सीएम ने 2025 तक उत्तराखंड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की बात कही

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री पोत परिवहन और जल मार्ग, आयुष, भारत सरकार सर्वानन्द सोनोवाल ने बृहस्पतिवार को अलकनन्दा घाट, हरिद्वार में आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ’’आयुष संवाद’’-उत्तराखण्ड आयुषः संसाधन एवं संभावनायें’’-कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड का चहुमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाला दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा। उन्होंने कहा कि जब हम उत्तराखण्ड का 25वां स्थापना दिवस मनायेंगे, उस समय हमारा राज्य उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में हिन्दुस्तान का अग्रणी राज्य होगा, इसके लिये हम कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री पोत परिवहन और जल मार्ग, आयुष, भारत सरकार से उत्तराखण्ड में अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान खोले जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की उत्तराखण्ड राज्य से जो भी अपेक्षायें होंगीं, उन्हें हम पूरा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रत्येक क्षेत्र में देश का नाम विश्व में रोशन किया है। उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अद्भुत कॉरिडोर बना है। अहिल्याबाई होल्कर के बाद प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ के स्वरूप को संवारा है। उन्होंने केदारनाथ धाम व बद्रीनाथ धाम का उल्लेख करते हुये कहा कि केदारनाथ में 400 करोड़ रूपये की योजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास हुये है तथा अप्रैल में केदारनाथ में तीसरे चरण के कार्यों की शुरूआत हो जायेगी। इसके अलावा बद्रीनाथ धाम के लिये 250 करोड़ रूपये की योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गयी है, जिसके लिये टेण्डर की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गयी है।
सर्वानन्द सोनोवाल, केन्द्रीय मंत्री पोत परिवहन और जल मार्ग, आयुष ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये घोषणा की कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत 10 बेड का आयुष हॉस्पिटल उत्तराखण्ड में स्थापित किया जायेगा, राज्य के प्रत्येक जिले में एक-एक मोबाइल आयुष यूनिट (आयुष रथ) संचालित किये जायेगे, राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत राज्य में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जायेगी, राष्ट्रीय आयुष मिशन के अन्तर्गत 50 बेड का यूनानी हॉस्पिटल स्थापित किया जायेगा, 100 आयुष वेलनेस सेंटर स्थापित करने के लिये आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी, नेशनल मेडिकल प्लांट्स बोर्ड की सहायता से 200 स्कूलों में हर्बल गार्डन की स्थापना की जायेगी, नेशनल मेडिकल प्लांट्स बोर्ड की सहायता से उत्तराखण्ड के तेरह जिलों में तेरह नर्सरियों की स्थापना की जायेगी, मेडिकल प्लांट आदि की अवस्थापना के लिये प्रत्येक वन पंचायत को 15 लाख की सहायता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी में मर्म चिकित्सा की व्यवस्था होगी तथा यह देश का प्रमुख केन्द्र बनेगा।
केन्द्रीय आयुष मंत्री ने बताया कि भारत सरकार की ओर से उत्तराखण्ड को आयुष क्षेत्र के विकास के लिये सहायता दी जा रही है तथा उत्तराखण्ड को महत्वपूर्ण प्रदेश के रूप में विकसित करेंगे। प्रधानमंत्री जी दिन-रात कड़ी मेहनत व ईमानदारी से देश की सेवा में लगे हुये हैं, जिससे हमें भी प्रेरणा व मार्गदर्शन मिलता रहता है। उन्होंने अपनी कार्यप्रणाली से हिन्दुस्तान ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री हमेशा एक भारत श्रेष्ठ भारत की बात करते हैं तथा उन्होंने हर वर्ग को साथ लेकर देश को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। मुख्यमंत्री धामी का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि वे मेहनत व लगन से उत्तराखण्ड की जनता की सेवा में लगे है तथा उन्होंने अल्प समय में ही उत्तराखण्ड की जनता के दिलों में अपना स्थान बना लिया है।
उत्तराखण्ड के वन, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन, श्रम, कौशल विकास एवं सेवायोजन, आयुष, आयुष शिक्षा, ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड महर्षि चरक ऋषि की धरती है। उत्तराखण्ड योग, आयुर्वेद, मां गंगा की धरती है। प्रधानमंत्री ने योग को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया तथा आयुष मंत्रालय का गठन किया, जिसकी वजह से आज आयुष के क्षेत्र में काफी प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के समय में लोगों ने आयुष के महत्व को समझा। उन्होंने बताया कि आज 19 आयुर्वेदिक कॉलेज हैं, जिनमें 11 सौ सीटें हैं।
समारोह को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, वैद्य राजेश कोटेचा, सचिव, आयुष मंत्रालय भारत सरकार, डी0 सैन्थिल पाण्डियन, संयुक्त सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा, भारत सरकार, प्रो0 सुनील कुमार जोशी, कुलपति उत्तराखण्ड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय ने भी संबोधित किया।
मंच का संचालन डॉ0 नरेश चौधरी, सचिव, रेडक्रॉस ने किया। इस अवसर पर पतंजलि विश्वविद्यालय की छात्राओं ने धन्वन्तरि वंदना प्रस्तुत की। इसके अलावा डी0ए0वी0 पब्लिक की छात्राओं एवं देव संस्कृति संस्था ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों आदि को मंत्रमुग्ध कर दिया। अलकनन्दा घाट परिसर में आयुष से सम्बन्धित भव्य स्टॉल लगाये गये थे।

