सीएम ने किया निर्माणाधीन भवन, उत्तराखण्ड निवास का निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में निर्माणाधीन भवन ‘उत्तराखण्ड निवास’ का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य, गुणवत्ता बनाए रखते हुए तय की गई निर्धारित समय सीमा में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी द्वारा उत्तराखण्ड निवास के नक्शे का अवलोकन करते हुए भवन के सभी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कार्यदाई संस्था को निर्देशित करते हुए कहा कि नये बन रहे “उत्तराखंड निवास“ में कार्य की सुगमता के दृष्टिकोण से उत्तराखंड स्थानिक आयुक्त कार्यालय व उत्तराखंड राज्य सूचना केंद्र को उक्त भवन में स्थापित किए जाने के संबंध में विचार किया जाये।
उल्लेखनीय है कि 3, गोपीनाथ बारदोलाई मार्ग, चाणक्यपुरी नई दिल्ली में जून 2020 से उत्तराखण्ड निवास का काम शुरू किया गया। भवन में तीन बेसमेंट होंगे। भवन में भू-तल को सम्मिलित करते हुए कुल सात तल बनाए जाएंगे। भवन उत्तराखण्ड वास्तुकला शैली में बनाया जायेगा। ग्रीन भवन की तर्ज पर बनाए जा रहे इस भवन का अपना सीवेज शोधन संयंत्र होगा। भवन में 50 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट भी है। उत्तराखण्ड निवास का निर्माण कार्य संभावित 2023 तक पूरा कर लिया जायेगा।
इस अवसर पर सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, निदेशक सतर्कता अमित सिन्हा, अपर स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा व उत्तराखण्ड पेयजल निगम के सहायक अभियंता अरविन्द सैनी उपस्थित रहे।

मोबाईल टावर बढ़ाने की स्वीकृति मिली, सीएम के अनुरोध पर और कई सौगातें मिलने की उम्मीद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना तकनीक अश्विनी वैष्णव से शिष्टाचार भेंट की। उत्तराखण्ड में मोबाइल नेटवर्क को मजबूत करने के मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखण्ड में बीएसएनएल के 1206 मोबाइल टावर की स्वीकृति दी। प्रत्येक मोबाईल टावर की लागत 1 करोड़ रुपये आएगी। मुख्यमंत्री ने टनकपुर-देहरादून के मध्य एक जनशताब्दी रेल सेवा शुरू किये जाने का भी अनुरोध किया। रूड़की-देवबन्द रेल परियोजना के सम्बन्ध में राज्य सरकार की ओर से अब तक प्रदत्त अंशदान की धनराशि 296.67 करोड़ को अंतिम करते हुए 50 प्रतिशत अंशदान के सापेक्ष शेष देय धनराशि 99.01 करोड़ का भुगतान करने से राज्य सरकार को मुक्त करने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में कुमाऊँ और गढ़वाल को जोड़ने के लिए देहरादून-काठगोदाम के मध्य चलने वाली एक मात्र रेल सेवा है। नेपाल बॉर्डर होने के कारण वहाँ के लिए लोगों का आवागमन टनकपुर से ही होता है। इसलिए कुमाऊं-गढवाल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए टनकपुर-देहरादून मार्ग पर एक जनशताब्दी रेल को संचालित किया जाना जनहित में अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन को नैरोगेज के स्थान पर ब्रॉडगेज बनाये जाने, हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन को डबल लेन बनाने, हर्रावाला रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण, ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाइन तथा किच्छा-खटीमा रेल लाइन के निर्माण हेतु भी अनुरोध किया। जिनके संबंध में रेल मंत्री द्वारा सहमति व्यक्त की गयी। मुख्यमंत्री द्वारा टनकपुर से दिल्ली के मध्य चलने वाली पूर्णागिरी जन शताब्दी की यात्रा अवधि को कम करते हुए 5-6 घंटों में यात्रा पूर्ण कराने हेतु आवश्यक व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रूड़की-देवबन्द रेल परियोजना के संदर्भ में राज्य सरकार द्वारा विगत में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत वहन करने हेतु प्रदत्त सहमति के क्रम में कुल परियोजना लागत रूपये 791.39 करोड़ के सापेक्ष उत्तराखण्ड राज्य द्वारा अब तक रूपये 296.67 करोड़ का अंशदान रेलवे को दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रेल मंत्री से उत्तराखण्ड जैसे छोटे एवं पर्वतीय राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से अब तक प्रदत्त अंशदान की धनराशि को अंतिम करते हुए 50 प्रतिशत अंशदान के सापेक्ष शेष देय धनराशि 99.01 करोड़ का भुगतान करने से राज्य सरकार को मुक्त करने का अनुरोध किया।

