राज्य में महिला नीति को शीघ्र लागू किया जाएगा-सीएम

उत्तराखण्ड के राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस लाईन, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने समस्त उत्तराखंडवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। अपने सम्बोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि राज्य गठन के बाद नई पहचान के साथ उत्तराखंड के परिश्रमी लोगों ने राज्य के लिए विकास और प्रगति के नित-नूतन शिखरों पर अपने कदम जमाए हैं। भगवान शिव और भगवान विष्णु के आशीर्वाद-स्वरूप देवालयों से पवित्र उत्तराखंड को ‘देव-भूमि’ कहने की परंपरा वंदनीय है। पर्वतराज हिमालय की पुत्री देवी पार्वती एवं शक्ति के अन्य पूजनीय स्वरूपों से ऊर्जा प्राप्त करने वाली तथा गंगा-यमुना जैसी नदी-माताओं के स्नेह से सिंचित यह पावन धरती ‘देवी-भूमि’ भी है। यह क्षेत्र ‘जय महा-काली’ और ‘जय बदरी-विशाल’ के पवित्र उद्घोष से गुंजायमान रहता है। हेमकुन्ट साहिब और नानक-मत्ता से निकले गुरबानी के स्वर यहां के वातावरण को पावन बनाते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले वर्ष दिसंबर के महीने में मुझे उत्तराखंड की यात्रा करने का सु-अवसर मिला था। उत्तराखंड में आने का प्रत्येक अवसर तीर्थ-यात्रा का पुण्य प्राप्त करने की तरह होता है। उत्तराखंड की इस देव-भूमि से मैं सभी देशवासियों के लिए दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं व्यक्त करती हूं और महा-लक्ष्मी से यह प्रार्थना करती हूं कि उत्तराखंड सहित समस्त भारत को वे धन-धान्य तथा सुख और आरोग्य से परिपूर्ण करें।
राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तराखंड की अलग पहचान और स्थापना के लिए संघर्ष करने वाली स्वर्गीय सुशीला बलूनी को इस राज्य के सभी निवासी तो याद रखेंगे ही, नारी में संघर्ष की शक्ति के उदाहरण के रूप में उन्हें सभी देशवासी सदैव स्मरण करेंगे। सुशीला बलूनी का अदम्य साहस यहां की महिलाओं की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप था। बिशनी देवी शाह ने स्वाधीनता संग्राम के दौरान अपने असाधारण साहस का परिचय दिया था। माउण्ट एवरेस्ट पर हमारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाली प्रथम महिला बछेन्द्री पाल और पेड़ों को बचाने के लिए युद्ध-स्तर पर संघर्ष करने वाली गौरा देवी जैसी उत्तराखंड की महिलाओं ने पूरे देश के लिए आदर्श प्रस्तुत किए हैं। हाल ही में उत्तराखंड की बेटी वंदना कटारिया ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया है। ऐसी महिलाओं ने उत्तराखंड की संस्कृति को मजबूत बनाया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को अनुमति प्रदान करते समय मुझे विशेष प्रसन्नता हुई थी क्योंकि वह अधिनियम उत्तराखंड सहित हमारे देश की बहनों और बेटियों के लिए राष्ट्र-निर्माण में उच्च-स्तरीय योगदान देने हेतु मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की यह भूमि वीर-प्रसवा रही है। स्वाधीनता के बाद के सभी युद्धों में उत्तराखंड के वीरों ने सर्वाेच्च बलिदान दिया है। मैं उन सभी वीरों को और वीर-भूमि उत्तराखंड को नमन करती हूं। भारतीय सेना में शामिल होकर भारत-माता की रक्षा करने में यहां के युवा गर्व की अनुभूति करते हैं। राष्ट्र की रक्षा के प्रति उत्साह का यह भाव सभी देशवासियों के लिए अनुकरणीय है। हमारी थल सेना के दो रेजीमेण्टस कुमाऊं रेजीमेण्ट एवं गढ़वाल रेजीमेण्ट का नाम उत्तराखंड के क्षेत्रों के आधार पर रखा गया है। यह उत्तराखंड की शौर्य परंपरा को रेखांकित करता है। भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ बिपिन रावत जी इसी धरती के सपूत थे। हमारे वर्तमान चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ जनरल अनिल चौहान जी उत्तराखंड के ही निवासी हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तराखंड की फिजिकल एवं डिजिटल कनेक्टिविटी निरंतर बढ़ाई जा रही है। भारत की अध्यक्षता में हुए जी 20 से जुड़ी गतिविधियों के क्रम में जी 20 के इन्फ्रस्ट्राक्चर की एक बैठक ऋषिकेश में सम्पन्न हुई थी। उस बैठक में विश्व-स्तरीय इन्फ्रस्ट्राक्चर के निर्माण से जुड़ी सार्थक चर्चाएं हुईं। उत्तराखंड में इन्फ्रस्ट्राक्चर डेवपलपमेंट तेज गति से हो रहा है। साथ ही, आपदा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तराखंड में हो रही बहु-आयामी प्रगति से निवेशकों में उत्साह बढ़ रहा है। मुझे बताया गया है कि दिसंबर में देहरादून में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा। इस जानकारी से मुझे प्रसन्नता हुई है कि पिछले सप्ताह तक ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी के लिए आयोजित रोड शॉ में 81,500 करोड़ रुपए से अधिक के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जा चुके थे और इस राशि में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। निवेशकों में उत्तराखंड के प्रति बढ़ते उत्साह को कार्यरूप देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि उत्तराखंड के विकास में ईकॉलॉजी एवं ईकॉनॉमी दोनों पर ज़ोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा ग्रॉस इन्वायरमेंट प्रॉडक्ट यानी जीईपी का आकलन करने की पहल सराहनीय है। प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण इस राज्य में स्टेट जीडीपी के साथ साथ स्टेट जीईपी पर ध्यान देने से सतत विकास को बल मिलेगा। राष्ट्रपति ने कहा कि मैं उत्तराखंड के निरंतर विकास के लिए राज्य के सभी निवासियों को शुभकामनाएं देती हूं। राज्य के विकास को राज्यपाल के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के सक्रिय नेतृत्व से दिशा और शक्ति प्राप्त हो रही है। इसके लिए उन्होंने दोनों की तथा राज्य सरकार की पूरी टीम की सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि मेरा विश्वास है कि देवी-देवताओं के विशेष आशीर्वाद से समृद्ध इस पावन भूमि के निवासी-गण सुख, समृद्धि और विकास की नई ऊंचाइयों तक अवश्य पहुंचेंगे।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए अमर शहीदों और वीर आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने राष्ट्रपति का हार्दिक आभार और अभिनंदन करते हुए कहा कि उनकी गरिमामयी उपस्थिति से पूरा उत्तराखंड उल्लासित हुआ है। उन्होंने राज्य गौरव सम्मान से सम्मानित होने वाले महानुभावों को भी बधाई दी।
