सीएम ने की केन्द्रीय निर्माण कार्यो में लोनिवि को एजेंसी बनाने की मांग

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित संसद भवन कक्ष में केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर राज्य की विकास योजनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में अधिसूचित किये जाने के लिए अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास व कनेक्टिविटी में काफी काम हुआ है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग को एनएच-109के के ज्यामित्तीय सुधार एवं चौड़ीकरण के कार्य के लिये उत्तराखण्ड, लोनिवि को निर्माण एजेंसी नामित किये जाने के साथ ही मसूरी में 2 लेन टनल परियोजना के कार्य हेतु लोनिवि को कार्यदायी संस्था बनाये रखने के सम्बन्ध में आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से एनएच-9 के अन्तर्गत पिथौरागढ़-अस्कोट मोटर मार्ग (किमी0 2.81 से किमी0 50.00) हेतु बीआरओ द्वारा प्रस्तुत डीपीआर की स्वीकृति, सितारगंज-टनकपुर मोटर मार्ग को 4 लेन में निर्मित किये जाने और एनएच-731के के अन्तर्गत मझौला-खटीमा (13 किमी0) मोटर मार्ग को 4 लेन में परिवर्तित किये जाने के सम्बन्ध में भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिये “विकल्प रहित संकल्प“ का मंत्र लेकर निरन्तर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के विकास में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 21 वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक होने के सपने को साकार करने हेतु उत्तराखण्ड @ 2025 एवं @ 2030 का दृष्टिपत्र तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विजन प्लान के अन्तर्गत राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत वृद्धि दर के माध्यम से आगामी 05 वर्षो में दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन में राज्य में किये गये विकास कार्यों व आगे के विजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उत्तराखण्ड राज्य के विजन प्लान को साकार करने हेतु इस वित्तीय वर्ष में पूंजीगत व्यय को विगत वर्ष के बजट के सापेक्ष 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत कर दिया गया है। इस वृद्धि के परिणाम स्वरूप राज्य ने भारत सरकार द्वारा अपेक्षित पूंजीगत व्यय को राज्य की राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4 प्रतिशत करने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। इसी श्रृंखला में राज्य की आर्थिक गति को शक्ति देने हेतु आगामी 05 वर्षों में बाह्य सहायता के माध्यम से लगभग रू0 25000 करोड़ की आधारभूत संरचनायें विकसित की जायेंगी।
विभागों के मध्य बेहतर सामंजस्य सुनिश्चित करने एवं पूंजीगत परियोजनाओं के सटीक नियोजन हेतु “पी०एम० गति शक्ति योजना“ की तर्ज पर राज्य गति शक्ति मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। राज्य द्वारा इस महत्वाकांक्षी योजना को अगले 6 माह में पूर्ण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
थ्रस्ट सेक्टर्स जैसे (पर्यटन, परिवहन, सेवा क्षेत्र, कृषि एवं उद्यान, फार्मा) आदि के माध्यम से विजन प्लान के महत्वाकांक्षी आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त किया जायेगा । प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग व टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण के लिये सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से उद्योगों को विभिन्न विभागों की अनुमतियां तेज गति से दी जा रही है।
भारत सरकार द्वारा राज्य को इज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में एचीवर्स की श्रेणी में चयनित किया गया है।
