गढ़वाल के पांच जिलों में केन्द्र पोषित और वित्त आयोग की योजनाओं की समीक्षा

शहरी विकास मंत्री डॉ. प्रेम चन्द अग्रवाल ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में नगर निकाय के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में चल रही केंद्र पोषित योजना, 15वें वित्त तथा पांचवें राज्य वित्त योजनाओं की समीक्षा की।
मंत्री ने कहा कि आज पांच जिलों टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, चमोली तथा रूद्रप्रयाग के अधिशासी अधिकारियों के साथ नगर निकायों में चल रहे विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई है जिसमें कूड़े के डोर टू डोर कलेक्शन, सेग्रीगेशन, लीगेसी वेस्ट तथा ठोस अवशिष्ठ प्रबन्धन को लेकर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक सुधार हेतु दिशा-निर्देश दिये।
मंत्री ने महत्वाकांक्षी पीएम स्वनिधि योजना तथा पीएम आवास योजना की प्रगति के विषय में जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने दीनदयाल अन्त्योदय मिशन के तहत चलाये जा रहे स्वरोजगार कार्यक्रम तथा स्वंय सहायता समूह की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नगर निकायों में स्वंय सहायता समूहों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाए जिससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल सके। मंत्री ने कहा कि स्वंय सहायता समूह से जुड़ी हमारी बहिनों के द्वारा कुछ सराहनीय उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है इसके लिए विभाग की ओर से अमेजॉन तथा फ्लिप कार्ड जैसी ऑनलाईन शॉपिंग साईट से भी समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से स्वंय सहायता समूहों से जुड़ी सभी बहिनों को आसानी से बाजार उपलब्ध हो पायेगा।
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि नगर निकायों में वित्त की कमी न होने पाए इसके लिए विभाग हमेशा प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि अधिशासी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों हेतु समय पर डीपीआर तैयार करें जिससे जनता को किये जा रहे विकास कार्यों का लाभ ससमय प्राप्त हो सके। उन्होंने 15वें वित्त तथा पांचवें राज्य वित्त योजनाओं पर भी अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि हमारे नगर निकाय और अधिक सुदृढ़ हों इसके लिए विभाग हमेशा से प्रयासरत है।
मंत्री ने बैठक में कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जनता से जुड़े हुए विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही को बरदाश्त नहीं किया जायेगा। मंत्री ने कहा कि नगर निकायों में आश्रय स्थलों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने यूजर चार्ज पर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए जिसके लिए अधिशासी अधिकारियों को कार्य स्थलों का समय-समय पर निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया।
मंत्री ने सभी अधिकारियों को आगामी नगर निकाय चुनाव के लिए भी तैयार रहने के निर्देश दिये। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को ससमय पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने नगर निकायों में साफ सफाई, स्ट्रीट लाईट, सार्वजनिक शौचालयों, सार्वजनिक मूत्रालयों की समुचित व्यवस्था करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।
इस अवसर पर अशोक पाण्डे, सहायक निदेशक, शहरी विकास, राजीव पाण्डे, सहायक निदेशक, शहरी विकास तथा अन्य विभागीय अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

5265 किलोवॉट के पांच प्लांट को मंजूरी मिली, हरित ऊर्जा की ओर बढ़ते राज्य के कदम

राज्य में हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना में 5265 किलोवॉट क्षमता के पांच सोलर पॉवर प्लांट को मंजूरी प्रदान की गई है। राज्य में हरित ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ये योजना चलाई जा रही है।
राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना का इसके अंतर्गत संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में शासन द्वारा अधिसूचित उत्तराखंड राज्य सौर नीति-2023 के अंतर्गत टाइप-टू श्रेणी में उरेडा द्वारा आवेदन के लिए 20 जुलाई 2023 को प्रस्ताव आमंत्रित किये गए थे। ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने जानकारी दी है कि शासन स्तर पर उनकी अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय अनुवीक्षण समिति द्वारा पांच प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इनकी कुल क्षमता 5265 किलोवॉट है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से राज्य में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में लगभग 24 करोड़ का निवेश होगा, साथ ही हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने बताया कि राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के साथ ही उत्तराखंड पॉवर कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर पावर प्लांट की स्थापना की जाती है जिस पर केंद्र के अलावा राज्य सरकार द्वारा भी अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान की जाती है।

