हमें तुष्टिकरण करने वालों से सतर्क रहना है-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज मायापुर में विश्व हिन्दू परिषद के अन्तर्गत बजरंग दल के नेतृत्व में आयोजित विगत 19 सितम्बर से बद्रीनाथ के माणा गांव से प्रारम्भ हुई ’’शौर्य जागरण यात्रा’’ के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि ’’शौर्य जागरण यात्रा’ नाम से ही, उसका उद्देश्य स्पष्ट हो जाता है। उन्होंने कहा कि आज जो भी फैसले होते हैं, वे न्याय व संतुष्टि करण के आधार पर होते हैं, हमें तुष्टिकरण करने वालों से सतर्क रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर जल्दी ही बनकर तैयार हो जायेगा। काशी कॉरिडोर अपना भव्य स्वरूप प्राप्त कर चुका है। राज्य सरकार उत्तराखंड को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्कृष्ट उत्तराखंड बनाने के लिए वचनबद्ध है। आज केदारनाथ का पुनर्निर्माण तथा बदरीनाथ के मास्टर प्लान का कार्य चल रहा है। रोपवे परियोजनाओं-केदारनाथ रोपवे, हेमकुण्ड रोपवे पर तेजी से कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में सुरक्षा का माहौल है। आज भारत विश्व की पांचवी आर्थिक शक्ति बन गया है। भारत आर्थिक रूप से महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है तथा लोगों की आस्था का केन्द्र है। राज्य सरकार इसके मूल स्वरूप को बनाये रखने के लिये कृत संकल्पित हैं। समान नागरिक संहिता का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि जल्दी ही इस कार्य के लिये गठित कमेटी सारा संकलन करके ड्राफ्ट देने वाली है, जिसे जल्दी ही लागू किया जायेगा।
’’शौर्य जागरण यात्रा’’ के समापन कार्यक्रम को श्रीमहन्त रविन्द्र पुरी, केन्द्रीय संगठन मंत्री विनायक, देवशरण आनन्द ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, सुरेश राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष रूड़की व हरिद्वार शोभाराम प्रजापति, संदीप गोयल, उपाध्यक्ष विकास तिवारी, आशु, लव शर्मा, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन उपस्थित रहे।

सिडकुल के अधिकारियों पर गिरी गाज, सीएम बोले-भ्रष्टाचार बर्दाश्त नही

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास निगम उत्तराखण्ड लि0 के प्रबन्ध निदेशक रोहित मीणा द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायत प्राप्त होने पर और उद्यमियों से असहयोगात्मक रुख़ के कारण सिडकुल के दो अधिकारियों के निलंबन का आदेश जारी किया गया है। जिनमें परविन्दर सिंह, लेखाकार सिडकुल और कमल किशोर कफल्टिया, जन सम्पर्क अधिकारी/प्रभारी क्षेत्रीय प्रबन्धक, सिडकुल काशीपुर हैं। इसके साथ ही सिडकुल के वित्त नियंत्रक मनीष उप्रेती को भी तत्काल प्रभाव से वित्त नियंत्रक सिडकुल के पद से हटा दिया गया है
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जहां राज्य सरकार निवेश सम्मेलन की तैयारी कर रही हैं वहां इस तरह की कार्यप्रणाली को क़तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मिलावटखोरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश

आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखण्ड डा. आर. राजेश कुमार के मार्गदर्शन में आगामी त्योहारी सीजन नवरात्र, दीपावली आदि के दौरान आम जनमानस द्वारा प्रमुखतय प्रयोग में लाये जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने व इनमें मिलावट की संभावना के दृष्टिगत पूर्व से ही विभागीय कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसमें सर्विलांस नमूना संग्रहण, विधिक नमूनों का संग्रहण व त्वरित जांच, खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण आदि घटक प्रमुख रूप से शामिल किये गये हैं, साथ ही मोबाईल फूड टेस्टिंग के माध्यम से खाद्य पदार्थों की त्वरित जांच व उपभोक्ताओं को घरेलु तरीकों से मिलावट की जांच के संबध में जागरूक भी किया जायेगा। एफएसएसएआई भारत सरकार के निर्देशानुसार राज्य हेतु वर्ष 2023-24 वर्ष 2024-25 तैयार किये गये वार्षिक सर्विलांस प्लॉन के तहत प्रत्येक माह राज्य में 500 फूड सैंम्पल लेकर जांच हेतु भेजे जायेंगे।