राज्यपाल ने कहा कि हम डिजिटल क्रांति के युग में आगे बढ़ रहें हैं। साइबर सिक्योरिटी हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है इस दिशा में नई से नई टेक्नोलॉजी को सुरक्षा उपायों में शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे है। सरकार पारदर्शी और प्रोएक्टिव पुलिसिंग को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। महिला सुरक्षा, बालिका सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए अपराधों पर नियंत्रण राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखण्ड विकास के कई पैमानों पर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की इस पवित्र धरती पर देश-विदेश के कोने-कोने से लोग यात्रा करने आते हैं। आदि कैलाश और जागेश्वर धाम में प्रधानमंत्री के भ्रमण से मानसखण्ड क्षेत्र को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि सीमांत गांव हमारे देश के पहले गांव बन गये हैं इनका इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की महिलाएँ परिश्रमी एवं सशक्त हैं तथा सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड आर्थिक प्रगति की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उत्तराखण्ड राज्य की विकास दर और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि विकास का समान लाभ गरीबों वंचितों किसानों और उत्तराखण्ड के दूर-दराज के क्षेत्रों में रह रही माताओं, बहनों, युवाओं, किसानों, व्यापारियों तक पहुंचे।
प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य निर्माण में अपना योगदान देने वाले सभी अमर शहीदों एवं राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भारत माता की रक्षा के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले उत्तराखंड के वीर जवानों को भी उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उन्होंने
पुलिस के उन शहीद जवानों व अधिकारियों का भी स्मरण किया जिन्होंने प्रदेश एवं समाज में शांति स्थापित करने के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि इस पावन अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न परम श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का भी स्मरण करना आवश्यक है जिनके प्रधानमंत्रित्व काल में उत्तराखंड राज्य का स्वप्न साकार हुआ था। यह हमारा कर्तव्य है कि स्वर्गीय अटल जी द्वारा पुष्पित और पल्लवित इस युवा उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ निरंतर प्रयासरत रहें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आदरणीय राष्ट्रपति का अत्यंत कठिन जीवन संघर्ष, आपका अदम्य साहस और प्रेरणास्पद राजनीतिक यात्रा प्रत्येक भारतीय को प्रेरित करती है। राष्ट्रपति की जीवन यात्रा हम सबके लिए इसलिए भी प्रेरणादाई है, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में आई समस्त कठिनाइयों को अपनी शक्ति बनाकर जीवन समर में विजय प्राप्त की। राष्ट्रपति भारतवर्ष के समस्त नागरिकों विशेष रूप से गरीबों, शोषितों और वंचितों के लिए आशा की किरण हैं, वे सच्चे अर्थों में महिला सशक्तिकरण का जीता जागता प्रतीक हैं। राष्ट्रपति सदैव ’’सादा जीवन-उच्च विचार’’ के मूल मंत्र पर चलती रहीं और यही कारण है कि आज जन-जन के भीतर यही भाव है कि उनके बीच से निकली एक आम महिला देश कि प्रथम नागरिक है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री की प्रेरणा से हमारी सरकार उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए दिन रात कार्य कर रही हैं। हमारी सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जनता के प्रति जवाबदेह है, भरोसेमंद है तथा अपने कार्य में दक्ष है। 23 वर्ष में पहली बार बहुत से काम हुए हैं। 23 वर्ष में पहली बार भर्तियों में घोटाले करने वालों पर कड़ी क़ानूनी कार्रवाई के लिए हमने नकल विरोधी कानून लागू किया है। 23 वर्ष में पहली बार धर्मांतरण रोकने के लिए कानून लागू किया गया है। 23 वर्ष में पहली बार उत्तराखंड में समान नागरिक आचार संहिता कानून लागू करने के लिए तैयारी की जा रही है। 23 वर्ष में पहली बार प्रदेश की महिलाओं के लिये 30 प्रतिशत के क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई है। 23 वर्ष में पहली बार भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्यवाही हो रही है। 23 वर्ष में पहली बार राजस्व पुलिस की जगह रेगुलर पुलिस की तैनाती की जा रही है। 23 वर्ष में पहली बार आपदा प्रबंधन पर विश्व स्तरीय कार्यक्रम उत्तराखंड में होने जा रहा है। 23 वर्ष में पहली बार उत्तराखंड, डेस्टिनेशन उत्तराखंड के रूप में निवेश का हब बनने जा रहा है। हमने जो मेहनत की है, वो आपके सामने है और हमारा संकल्प है कि हम इस प्रकार के कार्य करते रहेंगे। हमारी सरकार का एकमात्र लक्ष्य है-उत्तराखण्ड का विकास। हमारा एकमात्र ध्येय है-उत्तराखण्ड की प्रगति, अपने इस ध्येय की प्राप्ति के लिए हम पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आपकी सेवा में जुटे हुए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि प्रदेश की मातृशक्ति के समग्र विकास एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से हमने ’’महिला नीति’’ बनाई गई है, जिसको शीघ्र ही लागू किया जाएगा। देवभूमि के भविष्य को सुरक्षित रखने हेतु ’’बाल श्रम उन्मूलन’’ के लिए समस्त विभागों के समन्वय के साथ एक विशिष्ट कार्ययोजना बनाई जाएगी। ड्रग फ्री उत्तराखंड के स्वप्न को साकार करने के लिए हम ’’नशा मुक्त ग्राम’’ और ’’नशा मुक्त शहर’’ की योजना लाएं हैं, ऐसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। राज्य निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और महिलाएं हमारे राज्य की रीढ़ हैं। जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने हेतु ’’मुख्यमंत्री कन्या सामूहिक विवाह’’ योजना शुरू की जाएगी। जिला स्तर पर इस तरह के आयोजन किए जाएंगे और राज्य सरकार इसकी व्यवस्था करेगी।
आज के राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राज्य की चार विभूतियों को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। माधुरी बड़थ्वाल, बसंती बिष्ट, सचिदानन्द भारतीय तथा राजेन्द्र सिंह बिष्ट को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा हेतु उत्तराखण्ड गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।
पुलिस लाईन देहरादून में आयोजित राज्य स्थापना दिवस के भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्वारा परेड का निरीक्षण एवं मार्च पास्ट किया गया। राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा मा. राष्ट्रपति को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड की उपलब्धियों के बारे में एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान उत्तराखण्ड के विभिन्न विभागों द्वारा झांकियों का प्रदर्शन एवं उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा साहसिक प्रदर्शन किया गया।
राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, डा0 धन सिंह रावत, प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक खजान दास मुख्य सचिव डा0 एस एस संधू, डीजीपी अशोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित रहे।

