अपनों को नौकरी लगाता तो परिवार के ही 20 से 30 बन जाते शिक्षक-पूर्व शिक्षा मंत्री

उत्तराखंड में इन दिनों सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक के नेताओं पर भाई भतीजा वाद को लेकर गंभीर आरोप लग रहे हैं,सत्ता के रूतबे के दम पर नेताओं ने अपने-अपने करीबीयों को नौकरी पर लगाया। उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से जहां उत्तराखंड सेवा अधीनस्थ चयन आयोग पेपर लीक मामले की जांच चल रही है। जिसमें केई आरोपियों को पकडा जा चुका हैं, तो वहीं दूसरी तरफ विधानसभा में बैकडोर से हुई नियुक्तियों को लेकर पूर्व विधान सभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल और प्रेमचंद अग्रवाल की मुश्किले बढ़ी हुई है। क्योंकि विधान सभा में बैकडोर से हुई भर्तियों की जांच चल रही है। इन सब के बीच कई पूर्व मंत्रीयों पर भी मंत्री रहते हुए अपने करीबीयों को नौकरी लगाने के आरोप लग रहे है। पूर्व शिक्षा मंत्री और गदरपुर से विधायक अरविंद पाण्डेय पर भी शिक्षा मंत्री रहते अपने करीबीयों को नौकरी लगाने के आरोप लगे हैं,यहां तक कि शोसल मीडिया पर एक लिष्ट वायरल हो रही थी, जिसमें बिहार के रिश्तेदारों को उत्तराखंड नौकरी लगाने के आरोप अरविंद पाण्डेय पर लगे,लेकिन इन्ही आरोप को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे अरविंद पाण्डेय से पत्रकारों ने कई तहर के सवालों की बछौर की तो अरविंद पाण्डेय ने बडी सहजता से उनके उपर लग रहे आरापों के जवाब दिए।

नियमों की अनदेखी से हुई हैं नियुक्ति जो जांच के लिए हूं तैयार
अरविंद पाण्डेय का कहना है कि जो लिस्ट शोसल मीडिया में वायरल की गई है,उसको लेकर यहीं कहना चाहता हूं कि यदि अगर नियुक्ति में अगर कहीं कोई अनदेखी हुई है तो दुनियां की कोई भी सबसे बड़ी जांच मेरे उपर कराई जाएं उसके लिए मैं तैयार हूं। ईश्वर को साक्षी मानकर जांच में पूरा सहयोग करूंगा। और अगर जांच में दोषी पाया जाता हूं कि नियमों की अनदेखी कर मेरे कार्यकाल में नियुक्ति हुई है,तो प्रदेश की जनता जो सजा देना चाहेगी उसे हंसकर भुगतने के लिए तैयार हूं।

अपनों को नौकरी लगाता तो परिवार के ही 20 से 30 बन जाते शिक्षक
इतना की नहीं अरविंद पाण्डेय का कहना है कि उनके परिवार में 20 से 30 लोगों ने बीएड किया हुआ है,अगर मैं कोई शिफारिश करता तो प्रदेश में मंत्री रहते हुए मेरे कार्यकाल में 15000 के लगभग भर्ती हुई है,उसमें परिवार के कई लोग शिक्षक बन जाते। लेकिन पूरी पारदर्शिता और नियमों को देखते हुए भर्ती हुई है। यहां तक कि अशासकीय स्कूलों में भर्ती के लिए 25 नम्बर के इंटरव्यू को 5 नम्बर का किया गया ताकि शिक्षकों की भर्ती में पारदर्शिता आएं और आज अशासकीय स्कूलों में योग्य शिक्षक ही भर्ती हो रहे है। क्योंकि आवेदन करने वाले अभियार्थियों में सबसे पहले टॉप सेवन की मैरिड बनती है,जिन्हे इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। जबकि इंटरव्यू में 5 से 3 नम्बर देना अनिवार्य है। यानी के मेरे रहते अनिमियतताओं के जो आरोपा लगते थे। उन आरोपों को दूर किया गया।