नमामि गंगे के तहत खटीमा और ऋषिकेश को मिली 6 करोड़ की दो योजनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सीमान्त क्षेत्र खटीमा से सटे झनकईयां स्थान पर 3.62 करोड़ के दो स्नान घाटों के निर्माण तथा ऋषिकेश में 2.50 करोड़ लागत वाली घाट क्लीनिंग परियोजना की स्वीकृति प्रदान किये जाने पर केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री का आभार जताया है।
ज्ञातव्य है कि राजीव रंजन मिश्रा, महानिदेशक, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की अध्यक्षता में नई दिल्ली में सम्पन्न बैठक में उत्तराखण्ड राज्य के सीमान्त क्षेत्र खटीमा से सटे झनकईयां स्थान पर 3 करोड़ 62 लाख की लागत से स्नान घाट परियोजना की स्वीकृति प्रदान की गयी है, इस परियोजना के अन्तर्गत 40-40 मीटर के दो स्नान घाटों का निर्माण किया जायेगा। गौरतलब है कि भारत-नेपाल सीमा से लगे होने के चलते यह घाट का सामरिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही योग नगरी ऋषिकेश में घाटों की सफाई हेतु घाट क्लीनिंग परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान हुई है। लगभग 2.5 करोड़ की लागत से ऋषिकेश में 2 वर्षों हेतु घाट क्लीनिंग परियोजना क्रियान्वित की जायेगी, जिसमें केन्द्र से 70 प्रतिशत एवं राज्यांश 30 प्रतिशत रहेगा।

17 और 18 दिसम्बर को ग्रैंड फूड फेस्टिवल में प्रसिद्ध होटलों के सेफ तैयार करेंगे व्यंजन

