पंचतत्व में विलीन हुए जनरल दंपति, हरिद्वार में कल परिवार अस्थियां लेकर आयेंगे

जब तक सूरज चांद रहेगा, बिपिन रावत का नाम रहेगा…। अमरता के इन नारों और 17 तोपों की सलामी की गूंज के बीच देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत पंचतत्व में विलीन हो गए। दोपहर दो बजे दिल्ली के 3, कामराज मार्ग स्थित उनके घर से निकली अंतिम यात्रा में हजारों लोग हमसफर बने। आंखें नम थीं, लेकिन वीरता का गर्व भी था और उसके सम्मान में पुष्पवर्षा करते रहे। मां भारती के वीर सपूत के लिए नारे लगाते रहे। सीडीएस रावत और उनकी पत्नी को उनकी बेटियों कृतिका और तारिणी ने रुढ़ियों को तोड़ते हुए मुखाग्नि दी। यही नहीं जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी के शव भी एक साथ ही चिता पर रखे गए थे।

कई देशों के सेनाध्यक्षों और राजनियकों ने भी अंतिम विदाई
इस मौके पर जनरल बिपिन रावत के छोटे भाई का परिवार, मधुलिका रावत की फैमिली के लोग भी मौजूद थे। यही नहीं बड़ी संख्या में सैनिकों के परिवार, राजनीतिक हस्तियां, कई देशों के सेनाध्यक्ष और राजनियक भी मौजूद थे। जनरल बिपिन रावत किस कद के सैन्य अधिकारी थे, इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इजरायल, अमेरिका, फ्रांस और रूस समेत कई देशों ने उनकी मौत पर शोक जाहिर किया। यही नहीं उनके निधन को अपने एक गहरे दोस्त को खोने जैसा बताया था।

दिन भर हस्तियों का लगा रहा श्रद्धांजलि के लिए तांता
बुधवार को दोपहर 12:08 बजे तमिलनाडु के नीलगिरि जिले के कुन्नूर हुए हेलिकॉप्टर क्रैश में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैन्य अफसरों की मौत हो गई थी। विमान में कुल 14 लोग सवार थे, जिनमें से एक विंग कमांडर वरुण सिंह ही जीवित हैं और उनकी हालत भी चिंताजनक बनी हुई है। इसके बाद गुरुवार शाम को जनरल बिपिन रावत समेत सभी सैनिकों के शवों को दिल्ली लाया गया था और सुबह जनरल रावत और उनकी पत्नी का शव 3,कामराज मार्ग स्थित उनके घर पर पहुंचा था। सुबह से ही उनके घर पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वाली हस्तियों और आम लोगों का तांता लगा था।

कल हरिद्वार में अस्थियां प्रवाहित करेगा परिवार
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी की अस्थियां शनिवार को हरिद्वार में गंगा में प्रवाहित की जाएंगी। पारिवारिक सदस्यों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। जनरल रावत के छोटे भाई एवं पूर्व सैन्य अधिकारी विजय रावत ने कहा, ‘‘हम कल उनकी अस्थियों को हरिद्वार ले जाएंगे। हम परिवार के सदस्य उनकी अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने जाएंगे।’’

कल आईएमए परेड में शामिल होंगे राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्‍द

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के दून पहुंचने पर प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह एवं पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के देहरादून पहुंचने पर शुक्रवार को प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह एवं पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति शनिवार को आईएमए की पासिंग आउट परेड में होंगे शामिल होंगे। इस बार पासिंग आउट परेड का आयोजन भी सादगी से किया जा रहा है। इस मौके पर मेयर सुनील उनियाल गामा और गढ़वाल कमीशनर सुशील कुमार भी मौजूद रहे।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द आज शाम देहरादून पहुंचे। वह यहां शनिवार को होने वाली भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) की पासिंग आउट परेड में सलामी लेंगे। राष्ट्रपति शाम चार बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से वह सीधे राजभवन आए। शुक्रवार को राष्ट्रपति राजभवन में ही प्रवास करेंगे। शनिवार सुबह वह पीओपी के लिए आइएमए पहुंचेंगे। राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था चौकस कर दी है। साथ ही विभिन्न अधिकारियों को जिम्मेदारी भी सौंप दी है। पासिंग आउट परेड के बाद राष्ट्रपति वापस राजभवन पहुंचेंगे और फिर यहीं से वापस लौट जाएंगे।

