में बूढ़ी दीपावली के रूप में मनाया जाता है।
इस मौके पर आंचलिक गीत मेरे बुढ़ा की ब्यो छे, और ऐ गे न बग्वाल के दिन पर मंत्री डॉ अग्रवाल झूमने पर मजबूर हुए। साथ ही पहाड़ी व्यंजन अरसे का आनंद भी लिया। इसके अलावा देवदार, भीमल या हींसर की लकड़ी आदि से बने भैलो को खेला।
इस मौके पर युवक मंगल दल के अध्यक्ष प्रमोद रावत, जगमोहन पंवार, महिला मंगल दल की अध्यक्ष सुशीला नेगी, संगीता असवाल, प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष समा पंवार, अनिता राणा, विमला नैथानी, रीना नेगी, बैशाख सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, उप प्रधान शैलेन्द्र रांगड़, दीपा सजवाण, राजेंद्र बगियाल, सुरेंद्र रमोला, रोशन कुड़ियाल, अम्बर गुरुंग, धर्म सिंह, रतन नेगी आदि उपस्थित रहे।

महिला शक्ति के रुप में उत्तराखंड करेगा देश का नेतृत्व-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सर्वे ऑफ इण्डिया ग्राउण्ड, हाथीबड़कला में आयोजित “लखपति दीदी मेला“ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में यह कार्यक्रम ग्राम्य विकास विभाग द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से एक वर्ष में एक लाख रुपए से अधिक की आय अर्जित करने वाली महिलाओं को “लखपति दीदी“ के रूप में सम्मानित किया। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाभार्थियों को चेक भी प्रदान किये गये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को लोकपर्व इगास और बूढ़ी दिवाली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि वर्ष 2025 में जब हमारा राज्य अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष माना रहा होगा, तब तक हम अपने प्रदेश की सवा लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का कार्य करेंगे। यह प्रयास निश्चित रूप से महिलाओं के आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि समाज में महिला शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। महिला सशक्तिकरण के बिना एक आदर्श समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए अनेक प्रयास कर रही हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रूपये तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत गांव माणा में प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी देशवासियों एवं श्रद्धालुओं से आह्वाहन किया कि अपने यात्रा खर्चे का 5 प्रतिशत धनराशि उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों पर खर्च करें। इससे हमारे स्थानीय उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा और मातृ शक्ति की आजीविका में भी तेजी से वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए हमेशा से प्रतिबद्ध रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत में मातृशक्ति का महत्वपूर्ण योगदान होगा। मातृभूमि और मातृशक्ति के सर्वागीण विकास के प्रति सजगता का अनूठा उदाहरण यदि किसी ने दिया है तो वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया है। उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में महिला उत्थान की भावना को सर्वाेपरि रखते हुए उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी विशेष योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। जिसके परिणाम स्वरूप आज महिलाओं के जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में डबल इंजन की सरकार द्वारा राज्य में ऐसी अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है, जिससे हर वर्ग के लोगों को आज स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि मातृ शक्ति सशक्त होगी तो पूरा समाज सशक्त होगा। लखपति दीदी योजना के माध्यम से राज्य की मातृ शक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए हर प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का आम जन तक अधिक से अधिक लाभ पहुंचे, इसके लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, भाजपा की प्रदेश मंत्री नीरू देवी, रेशम फेडरेशन के अध्यक्ष अजीत चौधरी, पूर्व दर्जा धारी कैलाश पंत, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून झरना कमठान एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

सीएम ने आवास पर गौ पूजन और तुलसी पूजन किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी धर्मपत्नी गीता धामी के साथ इगास के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में गौ-पूजन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने देवउठनी एकादशी के इस पावन अवसर पर तुलसी पूजन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गाय सनातन संस्कृति के साथ ही समस्त मानव जाति के लिए पूजनीय और आदरणीय है। भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। गाय को सुख, सौभाग्य व समृद्धि प्रदान करने वाली तथा समस्त मनोकामनाएं को पूर्ण करने वाली माना गया है
मुख्यमंत्री ने इगास की बधाई देते हुए लोक पर्व इगास को उत्साह के साथ मनाने का आह्वान किया है। उन्होंने विशेषकर प्रदेश की युवा पीढ़ी का आह्वान किया है कि वे अपनी प्रकृति-प्रेमी एवं पर्यावरण हितैषी परंपराओं व संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए आगे आएं ।

अभिनव पहल-आर्थिक रूप से कमजोर 300 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क उच्च शिक्षा

उत्तराखंड के देहरादून में स्थित CIMS & UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेज ने बड़ी पहल करते हुए उत्तराखंड के आर्थिक रूप से कमजोर 300 छात्र छात्राओं को निःशुल्क उच्च शिक्षा प्रदान करने का फ़ैसला लिया है। CIMS & UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेज न सिर्फ़ उच्च शिक्षा बल्कि सामाजिक सरोकारों में भी अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। ग्रुप के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी सजग इंडिया के माध्यम से बीते 15 सालों से नशे के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चला रहे हैं। वर्तमान में भी संस्थान द्वारा कोरोना काल में अनाथ हुए 100 बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। अपनी इस पहल को आगे बढ़ाते हुए अब उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए उत्तराखंड के आर्थिक रूप से कमजोर 300 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क उच्च शिक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया है।

आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए CIMS & UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेज के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि प्रायः हमारे प्रदेश में यह देखा गया है कि कई छात्र-छात्राओं की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण दसवीं/बारहवीं के बाद वह उच्च शिक्षा से वंचित हो जाते हैं और कई गलत रास्तों में भटक जाते हैं और कई युवा नशे के जंजाल में फंस जाते हैं। उपरोक्त की स्थिति को देखते हुए CIMS & UIHMT Group of Colleges द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि हम अपने निजी शिक्षण संस्थान में 300 छात्र-छात्राओं को प्रतिवर्ष निःशुल्क शिक्षा प्रदान करेंगे, ताकि वह आगे बढ़कर अपने परिवार के भरण-पोषण के साथ-साथ प्रदेश एवं देश के काम आ सकें एवं व्यसनमुक्त समाज के निर्माण में भागीदार बन सकें। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर 300 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा प्रदान करके उनको शत-प्रतिशत जॉब में लाने का प्रयास किया जाएगा। प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 30 नवम्बर, 2022 तक रखी गई है, जिसमें पहले आओ, पहले पाओ के माध्यम से सीटें आवंटित की जाएगी।

CIMS &UIHMT ग्रुप की इस पहल को राज्य के कई गणमान्य व्यक्तियों का भी सहयोग मिला है। प्रेस वार्ता के दौरान राज्य आंदोलनकारी व जनकवि अतुल शर्मा ने अपना आशीर्वाद देते हुए संस्थान की इस मुहिम को सराहा। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस से पहले यह राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं के लिए बहुत बड़ा तोहफ़ा है। वहीं प्रेस वार्ता में मौजूद बॉलीवुड कलाकार हेमंत पांडे ने भी संस्थान की इस पहल को सराहा, उन्होंने कहा कि वह संस्थान के इस प्रयास का प्रचार-प्रसार ब्रांड एंबेसेडर के तौर पर निःशुल्क रूप में करेंगे। प्रेस वार्ता को लोकगायिका पद्मश्री डॉ. माधुरी बर्थवाल, सीएमआई अस्पताल के चेयरमैन डॉ. महेश कुड़ियाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने CIMS &UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेज के इस प्रयास को सराहते हुए अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया।

कार्यक्रम में कुरमांचल परिषद के अध्यक्ष कमल रजवार, गोरखाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा, धात संस्था के महामंत्री तन्मय ममगाई, रिटायर्ड कर्नल ठाकुर सिंह, राज्य आंदोलनकारी परिषद के अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती, बलूनी स्कूल के प्रबंध निदेशक विपिन बलूनी, राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान, प्रेस क्लब के अध्यक्ष जितेंद्र अन्थवाल महासचिव ओपी बिंजवाल, शिक्षाविद ड़ा0 शुशील राणा, बबिता शाह लोहनी, गिरीश सनवाल सहित अनेक सामाजिक लोगों उपस्थित थे।

सत्र 2022-23 के लिए इन पाठ्यक्रमों में दिया जाएगा प्रवेश-

(B.Sc. Medical Microbiology, B.Sc. Optometry, B.Sc.Pathology, Bachelor in Hospital Administration, BBA, BCA, B.Sc.IT, B.A.(Honour), Mass Communication, B.Com (Hons.), BHM, DHM, BA, B.Com, B.Sc.(PCM/ZBC),Master in Public Health, Master in Hospital Administration, Master in Hostel Management, M.Sc. Biochemistry, M.Sc.Microbiology, M.Sc.MLT, P.G. Diploma-Diploma in Yoga Science, Diploma in Yoga, P.G. Diploma in Fitness & Sports Management, P.G. Diploma in Business Accounting & Taxation, P.G. Diploma in Journalism & Mass Communication, P.G. Diploma in Water Sanitization & Hygiene)

उक्त सीटों को भरने हेतु संस्थान द्वारा उन छात्र-छात्राओं को पहले प्राथमिकता दी जाएगी, जो कि निम्नलिखित श्रेणी में आते हैं –

1. कोरोना महामारी में अनाथ हुए बच्चे जो कि दसवीं या बारहवीं के बाद आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं या कारोनाकाल में उनके घर के कमाऊ व्यक्ति माता या पिता की मृत्यु हो चुकी है।

2. देश एवं प्रदेश के किसी भी फोर्स (आर्मी, पुलिस, अर्धसैनिक अथवा अन्य फोर्स) में शहीद हुए उत्तराखण्ड के जवान के बच्चे जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक ना हो।

3. उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रित बच्चे, जिनकी आर्थिक स्थित ठीक ना हो, जो उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हों।

4. उत्तराखण्ड के लोक-कलाकर एवं लोक संस्कृति एवं साहित्य को जीवित रखने के लिए जो कलाकार निःस्वार्थ भाव से लगे हैं, अगर उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तो उनके ऐसे बच्चों को संस्थान द्वारा दसवीं/बारहवीं बाद निःशुल्क उच्च शिक्षा प्रदान करके उनको रोजगार मुहैया कराया जाएगा।

5. उत्तराखण्ड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के ऐसे बच्चे जिनकी आपदाओं के कारण आर्थिक स्थिति खराब हो, को भी उच्च शिक्षा एवं रोजगारपरक शिक्षा निःशुल्क प्रदान की जाएगी।

6. मीडिया देश का चौथा स्तम्भ है, जहाँ पर हमारे मीडियाकर्मी भी एक सैनिक की भांति समाज को एक नई दिशा देने का काम करती है और कोरोना महामारी के बाद हमारे प्रदेश के अनेक मीडिया साथियों (प्रिंट एवं इलैक्ट्रानिक मीडिया, सोशल मीडिया, स्वतंत्र पत्रकार एवं अन्य मीडिया के साथी) जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक ना हो, के परिवार के बच्चों को भी निःशुल्क उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा प्रदान की जाएगी।