मुख्यमंत्री ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को जेसिस पब्लिक स्कूल, गंगापुर रोड़, रुद्रपुर में उत्तरांचल पंजाबी महासभा द्वारा आयोजित ’विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने पाञ्चजन्य द्वारा विभाजन की विभीषिका पर आधारित खून के आसूं नामक पुस्तक का विमोचन एवं विभाजन विभीषिका पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाजन की विभीषिका का दर्द सहने वाले 400 सेनानियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया एवं उनकी दीर्घायु की कामना की। सेनानियों को सम्मानित किए जाने पर उन्होंने कहा कि वह खुद को गौरवान्वित, भाग्यशाली एवं स्वयं को सम्मानित होते महसूस कर रहे हैं। उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को आने वाले सालों में और भव्य रूप दिए जाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए विभाजन विभीषिका सेनानियों का अभिनंदन किया, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने लाल किले से विभाजन विभीषिका दिवस मनाए जाने की घोषणा की थी, यह दिवस उन सभी सेनानियों एवं विभाजन के दौरान अपने परिवार जनों से बिछड़े लोगो के बलिदान को याद करने का दिवस है। उन्होंने बताया हाल ही में हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों को विभाजन की विभीषिका दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम किए जाने एवं विभाजन के दौरान मौजूद लोगों से बात किए जाने का आग्रह किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन विभीषिका के दौरान कई परिवारो ने अपनी जान हथेली में लेते हुए रेलगाड़ी बैलगाड़ी एवं अन्य माध्यमों से पलायन किया। विभाजन विभीषिका में लंबे संघर्ष के बावजूद लोगों ने समाज के विकास में अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा विभाजन विभीषिका की पीड़ा सह चुके लोगों ने उत्तराखण्ड के तराई क्षेत्र को बसाने में अहम योगदान दिया। आज भी यह लोग उत्तराखंड के विकास में अपना अहम योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा की आज हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे है। जल्द ही हम अमृत काल में प्रवेश करेंगे, ये काल भारत का स्वर्णिम काल होगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने भी यह संकल्प लिया है कि जब हमारा राज्य 25वें साल में प्रवेश करेगा, तब हमारा प्रदेश देश का श्रेष्ठ राज्य होगा। इसके लिए हम सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मंत्र पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा किच्छा में एम्स खुलने जा रहा है, हमारा प्रयास है कि हम काठगोदाम एवं रुद्रपुर से अमृतसर के लिए सीधे ट्रेन चलाए, रुद्रपुर में बाईपास का काम किया जाएगा एवं गदरपुर में कुछ ही दिनों में बाईपास बनकर तैयार होने वाला है जिससे लोगों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा उत्तराखंड की जनता को हर प्रकार से सरकार सुविधा पहुंचाएं इसके लिए हम लगातार कार्य कर रहे हैं।
केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा कि मानवता के दुश्मन कट्टर पंथियों से मानवता एवं धर्म की रक्षा करने वाले विभाजन विभीषिका सेनानियों को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि ये सेनानी वास्तव में हमारे व आने वाली पीढ़ियों के लिए रोल मोडल हैं, जिन्होंने अपना सब कुछ खोकर भी बिना किसी के आगे हाथ फैलाएं, अपनी हिम्मत के बल पर स्वयं को खड़ा किया और आज देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश के चहुंमुॅखी विकास हेतु लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमृतसर का पानी अमृत तुल्य है। उन्होंने कहा कि काठगोदाम से अमृतसर तक रेल संचालन शीघ्र शुरू किये जाने की कौशिश की जा रही है।
