गढ़वाल आयुक्त ने स्थलीय निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश

आयुक्त गढ़वाल मंडल सुशील कुमार ने मंगलवार को यात्रा प्रशासन संगठन संयुक्त बस अड्डा परिसर ऋषिकेश में चार धाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक कर यात्रा से जुड़े अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इस अवसर उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सभी तैयारियां समय पूर्ण की जाएं। इस कार्य में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में उन्होंने चार धाम यात्रा से संबंधित यात्रियों के रजिस्ट्रेशन के संबंध में जानकारी प्राप्त की। आयुक्त ने हेलीसेवा की ऑनलाइन बुकिंग की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की और कहा कि हेली सेवाओं की ऑनलाइन बुकिंग हेतु कालाबाजारी बिल्कुल भी न हो इसका विशेष ध्यान रखें।
इसके बाद आयुक्त ने चार धाम यात्रा से संबंधित पार्किंग स्थल चंद्रभागा ऋषिकेश और नगर निगम ऋषिकेश के सहयोग से बन रहे 15 रैन बसेरों के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने ग्रीन कार्ड काउंटर व हेल्प डेस्क यात्रा बस अड्डा ऋषिकेश का भी निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करते हुए सभी तैयारियां यात्रा से पूर्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर आयुक्त नरेन्द्र सिंह क्वीरियाल, सहायक नगर आयुक्त आनंद सिंह, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश अपूर्वा पांडे, आरटीओ दिनेश पठोई, परिवहन विभाग के अधिकारी अनुराग पुरोहित, व्यापार मंडल ऋषिकेश से राजकुमार अग्रवाल, भारत भूषण रावत, सीएमएस डॉ रमेश सिंह राणा सहित चारधाम यात्रा से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।

इस वर्ष होली छलड़ी को लेकर न रहे भ्रम की स्थिति, जाने संपूर्ण जानकारी

कुमाऊंनी रिश्ते संस्था के संचालक योगेश जोशी ने इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल पक्ष व्रत पर्व का कैलेंडर जारी किया है।

*फाल्गुन शुक्ल पक्ष व्रत पर्व-*

🔥 दुर्गाष्टमी,होलाष्टक प्रारम्भ- 10 मार्च 26 गते फाल्गुन

🌹चीर बंधन,रंगधारण ध्वजारोपण-13 मार्च(प्रातः 10 बजकर 22 मिनट बाद) मासांत

🌹आमलकी एकादशी व्रत,चैत्र मास प्रारम्भ व फलदेई-14 मार्च 1 गते चैत्र

🌹होलिका दहन-17 मार्च(रात्रि 9:4 से 10 :22 के मध्य)

🌹होली छलड़ी-19 मार्च 6 गते(चैत्र कृष्ण प्रतिपदा)

🔥 *नोट-*
🔥14 मार्च को सम्पूर्ण एकादशी तिथि भद्रा से व्याप्त होने के कारण रंगधारण,चीर बंधन 13 मार्च को 10 बजकर 22 मिनट बाद किया जाना शास्त्र सम्मत है।

🔥17 मार्च होलिका दहन के दिन पूर्णिमा तिथि व प्रदोष काल भद्रा से व्याप्त होने के कारण होलिका दहन भद्रापुच्छ रात्रि 9 बजकर 4 मिनट से 10 बजकर 22 मिनट के मध्य किया जाना शास्त्र सम्मत है।

🔥इस वर्ष छलड़ी को लेकर लोग भ्रम की स्थिति मे है पर 18 मार्च को सम्पूर्ण पूर्वान्ह में पूर्णिमा तिथि है और छलड़ी सदैव उदयव्यापिनी चैत्र कृष्ण प्रतिपदा में होती है अतः छलड़ी(होली)19 मार्च को शास्त्र सम्मत है।

