एक सप्ताह में तिब्बती पुनर्वास नीति पर अपनी आख्या प्रेषित करे विभाग-एसीएस

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में तिब्बती पुनर्वास नीति के संबंध में बैठक के दौरान राज्य सरकार के सभी विभागों को एक सप्ताह के भीतर तिब्बती पुनर्वास नीति पर अपनी आख्या अथवा अनापत्ति प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। एसीएस राधा रतूड़ी ने कहा कि गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राज्य सरकार को तिब्बती पुनर्वास नीति को प्रख्यापित करने के निर्देश दिए गए हैं। भारत सरकार एवं राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ राज्य में निवास कर रहे तिब्बती नागरिकों को मिल सके इसके लिए तिब्बती पुनर्वास नीति को प्रख्यापित किया जाना आवश्यक है। बैठक के दौरान उत्तराखण्ड में निवासरत तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधियों ने शासन को जन्म प्रमाण पत्र बनने में आ रही दिक्कतें, भूमि स्वामित्व विवाद, आवास, सड़क, पेयजल का ना मिलना जैसी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधियों ने राज्य में तिब्बती संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु शासन से सहायता की अपेक्षा की है।
बैठक में विशेष सचिव गृह विभाग रिद्धिम अग्रवाल, निवेदिता कुकरेती, निदेशक संस्कृति बीना भट्ट, सिटी मजिस्ट्रेट देहरादून प्रत्यूष सिंह, अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सेन्ट्रल तिब्बतन वेलफेयर ऐसोसिएशन के पदाधिकारी एवं देहरादून में निवासरत तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पीएम का दौरा विकास को गति देने वाला-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी 12 अक्टूबर को प्रस्तावित पिथौरागढ़ भ्रमण के दृष्टिगत प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर चल रही तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने नैनी सैनी एयरपोर्ट पर वायुयान लैंडिंग व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने जनसभा स्थल पिथौरागढ़ स्थित एसएस वल्दिया स्पोटर्स स्टेडियम में मंच व्यवस्था, सीटिंग अरेंजमेंट,साउंड व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, टेण्ट, पेयजल, शौचालय आदि व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं त्रुटि रहित और समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह उत्तराखण्ड दौरा देवभूमि के विकास को और गति देने के साथ ही प्रदेश के विभिन्न धार्मिक पर्यटन क्षेत्रों को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान देने का कार्य करेगा।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सांसद अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा, विधायक बिशन सिंह चुफाल, जिलाधिकारी रीना जोशी, मुख्य विकास अधिकारी वरुण चौधरी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने सहकारिता विभाग में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों की समीक्षा की