सैनिक कल्याण एवं जनपद प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हमारा देश आजाद तो हुआ, लेनिक देश को आजादी की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा कि विस्थापन एवं विभाजन के दर्द को भुलाकर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि देश को विकास के पथ पर आगे ले जाने में इस समाज का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने विभाजन का दर्द झेलने वाले सभी व्यक्तियों को नमन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किये गये विभिन्न कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान विधायक शिव अरोड़ा, विधायक अरविन्द पाण्डे, विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक सरिता कपूर, मेयर रामपाल सिंह, पूर्व सांसद बलराज पासी, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष उत्तम दत्ता, जिलाधिकारी युगल किशोर पन्त, एसएसपी मन्जुनाथ टीसी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

तिरंगा अभियान को लेकर श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह

आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए भगवान बदरी विशाल के मंदिर में सेना के जवानों विदेशी और स्वदेशी श्रद्धालुओं ने तिरंगा यात्रा निकाली। वहीं बाबा केदारनाथ में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम की श्रृंखला में बाबा केदारनाथ धाम में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व मन्दिर समिति के संयुक्त तत्वाधान में कार्यक्रम आयोजित कर केदारनाथ धाम में दर्शन करने आ रहे तीर्थ यात्रियों एवं केदारनाथ धाम मे यात्रा व्यवस्था में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों तीर्थ पुरोहितों व्यापारियों द्बारा मानव श्रृंखला बनाकर कर तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ केदारनाथ मंदिर परिसर से किया गया। तिरंगा रैली कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हर घर तिरंगा फहराये जाने के लिए जनपद वासियों सहित प्रदेश वासियों को जागरूकता संदेश दिया गया। जिससे सभी लोग इस राष्ट्रीय पर्व में शामिल होकर अपने घरों में तिरंगा अवश्य फहराये।
जिला मुख्यालय रूद्रप्रयाग में शिक्षा विभाग के तत्वावधान में सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र छात्राओं ने नगर में तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों द्बारा अपने घरों में तिरंगा लगाने के लिए तिरंगा झंडा उपलब्ध कराने के साथ साथ लोगों को सभी घरों मे 13 से 15 अगस्त तक राष्ट्रीय ध्वज लगाये जाने के लिए जागरुक किया गया।

शहीदों के सम्मान में घर पहुंचकर उनके घर में फहराया तिरंगा

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत शहीदों के घर पहुंच परिजनों के साथ तिरंगा लगाया गया। साथ ही परिजनों को सम्मानित भी किया गया। मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने शहीद प्रदीप रावत के टिहरी जिले में पैतृक गांव बैराई में जिला योजना के मद से स्मारक बनाने की घोषणा की।
शनिवार को कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, प्रदेश मंत्री पुष्कर काला, जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह पुंडीर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, शहीद प्रदीप रावत के सोमेश्वर नगर में तिंरगा लगाकर परिजनों को सम्मानित किया। इस मौके पर मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने शहीद प्रदीप रावत के टिहरी जिले में पैतृक गांव बैराई में जिला योजना के मद से स्मारक बनाने की घोषणा की।
वहीं शहीद मनीष थापा के सोमेश्वर नगर स्थित घर तिरंगा लगाकर परिजनों का सम्मान किया गया, जबकि शहीद राकेश डोभाल के गंगा नगर स्थित घर में तिरंगा लगाकर परिजनों का सम्मान किया गया। उधर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. धनेश शास्त्री के देहारादून रोड स्थित घर पर तिरंगा लगाकर परिजनों को सम्मानित किया गया। श्री भरत मंदिर में तिरंगा लगाकर भगवान भरत जी के दर्शन और आशीर्वाद लिया। इसके बाद त्रिवेणी घाट पर गंगा पूजन कार्यकर्ताओ द्वारा स्वागत और कार्यकर्ताओ को सम्मानित किया गया।

केन्द्र सरकार ने जारी की एडवायजरी, बताया कैसे मनाएं आजादी का जश्न