पशुपालन एवं सहकारिता सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने आज सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता में कहा कि बकरो और उत्तराफिश नाम से मार्केट में फ्रेश और ऑर्गेनिक मीट बिक रहा है। राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बकरियां और मत्स्य पालक किसानों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने हेतु पैसिफिक मॉल में 17 एवं 18 दिसम्बर बिक ग्रैंड फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है।
सचिव सुंदरम ने बताया कि उच्च हिमालई क्षेत्रों के इन उत्पादों को देहरादूनवासी बखूबी जाने इसके लिए दो दिवसीय ग्रैंड फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। इस फेस्टिवल में देहरादून और मसूरी की पंच सितारा होटल के सेफ इन प्रोडक्टों की डिश तैयार करेंगे। इसके अलावा देहरादून के स्थानीय लोगों का कुकी कंपटीशन होगा। जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आने वालों के साथ ही प्रतिभागियों को भी पुरस्कार दिया जाएगा। ग्रैंड फूड फेस्टिवल में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रखे हुए हैं जिसमें प्रियंका मेहर और प्रातुयल जोशी गीत और संगीत पेश करेंगे।
सचिव ने कहा कि भेड़-बकरी पालन उत्तराखंड का परंपरागत व्यवसाय है। इसे बढ़ावा देने के लिए राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना अपना अहम योगदान दे रहा है। बकरी-भेड़ पालन रुद्रप्रयाग एवं अल्मोड़ा जनपदों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था। अब यह पौड़ी और बागेश्वर जनपद में भी शुरू किया गया है। भेड़ बकरी पालकों को योजना के तहत राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना से 10 बकरी और एक बकरा उपलब्ध कराया जा रहा है। इन्हें वैज्ञानिक ढंग से पालने के लिए भेड़ बकरी पलकों को ट्रेनिंग भी दी जा रही है। और इन्हीं बकरियों का मीट बकरो के रूप में देहरादून, चंडीगढ़, दिल्ली एवं एनसीआर में निर्यात हो रहा है। इससे भेड़ बकरी पालकों की आमदनी दुगनी हो रही है।
ट्राउट फिश के बारे में सचिव ने बताया कि इसकी बहुत ज्यादा डिमांड है। ट्राउट फिश को उत्तरा फिश नाम से बेचा जा रहा है। उन्होंने बताया कि तो ट्राउट फिश का उत्पादन 6 डिग्री से 18 डिग्री तापमान के बीच साफ-सुथरे अविरल पानी में होता है। विभाग ने 28 क्लस्टर बना दिए हैं। अगले साल तक 50 क्लस्टर हो जाएंगे। राज्य के 6 जिलों में चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में ट्राउट फिश की मछली पालक किसान 2000 मीट्रिक टन पैदावार कर रहे हैं, जिसे शीघ्र ही 10 हजार मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि ट्राउट फिश की खेती करने के लिए उत्तराखण्ड के बाहर अन्य राज्यों में बसे लोग भी वापस आकर इस व्यवसाय से जुड़ रहे हैं। ट्राउट के लिए पहाड़ की जलवायु बहुत अनुकूल है। ट्राउट की डिमांड महानगरों में ज्यादा है। उन्होंने बताया कि गोपेश्वर और रुद्रप्रयाग की हेचरिज को विस्तार दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत सामान्य व्यक्ति को 40 प्रतिशत महिला को 60 प्रतिशत सब्सिडी विभाग दे रहा है, एवं सामूहिक रूप से सहकारी समितियों के माध्यम से मत्स्य पालन में एनसीडीसी सहयोग कर रहा है।
इस अवसर पर परियोजना प्रबंधक भेड़ बकरी पालन अवनीश आनंद, मत्स्य के परियोजना प्रबंधक एच के पुरोहित, महाप्रबंधक मार्केटिंग उत्तरा फिश सुशील डिमरी उप महाप्रबंधक बकरो अजय कुमार शर्मा मौजूद रहे।

लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना को केन्द्रीय कैबिनेट की मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कैबिनेट द्वारा लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना की स्वीकृति दिये जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत व केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्रीय महत्व की परियोजना जल्द पूरी होगी। वर्षों से लम्बित परियोजना पर प्रधानमंत्री की इच्छा शक्ति से राष्ट्र हित में निर्णय लिया गया है। 90 प्रतिशत केन्द्रीय वित्त पोषण की इस परियोजना से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली व राजस्थान राज्य लाभान्वित होंगे। इससे इन राज्यों को जलापूर्ति होगी। परियोजना के जल घटक का लाभ 6 राज्यों को मिलेगा तथा विद्युत घटक का लाभ उत्तराखंड को मिलेगा। जलघटक का 90 प्रतिशत केन्द्र सरकार द्वारा अनुदान सहायता के रूप में दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री के अनुरोध पर धामपुर-काशीपुर नई रेल लाईन के परीक्षण के निर्देश

केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने धामपुर-काशीपुर नई रेल लाईन के परीक्षण कराने के लिए रेल मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देशित किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेल मंत्री से धामपुर-काशीपुर नई रेल लाईन के लिए अनुरोध किया था। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस सम्बंध में सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश देने के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि धामपुर-काशीपुर नई रेल लाईन का शीघ्र परीक्षण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसके लिये रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है।

