मुख्यमंत्री के निर्देश पर अंकिता के परिजनों को 25 लाख की आर्थिक सहायता जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दिवंगत अंकिता भण्डारी के परिजनों को 25 लाख रूपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अधिकारियों को इसके लिये निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंकिता के परिवार के साथ है और उनकी हर प्रकार से सहायता करेगी। मामले की एसआईटी जांच की जा रही है। पूर्ण निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द जांच पूरी की जाएगी। मामले से संबंधित हर तथ्य को जुटाते हुए पुख्ता तरीके से रिपोर्ट तैयार कर अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। अपराधियों को ऐसी सजा दिलाई जाएगी जो आगे के लिए भी नजीर बने। पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय मिल सके, इसके लिये फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के लिए न्यायालय से अनुरोध किया गया है।

स्वच्छ भारत मिशन-2 में उत्तराखंड के 5 शहरों को सम्मानित करेंगेी राष्ट्रपति

स्वच्छ भारत मिशन 2.0 में उत्तराखंड के 5 शहरों (हरिद्वार, लंढोर कैंट, डोईवाला, नरेंद्रनगर और रामनगर) का चयन स्वच्छ भारत मिशन में होने पर शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री सहित चयनित निकायों को बधाई दी है। साथ ही 100 से कम निकाय वाले राज्यों में उत्तराखंड का स्थान टॉप 3 में आने पर मुख्यमंत्री और जनता को बधाई दी है।
मंगलवार को शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड के चार निकाय जिनमें लंढोर कैंट, डोईवाला, नरेंद्रनगर और रामनगर शामिल हैं, का चयन स्वच्छ भारत मिशन में किया गया है।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत चयनित 4 शहरों का आकलन ओडीएफ, गार्बेज फ सिटी स्टार रेटिंग, साल भर में किए गए डॉक्यूमेंटेशन, स्वच्छता विशेषज्ञों के आकलन व नागरिकों की प्रतिक्रिया के आधार पर किया गया है।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि नगर निगम हरिद्वार निकाय का चयन देशभर के करीब 62 गंगा नदी के समीपवर्ती निकायों की सूची में प्रथम स्थान पर किया गया है। बताया कि पूर्व में बनारस को प्रथम स्थान मिला था।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में देशभर के लगभग अट्ठारह और कुछ केंद्र शासित प्रदेश जिनमें 100 से कम निकायों की संख्या है, उनमें उत्तराखंड ने टॉप 3 में जगह बनाई है।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि कड़े मुकाबले के बीच उत्तराखंड के पांच निकाय अपना स्थान बनाने में सफल रहे हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और चयनित निकायों सहित जनता को बधाई दी है।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि इन निकायों को आगामी एक अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कृत करेंगी।

उत्तराखंड को पर्यटन पुरस्कार मिलने पर सीएम ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नई दिल्ली में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर उत्तराखंड को बेस्ट एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन एवार्ड तथा पर्यटन के सर्वांगीण विकास के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किये जाने पर प्रदेशवासियों को शुभकामना दी है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा देने वाला बताते हुए कहा कि इससे उत्तराखंड के नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य एवं पर्यटन क्षेत्रों को देश व दुनिया में पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राज्य के पर्यटन को यह एक सौगात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का नैसर्गिक प्राकृतिक सौन्दर्य पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। साहसिक पर्यटन के दृष्टिगत माउंटेनियरिंग, रिवर राफ्टिंग, ट्रैकिंग, कैम्पिंग, पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाईकिंग आदि गतिविधियों का भी राज्य में काफी विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारधाम कॉरिडोर की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र में मानस खंड कॉरिडोर बनाने के लिये भी प्रयासरत है। इससे जहां एक ओर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर पूरे कुमाऊं के आधारभूत ढ़ांचे को भी मजबूती मिलेगी।

पर्यटन के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश को मिला प्रथम पुरस्कार