उक्त नमूनों के संग्रहण में एकरूपता के दृष्टिगत् तैयार प्लॉन में प्रथम चरण में माह अक्टूबर से दिसंबर 2023 तक सर्विलांस में दूध एवं दुग्ध पदार्थ, मसाले, खाद्य तेल, एवं मिठाईयां आदि खाद्य पदार्थों के नमूनों को प्राथमिकता के आधार पर सर्विलांस जांच करायी जायेगी व प्राप्त परिणाम के आधार पर राज्य स्तर पर प्रवर्तन की कार्यवाही द्वितीय चरण में की जायेगी इस संबध में समस्त जनपदीय अभिहित अधिकारियों/खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किये गये हैं। साथ ही जनपद स्तर पर विधिक नमूनों के संग्रहण में भी तेजी लायी जायेगी इसके अतिरिक्त मुख्यालय स्तर से गठित विषेष टीम द्वारा विगत माह पूर्व जनपद हरिद्वार में दुग्ध उत्पादों की जांच हेतु लिये गये पनीर के 2 नमूनों को विश्लेषणशाला द्वारा असुरक्षित घोषित किये जाने के उपरान्त अभिहित अधिकारी हरिद्वार की रिपोर्ट के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में वाद दायर किये जाने की संस्तुति दी गयी है।

कनिष्ठ सहायकों को धामी ने सौंपे नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में परिवहन विभाग के अन्तर्गत कनिष्ठ सहायक के पद पर उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 10 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपके परिश्रम और ईश्वर की कृपा से सेवा के क्षेत्र में कार्य करने का जो अवसर मिल रहा है, अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ करें। कार्य क्षेत्र में नये जीवन की शुरुआत आत्म अनुशासन और नियमित दिनचर्या के साथ करें। जन सेवा करने का जो अवसर मिला है, इसमें अपनी सामर्थ्य का पूरा उपयोग करें।
सचिव परिवहन अरविन्द सिंह ह्यांकी ने कहा कि परिवहन विभाग, उत्तराखण्ड के अन्तर्गत विगत 2 वर्षों में 1 सम्भागीय निरीक्षक और 59 परिवहन आरक्षियों को सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति प्रदान की गई। कनिष्ठ सहायक के 39 और सहायक लेखाकार के 17 पदों पर चयन प्रक्रिया गतिमान है। परिवहन विभाग के अंतर्गत सीधी भर्ती के विभिन्न पदों के लिए 147 पदों का अधियाचन आयोग के लिए भेजा गया है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगी लंदन-बर्मिघम यात्रा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश को वर्ष 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शुमार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने रोडमैप तैयार किया है और उस पर तेजी से काम कर रहे हैं। ग्लोबल इंवेस्टर्स सम्मिट इस दिशा में एक बड़ा और कारगर कदम साबित होगा। हाल में मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय ब्रिटेन यात्रा की सफलता और 12500 करोड़ के निवेश करार से संकेत मिल रहे हैं कि निकट भविष्य में प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिकी भी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि ब्रिटेन में मिले निवेश प्रस्तावों से सम्मिट की अवधारणा को बल मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड निवेश के लिए सबसे सुरक्षित स्थान है।
धामी सरकार दिसम्बर में ग्लोबल इंवेस्टर सम्मिट का आयोजन कर रही है। इस सम्मिट में ढाई लाख करोड़ के निवेश करार करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने निवेश के लिए 6000 एकड़ का लैंड बैंक भी तैयार किया है। केंद्र द्वारा हाल में जारी एमएसएमई आंकड़ों के अनुुसार उत्तराखंड में मौजूदा समय में लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों की संख्या 59026 है। इन उद्योगों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर दस लाख से भी अधिक लोगों को रोजगार मिला है। धामी सरकार का फोकस है कि औद्योगिक इकाइयों में पांच लाख रोजगार सृजन हो। उत्तराखंड में अभी अधिकांश सर्विस इंडस्ट्रीज हैं। इसकी तुलना में मदर्स इंडस्ट्रीज यानी अंतिम उत्पादन उद्योग कम हैं। सीएम धामी का फोकस सर्विस के साथ ही मदर्स इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देना भी है।
प्रदेश में वन संपदा के अलावा चूना पत्थर, रॉक फॉस्फेट, डोलोमाइट, मैग्नेसाइट, कॉपर ग्रेफाइट, सोप स्टोन, जिप्सम की उपलब्धता है। इसका दोहन करने से भी रोजगार और राजस्व की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा फार्मा, मेडिकल डिवाइस, आटोमोबाइल, एरोमा के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं हैं। पर्यटन और साहसिक पर्यटन सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं। आईटी सेक्टर के लिए प्रदेश में कनेक्टिविटी और मैनपावर दोनों ही उपलब्ध हैं।