पीएम ने 4 हजार 200 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड को लगभग 4 हजार 200 करोड़ रूपये की सौगात दी। पिथौरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने राज्य की 23 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। राज्य की जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें 21 हजार 398 पॉलीहाउस निर्माण, उच्च घनत्व वाले सघन सेब बागानों की योजना, राष्ट्रीय राजमार्गों पर 2 लेन एवं ढलान उपचार के 5 कार्य, राज्य में 32 पुलों का निर्माण, एसडीआरएफ के तहत अग्नि सुरक्षा बुनियादी ढांचे और बचाव उपकरणों को मजबूत करना, देहरादून में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का अपग्रेडेशन, बलियानाला, जनपद नैनीताल में भूस्खलन की रोकथाम हेतु उपचार, 20 मॉडल डिग्री कॉलेजों में हॉस्टल और कंप्यूटर लैब का निर्माण, सोमेश्वर, अल्मोडा में 100 बिस्तरों वाला उप जिला अस्पताल, चंपावत में 50 बिस्तरों वाले अस्पताल ब्लॉक का निर्माण, रूद्रपुर में वेलो-ड्रोम निर्माण कार्य, स्पोर्ट्स स्टेडियम, हल्द्वानी में एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान का निर्माण, चार धाम की भांति मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों का विकास, मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत जागेश्वर धाम, हाट कालिका एवं नैना देवी मंदिर में अवस्थापना सुविधाओं का विकास शामिल हैं।
प्रधानमंत्री द्वारा जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया उनमें पीएमजीएसवाई के तहत 76 सड़कें, पीएमजीएसवाई के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 25 पुल, 9 जिलों में 15 ब्लॉक कार्यालय भवन, केन्द्रीय सड़क निधि के अन्तर्गत 3 सड़क सुदृढ़ीकरण कार्य, कौसानी-बागेश्वर रोड, धारी-डोबा- गिरेचिना रोड, नगला-किच्छा एस एच रोड डबल लेन, राष्ट्रीय राजमार्गों को 2 लेन एवं सुदृढ़ीकरण करने का कार्य, एन एच 309 बी-अल्मोड़ा-पेट्सल-पनुआनौला- दन्या एन एच- टनकपुर-चल्थी, प्रदेश में 39 पुल एवं देहरादून में यूएसडीएमए भवन, 38 ग्रामीण पंपिंग पेयजल योजनाएं और 3 ट्यूबवेल आधारित पेयजल योजनाएं, 419 ग्रामीण ग्रेविटी पेयजल योजनाएं, थरकोट, पिथौरागढ़ में कृत्रिम झील, 132 केवी पिथौरागढ़-लोहाघाट-चंपावत ट्रांसमिशन लाइन के कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड की सवा करोड़ देवतुल्य जनता की ओर से दो अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केदारखंड में मंदिरों तथा पौराणिक स्थलों का विकास हो रहा है। उनकी मानसंखंड की इस यात्रा द्वारा इस क्षेत्र का भी संपूर्ण विकास सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत पुनः विश्वगुरू बनने की ओर अग्रसर है। आज जहां एक ओर देश में आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है, वहीं विश्व में भारत का मान-सम्मान बढ़ रहा है। रूस और यूक्रेन के बीच हुए युद्ध के समय भारत द्वारा दिखाई गई कूटनीतिक परिपक्वता हो या जी-20 सम्मेलन के अध्यक्ष के रूप में विश्व के सभी प्रमुख देशों को एक मंच पर लाकर दिल्ली घोषणा पत्र पर सहमति स्थापित करना हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति की। यह स्वर्णिम कालखंड भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना के पुनरुत्थान का कालखंड भी है। आज नया भारत न केवल एक राष्ट्र के रूप में संपन्न और समर्थ बन रहा है, बल्कि विश्व का नेतृत्व करने के लिए भी तैयार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव किसी से छुपा नहीं है। पिछले 9 वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के लिए 1 लाख 50 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की गई, जिनमें से अनेक योजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा उत्तराखण्ड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नारायण आश्रम की प्रतिकृति, ऐपण स्टॉल और बोधिसत्व विचार श्रृंखला-एक नई सोच, एक नई पहल पुस्तक भेंट की।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री उत्तराखण्ड सतपाल महाराज, गणेश जोशी, प्रेमचंद अग्रवाल, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्या, सौरभ बहुगुणा, सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कल्पना सैनी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट आदि उपस्थित रहे।