राजभवन पहुंचे राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द
राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द राजभवन पहुंच गए हैं। वह शनिवार को आइएमए में आयोजित पासिंग आउट परेड (पीओपी) में शिरकत करेंगे। राष्ट्रपति वायु सेना के विशेष विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे थे। इसके बाद वह हैलिकाप्टर से जीटीसी हेलीपैड पहुंचे। वहां से सड़क मार्ग से राजभवन पहुंचे। पुलिस की ओर से डोईवाला से कैंट और यहां से राजभवन तक यातायात डायवर्ट किया हुआ था, जबकि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की हुई थी। राष्ट्रपति का रात्रि विश्राम राजभवन में ही होगा।

जनरल रावत की सादगी, सहजता हमेशा हमारे दिलों में रहेगी-सीएम

सीडीएस जनरल बिपिन रावत का तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर हादसे में बुधवार को निधन हो गया था। इस हादसे में उनकी पत्नी समेत 13 और लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली पहुंचकर जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने एवं शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल बिपिन रावत का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी सादगी, सहजता हमेशा हमारे दिलों में रहेगी। देश की सेना एवं सीमाओं की रक्षा के लिए जनरल बिपिन रावत के योगदान को देश हमेशा याद रखेगा।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने भी जनरल बिपिन रावत व उनकी पत्नी को श्रद्धांजलि दी। गुरुवार को विधानसभा सत्र के दौरान सदन में जनरल रावत व हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए जांबाजों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे।

तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर हादसे में 13 लोगों की हुई मौत
सीडीएस जनरल बिपिन रावत का तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर हादसे में बुधवार को निधन हो गया था। इस हादसे में उनकी पत्नी समेत 13 और लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी।
मुख्यंत्री के कार्यक्रम के अनुसार, शुक्रवार को वह सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हुए। गुरुवार को वह नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। गुरुवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत भी दिल्ली पहुंच गए। वहां सीडीएस जनरल बिपिन रावत के आवास पर उनकी बेटियों से मिले। उन्होंने शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया। शुक्रवार भी वह नई दिल्ली में रहे जहां वह जनरल रावत और उनकी पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

आज होगा सैन्य सम्मान के साथ संस्कार, सीडीएस सहित सभी कों दिल्ली में दी गई श्रद्धाजंली

एक दुखद दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत का अंतिम संस्कार शुक्रवार को यानी आज किया जाएगा। तमिलनाडु के कुन्नूर के पास बुधवार को सैन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटना में अपनी पत्नी और सशस्त्र बलों के 11 अन्य कर्मियों के साथ शहीद हुए उत्कृष्ट कमांडर को लोग आज दिल्ली में श्रद्धांजलि दे सकेंगे। जनरल रावत और उनकी पत्नी मधुलिका के शवों को उनके कामराज मार्ग स्थित आवास पर सुबह 11 बजे से दोपहर 12ः30 बजे तक रखा जाएगा ताकि आम जनता उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सके। दोपहर 12ः30 से 1ः30 बजे के बीच का स्लॉट सैन्य कर्मियों के लिए बहादुर जनरल और उनकी पत्नी को सम्मान देने के लिए रखा जाएगा। जनरल रावत की उनके आवास से बरार स्क्वायर श्मशान घाट तक की अंतिम यात्रा दोपहर 2 बजे के करीब शुरू होने वाली है। समाचार एजेंसी के अनुसार, दिवंगत सीडीएस रावत का अंतिम संस्कार शाम 4 बजे निर्धारित है। वहीं, ब्रिगेडियर एलएस लिडर का अंतिम संस्कार सुबह 9 बजे किया जाएगा। हालांकि भारतीय वायु सेना ने बुधवार दोपहर हेलीकॉप्टर दुर्घटना में 13 लोगों की मौत की पुष्टि की है, लेकिन अब तक केवल तीन शवों की पहचान की गई है। जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और ब्रिगेडियर लिडर के शव की पहचान हो चुकी है। अन्य शवों को पहचान होने तक सेना बेस अस्पताल के मोर्चरी में रखा जा रहा है।

पीएम मोदी और रक्षा मंत्री ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने गुरुवार को पालम एयरपोर्ट पर सशस्त्र बलों के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार, एयर चीफ मार्शल एवीआर चौधरी और रक्षा सचिव अजय कुमार सहित देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने भी एक शोक समारोह में मृतकों को अंतिम श्रद्धांजलि दी।