उत्तराखंड आन्दोलन में गया हूँ जेल
अरविंद पांडेय का कहना है कि कुछ लोग उनकी छवि यूपी बिहार से होने की भी बताने की कोशिश करते हैं,लेकिन वह साफ कहना चाहते हैं कि वह उधम सिंह नगर के रहने वाले हैं,और उत्तराखंड आंदोलन के दौरान उन्होंने बढ़-चढ़कर भाग लिया था,यहां तक कि वह कहना चाहते हैं कि जब वह उधम सिंह नगर में उत्तराखंड आंदोलन के दौरान अलग राज्य उत्तराखंड बनाए जाने की मांग को लेकर आंदोलन करते थे, तो उन्हें स्थानीय जनता भी पीटा करती थी और यूपी में रहने के लिए ही उस समय कहती थी। लेकिन उन्होंने उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर मुखरता से उठाया और जेल तक गई लेकिन अब जब उन्हें इस तरह की बातें सुनने को मिलती है तो उन्हें ठीक नहीं लगता है।

शादाब शम्स का बड़ा बयान, उत्तराखंड में गरजेंगे वक्फ बोर्ड के बुलडोजर

भाजपा के तेजतर्रार नेताओं में शुमार शादाब शम्स के हाथों में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की कमान आ गई है। बोर्ड का अध्यक्ष चुने जाने के बाद शम्स ने बोर्ड के अन्य सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। बाद में उन्होंने बोर्ड के सदस्यों और अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर विमर्श किया। मीडिया से बातचीत में शम्स ने कहा कि वर्ष 2000 में उत्तराखंड में वक्फ बोर्ड की परिसंपत्तियां डेढ़ लाख करोड़ रुपये की थीं, जो अब काफी बढ़ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि बोर्ड की जमीनों पर जगह-जगह बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है। माफिया के कब्जे से इन जमीनों को मुक्त कराने के लिए बोर्ड के बुलडोजर गरजेंगे। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था पर भी जोर रहेगा। इसके लिए ऐसे शिक्षण संस्थान खोले जाएंगे, जिनमें सभी धर्मों के बच्चे पढ़ाई कर सकें। उन्होंने कहा कि बोर्ड की व्यवस्थाओं को भी चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा।
बतातें चले कि बुधवार को सचिवालय में हुए उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चुनाव में शम्स को निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया। 10 सदस्यीय बोर्ड शामिल विपक्ष के चार सदस्यों ने भी उनके पर सहमति जताई। बोर्ड के नवनिर्वाचित अध्यक्ष शम्स ने कहा कि उनकी प्राथमिकता बोर्ड की जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना है। इसके लिए दो बुलडोजर खरीदे जाएंगे। इनमें एक गढ़वाल और दूसरा कुमाऊं क्षेत्र में तैनात रहेगा। वक्फ बोर्ड के चुनाव की प्रक्रिया पिछले आठ माह से चल रही थी। 10 सदस्यीय बोर्ड का गठन होने के बाद इन्हीं में से अध्यक्ष का निर्वाचन किया जाता है। अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूर्व में चम्पावत उपचुनाव के कारण शुरू नहीं हो पाई थी। बाद में इसके लिए सात सितंबर की तिथि तय की गई। सचिवालय में निर्वाचन अधिकारी एवं प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण एल फैनई की देखरेख में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। बोर्ड के सभी सदस्यों की ओर से शादाब शम्स के नाम पर सहमति जताए जाने के बाद शम्स ने नामांकन भरा। तय समयावधि बीतने पर निर्वाचन अधिकारी ने शम्स के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रहे शम्स पूर्व में 15 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष का दायित्व भी निभा चुके हैं। बोर्ड के अध्यक्ष का कार्यकाल पांच वर्ष का है।

सितंबर को होगी बोर्ड की पहली
नवनिर्वाचित वक्फ बोर्ड की पहली बैठक 15 सितंबर को होगी। बोर्ड के अध्यक्ष के अनुसार बैठक का एजेंडा तय किया जा रहा है। इसमें बोर्ड की जमीनों से अतिक्रमण हटाने समेत अन्य विषय शामिल किए जा रहे हैं।