राज्य स्थापना दिवस पर शहीदों को सीएम ने किया नमन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर शहीद स्थल कचहरी परिसर देहरादून में उत्तराखंड राज्य आन्दोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के कठिन परिश्रम, प्रयासों, दृढ़ इच्छाशक्ति, संकल्प से ही उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा राज्य सरकार शहीद आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड के विकास हेतु प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा उत्तराखंड को विकल्प रहित संकल्प के मूल उद्देश्य के साथ सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है।
इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, विधायक खजान दास, राज्य आंदोलनकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

राज्य स्थापना दिवस पर सीएम ने राज्य के विकास का संकल्प दोहराया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामना दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों, राज्य आन्दोलनकारियों एवं देश के लिये सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उत्तराखण्ड की मजबूत नींव रखने वाले पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी बाजपेई को भी राज्य की जनता की ओर से नमन किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि प्रदेश की महान जनता के आशीर्वाद, सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखण्ड तथा उत्तराखण्डवासियों से अपार आत्मिक स्नेह है। उन्होंने 21वीं शदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है, प्रधानमंत्री ने केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों तथा बद्रीनाथ धाम के विकास कार्याे की भांति ही अब मानसखंड के विकास पर भी स्वयं की इच्छा और रूचि व्यक्त की है। उनकी हाल ही की आदि कैलाश तथा जागेश्वर धाम की यात्रा से मानसखण्ड क्षेत्र में पर्यटन एवं कुमाऊँ क्षेत्र के पौराणिक एवं ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटकों के आवागमन की नई उम्मीद जगी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र सरकार के सहयोग का ही परिणाम है कि 2012 से 2017 के बीच प्रतिवर्ष मिलने वाला वार्षिक अनुदान रूपये 5615 करोड़ रूपये 2017 से 2022 के डबल इंजन युग में बढ़कर दोगुनी रूपये 11168 करोड़ हो गयी है। यही नहीं इस अवधि में केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में अनेक उच्च स्तरीय संस्थाएं स्थापित हुई हैं। प्रदेश में रेल, सड़क, हवाई यात्रा सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिए पर्यटन, आयुष व वेलनेस, आईटी, सौर ऊर्जा सहित सर्विस सेक्टर पर विशेष फोकस किया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों को एमएसएमई के केंद्र में रखा गया है। सीमांत तहसीलों के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की है। राज्य में निवेश की संभावनाओं के दृष्टिगत अगले माह 9 व 10 दिसम्बर को देहरादून में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें 2.50 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य है। पिछले एक वर्ष से देश, विदेश और राज्य के प्रमुख उद्योग समूहों एवं स्टेकहोल्डरों के साथ लगातार बैठकें आयोजित की गई। लंदन, बर्मिंघम, अबू धाबी, दुबई, चेन्नई, मुंबई, दिल्ली, बैंगलोर, अहमदाबाद जैसे देश और दुनिया के प्रमुख शहरों में निवेश को आकर्षित करने हेतु भव्य एवं सफल रोड शो आयोजित किये गये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक के रोड शो से लगभग एक लाख, 24 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, इससे यह सिद्ध होता है कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों के उद्यमी भी उत्तराखंड में निवेश करने के लिए उत्साहित हैं। सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के मूल सिद्धांत को अपनाकर राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। इन प्रयासों से हम राज्य की जीएसडीपी को आगामी 5 वर्षों में दुगना करने में सफल होंगे। राज्य में जी 20 की सभी बैठकों के हमारे अनुभव अविस्मरणीय रहे हैं। जी 20 के सम्मेलनों का आयोजन हमारे लिए नए अवसर, नए अनुभव, अपनी पारम्परिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक विरासत, पर्यटन की क्षमताओं और सॉफ्ट पावर को अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का स्वर्णिम अवसर रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाओं का कल्याण और विकास ही हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु लखपति दीदी योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है। हमने 2025 तक 1.25 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरी में क्षैतिज आरक्षण के लिए विधेयक लागू किया जा चुका है। ’मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के तहत महिला समूहों द्वारा उत्पादित सामग्री को ब्लॉक स्तर पर बाज़ार उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीर भूमि होने के नाते सैनिकों और उनके परिजनों का सम्मान हमारा कर्तव्य है। देहरादून में भव्य सैन्य धाम की स्थापना की जा रही है। राज्य में वीरता पदक से सम्मानित सैनिकों को देय एकमुश्त अनुदान में वृद्धि की गई है। राज्य सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में दस प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने के साथ ही राज्य आंदोलकारियों