पीएम और धामी की जुगलबंदी, धामी की मेहनत साकार कर गये मोदी

आज उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बेहद खास जुगलबंदी देखने को मिली। दरअसल, पीएम मोदी ने पवित्र पार्वती सरोवर में दर्शन एवं पूजन से लेकर सेना के जवानों के बीच सीएम धामी को हर जगह अपने साथ-साथ रखा।
प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से हमेशा से विशेष लगाव रहा है। बीते वर्ष भी प्रधानमंत्री मोदी बद्रीनाथ धाम में दर्शनों के बाद जब देश के अंतिम गांव (तब तक) माणा में पहुँचे तो यहां भी दोनों के बीच की केमेस्ट्री साफ झलकी। माणा में आयोजित जनसभा में पीएम मोदी ने अपने भाषण में सीएम धामी के उस कथन पर मुहर लगा दी, जिसमें माणा देश का पहला गांव होने की बात कही। इसके बाद से माणा को देश के प्रथम गांव के रूप में पहचान मिली है। यहां आयोजित जनसभा में भी पीएम मोदी ने सीएम धामी की मंच से मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
सीएम धामी जब भी नई दिल्ली में प्रधानमंत्री से भेंट करने गए, उन्होंने प्रधानमंत्री से पार्वती सरोवर, जागेश्वर मंदिर और अद्वैत आश्रम आने का आग्रह किया। सीएम धामी ने इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मानसखंड कॉरिडोर को लेकर विशेष आग्रह किया था। यह सीएम धामी के प्रयासों का ही प्रतिफल रहा कि पीएम मोदी ने सीमांत जनपद पिथौरागढ़ दौरे को लेकर अपनी हामी भरी।
सीएम धामी के विशेष आग्रह पर आए प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के पवित्र पार्वती कुंड में दर्शन और पूजन से अभिभूत हूं। यहां से आदि कैलाश के दर्शन से भी मन आह्लादित है। प्रकृति की गोद में बसी अध्यात्म और संस्कृति की इस स्थली से अपने परिवारजनों के सुखमय जीवन की कामना की।
गौरतलब है कि मानसखंड कॉरिडोर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है। उनके द्वारा अपने हालिया दिल्ली दौरे के दौरान भी प्रधानमंत्री के समक्ष इस विषय पर चर्चा की गई। आज पीएम के पिथौरागढ़ दौरे के दौरान एक बार पुनः दोनों के बीच की यही केमिस्ट्री देखने को मिली। आदि कैलाश के पार्वती सरोवर से दर्शनों के बाद मंदिर परिसर में सीएम धामी, पीएम मोदी के साथ-साथ रहे। दोनों के चेहरों पर आ रही मुस्कुराहट उनके बीच की आत्मीयता को दर्शा रही थी। इसके बाद जब प्रधानमंत्री सेना के जवानों के बीच पहुँचे तो यहां भी उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को अपने साथ ही रखा।
दरअसल, प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ होते हैं, तो दोनों नेताओं के बीच दलीय संबंध से इतर अपनेपन का एक रिश्ता भी नजर आता है।