भाजपा की सक्रिय राजनीति में अहम चेहरा
शादाब शम्स उत्तराखंड भाजपा की सक्रिय राजनीति में एक अहम चेहरा हैं। बता दें 2021 में भाजपा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा द्वारा उत्तराखंड के भाजपा नेता शादाब शम्स को पश्चिम बंगाल का प्रभारी बनाया था। भाजपा नेता शादाब शम्स 15 सूत्रीय कार्यक्रम कियान्‍वयन समिति के उपाध्‍यक्ष भी रहे हैं।

वक्फ बोर्ड क्या होता है
वक्फ बोर्ड इस्लामिक इमारतों, संस्थान और जमीनों के सही रख-रखाव के साथ ही इनके इस्तेमाल की व्‍यवस्‍था देखता है। वक्फ बोर्ड न्यायिक व्यवस्था के तहत गठित कानूनी बोर्ड है। वक्फ बोर्ड अपनी संपत्ति का अपने हिसाब से इस्तेमाल कर सकता है। लेकिन इसके लिए उसे बोर्ड के सदस्यों की मंजूरी लेनी जरूरी होती है।

स्मार्ट सिटी के कार्यो में और तेजी लाई जायेगी-प्रेमचन्द अग्रवाल

देहरादून स्मार्ट सिटी के अंतर्गत वित्त, शहरी विकास व आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने 5 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही चार विभिन्न स्थानों पर 4 स्मार्ट टॉयलेट का शुभारंभ किया।
गुरुवार को देहरादून स्थित परेड ग्राउंड से कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल, सीईओ स्मार्ट सिटी व जिलाधिकारी सोनिका, मेयर सुनील उनियाल गामा, मंडल अध्यक्ष राजपुर रोड विशाल गुप्ता आदि ने संयुक्त रूप से 5 इलेक्ट्रिक बसों को रवाना किया। इसके बाद इलेक्ट्रिक बस पर सवार होकर मंत्री डॉ अग्रवाल स्मार्ट टॉयलेट पहुंचे। यहां रिबन काटकर स्मार्ट टॉयलेट का शुभारंभ किया।
इस दौरान मंत्री डॉ अग्रवाल ने स्मार्ट टॉयलेट के संबंध में जानकारी भी प्राप्त की। साथ ही स्मार्ट कॉलेज के लिए सीईओ स्मार्ट सिटी की प्रशंसा भी की।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत कुल 27 परियोजनाएं प्रस्तावित थी जिनमें से 5 परियोजनाओं को पूर्व में ही पूर्ण कर जनता को समर्पित किया जा चुका है, अन्य परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि वर्षा काल के कारण बाधित कार्यों की प्रगति में अब तीव्रता आएगी।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत 5 इलेक्ट्रिक बसों का आईएसबीटी से सहस्त्रधारा रुट पर संचालन किया जाएगा। जो देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड एवं ईबे ट्रास कंपनी के मध्य अनुबंध के तहत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देहरादून नगर में वर्तमान में कुल 20 की बसों का बेड़ा तैयार हो गया है। डॉ अग्रवाल ने बताया कि कुल 21 किलोमीटर के रूट पर 35 बस स्टॉपेज आएंगे। इसका न्यूनतम किराया 10 रुपए है। बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मुख्य उद्देश्य वायु एवं ध्वनि प्रदूषण मुक्त तथा बेहतर सुविधा युक्त पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा आईएसबीटी से राजपुर रोड एवं आईएसबीटी से सेलाकुई व रायपुर तथा एयरपोर्ट रूट में संचालित 15 बसों के माध्यम से अब तक कुल 980474 यात्रियों को सुविधा युक्त यात्रा मिल पाई है। आप ही एक करोड़ 91 लाख रुपए का राजस्व भी प्राप्त हुआ है।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि चार नवनिर्मित की स्मार्ट टॉयलेट जो परेड ग्राउंड, पुरानी तहसील परिसर, सब्जी मंडी परिसर और आईएसबीटी परिसर पर बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना में स्वीकृत एक करोड़ 81 लाख रुपए के तहत देहरादून शहर में अभी तक 7 स्मार्ट टॉयलेट का निर्माण किया जा चुका है। जिनमें तीन टॉयलेट्स पूर्व में ही जन सुविधा को देखते हुए शुरू किए गए हैं जबकि चार स्मार्ट टॉयलेट का आज लोकार्पण किया गया।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि इन स्मार्ट टॉयलेट में महिलाओं पुरुषों तथा दिव्यांगों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। जिनमें चार डब्ल्यूसी महिलाओं के लिए, 4 डब्लयूसी व सात यूरेनील पुरुषों के लिए तथा एक डब्लयूसी दिव्यांगों के लिए होगा। डॉ अग्रवाल ने बताया कि समस्त स्मार्ट टॉयलेट पूर्ण रूप से जीपीआरएस युक्त हैं। इनमें स्वचालित सफाई व्यवस्था जैसे फ्लशिंग, कांटेक्टलैस हैंड वॉशिंग, हैंड ड्रायर, सोप डिस्पेंसर आदि के साथ महिलाओं के लिए विशेष रूप से सेनेटरी वेंडिंग तथा डिस्पोजेबल मशीन लगाई गई है। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस टॉयलेट के प्रयोग में मुफ्त यूरिनल तथा टॉयलेट हेतु सुविधा शुल्क 5 रुपए निर्धारित किया गया है जिसका भुगतान डिजिटल अथवा कैश के माध्यम से किया जाएगा।