स्क्वॉड्रन लीडर कुलदीप सिंह का अंतिम संस्कार भी आज
हेलीकॉप्टर हादसे में जान गवाने वालों में शामिल वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह के पैतृक गांव में रहने वाले उनके परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने झुंझुनूं जिले के घरडाना खुर्द गांव में उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह की मां का कहना है कि उन्हें अपने बेटे के देश के लिए शहीद होने पर गर्व है। उन्होंने कहा, मेरे बेटे की यही कमाई है। अपने घर के अंदर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, बहुत अच्छी कमाई करी है मेरे बेटे ने… उन्होंने दो बार हाथ ऊपर करके कहा वंदे मातरम।
कुलदीप सिंह का विवाह दो साल पहले ही हुआ था। स्थानीय सरपंच उम्मेद सिंह राव ने बताया, “ग्रामीणों ने सिंह का अंतिम संस्कार गांव के महात्मा गांधी सरकारी विद्यालय के मैदान में करने का निर्णय किया है। उनकी वहां प्रतिमा भी लगाई जायेगी। शिक्षा विभाग ने विद्यालय के मैदान में दाह संस्कार करने की मंजूरी दे दी है।”

सीएम ने दिल्ली जाकर जनरल के परिवार से की मुलाकात, शोक संवेदनाएं दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में जनरल बिपिन रावत के आवास पर उनके परिवार जनों से भेंट कर शोक संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत जी और उनकी धर्मपत्नी मधुलिका रावत के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल बिपिन रावत का निधन बहुत बड़ी अपूरणीय क्षति है। उनका निधन देश के लिए विशेषकर उत्तराखण्ड राज्य की बहुत बड़ी हानि है, साथ ही मेरे लिए भी। सैनिक पुत्र होने के नाते हमेशा मेरा मार्ग दर्शन करते रहते थे। उनकी सादगी, सहजता हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी। कभी लगता नहीं था कि किसी जनरल से मिल रहे हैं। पहली बार मुख्य सेवक बनने के बाद जब मिले तो मेरे पिताजी की रेजीमेंट (महार रेजिमेंट) सागर जाने का कार्यक्रम उन्होंने बनाया हुआ था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे। भगवान उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान दे।

देश के पहले सीडीएस जनरल रावत का यूं जाना सभी को अखर रहा

भारत के सीडीएस जनरल बिपिन रावत का बुधवार को एक विमान हादसे में निधन हो गया। उनका सैन्य हेलीकॉप्टर तमिलनाडु के कुन्नूर के पास क्रैश हो गया जिसमें 14 लोग सावर थे। भारतीय वायुसेना ने बताया कि इस दुर्घटना में जनरल रावत और उनकी पत्नी समेत 13 लोगों का निधन हो गया। जनरल बिपिन रावत भारत के पहले सीडीएस थे। एक बहादुर योद्धा के जाने से न सिर्फ भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर भी शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी मिलीं है कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी का अंतिम संस्कार शुक्रवार (10 दिसंबर) को दिल्ली छावनी में किया जाएगा। उनके पार्थिव शरीर के कल शाम तक एक सैन्य विमान से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने की उम्मीद है। शवों को शुक्रवार को उनके घर लाया जाएगा और लोगों को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक श्रद्धांजलि देने की अनुमति दी जाएगी, इसके बाद उनकी अंतिम यात्रा कामराज मार्ग से दिल्ली छावनी में बरार स्क्वायर श्मशान तक निकाली जायेगी।

सीसीएस की मीटिंग में दिखीं देश की कितनी बड़ी क्षति हुई है
देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन से देश का हर शख्स उदास है। एक अजीब सा सन्नाटा है। इस मनहूस खबर के आने के बाद बुधवार शाम को जब पीएम आवास पर पीएम मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी की बैठक शुरू हुई तो हर चेहरा खामोश दिखा। चेहरे के हावभाव बता रहे थे कि सीडीएस रावत का जाना देश और सरकार के लिए कितनी बड़ी क्षति है। तमिलनाडु में कुन्नूर के पास बुधवार को सैन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटना में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और कुछ अन्य रक्षा अधिकारियों की मौत हो गई। प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सुरक्षा पर मंत्रिमंडल समिति को इससे अवगत कराया गया। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर शामिल थे।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा और कैबिनेट सचिव राजीव गौबा भी बैठक में शामिल हुए। सीसीएस के सदस्यों को दुखद घटना के बारे में जानकारी दी गई। सूत्रों ने बताया कि मीटिंग में रावत सहित सभी मृत लोगों के सम्मान में 2 मिनट का मौन रखा गया। सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा पर मंत्रिमंडल समिति ने जनरल रावत के निधन पर शोक व्यक्त किया। बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि सम्मान के तौर पर सरकार गुरुवार को राष्ट्रीय शोक की घोषणा करेगी। इस दौरान अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के चयन पर भी चर्चा हुई।