की मृत्यु के पश्चात उनके आश्रितों को भी पेंशन देने का निर्णय लिया है। सरकार राज्य आंदोलनकारियों को ’एक समान पेंशन’ देने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल एवं खिलाड़ियों के हित में नई खेल नीति बनायी गई है। खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से खेल क्षेत्र में रूचि लाने हेतु 14 से 23 वर्ष तक के खिलाड़ियों को ’’मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’’ के अंतर्गत 2000 प्रति माह छात्रवृत्ति एवं 10 हजार रुपए प्रति वर्ष संबंधति खेलों हेतु किट खरीदने के लिए दिए जा रहे है। ’’मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’’ में 08 से 14 वर्ष के उभरते खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। साथ ही खिलाड़ियों को नियमानुसार त्वरित वित्तीय लाभ दिये जाने हेतु ’मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’ की स्थापना भी की गयी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की युवा प्रतिभा के साथ न्याय हो, यह हमारा ध्येय है। राज्य सरकार की भर्तियों में घोटाले करने वाले दोषियों के खिलाफ प्रदेश में पहली बार बड़े स्तर पर कड़ी कार्यवाही की गई है। देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया। राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा जारी कैलेण्डर के अनुसार पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रियाए समयबद्धता से संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ ही स्वरोजगार को भी अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ का वेंचर फण्ड तैयार करने जा रही है। इससे युवा उद्यमियों को सरकारी स्तर पर फण्ड मिल सकेगा। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना को मंजूरी देने के साथ राज्य के युवाओं को देश से बाहर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने के लिये राज्य में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ का गठन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गये हैं। देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून सबसे कम समय में हमने लागू किया है। भ्रष्टाचार की शिकायतों को दर्ज करने के लिए हमने जनता के लिए 1064 वेब एप लॉन्च किया है। अपणि सरकार पोर्टल, ई-कैबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम डैशबोर्ड उत्कर्ष,सीएम हेल्पलाइन 1905, सेवा का अधिकार और ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था बनाकर राज्य में भ्रष्टाचार के समूल नाश का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में हमनें प्रभावी कदम उठाये हैं। राज्य में कोई भी किसी पंथ, समुदाय, धर्म, जाति का हो सबके लिये एक समान कानून हो, यही हमारा प्रयास है। समान नागरिक सहिंता सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के मूलमंत्र की दिशा में बढ़ाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में गत वर्षाे की भांति इस वर्ष भी आस्थावान श्रद्धालुओं ने चारधाम में एक नया रिकॉर्ड बनाया हैं। इस वर्ष अभी तक 55 लाख से अधिक चारधाम यात्रियों का आगमन हो चुका है। चारधाम यात्रा के सफल संचालन के पीछे केन्द्र सरकार का अभूतपूर्व सहयोग तथा राज्य सरकार की प्रभावी कार्ययोजना तथा क्रियान्वयन रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू कर सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आसानी से उपलब्ध करवाने के लिए मिशन मोड पर कार्य किया जा रहा है। हाल ही में राज्य में पीएम श्री योजना का शुभारम्भ हुआ है तथा 141 पीएम विद्यालय तथा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय विद्यालयों का शिलान्यास किया गया है। प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव की क्षमता रखने वाले विद्या समीक्षा केन्द्र का शुभारम्भ हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान योजना का लाभ जन जन तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। आयुष्मान कार्ड व आभा आई डी बनाने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निशुल्क जांच योजना के तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा दी जा रही है। ऊधमसिंह नगर में एम्स का सैटेलाईट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी। राज्य सरकार का संकल्प 2025 तक उत्तराखण्ड को ड्रग फ्री तथा 2024 तक क्षय रोग मुक्त प्रदेश बनाने का है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड को आगामी दशक तक देश का विकसित सर्वश्रेष्ठ एवं अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार एवं प्रशासन के साथ ही प्रत्येक उत्तराखण्डवासी से सहयोग की अपेक्षा की है। उन्होंने का कि गत 23 वर्षाे में राज्य ने कई उपलब्धियां प्राप्त की हैं, किन्तु अभी हमें बहुत आगे जाना है तथा देवभूमि उत्तराखण्ड को एक प्रगतिशील, उन्नत एवं हर क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाना है। इस महान उद्देश्य की प्राप्ति जनसहयोग से ही संभव है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग एवं विकल्प रहित संकल्प से हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड का अनुपम सौंदर्य, पर्वतीय परिदृश्य और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत इसे अद्वितीय राज्य बनाते हैं। हमें राज्य के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा ऐतिहासिक मूल्यों के प्रति भी समर्पित रहना होगा।