धामी तुम बढ़े चलो भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसो

इसमें कोई दोराय नहीं कि नेताओं के भाई-भतीजावाद और नकल माफिया की ओर से की गई सरकारी नौकरियों की सौदेबाजी ने पात्र युवाओं का हक मारा है। पिछले दो दशक से लगातार बेरोजगारों को छला जा रहा है। माफिया, नौकरशाह और राजनेता नापाक गठजोड़ करके सपनों के सौदागर बने हुए हैं। अब जबकि इस गठजोड़ के कारनामे उजागर होने रहे हैं तो युवा आक्रोशित हैं। उनमें उबाल है। वो सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष आन्दोलन को हवा दे रहा है। लोकगायक अपनी नई रचनाओं से युवा ताकत को जागृत कर रहे हैं। इसी बहाने अंदरखाने सियासत भी तेज हो गई है।
विरोध के माहौल के बीच एक लोकगायक ने परिदृश्य से हटकर नया गीत बनाया है, जो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। इस गीत के गायक हैं डा. अजय ढौंढियाल। ढौंढियाल पेशे से पत्रकार हैं और हमेशा जनहित के मुद्दों पर मुखर रहे हैं। अब लोकगीत और संगीत को माध्यम बनाकर वो समाज को लोकतंत्र में संभावित खतरों से सचेत कर रहे हैं। उनके नये गीत का शीर्षक हैं श्चल चल रे धामी बढ़ने चल बढ़ने चलश्। इस गीत में ढौंढियाल ने सरकार का एकतरफा सामूहिक विरोध करने के बजाए उस पर भरोसा जताने का आह्वान किया है। उनका यह गीत मैंने भी सुना। मौजूदा माहौल में लीक से हटकर गाया गया यह गीत चौंकाता है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या ढौंडियाल ने सरकार की चाटुकारिता में ये गीत गया है? मैंने फोन लगाकर सीधे ढौंढियाल जी से ही यह सवाल पूछ लिया। उनका जवाब सुनकर लगा कि वास्तव में गीत के माध्यम से उठाए गए उनके पहलू पर भी विचार किया जाना चाहिए। ढौंढियाल ने कहा यह हमारे प्रदेश का दुर्भाग्य है कि सरकारी सिस्टम की कोई खामी या कारनामा उजागर होने के बाद विपक्ष हो या सत्ता पक्ष के कुछ लोग सरकार को अस्थिर करने में जुट जाते हैं। मिशन मोड में मुख्यमंत्री को हटाने की कोशिशें शुरू हो जाती हैं। असली मुद्दा पीछे छूट जाता है और समूची ताकत तख्ता पलट के लिए एकजुट हो जाती है। ऐसा सिर्फ अभी नहीं हो रहा। राज्य बनने के बाद लगातार सरकारों को अस्थिर किया गया। यही वजह है कि नारायण दत्त तिवारी जी को छोड़कर कोई भी मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सका। मौजूदा समय में पुष्कर सिंह धामी उस सरकार के मुखिया हैं जिसे जनता के प्रचण्ड बहुमत के साथ लगातार दूसरी बार सत्ता सौंपी है। धामी नौकरी में हुई धांधली की अपने राज्य की एजेंसी एसटीएफ से जांच करवा रहे हैं। अभी तक लग रहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है। धामी भी लगातार जनता को विश्वास दिला रहे हैं कि एक भी दोषी नहीं छूटेगा। ऐसे में युवाओं और जनता समेत सत्ता पक्ष विपक्ष के सभी लोगों को उन पर भरोसा करना चाहिए। सिर्फ इस आशंका पर कि जांच में असली दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, सरकार को अस्थिर करना ठीक नहीं। खासतौर पर विपक्ष का मापदण्ड दोहरा दिखाई दे रहा है। जिस सीबीआई की निष्पक्षता पर विपक्ष हमेशा अंगुली उठाता रहा है, आज उसी से इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए हल्ला काटा जा रहा है। कुल मिलाकर राजनैतिक अस्थिरता से राज्य का भला होने वाला नहीं है। समस्या को जड़ से दूर करने में सभी को सहयोग करना होगा। सरकार की उपलब्धियों को तात्कालिक प्रभाव से खारिज नहीं किया जा सकता। अपने मुख्यमंत्री पर भरोसा रखना होगा। मुख्यमंत्री भरोसा तोड़ते हैं तो फिर जतना के पास विकल्प की कमी नहीं हैं।