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर उत्तराखंड राज्य को पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा बेस्ट एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन और पर्यटन के सर्वांगीण विकास के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है। प्रदेश के पर्यटन व संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ से यह पुरस्कार प्राप्त किया। इस अवसर पर सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे भी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड को ये पुरस्कार मिलने पर पर्यटन मंत्री महाराज ने समस्त प्रदेशवासियों और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को बधाई दी। महाराज ने कहा कि यह सम्मान उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य देश-विदेश के सैलानियों को प्रदेश में आने का निमंत्रण देता है जहां पर्यटन की सभी श्रेणियों में हर प्रकार की सुविधाएं और अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को ही मसूरी में हेलीकॉप्टर के माध्यम से हिमालय दर्शन की सेवा का भी शुभारंभ किया गया है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा पर्यटन विभाग उत्तराखंड में पर्यटकों को आकर्षित करने वाली कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को मिले दोनों पुरस्कार यह सिद्ध करते हैं कि प्रदेश को लेकर पर्यटकों के बीच लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। श्री महाराज ने कहा कि हिमालय दर्शन सेवा शुरू होने से प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोत्तरी होगी। पर्यटक जॉर्ज एवरेस्ट से हेलीकॉप्टर के माध्यम से हिमालय की ऊंची-ऊंची चोटियों और उत्तराखंड के अलौकिक नैसर्गिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे।

पर्यटन के क्षेत्र में राज्य में उठाये गये नए कदमों की जानकारी देते हुए सतपाल महाराज ने कहा कि पर्यटकों की बढ़ती हुई रूचि को देखते हुए पर्यटन विभाग ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर एक बहुत ही आकर्षक फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कॉन्टेस्ट का भी शुभारंभ किया है। इसके अंतर्गत पांच विभिन्न श्रेणियों में फोटो एवं वीडियो ऑनलाइन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इस कॉन्टेस्ट के माध्यम से पर्यटन प्रेमियों को 25 लाख रुपए से भी अधिक के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

महाराज ने बताया उत्तराखंड पर्यटन द्वारा देशभर के ट्रैवल इनफ्लुएंसर के लिए भी एक आकर्षक योजना लांच की गई है जिसके अंतर्गत अंग्रेजी ही नहीं अपितु क्षेत्रीय भाषाओं में वीडियो बनाने वाले ट्रैवल इनफ्लुएंसर का इंपैनलमेंट पर्यटन विभाग में किया जाएगा। इसके पश्चात उन्हें उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर परिचयात्मक भ्रमण अर्थात फैमिलियराइजेशन टूर आयोजित करवाए जाएंगे, जो उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रायोजित होंगे। श्री महाराज ने कहा कि हमारी योजना है कि ट्रैवल और टूरिज्म क्षेत्र के इनफ्लुएंसर्स के माध्यम से उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, यहां की लोक कलाएं, यहां की ग्रामीण संस्कृति, यहां की एडवेंचरस भू-पारिस्थितिकी, होमस्टे, अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव और पौष्टिक व्यंजन देश के कोने-कोने तक पहुंचें।

पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा, प्रदेश में शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए इस बार कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें अक्टूबर 2022 से जनवरी 2023 तक होने वाला ट्रैक ऑफ द ईयर-पिंडारी ग्लेशियर और बागची बुग्याल, मसूरी व नैनीताल में दिसंबर 2022 में आयोजित होने वाला विंटर लाइन कार्निवाल, दिसंबर 2022 से जनवरी 2023 तक चंपावत में राफ्टिंग चौंपियनशिप, फरवरी 2023 में औली में आयोजित होने वाली नेशनल स्कीइंग चौंपियनशिप और मार्च 2023 में ऋषिकेश में होने वाला अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव जैसे आयोजन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने की केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री से भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी से भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री से ‘‘मिनी प्रसाद योजना’’ एवं ‘‘स्वदेश दर्शन 2.0’’ के अन्तर्गत विभिन्न प्रस्तावों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने मिनी प्रसाद योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में 7 प्रस्तावों एवं ‘‘स्वदेश दर्शन 2.0’’ के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ़ के आदि कैलाश, गुंजी, दत्तु तथा मुनस्यारी, जनपद चम्पावत के अन्तर्गत चम्पावत तथा चुखा, जनपद उत्तरकाशी के जादौंग, जनपद पौड़ी गढ़वाल में कण्वआश्रम की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य पर्यटन प्रदेश के रूप में विकसित किये जाने हेतु राज्य सरकार प्रयत्नशील है। उन्होंने कहा कि मिनी प्रसाद योजना के अन्तर्गत जनपद अल्मोडा दूनागिरी (लागत 3.35 करोड़), जनपद चम्पावत गोरखनाथ मन्दिर (लागत 2.15 करोड़), जनपद पिथौरागढ़ श्री 1008 बालेश्वर महादेव प्राचीन शिव मन्दिर समूह थल (लागत 2.00 करोड़), जनपद पिथौरागढ पाताल भुवनेश्वर मन्दिर गंगोलीहाट (लागत 1.20 करोड़), जनपद चम्पावत बालेश्वर मन्दिर (लागत 1.41 करोड़), जनपद नैनीताल कैंचीधाम (लागत 4.98 करोड़), जनपद चमोली टिमरसैंण (लागत 4.10 करोड़) का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है। स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अन्तर्गत जनपद पिथौरागढ के आदि कैलाश, गुजी, दत्तु तथा मुनस्यारी जनपद चम्पावत के अन्तर्गत चम्पावत तथा चुखा, जनपद उत्तरकाशी के जादौंग जनपद पौडी गढवाल में कण्वआश्रम के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति होनी है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री से उक्त प्रस्तावों की स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम तथा सचिन कुर्वे भी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने पुनर्निर्माण कार्याे का निरीक्षण किया