अक्षय कुमार को उत्तराखंड की प्राकृतिक सौंदर्यता ने प्रेरित किया

बॉलीवुड के खिलाड़ी यानी अक्षय कुमार इन दिनों उत्तराखंड में फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस बीच अक्ष्य कुमार आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने पहुंचे। सीएम धामी ने अक्ष्य कुमार का पहाड़ी टोपी पहनाकर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री आवास आने पर सीएम धाम ने अक्षय को ब्रह्मकमल वाली पहाड़ी टोपी पहनाई और चार धामों का स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान अक्षय कुमार ने कहा कि उत्तराखंड फिल्मों की शूटिंग के लिए बेहद आकर्षक जगह है उन्हें यहां पर शूटिंग करके बहुत मजा आया है। सीएम धामी ने फेसबुक पर लिखा है, आज प्रख्यात अभिनेता, युवाओं के प्रेरणास्रोत और मेरे मित्र अक्षय कुमार का मुख्यमंत्री आवास में स्वागत एवं अभिनन्दन किया। अक्षय कुमार ने राज्य के युवाओं को प्रेरित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

स्वर कोकिला के निधन पर उत्तराखंड में दो दिन का राजकीय शोक

भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर उत्तराखंड में भी दो दिन का राजकीय शोक रहेगा। सचिव सामान्य प्रशासन विनोद कुमार सुमन की ओर से रविवार को दो दिन के राजकीय शोक का आदेश जारी किया। केंद्र सरकार ने भी दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। राज्य में दो दिन सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। इस दौरान किसी भी तरह के कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे।
भारत रत्न, स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत सभी प्रमुख नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। उनके निधन को समूचे राष्ट्र का नुकसान बताया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लता दीदी का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। कौन भूल सकता है, जब 1962 की लड़ाई की हार से निराश, देशवासियों में लता दीदी के कण्ठ से निकले श्ऐ मेरे वतन के लोगोंश् गीत ने नया जोश भरने का काम किया था। देश की सेना के लिए उनके गाए वन्दे मातरम व अनेकों देशभक्ति के गीत देश पर मर मिटने की प्रेरणा देते रहे।
वहीं दूसरी ओर, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह ने प्रसिद्ध गायिका लता मंगेशकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में राज्यपाल सिंह ने कहा कि भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन समस्त देशवासियों के लिए अपूरणीय क्षति है। लता मंगेशकर ने अपने स्वरों से भारतीय संगीत को समृद्ध बनाया।

हृषिकेश भगवान भरत महाराज की डोली यात्रा में उमड़े श्रद्धालु

वसंत पंचमी पर शनिवार को प्राचीन श्री भरत मंदिर से हृषिकेश भगवान भरत महाराज की डोली यात्रा धूमधाम से निकाली गई। श्रद्धालुओं ने यात्रा मार्ग पर रंगोली सजाकर और पुष्प वर्षा कर डोली का स्वागत किया।
शनिवार को झंडा चौक स्थित श्री भरत मंदिर में पूजा अर्चना के बाद पारंपरिक वाद्य यंत्रों के बीच भगवान भरत की डोली निकाली गई। महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज ने डोली की पूजा अर्चना की। मंदिर परिसर से निकली डोली की अगवानी हर्षवर्धन शर्मा, महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज व वरुण शर्मा ने की। पुराने बद्रीनाथ मार्ग मायाकुंड से होकर डोली त्रिवेणी घाट पहुंची। यहां डोली को गंगा स्नान कराया गया। इसके बाद डोली मंदिर परिसर में पहुंची।
डोली यात्रा में महामंडलेश्वर ललित आनंद महाराज, महामंडलेश्वर दयाराम दास, महेंद्र जगदीश प्रपन्नाचार्य, महंत मनोज द्विवेदी, महंत विनय सारस्वत, महंत रवि प्रपन्नाचार्य, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, डीडी तिवारी, जयेंद्र रमोला, शूरवीर सिंह सजवाण, सीएस शर्मा, संजीव चौहान, रामकृपाल गौतम, राम चौबे, सुधीर कुकरेती, बचन पोखरियाल, मधुसूदन शर्मा, राहुल शर्मा, कनक धनाई, मेजर गोविंद सिंह रावत, यमुना प्रसाद त्रिपाठी, नवीन मेंदोला, धनंजय रांगड, सुरेंद्र भट्ट, शिव प्रसाद बहुगुणा, जितेंद्र बिष्ट आदि शामिल रहे।