(लेखक दीपक फर्सवाण एक पत्रकार है)

स्मार्ट सिटी के कार्यो को शुरु नही करने पर कंपनी को हटाया

स्मार्ट सिटी के कार्याे में लेटलतीफी पर सरकार ने कड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कार्यकारी संस्था हिंदुस्तान स्टील वर्क्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड जो नामित होने के बाद भी काम शुरू नहीं कर पाई। उसको हाई पावर कमेटी के निर्णय के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन पर हटाने का निर्णय लिया है।
इसी संदर्भ में मंगलवार को शहरी विकास व आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने सीईओ स्मार्ट सिटी/जिलाधिकारी सोनिका के साथ बैठक कर निर्देशित किया। उन्होंने शीघ्र ही पीडब्ल्यूडी विभाग से इस कार्य को प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। जिससे जनता को सुविधा मिल सके।
डॉ अग्रवाल ने सीईओ सोनिका को शहर में वर्षाकाल से क्षतिग्रस्त सड़कें/गड्ढों में पेंच वर्क करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम लोगों की परेशानी को देखते हुए इस कार्य में तेजी लाई जाये।

धाकड़ धामी की बल्लेबाजी से पहली बार जड़ तक पहुंच रही जांच

लोकराज लोकलाज से चलता है। यह संदेश दिया है सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने। धाकड़ धामी ने विधानसभा सचिवालय में भर्ती के मामले में स्पीकर ऋतु खंडूड़ी को जो दो दिन पहले पत्र लिखा। उस पत्र पर संज्ञान लेते हुए स्पीकर खंडूड़ी ने तीन सदस्यीय जांच समिति बिठा दी। समिति एक माह में अपनी रिपोर्ट देगी। इस मामले में विवादित सचिव मुकेश सिंघल को एक माह के लंबे अवकाश पर भेज दिया है।
आम जनमानस मान रहा था कि इस मामले में लीपा-पोती हो सकती है क्योंकि इसमें कई दिग्गज नेताओं के नाम सामने आ रहे थे। लेकिन अपने निर्णयों से सबको चौंकाने वाले सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने सख्त कदम उठाया और यह संदेश दिया कि मौजूदा सरकार भ्रष्टाचार को किसी भी आधार पर बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री धामी ने जनभावनाओं के अनुरूप यह कदम उठा कर लोगों का विश्वास बरकरार रखा है। उनके इस फैसले की पूरे देश में प्रशंसा हो रही है।
गौरतलब है कि मौजूदा समय में यूकेएसएसएससी पेपर लीक कांड और पूर्व में हुई भर्तियों के मामले ने तूल पकड़ा है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए एसटीएफ को जांच के आदेश दिये। पेपर लीक कांड में अब तक 32 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और जांच जारी है। सीएम धामी ने स्पष्ट कहा है कि एसटीएफ मामले की तह तक जाएगी और दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। धामी के भ्रष्टाचार पर चोट करने वाले इन दो फैसले इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि उत्तराखंड 2025 में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने दिये कठोर निर्णय लेने के संकेत