गौलापार अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में होगी पीएम की रैली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के लिए गौलापार अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम स्थल को चिन्हित किया गया है। आगामी 24 दिसंबर को यहां पर प्रधानमंत्री की रैली प्रस्तावित है। भाजपा ने पीएम मोदी की रैली के लिए एक लाख की भीड़ जुटने की बात कही है। जानकारी के मुताबिक नैनीताल (हल्द्वानी) जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहली रैली होगी।
नैनीताल जिला प्रभारी मंत्री यतीश्वरानंद, शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत, विधायक राम सिंह कैड़ा, विधायक लालकुआं नवीन दुम्का, भाजपा के महामंत्री संगठन अजेय, वरिष्ठ भाजपा नेता ज्योति गैरोला समेत अन्य नेता मंगलवार को यहां मौजूद थे। वहीं भाजपा ने पीएम मोदी की रैली के लिए एक लाख की भीड़ जुटने की बात कही है। जानकारी के मुताबिक नैनीताल (हल्द्वानी) जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहली रैली होगी।
शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत ने बताया कि इससे पूर्व रैली के लिए एमबी इंटर कॉलेज, मिनी स्टेडियम हल्द्वानी आदि जगहों को देखा गया था। अब अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को चिन्हित किया गया है। इसकी सूचना पीएमओ कार्यालय को भेजी जाएगी।

देहरादून की त्रिशला ने यूपीएससी में देश में पाया दूसरा स्थान

यूपीएससी के नतीजे घोषित हो गए हैं। यूपीएससी की परीक्षा में देहरादून की त्रिशला सिंह ने देश में दूसरी रैंक हासिल की है। कोरोना काल में घर में पढ़ाई कर त्रिशला ने यूपीएससी में दूसरा स्थान हासिल किया है। यूपीएससी परीक्षा देने के लिए त्रिशला ने एमएनसी की नौकरी को छोड़ दी थी। त्रिशला ने देहरादून से ही स्कूली शिक्षा हासिल की और मास्टर करने के बाद एमएनसी में नौकरी करने लगीं।
त्रिशला के पिता डॉ. कौशल कुमार और माता ने कहा कि बेटी ने परिवार के साथ उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। त्रिशला का छोटा भाई पार्थ पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। त्रिशला ने बताया कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान लिखित परीक्षा और दो महीने साक्षात्कार के लिए पढ़ाई की और उन्हें सफलता हाथ लगी।