बसंत पंचमी पर डोली निकालने की है परंपरा
पौराणिक मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन ही आद्य गुरु शंकराचार्य ने मायाकुंड गंगा में रखी गई भगवान भरत की मूर्ति को श्री भरत मंदिर में पुनर्स्थापित किया था। तभी से वसंत पंचमी पर उनकी डोली यात्रा निकालने की परंपरा रही है।

चार निर्धन कन्याओं की शादी करवाई
श्री भरत मंदिर परिवार ने वसंत पंचमी पर चार निर्धन कन्याओं की शादी का आयोजन किया। इसमें कन्यादान की पूरी परम्परा का निर्वहन किया गया। बेटियों की विदाई की सारी रस्में निभाई गईं।

बंसत पंचमी पर होती है मां सरस्वती की विशेष पूजा अर्चना

हिंदू कैलेंडर के अनुसार 5 फरवरी 2022, शनिवार का दिन विशेष है। इस दिन माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। इस तिथि को बसंत पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। बंसत पंचमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। बसंत पंचमी का पर्व इस वर्ष शनिवार के दिन पड़ रहा है। शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित है।

मकर राशि में शनि का गोचर
मकर राशि में ग्रहों की विशेष स्थिति देखने को मिल रही है। वर्तमान समय में मकर राशि में तीन ग्रहों की युति बनी हुई है। मकर राशि के स्वामी शनि देव है. जो वर्तमान समय में मकर राशि में ही विराजमान हैं। जहां पर वे बुध और सूर्य के साथ युति बना रहे है। 2022 में बसंत पंचमी पर तीन ग्रहों की युति मकर राशि में बनी हुई है।

इन 5 राशियों पर शनि की विशेष दृष्टि है
वर्तमान समय में मिथुन, तुला राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है। जबकि धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़े साती चल रही है। 5 राशियों पर शनि की विशेष दृष्टि है। जिन लोगों को शनि देव अशुभ फल प्रदान कर रहे हैं। उनके लिए 5 फरवरी का दिन विशेष है। इस दिन शनि देव और माता सरस्वती की पूजा करने से विद्यार्थियों को शिक्षा में आने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। ज्योतिष शास्त्र में सरस्वती जी को ज्ञान देवी और शनि देव को परिश्रम का कारक माना गया है।

बसंत पंचमी शुभ मुहूर्त
पंचमी तिथि का आरंभ- 05 फरवरी 2022, शनिवार को प्रातः काल 3 बजकर 47 मिनट से।
पंचमी तिथि का समापन- 6 फरवरी 2022, रविवार को प्रातः काल 3 बजकर 46 मिनट पर।

बसंत पंचमी पूजा शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार माता सरस्वती की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 07 बजकर 07 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट है। इस दौरान पूजा करना शुभ माना जाएगा. यह पूजा के लिए अच्छा समय है। वहीं, इस दिन का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 57 मिनट तक है। इस दिन राहुकाल सुबह 09 बजकर 51 मिनट से दिन में 11 बजकर 13 मिनट तक है।