देशभर में आजादी के जश्न की तैयारियां जोरों-शोर पर है। आजादी के 75 साल पूरे होने का आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इस बीच 15 अगस्त के राष्ट्रीय पर्व यानी स्वतंत्रता दिवस के जश्न और समारोहों को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ी एडवायजरी जारी की है। केंद्र ने राज्य सरकारों को भी कई अहम निर्देश दिए है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार देश में रोजाना कोराना के औसतन 15,000 से अधिक मामले सामने आने के बीच केंद्र ने राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए कोई बड़ी सभा नहीं हो और सभी लोग ब्वअपक-19 की गाइडलाइंस के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के प्रत्येक जिले के सभी प्रमुख स्थानों पर ‘स्वच्छ भारत’ अभियान चलाने और स्वैच्छिक नागरिक भागीदारी के माध्यम से इन्हें ‘स्वच्छ’ बनाए रखने के लिए एक पखवाड़े और महीने भर तक जारी रखने को कहा है। मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा एहतियात के तौर पर कोविड​​​​-19 के खिलाफ, समारोह में बड़ी सभाओं से बचा जाना चाहिए. यह जरूरी है कि कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन किया जाए’।

नितिन गडकरी से मिलकर कई प्रस्तावों को मंजूर करवा गये सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नीतिन गडकरी से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के साथ राज्य से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं पर चर्चा की। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री सङक परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय जनरल वी के सिंह, सङक परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय मे अवर सचिव अमित घोष, उत्तराखण्ड शासन में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु सहित केंद्रीय मंत्रालय और राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने उत्तराखण्ड की लाईफ लाईन कही जाने वाली ऑल वेदर रोड सड़क परियोजना के कार्यों में तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय है कि 889 किमी. लम्बी एवं लगभग 12 हजार करोड की लागत से निर्मित की जा रही चार धाम सडक परियोजना में मंत्रालय द्वारा 53 कार्यों में से वर्तमान तक 41 कार्य स्वीकृत किये गये हैं। वर्तमान तक 19 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। 22 कार्यों में कार्य गतिमान है।
केन्द्रीय मंत्री ने मंत्रालय एवं राज्य सरकार के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये कि ऑल वेदर सडक परियोजना का कार्य में किसी प्रकार की देरी उचित नहीं होगी तथा आम जनमानस के आवागमन हेतु उक्त मार्ग को शीघ्र पूर्ण किया जाये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर केंद्रीय मंत्री ने देहरादून शहर को अत्यधिक यातायात एवं भीड़ से मुक्त कराने के लिए देहरादून रिंग रोड़ के निर्माण की फिजिबिल्टी सर्वे किये जाने की स्वीकृति दी। साथ ही हाईवे के साथ लगे लगभग 1100 एकड़ भूमि पर लाजिस्टिक पार्क/फल एवं शब्जी पार्क और आढ़त बाजार के लिए केंद्रीय मंत्री द्वारा मुख्यमंत्री को प्रस्ताव दिया कि राज्य सरकार द्वारा उक्त प्रयोजन हेतु भूमि उपलब्ध कराने पर निर्माण पर आने वाले समस्त धनराशि केन्द्र सरकार द्वारा वहन की जायेगी। इस कार्य से देहरादून शहर में जाम/अव्यवस्थित आवागमन से राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री के अनुरोध पर कुमाऊँ और गढ़वाल के मध्य दूरी एवं समय कम करने के लिए नजीबाबाद-अफजलगढ़ बाई पास (लम्बाई 42.50 किमी०) की स्वीकृति प्रदान की गयी। बाई पास बनने से कुमाऊँ गढवाल के बीच की दूरी 20 किमी0 कम हो जायेगी तथा आवागमन में 45 मिनट की बचत होगी।
मझौला से खटीमा चार लेन सडक मार्ग की भी स्वीकृति प्रदान की गयी। उक्त मार्ग के निर्माण से उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत एवं बरेली हेतु भारी वाहनों एवं आम जनमानस का आवागमन सुलभ एवं आरामदायक होगा। इसके अतिरिक्त सितारगंज से टनकरपुर मोटर मार्ग को भी चार लेन में परिवर्तित करने की स्वीकृति प्राप्त हुई। मार्ग निर्माण से जनपद चम्पावत एवं पिथौरागढ आवागमन करने में काफी समय की बचत के साथ साथ मार्ग सुविधाजनक होगा।
पिथौरागढ से अस्कोट मोटर मार्ग (लगभग 47 किमी) भी ऑल वेदर परियोजना की तरह स्वीकृत किये जाने पर सहमति बनी। यह मार्ग बी०आर०ओ० द्वारा निर्मित किया जायेगा।
राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में अधिग्रहित भूमि से ऊपर व नीचे यदि मार्ग निर्माण से भवनों एवं अन्य संरचनाओं में क्षति होती है तो उक्त क्षति की प्रतिपूर्ति भी भारत सरकार द्वारा किये जाने के लिये मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय मंत्री द्वारा सहमति दी गई। इससे समस्त हिमालयी राज्यों को लाभ प्राप्त होगा।
बैठक में अप्रैल 2023 में देहरादून में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार का आयोजन किये जाने पर भी सहमति प्रदान की गयी। उक्त सेमिनार में पर्वतीय क्षेत्रों के लिये उच्च गुणवत्तायुक्त टनल मार्गों का निर्माण किये जाने पर विषय विशेषज्ञों द्वारा विचार विमर्श होगा। इस सेमिनार में देश एवं विदेश के लगभग एक हजार लोग प्रतिभाग करेंगे।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर विशिष्ट प्रदर्शन के लिए युवा फाइन आर्ट शिक्षक राजेश चन्द्र सम्मानित

देवभूमि लोक सम्मान समारोह में ऋषिकेश के युवा फाइन आर्ट शिक्षक राजेश चन्द्र को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कला व शिक्षा के क्षेत्र में देवभूमि का नाम रोशन करने के लिये हिमाद्रि फिल्म्स द्वारा सम्मानित किया गया।
युवा शिक्षक राजेश को यह सम्मान उनके व उनके विद्यार्थियों के तीन बार सयुंक्त राष्ट्र संघ की कला प्रदर्शनी में उत्तराखंड व पर्यावरण की कला दर्शाने व कई और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों के लिए मिला। हिमाद्रि फिल्म्स द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सूबे के कबीना मंत्री सुबोध उनियाल सहित विशिष्ट अतिथि गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी, पद्मश्री डॉ प्रीतम भरतवाण, पद्मश्री जागर गायिका बसंती बिष्ट, लोक गायिका अनुराधा निराला, मीना राणा एवं कल्पना चौहान, हिमाद्रि फिल्म्स की निर्मात्री नीलिमा मिश्रा एवं प्रकाश मिश्रा द्वारा राजेश चन्द्र को इस विशिष्ट सम्मान से नवाजा गया।
इस अवसर पर काबीना मंत्री उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति को बढ़ाना देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उत्तराखंड की प्राचीन संस्कृति और परम्पराओं को हमें मिलकर आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने बेहद खूबसूरत आयोजन केे लिए हिमाद्री फिल्मस की खुलकर सराहना भी की। इस अवसर पर विभिन्न क्षेेत्रों की गणमान्य हस्तियों सहित कला एवं संस्कृति जगत से जुड़े लोग बड़ी संख्या मेें मोजूद रहे। युवा कला शिक्षक अपने मामा चन्द्रप्रकाश भारती के साथ मौजूद रहे।

हिमालयी राज्यों की भौगोलिक परिस्थिति के हिसाब से बने हमारी नीति-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 7 वीं बैठक में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपेक्षा के अनुसार इक्कीसवीं शताब्दी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिये राज्य सरकार ने आदर्श उत्तराखण्ड/2025 को अपना मंत्र बनाकर त्वरित गति से कार्य प्रारम्भ किया है। आजादी के अमृत काल के लिए आगामी 25 वर्ष की योजना बनाना भी प्रदेश की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा हिमालयी राज्यों में, यहां की इकोलॉजी, जनसंख्या धनत्व, फ्लोटिंग पॉपुलेशन व पर्यावरणीय संवेदनशीलता को देखते हुए ही विकास का मॉडल बनाया जाए, जो विज्ञान-प्रौद्योगिकी पर आधारित हो। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हिमालयी राज्यों के लिए एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया जाए। मुख्यमंत्री ने इसका आयोजन उत्तराखण्ड में करने का अनुरोध किया।