बदरीनाथ धाम आगमन पर राष्ट्रपति का जोरदार स्वागत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को उत्तराखंड स्थित भू-बैकुंठ धाम पहुंचकर भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। मंदिर में करीब 25 मिनट तक पूजा करते हुए राष्ट्रपति ने देश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। बदरीनाथ धाम आगमन पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति की अगवानी की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की बीच भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से बुधवार को सुबह 10ः20 बजे बद्रीनाथ आर्मी हेलीपैड पहुंची हेलीपैड पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, अन्य जनप्रतिनिधियों सहित जिलाधिकारी हिमांशु खुराना एवं पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। यहां से राष्ट्रपति काफिले के साथ मंदिर पहुंची और मंदिर में बद्री विशाल की वेद पाठ एवं विशेष पूजा की। बद्रीनाथ के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी एवं तीर्थ पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा संपन्न की। मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार एवं अन्य पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को बद्री विशाल का प्रसाद एवं अंग वस्त्र भेंट किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर परिसर में राष्ट्रपति को भोजपत्र पर बनी बद्रीनाथ मंदिर की प्रतिकृति, आरती और स्थानीय उत्पादों की टोकरी भेंट की। भू-बैकुंठ धाम की अलौकिक सुंदरता देख राष्ट्रपति अभिभूत दिखीं। मंदिर में पूजा दर्शन के बाद राष्ट्रपति बद्रीनाथ से श्रीनगर के लिए प्रस्थान किया।

तीन दिन की लंबी धार्मिक यात्रा को माना जा रहा है प्रचार से राहुल गांधी का पलायन

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का प्रचार चरम पर है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी तीन दिन की धार्मिक यात्रा पर केदारनाथ धाम पहुंच गए हैं। उनकी इस यात्रा को भाजपा चुनाव प्रचार से उनके पलायन के रूप में देखा रही है। प्रचार युद्ध में भाजपा के सामने लगभग घुटने टेक चुकी कांग्रेस अब ‘सॉफ्ट हिन्दुत्व’ का कार्ड खेलने की फिराक में है। लेकिन राहुल गांधी को केदारनाथ में देखकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने जमकर मोदी, जय श्री राम के नारे लगाए। इससे साफ है कि चुनाव से ऐन पूर्व राहुल गांधी के सॉफ्ट हिन्दुत्व के प्रपंच को जनता सिरे से खारिज कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भगवान शिव के अनन्य भक्त हैं। केदारनाथ धाम से उनकी गहरी आस्था जुड़ी हुई है। भगवान शिव के प्रति उनकी अगाध श्रृद्धा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वह अभी तक छह बार (3 मई 2017, 20 अक्तूबर 2017, 7 नवंबर 2018, 18 मई 2019, 5 नवंबर 2021 और 21 अक्टूबर 2022) केदारनाथ धाम की यात्रा पर आ चुके हैं। वह हर साल केदारनाथ धाम की शरण में आते हैं सिर्फ 2020 में कोरोना प्रकोप के चलते वह केदारनाथ धाम की यात्रा पर नहीं आ सके थे। इसके अलावा मोदी देश और विदेश में हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों में पूजा अर्चना करते रहे हैं। अब तक भाजपा के हिन्दुत्व प्रेम पर कटाक्ष करने वाले राहुल अब प्रधानमंत्री मोदी की राह पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। वह अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर रविवार को केदारनाथ धाम पहुंचे लेकिन उनकी कोशिशों पर उस वक्त पलीता लग गया जब केदारनाथ में पहुंचते ही राहुल गांधी को देखकर लोग मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। सवाल यह है कि जब पांच राज्यों में चुनाव का प्रचार चरम पर है तो ठीक उसी वक्त राहुल ने केदारनाथ धाम की तीन दिन की यात्रा का लम्बा कार्यक्रम क्यों बनाया। क्या हर बार ही तरह राहुल ने इस बार भी चुनावी प्रचार में ताकत झोंकने के बजाए पलायन किया है।
दरअसल, हर बार राहुल गांधी चुनाव प्रचार के वक्त कभी विदेश तो कभी अन्य स्थानों की यात्रा पर चले जाते हैं। वो स्टार प्रचारक के रूप में जिम्मेदारी उठाने से भागते रहे हैं। उनका फण्डा यह है कि कांग्रेस जीत गई तो वह जीत का श्रेय खुद ले लेंगे और हार गई तो उनकी जवाबदेही तय नहीं होगी। इससे पहले कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में भी राहुल प्रचार से नदारद थे। जबकि प्रियंका मोर्चे पर डटी रही।