विधानसभा में बैकडोर भर्ती को लेकर मचे बवाल के बीच विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खण्डुड़ी ने अपना फैसला सुनाया। विधानसभा स्थित अपने कक्ष में उन्होंने मीडिया के सामने अपना लिखित बयान पढ़ा। जिसमें उन्होंने कहा कि उत्तराखंड विधानसभा प्रदेश का सर्वाेच्च सदन है, इसकी गरिमा को बनाए और बचाए रखना उनका दायित्व और कर्तव्य भी है। साथ ही जोर देकर कहा कि कि वो प्रदेशवासियों खासकर युवा वर्ग को यह आश्वस्त करना चाहती हैं कि सबके साथ न्याय होगा।
सदन की गरिमा को सर्वाेच्च स्थान पर रखते हुए, ऋतु ने कहा कि इसे बनाए रखने के लिए वो किसी भी कठोर निर्णय लेने से नहीं हटेंगी। विधान सभा परिसर लोकतंत्र का मंदिर है। अध्यक्ष होने के नाते उन्हें किसी भी प्रकार की अनियमितता एवं अनुशासनहीनता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, वित्त मंत्री और पूर्व स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा में हुई भर्तियों की जांच के आदेश पर कहा कि यह स्वागतयोग्य कदम है। इससे सच्चाई सामने आएगी। अग्रवाल ने कहा कि, सबसे बड़ी बात यह है कि, स्पीकर ने विधानसभा में हुई सभी भर्तियों की जांच का फैसला लिया है। इसके लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं।
वहीं, पूर्व विस अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि विस अध्यक्ष ने विस में समय समय पर हुई भर्तियों की जांच के लिए आज कमेटी का गठन किया है। मुझे यह स्वीकार्य है। कमेटी की रिपोर्ट पर विस अध्यक्ष जो भी निर्णय लेंगी, मुझे मान्य होगा। मेरे कार्यकाल में हुई सभी भर्तियों को हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने वैध ठहराया है।
गौरतलब है कि विधानसभा की चर्चित बैकडोर भर्तियों पर सीएम पुष्कर धामी की पहल पर जांच शुरू होने जा रही है। यूकेएसएसएससी की विभिन्न भर्तियों की जांच के आदेश दे चुके सीएम ने ही विस अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी से विस की भर्तियों की जांच का अनुरोध किया था। एक सितंबर को सीएम ने स्पीकर से मीडिया, सोशल मीडिया में आ रही खबरों को देखते हुए विस की समय-समय पर हुई भर्तियों की जांच कराने का अनुरोध करते हुए पत्र भेजा था। शनिवार को दिल्ली से लौटकर देहरादून आई विधानसभा अध्यक्ष ने सारे मामले का अध्ययन करने के बाद कुछ ही घंटों बाद प्रेस कांफ्रेस कर जांच के आदेश जारी कर दिए।