उत्तराखण्ड राज्य के कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत बिन्दुओं की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया कि केन्द्र पोषित योजनाओं के फॉरम्यूलेशन में राज्य की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ‘वन स्किम फिट्स ऑल’ के स्थान पर राज्य के अनुकूल ‘टेलर मेड स्किम्स’ तैयार करने पर भारत सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जाना चाहिये। पर्यटन, हार्टीकल्चर तथा सगन्ध पौध आधारित योजनाओं से राज्य को अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा। जल धाराओं के पुनर्जीवीकरण के लिये एक वृहद कार्यक्रम जिसमें चेक डैम एवं छोटे-छोटे जलाशय निर्माण सम्मिलित हों, को प्रारम्भ करने की प्रबल आवश्यकता है। इसमें भारत सरकार का तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग चाहिए होगा। उत्तराखण्ड सम्पूर्ण राष्ट्र को महत्वपूर्ण इको सिस्टम सर्विस उपलब्ध करा रहा है। राज्यों के मध्य संसाधनों के आवंटन में इन पारिस्थितिकी सेवाओं को भी देखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में फ्लोटिंग जनसंख्या का दबाव अवस्थापना सुविधाओं पर पड़ता है। इस वर्ष अब तक लगभग 30 लाख चारधाम यात्री तथा चार करोड़ से अधिक कांवड़ियों का आवागमन राज्य में हुआ है व इस संख्या में निरन्तर वृद्धि होने की सम्भावनायें अत्यन्त प्रबल हैं। राज्य की अधिकांश स्थानीय निकायों का आकार एवं उनके वित्तीय संसाधन काफी कम है। इसलिये केन्द्र सरकार द्वारा वित्तीय संसाधनों के हस्तांतरण में इस महत्वपूर्ण तथ्य को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री के आर्शीवाद से सड़कों, रेलमार्गाे, स्वास्थ्य सेवाओं एवं विभिन्न केन्द्र पोषित योजनाओं से उत्तरोत्तर प्रगति के ओर अग्रसर हैं। विश्व प्रसिद्व तीर्थ स्थल बद्रीनाथ, केदारनाथ के मास्टर प्लान के अनुरुप पुनः निर्माण कार्य भी तीव्र गति से कराया जा रहा है। एसडीजी के लक्ष्यों को प्राप्त करने में उत्तराखण्ड अग्रणी राज्य रहा है।
प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कृषि विविधिकरण की अपार सम्भावनायें हैं। मंडुआ, झिंगोरा, मादिरा, रामदाना, पर्वतीय दलहन जैसे गहथ, राजमा आदि तथा संगध एवं औषधीय पौधों को निरन्तर बढ़ावा दिया जा रहा है। सेब तथा उच्च मूल्य वाले कीवी फल के क्षेत्रफल और खाद्य प्रसंस्करण क्षमता को विस्तारित किया जा रहा है। राज्य में 38,500 हैक्टेयर क्षेत्रफल में मिलेट एवं पौष्टिक अनाज फसलों का जैविक उत्पादन किया जा रहा है। राज्य से डेनमार्क को मिलेट का निर्यात प्रारम्भ किया गया है। 6400 हैक्टेयर क्षेत्रफल में प्राकृतिक खेती के लिये क्लस्टर चयन की कार्यवाही पूर्ण कर ली गयी है।
राज्य में सगन्ध सेक्टर को बढ़ावा देने हेतु प्रधानमंत्री द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की स्टेट ऑॅफ द आर्ट लेबोरेट्रिज का लोकार्पण और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एरोमेटिक क्रॉप्स का शिलान्यास किया गया। राज्य में 40 एकड़ में ऐरोमा पार्क की स्थापना की गयी है। जिसमें ऐरोमा उद्योगों की स्थापना से लगभग रू0 300करोड के निवेश एवं 5000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश में पर्यटन व हॉर्टीकल्चर को बढ़ावा देने के लिये हॉर्टी-टूरिज्म विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य द्वारा आस्ट्रेलिया से मैरिनों भेड़ों को आयात करके स्ट्रक्चर्ड ब्रीडिंग प्रोग्राम के माध्यम से गुणवत्ता सुधार एवं उत्पादकता में वृद्धि करके ऊन के क्षेत्र में अभिनव पहल की गयी है। लघु विकेन्द्रीकृत दुग्ध प्रसंस्करण इकाईयां के माध्यम से दूरस्थ स्थानों में हिमालयन हार्ड चीज (बीममेम) एवं घी जैसे मूल्य वर्धित दुग्ध उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं। भारत सरकार द्वारा विकसित किये जा रह एग्री-स्टेक पोर्टल के लिये राज्य द्वारा अपेक्षित सभी कार्य समय पर पूरे कर लिये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिये उत्तराखण्ड राज्य संकल्पबद्ध है। राज्य में 4457 को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केन्द्रों में बालवाटिकायें प्रारम्भ हो चुकी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुपालन हेतु विभिन्न कार्यक्रम जैसे ‘‘प्रवेशोत्सव’’, ‘‘आरोही’’, ’’कौशलम‘‘, ’’आनन्दम‘‘, ’’विद्या सेतु‘‘ आदि संचालित किये जा रहे हैं। ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय स्टूडियो तथा राज्य के समस्त 13 जनपदों के 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास रूम की स्थापना की जा चुकी है। 