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में सहकारिता विभाग के तहत प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के माध्यम से प्रदेश के गरीब तबके की आर्थिकी को बढ़ाया जा सकता है।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को पैक्स के कम्प्यूटराइजेशन कार्य को शीघ्र पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को जनपद की सभी पैक्स का निरीक्षण किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने जिला स्तरीय निगरानी एवं कार्यान्वयन समितियों के अंतर्गत पैक्स की समीक्षा किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पैक्स को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराकर छोटे किसान, गरीब मजदूरों आदि को सीधे लाभ प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि गैस वितरण एजेंसियों और पेट्रोल पम्पों आदि आबंटन में पैक्स को वरीयता दी जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को इसके लिए पैक्स द्वारा निर्धारित तिथि तक आवेदन कराये जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि केन्द्र सरकार की विकेन्द्रीकृत अन्न भण्डारण योजना के तहत प्रत्येक जनपद में अन्न भण्डारण हेतु भूमि चयनित कर पैक्स को आबंटित की जाए। पैक्स को इसके संचालन के लिए अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि इसमें स्वयं सहायता समूहों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के खरीद और वितरण में भी पैक्स को शामिल किए जाने की बात कही। कहा कि इससे उत्पादों को खरीद कर बेचने की प्रक्रिया भी छोटी होगी, क्योंकि दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के उत्पादों को खरीद कर नीचे लाया जाता है, फिर वापस पर्वतीय क्षेत्रों और दूरस्थ क्षेत्रों में वितरण के लिए भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि पैक्स के माध्यम से खरीद कर वितरित करना और अन्न भडारण गृहों में रखे जाने से ये प्रक्रिया आसान हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बिचौलियों को भी दूर रखा जा सकेगा, और लाभ सीधे स्थानीय पैक्स सदस्यों और किसानों को होगा। उन्होंने गन्ना समितियों को भी इसमें शामिल करते हुए अधिक से अधिक प्राथमिक कृषि ऋण समितियां तैयार की जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के खाली पड़े स्कूलों एवं सरकारी भवनों को आवश्यकता के अनुसार सहकारिता विभाग को हस्तांतरित करते हुए पैक्स के उपयोग हेतु कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों का संचालन भी पैक्स के माध्यम से कराए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इसके लिए बेरोजगार फार्मासिस्टों की जानकारी राज्य की फार्मासिस्ट काउंसिल से लेकर फार्मासिस्टों को इससे जोड़ने के साथ ही ड्रग लाईसेंस उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सभी सरकारी चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्रों के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिला सहकारी विकास समितियों की लगातार समीक्षाएं आयोजित कर इसे बढ़ावा देने के लिए कार्य किया जाए। प्रदेश के कॉमन सर्विस सेंटरों को भी पैक्स के माध्यम से संचालित किया जाए। पैक्स को मल्टी स्टेट संघों की सदस्यता लेने हेतु भी प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि पैक्स को मजबूत करके हम प्रदेश के आम आदमी को मजबूत कर सकते हैं, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों में आर्थिकी को बढ़ाने की अपार सम्भावनाएं हैं। इससे होने वाला लाभ सीधे समिति के सदस्यों में बराबर वितरित होता है। इससे जो भी लाभ होगा वह सीधे पैक्स के सदस्य यानि उससे जुड़े किसान और आमजन को होगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम एवं दीपेन्द्र कुमार चौधरी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

शाह की बैठक में आये बिन्दुओं पर कार्यवाही शुरु

7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री एवं सचिव, गृह मंत्रालय, भारत सरकार की उपस्थिति में गृहमंत्री, भारत सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों के संबंध में समीक्षा बैठक आहूत की गयी, जिसके क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा राज्य के गृह विभाग से संबंधित लंबित प्रकरणों के संबंध में यथाशीघ्र कार्यवाही पूर्ण किये जाने के कड़े निर्देश दिये गये, जिसके क्रम में आज अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में गृह विभाग के अधिकारियों के साथ लंबित प्रकरणों के संबंध में विचार-विमर्श किये जाने हेतु समीक्षा बैठक आहूत की गयी, जिसके क्रम में अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा निम्नवत निर्देश दिये गये हैंः-

1. गृहमंत्री, भारत सरकार द्वारा पुलिस अधिकारियों/कार्मिकों को गुणात्मक प्रशिक्षण दिये जाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिये जाने के दृष्टिगत अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा इस संबंध में पुलिस मुख्यालय देहरादून से सुस्पष्ट प्रस्ताव अविलम्ब प्राप्त किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
2. एसआईएसएफ तथा पर्यटन पुलिस के गठन के संबंध में समयबद्ध रूप से पुलिस मुख्यालय, देहरादून से सुस्पष्ट प्रस्ताव प्राप्त कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।
3. गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रख्यापित “मॉडल जेल मैनुअल“ एवं “मॉडल जेल एक्ट 2023“ को उत्तराखण्ड राज्य की परिस्थिति के अनुरूप कतिपय संशोधन के साथ राज्य में लागू किये जाने तथा “मॉडल फायर बिल“ के संबंध में सुस्पष्ट प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय, देहरादून से समयबद्ध रूप से प्राप्त किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
4. गृहमंत्री, भारत सरकार द्वारा नशीले पदार्थों की तस्करी पर कड़ी रोकथाम लगाये जाने संबंधी निर्देशों के आलोक में अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, उत्तराखण्ड शासन द्वारा राज्य में नशीले पदार्थों के विरुद्ध टास्क फोर्स के समयबद्ध गठन के निर्देश दिये गये हैं, साथ ही साथ एनकॉर्ड की जनपद स्तरीय मासिक बैठकों को नियमित रूप से किये जाने के निर्देश दिये गये तथा गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नशीले पदार्थों से संबंधित संवेदनशील प्रकरणों, जिनका अन्तर्राज्यीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय गठजोड़ परिलक्षित होता हो ऐसे प्रकरणों में एनआईए एवं एनसीबी का सहयोग प्राप्त किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।
5. राज्यान्तर्गत संचालित होटलों में ठहरने वाले विदेशी नागरिकों से सी-फॉर्म भराये जाने संबंधी बाध्यता का कड़ाई से अनुपालन कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं साथ ही राज्य सरकार द्वारा विदेशी पंजीकरण नियम के नियमों में यथाआवश्यक संशोधन हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये गये हैं।
6. वाहन स्क्रैप पॉलिसी में विहित निर्देशानुसार सुस्पष्ट प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को यथाशीघ्र प्रेषित किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।