कांग्रेस नेता के वीडियों वायरल होने पर कांग्रेस पर हमलावर हुई भाजपा

उत्तराखंड की राजनीति फिर से हिंदू मुस्लिम की धुरी पर घूमती दिख रही है। सोशल मीडिया पर इन दिनों कांग्रेस नेता अकील अहमद का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमे वो कह रहे हैं कि मेरी हरीश रावत व पार्टी हाईकमान से बात हो गई है। उन्होंने सरकार बनने पर सहसपुर में मुस्लिम यूनिवर्सिटी खोलने का भरोसा दिया है। बीजेपी ने इस मुद्दे को हाथोंहाथ लपका है और कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति के आरोप लगाए हैं। बीजेपी वोटरों से कह रही है, आप तय कीजिए उत्तराखंड के लिए कौन सही है, देवप्रयाग में संस्कृति यूनिवर्सिटी बनाने वाले, या मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने वाले।
दरअसल कांग्रेस नेता अकील अहमद सहसुपर से टिकट चाहते थे। लेकिन जब टिकट नहीं मिला तो उन्होंने बागी रुख अपना लिया। कांग्रेस ने उन्हें समझाया, मनाया और एडजस्ट करते हुए पार्टी में उपाध्यक्ष का पद दे दिया। लेकिन इस बीच जब अकील मीडिया के सामने अपनी बात रखी तो उन्होंने कहा कि हरीश रावत ने उनसे वादा किया है कि उत्तराखंड में मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना होगी। अकील अहमद कह रहे हैं कि उनकी हरीश रावत से समझौता इसी बात पर हुआ है कि मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनेगी। जिसमें मुस्लिम बच्चे पढ़ सकें और शिक्षित हो सकें। आगे अकील अहमद कह रहे हैं कि हरीश रावत ने उनसे कहा है कि अगर वो मुख्यमंत्री बनते हैं, तो सारे काम होंगे।
अकील के इस बयान को बीजेपी ने सोशल मीडिया पर उठाकर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया है। बीजेपी की सोशल मीडिया टीम से जुड़े लोग इस वीडियो के जरिए उत्तराखंड की जनता को आगाह कर रहे हैं कि अगर कांग्रेस को वोट दिया तो मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनेगी। लिहाजा बीजेपी को वोट दें तो संस्कृत यूनिवर्सिटी बना रही है। बीजेपी कांग्रेस पर तुष्टीकरण का आरोप लगा रही है।

शूटिंग करने मसूरी पहुंचे अक्षय कुमार, प्रशंसक उमड़े

बॉलीव़ुड अभिनेता अक्षय कुमार अपनी आने वाले फिल्म की शूटिंग के लिए पहाड़ों की रानी मसूरी पहुंचे। मंगलवार को उन्होंने मसूरी के बारलोगंज शूटिंग की। शहर में अक्षय कुमार के पहुंचने की खबर सुनते ही उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।
लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फिल्म यूनिट के सुरक्षा कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं शूटिंग स्थल से मीडिया कर्मियों को भी दूर रखा गया। बड़ी संख्या में बारलोगंज पहुंचे अक्षय कुमार के फैंस अपने चहेते अभिनेता से नहीं मिल पाए, जिससे उनके फैंस निराश हो गए। मसूरी के बारलोगंज के मुख्य बाजार और सेंट जार्ज कॉलेज के अंदर फिल्म के कई दृश्य फिल्माए गए। फिल्म में लीड रोल में अक्षय कुमार और अभिनेत्री रकुलप्रीत सिंह हैं। मसूरी में फिल्म की शूटिंग चार दिन तक चलेगी। सेंट जार्ज कॉलेज में शूटिंग की सूचना मिलते ही कॉलेज के गेट के बाहर बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखने के लिए पहुंच गए। लेकिन भारी सुरक्षा के कारण प्रशंसक अपने अभिनेता के नजदीक नहीं पहुंच पाए।
प्राइवेट सुरक्षा गार्ड और बाउंसरों ने लोगों के मोबाइल से भी फोटो नहीं खींचने दी। कई बार फोटो खिंचने पर बाउंसरों की लोगों के साथ तीखी नोक-झोंक भी हुई।