भारतीय वायु सेना ने दिया आधिकारिक बयान
भारतीय वायु सेना ने एक बयान में कहा, गहरे अफसोस के साथ बताना पड़ रहा है कि यह पता चला है कि दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जनरल बिपिन रावत, श्रीमती मधुलिका रावत और 11 अन्य लोगों की मौत हो गई है। जनरल रावत नीलगिरी हिल्स के वेलिंगटन में डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में स्टाफ कोर्स के फैकल्टी और छात्र अधिकारियों को संबोधित करने के लिए जा रहे थे।
हेलीकॉप्टर में सवार 14 लोगों में से, एकमात्र जीवित, ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में डायरेक्टिंग स्टाफ, का वर्तमान में वेलिंगटन के सैन्य अस्पताल में इलाज चल रहा है। मधुलिका रावत, ब्रिगेडियर एल. एस. लिद्दर, लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेंद्र कुमार, नायक विवेक कुमार, नायक बी. साई तेजा और हवलदार सतपाल जनरल रावत के साथ यात्रा कर रहे थे। उनके अलावा, दो पायलट, एक ग्रुप कैप्टन और एक गनर दुर्भाग्यपूर्ण रूप से क्रैश हुए हेलिकॉप्टर में सवार थे। सिंह अपनी पत्नी और सात कर्मचारियों के साथ सुबह 8ः47 बजे कोयंबटूर के पास सुलूर आईएएफ बेस के लिए दिल्ली में एक उड़ान में सवार हुए थे।

सीएम ने सीडीएस के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत जी के आकस्मिक निधन पर प्रदेश में 3 दिन (9-10-11 दिसंबर 2021) का राजकीय शोक घोषित करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकाप्टर दुर्घटना में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत व अन्य अधिकारियों की आकस्मिक मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शान्ति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने जरनल रावत के आकस्मिक निधन को देश के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जनरल रावत ने महान योगदान दिया है। देश की सीमाओं की सुरक्षा एवं देश की रक्षा के लिए उनके द्वारा लिये गये साहसिक निर्णयों एवं सैन्य बलों के मनोबल को सदैव ऊंचा बनाये रखने के लिए उनके द्वारा दिये गये योगदान को देश सदैव याद रखेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीडीएस जनरल बिपिन रावत की परवरिश उत्तराखण्ड के छोटे से गांव में हुई। वे अपनी विलक्षण प्रतिभा, परिश्रम तथा अदम्य साहस एवं शौर्य के बल पर सेना के सर्वाेच्च पद पर आसीन हुए तथा देश की सुरक्षा व्यवस्थाओं एवं भारतीय सेना को नई दिशा दी। उनके आकस्मिक निधन से उत्तराखण्ड को भी बड़ी क्षति हुई है। हम सबको अपने इस महान सपूत पर सदैव गर्व रहेगा।
वहीं, मुख्यमंत्री आवास में विधानमण्डल दल की बैठक के अवसर पर सीडीएस जनरल बिपिन रावत के हेलीकाप्टर दुर्घटना में हुए आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि आर्पित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड से भी जनरल रावत का विशेष लगाव था। राज्य के विकास की उनकी सोच थी। अभी हाल ही में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर अपनी पत्नी के साथ वे देहरादून आये थे, उनका आकस्मिक निधन उत्तराखण्ड के लिए बड़ा ही दुःखद है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ हरक सिंह रावत, बंशीधर भगत, सुबोध उनियाल, बिशन सिंह चुफाल, स्वामी यतीश्वरानन्द, विधायक हरवंश कपूर, हरभजन सिंह चीमा सहित अन्य विधायकगणों ने भी जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की।

18 हजार करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, पीएम बोले आने वाला कल उत्तराखंड का

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तराखंड को 18 हजार करोड़ की सौगात पीएम ने 15626 की योजनाओं का शिलान्यास और 2573 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण किया।

इन योजनाओं का किया शिलान्यास
– दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे
– ग्रीनफील्ड एलाइनमेंट
– हरिद्वार रिंग रोड
– लक्ष्मण झूला के पास पुल
– देहरादून-पौंटा साहिब मार्ग