मुख्यमंत्री परिषद में पीएम मोदी को धामी ने दिलाया विश्वास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित सुशासन सम्मेलन (मुख्यमंत्री परिषद) में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्य की ओर से बेस्ट प्रैक्टिस के तहत उत्तराखण्ड होम स्टे पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण के दौरान जानकारी दी गई कि राज्य में स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने, नये पर्यटन स्थलों को विकसित करने, पर्यटकों को राज्य की संस्कृति से परिचित कराने एवं पलायन को रोकने के उद्देश्य से राज्य में होम स्टे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। होम स्टे के तहत राज्य में दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना, ट्रेकिंग ट्रेक्सन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना चलाई जा रही है। दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत होमस्टे का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। लाभार्थी को 15 लाख रूपये तक पूंजी सहायता एवं ब्याज सहायता 1.50 लाख तक दी गई है। 5 वर्षों हेतु राज्य जीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की गई है।
राज्य में 3700 से अधिक होम स्टे पंजीकृत हैं। 14.53 करोड़ की पूंजी सहायता वितरित की जा चुकी है। इस योजना से 8 हजार से अधिक रोजगार का सृजन हुआ है। राज्य सरकार द्वारा होम स्टे संचालकों को गांवों में पर्यटन के बुनियादी ढ़ाचे के विकास, निजी वेब-साईट पर होम स्टे विज्ञापित करने, सरकारी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन प्रचार, निःशुल्क प्रशिक्षण, ट्रैवल मार्ट में निःशुल्क भागीदारी एवं गुणवत्ता निर्धारण हेतु सरकार द्वारा ग्रेडिंग की सुविधाएं दी जा रही हैं।
राज्य में सीमान्त क्षेत्रों से पलायन रोकने एवं एवं पर्वतारोहण की गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही ट्रेकिंग ट्रेक्सन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना हेतु वित्तीय अनुदान की व्यवस्था है। इस योजना के तहत अक्टूबर 2021 तक 120 लाभार्थियों को 3.20 करोड़ का अनुदान स्वीकृत किया जा चुका है।
सुशासन सम्मेलन के दौरान उत्तराखण्ड की ओर से अटल आयुष्मान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), पी.एम.स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना एवं स्वामित्व योजना पर भी प्रस्तुतीकरण दिया गया।
प्रस्तुतीकरण के दौरान जानकारी दी गई कि अटल आयुष्मान योजना के तहत राज्य में 45.22 लाख आयुष्मान कार्ड निर्गत किये जा चुके हैं। कार्डों का वितरण निःशुल्क किया जा रहा है। चिकित्सालयों को एक सप्ताह के अन्दर भुगतान किया जा रहा है। शिकायतों के निवारण हेतु 155368 टोल फ्री कॉल सेंटर की सुविधा एवं पर्वतीय अंचल के चिकित्सालयों हेतु पैकेज दरों के अतिरिक्त 10 प्रतिशत प्रोत्साहन धनराशि का भुगतान किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत भारत सरकार से प्राप्त लक्ष्य के तहत फेज-1 में 12662 लाभार्थियों को चयनित किया गया जिसके सापेक्ष 12427 आवास पूर्ण हो चुके हैं। फेज-2 में भारत सरकार से 16472 आवास बनाने का लक्ष्य मिला है, जिस पर कार्यवाही गतिमान है। इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा लाभार्थियों को बर्तन खरीद हेतु प्रति लाभार्थी 5 हजार रूपये की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। सभी पात्र भूमिहीन परिवारों को राज्य सरकार द्वारा भूमि पट्टा आवंटित किया जा रहा है। आवासीय कालोनियों के विकास के लिए बिजली, पानी, सड़क, नाली की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में बी.एल.सी. के तहत 3802, सी.एल.एस.एस के तहत 13287 एवं ए.एच.पी के तहत 464 आवासों की कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है। डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों को धनराशि का वितरण किया जा रहा है। आवासों की जियो टैगिंग की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा बी.एल.सी. के तहत 50 हजार रूपये एवं ए.एच.पी के तहत 1 लाख रूपये का अतिरिक्त अनुदान दिया जा रहा है। निशुल्क भू-उपयोग परिवर्तन की व्यवस्था की गई है। पीएमएवाई के लाभार्थियों हेतु 50 वर्ग मीटर नजूल भूमि के निःशुल्क आवंटन की व्यवस्था की गई है।
पी.एम. स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना के तहत 11543 स्वीकृत आवेदनों में से 10101 लाभार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा लाभार्थियों को 02 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान दिया जा रहा है एवं स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी जा रही है।
स्वामित्व योजना के तहत राज्य में 2409 ग्रामों के 102291 अभिलेख तैयार किये गये हैं। जिसमें से 98236 अभिलेख वितरित किये गये हैं। इस योजना के तहत चार जनपदों पौड़ी गढ़वाल, ऊधमसिंहनगर, हरिद्वार एवं देहरादून में सर्वेक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष जनपदों में सर्वेक्षण कार्य की प्रक्रिया गतिमान है।

मुख्यमंत्री कॉन्क्लेव में सीएम धामी राज्य की योजनाओं की जानकारी देंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वाराणसी में आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री कॉन्क्लेव में प्रतिभाग करेंगे। कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री राज्य में संचालित केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर चर्चा करेंगे।
इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने रविवार को सायं मुख्यमंत्री आवास में विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होने वाले लाभार्थियों, योजनाओं के क्रियान्वयन में अपनाई गई प्रक्रियाओं एवं इस दिशा में आने वाली चुनौतियों के निराकरण के लिये किये जा रहे प्रयास आदि के सम्बन्ध में योजनावार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान सम्बन्धित विभागीय सचिवों द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्य सरकार द्वारा संचालित होम स्टे योजना को राज्य की संस्कृति एवं पर्यटन को बढ़ावा देने वाला बताया है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में विशेष प्रयासों की जरूरत बतायी। मुख्यमंत्री द्वारा कॉन्क्लेव में राज्य सरकार द्वारा संचालित होम स्टे योजना के क्रियान्वयन आदि की जानकारी भी साझा की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में होम स्टे योजना तथा ट्रेकिंग ट्रेक्शन सेंटरों की स्थापना से राज्य के पर्यटन, साहसिक पर्यटन एवं आर्थिकी को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन तथा पलायन रोकने में भी मदद मिलेगी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली, रविनाथ रमन, एस.ए. मुरूगेशन, चन्द्रेश कुमार, मुख्यमंत्री के मुख्य समन्वयक प्रो. दुर्गेश पंत, अपर सचिव आशीष कुमार, आनन्द स्वरूप, अरूणेन्द्र सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।