राज्य में रोजगार उन्मुखी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री नैनो योजना के माध्यम से अब तक रू0 600 करोड़ से अधिक का निजी निवेश आकर्षित कर एक लाख से अधिक नवीन रोजगार के अवसर सृजित किये गये हैं। उत्तराखण्ड राज्य प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत देश के अग्रणी राज्यों में निरन्तर सम्मिलित है। इसी क्रम में एक जिला- एक उत्पाद, महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना, स्टार्ट-अप पॉलिसी जैसी योजनाओं के सृजन एवं कुशल प्रबन्धन से उत्तराखण्ड राज्य देश के अग्रणी राज्यों में सम्मिलित है। देश के कुल स्टार्टअप का 10 प्रतिशत भाग यहां स्थित है।
राज्य में पर्यटन की अपार सम्भावनाओं को देखते हुए राज्य द्वारा भारत सरकार के सहयोग से पर्वतमाला रोप-वे श्रृंखला एवं टनल पार्किंग सुदृढ़ कर होम स्टे के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। चारधाम की तर्ज पर कुमाऊँ मण्डल में मानस खण्ड मन्दिर माला एवं 13- जनपद 13- गन्तव्य जैसी नवीन योजनाओं के माध्यम से उत्तराखण्ड को देश का शीर्ष पर्यटन केन्द्र बनाने के सशक्त प्रयास किये जा रहे हैं।
मानसखण्ड मंदिर माला के तहत कुमाऊं के प्रमुख मंदिरों को बेहतर सड़कों से कनेक्ट किया जाएगा। गढ़वाल और कुमाऊं के बीच रोड कनेक्टिविटी भी सुधारी जाएगी। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों से तत्काल उनके जनपदों के प्रमुख मंदिरों और पर्यटन स्थलों की रिपोर्ट मांगी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद विगत वर्ष में निर्यात पर फोकस कर लगभग रू0 17000 करोड़ का निर्यात किया है जिसमें फार्मा सेक्टर का विशेष योगदान है। राज्य द्वारा रूस- यूक्रेन युद्ध के दौरान यूरोप को उत्तराखण्ड के परम्परागत खाद्यान्न जैसे मडुवा, झिंगोरा का निर्यात किया गया। निर्यात को बढ़ावा देने हेतु एक जिला एक उत्पाद योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु उत्पाद का चयन कर जिला स्तरीय एक्सपोर्ट प्लान तैयार कर लिया गया है।
प्रधानमंत्री की प्रेरणा से “अमृत सरोवर’ योजना के द्वारा जल प्रबंधन एवं मत्स्य उत्पादन में राज्य निरन्तर प्रगति कर रहा है। अमृत सरोवर योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 13 जनपदों में 1240 अमृत सरोवर बनाने का निश्चय किया गया है। जिनमें से 939 अमृत सरोवरों में कार्य प्रारम्भ हो गया 2022 तक 375 अमृत सरोवरों में कार्य पूर्ण हो जाएगा।
रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर और ग्रोथ सेंटरों के माध्यम से 106 कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए जाएंगे। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता बढ़ाकर लगभग तीस हजार से अधिक किसानों एवं शिल्पकारों (श्री केदारनाथ एवं श्री बदरीनाथ शिल्प केन्द्र) की आय में वृद्धि की जा रही है।
प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में राज्य द्वारा पीएम किसान निधि, सॉयल हेल्थ कार्ड एवं आयुष्मान भारत योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में राज्य द्वारा पीएम आवास योजना ग्रामीण, जलजीवन मिशन, पीएमजीएसवाई और स्वामित्व योजना में समस्त लाभार्थियों एवं लक्ष्य को प्राप्त किया जायेगा । शेष सभी फ्लैगशिप योजनाओं को सितम्बर- 2024 तक प्राप्त करने हेतु मासिक लक्ष्य निर्धारित कर प्रभावी निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वात्सल्य योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ऐसे बच्चों के संरक्षण का दायित्व लेती है, जिनके अभिभावकों का निधन कोरोना के कारण हुआ है।