नीति आयोग की बैठक में प्रतिभाग करने से पहले सीएम ने ली विभागवार बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी 7 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद् की सातवी बैठक में प्रतिभाग करेंगे। मुख्यमंत्री बैठक से सम्बन्धित एजेंडा बिन्दुओं के अतिरिक्त राज्य हित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं विषयों पर विचार रखेंगे।
नीति आयोग की बैठक के एजेन्डा बिन्दुओं में फसल विविधिकरण एवं दलहन व तिलहन उत्पादन में आत्म निर्भरता विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन तथा शहरी प्रशासन से सम्बन्धित योजनाओं का क्रियान्वयन शामिल है।
बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नीति आयोग के समक्ष रखे जाने वाले विषयों पर एजेन्डा से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर विभागरवार चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा निर्धारित नीतियां एवं केन्द्र पोषित योजनाये देश के सभी राज्यों के दृष्टिगत समान रूप से बनायी जाती है। इसमें हिमालयी राज्यों के लिये उनकी पारास्थितिकी एवं भौगोलिक दृष्टि का भी ध्यान में रखते हुए अलग नीति बनाये जाने पर ध्यान देने की उन्होंने जरूरत बतायी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का भगवान केदारनाथ के साथ ही राज्य के अन्य धामों के प्रति विशेष आस्था है। गत वर्ष अपनी केदारनाथ यात्रा के दौरान उन्होंने 21वी शदी के इस तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया था। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य के विकास का रोड मेप तैयार किया गया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में 30 लाख से अधिक श्रद्धालु अब तक आ चुके हैं। तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों की आवाजाही भविष्य में और बढ़ेगी, इसके लिये यात्रा मार्ग से जुड़े प्रमुख स्थलों की अवस्थापना सुविधाओं के विकास सुव्यवस्थित यातायात के लिये टनल पार्किंग की योजना राज्य हित में जरूरी है। इससे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर ढ़ंग से सामना किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त आपदा की दृष्टि से भी राज्य की संवेदनशीलता, पर्यावरण की दृष्टि से राज्य की इकोलॉजी के साथ इकोनामी को बढ़ावा देने के प्रयासों से सम्बन्धित बिन्दुओं पर भी मुख्यमंत्री बैठक में अपना पक्ष रखेंगे।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.सन्धू, अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, शैलेश बगोली, एसएन पाण्डे, विनोद कुमार सुमन, महानिदेशक यूकास्ट प्रो0 दुर्गेश पन्त आदि उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय स्तर पर लोक संगीत में राज्य को प्रथम स्थान