आईएमए में राष्ट्रपति ने ली पासिंग आउट परेड की सलामी

भारतीय सैन्य अकादमी में पासिंग आउट परेड (पीओपी) के साथ ही आज भारतीय थल सेना को 319 युवा जांबाजों की टोली मिल गई। इसके साथ ही मित्र देशों के 68 कैडेट भी पास आउट हुए।पीपिंग व ओथ सेरेमनी के बाद पासिंग आउट बैच के 387 जेंटलमैन कैटेड बतौर लेफ्टिनेंट देश-विदेश की सेना का अभिन्न अंग बन गए हैं।
68 युवा सैन्य अधिकारी आठ मित्र देशों अफगानिस्तान, भूटान, श्रीलंका, नेपाल, मालद्वीव, म्यांमार, तंजानिया व तुर्किमेनिस्तान की सेना का अभिन्न अंग बने हैं। इसके बाद देहरादून स्थित प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी के नाम देश-विदेश की सेना को 63 हजार 668 युवा सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ गया है। इनमें मित्र देशों को मिले 2624 सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं।

राष्ट्रपति ने ली परेड की सलामी, सीडीएस रावत को किया याद
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बतौर निरीक्षण अधिकारी परेड की समीक्षा की और पास आउट हो रहे जेंटलमैन कैडेटों से सलामी ली। उनके साथ में कमांडेंड लेफ्टिनेंट जनरल हरिंद्र सिंह और स्वॉर्ड ऑफ ऑनर विजेता आनमोल गुरुंग भी मौजूद रहे। इसके बाद भावी सैन्य अफसरों की भव्य मार्चपास्ट हुई। समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कैडेट्स को अवॉर्ड से सम्मानित किया।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने जनरल बिपिन रावत को याद करते हुए कहा कि जनरल रावत में असाधारण नेतृत्व क्षमता थी। उनकी मृत्यु ने एक शून्यता पैदा की है जिसे भरा नहीं जा सकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि हम ऐसे वक्त पर यहां एकत्र हुए हैं जब पूरा देश जनरल बिपिन रावत के असामयिक निधन से सदमे में है। कहा कि उत्तराखंड उनका घर था और उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया था। असाधारण कौशल के लिए उन्हें आईएमए में स्वोर्ड ऑफ आनर से भी सम्मानित किया गया था।
खुद सीडीएस जनरल रावत ने भी अकादमी का गौरव बढ़ाया है। उनसे पहले फील्ड मार्शल केएम करियप्पा, फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ और कई अन्य असाधारण योद्धाओं एवं रणनीतिकारों ने यहां से एक युवा कैडेट के तौर पर अपने सैन्य कैरियर की शुरुआत की थी। इनमें कुछ ने देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया तो किसी ने अपने रणकौशल व नेतृत्व क्षमता से देश का मान बढ़ाया। उन्होंने भरोसा जताया कि वीरता और ज्ञान को समाहित कर जेंटलमैन कैडेट अकादमी की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाएंगे। आईएमए में कड़ा सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने पर कैडेटों को बधाई देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सैनिक के रूप में उनकी सेवा और समर्पण शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत की ताकत में इजाफा करेगा। कहा कि हमें इस अवसर पर अकादमी से पासआउट कई शानदार अधिकारियों में से एक जनरल बिपिन रावत द्वारा प्राप्त प्रतिष्ठा को याद करना चाहिए। जो अपनी कड़ी मेहनत से भविष्य की पीढ़ी के लिए सैन्य आचरण के रोल मॉडल के रूप में उभरे। 
राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि हमारा राष्ट्र ध्वज तिरंगा हमेशा ऊंचा लहराएगा, क्योंकि आईएमए से पास आउट हो रहे बहादुर कैडेट इसके सम्मान की रक्षा करेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा समय में देश क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसलिए कैडेटों को यह ध्यान रखना चाहिए कि आधुनिक दौर के खतरों से निपटने के लिए केवल शारीरिक व मानसिक मजबूती ही काफी नहीं है। उन्हें एक रणनीतिक मानसिकता के साथ ही अनुकूल स्वभाव भी विकसित करना होगा। सैन्य कौशल में सुधार के लिए जरूरी मानसिक लचीलापन भी हासिल करना होगा। राष्ट्रपति ने सेना में शामिल हो रहे युवा अफसरों को अप्रत्याशित चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। परेड में दस मित्र देशों के कैडेटों को देख उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। कहा कि हम अपने देशों के बीच विशेष बंधन को संजोते हैं, और यह भारत के लिए बहुत गर्व की बात है कि मित्र देशों के कैडेट पासआउट हो रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि विदेशी कैडेट आईएमए में अपने प्रशिक्षण के दौरान अपने सहयोगियों और प्रशिक्षकों के साथ बनी मित्रता के अनूठे बंधन को बनाए रखेंगे।
कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए इस बार भी परेड के दौरान हर स्तर पर बेहद सतर्कता बरती जा रही है। आईएमए के ऐतिहासिक चेटवुड भवन के सामने ड्रिल स्क्वायर पर परेड सुबह साढ़े सात बजे से शुरू हुई। इस दौरान कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल हरिन्द्र सिंह और डिप्टी कमांडेंड आलोक जोशी ने परेड की सलामी ली। इससे बाद जनरल कमांडिंग ऑफिसर ले.जनरल राज शुक्ला ने परेड की सलामी ली। राज्यपाल गुरमीत सिंह और सीएम पुष्कर सिंह धामी भी परेड में पंहुचे। पीओपी को सादगी से आयोजित किया जा रहा है। परेड के दौरान ड्रिल स्क्वायर पर मार्चपास्ट, अवार्ड ड्रिस्ट्रीब्यूशन, पीपिंग व ओथ सेरेमनी की रस्म तो निभाई गई, लेकिन जश्न नहीं मनाया गया।