उत्तराखण्ड राज्य आयुष्मान योजना में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। अब तक राज्य में 47 लाख कार्ड बनाये जा चुके हैं जो राष्ट्रीय औसत का 2.5 गुना है। शत प्रतिशत पात्र परिवारों के कम से कम एक सदस्य का कार्ड बनाया जा चुका है। उत्तराखण्ड में एक राष्ट्र- एक राशन कार्ड योजनान्तर्गत आतिथि 58000 परिवारों को राशन उपलब्ध कराया गया हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा के बाद उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जहां समान नागरिक आचार संहिता को लागू करने के उद्देश्य हेतु तीव्र गति से कार्य किया है। इस विषय पर राज्य सरकार द्वारा 27 मई 2022 को पांच सदस्यों की कमेटी का गठन किया जा चुका है। कमेटी अभी तक दो बैठकें कर चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विभिन्न योजनाओं के सफल संचालन एवं प्रोजेक्टों को निर्धारित समय पर पूर्ण करने तथा नियमित अनुश्रवण हेतु प्रत्येक विभाग का वार्षिक कार्य कैलेंडर तैयार किया गया है जिसकी समीक्षा उच्च स्तर पर प्रतिमाह की जा रही है।
राज्य द्वारा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अन्तर्गत 4457 आंगनबाड़ी केन्द्र जो प्राथमिक विद्यालय परिसर में ही स्थापित थे उनमें माह जुलाई 2022 में बाल वाटिका की स्थापना की जा चुकी है।
राज्य द्वारा प्रौद्योगिकी का उपयोग कर जीएसटी संग्रहण में वृद्धि के प्रयास किये जा रहे हैं।
इसी परिप्रेक्ष्य में टैक्स चोरी को रोकने हेतु एवं ई-वे बिल प्रणाली को प्रभावी बनाये जाने हेतु आटोमेटेड नम्बर प्लेट रिकॉगनेशन सिस्टम के माध्यम से वीडियो एनालिटिक्स एवं इमेज प्रोसेसिंग की कार्य योजना गतिमान है। राज्य के जी०एस०टी० की गहन मॉनिटरिंग हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जा रहा है।
राष्ट्रीय ड्रोन नीति के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य में ड्रोन रिसर्च सेंटर की स्थापना की जा चुकी है।
प्रदेश के प्रत्येक जनपद में ड्रोन प्रशिक्षण स्कूल की स्थापना का कार्य गतिमान है। राज्य द्वारा ड्रोन का इस्तेमाल आपदा प्रबन्धन में “नभनेत्र“ प्लेटफार्म के माध्यम से किया जा रहा है। प्राइवेट इन्वेस्टर द्वारा रुड़की में देश की सबसे बड़ी ड्रोन फैक्ट्री स्थापित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य द्वारा ट्रांसपेरेंट फंड फ्लो सुनिश्चित करने हेतु डीबीटी का उपयोग 215 लाभार्थीपरक योजनाओं में किया जा रहा है।
उत्तराखण्ड देश के प्रथम तीन राज्यों में है, जहाँ मनरेगा के सभी लाभार्थियों के बैंक अकाउंट आधार सीडेड हैं।
राज्य में सरकारी खरीद को पारदर्शी बनाने हेतु जेम पोर्टल को जरूरी कर दिया गया है।
उत्तराखण्ड राज्य की सीमायें संवेदनशील हैं। ऐसे में राज्य के सीमान्त जनपदों में एनसीसी का विस्तार योजनाबद्ध तरीके से कर राज्य की 35951 नियमित सीटों के अतिरिक्त 4007 सीटें उपलब्ध करायी गयी। उत्तरकाशी एवं चमोली जैसे सीमान्त जनपदों में पूर्व से स्थापित एनसीसी कम्पनी को अपग्रेड कर बटालियन की स्थापना की गयी। राज्यपाल महोदय द्वारा भी सीमान्त जनपदों के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्र जैसे गुंजी, धारचूला आदि का भ्रमण कर अग्रिम चौकियों में तैनात सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बलों के साथ सीधा संवाद किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कि इस बार करीब 28 लाख लोगों ने चारधाम यात्रा में प्रतिभाग लिया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन व निर्देशन में केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का पुर्ननिर्माण व सौंदर्यीकरण के लिए देवभूमि की सवा करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद दिया।