सूबे में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 26 स्कूलों को राज्य स्तरीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जिसमें से 20 विद्यालयों को ओवरऑल श्रेणी, जबकि 6 विद्यालयों को अन्य श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया। सूबे के 14 स्कूलों को राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिये नामित किया गया हैं। राष्ट्रीय कला उत्सव में पारम्परिक लोक संगीत में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने पर राजकीय इंटर कॉलेज हरिपुर कालसी देहरादून की छात्रा अंजू को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालयी शिक्षा के नये सोशल मीडिया पोर्टल ‘शैक्षणिक संगम’ का भी लोकार्पण किया गया। सूबे के प्रत्येक विद्यालय के लिये 5 मूलभूत सिद्धांत तय किये गये हैं जिन पर कार्य करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने आज प्राथमिक शिक्षा निदेशालय देहरादून में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेशभर के 26 स्कूलों को राज्य स्तरीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से सम्मानित किया। डॉ0 रावत ने बताया कि छात्र-छात्राओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार शुरू किये गये हैं, जिसके अंतर्गत स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यालयों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में राज्य स्तर पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2021-22 हेतु प्रदेशभर के 100 स्कूलों को ओवर ऑल कैटेगिरी में जबकि 73 स्कूलों को सब कैटेगरी में जनपदीय चयन समितियों द्वारा नामित किया गया। जिसमें से स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 26 स्कूलों को सम्मानित किया गया। डॉ0 रावत ने बताया कि स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार हेतु प्रदेश के 20 स्कूलों को स्वच्छता की ओवर ऑल कैटेगिरी में सम्मानित किया गया जबकि 6 स्कूलों को सब कैटेगरी में पुरस्कृत किया गया। ओवर ऑल श्रेणी में दिल्ली पब्लिक स्कूल रूद्रपुर, जे0एम0डी0 इंटरनेशनल स्कूल हल्द्वानी, केन्द्रीय विद्यालय हल्द्वानी, यू0पी0एस0 छितार चौखुटिया अल्मोडा, पी0एस0 बुरसोल थराली चमोली, केन्द्रीय विद्यालय जोशीमठ चमोली, पी0आर0बी0एच0एस0 एकेडमी नगर काशीपुर, आर0ए0एन पब्लिक स्कूल रूद्रपुर, पी0एस0 महाराजपुर रूद्रपुर, राजकीय बालिका हाई स्कूल डुंगरी पौड़ी, ज्योति स्पेशल स्कूल ऋषिकेश, केन्द्रीय विद्यालय ओ0एन0जी0सी0 देहरादून, जी0जे0एच0 स्कूल सुद्धोवाला देहरादून, केन्द्रीय विद्यालय ओएफडी रायपुर देहरादून, दून इंटरनेशनल स्कूल पौंधा देहरादून, जनरल बी0सी0 जोशी आर्मी स्कूल पिथौरागढ़, जी0पी0एस0 सलकोट पिथौरागढ़, पी0एस0 ढुंगीधार टिहरी गढ़वाल, यू0पी0एस0 रूहाल्की दयालपुर हरिद्वार, दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर हरिद्वार, शामिल है। इसके अलावा स्वच्छता की अन्य श्रेणियों में पी0एस0 बसोट अल्मेडा, केन्द्रीय विद्यालय हल्द्वानी, जवाहर नवोदय विद्यालय जयहरीखाल पौड़ी, केन्द्रीय विद्यालय ओ0एन0जी0सी0 देहरादून, स्काई वर्ल्ड सीनियर सेकेन्डरी स्कूल कृष्णानगर रूड़की, केन्द्रीय विद्यालय अपर कैम्प देहरादून शामिल है। उन्होंने बताया कि पुरस्कृत विद्यालयों में से 14 विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार के लिये नामित किया गया है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कला उत्सव में राष्ट्रीय स्तर पर पराम्परिक लोक संगीत में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली राजकीय इंटर कॉलेज हरिपुर कालसी की छात्रा अंजू एवं उनकी टीम को भी सम्मानित किया गया। विभगाय मंत्री ने डॉ0 रावत ने विद्यालयी शिक्षा के नये सोशल मीडिया पोर्टल ‘शैक्षणिक संगम’ का भी लोकार्पण किया गया। जिसके तहत विभाग की नवाचार संबंधी गतिविधियों के साथ ही उत्कृष्ट कार्यों को अपलोड किया जायेगा, जिसको सभी अधिकारियों एवं शिक्षक सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर करेंगे। विभगाय मंत्री द्वारा प्रदेशभर के स्कूलों के लिये पांच मूलभूत सिद्धांत तय किये गये हैं, जिसमें प्रत्येक विद्यालय में स्वच्छता अभियान संचालित किये जायेंगे, प्रत्येक स्कूल को एक-एक गांव गोद लेकर गांव को शत-प्रतिशत साक्षर बनाना होगा, नशा मुक्त स्कूल, ग्रीन कैम्पस स्कूल तथा प्रत्येक माह शिक्षाकों, छात्रों एवं अभिभावकों के साथ शिक्षा संवाद कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
बैठक में अपर सचिव शिक्षा दीप्ति सिंह, महानिदेशक बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक आ0के0 कुंवर, निदेशक सीमैट सीमा जौनसारी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा बंदना गर्ब्याल, अनु सचिव विभूति रंजन, अपर निदेशक आर0के0 उनियाल, भूपेन्द्र नेगी, महावीर सिंह बिष्ट, लीलाधर व्यास साहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से सम्मानित विद्यालयों के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर हर घर में फहराया जायेगा तिरंगा-संबित पात्रा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के साथ उत्तराखण्ड में हर घर तिरंगा अभियान की तैयारियों के संबंध में विस्तार से विचार विमर्श किया। संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा अभियान संचालित किया जा रहा है। इसमें 13 अगस्त से 15 अगस्त तक सभी देशवासियों से अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने का अनुरोध किया गया है। यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है। यह एक जन आंदोलन है जिसमें सभी की भागीदारी जरूरी है। अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ें इसके लिये व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार किया जाए। विशेष तौर पर सोशल मीडिया का उपयोग किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने अपने मन की बात कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को सोशल मीडिया अकाउंट में डीपी और प्रोफाइल पिक लगाने की अपील की है। सभी संगठनों को साथ लिया जाए। स्कूली बच्चों और युवाओं को देश की आजादी से जुड़ी गौरवगाथाएं बताई जाएं। लोग इस अभियान से जुड़ सकें इसके लिये फ्लैग कोड में कतिपय संशोधन किये गये हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान की तैयारियां चल रही हैं। प्रदेश में 20 लाख घरों में तिरंगा फहराया जाएगा। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है। गैर सरकारी संगठनों व संस्थाओं को भी साथ लिया जा रहा है। उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीर भूमि भी है। राष्ट्रवाद यहाँ की परम्परा है। निश्चित रूप से लोग स्वतः ही हर घर तिरंगा अभियान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, संगठन महामंत्री अजेय कुमार, भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार उपस्थित रहे।