एमएसजी में बतौर सदस्य नामित हुए स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में गठित मिशन स्टेरिंग ग्रुप (एमएसजी) में सूबे के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत को बतौर सदस्य नामित किया गया है। जिसके आदेश केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कर दिये गये हैं। मिशन संचालन समूह देशभर में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के समग्र कार्यान्वयन एवं प्रगति की निगरानी के साथ-साथ नीति-निर्देशन का कार्य भी करेगा। मिशन स्टेरिंग ग्रुप का सदस्य नामित किये जाने पर रावत ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया का आभार व्यक्त किया।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को मिशन स्टेरिंग ग्रुप (एमएसजी) का सदस्य नामित किया गया है। एमएसजी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गठित सर्वाेच्च नीति निर्धारण एवं संचालन निकाय का दर्जा दिया गया है, जो आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी कार्यान्वयन एवं प्रगति की निगरानी कर नीति-निर्देश एवं मार्गदर्शन का काम करेगा। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में व्यापक सुधार करने वाले केरल एवं सिक्कम राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों को भी केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एमएसजी में बतौर सदस्य नामित किया है। इसके अलावा नीति आयोग के सदस्य (हेल्थ), स्वास्थ्य एवं रेखीय मंत्रालयों के मंत्रीगण, प्रमुख मंत्रालयों के सचिव सहित देशभर के प्रतिष्ठित सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों को एमएसजी में शामिल किया गया है। एमएसजी में बतौर सदस्य नामित किये जाने पर स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडविया का आभार जताते हुये उन्होंने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जिस उद्देश्य के साथ मिशन स्टेरिंग ग्रुप का गठन किया गया है, निश्चित रूप से उन उद्देश्यों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास किया जायेगा। उन्होंने बताया कि बुधवार को दिल्ली में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में एमएसजी की पहली बैठक आयोजित की गई है जिसमें वह स्वयं भी प्रतिभाग करेंगे। बैठक में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के साथ ही भविष्य का रोड़मैप तैयार करने पर विचार विमर्श किया जायेगा।
स्वास्थ्य मंत्री रावत ने कहा कि राज्य में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत लोगों के डिजीटल हेल्थ आईडी कार्ड बनाये जा रहे हैं। सूबे में अब तक 22 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ आईडी बन चुकी है। विभागीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के तहत स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों जैसे अस्पताल, क्लीनिकों और स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों का डिजिटलीकरण किया जायेगा। जिसके तहत सभी अस्पतालों एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को डिजीटल माध्यमों से जोड़ कर प्रक्रियाओं को सरल एवं ई ऑफ लिविंग में वृद्धि करेगा। डिजिटल इकोसिस्टम भी कई अन्य सुविधाओं में सक्षम बनाएगा, जिसमें टेलीकंसल्टेशन, पेपर-लेस हेल्थ रिकॉर्ड, क्यूआर कोड आधारित ओपीडी पंजीकरण आदि सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। यही नहीं डिजिटल हेल्थ आईडी बनाने के बाद मरीजों का स्वास्थ्य रिकार्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा, जिसको कभी भी कहीं भी एक्सेस किया जा सकेगा।

शैक्षिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों में होगा व्यापक सुधार-धन सिंह रावत

समर्थ ई-गवर्नेंस पोर्टल से सूबे की उच्च शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव आयेगा। इससे माध्यम से अब उच्च शिक्षा विभाग की पूरी तस्वीर बदली-बदली नजर आयेगी। समर्थ पोर्टल के शुरू होने से अब विभाग की प्रशासनिक एवं शैक्षिणक गतिविधियों की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध रहेगी। छात्र-छात्राओं को क्वालिटी एजुकेशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा में टीचर शेयरिंग फार्मेट लागू किया जायेगा। जिसके तहत देशभर के निजी एवं राजकीय विश्वविद्यालयों के मध्य अनुबंध किया जायेगा। इसके अलावा परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता लाने के लिये उच्च शिक्षा विभाग में डिजीटल मूल्यांकन शुरू करने के लिये विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने आज दून विश्वविद्यालय के सभागार में केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के समर्थ ई-गवर्नेंस पोर्टल का विधिवत शुभारम्भ किया। अब ई-पोर्टल के माध्यम से सूबे के 5 राजकीय विश्वविद्यालय एवं 119 राजकीय महाविद्याल, 21 राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय सहित उच्च शिक्षा निदेशालय के समस्त ई-गवर्नेंस कार्यों यथा शैक्षणिक प्रबंधन, वित्त एवं लेखा, प्रवेश परीक्षा, नियुक्ति प्रक्रिया, सूचना एवं कार्मिक सेवा सहित करीब 40 माड्यूल पर ऑनलाइन कार्य किया जा सकेगा।
रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा गुणावत्ता की सुधार के लिये शीघ्र ही टीचर शेयरिंग फार्मेट लागू किया जायेगा। जिसके तहत देशभर के राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के साथ अनुबंध किया जायेगा ताकि शिक्षक एक-दूसरे शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से पढ़ सकेंगे। उन्होंने बताया कि सूबे के विज्ञान विषयों के 200 असिस्टेंट प्रोफेसरों को भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलुरू में विशेष प्रशिक्षण लिये भेजा जायेगा, इसी क्रम में राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को बेहत्तर प्रबंधकीय गुरू सीखने के लिये आईआईएम काशीपुर में प्रशिक्षण दिया जायेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य में एनईपी-2020 इसी सत्र से लागू की जायेगी जिसका शुभारम्भ सितम्बर माह केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के कर कमलों द्वारा किया जायेगा। सूबे के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को नैक ग्रेडिंग के लिये तैयारी करनी होगी ताकि शिक्षण संस्थानों के बीच गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिये प्रतिस्पर्धा बनी रहे। कार्यक्रम में समर्थ ई-पोर्टल की ओर से शरद मिश्रा एवं साहिल दत्त के द्वारा पोर्टल से जुड़ी विभिन्न जानकारियों का प्रस्तुतिकरण दिया गया। कार्यक्रम को संबंधित करते हुये दून विवि की कुलपति प्रो सुरेखा डंगवाल ने कहा कि समर्थ पोर्टल का शुभारम्भ उच्च शिक्षा के संकल्प को एक नया आयाम देने में सफल होगा तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायक साबित होगा।
इस अवसर पर सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो सुरेखा डंगवाल, निदेशक उच्च शिक्षा प्रो संदीप शर्मा, सलाहकार रूसा प्रो एमएसएम रावत, प्रो केडी पुरोहित, अपर सचिव प्रशांत आर्य, संयुक्त निदेशक प्रो एएस उनियाल, कुलसचिव डॉ एसएस मद्रवाल, उप निदेशक डॉ ममता ड्यूडी नैथानी, समर्थ के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ चमन कुमार, विनय देव लाल, को-प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ अमित पुण्डीर, शरद मिश्रा, साहिल दत्त सहित उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