मुख्यमंत्री ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री से लिया आशीर्वाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को परेड ग्राउण्ड में आयोजित कार्यक्रम बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री के कार्यक्रम में शामिल हुये। उन्होंने पं0 धीरेन्द्र शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त कर उन्हे सनातन संस्कृति का संरक्षक बताया। वे हमारी सनातन संस्कृति के संरक्षक के रूप में भारत की सही पहचान को भावी पीढी तक पहुंचाने का दायित्व निर्वहन कर रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने ठीक ही लिखा है कि बिनु सत्संग विवेक न होई, रामकृपा बिनु सुलभ न सोई। अथार्तः सत्संग के बिना विवेक नहीं होता और श्री रामजी की कृपा के बिना सत्संग सहज नहीं मिलता। ठीक उसी प्रकार संपूर्ण विश्व को ज्ञान, दर्शन, आध्यात्म और संस्कृति से परिचित कराने वाले पूजनीय धीरेंद्र शास्त्री जी के माध्यम से आज उन्हें इस दिव्य दरबार में बालाजी महाराज के प्रति अपनी आस्था को साझा करने का एक अप्रतिम अवसर प्राप्त हुआ है। ऐसे पावन दरबार में हाजिरी लगाने का सौभाग्य विरले लोगों को ही प्राप्त होता है और इसमें भी यदि महाराज श्री का आशीर्वाद मिले तो इसका आशीष कई गुना बढ़ जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी कम आयु में बजरंग बली ने महाराज जी पर कृपा की यह किसी दैवीय चमत्कार से कम नहीं है। महाराज जी के पास हमेशा बजरंगबली की प्रतिमा होती है, यह इस बात का प्रमाण है कि जिसके पास भगवान श्रीराम की भक्ति की शक्ति होगी उस पर हमेशा बजरंगबली का आशीर्वाद रहेगा। उन्होंने कहा कि हनुमान जी चिरंजीवी हैं और जहां भी उनका दिव्य दरबार लगता है वहां हनुमान जी का वास स्वतः ही हो जाता है। आज दुनियाभर में दिव्य दरबार लगाकर महाराज जी, भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार कर रहे हैं और भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए सभी से एकजुट होने का आह्वान करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए एकजुट होना ही होगा और इसका अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करना होगा जिससे आने वाली पीढ़ी सनातनी मूल्यों से परिचित हो सके। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अभूतपूर्व रूप से सनातन संस्कृति का परचम पुनः संपूर्ण विश्व में लहरा रहा है। हमारी आस्था के केन्द्रों का इतिहास और महत्व उसी गौरव के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है, जिसके साथ इसे किया जाना चाहिए था। अयोध्या में भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बन कर तैयार होने वाला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह स्वर्णिम कालखंड भारत की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक चेतना के पुनरोत्थान का कालखंड है। आज भारत पुनः विश्वगुरु के पद पर आरूढ़ होकर समूचे विश्व का मार्गदर्शन करने के लिये तत्पर है। आज प्रधानमंत्री जी, के महान विचारों पर चलकर ही उत्तराखण्ड विकास की राह पर अग्रसर है मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में शीघ्र ही हम उत्तराखंड को भारत का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने विकल्प रहित संकल्प को पूर्ण करने में सभी के सहयोग से अवश्य सफल होंगे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं0 धीरेन्द्र शास्त्री का मुख्यमंत्री आवास आगमन पर उनका स्वागत कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

पीएम और धामी की जुगलबंदी, धामी की मेहनत साकार कर गये मोदी

आज उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बेहद खास जुगलबंदी देखने को मिली। दरअसल, पीएम मोदी ने पवित्र पार्वती सरोवर में दर्शन एवं पूजन से लेकर सेना के जवानों के बीच सीएम धामी को हर जगह अपने साथ-साथ रखा।
प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से हमेशा से विशेष लगाव रहा है। बीते वर्ष भी प्रधानमंत्री मोदी बद्रीनाथ धाम में दर्शनों के बाद जब देश के अंतिम गांव (तब तक) माणा में पहुँचे तो यहां भी दोनों के बीच की केमेस्ट्री साफ झलकी। माणा में आयोजित जनसभा में पीएम मोदी ने अपने भाषण में सीएम धामी के उस कथन पर मुहर लगा दी, जिसमें माणा देश का पहला गांव होने की बात कही। इसके बाद से माणा को देश के प्रथम गांव के रूप में पहचान मिली है। यहां आयोजित जनसभा में भी पीएम मोदी ने सीएम धामी की मंच से मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
सीएम धामी जब भी नई दिल्ली में प्रधानमंत्री से भेंट करने गए, उन्होंने प्रधानमंत्री से पार्वती सरोवर, जागेश्वर मंदिर और अद्वैत आश्रम आने का आग्रह किया। सीएम धामी ने इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मानसखंड कॉरिडोर को लेकर विशेष आग्रह किया था। यह सीएम धामी के प्रयासों का ही प्रतिफल रहा कि पीएम मोदी ने सीमांत जनपद पिथौरागढ़ दौरे को लेकर अपनी हामी भरी।
सीएम धामी के विशेष आग्रह पर आए प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के पवित्र पार्वती कुंड में दर्शन और पूजन से अभिभूत हूं। यहां से आदि कैलाश के दर्शन से भी मन आह्लादित है। प्रकृति की गोद में बसी अध्यात्म और संस्कृति की इस स्थली से अपने परिवारजनों के सुखमय जीवन की कामना की।
गौरतलब है कि मानसखंड कॉरिडोर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है। उनके द्वारा अपने हालिया दिल्ली दौरे के दौरान भी प्रधानमंत्री के समक्ष इस विषय पर चर्चा की गई। आज पीएम के पिथौरागढ़ दौरे के दौरान एक बार पुनः दोनों के बीच की यही केमिस्ट्री देखने को मिली। आदि कैलाश के पार्वती सरोवर से दर्शनों के बाद मंदिर परिसर में सीएम धामी, पीएम मोदी के साथ-साथ रहे। दोनों के चेहरों पर आ रही मुस्कुराहट उनके बीच की आत्मीयता को दर्शा रही थी। इसके बाद जब प्रधानमंत्री सेना के जवानों के बीच पहुँचे तो यहां भी उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को अपने साथ ही रखा।
दरअसल, प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ होते हैं, तो दोनों नेताओं के बीच दलीय संबंध से इतर अपनेपन का एक रिश्ता भी नजर आता है।