गरीब कैदियों के लिए सहायता योजना होगी शुरु

केन्द्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा कैदियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई ‘गरीब कैदियों को सहायता योजना’ के राज्य में क्रियान्वयन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसे लेकर अपर मुख्य सचिव ने भारत सरकार के दिशा-निर्देशों और मानक संचालन प्रक्रिया के तहत जनपदों में जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में सशक्त समिति का गठन करने के आदेश जारी किए हैं। यह समिति प्रत्येक प्रकरण में जमानत/जुर्माना राशि को लेकर निर्णय करेगी।
गृह सचिव, भारत सरकार के पत्र 19 जून, 2023 के द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री भारत सरकार के वक्तव्य/घोषणा ‘समाज के अन्तिम छोर पर बैठे व्यक्ति को लाभ पहुंचाना’ के क्रम में ऐसे गरीब कैदियों, जो आर्थिक तंगी के कारण उन पर लगाए गए जुर्माने को अदा न कर पाने अथवा जमानत राशि वहन न कर पाने के कारण जेल से रिहा नहीं हो पा रहे हैं, को वित्तीय सहायता प्रदान किये जाने हेतु गृह मंत्रालय, भारत सरकार ‘गरीब कैदियों को सहायता योजना’ प्रारंभ की गई है।
इसी क्रम में बीते शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा की गई समीक्षा बैठक में उक्त बिंदु प्रकाश में आया था। जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के अधिकारियों को इसके तत्काल अनुपालन के निर्देश जारी किए थे, जिसके क्रम में आज अपर मुख्य सचिव ने इसे लेकर आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रदेश की अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देश एवं मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार राज्य में इस योजना के क्रियान्वयन हेतु जनपद स्तर पर सशक्त समिति का गठन किया है। जिसमें जिला मजिस्ट्रेट अध्यक्ष जबकि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ कारागार अधीक्षक/कारागार अधीक्षक, जनपद न्यायाधीश द्वारा संबंधित कारागार क्षेत्र के नामित न्यायाधीश सदस्य होंगे। समिति भारत सरकार द्वारा निर्धारित एसओपी के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में जमानत/जुर्माना राशि के भुगतान के लिए धनराशि की आवश्यकता का निर्णय लेगी, जिसके क्रम में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा गठित केंद्रीय नोडल एजेंसी से धनराशि आहरित कर जरूरी कार्रवाई करेगी। उक्त समिति एक नोडल अधिकारी भी नामित करेगी व कैदियों की आवश्यकतानुसार सामाजिक संस्था के प्रतिनिधि, समाज सेवक, जिला प्रोबेशन अधिकारी से अपेक्षित सहयोग प्राप्त करेगी।