इन योजनाओं का किया लोकार्पण
– व्यासी जल विद्युत परियोजना
– ऑल वेदर रोड, देवप्रयाग से श्रीकोट
– ऑल वेदर रोड, ब्रहम्पुरी से कौड़ियाला
– ऑल वेदर रोड, लामबगड़
– ऑल वेदर रोड, साकणीधार, देवप्रयाग और श्रीनगर
– हिमालयन कल्चरल सेंटर देहरादून
– सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत गढ़वाली में की। पीएम ने कहा- उत्तराखंड का सभी दाणा सयानो, दीदी भूलियो, चची और भय बहणों, आप सभी छ मेरा प्रणाम। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड का विकास डबल इंजन की सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। बीते 5 वर्षों में उत्तराखंड के विकास के लिए केंद्र सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। यहां की सरकार इन्हें धरातल पर उतार रही है। इसी को आगे बढ़ाते हुए आज 18 हजार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण किया गया है। बीते वर्षों की कड़ी मेहनत व अनेक प्रक्रिया से गुजरने के बाद ये दिन आया है। मैंने केदारपुरी के बाद देहरादून से दोहरा रहा हूं। ये परियोजनाएं इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाएंगी। जो लोग पूछते हैं कि डबल इंजन की सरकार का क्या फायदा है, वह देख सकते हैं, कैसे ये सरकार विकास की गंगा बहा रही है।

पीएम मोदी ने थपथपाया सीएम धामी का कंधा
सीएम धामी ने कहा कि जिन लोगों ने उत्तराखंड राज्य बनाने का विरोध किया था, आज वह उत्तराखंडियत की बात कर रहे हैं। सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगने वाले लोग देश विरोधी हैं। हमें 2025 में रजत जयंती तक उत्तराखंड को देश का विश्वस्त राज्य बनाना है। कहा कि चुनाव आने वाले हैं, कुछ स्वार्थी तत्व तरह-तरह की बातें करेंगे। हमारे प्रदेश में भी ऐसे दल व नेता हैं जो साढ़े चार साल बाद सक्रिय होकर जनता को बरगलाने का काम कर रहे हैं। सीएम धामी के भाषण के बाद पीएम मोदी ने सीएम धामी का कंधा थपथपाया।

सीएम ने पीएम को बताया अपना आदर्श
सीएम धामी ने कहा कि हमने प्रदेश के हकहुकूक धारियों को सर्वाेपरि रखते हुए फैसला लिया है। मैं पांच महीने से मुख्य सेवक के रूप में अपने दायित्व का निर्वहन करने की कोशिश कर रहा हूं। जब तक मैं उत्तराखंड की सवा करोड़ जनता के लिए बेहतर काम नहीं करूंगा, चौन से नहीं बैठूंगा। कोई ऐसा वर्ग नहीं जिसके लिए योजना नहीं बनाई हो। उन्होंने पीएम मोदी को अपना आदर्श बताया। सीएम धामी ने कहा मुझे गर्व है कि मेरे जैसे सैन्य परिवार से आने वाले व्यक्ति को इस राज्य का मुख्य सेवक बनने का अवसर दिया गया है। आज हमारी सेना दुश्मन को उनके घरों में घुसकर मारती है। कुछ तत्व ऐसे हैं जो राजनीति की आड़ लेकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे देश में कुछ असामाजिक तत्व दीमक के समान हैं, हमें उनसे सावधान रहना होगा।

दो घंटे में पहुंच पाएंगे दिल्ली से देहरादून-सीएम धामी
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पीएम मोदी तपस्वी की तरह देश की सेवा कर रहे हैं। सिंह अपने गुण और अपने पराक्रम से खुद अपना शासन प्राप्त करता है, यह कहावत पीएम पर फिट बैठती है। आज संपूर्ण विश्व मोदी जी के प्रयासों की सराहना कर रहा है। आज देश का बच्चा-बच्चा केंद्र की योजनाओं से भली भांति परिचित है। कोरोना काल में जहां अन्न योजना से करोड़ों लोगों को भोजन दिया, वहीं आयुष्मान योजना से निशुल्क इलाज मिला। पीएम के नेतृत्व में वर्षों से लंबित दर्जनों मामलों का हल निकला है। राम मंदिर का वर्षों से लंबित कार्य पीएम के चमत्कारी नेतृत्व में आज अद्भुत आकार ले रहा है। दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे से दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र 2 घंटे में पूरी की जा सकेगी। कुछ वर्ष पूर्व ऐसा सोचना भी अकल्पनीय सा लगता था। चाहे आज सड़क मार्ग को उत्तराखंड को कोने-कोने से जोड़ना हूं या देव भूमि के शहरों को हेली सेवा से जोड़ना हो प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमने कनेक्टिविटी को विकास का मूल मानकर कार्य किया है।