मानसखंड को विश्व पटल पर लाने की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिथौरागढ़ दौरे से मानसखण्ड कॉरिडोर को विश्व पटल पर छाने की तैयारी पूरी हो गई है। जिस तरह से केदारनाथ में 2013 के बाद आई आपदा के बाद प्रधानमंत्री मोदी के मार्ग-दर्शन में वहां ऐतिहासिक कार्य हुए उससे देश और दुनिया में इसे लेकर एक बड़ा संदेश गया। कोरोना के बाद वर्ष 2021 जब यात्रा पुनः प्रारंभ हुई तो यहां रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुँचे। इस वर्ष भी यात्रियों की संख्या नए रिकॉर्ड बना रही है। अब प्रधानमंत्री के पिथौरागढ़ के अनछुए स्थानों पर पहुँचने के बाद यह उम्मीद जताई है रही है कि आने वाले दिनों में मानसखंड कॉरिडोर के अन्तर्गत आने वाले तमाम धार्मिक स्थलों को नई पहचान मिलेगी।

पीएम मोदी ने सीएम धामी की पीठ थपथपाई, बोले-वाह धामी जी वाह…
पिथौरागढ़ में आयोजित प्रधानमंत्री की जनसभा में आज भारी जनसैलाब उमड़ा। उन्हें सुनने के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा सब पहुँचे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब अपना संबोधन समाप्त किया तो वे भी देवभूमि की जनता के इस प्रेम से अभिभूत नजर आए। ऐसे में पीएम मोदी के मुँह से एकाएक निकला ष्वाह धामी जी वाह।ष् इस दौरान पीएम धामी ने मंच पर ही उनकी पीठ थपथपाई। इसके बाद जब पीएम मोदी हेलिपैड से लौटने लगे तो यहां भी उन्होंने सीएम धामी का हाथ पकड़कर उनकी तारीफ करते हुए पीठ थपथपाई।

आदि कैलाश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 अक्टूबर को भारत की आध्यात्मिक भूमि आदि कैलाश पहुंचे। यहां शिव मंदिर में पूजा करते हुए प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश के विराट दर्शन किए और देश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। शिव धाम आदि कैलाश आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 अक्टूबर, 2023 को सुबह 8.45 बजे हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ जनपद में ज्योलिंगकांग हेलीपैड पर उतरे। यहां से दाहिनी ओर करीब डेढ़ किमी की दूरी कार से तय करते हुए हिमालय की चोटी पर स्थित पार्वती सरोवर और शिव मंदिर पहुंचे। करीब 25 मिनट तक शिव की पूजा और ध्यान किया। आदि कैलाश मंदिर में रं-समुदाय के लामा पुजारियों ने पौराणिक काल से प्रसिद्ध शिव-पार्वती की ‘माटी पूजा’ पूरे विधि विधान के साथ संपन्न की।

इसके बाद पीएम मोदी ने आदि कैलाश पर्वत और पार्वती सरोवर के दर्शन भी किए। आदि कैलाश और पार्वती सरोवर के दर्शन कर प्रधानमंत्री अभिभूत हो उठे। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश के दर्शन कर उनका मन प्रसन्न और जीवन धन्य हो गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि है। यहां कण-कण में देवी देवताओं का वास है। भगवान आदि कैलाश के दर्शन कर उन्हें परम आनंद की अनुभूति हुई है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के मंदिर आस्था ही नही आर्थिकी का भी केंद्र हैं। इन मंदिरों से हजारों लोगों की आर्थिकी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़ी है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी मंदिरों को एक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आदि कैलाश और आसपास के क्षेत्र के बारे जानकारी दी।
प्रधानमंत्री के भ्रमण से चीन सीमा पर तैनात सेना के जवानों के साथ ही सीमा पर बसे गांव कुटी, नाबि, रोंगकांग, गुंजी, नपल्चयू, गर्व्यांग, बूंदी के ग्रामीणों में गजब उत्साह देखने को मिला। आदि कैलाश के दर्शन करने के बाद पीएम मोदी ज्योलिंगकांग हेलीपैड से गुंजी के लिए रवाना हुए।
प्रधानमंत्री मोदी आदि कैलाश की यात्रा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री भी बन गए है। तीन देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगी इस भूमि से प्रधानमंत्री ने पूरे विश्व को अध्यात्म और वैश्विक क्षेत्र में उभरती भारत की शक्ति का संदेश भी दिया। प्रधानमंत्री के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाएं बढ गई है।

पिथौरागढ़ जनपद में आदि कैलाश 14 हजार फुट से अधिक ऊॅचाई पर चीन और नेपाल की सीमा से सटा है और भारत की आध्यात्मिक भूमि है। आदि कैलाश के बारे में मान्यता है कि यह स्थान भगवान शिव के परिवार का निवास स्थान है। आदि कैलाश मार्ग पर मुख्य आकर्षण ओम पर्वत है। इस पर्वत पर ओम की आकृति उभरी हुई है। ओम पर्वत कैलाश यात्रा मार्ग में नावीढांगा में स्थित है। ओम पर्वत को आदि कैलाश का छोटा कैलाश भी कहा जाता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुंजी गांव में स्थानीय लोगों से मिलकर उनसे बातचीत की। गुंजी गांव में दूर-दराज से पहुंचे लोग प्रधानमंत्री को अपने बीच पाकर उत्साहित दिखे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने च्यूबाला पहनी रंगस्या (महिलाओं) से आशीर्वाद भी लिया। गुंजी में सेना के जवानों के साथ बातचीत कर प्रधानमंत्री ने उनका हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने रं समाज कल्याण समिति के लोगों से भी भेंटवार्ता की। रं समाज कल्याण समिति के लोग पारम्परिक वेशभूषा में थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर स्वयं नगाड़ा भी बजाया।
प्रधानमंत्री ने भारत-तिब्बत व्यापार के प्रमुख केन्द्र गुंजी गांव में स्थानीय कला और उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने आदि कैलाश, पार्वती सरोवर, कुटी गांव, रांगकॉग गांव, नाबी, गुंजी, ओम पर्वत की फोटो गैलरी का भी अवलोकन किया।
गुंजी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह के रूप में ओम पर्वत की फोटो भेंट की। वही रं समाज द्वारा मानसरोवर का पवित्र जल भरा कलश भेंट किया गया।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तराखंड के पांचवें धाम के रूप में प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर पूजा अर्चना की तथा देश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 11.40 बजे शौकियाथल पहुंचे। इसके पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सड़क मार्ग से जागेश्वर धाम पहुंचे। 124 मंदिरों के समूह जागेश्वर धाम में उन्होंने सर्वप्रथम जागेश्वर गर्भगृह में करीब 7 मिनट तक पूजा कर बाबा जागेश्वर के दर्शन किए। इसके पश्चात पुष्टिमता, महामृत्युंजय तथा केदारनाथ में पूजा अर्चना की। इसके पश्चात मंदिर परिसर की परिक्रमा करते हुए अर्धनारेश्वर वृक्ष का अवलोकन किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तांबे से बना वाद्य यंत्र तुरही, ताम्र जागेश्वर तथा डमरू उपहार स्वरूप भेंट किया। फ्लीट मार्ग में प्रधानमंत्री ने स्थानीय लोगों का कार से उतरकर अभिवादन स्वीकार किया।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने बालिकाओं को किया सम्मानित