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ धाम में यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही मास्टर प्लान के तहत संचालित पुनर्निर्माण कार्याे का निरीक्षण किया।
हेमकुंड साहिब में इमरजेंसी रेस्क्यू कार्याे के लिए नव निर्मित हैलीपेड, ट्रैक रेलिंग, सुलभ शौचालय व अन्य निर्माण कार्याे का निरीक्षण करने के साथ मुख्य सचिव ने हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा पहुंचकर गुरु दरवार में मत्था टेका।
इसके बाद मुख्य सचिव हेलीकॉप्टर से बद्रीनाथ पहुंचे और यहां पर मास्टर प्लान के अन्तर्गत संचालित पहले चरण के पुनर्निर्माण कार्याे का जायजा लेते हुए निर्माण कार्याे में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मुख्य सचिव को बद्रीनाथ में निर्माण कार्याे की प्रगति से अवगत कराया। इस दौरान मुख्य सचिव ने भगवान बद्रीनाथ के दर्शन करने के साथ ही बद्रीनाथ से मूसा पानी ताक बॉर्डर डेवलपमेंट प्लान के अन्तर्गत सड़क मार्ग का निरीक्षण भी किया।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता राजेश शर्मा, एसडीएम कुमकुम जोशी, गावर कन्स्ट्रक्शन लि. के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीएल सोनी, ईओ सुनील पुरोहित सहित निर्माणदायी एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।

सेवा पखवाड़ा के तहत निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित, मुख्य सेवक सदन में सेवा पखवाड़ा 2022 के तहत ‘स्वच्छता गौरव सम्मान’ कार्यक्रम में स्वच्छता दूतों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों एवं स्वच्छता पर आयोजित निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को भी सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के ’स्वच्छता दूतों’ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनकी संकल्पशक्ति और प्रयासों ने राज्य में स्वच्छता का एक नया अध्याय लिखा है। यह प्रत्येक उत्तराखंडवासी के लिए गर्व का विषय है कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में हमारे शहरी क्षेत्र के चार निकायों को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा 1 अक्टूबर को सम्मानित किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत भी उत्तराखंड राज्य ने छह विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार जीते हैं। उन्होंने इसके लिए सभी स्वच्छता दूतों, शहरी विकास विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे स्वच्छता दूत ही स्वच्छता अभियान की धुरी हैं। भारतीय संस्कृति और दर्शन में स्वच्छता हमेशा से सर्वाेच्च प्राथमिकता रही है। ये हमारे मूल्यों और संस्कारों का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि अपनी गौरवशाली परंपराओं का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वच्छता का एक ऐसा महा-अभियान चलाया जा रहा है जिसकी सफलता की चर्चा पूरे विश्व में हो रही है। जब सरकार के प्रयासों में जन-भागीदारी जुड़ती है, तो उन प्रयासों की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। स्वच्छता को लेकर समाज में बड़ी जागरूकता ही वो मूलमंत्र है जिसने स्वच्छता अभियान की सफलता सुनिश्चित की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड आस्था का प्रमुख केन्द्र होने के साथ ही पर्यटन प्रदेश भी है। ऊर्जा एवं पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड में अपार संभावनाएं हैं। वैश्विक पर्यटन के नक़्शे पर आज उत्तराखंड ने एक नया स्थान अर्जित किया है। स्वच्छता और पर्यटन का आपस में गहरा रिश्ता है और जहां स्वच्छता होती है वहां पर्यटन में भी वृद्धि निश्चित होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत एक ऐसे वर्ग के उत्थान का भगीरथ कार्य किया है, जिस पर आजादी के बाद से कभी ध्यान ही नहीं दिया गया। आज हमारे अनेकों रेहड़ी-पटरी वाले, ठेला चलाने वाले, स्ट्रीट वेंडर्स इस योजना का लाभ उठा कर न केवल अपने जीवन को सबल बना रहे हैं बल्कि अपने बच्चों के भविष्य को भी उज्ज्वल कर रहे हैं। राज्य में पीएम स्वनिधि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्रों तक पहुंचा कर उनका सशक्तिकरण करने की दिशा में राज्य सरकार प्रयासरत है।
शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सभी ग्राम प्रधानों ने भी अपने क्षेत्र में स्वच्छता से संबंधित उत्कृष्ट कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की, जिसके अंतर्गत उन्होंने स्वयं झाड़ू लगाकर संपूर्ण देश को स्वच्छता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत सेवा पखवाड़ा के रूप में विभिन्न जगहों पर स्वच्छता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। पर्यावरण मित्रों ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किए हैं। साथ ही उनके द्वारा कोरोना काल में किए गए समाज सेवा, एवं मानवता कार्य भुला पाना नामुमकिन है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना काल में पी०एम० स्वनिधि के माध्यम से कई परिवारों के भरण पोषण का कार्य किया।
कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आज जिस तेजी से शहरों में जनसंख्या बढ़ रही है उसके अनुसार स्वच्छता को बनाये रखना एक अहम चुनौती है, फिर भी हमारे स्वच्छता दूत रात दिन एक कर शहरों को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान दे रहे है। आज स्वच्छता दूतों व पी.एम.स्वनिधि के लाभार्थियों के बच्चों को पुरस्कार वितरण किया जा रहा है, यह इनके मनोबल बढ़ाने में कारगर साबित होगा।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक दुर्गेश लाल, सचिव शहरी विकास दीपेन्द्र चौधरी, अपर सचिव ईवा आशीष श्रीवास्तव, निदेशक पंचायतीराज बंशीधर तिवारी, निदेशक शहरी विकास नवनीत पाण्डेय एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने उत्तराखंड को दिया आयुष्मान उत्कृष्टता सम्मान-2022

