आसरा विहीन लोगों के लिए लायंस क्लब डिवाइन ने शुरु की सेवा

गंगा तट त्रिवेणी घाट पर सुबह सवेरे ठंड से ठिठुरने वाले गरीब तबके के आसरा विहिनो को लांयस क्लब ऋषिकेश डिवाइन ने नूतन वर्ष का तोहफा देते हुए चाय-नाश्ते की सेवा शुरू करा दी है। रविवार को क्लब सदस्यों ने सैकड़ों लोगों को गर्मा गर्म चाय और नाश्ता वितरित किया।
क्लब के संस्थापक ललित मोहन मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 5 वर्षों से शरद ऋतु में क्लब द्वारा चाय नाश्ते की सेवा जाड़े के मौसम में नगर की हद्वय स्थली कहे जाने वाले त्रिवेणी घाट पर चलायी जाती रही है। जिसमे 400-500व्यक्तियों को यह सेवा दी जाती है। इस वर्ष भी यह सेवा शुरू कर दी गई है। शिवरात्रि तक तक यह सेवा लगातार जारी रहेगी, जिससे चाय के साथ हल्का नाश्ता भी जरुरतमंद लोगा को दिया जायेगा।
उन्होंने बताया कि मानव सेवा के लिए क्लब पूरी तरह से सर्मपित है। गत सप्ताह भी क्लब द्बारा सड़क किनारे रहा रहे निराश्रित लोगो को कंबल बांटे गए है। बताया कि आगे भी लगातार इस प्रकार के पुनित कार्य निरंतर चलाये जाते रहेंगे। इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष जगमीत सिंह, सचिव विकास ग्रोवर ,किशोर मेहता, दिनेश अरोड़ा, महेश किंगर, हेमंत सूनेजा, अनुराग शर्मा, आदि मौजूद रहे।

हरिद्वार संवाद में बोले सीएम, आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रेक्षागृह में स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित ’’हरिद्वार संवाद’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मंत्रोच्चारण के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आगामी मार्च 2022 तक अमृत महोत्सव के कार्यक्रमों के आयोजनों की योजना बनाई गयी है, जिसमें लगातार नये-नये विचारों की श्रृंखला सामने आ रही है। ऐसे आयोजनों से अमृत निकलेगा, गति मिलेगी तथा रास्ता मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमारी संस्कृति के उत्थान के लिये जो प्रयास किये हैं, वे अतुलनीय हैं। केदारपुरी का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि केदारपुरी में 400 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास हुआ है। केदारपुरी में आस्था पथ बन चुका है तथा चिकित्सालय व अतिथि गृह आदि बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि वहां दूसरे चरण के कार्य चल रहे हैं तथा तीसरे चरण के कार्यों का प्रारम्भ आगामी अप्रैल, 2022 तक हो जायेगा। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ का मास्टर प्लान बन गया है, जिसके लिये 250 करोड़ रूपये की स्वीकृत हो चुके हैं तथा वहां भी जल्दी ही कार्य प्रारम्भ होगा।
मुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ का उल्लेख करते हुये कहा कि काशी में काफी अंतर आया है। पहले गंगा घाट से रास्ता नहीं मिलता था, आज वह संकरा रास्ता, हाईवे का रूप धारण कर चुका है। आज काशी दिव्य व भव्य बन चुकी है। उन्होंने कहा कि मैं 1998 के बाद विगत दिनों अयोध्या गया था, अयोध्या दुनिया के नक्शे का प्रमुख स्थान होगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारा देश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम राज्य स्थापना का 25वां वर्ष मनायेंगे, उस समय हमारा उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में भारत के अग्रणी राज्यों में से एक होगा। उन्होंने कहा कि रोज हम उत्तराखण्ड व उत्तराखण्ड की जनता के लिये फैसले ले रहे हैं तथा साथ ही उनका शासनादेश भी निकाल रहे हैं, उन योजनाओं को धरातल पर उतार रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगला दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। यह हम सबकी सामूहिक यात्रा है।
इस अवसर पर जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि महाराज ने कहा कि कुछ पल ऐतिहासिक होते हैं। यह दशक उत्तराखण्ड का दशक है। केदारनाथ, बद्रीनाथ तथा काशी का कायाकल्प हुआ है। जिस तरह से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नेतृत्व कर रहे हैं, उससे सभी उत्साहित हैं।
इस मौके पर महंत देवानंद सरस्वती, पदम, स्वामी चिदानन्द मुनि, महानिर्वाणी के महंत रविन्द्रपुरी आदि ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