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की पूर्व संध्या पर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अलग-अलग क्षेत्रों में तीर्थनगरी का नाम रोशन करने पर 5 बालिकाओं को पुष्पगुच्छ, पटका और मिष्ठान देकर सम्मानित किया। उन्होंने बालिकाओं के उज्जवल भविष्य की कामना भी की।
बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में डॉ अग्रवाल ने सोशल मीडिया के जरिये देशभर में पहचान बना चुकी तनु रावत, हिंदी बॉलीवुड फ़िल्म कलरव में अभिनेत्री का किरदार निभाने पर अम्बिका आर्य, दसवीं कक्षा में राज्य की मेरिट सूची में स्थान पाने वाली आसना सकलानी, राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता वंशिका कंडवाल, चित्रकारी के लिए राज्य सरकार से पुरुस्कृत सान्या बिष्ट को सम्मानित किया।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार बालिकाओं के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। बताया कि बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं, सुकन्या समृद्धि योजना, माध्यमिक शिक्षा के लिए बालिकाओं को प्रोत्साहित किये जाने हेतु राष्ट्रीय योजना, किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु योजना सहित उत्तराखंड में भी अनेक योजनाएं गतिमान है। जिनमें नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री उत्थान योजना आदि शामिल हैं।
इस मौके पर महिला मोर्चा टिहरी जिलाध्यक्ष इंद्रा आर्य, मण्डल अध्यक्ष महिला मोर्चा माधवी गुप्ता, निर्मला उनियाल, पुनिता भंडारी, रजनी बिष्ट, निवेदिता सरकार, गुड्डी कालूड़ा, पूनम डोभाल, आशा शुक्ला, वरिष्ठ पार्षद शिव कुमार गौतम, कराटे कोच शिवानी गुप्ता, अनुज कुमार आदि उपस्थित रहे।

कुमाऊंनी गीत ब्वारी चाहा बनै दे लांच, मंत्री ने कलाकारों को सराहा

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने स्थानीय कलाकारों द्वारा अभिनीत ’कुमाऊंनी गीत ब्वारी चाहा बनै दे’ को लॉन्च किया। इस दौरान डॉ अग्रवाल ने गीत के कलाकारों के अभिनय की प्रशंसा की। मौके पर कलाकारों को डॉ अग्रवाल ने माला पहनाकर सम्मानित भी किया। साथ ही पहली महिला निर्देशक अंजली कैंतुरा को गीत के लिए बधाई दी।
बीती देर सायं छिद्दरवाला में गीत लॉन्च करते हुए डॉ अग्रवाल ने कहा कि संस्कृति को बढ़ाने के लिए गीत-संगीत अच्छा माध्यम है, उन्होंने युवा पीढ़ी द्वारा गीत की सुंदर प्रस्तुति के लिए कलाकारों की हौसला अफजाई की।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि हमारे प्रदेश में प्रतिभाएं बहुत है, सही प्लेटफार्म मिलने पर उनकी प्रतिभा को निखारा जा सकता है। इस दौरान डॉ अग्रवाल ने गीत को पूरा सुनकर कलाकारों के साथ नृत्य भी किया।
निर्देशक अंजली कैंतुरा ने बताया कि ’कुमाऊंनी गीत ब्वारी चाहा बनै दे’ एक ससुर और बहू के ऊपर फिल्माया गया है, जो गोदभराई की रस्म के दौरान का है। जिसमें ससुर अपनी बहू को चाय बनाने के लिए कहते हैं। उन्होंने बताया कि गीत की शूटिंग छिद्दरवाला में हुई हैं, जिसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा अभिनय किया गया है।
इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, प्रधान जोगीवाला सोबन सिंह कैंतुरा, पूर्व प्रधान हरीश कक्कड़, पूर्व जिपंस अनिता राणा, मण्डल अध्यक्ष महिला मोर्चा समा पंवार, अमर खत्री, गढ़वाली गीत निर्माता सुरेश जोशी, गायक ललित गितियार, ममता आर्य, संगीत रंजीत सिंह, बोल ननु जोशी, प्रीम बिष्ट, कलाकार नताशा, आयशा, दिगंबर, शिवानी, शालनी, संगीता, निर्देशक अंजली कैंतुरा, स्नेहा राणा, सतीश, शुभम कैंतुरा, शिवम, अनुज रावत सहित ग्रामीण उपस्थित रहे।