कुमाऊंनी गीत ब्वारी चाहा बनै दे लांच, मंत्री ने कलाकारों को सराहा

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने स्थानीय कलाकारों द्वारा अभिनीत ’कुमाऊंनी गीत ब्वारी चाहा बनै दे’ को लॉन्च किया। इस दौरान डॉ अग्रवाल ने गीत के कलाकारों के अभिनय की प्रशंसा की। मौके पर कलाकारों को डॉ अग्रवाल ने माला पहनाकर सम्मानित भी किया। साथ ही पहली महिला निर्देशक अंजली कैंतुरा को गीत के लिए बधाई दी।
बीती देर सायं छिद्दरवाला में गीत लॉन्च करते हुए डॉ अग्रवाल ने कहा कि संस्कृति को बढ़ाने के लिए गीत-संगीत अच्छा माध्यम है, उन्होंने युवा पीढ़ी द्वारा गीत की सुंदर प्रस्तुति के लिए कलाकारों की हौसला अफजाई की।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि हमारे प्रदेश में प्रतिभाएं बहुत है, सही प्लेटफार्म मिलने पर उनकी प्रतिभा को निखारा जा सकता है। इस दौरान डॉ अग्रवाल ने गीत को पूरा सुनकर कलाकारों के साथ नृत्य भी किया।
निर्देशक अंजली कैंतुरा ने बताया कि ’कुमाऊंनी गीत ब्वारी चाहा बनै दे’ एक ससुर और बहू के ऊपर फिल्माया गया है, जो गोदभराई की रस्म के दौरान का है। जिसमें ससुर अपनी बहू को चाय बनाने के लिए कहते हैं। उन्होंने बताया कि गीत की शूटिंग छिद्दरवाला में हुई हैं, जिसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा अभिनय किया गया है।
इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, प्रधान जोगीवाला सोबन सिंह कैंतुरा, पूर्व प्रधान हरीश कक्कड़, पूर्व जिपंस अनिता राणा, मण्डल अध्यक्ष महिला मोर्चा समा पंवार, अमर खत्री, गढ़वाली गीत निर्माता सुरेश जोशी, गायक ललित गितियार, ममता आर्य, संगीत रंजीत सिंह, बोल ननु जोशी, प्रीम बिष्ट, कलाकार नताशा, आयशा, दिगंबर, शिवानी, शालनी, संगीता, निर्देशक अंजली कैंतुरा, स्नेहा राणा, सतीश, शुभम कैंतुरा, शिवम, अनुज रावत सहित ग्रामीण उपस्थित रहे।

पिथौरागढ़ दौरे पर पहुंचे स्वास्थ्य सचिव, अधिकारियों को दिए अहम दिशा-निर्देश

राज्य के स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार आजकल कुमांउ मंडल के चंपावत और पिथौरागढ़ जनपद के भ्रमण पर है। चंपावत में स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत परखने के बाद आज चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के सचिव डॉ आर राजेश कुमार पिथौरागढ़ जिले के एक दिवसीय भ्रमण पर रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पिथौरागढ़ जनपद के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों-कर्मचारियों के संग समीक्षा बैठक कर अहम निर्देश दिये।
सबसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र इग्यारदेवी का निरीक्षण किया और वहां पर स्थित लैब का निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिये। उसके बाद विकास भवन स्थित सभागार में प्रधानमंत्री के जनपद आगमन की तैयारियों से संबंधित जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा एचएस ह्यांकी से जिले के बाहर से आने वाली कार्डियक एंबुलेंस व स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की तैनाती की जगह के विषय में जानकारी ली व इस दौरान सभी कार्मिकों को एलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए।

’ऑर्गन डोनर में पिथौरागढ़ आगे, सचिव ने जताई खुशी’
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने जिले में सबसे अधिक ऑर्गन डोनर बनाए जाने पर खुशी जताई। वहीं जनपद में आयुष्मान योजना की धामी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने सुधार के निर्दश दिये। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि योजना में जनजागरूकता को लेकर व्यापक कंपेन चालया जाये। जनपद में 100 फीसदी आयुष्मान कार्ड का लक्ष्य लेकर पूरी व्यापक कार्य योजना बनाई जाये। हर घर आयुष्मान कार्ड की सुविधा को लेकर अधिकारी-कर्मचारी कार्य करें। योजना के महत्व के बारे में आम जनमानस को बतायें। इससे मिलने वाले लाभों को समझायें।

’मेडिकल कॉलेज के धीमे निर्माण पर जाहिर की नाराजगी’
इसके साथ ही स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने पिथौरागढ़ जनपद के निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने बारीकी से निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था से निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य तय समय पर पूरा होना चाहिए ताकि आम जनमानस को इसका पूरा लाभ मिले। स्वास्थ्य सचिव ने कार्यदायी संस्था को मजदूरों और मशीनरी की संख्या बढ़ाने के निर्दश दिये। साथ ही हिदायत दी कि निर्माणकार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाये।

भ्रमण कार्यक्रम में उनके साथ निदेशक कुमाऊं मंडल डा तारा आर्या, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज डा अजय आर्या, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा एचएस ह्यांकी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा आर के जोशी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा कुंदन कुमार, नवल चौधरी, मोनू मोहित पंत, चंदन बिष्ट आदि लोग उपस्थित रहे।