योगेश जोशी के सोशल ग्रुप का लोगों को मिल रहा फायदा

जैसा कि आज के समय मे सोशियल मीडिया का प्रयोग करना हमारी दिनचर्या बन गयी है पर उसमे से कुछ बिरले लोग इसका सही सदुपयोग कर के लोगो के लिए लाभदायक बना रहे है। ऐसे ही मिसाल पेश की है योगेश जोशी जो मूलरूप से ग्राम अमस्यारी (गरुड़) जिला बागेश्वर तथा वर्तमान में हल्द्वानी में रहते है। इन्होंने 5 वर्ष पूर्व फेसबुक व व्हाट्सअप में ’कुमाउनी रिश्ते’ नाम से एक ग्रुप बनाया जिसका मुख्य उद्देश्य है निशुल्क रूप से विवाह हेतु जीवन साथी की तलाश करना है।

क्योंकि आज समाज मे सबसे बड़ी समस्या है कि जब बच्चे विवाह के लायक हो जाते है तो अभिभावकों को रिश्ते तलाशने में बहुत सी परेशानी आती है पहले के समय तो रिश्तेदारी में ही आसानी से रिश्ते मिल जाते थे पर आज स्थिति कुछ अलग है तो इस कारण अभिभावकगण रिश्तों की तलाश के लिए मैरिज ब्यूरो, विवाह से जुड़ी वैबसाइडो या अन्य साधनों से रिश्ते ढूढते है जिस कारण उनका समय व धन खर्च होता है और कई बार ठगी के शिकार भी हो जाते है। इसी को ध्यान में रखकर योगेश जोशी ने फेसबुक व व्हाट्सअप में कुमाउनी रिश्ते नाम का ग्रुप बनाया जो कि वैवाहिक रिश्ते कराने में एक विशाल मंच का रूप ले रहा है तथा लोगो को घर बैठे आसानी से रिश्ते तलाशने में सहायता मिल रही है।
इस ग्रुप में अभी तक 23 हजार से अधिक लोग जुड़े है तथा 160 से अधिक वैवाहिक रिश्ते इस मंच द्वारा तय हो चुके है। वैवाहिक रिश्ते के अलावा इस ग्रुप में समय रहते लोगो को व्रत, पर्व, त्योहारों की जानकारी, जन्मकुंडली मिलान से संबधित विषय मे जानकारी, विवाह आदि शुभकर्मों में मुहूर्त का महत्व व आज लोगो द्वारा मुहूर्त की अनदेखी करना तथा विवाह में स्वागत द्वार पर रिबन काटने जैसी कुप्रथा का विरोध आदि विषयों पर अपने लेख द्वारा लोगो को जागरूक करने की कोशिश की है।

नेताजी का योगदान देश कभी नही भूल सकता-सीएम

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आजादी के महानायक क्रांतिकारी व आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की 125 वीं जयंती पर उनका भाव पूर्ण स्मरण किया। उन्होंने कहा कि नेता जी को श्रद्धांजलि देने के क्रम में आज दिल्ली इण्डिया गेट पर मोदी सरकार के नेता जी की आभासी प्रतिमा अनावरण को ऐतिहासिक कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी का देश को आजादी में दिलाने में दिए योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। अंग्रेज़ों के क्रूर शासन में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की निडर देशभक्ति ने अधीन भारतीयों में सोये विश्वास को जगाया। विलक्षण प्रतिभा के धनी नेताजी ने युवाओं में आजादी की क्रांति की ज्वाला जगाकर व निर्भीक होकर अंग्रेज़ों के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा दी। नेता जी के तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा, व जय हिन्द जैसे नारों ने पूरे देश में आजादी की क्रांति का बिगुल फूंक दिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा निर्देश में देश के अंदर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सबसे बड़ी मूर्ति व म्यूजियम भाजपा सरकार ने गुजरात में बनाई है। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को कोटि-कोटि नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।