प्रदेश सरकार अगले पांच वर्ष में एसजीडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस दिशा में धामी सरकार उत्तराखंड में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ-साथ सुगम व्यवसायिक वातावरण तैयार करने के विजन को लेकर काम कर रही है.। राज्य में अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीतियां लागू करने के साथ ही आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है. इन नीतियों में प्रमुख रूप से पर्यटन नीति-2023, एमएसएमई नीति-2023, स्टार्टअप नीति-2023, लॉजिस्टिक्स नीति-2023, निजी औद्योगिक आस्थानों की स्थापना के लिए नीति-2023 शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रिटेन यात्रा के दौरान अप्रवासी भारतीयों और वहां के निवेशकों को प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों, सुविधाओं और कानून-व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री धामी की ब्रिटेन यात्रा का एक अहम पहलू यह भी रहा है कि उन्होंने देश का पहला रोपवे मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किए की संभावनाएं तलाशने का भी काम किया। इसके लिए उन्होंने फ्रांस की पोमा ग्रुप को उत्तराखंड में संभावनाएं तलाशने का प्रस्ताव दिया है।
ब्रिटेन के तीन दिवसीय दौरे के दिन शिक्षा के क्षेत्र में सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अप्रवासी भारतीयों के साथ मंथन, ब्रिटेन से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने के लिए कार्ययोजना, विंटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन और अप्रवासी सेल बनाने की दिशा में भी अहम कार्य किये।
मुख्यमंत्री धामी ने जर्मनी के साथ भी तकनीक और कौशल विकास के लिए करार किये हैं। उत्तराखंड में श्रमशक्ति और संसाधन हैं यदि कौशल विकास होगा तो यहां रोजगार की अपार संभावनाएं भी विकसित होंगी। बहरहाल, सीएम की ब्रिटेन यात्रा के दौरान मिले निवेश प्रस्तावों से ग्लोबल इंवेस्टर्स सम्मिट 2023 के लिए मनोबल बढ़ा है और साथ ही यदि ब्रिटेन में किये गये निवेश प्रस्तावों पर अमल हो गया तो सीएम धामी की ब्रिटेन यात्रा उत्तराखंड के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

आंदोलनकारियों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूर्ण करना सरकार की प्राथमिकता और कर्तव्य-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को शहीद स्थल रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर में राज्य आन्दोलनकारी शहीदों की पुण्य स्मृति पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 अक्टूबर 1994 को उत्तराखण्ड के अलग राज्य की प्राप्ति के लिए आंदोलन कर रहे हमारे नौजवानों और माता-बहनों के साथ क्रूरता पूर्वक बर्ताव किया गया। अनेक आंदोलनकारियों की इसमें शहादत हुई। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। राज्य आन्दोलनकारियों के द्वारा किये गये संघंर्षों के परिणामस्वरूप हमें उत्तराखण्ड अलग राज्य मिला। राज्य आंदोलनकारियों के सपनों एवं संकल्पों के आधार पर राज्य के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर स्थित शहीद स्थल में उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की उपलब्धता एवं स्थानीय उत्पादों के स्थल के रूप में विकसित किए जाने की बात कही।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूर्ण करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सभी आंदोलनकारियों को पूरा मान-सम्मान और अधिकार देने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में दस प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ाने के साथ ही राज्य आंदोलकारियों की मृत्यु के पश्चात उनके आश्रितों को भी पेंशन देने का निर्णय लिया है। सरकार राज्य आंदोलनकारियों को ’एक समान पेंशन’ देने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रही है। उद्योगों में नौकरी के लिए राज्य आंदोलनकारियों को प्राथमिकता के लिए समुचित व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का ’’विकल्प रहित संकल्प’’ लेकर आगे बढ़ रही है। सरकार की नीतियों के केंद्र में राज्य का सर्वांगीण विकास है। राज्य सरकार उत्तराखंड को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मागदर्शन में उत्कृष्ट उत्तराखंड बनाने के लिए वचनबद्ध है। आज केदारनाथ पुनर्निर्माण, बदरीनाथ के मास्टर प्लान कार्य के साथ ही मानसखंड मंदिर माला मिशन पर कार्य चल रहा है। वाइब्रेंट विलेज के तहत सीमांत क्षेत्र में बसे गांवों को प्रथम पंक्ति में लाने का कार्य किया जा रहा है।