उत्तराखंड से देश को मिले 43 अफसर
भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से पास आउट होने वाले जेंटलमैन कैडेटों में 43 उत्तराखंड के हैं। यह शनिवार को पासआउट हुए 319 भारतीय कैडेटों की संख्या का 14 फीसदी है। इस बार भी पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कैडेटों की संख्या सबसे अधिक 45 हैं।

राज्यवार कैडेटों की संख्या
उत्तर प्रदेश से 45, उत्तराखंड से 43, हरियाणा से 34, बिहार से 26, राजस्थान से 23, पंजाब से 22, मध्य प्रदेश से 20, महाराष्ट्र से 20, हिमाचल प्रदेश से 13, जम्मू कश्मीर से 11, दिल्ली से 11, तमिलनाडु से 7, कर्नाटक से 6, केरल से 5, आंध्र प्रदेश से 5,  चंडीगढ़ से 5, झारखंड से 4, पश्चिम बंगाल से 3, तेलंगाना से 3, मणिपुर से 2, गुजरात से 2, गोवा से 2, उड़ीसा से 2, असम से 2, मिजोरम से 2, छत्तीसगढ़ से 2, मिजोरम से 2

इन्हें मिला अवॉर्ड
स्वॉर्ड ऑफ ऑनर-एसीए अनमोल गुरुंग
ऑर्डर ऑफ मेरिट में स्वर्ण पदक- एसीए अनमोल गुरुंग 
रजत पदक – बीओ तुषार सपरा 
कांस्य पदक – बीसीए आयुष रंजन
चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर – केरेन कॉय
श्रेष्ठ विदेशी कैडेट – बीओ सांगे फेनडेन दोरजी (भूटान)
रजत पदक (टीजीसी)जूनियर अंडर आफिसर कुणाल चौबीसा