200 विद्यालयों में 08 व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम भी प्रारम्भ कर दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में भी राज्य में शैक्षणिक सत्र 2022-23 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू कर दिया गया है। विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति व इंडियन नॉलेज सिस्टम से परिचित कराने के उद्देश्य से वैदिक विज्ञान, वैदिक गणित व भगवत गीता से प्रबन्धन परिचय जैसे विषयों को सह-पाठ्यक्रम के रूप में लागू किया गया है। उच्च शिक्षा के अर्न्तगत राज्य में कुल 108 पाठ्यक्रम आनलाईन एवं ओपन डिस्टेन्स लर्निंग माध्यम से संचालित किये जा रहे हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध व स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के उद्देश्य सेस्टार्ट-अप पॉलिसी लागू की गयी है। राज्य सरकार द्वारा नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन के साथ एमओयू किया गया है जिससे राज्य के युवाओं के लिये विदेशों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के स्थानीय निकायों में जीआईएस और ड्रोन मैपिंग द्वारा सम्पत्ति की माप एवं गणना तथा मास्टर प्लान तैयार किये जा रहे हैं। राज्य द्वारा भारत सरकार की अपेक्षा अनुसार टीओडी (ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट) और टीडीआर (ट्रांसफेरेबल डेवलपमेंट राईट) पॉलिसी को अधिसूचित कर दिया गया है। उत्तराखण्ड में श्री केदारनाथ, श्री बद्रीनाथ एवं अन्य धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों पर तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों की अत्यधिक आवाजाही के कारण पार्किंग की गम्भीर समस्या रहती है। इसके समाधान के लिए पहाड़ों में अंडरग्राउंड/केविटी पार्किंग की शुरूआत की गयी है, जिससे बाहर से पहाड़/पेड़ कटान एवं पर्यावरण को नुकसान भी नहीं होगा तथा पहाड़ के अन्दर केविटी बनाकर पार्किंग की स्थापना की जायेगी। राज्य के स्थानीय निकायों में भुगतान सुविधा ऑनलाईन उपलब्ध है तथा नागरिकों के लिये महत्वपूर्ण ऑनलाईन सेवाएं राज्य के अपुणी सरकार पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
बैठक में उपाध्यक्ष नीति आयोग, केंद्र सरकार के मंत्रिगण, राज्यों के मुख्यमंत्री, उप-राज्यपाल और शासी परिषद के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री ने अपने विभागों को 7 लाख 50 हजार तिरंगा बांटने का दिया लक्ष्य

वित्त, शहरी विकास एवं आवास व संसदीय कार्य मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने आजादी के 75 वर्ष अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में अपने मंत्रालय के विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल ने 75 वर्ष पर 7,50,000 (सात लाख पचास हजार) तिरंगा झंडा बांटने का लक्ष्य दिया।
विधानसभा स्थित कार्यालय में हुई बैठक में मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के तहत प्रधानमंत्री ने देशभर में अपने राष्ट्र का गौरव तिरंगा झंडा फहराने को कहा है। इसी क्रम में हर घर तिरंगा अभियान को लेकर पूरे वतन के लोगों में उत्साह है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव उत्तराखंड में भी धूमधाम के साथ उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। कहा कि जो आजाद भारत में पैदा हुए हैं, इस उत्सव के जरिए हमें आजादी का जश्न मनाने का ऐसा पहली बार मौका मिल रहा है। इस मौके पर डा. अग्रवाल ने शहरी विकास, आवास एवं विकास विभाग, राज्यकर विभाग, स्टाम्प के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने शहरी विकास विभाग के सभी 103 निकायों को पांच लाख तिरंगा झंडा, आवास एवं विकास विभाग को डेढ़ लाख से अधिक तिरंगा और राज्यकर व स्टाम्प से संबंधित अधिकारियों को एक लाख तिरंगा (कुल साढ़े सात लाख) का लक्ष्य दिया। कहा कि सभी विभाग इसे पूरे राज्यभर में नौ अगस्त से बांटेंगे।
डा. अग्रवाल ने बताया कि पूरे राज्यभर में एकसाथ सभी विभागीय अधिकारी आमजन के साथ तिरंगा झंडा अपने-अपने क्षेत्रों में फहराएंगे। साथ ही इसे सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित व प्रचारित भी करेंगे।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव शहरी विकास विभाग विनोद सुमन, आवास आयुक्त सुरेंद्रनाथ पांडेय, एडिशनल कमिश्नर राज्यकर आई एस बृजवाल, अपर निदेशक शहरी विकास अशोक पांडेय, अपर आयुक्त आवास पीसी दुमका सहित अन्य विभागीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल तिरंगा रैली के जरिये राष्ट्रीय ध्वज फहराने का संदेश दिया