गुरु ने सिखाया है जीवन की कठिन परिस्थितियों में किस प्रकार जीना चाहिए-खरोला

कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला ने जानकारी देते हुए बताया कि आज श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष में गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब ऋषिकेश द्वारा 29 दिसंबर से 8 जनवरी 2022 तक प्रतिदिन चलने वाली प्रभात फेरी आज मेरे निवास स्थान पर पहुची। मेरे परिवार व आसपास रहने वाले सभी प्रबुद्ध जनों ने गर्मजोशी के साथ प्रभात फेरी का स्वागत किया।
खरोला ने कहा कि प्रभात फेरी में शामिल श्रद्धालु वाहेगुरु जी का जाप करते हुए निवास स्थान पहुचे, जहां भजन-कीर्तन के बाद प्रसाद वितरण हुआ।
खरोला ने कहा कि श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज का जीवन मानवता के लिए प्रेरक रहा है, समानता और समावेशिता का प्रचार उनके द्वारा किया गया। वह सिर्फ एक आध्यात्मिक आदर्श नहीं थे बल्कि एक योद्धा थे जो सर्वाेच्च बलिदान के सामने भी सिद्धांतों से खड़े थे।
खरोला ने कहा कि उनका जीवन न्याय संगत और समावेशी समाज के निर्माण के लिए समर्पित था। अपने सिद्धांतों के प्रति वे सदैव अटल रहे। हम उनके साहस और बलिदान को भी याद करते हैं। उनके वीरतापूर्ण जीवन ने हमें न्याय की लड़ाई में बलिदान का मूल्य सिखाया है।
खरोला ने कहा कि सेवा और सत्य के पथ पर चलते हुए बड़ी से बड़ी चुनौती से भी लड़ने की प्रेरणा हमें गुरु गोविंद सिंह के जीवन से मिलती है। हमे उनके दिखाए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।

सैन्यधाम के निर्माण में तेजी लाये अधिकारी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में सैन्यधाम के संबंध में बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सैन्यधाम का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाय। कार्यों की चरणबद्ध कार्य योजना बनाई जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि निर्माण कार्य शुरू होने में बिल्कुल भी विलम्ब न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैन्यधाम के निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा सभी आवश्यक कार्यवाही समय पर पूर्ण की जाय। सैन्यधाम भव्य एवं दिव्य बनाया जायेगा। उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ ही वीर भूमि भी है।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, प्रमुख सचिव एल.फैनई, सचिव अमित नेगी, शैलेश बगोली, मेजर जनरल सम्मी सभरवाल (से.नि), जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर. राजेश कुमार एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

अमृत महोत्सव के द्वितीय राष्ट्रीय समिति की बैठक में वर्चुअली शामिल हुए सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव के द्वितीय राष्ट्रीय समिति की बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद सचिव संस्कृति को निर्देश दिये कि आजादी के अमृत महोत्सव के संबंध में राज्य में अभी तक आयोजित हुए कार्यक्रमों के साथ ही भविष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों एवं सुझावों से सम्बन्धित विवरण अविलम्ब तैयार कर उपलब्ध करायें ताकि तदनुसार भारत सरकार को भी अवगत कराया जा सके।

तीर्थनगरी पहुंचने पर अंतर्राष्ट्रीय संत जगतगुरू डॉ रामकमल वेदांती महाराज‌ का स्वागत