उत्तराखंड में सत्तारूढ़ भाजपा को चुनावी वैतरणी पार करने के लिए मोदी मैजिक की दरकरार है। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के पक्ष में वातावरण बनाने के लिए भाजपा ने आज शनिवार को देहरादून के परेड मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा आयोजित की है। पिछले पौने दो महीने में प्रधानमंत्री तीसरी बार उत्तराखंड आए हैं। इस बार उनका यह दौरा राजनीतिक है।

पीएम मोदी ने अपने भाषण के अंत में एक कविता से जनता में जोश भरा।
जहां पवन बहे संकल्प लिए,
जहां पर्वत गर्व सिखाते हैं
जहां ऊंचे नीचे सब रास्ते,
बस भक्ति के सुर में गाते हैं
उस देवभूमि के ध्यान से ही मैं सदा धन्यवाद हो जाता हूं
है सौभाग्य मेरा, मैं तुमको शीश नवाता हूं…..
है बाद में मेरा सौभाग्य मेरा मैं तुमको शीश नवाता हूं और धन्य धन्य हो जाता हूँ
मंडवे की रोटी, हड़के की थाप,
हर एक मन करता शिवजी का जाप…
ऋषि मुनियों की है ये तपोभूमि
कितने वीरों की ये जन्मभूमि
मैं तुमको शीश नवाता हूं….

ऐसा कोई लक्ष्य नहीं जो उत्तराखंड हासिल नहीं कर सकता
आने वाले पांच साल उत्तराखंड को रजत जयंती की तरफ ले जाने वाले हैं। ऐसा कोई लक्ष्य नहीं जो उत्तराखंड हासिल नहीं कर सकता। ऐसा कोई संकल्प नहीं जो इस देवभूमि में सिद्ध नहीं हो सकता। आपके पास धामी जी के रूप में युवा नेतृत्व में उनकी अनुभवी टीम भी है। हमारे पास वरिष्ठ नेताओं की बहुत बड़ी श्रंखला है। उत्तराखंड के उज्जवल भविष्य के लिए समर्पित है।

हम आपको आश्रित नहीं आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं
पीएम ने कहा कि हम आपको आश्रित नहीं आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं हमारा अन्नदाता, ऊर्जा दाता भी बने, इसके लिए योजना लाए। खेत मे फसल और बिजली बनी। इससे देश पर भी भार नहीं आया। हमने देश मे उजाला योजना शुरू की। उत्तराखंड में करोड़ों एलईडी बल्ब दिए गए। आज हर घर मे एलईडी बल्ब इस्तेमाल हो रहे हैं। हमने मोबाइल फोन, इंटरनेट सस्ता किया। गांव में कॉमन सर्विस सेंटर खुलवाए। हमने जो मार्ग चुना है कठिन है, लेकिन देशहित में है। समय के साथ हमारे देश की राजनीति में कईं विकृतियां आ गई हैं। कुछ राजनीतिक दल समाज मे किसी खास धर्म, जाति या अपने इलाके की तरफ ध्यान देते हैं। उसमें उन्हें वोटबैंक नजर आता है। इन दलों ने एक और तरीका अपनाया है। जनता को मजबूत नहीं होने देना। वह चाहते रहे कि जनता हमेशा मजबूर बनी रहे। जनता को अपना मोहताज बनाओ, ताकि उनका ताज महफूज रहे। उन दलों के सभी प्रयास इसी दिशा में हुए। हमने एक नया रास्ता चुना है, वह मार्ग कठिन है लेकिन देशहित में है। सबका साथ, सबका विकास हमारा मार्ग है। हम जो भी योजना लाएंगे, सबके लिए लाएंगे। बिना भेदभाव के लाएंगे।

सात साल में 12,000 करोड़ के नेशनल हाईवे बनवाए
2007 से 2014 के बीच केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में 600 करोड़ रुपये के केवल 288 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया। जबकि हमारी सरकार ने अपने 7 वर्षों में उत्तराखंड में 12,000 करोड़ रुपये के 2,000 किलोमीटर से अधिक के राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया है। कोरोनकाल में उत्तराखंड में 50 से अधिक नए ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। आज प्रदेश मे नए मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम, भावी पीढ़ी के भविष्य को मजबूत करने का काम कर रहे हैं।