मेधावी छात्रों के घर पहुंचकर कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने दी शुभकामनाएं

सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 99.6 प्रतिशत अंक हासिल कर देहरादून रिजन में टॉपर और पूरे देश में तीसरे नंबर पर रहे छात्र अभिनव उनियाल को कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बधाई दी है। डॉ अग्रवाल ने मेधावी अभिनव को सम्मानित भी किया।
शनिवार को मंत्री डॉ अग्रवाल ने मेधावी अभिनव के गुमानीवाला स्थित निवास स्थान पर पुष्प गुच्छ, शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह भेंटकर मुँह मीठा कराया। उन्होंने कहा कि अभिनव ने पूरे प्रदेश, क्षेत्र और स्कूल का मान बढ़ाया है, अभिनव के प्रदर्शन से आज ऋषिकेश अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। कहा कि अभिनव से अन्य छात्रों को आगे बढ़ने में प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अभिनव ने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर और मोबाइल का सदुपयोग कर एक मिसाल भी कायम की है। डॉ अग्रवाल ने कहा कि कठिन परिश्रम सफलता की कुंजी हैं। इसके लिए कोई शॉटकट रास्ता नहीं है। कहा कि छात्रों का परिश्रम ही उन्हें सफलता का मार्ग प्रशस्त कराता है। उन्होंने अगले वर्ष बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए सन्देश दिया। कहा कि अभी से पूरी तन्मयता के साथ पढ़ाई में जुट जाए। प्रतिदिन हर विषय को समय दें, इंटरनेट का प्रयोग नोट्स बनाने में ही करें। माता-पिता, गुरुजनों और बड़ो का सम्मान करें।
इस अवसर पर अभिनव उनियाल के परिजनों को डॉ अग्रवाल ने बधाई दी और अभिनव को सम्मानित करते हुए इसी तरह का प्रदर्शन भविष्य में भी दोहराने की कामना की। इस मौके पर अभिनव के परिजन उपस्थित रहे।
वहीं, मंत्री डॉ अग्रवाल ने 12वी की परीक्षा में द्वितीय स्थान पर रहे इशिका गोस्वामी, आस्था कंडवाल, अमन नेगी, अर्चित डबराल को भी घर जाकर पुष्प गुच्छ भेंट कर बधाई दी। इस मौके पर उनके परिजन भी उपस्थित रहे।

राज्य में एक्टिव केस का आंकड़ा 1 हजार के पार

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। शनिवार को राज्य में 260 नए मरीज मिले और 103 मरीज ठीक हुए। इसके बाद अब राज्य में एक्टिव मरीजों का आंकड़ा एक हजार के पार पहुंच गया है। जबकि संक्रमण की दर 14 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को राजधानी देहरादून में सबसे अधिक 149 नए मरीज मिले जबकि नैनीताल में 51, अल्मोड़ा में 14, हरिद्वार में 12, रुद्रप्रयाग में 13, टिहरी में तीन, यूएस नगर में छह, उत्तरकाशी में चार, पिथौरागढ़ में छह और चम्पावत में दो नए संक्रमित मिले हैं। राज्य के विभिन्न अस्पतालों और होम आईसोलेशन में रह रहे 103 मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया गया। जिसके बाद अब राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 1040 हो गई है। स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार राज्य के विभिन्न अस्पतालों से 2060 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए जबकि 1626 के सैंपल की रिपोर्ट आई। राज्य में शनिवार को कोरोना संक्रमण की दर 13.76 प्रतिशत जबकि मरीजों के ठीक होने की दर 95 प्रतिशत के करीब थी।

अजय देवगन को तीसरी बार मिलेगा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, आज हुई घोषणा

68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा आज हो गई है। नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए विजेताओं की सूची घोषित की गई है। तमिल फिल्म सूरराई पोट्रू को बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड मिला है। सूरराई पोट्रू के एक्टर सूर्या और अजय देवगन को फिल्म तान्हाजी द अनसंग वॉरियर के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड संयुक्त रूप से मिला है। तान्हाजी द अनसंग वॉरियर को बेस्ट फिल्म इन होलसम एंटरटेनमेंट का अवॉर्ड मिला है। इसके अलावा फिल्म साइना के लिए मनोज मुंतशिर को बेस्ट लिरिक्स का अवॉर्ड मिला।
पुरस्कार श्रेणियों की बात करें तो सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का अवॉर्ड तमिल फिल्म सूरराई पोट्रू को मिला है। वहीं, बेस्ट हिंदी फीचर फिल्म का अवॉर्ड मृदुल तुलसीदास की फिल्म तुलसीदास जूनियर को मिला। फिल्म में संजय दत्त लीड रोल में थे। सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का खिताब तान्हाजी द अनसंग वॉरियर के लिए अजय देवगन और सूरराई पोट्रू के एक्टर सूर्या को संयुक्त रूप से मिला है। अभिनेत्री अपर्णा बालामुरली को सूरराई पोट्रू के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला है। इसके अलावा मलायलम फिल्म ए.के.अयप्पन कोशियम के लिए दिवंगत डायरेक्टर सच्चिदानंदन के.आर को बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मरणोपरांत दिया गया।