वृंदावन से अंतर्राष्ट्रीय संत जगतगुरू डॉ रामकमल वेदांती महाराज‌ आज श्री भरत मंदिर हृषिकेश नारायण पहुंचे। जहां ऋषि कुमारों द्वारा उनका वेद मंत्रों के द्वारा स्वागत किया गया।
इस अवसर पर महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ने भरत मंदिर पहुंचकर संत शिरोमणि जगद्गुरु डॉ राम कमल दास वेदांती महाराज का आशीर्वाद लिया। उन्होंने उन्हें गोमुख से लाया हुआ पवित्र जल भेंट स्वरूप प्रदान किया। इस अवसर पर वेदांती महाराज ने कहा कि महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज के द्वारा उत्तराखंड में युवाओं संतो के द्वारा नई ऊर्जा नई उमंग के साथ सनातन धर्म की ध्वजा को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस अवसर पर भरत मंदिर के महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज, भरत मंदिर सोसायटी के प्रबंधक हर्षवर्धन शर्मा, वरुण शर्मा, ललित मोहन मिश्रा, अभिषेक शर्मा, जितेंद्र प्रसाद, विवेक गोस्वामी, दीपक दरगन, दिनेश रावत आदि लोग उपस्थित रहे।

सैनिक पुत्र को मुख्यमंत्री बनाना लोकतंत्र की महानता-मुख्यमंत्री

विजय दिवस पर मुख्यमंत्री आवास में आयोजित सैनिक सम्मान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए प्रत्येक पूर्व सैनिक के पास जाकर शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी को विजय दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि वीर सैनिकों के सम्मान से देश का स्वाभिमान एवं सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी भी पूर्व सैनिक नहीं होता वह सदैव वीर सैनिक ही रहता है। उन्होंने सैनिकों के सम्मान की इस परम्परा को आगे भी बनाये रखने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लोकतंत्र की महानता तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं दल के नेतृत्व की शुभकामनाओं का प्रतिफल है कि एक सैनिक के बेटे को मुख्य सेवक के रूप में कार्य करने का अवसर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सैन्य बलों की मजबूती तथा उन्हें आवश्यक सुविधायें एवं साज सामान उपलब्ध कराने, वन रैंक वन पेंशन की सुविधा के साथ ही जवानों को गोली का जवाब तुरंत गोली से देने की छूट देकर सैनिकों को उनका वास्तविक सम्मान एवं श्रेय देने का कार्य किया है। आज हमारी सेना दुश्मन के घर जाकर उनका मुकाबला करती है। हमारी सशक्त एवं मजबूत सेना के कारण दुनिया में हमारे देश का हौसला बुलंद हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा सेना को दिये गये सम्मान की परम्परा का प्रतिफल है कि आज सभी सेना का सम्मान करने के लिये मजबूर हैं। आज भारत बदल रहा है। देश का स्वाभिमान बढ़ रहा है। उन्होंने स्वयं को सैनिक का बेटा व भाई बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में अनुशासन सेना से सीखा है। सैनिकों के कल्याण के लिये जो भी जरूरी होगा उसके लिये वे सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि देहरादून में शीघ्र ही भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने स्व. सी.डी.एस. जनरल विपिन रावत का स्मरण कर उन्हें नमन करते हुए कहा कि वे सैनिकों के कल्याण के हिमायती थे। स्व. विपिन रावत के साथ उन्होंने देहरादून लैंस डाउन, बनबसा एवं रानीखेत में पूर्व सैनिकों के कल्याण से संबंधित कार्यक्रम निर्धारित किया था। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर उनसे हुई मुलाकात में भी सैनिकों से जुड़े कार्यक्रमों पर वार्ता हुई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का विजन है कि 2025 में अपना रजत जयंती वर्ष मनाते समय उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो, इसके लिये हम राज्य के समग्र विकास के प्रति प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वर्ष 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ पुनर्निर्माण का कार्य पूर्णता की ओर है। बद्रीनाथ के सौन्दर्यीकरण का कार्य भी गतिमान है। प्रधानमंत्री के सफल मार्गदर्शन में देश में हर वो कार्य पूर्णता की ओर अग्रसर है जो पहले मुमकिन नहीं लगते थे। आज काशी विश्वनाथ धाम अपनी दिव्यता का प्रदर्शन कर रहा है। राम मंदिर का निर्माण प्रगति पर है। कश्मीर से धारा 370 तथा 35 ’ए’ हटा कर देश से दो विधान दो निशान दो संविधान की परिपाटी को समाप्त कर देश का सम्मान बढ़ाया है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड वीरों की भूमि है, सैनिकों की भूमि है। देश का हर पांचवा सैनिक उत्तराखण्ड से होता है। भारतीय सेना का सैनिक होना गर्व की बात है। आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों में सुरक्षित है। नरेन्द्र मोदी की सरकार और पुष्कर सिंह धामी की सरकार हर पल सैनिकों के हितों के लिए समर्पित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सैनिकों की वन रैंक वन पेंशन की बङी मांग पूरी की। वे अपने त्यौहार बॉर्डर पर सैनिकों के बीच मनाकर उनका मनोबल बढ़ाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की भावना के अनुरूप उत्तराखण्ड में दिव्य और भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। इसमें शहीदों के घरों से पवित्र मिट्टी लाई गई है। यहां म्यूजियम होगा, लाईट व साउंड शो होगा। शहीद जसवंत सिंह और बाबा हरभजन के मंदिर बनेंगे। राज्य सरकार शहीद सैनिक के परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी में समायोजित कर रही है। देहरादून में वार मेमोरियल बॉयज एंड गर्ल्स होस्टल बनाया है। हल्द्वानी में भी बनाया जाएगा। वीरता पदक से अलंकृत के लिए राशि में कई गुना वृद्धि की गई है। हमारी सरकार दिल से सेना और सैनिकों का सम्मान करती है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, से.नि. जनरल सब्बरवाल, ब्रिगेडियर के.जी बहल, कर्नल भण्डारी सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैन्य अधिकारी व सैनिक उपस्थित रहे।