उत्तराखंड का पाणी और जवानी उत्तराखंड के काम ही आली
पीएम मोदी ने कहा कि पांच साल पहले मैंने कहा था, जो कहा था, उसको याद करने की ताकत राजनेताओं में जरा कम होती है। मुझमें है। आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि उत्तराखंड का पाणी और जवानी उत्तराखंड के काम ही आली। एक समय पहाड़ पर रहने वाले लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का सपना ही देखते थे। हमें कब सड़क मिलेगी, बिजली मिलेगी, कब स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी, लेकिन जब कुछ करने का जुनून हो तो सूरत भी बदलती है और सीरत भी बदलती है। आज सरकार इस बात का इंतजार नहीं करती की लोग समस्या लेकर आएंगे। आज सरकार सीधे नागरिकों के पास जाती है। एक समय था कि उत्तराखंड में सवा लाख घरों में नल से जल पहुंचता था। आज सात लाख से ज्यादा घरों में जल पहुंच रहा है। पूर्व की सरकारों ने हर स्तर पर सेनाओं को निराश करने की कसम खाई हुई थी लेकिन हमारी सरकार दुनिया के किसी देश के दबाव में नहीं आती।

विकास का मॉडल बनेगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस
पीएम ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे हमारे विकास के मॉडल का भी प्रमाण होगा। इसमें एशिया का सबसे बड़ा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर भी बनेगा। पहले जब भी मैं उत्तराखंड आता था याद रखना आने-जाने वालों से मिलता था वह हमेशा कहते थे मोदी जी दिल्ली से देहरादून की यात्रा गणेशपुर तक तो आसानी से हो जाती है, लेकिन गणेशपुर से देहरादून तक बड़ी मुश्किल होती है आज मुझे बहुत खुशी है कि दिल्ली देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर का शिलान्यास हो चुका है। जब यह बनकर तैयार हो जाएगा तो दिल्ली से देहरादून आने में जो समय लगता है वह करीब करीब आधा हो जाएगा। इससे ना केवल देहरादून के लोगों को फायदा पहुंचेगा बल्कि हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली बागपत और मेरठ जाने वालों को भी सुविधा होगी।

चारधाम यात्रा हुई आसान
पीएम ने कहा कि देवभूमि में श्रद्धालु भी आते हैं। उद्यमी भी आते हैं। प्रकृति प्रेमी सैलानी भी आते हैं। इसजलिए यहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व काम किया जा रहा । ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत आज चारधाम यात्रा आसान हो रही है। केदारनाथ त्रासदी से पहले 2012 में 570000 लोगों ने दर्शन किया था और यह उस समय का एक रिकॉर्ड था। जबकि कोरोना कॉल शुरू होने से पहले 2019 में 10 लाख से ज्यादा लोग केदारनाथ जी के दर्शन करने पहुंचे।

जितने घोटाले हुए उसकी भरपाई दोगुनी रफ्तार से काम कर करेंगे
पीएम ने कहा कि दस साल में देश मे जो घोटाले हुए, उसकी भरपाई के लिए हम दोगुनी रफ्तार से काम कर रहे हैं। आज भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर दो लाख करोड़ से अधिक के निवेश के इरादे से आगे बढ़ रहा है। आज भारत की नीति दोगुनी तेजी से काम करने की है। 21वीं सदी के इस कालखंड में कनेक्टिविटी का एक ऐसा महायज्ञ चल रहा है जो भारत को विकसित देशों की संख्या में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक, धामी सरकार की पैरवी आई काम

उत्तराखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने राज्य को नजूल भूमि पर नीति बनाने और अनधिकृत कब्जाधारियों व अतिक्रमणों को नियमित करने के लिए एक नीति बनाने और लागू करने के लिए स्वतंत्र कर दिया।
शीर्ष कोर्ट ने यह आदेश देते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट के 19 जून 2018 के फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें हाईकोर्ट ने मार्च 2009 की नजूल नीति को निरस्त कर दिया था। उत्तराखंड सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। राज्य सरकार की ओर से सॉलिसीटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता और उप-एडवोकेट जनरल जतिंदर कुमार सेठी ने बहस की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को भूमि का प्रबंधन करने का अधिकार है। वहीं, राज्य में आवासन देखने की जिम्मेदारी भी सरकार की है।
जस्टिस एसए नजीर और कृष्ण मुरारी की पीठ ने सरकारी पक्ष की दलीलें सुनने के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट के उक्त आदेश पर रोक लगा दी। अब सरकार राज्य में हजारों एकड़ नजूल भूमि पर कब्जा किए लोगों के कब्जे नियमित कर सकेगी। चुनाव के मौसम में सरकार के लिए यह भारी जीत है।