स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की गाथाओं को याद रखे-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम को सुना।
मन की बात कार्यक्रम को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर अमृत महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हम सभी देशवासियों का कर्तव्य है कि हम देश को आजादी दिलाने वाले सभी ज्ञात अज्ञात महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान गाथाओं को सदैव याद रखे।
प्रधानमंत्री की पहल पर इस स्वतंत्रता दिवस पर 13 अगस्त से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेश वासियों से इस महान अभियान में प्रतिभाग करते हुए अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पूरे विश्व में हमारी एकता का संदेश जाएगा। आज पूरा विश्व भारत की ओर देखता है। भारतीय संस्कृति, योग व आयुष के महत्व को दुनिया मान रही है।
मुख्यमंत्री के साथ मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट एवं अन्य गणमान्य लोगों ने प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को सुना।

कौशिक को हटाया भट्ट को मिली प्रदेश अध्यक्ष की कमान

निकाय और 2024 लोकसभा चुनावों से पहले उत्तराखंड बीजेपी में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। बीजेपी आलाकमान ने उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की जगह पूर्व विधायक महेंद्र भट्ट को बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने युवा नेता महेंद्र भट्ट को उत्तराखंड के नए प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया। विधानसभा चुनाव के बाद से ही उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के चेहरे में बदलाव के कयास लगाये जा रहे थे। इस बदलाव को लेकर बड़ी बात यह निकलकर आ रही है कि भट्ट की नियुक्ति को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी की सहमति बड़ा फैक्टर रही।
साल 1971 में चमोली के थाला पोखरी गांव में जन्मे महेंद्र भट्ट बीजेपी युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। साथ ही दो बार विधायक भी रहे हैं। महेंद्र भट्ट का संबंध बदरी केदार मंदिर समिति से भी रहा है इसलिए पार्टी को लग रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उनकी ताजपोशी का असर पूरे गढ़वाल में देखा जाएगा। बीजेपी सूत्रों की मानें तो भट्ट के नाम पर सीएम पुष्कर सिंह धामी को भी कोई ऐतराज नहीं था क्योंकि भट्ट उनके ही समकक्ष नेता हैं। दो हमउम्र नेता सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बना सकते हैं।
वहीं, माना जा रहा है कि भविष्य में होने वाले कैबिनेट विस्तार में बीजेपी मदन कौशिक को कैबिनेट में जगह दे सकती है, जिससे सरकार में हरिद्वार जैसे महत्वपूर्ण जिले का बड़ा प्रतिनिधित्व हो सके। मदन कौशिक को एक तेज तर्रार किस्म का प्रशासक माना जाता है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी उनका उपयोग सरकार में करना चाहती है।