68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के विजेताओं की सूची
सर्वश्रेष्ठ बंगाली फिल्म – अविजात्रिक
सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म – तुलसीदास जूनियर
सर्वश्रेष्ठ कन्नड़ फिल्म – डोलू
सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म – गोष्ठा एका पैठानाची
सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म – शिवरंजनियम इन्नुम सिला पैंगुल्लमट
सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्म – कलर फोटो
सर्वश्रेष्ठ असामी फिल्म – ब्रिज
सर्वश्रेष्ठ मलायलम फिल्म – थिंकड़युवा निश्चियम
सर्वश्रेष्ठ हरियाणवी फिल्म – दादा लखमी
सर्वश्रेष्ठ तुलु फिल्म – जितिगे
बेस्ट फीचर फिल्म – सूरराई पोट्रू (तमिल फिल्म)
बेस्ट एक्ट्रेस – अपर्णा बालामुरली (सूरराई पोट्रू)
बेस्ट एक्‍टर – अजय देवगन (तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर), सूर्या (सूरराई पोट्रू )
बेस्टर मेल प्लेबैक सिंगर – राहुल देशपांडे (मी वसंतराव)
बेस्टर फीमेल प्लेबैक सिंगर – नचम्मा (ए.के.अयप्पन कोशियम)
बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर – बिजू मेनन (ए.के.अयप्पन कोशियम)
बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस – लक्ष्मी प्रिया चंद्रमौली (सिवरंजमनियम इन्नम सिले पेंगल्लम)
बेस्ट डायरेक्टर – सच्चिदानंदन के.आर (ए.के.अयप्पन कोशियम)
बेस्ट एक्शन एंड डायरेक्शन- राजशेखर, माफिया सासी और सुप्रीम सुंदर (ए.के.अयप्पन कोशियम)
बेस्ट कोरियोग्राफर- संध्या राजू (नाट्यम, तेलुगु)
बेस्ट लिरिक्स- मनोज मुतंशिर (साइना)
बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन- थमन एस (अला वेकेंटापुर्रामुल्लू)
बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइनर- नचिकेत बर्वे और महेश शेर्ला (तान्हाजी द अनसंग वॉरियर)
बेस्ट स्क्रीनप्लो (ऑरिजनल)- शालिनी ऊषा नायर और सुधा कोंगारा (सूरराई पोट्रू )

गौरतलब है कि अजय देवगन का ये तीसरा नेशनल अवॉर्ड है। वहीं, बेस्ट क्रिटिक अवॉर्ड इस साल किसी फिल्म को नहीं मिला है। कोविड महामारी के कारण कोई एंट्री नहीं आई है। मोस्ट फ्रेंडली फिल्म स्टेट का अवॉर्ड मध्य प्रदेश को मिला है। इसके अलावा यूपी और उत्तराखंड को संयुक्त रूप से स्पेशल मेंशन अवॉर्ड मिला है। भारतीय सिनेमा की पहली एक्ट्रेस देविका रानी पर आधारित किश्वर देसाई की किताब The Longest Kiss को बेस्ट बुक ऑन सिनेमा का अवॉर्ड मिला। डिज्नी प्लस हॉटस्टार की डॉक्यूमेंट्री 1232 किमी के गाने ‘मरेंगे तो वहीं जाकर’ के लिए विशाल भारद्वाज को नॉन फीचर बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन का अवॉर्ड मिला।

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हर घर में तिरंगा कार्यक्रम का होगा आयोजन