केंद्रीय गृह मंत्री ने विभिन्न विभागों की की थी समीक्षा बैठक, अब सीएम धामी ने जताया आभार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को अपने उत्तराखंड दौरे के व्यस्ततम कार्यक्रम में जिस तरह से राज्य के विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक की और राज्य हित में इस दौरान जो निर्णय लिए उसे लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री का आभार प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से इन बैठकों में जो भी सुझाव दिए हैं राज्य सरकार उनको तेजी से अमल में लाने के लिए जुट गई है।
विदित हो कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बीते शनिवार को टिहरी के नरेन्द्रनगर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक एवं 49वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस में प्रतिभाग करने का कार्यक्रम तय था। केंद्रीय गृह मंत्री ने इतना व्यस्त कार्यक्रम होने के बावजूद इस दिन शाम को सहकारिता विभाग के अलावा आपदा प्रबंधन विभाग, गृह विभाग, वाइब्रेंट विलेज की समीक्षा बैठक की और इस दौरान न केवल कई महत्वपूर्ण निर्णय राज्य हित में लिए गए अपितु कई अहम सुझाव भी शाह के द्वारा राज्य सरकार को प्रदान किये गए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यस्ततम कार्यक्रमों के बावजूद विभागों की समीक्षा बैठक के लिए अतिरिक्त समय निकालने पर केंद्रीय मंत्री का आभार प्रकट किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दिये गए महत्वपूर्ण सुझावों पर तेजी से क्रियान्वयन के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री का समय-समय पर विभिन्न मुद्दों पर राज्य सरकार को मार्गदर्शन मिलता रहता है, जिसके लिए हम केंद्रीय गृह मंत्री के आभारी हैं।