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि हमारे शहीद आंदोलनकारियों के बलिदान की बदौलत हमें उत्तराखंड राज्य मिला। उन्होंने कहा कि भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेई जी के प्रधानमंत्रित्व काल में उत्तराखण्ड अलग राज्य बना। राज्य निर्माण के बाद उन्होंने उत्तराखण्ड को विशेष औद्योगिक पैकेज भी दिया। उन्होंने कहा आज केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शहीद राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि युवा साथियों एवं मातृशक्ति ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया। शहीदों के सपनों के अनुसार आज राज्य में विकास की नींव रखी जा रही है। मुजफ्फरनगर के स्थानीय लोगों ने भी आंदोलनकारियों का साथ दिया।
इस दौरान कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव कुमार बालियान, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उत्तर प्रदेश सरकार कपिल देव अग्रवाल, विधायक प्रदीप बत्रा, उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड संस्कृत साहित्य एवं कला परिषद् मधु भट्ट, गौ सेवा आयोग अध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा रूड़की शोभा राम प्रजापति, भाजपा जिला अध्यक्ष मुजफ्फरनगर सुधीर सैनी, सचिव संस्कृति हरि चंद्र सेमवाल, जिलाधिकारी हरिद्वार धीराज सिंह गर्ब्याल, निदेशक संस्कृति बीना भट्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

शहीद राज्य आंदोलनकारियों के सपने के अनुरूप राज्य के विकास के लिए सरकार प्रयासरत-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद स्थल कचहरी में उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के संघर्ष के परिणामस्वरूप ही हमें नया राज्य मिला। शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के सपने के अनुरूप राज्य के विकास के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 अक्टूबर 1994 को उत्तराखण्ड के अलग राज्य की प्राप्ति के लिए आंदोलन कर रहे हमारे नौजवान साथियों और माताओं-बहनों के साथ मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में क्रूरता पूर्वक बर्ताव किया गया। अनेक आंदोलनकारियों की इसमें शहादत हुई। उनके संघर्षों और शहादत के कारण ही हमें नया राज्य मिला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य आन्दोलनकारियों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के जीवन पर डाला प्रकाश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गांधी पार्क, देहरादून में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी ने सत्य एवं अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए सबको प्रेरित किया। भारत को आजादी दिलाने के लिए उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि हमें अपने आचरण में अहिंसा का भाव जागृत करने के साथ ही मानवता के प्रति करूणा का भाव पैदा करना होगा। यही हमारी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री का भी स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने जय जवान जय किसान का नारा दिया। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और पद्म विभूषण अटल बिहारी वाजपेयी ने इसमें जय विज्ञान को जोड़ा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसमें जय अनुसंधान जोड़कर नये भारत का नारा ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़े के रूप में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास भी उपस्थित थे।

ग्राम्य विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी द्वारा शुक्रवार को सिविल सर्विसेज इंस्टिट्यूट, राजपुर रोड, देहरादून में सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा एवं सभी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा की। बैठक में वर्चुवल माध्यम से समस्त जनपदों के जनपद स्तरीय अधिकारी एवं 95 विकास खण्डों के खण्ड विकास अधिकारियों द्वारा भी प्रतिभाग किया गया। विभागान्तर्गत केंद्र पोषित योजनाएं राज्य पोषित एवं वाहय सहायतित परियोजना संचालित हैं, जिनकी प्रगति के संबंध में जनपदवार/योजनावार विस्तृत चर्चा की गयी।
ग्राम्य विकास मंत्री ने मुख्य विकास अधिकारियों को ग्राम्य विकास से संबंधित सभी संचालित योजनाओं को गुणवत्ता के साथ सफल क्रियान्वयन के निर्देश दिये। उन्होंने समस्त जरूरतमंद ग्रामीणों तक योजनाओं का लाभ पहुचाने के भी निर्देश दिये ।