आयुष्मान योजना के बेहतर संचालन के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से उत्तराखंड को आयुष्मान उत्कृष्टता पुरस्कार-2022 से नवाजा गया। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) की चौथी वर्षगांठ पर दिल्ली में आयोजित आरोग्य मंथन-4 कार्यक्रम के अवसर पर केंद्रीय मंत्रालय की ओर से यह पुरस्कार दिया गया।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा उत्तराखंड में संचालित आयुष्मान योजना ने गत 4 वर्षों में कई उपलब्धियों को हासिल किया है। प्रदेश में अभी तक 48.50 लाख से अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं। सभी पात्र परिवार के शत- प्रतिशत कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके अलावा 5.70 लाख से अधिक बार मरीजों ने निशुल्क उपचार सुविधा का लाभ उठाया है। अस्पतालों के समय से पेमेंट भुगतान को लेकर भी उत्तराखंड देश में अव्वल रहा है। अब तक प्रदेश सरकार के आयुष्मान योजना की निशुल्क उपचार सुविधा पर ₹989 करोड़ से अधिक खर्च हुए हैं। इसके अलावा योजना का दुरुपयोग ना हो उसके लिए भी राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से ठोस कदम उठाए गए हैं।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य क्लेम एक्सचेंज सहित कई योजनाएं की लांच

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के चार वर्ष तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में दो दिवसीय आरोग्य मंथन-2022 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 मनसुख मंडाविया ने स्वास्थ्य क्लेम एक्सचेंज, नेशनल ई-रुपी पोर्टल सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने भी प्रतिभाग किया।
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के चार वर्ष तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के एक वर्ष पूर्ण पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दिल्ली के एक निजी होटल में आरोग्य मंथन-2022 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें उन्हें विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया गया था। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य डॉ मनसुख मंडाविया द्वारा आयुष्मान भारत योजना एवं आयुष्मान डिजिटल योजनाओं की समीक्षा की गई तथा स्वास्थ्य क्षेत्र की बेहतरी के लिए स्वास्थ्य क्लेम एक्सचेंज, नेशनल ई-रुपी पोर्टल सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आये स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों एवं विशेष आमंत्रित सदस्यों से सुझाव मांगे गये। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ रावत ने उत्तराखंड में दोनों योजनाओं के संचालन को लेकर संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिसमें उन्होंने बताया कि राज्य में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लगभग 50 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं, जिसके अंतर्गत करीब 5.50 लाख लोगों ने निःशुल्क उपचार का लाभ प्राप्त किया है। इसी प्रकार एडीबीएम के अंतर्गत अबतक प्रदेश में लगभग 28 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ आईडी बन चुकी है। उन्होंने बताया कि विगत 7 सितम्बर से प्रदेश में जन आरोग्य अभियान के तहत लोगों की निःशुल्क जांच की जा रही है। जिसके अंतर्गत अभी तक लगभग 1.50 लाख लोगों की जांच की जा चुकी है। जिसमें उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, ओरल कैंसर, स्तन कैंसर, नेत्र परीक्षण, टीबी स्क्रीनिंग आदि प्रमुख बीमारियों की जांच की जा रही है। डॉ रावत ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को भरोसा दिलाया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा भविष्य के लिये लांच सभी योजनाओं को उत्तराखंड में योजनाबद्ध तरीके से लागू किया जायेगा ताकि प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं का बेहत्तर लाभ मिल सके।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री की अध्यक्षता में हुई किशाऊ बांध बहुउद्देशीय परियोजना बैठक, सीएम भी हुए शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में किशाऊ बांध बहुद्देशीय परियोजना पर आयोजित बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वर्चुअल प्रतिभाग किया।