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर हर घर तिरंगा कार्यक्रम की तैयारियों के सम्बन्ध में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली।
मुख्य सचिव ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 13, 14 एवं 15 अगस्त, 2022 को हर घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। मुख्य सचिव ने कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु हर घर तिरंगा कार्यक्रम में प्रदेश के लोगों को स्वः प्रेरणा से अपने घरों में तिरंगा फहराए जाने हेतु जागरूक किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं। इसका वीडियो, सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों एवं न्यूज चैनलों के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि एक साथ सभी घरों में झंडा फहराए जाने के कारण झंडों की उचित मात्रा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों एवं वेंडर्स के द्वारा इसके लिए झंडों की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। सभी जिलाधिकारी इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग करें।
मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों एवं जिलाधिकारियों को फ्लैग कोड के अनुसार राष्ट्रीय झंडे के सम्मान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में तिरंगे के वितरण एवं उसके बाद वापस कलेक्शन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए एवं इसका प्रचार प्रसार भी किया जाए। कहा कि लोगों को इससे अवगत कराया जाए कि किसी भी कीमत में झंडे का अपमान नहीं होना चाहिए। कार्यक्रम के बाद झंडे को अपने सबसे नजदीकी किसी भी सरकारी कार्यालय में जमा कराया जाए, जिसे सम्बन्धित विभागों द्वारा जमा कर उचित देखरेख में फ्लैग कोड के अनुसार डिस्पोज किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर हम सभी को आजादी के सम्मान में अधिक से अधिक भागीदारी निभाते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाना है।
बैठक के दौरान सचिव संस्कृति से एच. सी. सेमवाल ने बताया कि हर घर तिरंगा हेतु फ्लैग कोड में थोड़ा परिवर्तन किया गया है, जिसमें खादी के साथ ही टेरीकॉट के कपड़े के उपयोग और साइज में परिवर्तन किया गया है। उन्होंने बताया कि बाजार में 9 रुपए से लेकर 31 रुपए तक के तिरंगे उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव वी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम, विनोद कुमार सुमन, एच. सी. सेमवाल और अपर सचिव एवं महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

सरकारी विभाग जेम से ही खरीदेंगे सामान, शासनादेश जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शासन प्रशासन में पारदर्शिता व मितव्ययिता लाने के निर्देश पर उत्तराखण्ड के शासकीय विभागों एवं उनके अधीनस्थ संस्थाओं में भारत सरकार द्वारा विकसित गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस, जेम पर उपलब्ध सामग्री एवं सेवाओं को अनिवार्य रूप से खरीदने की व्यवस्था को लागू किया गया। सचिव वित्त सौजन्या द्वारा इसके लिये सभी विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं।
सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि राज्य के समस्त सरकारी विभागों, सार्वजनिक उद्यमों/निगमों/स्थानीय निकायों/स्वायत्तशासी संस्थाओं आदि में अधिक से अधिक सामग्री व सेवाओं के उपार्जन में ई-मार्केट प्लेस पोर्टल का उपयोग किया जाना है। इस हेतु भारत सरकार के सामान्य वित्तीय नियम, 2017 के नियम-149 (समय-समय पर यथासंशोधित) में निहित प्राविधानों के अनुरूप व्यवस्था प्रख्यापित की गई है।
जो सामग्री एवं सेवाएं जेम पोर्टल पर उपलब्ध है, उनका क्रय जेम पोर्टल के माध्यम से अनिवार्य रूप से किया जायेगा। जो सामग्री अथवा सेवायें जेम पर उपलब्ध नहीं है, उन के लिए उत्तराखण्ड अधिप्राप्ति नियमावली, 2017 (समय-समय पर यथासंशोधित) अथवा अन्य सुसंगत नियमों की व्यवस्था पूर्ववत् लागू होगी।
क्रेता विभागों से यह अपेक्षा की गयी हैं कि क्रय की जाने वाली सामग्री एवं सेवाओं की दरों के उपयुक्त होने को सुनिश्चित किया जायेगा।
सचिव वित्त सौजन्या ने बताया कि ळमड पोर्टल के उपयोग से शासकीय विभागों हेतु क्रय व्यवस्था को पारदर्शिता प्रतिस्पर्धा, निष्पक्षता तथा मितव्ययी बनाया जाना है, ताकि व्यय की जाने वाली धनराशि का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।
वित्त विभाग के शासनादेश द्वारा उत्तराखण्ड के शासकीय विभागों एवं उनके अधीनस्थ संस्थाओं में भारत सरकार द्वारा विकसित गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस, जेम पर उपलब्ध सामग्री एवं सेवाओं को अनिवार्य रूप से क्रय की व्यवस्था को लागू किया गया है। वर्तमान में 23 लक्ष्मी रोड, निदेशक कोषागार पेंशन एवं हकदारी उत्तराखण्ड के कार्यालय परिसर में स्थापित ई-प्रोक्योरमेंट सेल द्वारा जेम पोर्टल से सामग्री एवं सेवाएं अधिप्राप्त किये जाने की प्रक्रिया संबंधी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की पृच्छा के समाधान/पोर्टल पर निविदा अपलोड किये जाने हेतु हेल्प लाईन न०- 8899890000 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
राज्य के समस्त सरकारी विभागों, सार्वजनिक उद्यमों/निगमों/स्थानीय निकायों/स्वायत्तशासी संस्थाओं के सम्बन्धित अधिकारियों को जेम पोर्टल से सामग्रियों एवं सेवाओं की अधिप्राप्ति किये जाने के लिए जागरूक किये जाने हेतु राज्य सरकार द्वारा गढ़वाल क्षेत्र में दिनांक 1 अगस्त, 2022 को राज्य कर विभाग, रिंग रोड, मुख्यालय, देहरादून पर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है तथा कुमांऊ क्षेत्र के अन्तर्गत भी यथाशीघ्र प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जायेगा।