योजनाओं को एक जगह उपलब्ध कराने के लिए लांच किया गया युवा उत्तराखण्ड एप

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड देहरादून में आयोजित उत्तराखण्ड युवा महोत्सव-2023 कार्यक्रम में रोजगार प्रयाग पोर्टल का शुभारंभ किया। राज्य में रोजगार के अवसरों को एक ही पोर्टल पर उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा युवाओं के लिए यह पोर्टल विकसित किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘युवा उत्तराखण्ड एप’ लांच किया और सेवायोजन कार्यालयों में स्वरोजगार केन्द्रों का शुभारंभ भी किया। विभिन्न विभागों द्वारा संचालित की जा रही योजनाओं को एक ही जगह उपलब्ध कराये जाने के लिए आईटीडीए द्वारा युवा उत्तराखण्ड एप विकसित किया गया है। डिजिटल जानकारी के साथ ही युवाओं को योजनाओं से संबंधित अधिक जानकारी और आवेदन के लिए सभी जनपदों में सेवायोजन कार्यालयों में रोजगार केन्द्र विकसित करने की मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा की गई थी। घोषणा के प्रथम चरण में मुख्यमंत्री ने देहरादून एवं उधमसिंहनगर के सेवायोजन कार्यालयों में स्वरोजगार कार्यालयों का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रोजगार मेलों के माध्यम से चयनित 17 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किये और विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया।
उत्तराखण्ड युवा महोत्सव-2023 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग और आई.आई.टी रूड़की के बीच एम.ओ.यू हस्ताक्षरित किया गया। आईआईटी रूड़की की तकनीकि विशेषता को राज्य की श्रमशक्ति के कौशल क्षमता के विकास के लिए यह एम.ओ.यू. किया गया। पहले चरण में कंस्ट्रक्शन सेक्टर में कार्यरत श्रम शक्ति की उच्च स्तरीय अपस्किलिंग के लिए आईआईटी रूड़की के इंक्यूबेटर सेंटर द्वारा तकनीकि सहयोग दिया जायेगा। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग और माइक्रोसॉफ्ट के बीच भी एम.ओ.यू हस्ताक्षरित किया गया। राज्य के उच्च तकनीकि संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को माइक्रोसॉफ्ट द्वारा डिजिटल स्किल से संबंधित प्रशिक्षण दिया जायेगा। माइक्रोसॉफ्ट द्वारा समाज के वंचित समूहों को भी डिजिटल प्रशिक्षण में तकनीकि सहयोग दिया जायेगा। इस अवसर पर एल्डरली केयर गिवर के रूप में जापान में राज्य के युवाओं को जापानी भाषा और रहन-सहन संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए लर्नेट स्किल प्रा. लि. के साथ एमओयू किया गया। राज्य के नर्सिंग प्रशिक्षितों को इंग्लैंड एवं आयरलैंड में नर्स के रूप में कार्य करने के लिए एन्वेर्टज कंसल्टेंसी और जर्मनी में नर्स के रूप में कार्य करने के लिए जेनराईज ग्लोबल के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउण्ड देहरादून में विशाल संख्या में आये युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज युवाओं के लिए जहां रोजगार प्रयाग पोर्टल और युवा उत्तराखण्ड एप लॉन्च किया गया है, वहीं आईआईटी रुड़की एवं माइक्रोसॉफ्ट के तकनीकी सहयोग प्राप्त किये जाने हेतु एमओयू भी किया गया है। रोजगार प्रयाग पोर्टल से जहां विभिन्न सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाने वाले पदों की जानकारी एवं आवेदन करने की प्रक्रिया सरल होगी, वहीं इस पोर्टल से विभिन्न विभागों में आउटसोर्सिंग के पदों की सूचना भी युवाओं को मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि के युवा न केवल प्रतिभा संपन्न एवं सामर्थ्यवान हैं, बल्कि मेहनती भी हैं। अनेक क्षेत्रों में हमारे प्रदेश की प्रतिभाओं ने देश और दुनिया में राज्य का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि देश और राज्य का भविष्य युवाओं की शक्ति पर निर्भर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत का निर्माण हो रहा है, जिसकी मजबूत नींव युवा हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नया भारत अपने युवा साथियों की सहायता और सहयोग के लिए हमेशा तत्पर है। राज्य में युवाओं के साथ किसी भी स्तर पर अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने नकल विरोधी कानून लागू कर भर्तियों में घोटाले करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य किया है। रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 दिनों में उनके द्वारा द्वारा करीब एक हजार अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के साथ ही स्पोर्ट कल्चर को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए जहां एक ओर नई खेल नीति लाई गई है, वहीं नौकरियों में खेल कोटे को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। वर्तमान में “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना‘‘ के अंतर्गत खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। सरकार अपने युवाओं की उन्नति के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य के युवा भी प्रदेश की प्रगति और समृद्धि के लिए सरकार के साथ पूर्ण निष्ठा व समर्पण के साथ अपना योगदान देंगे। उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे “विकल्प रहित संकल्प“ को पूर्ण करने के लक्ष्य में भागीदार बनेंगे।
कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास के लिए युवाओं का कौशल विकास करना जरूरी है। इसी सोच के साथ युवाओं को कौशल विकास एवं रोजगार से जोड़ने के लिए युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का युवा शिक्षित है, उनको सही दिशा देने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं से युवाओं को सभी जानकारियां मिल सके, इसलिए सभी विभागों के स्टॉल लगाये गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की युवा शक्ति ही राज्य की आर्थिक समृद्धि का आधार है। युवा शक्ति कुशल एवं सशक्त होगी तभी राज्य निरंतर प्रगति करेगा। सभी सरकारी योजनाओं का पात्र लोग पूरा फायदा उठा सकें, इस दिशा में लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजानदास, बृज भूषण गैरोला, सचिव विजय कुमार यादव, दीपेन्द्र चौधरी, निदेशक आईटीडीए नितिका खंडेलवाल उपस्थित उपस्थित रहे।

राज्य के सभी विकासखंडों के टॉपर दो-दो छात्रों को कराया जायेगा भारत दर्शन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के सभी विकासखण्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के टॉपर 2-2 छात्रों हेतु भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम संचालित करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भारत-दर्शन कार्यक्रम से छात्रों में एक विशेष अनुभूति जागृत होगी, जिससे वे सब भारत की विभिन्नताओं, इतिहास, संस्कृति, शिष्टाचार और प्रकृति को व्यक्तिगत रूप से जान सकेंगे। इसमें इन छात्रों में समूह में रहने की प्रवृत्ति, नायक बनने की क्षमता तथा आत्मविश्वास एवं भाईचारे की भावना प्रबल होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम चयनित मेधावी छात्रों के जीवन को नई दिशा देने के साथ ही उन्हें अपनी शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए भी प्रेरित करेगा।