मोदी ने देश और दुनिया में भारत का मान बढ़ाया-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राज्य अतिथि गृह नैनीताल में आयोजित मोदी@2 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात मॉडल देश विदेश में प्रसिद्ध रहा है। सिंगल विंडो सिस्टम, कार्यों का सरलीकरण, जनता एवं सरकार के मध्य संवाद को आसान करना जैसे महत्वपूर्ण कार्य उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में रहकर किये। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश और देशवासियों में आशा, विश्वास और नई ऊर्जा का संचार हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सैन्य बाहुल्य प्रदेश है, वे स्वयं एक सैनिक परिवार से हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री के प्रयासों से सेना ना केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है बल्कि उसकी यश और कीर्ति भी बढ़ रही है। हमारी सेना ने दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब दिया। मोदी ने स्वयं सियाचिन में जाकर जवानों का उत्साह बढाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेना के आधुनिकीकरण पर बल दिया जा रहा है, प्रधानमंत्री निरंतर सैनिकों के साहस और मनोबल को बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्ति बनने के साथ ही दुनिया का नेतृत्व करने वाला देश बना है। कोरोना काल में जब दुनिया भारत को जिम्मेदारी मान रही थी, उसे नुकसान होने की बात कर रही थी तब एक साल के अन्दर दो-दो वैक्सीन तैयार कर 200 करोड़ से अधिक डोज लगाई गई। कोई भूखा न सोये इसके लिये निःशुल्क खाद्यान्न की व्यवस्था की गई। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में कोविड काल में देश को सुरक्षित बनाने के साथ दुनिया के देशों को वैक्सीन भी उपलब्ध करायी यह हमारी संस्कृति की महानता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में कनेक्टिविटी में बहुत तेजी से काम हुआ है। पहाड़ के लिये सफर काफी सुविधाजनक हुआ है। प्रधानमंत्री के निर्देशन में राज्य सरकार अनेकों महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण का काम तेजी से हुआ है। इसी प्रकार बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर भी काम शुरू हो गया है। कुमायूं क्षेत्र में पौराणिक मंदिरों के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन पर काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में नई कार्य संस्कृति आई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से कर्म एवं मन का रिश्ता है। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाबा केदार और भगवान श्री बदरी विशाल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दीर्घायु की कामना की।