बैठक में सचिव राधिका झा ने बताया कि विभाग के अन्तर्गत श्रम रोजगार तथा कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अवस्थापना, ग्रामीण मार्ग संयोजकता, सीमांत क्षेत्र विकास एवं पलायन रोकथाम योजना संचालित हैं, जिसमें श्रम रोजगार तथा कौशल विकास को बढ़ावा दिये जाने हेतु महात्मा गांधी नरेगा एवं दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अन्तर्गत कार्य किया जा रहा है। स्वरोजगार के दृष्टिगत आजीविका संवर्धन में दीनदयाल अन्त्योदय योजना (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन), ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना, महात्मा गांधी नरेगा एवं ग्रामीण व्यवसाय इन्क्यूबेटर के अन्तर्गत कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण अवस्थापना में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, महात्मा गांधी नरेगा एवं दीनदयाल अन्त्योदय योजना (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के अन्तर्गत कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण मार्ग संयोजकता में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में फेस प्रथम एवं द्वितीय की समस्त योजनाओं को माह मार्च 2024 तक पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
उन्होंने मुख्य विकास अधिकारियों को पीएमजीएसवाई के कार्यों की जिलाधिकारी एवं स्वयं के स्तर पर समीक्षा करने के निर्देश दिये। मनरेगा के अन्तर्गत सोशल ऑडिट नियमानुसार/प्रक्रियानुसार किये जाने तथा धरातल में योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं के निराकरण पर जोर दिया गया। सीमांत क्षेत्रों के विकास हेतु सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम, वाईब्रेट विलेज प्रोग्राम एवं मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम जैसी महत्वकांक्षी योजनाओं के अन्तर्गत किये जा रहे कार्यों के सतत अनुश्रवण के भी निर्देश दिये।
बैठक में बताया गया कि पलायन रोकथाम हेतु ग्राम्य विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के अन्तर्गत पलायन ग्रस्त गांवों में विकास किये जा रहे हैं, जिन्हें जनपद की आवश्यकतानुसार किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। ग्राम्य विकास विभाग के अन्तर्गत गरीबी उन्मूलन एवं आजीविका के निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत गठित समूह के सदस्यों को सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन एवं स्वरोजगार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं का संचालन कर समूहों की महिलाओं को सशक्त बनाये जाने का कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत 40000 से अधिक सदस्यों को लखपति दीदी के रूप में तैयार किया गया है। इसमें मुख्य विकास अधिकारी विकास खण्ड स्तर पर खण्ड विकास अधिकारियों की अहम भूमिकायें हैं, जिसके लिये निरन्तर अनुश्रवण पर भी बल दिया जा रजा है। योजनाओं के अन्तर्गत जिन जनपदों द्वारा सराहनीय कार्य किया गया उन्हें प्रोत्साहित कर अन्य जनपदों को भी रणनीति के तहत कार्य के निर्देश दिये गये हैं, ताकि आगामी बैठक में समस्त जनपदों की प्रगति सराहनीय रहे।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत रैंकिंग में प्रथम तीन जनपद टिहरी, बागेश्वर एवं पौड़ी हैं, जबकि जनपद उधमसिंह नगर, पिथौरागढ एवं हरिद्वार की रैंकिंग सबसे कम रही। मनरेगा के अन्तर्गत चम्पावत, पौडी एवं उधमसिंह नगर प्रथम तीन स्थान पर जबकि देहरादून, बागेश्वर एवं उत्तरकाशी अंतिम रहे। इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में बागेश्वर चम्पावत प्रथम, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी द्वितीय स्थान एवं देहरादून, नैनीताल एवं टिहरी तृतीय स्थान पर रहे, किन्तु जनपद अल्मोडा. उधमसिंह नगर एवं पौडी अंतिम स्थान में रहे। विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिये जाने तथा प्रत्येक योजना के अन्तर्गत सफलता एवं असफलता की कहानी तैयार कर प्रस्तुत करने एवं योजना आउटकम पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिये गये है साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उत्पादित उत्पादों को आउटलेट के माध्यम से विपणन किया जा रहा है। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत समस्त आवासों को पूर्ण किये जाने के भी निर्देश दिये गये। इस अवसर पर समस्त जनपदों के मुख्य विकास अधिकारियों द्वारा जनपद में किये जा रहे कार्यों एवं बेस्ट प्रैक्टिसेज का प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया गया।