भारत के सैन्य इतिहास में 16 दिसम्बर वीरता व पराक्रम का ऐतिहासिक दिन-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क देहरादून में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारत के सैन्य इतिहास में 16 दिसम्बर वीरता व पराक्रम का ऐतिहासिक दिन है।
मुख्यमंत्री ने देश की एकता एवं अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले जवानों को नमन करते हुए कहा कि हमारे इन जवानों की वजह से सभी चैन की नींद सोते हैं। देवभूमि उत्तराखंड की सदैव देशभक्ति व राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा देश के सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर राजेश कुमार भी उपस्थित रहे।

नमामि गंगे के तहत खटीमा और ऋषिकेश को मिली 6 करोड़ की दो योजनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सीमान्त क्षेत्र खटीमा से सटे झनकईयां स्थान पर 3.62 करोड़ के दो स्नान घाटों के निर्माण तथा ऋषिकेश में 2.50 करोड़ लागत वाली घाट क्लीनिंग परियोजना की स्वीकृति प्रदान किये जाने पर केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री का आभार जताया है।
ज्ञातव्य है कि राजीव रंजन मिश्रा, महानिदेशक, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की अध्यक्षता में नई दिल्ली में सम्पन्न बैठक में उत्तराखण्ड राज्य के सीमान्त क्षेत्र खटीमा से सटे झनकईयां स्थान पर 3 करोड़ 62 लाख की लागत से स्नान घाट परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गयी है, इस परियोजना के अन्तर्गत 40-40 मीटर के दो स्नान घाटों का निर्माण किया जायेगा। गौरतलब है कि भारत-नेपाल सीमा से लगे होने के चलते यह घाट का सामरिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही योग नगरी ऋषिकेश में घाटों की सफाई हेतु घाट क्लीनिंग परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान हुई है। लगभग 2.5 करोड़ की लागत से ऋषिकेश में 2 वर्षों हेतु घाट क्लीनिंग परियोजना क्रियान्वित की जायेगी, जिसमें केन्द्र से 70 प्रतिशत एवं राज्यांश 30 प्रतिशत रहेगा।

काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता देखते ही बन रही-मोदी

भारत की सभ्यागत धरोहर की जीवटता की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि औरंगजेब जैसे आततायियों ने इस धरोहर को ध्वस्त करने के प्रयास किए, लेकिन आतंक के वे पर्याय इतिहास के काले पन्नों तक सिमट कर रह गए, जबकि पवित्र नगरी काशी अपने गौरव को फिर से नई भव्यता दे रही है। काशी विश्वनाथ धाम का उद्घाटन करने के बाद मोदी ने कहा कि भारत सदियों की गुलामी से उत्पन्न हीनभावना से बाहर निकल रहा है। उन्होंने साथ ही कहा कि नया गलियारा देश को एक निर्णायक दिशा देगा तथा इसे एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएगा। देश के एक नए इतिहास के रचनाकाल से गुजरने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, यहां अगर औरंगजेब आता है तो शिवाजी भी उठ खड़े होते हैं! अगर कोई सालार मसूद इधर बढ़ता है तो राजा सुहेलदेव जैसे वीर योद्धा उसे हमारी एकता की ताकत का अहसास करा देते हैं। और अंग्रेजों के दौर में भी, (ब्रिटिश गर्वनर जनरल) वारेन हेस्टिंग्स का क्या हश्र काशी के लोगों ने किया था, ये तो काशी के लोग जानते ही हैं। आततायियों ने इस नगरी पर आक्रमण किए, इसे ध्वस्त करने के प्रयास किए!
उन्होंने काशी की धरोहर के वैभव का जिक्र करते हुए कहा, कितनी ही सल्तनतें उठी और मिट्टी में मिल गई लेकिन बनारस बना हुआ है। मोदी ने कहा, औरंगजेब के अत्याचार, उसके आतंक का इतिहास साक्षी है… जिसने सभ्यता को तलवार के बल पर बदलने की कोशिश की, जिसने संस्कृति को कट्टरता से कुचलने की कोशिश की! लेकिन इस देश की मिट्टी बाकी दुनिया से कुछ अलग है। उन्होंने हर-हर महादेव का उद्घघोष करते हुए यह बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा, देखिए, कैसे समय बदल गया। आज, आंतक के पर्याय रहे लोग इतिहास के काले पन्नों तक सिमट कर रह गये, जबकि काशी आगे बढ़ रही है और वह अपने गौरव को फिर से नयी भव्यता दे रही है।

कई इतिहासकारों का मानना है कि औरंगजेब ने मंदिर को ध्वस्त कर एक मस्जिद बनाने का आदेश दिया था। मोदी ने मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए रानी अहिल्याबाई होल्कर और मंदिर के गुंबद पर स्वर्ण आवरण (प्लेटिंग) चढ़ाने को लेकर सिख शासक रणजीत सिंह की सराहना की। मोदी ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम का पूरा परिसर महज एक भव्य भवन नहीं है बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, इसकी आध्यात्यिमक आत्मा और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यदि भारत राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम बना रहा है तो वह समुद्र में हजारों किमी लंबी ऑप्टिकल फाइबर भी बिछा रहा है, गरीबों के लिए लाखों मकान बना रहा है और लोगों को अंतरिक्ष में भेज रहा है।
उन्होंने बौद्ध और सिख तीर्थ यात्रा केंद्रों के लिए किये गये कार्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्राचीन और नवीनता का समन्वय है। यह हमारी ताकत का और इस बात का भी गवाह है कि यदि एक दृढ़ संकल्प हो तो कुछ भी असंभव नहीं है। प्रधानमंत्री ने लोगों से स्वच्छता, सृजन और आत्मनिर्भर भारत के लिए निरंतर प्रयास करने की भी अपील की। मोदी ने गुलामी की लंबी अवधि का उल्लेख करते हुए कहा, इसने हमारे विश्वास को इस कदर तोड़ दिया कि हमने अपनी सृजन क्षमता में विश्वास खो दिया। उन्होंने कहा, आज इस हजारों साल पुरानी काशी से मैं हर देशवासी से पूरे विश्वास के साथ सृजन और नवोन्मेष करने की अपील करता हूं।
उन्होंने काशी के गौरव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नगर अविनाशी है और यह भगवान शिव के संरक्षण में है। मोदी ने भव्य मंदिर परिसर के निर्माण कार्य में शामिल श्रमिकों का भी आभार प्रकट किया। उन्होंने उनसे मुलाकात की और उन पर फूल बरसाए। बाद में उनके साथ भोजन भी किया। उन्होंने भाषण के बीच में स्थानीय बोली का भी उपयोग किया।