हरिद्वार में कांवड़ यात्रियों पर हेलीकाप्टर से की गयी पुष्प वर्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में हरिद्वार के जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. योगेन्द्र रावत द्वारा जनपद हरिद्वार के नारसन बार्डर से, कांवड़ पट्टी पर चल रहे, श्रद्धालु कांवड़ियों के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर स्वागत व अभिनन्दन किया गया। श्रद्धालु कावंड़ियों के ऊपर पुष्प वर्षा करने का यह क्रम बैरागी कैम्प, शंकराचार्य चौक, हरि की पैड़ी तथा अपर रोड़ तक संचालित किया गया। पुष्प वर्षा के समय का यह अलौकिक दृश्य देखने लायक था। श्रद्धालु कांवड़िये अपने ऊपर पुष्प वर्षा होते देख भाव विभोर हो रहे थे तथा सरकार द्वारा किये जा रहे स्वागत व अभिनन्दन व्यवस्थाओं की हृदय से प्रशंसा करते दिखाई दिये। हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा के समय बम-बम भोले की गूंज से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो रहा था।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी बुधवार को हरिद्वार में डामकोठी के निकट गंगा घाट पर शिव भक्तों का स्वागत किया। उन्होंने कांवड़ यात्रा में देवभूमि उत्तराखण्ड आये शिव भक्तों के चरण धोकर एवं गंगाजली देकर स्वागत किया था। उन्होंने श्रावण मास में भगवान शंकर को जल अर्पित करना पुरातन परंपरा है। यह मास भगवान शंकर को समर्पित रहता है।
हरिद्वार में प्रतिदिन लाखों शिवभक्तों का कांवड़ यात्रा में शामिल होकर मां गंगा का आशीर्वाद लेने का क्रम निरंतर जारी है। अब तक लाखों शिवभक्त पवित्र गंगा जल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट चुके हैं। अपने अपने क्षेत्रों के शिवालयों में गंगाजल अर्पण के पश्चात उनकी यात्रा पूर्ण होती है।
कावड़ यात्रा के संबंध में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि कावड़ यात्रियों का देवभूमि उत्तराखण्ड में सभी सुविधाओं का ध्यान रखा जाए तथा उनकी सेवा में कोई कमी न रहे।