बैठक में आनन्द स्वरूप, अपर सचिव/आयुक्त, ग्राम्य विकास, नितिका खण्डेवाल, अपर सचिव, ग्राम्य विकास, कर्मेन्द्र सिंह, सी.ई.ओ. पीएमजीएसवाई, नरेन्द्र कुमार जोशी, निदेशक, उसाटा, समस्त जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री कार्यालय में एक उत्तराखण्ड अप्रवासी सेल बनाया जायेगा-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यू.के दौरे से नई दिल्ली आगमन के बाद मीडिया से औपचारिक वार्ता करते हुए कहा कि यू.के. में आयोजित विभिन्न बैठकों में राज्य में लगभग 12 हजार 5 सौ करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर करार हुआ। उन्होंने कहा कि अपने अप्रवासी भाई-बहनों और उत्तराखंड सरकार के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने तथा उनके निवेश प्रस्तावों पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में एक उत्तराखण्ड अप्रवासी सेल बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिटेन के पर्यटन मंत्री के साथ उत्तराखंड और ब्रिटेन के बीच पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने हेतु कार्ययोजना बनाने के लिए सहमति भी बनी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 25 सितम्बर को देहरादून से दिल्ली और फिर दिल्ली से हीथ्रो एयरपोर्ट की यात्रा के पश्चात हीथ्रो एयरपोर्ट पर जिस प्रकार उत्तराखंड के प्रवासियों ने गर्मजोशी से उत्तराखंडी रीति रिवाजों और वाद्य यंत्रों के साथ स्वागत किया, वह अपने आप में भाव विभोर करने वाला पल था। उसी शाम लंदन में उत्तराखंड के प्रवासी भाई-बहनों ने स्वागत के लिए सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया ऐसा लग रहा था कि वे लंदन में नहीं बल्कि उत्तराखंड के ही किसी शहर में अपने उत्तराखंडी भाई बहनों से मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 सितंबर को फ्रांस के पोमा ग्रुप के साथ हुई बैठक में उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्रों और सुदूर क्षेत्रों को रोपवे द्वारा जोड़ने तथा जन परिवहन की दृष्टि से इस माध्यम को प्रयोग में लाने के लिये 2 हजार करोड़ रुपए का करार किया गया। पोमा ग्रुप द्वारा राज्य में देश का पहला रोपवे मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किए जाने के संदर्भ में संभावनाएं तलाशने हेतु कार्य करने का भी प्रस्ताव दिया गया। उसके बाद इंग्लैंड में स्थित भारतीय दूतावास में पर्यटन क्षेत्र की विभिन्न गतिविधियों में शामिल लोगों के साथ बैठक में उत्तराखंड में पर्यटन गतिविधियों में तेजी लाने हेतु कार्ययोजना पर मंथन किया गया तथा उन्हें प्रदेश की नई पर्यटन नीति के संबंध में जानकारी दी गई। इसके बाद उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर केबल कार परिवहन व्यवस्था विकसित करने तथा औली, दयारा बुग्याल और मुनस्यारी में शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देने हेतु विंटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन विकसित किए जाने हेतु सहमति जताते हुए अमेरिका के के.एन. ग्रुप के साथ 4800 करोड़ रुपए का निवेश करार किया गया। ब्रिटिश पार्लियामेंट के लार्ड मेयर तथा बर्मिंघम विश्वविद्यालय के कुलपति बिली मोरया के साथ हुई बैठक में उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं के विषय में चर्चा की गई। उनके द्वारा उत्तराखंड में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाने हेतु सहमति जताई गई। उत्तराखण्ड में निवेश हेतु विभिन्न कंपनियों के 80 डेलिगेशनों के साथ ही सघन बैठक (लंदन रोड शो) में लगभग 1250 करोड़ रूपये के प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किये गये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 सितंबर को ब्रिटेन के ऐतिहासिक शहर और औद्योगिक व शिक्षा के केंद्र के रूप में विख्यात बर्मिंघम शहर में आयोजित, उत्तराखंड में निवेश हेतु विभिन्न कंपनियों के 250 डेलिगेशनों के साथ हुई सघन बैठक (बर्मिघम रोड शो) में लगभग 1500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए गए। 28 सितंबर को ब्रिटेन में कार्यरत विभिन्न उद्योग समूहों के साथ हुई बैठक में पर्यटन एवं विनिर्माण क्षेत्रों में हुए करार के अंर्तगत 3300 करोड़ रुपए के अनुबंध पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए। जर्मन एंबेसी के अधिकारियों के साथ बैठक में जर्मनी द्वारा तकनीकी शिक्षा तथा कौशल विकास के संबंध में उत्तराखंड को सहयोग देने के साथ-साथ हमारे कुशल कर्मकारों को जर्मनी में कार्य करने हेतु बुलाने के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। लंदन नगर निगम के लार्ड मेयर के साथ उत्तराखंड के आधारभूत ढांचे को विकसित करने के लिए वित्तीय व्यवस्था के संबंध में बॉन्ड मार्केट से फंड रेज्ड करने हेतु तकनीकी सहयोग के लिये बैठक हुई।