स्वीप कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय कंसल्टेशन कार्यशाला का आयोजन

भारत निर्वाचन आयोग स्वीप के डायरेक्टर संतोष अजमेरा एवं ज्वाइंट डायरेक्टर अनुज चंडाक ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, उत्तराखण्ड की ओर से वीरचंद्र सिंह गढ़वाली सभागार सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय स्वीप कंसल्टेशन कार्यशाला को संबोधित किया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने स्मृति चिन्ह् भेंट कर ईसीआई के दोनों अधिकारियों का स्वागत किया।
भारत निर्वाचन आयोग से आये निदेशक ने राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को सुगम बनाने, मतदाता जागरूकता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता की स्थिति तथा राज्य स्तरीय तैयारियों की भी समीक्षा की।
कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी देहरादून नितिका खण्डेलवाल, मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार सौरभ गहरवार, मुख्य विकास अधिकारी ऊधमसिंह नगर आशीष भटगई ने पूर्व चुनावों और इस बार की तैयारियों का विस्तृत तुलनात्मक विश्लेषण प्रेजेंटेशन के माध्यम से आयोग के समक्ष रखा।
सीडीओ देहरादून, ऊधमसिंहनगर, हरिद्वार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने नवीन मतदाता पंजीकरण व मतदाता सूची में प्रत्येक कम प्रतिशत वाले बूथों पर मतदान प्रतिशत बढ़ाने, दिव्यांग मतदाताओं का रजिस्ट्रेशन व घर से मतदान की सुविधा के बारे में जनजागरूकता बढ़ाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये।
चुनाव आयोग भारत सरकार से आये अधिकारियों ने भी निर्वाचन के संबंध में स्पष्ट निर्देश उत्तराखण्ड निर्वाचन से जुड़े अन्य विभागों के अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि निर्वाचन को और अधिक बेहतर और सुगम बनाने के लिए सभी हितधारकों को निर्वाचन प्रक्रिया में सहयोगी के तौर पर साथ लिया जाए। उन्होंने उद्योग विभाग के माध्यम से इण्डस्ट्रीयल कर्मियों को वोट के प्रति प्रेरित किये जाने को कहा। औद्योगिक इकाईयों की दीवारों पर भी प्रेरक और जागरूकता सामग्री चस्पा करने, कमीशन से मतदान के दिन मिलने वाले अवकाश के दिन श्रमिकों द्वारा मतदान में सद्पुयोग ही करने के लिए विशेष कैम्पेन चलाने को कहा।
आउटरीच ब्यूरो के माध्यम से ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक व सांस्कृतिक दलों के विशेष सहयोग को भी जरूरी बताया। रेडियो, दूरदर्शन, डाक विभाग, बैंक, नगर निकायों, एन.जी.ओ. को भी निर्वाचन कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार के संगठन के रूप में अपनाने को कहा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने कहा कि जो भी विभाग और अधिकारी निर्वाचन गतिविधियों को संपन्न कराने में योगदान दे रहे है, वह प्रत्येक गतिविधि और कार्यक्रमों, नई पहल व सामने आने वाली चुनौतियों का चुनाव समाप्त होने तक सम्पूर्ण डॉक्यूमेंटेशन करें, जिसको राज्य निर्वाचन और भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।
कार्यशाला के बाद ईसीआई की टीम ने देहरादून जनपद का भौतिक निरीक्षण किया। 4 दिसम्बर को टीम द्वारा टिहरी जनपद के कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों का निरीक्षण किया जाएगा।
कार्यशाला में प्रताप शाह, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जितेन्द्र कुमार, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मोहम्मद असलम, राज्य नोडल अधिकारी स्वीप, सुजाता, राज्य समन्वयक स्वीप, राखी, मीडिया समन्वयक, अनुराग, स्वीप कन्सलटेन्ट, नितिन उपाध्याय, उप निदेशक, सूचना, राघवेश पाण्डे, उपनिदेशक, ए.आई.आर/डी.डी, देहरादून, उमेश साहनीनी, राज्य निदेशक, नेहरू युवा केन्द्र, उत्तराखंड, अजय कुमार अग्रवाल, राज्य एन.सी.सी अधिकारी, उत्तराखण्ड आदि उपस्थित रहे।