अतिरिक्त दुरी के साथ बड़ा किराया भी देना पड़ रहा

कांवड़ यात्रा के चलते रोडवेज ने दिल्ली की बसों का रूट बदल दिया है। अब बसें करनाल (हरियाणा) होकर दिल्ली पहुंच रही है। यहां से यात्रियों को 41 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। साधारण बसों के किराया में तीस रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है।
कांवड़ यात्रा में दून-मेरठ-दिल्ली पर यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही है। इसकी वजह से पुलिस ने बुधवार से दिल्ली जाने और वहां से आने वाली बसों का रूट बदल बदल दिया है। अब दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और जयपुर की बसें वाया पांवटा साहिब-करनाल से आवाजाही जा रही हैं। यहां से बसों को 41 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। देहरादून से वाया रुड़की दिल्ली की दूरी 258 किमी है, जो अब बढ़कर 317 किमी हो गई है। इसी हिसाब से किराया भी बढ़ गया है। साधारण बस का दिल्ली का किराया 375 से 405, एसी जनरथ का 525 से 604 और वॉल्वो का 888 रुपये से 919 रुपये हो गया है।
महाप्रबंधक (संचालन) दीपक जैन ने बताया कि किराया बढ़ोतरी केवल रूट डायवर्जन तक ही लागू रहेगी। यात्रा समाप्त होने के बाद जैसे ही पुराने रूट पर रोडवेज बसें चलेंगी, वैसे ही किराया भी पूर्व की भांति कम हो जाएगा।

पंचक हटते ही कांवड़ियों की संख्या में इजाफा
पंचक बुधवार को हट गए। पंचक में कांवड़ न उठाने वाले क्षेत्रों के भी लाखों कांवड़िए मंगलवार को ही हरिद्वार पहुंच गए थे। बुधवार सवेरे से बड़ी संख्या में हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से कांवड़ियों का आगमन प्रारंभ हो गया। हाईवे से लेकर शहर का कोना-कोना भोले के जयकारों से गूंज उठा।
कांवड़ पटरी पर शिवभक्तों का कारवां अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा है। डीजे की धुन पर नृत्य करते हुए भोले के भक्तों का सैलाब हाईवे पर आरक्षित लेन में दिखाई दे रहा था। रंग-बिरंगी कांवड़ को देखने के लिए हाईवे के दोनों तरफ लोगों की भीड़ जुट रही है। हाईवे पर कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए पुलिस भी चप्पे-चप्पे पर तैनात है।

सीएस ने एनएचएआई के विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा की

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सचिवालय स्थित सभागार में एनएचएआई के अंतर्गत प्रदेश में बन रहे विभिन्न रोड प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की। उन्होंने दिल्ली देहरादून, मसूरी-पांवटा साहिब, नजीबाबाद-जसपुर, हरिद्वार-हल्द्वानी, हल्द्वानी-नगीना और देहरादून रिंग रोड सहित सहारनपुर बायपास, खटीमा बायपास और हरिद्वार बायपास, गदरपुर बायपास आदि प्रोजेक्ट्स की प्रगति की प्रोजेक्टवाइज जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत प्रोजेक्ट्स को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रोजेक्ट्स में सभी प्रकार के क्लीयरेंस समय से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे सहित अन्य सभी प्रोजेक्ट्स में नेटवर्क उपलब्धता के दृष्टिगत सभी प्राविधान किए जाने की बात भी कही। साथ ही निर्माण सामग्री की कमी न हो इसके लिए खनन विभाग को भी निर्देश दिए कि एनएचएआई को हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि सभी प्रोजेक्ट्स समय से पूर्ण हो सकें। उन्होंने कहा कि जिन प्रोजेक्ट्स में भूमि अधिग्रहण का कार्य होना है, उनमें तेजी लाते हुए भुगतान शीघ्रता से किया जाए। उन्होंने एनएचएआई हाईवे के निकट देहरादून के आसपास लॉजिस्टिक पार्क विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए, कहा कि लॉजिस्टिक पार्क हेतु भूमि शीघ्र चिन्हित कर कार्य प्रारंभ किया जाए।
मुख्य सचिव ने एनएचएआई को देहरादून-चंडीगढ़ हेतु नए एलाइनमेंट पर भी कार्य किए जाने हेतु निर्देशित किया, कहा कि इससे देहरादून-चंडीगढ़ का सफर भी मात्र 2 घंटे का रह जाएगा।
बैठक में बताया गया कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे का कार्य 3 पैकेज में होना है, पैकेज-1, 2 अक्टूबर 2023 एवं पैकेज-3 अप्रैल 2024 तक पूर्ण होना है। इसी प्रकार देहरादून-पांवटा प्रोजेक्ट में भूमि अधिग्रहण का कार्य गतिमान है, फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिल गई है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एनएचएआई से मनोज कुमार सहित अन्य सम्बन्धित उच्चाधिकारी भी उपस्थित रहे।