उत्तराखंड जन विकास मंच की ओर से तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने किया। तिरंगा यात्रा में लोगों के साथ मंत्री डॉ अग्रवाल ने भारत माता की जय सहित देश समर्पित नारे भी लगाए, जबकि देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले महान पुरुषों को नमन भी किया गया। इस दौरान यात्रा मार्ग में विभिन्न जगहों पर पुष्प वर्षा हुई।
रविवार को परशुराम चौक से तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया गया। यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई त्रिवेणीघाट पहुंची। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने तिरंगा रैली के साथ लोगों को अपने घर पर देश की आन बान शान का प्रतीक तिरंगा लगाने के लिए जागरूक किया। कहा कि किसी भी देश या राष्ट्र की आजादी का 75 साल पूरा होना अपने आप में गौरव की बात है। केंद्र व प्रदेश सरकार ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अभियान चलाया है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि यह पहल नागरिकों और राष्ट्रीय ध्वज के बीच व्यक्तिगत जुड़ाव पैदा करने के लिए है। यह आजादी का एक उत्सव है। स्वतंत्रता सेनानियों की बलिदान की वजह से आज हम खुले आसमान में सांस ले पा रहे हैं। कहा कि तिरंगा चंद गज का कपड़ा नहीं है। तिरंगे की ताकत 130 करोड़ भारतीयों को एकजुट करने की है।आने वाले पीढ़ियों को इससे संदेश दिया जा रहा है कि हम सब भारत को एकजुट रखेंगे, भारत को आगे बढ़ाएंगे।
इस अवसर पर सभी क्षेत्रवासियों से इस महान अभियान में प्रतिभाग कर अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने की अपील की गयी।
इस अवसर पर अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राहुल मनमीत, पवन शर्मा, राजीव कालड़ा, भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, अमित चौधरी, दिनेश गुसाईं, हैप्पी गावड़ी, देवेंद्र बेलवाल, केके लाम्बा, ऋषि पोखरियाल, प्रदीप गुप्ता, पार्षद शिव कुमार गौतम, राजू नरसिम्हा, कपिल गुप्ता, रवि शर्मा, शम्भू पासवान, जितेंद्र अग्रवाल, सुभाष शर्मा, राकेश थपलियाल, कुँवर सिंह, अजय कल्याण, भूपेंद्र राणा, जतिन जाटव, राजेन्द्र पाल, नीटू शर्मा, गिरीश नौटियाल, मनीष बिजल्वाण, मनीष मौर्य, गणेश बिजल्वाण, राजू बर्थवाल सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।

शाह से मिले धामी, कई मुद्दों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय सहकारिता मंत्री से केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही प्रति पैक्स 50 हजार रूपये की धनराशि को बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 670 पैक्स के लिए 3.35 करोड़ रूपये की धनराशि आंकलित की गई है, यह प्रति पैक्स किये गये व्यय के सापेक्ष कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पैक्स कम्यूटरीकरण में अग्रदूतों में से एक है तथा पर्वतीय राज्य है। पर्वतीय राज्यों को प्रदत्त की जानी वाली सहायता को 90ः10 के अनुपात में मिलने से उत्तराखण्ड को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में 670 पैक्स द्वारा कुल 18.76 करोड़ रूपये का व्यय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 108 से अधिक पैक्स लाइव हो चुकी हैं। जो सॉफ्टवेयर पर अपना दैनिक लेन देन कर रही है। अवशेष 502 समितियों का कार्य अगले 6 महीनों में पूर्ण किया जाना है। मुख्यमंत्री ने सभी प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों को कम्प्यूटरीकृत करने के निर्णय पर केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे निश्चित रूप से समितियों के कामकाज में क्रांतिकारी बदलाव आएगा और सहकारी क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण सुधारों में से एक साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पैक्स के कम्प्यूटरीकरण में अग्रणी राज्यों में से एक है।