इन समीकरण के तहत मिली भट्ट को कमान?
दरअसल पुष्कर धामी के मुख्यमंत्री बनने और मदन कौशिक के प्रदेश अध्यक्ष होते हुए बीजेपी के भीतर ही गढ़वाल की अनदेखी की बात उठ रही थी। जिसके बाद गढ़वाल के पहाड़ी इलाके के किसी नेता को बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाने की चर्चा तेज थी। बीजेपी की रणनीति गढ़वाल और कुमाऊं के साथ ही जातीय समीकरण साधने की भी रही क्योंकि धामी कुमाऊं से आते हैं और राजपूत हैं। मदन कौशिक गढ़वाल मंडल के मैदानी इलाके से जुड़े ब्राह्मण थे। कौशिक का पूरे गढ़वाल में उतना प्रभाव नहीं था इसलिए बीजेपी ने गढ़वाल के ब्राह्मण महेंद्र भट्ट को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बड़ा दांव खेला। महेंद्र भट्ट की उम्र भले ही 51 साल की हो लेकिन उनका राजनीतिक अनुभव कम नहीं है। उनकी छवि एक तेजतर्रार हिंदूवादी नेता की है। एबीवीपी से लेकर बीजेपी युवा मोर्चा और बीजेपी के मुख्य संगठन में काम करने का उनका लंबा अनुभव है। भट्ट साल 1991-96 तक बीजेपी की स्टूडेंट विंड एबीवीपी में सक्रिय रहे। साल 1997 से 2002 तक बीजेपी युवा मोर्चा में प्रदेश महामंत्री और प्रदेश अध्यक्ष रहे।
2002 में पहली बार महज 32 साल की उम्र में भट्ट नंदप्रयाग से विधायक चुने गए। साल 2007-10 और 2014 से 2017 तक दो बार भट्ट बीजेपी के प्रदेश मंत्री रहे। 2010-12 तक भट्ट को दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाया गया। 2017 में भट्ट बद्रीनाथ से विधायक चुने गए। लेकिन 2022 का चुनाव हार गए. हार के बावजूद अपने इलाके और सोशल मीडिया पर वह लगातार सक्रिय रहे।
वहीं, पूर्व विधायक महेंद्र प्रसाद भट्ट के भारतीय जनता पार्टी के नये अध्यक्ष बनने पर वित्त व संसदीय कार्यमंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने दूरभाष पर अपनी शुभकामनाएं दी।
शनिवार को नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा होने के बाद मंत्री डॉ अग्रवाल ने बधाई दी। कहा कि श्री भट्ट जी के कुशल नेतृत्व में पार्टी आगे बढ़ेगी। बताया कि महेंद्र भट्ट गढ़वाल और कुमाऊं के लोकप्रिय नेता हैं। उसी का लाभ श्री भट्ट को मिला। बताया कि पूर्व विधायक महेंद्र भट्ट 1991 से 1996 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सह सचिव रहे। डॉ अग्रवाल ने कहा कि भट्ट के दिशा निर्देश पर पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा। युवाओं को आगे बढ़ने में प्रेरणा मिलेगी।

उत्तराखंड में केन्द्र के सहयोग से चल रही कई योजनायें-धामी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आजादी के अमृत महोत्सव के तहत ’उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य-पावर/2047’ के समापन समारोह कार्यक्रम में पुनर्निर्मित वितरण क्षेत्र योजना का शुभारंभ किया। एनटीपीसी की विभिन्न हरित ऊर्जा परियोजनाओं का शिलान्यास तथा लोकार्पण एवं नेशनल रूफटॉप सोलर पोर्टल को भी प्रधानमंत्री द्वारा लांच किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में इस कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी जुड़े थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बीते आठ वर्षों में देश का मान-सम्मान पूरी दुनिया में बढ़ा है। उन्होंने कहा कि देश में विभिन्न क्षेत्रों में अनेक नए कार्यों की शुरुआत हुई है। एक नई कार्य संस्कृति देश में आई है। कोरोना काल में पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था गड़बड़ा गई थी, ऐसे समय में भी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने कोरोना पर पूरी तरीके से नियंत्रण किया। भारत ने 2 स्वदेशी कोविड वैक्सीन तैयार की। अन्य देशों को भी भारत ने 20 करोड़ से अधिक वैक्सीन दी। भारत में कोविड की 200 करोड़ से अधिक वैक्सीन लगाई जा चुकी है। बूस्टर डोज का अभियान भी तेजी से चल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ऊर्जा मंत्रालय द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उत्तराखंड में भी कई परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। राज्य गठन के समय ऊर्जा और पर्यटन राज्य निर्माण की मूल अवधारणा में शामिल था। जिसको लेकर राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा 2025 तक प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सबकी सहभागिता जरूरी है। हाल ही राज्य में बिजली का संकट था, सरकार ने महंगी बिजली खरीद कर लोगों की बिजली आपूर्ति पूरी की गई।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक सविता कपूर, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एमडी यूपीसीएल अनिल कुमार उपस्थित रहे।

देश के लिये अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सैनिकों को अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य को नमन करते हुए देश के लिये अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में भी देश के लिये बलिदान की परम्परा रही है। कारगिल युद्ध में बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के सपूतों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुती दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिये वचनबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम से हमेशा देश का मान बढ़ाया है। हमें अपने जवानों की वीरता पर गर्व है। भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य का लोहा पूरी दुनिया मानती है।
भारतीय सेना के वीर जवानों ने कारगिल में विपरीत परिस्थितियों में भी दुश्मन को भागने पर मजबूर किया था। कारगिल युद्ध में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों के बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।