बैठक में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने परियोजना के संबंध में अपने-अपने राज्य का पक्ष रखा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि परियोजना डीपीआर की लागत बढ़ने की दशा में विद्युत घटक लागत को स्थिर रखा जाए अथवा बढ़ी हुई विद्युत घटक लागत को अन्य चार लाभार्थी राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली द्वारा वहन किया जाए। ताकि राज्य के उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राष्ट्रीय परियोजना, उत्तराखण्ड के विकास हेतु मील का पत्थर साबित होगी क्योंकि परियोजना विकास की अवधि में स्थानीय निवासियों व ग्रामीणों को आय वृद्धि के विभिन्न संसाधन यथा स्थाई व अस्थाई रोजगार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध होंगे। क्षेत्र के विकास व जनकल्याण हेतु समय- समय पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से क्षेत्र विशेष हेतु लाभप्रद योजनाएं विकसित की जाएगी, जिससे पलायन की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण किया जा सकेगा।

केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि आज की बैठक में उठाए गए बिंदुओ पर विचार विमर्श कर जल्द ही अगली बैठक आयोजित की जाएगी।

गौरतलब है कि किशाऊ बहुउद्देशीय बाँध परियोजना के क्रियान्वयन का कार्य उत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त उपक्रम किशाऊ कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। इस परियोजना को फरवरी 2008 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है। किशाऊ बाँध परियोजना एशिया का दूसरी सबसे बड़ी बाँध परियोजना होगी। जिसे इसकी ऊंचाई 236 मीटर एवं लम्बाई 680 मीटर होगी। किशाऊ परियोजना उत्तराखण्ड राज्य के जनपद देहरादून एवं हिमाचल प्रदेश के जनपद सिरमौर में टोंस नदी पर प्रस्तावित है, इसमें 1324 एम0सीए०एम० जीवत भण्डारण द्वारा 97076 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई, 617 एम०सी०एम० पेयजल एवं औद्योगिक उपयोग हेतु जल प्राप्त होगा, जिससे तीन राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान की सिंचाई आवश्यकता तथा दिल्ली की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति की जा सकेगी, साथ ही साथ 660 मेगावाट जल विद्युत उत्पादन होगा, जिससे 1379 एम०यू० हरित विद्युत ऊर्जा प्राप्त होगी जो कि उत्तराखण्ड व हिमाचल प्रदेश को बराबर-बराबर प्राप्त होगी।

केन्द्रीय जल आयोग द्वारा परियोजना की कुल लागत मार्च, 2018 के मूल्य स्तर के अनुसार रू० 11550 करोड़, जिसमें जल घटक की लागत रु. 10013.96 करोड़ एवं विद्युत घटक की लागत रु. 1536.04 करोड़ आंकी गई है। वर्तमान में परियोजना की डीपीआर का कार्य प्रगति पर है, जिसमें परियोजना की लागत बढ़ने का अनुमान है।
राष्ट्रीय परियोजना होने के दृष्टिगत परियोजना के क्रियान्वयन हेतु जल घटक लागत (सिंचाई एवं पीने का पानी) का 90 प्रतिशत वित्तीय पोषण भारत सरकार द्वारा एवं 10 प्रतिशत वित्तीय पोषण लाभार्थी राज्यों द्वारा वहन किया जाएगा तथा विद्युत घटक लागत को उत्तराखण्ड व हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा संयुक्त रूप से बराबर-बराबर वहन किया जाना है।

बैठक में उत्तराखण्ड से सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, हरि चंद्र सेमवाल व जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारी उपस्थित थे।