मानसखंड को विश्व पटल पर लाने की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिथौरागढ़ दौरे से मानसखण्ड कॉरिडोर को विश्व पटल पर छाने की तैयारी पूरी हो गई है। जिस तरह से केदारनाथ में 2013 के बाद आई आपदा के बाद प्रधानमंत्री मोदी के मार्ग-दर्शन में वहां ऐतिहासिक कार्य हुए उससे देश और दुनिया में इसे लेकर एक बड़ा संदेश गया। कोरोना के बाद वर्ष 2021 जब यात्रा पुनः प्रारंभ हुई तो यहां रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुँचे। इस वर्ष भी यात्रियों की संख्या नए रिकॉर्ड बना रही है। अब प्रधानमंत्री के पिथौरागढ़ के अनछुए स्थानों पर पहुँचने के बाद यह उम्मीद जताई है रही है कि आने वाले दिनों में मानसखंड कॉरिडोर के अन्तर्गत आने वाले तमाम धार्मिक स्थलों को नई पहचान मिलेगी।

पीएम मोदी ने सीएम धामी की पीठ थपथपाई, बोले-वाह धामी जी वाह…
पिथौरागढ़ में आयोजित प्रधानमंत्री की जनसभा में आज भारी जनसैलाब उमड़ा। उन्हें सुनने के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा सब पहुँचे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब अपना संबोधन समाप्त किया तो वे भी देवभूमि की जनता के इस प्रेम से अभिभूत नजर आए। ऐसे में पीएम मोदी के मुँह से एकाएक निकला ष्वाह धामी जी वाह।ष् इस दौरान पीएम धामी ने मंच पर ही उनकी पीठ थपथपाई। इसके बाद जब पीएम मोदी हेलिपैड से लौटने लगे तो यहां भी उन्होंने सीएम धामी का हाथ पकड़कर उनकी तारीफ करते हुए पीठ थपथपाई।

आदि कैलाश की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 अक्टूबर को भारत की आध्यात्मिक भूमि आदि कैलाश पहुंचे। यहां शिव मंदिर में पूजा करते हुए प्रधानमंत्री ने आदि कैलाश के विराट दर्शन किए और देश की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। शिव धाम आदि कैलाश आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 अक्टूबर, 2023 को सुबह 8.45 बजे हेलीकॉप्टर से पिथौरागढ़ जनपद में ज्योलिंगकांग हेलीपैड पर उतरे। यहां से दाहिनी ओर करीब डेढ़ किमी की दूरी कार से तय करते हुए हिमालय की चोटी पर स्थित पार्वती सरोवर और शिव मंदिर पहुंचे। करीब 25 मिनट तक शिव की पूजा और ध्यान किया। आदि कैलाश मंदिर में रं-समुदाय के लामा पुजारियों ने पौराणिक काल से प्रसिद्ध शिव-पार्वती की ‘माटी पूजा’ पूरे विधि विधान के साथ संपन्न की।

इसके बाद पीएम मोदी ने आदि कैलाश पर्वत और पार्वती सरोवर के दर्शन भी किए। आदि कैलाश और पार्वती सरोवर के दर्शन कर प्रधानमंत्री अभिभूत हो उठे। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश के दर्शन कर उनका मन प्रसन्न और जीवन धन्य हो गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देव भूमि है। यहां कण-कण में देवी देवताओं का वास है। भगवान आदि कैलाश के दर्शन कर उन्हें परम आनंद की अनुभूति हुई है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के मंदिर आस्था ही नही आर्थिकी का भी केंद्र हैं। इन मंदिरों से हजारों लोगों की आर्थिकी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़ी है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी मंदिरों को एक सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आदि कैलाश और आसपास के क्षेत्र के बारे जानकारी दी।
प्रधानमंत्री के भ्रमण से चीन सीमा पर तैनात सेना के जवानों के साथ ही सीमा पर बसे गांव कुटी, नाबि, रोंगकांग, गुंजी, नपल्चयू, गर्व्यांग, बूंदी के ग्रामीणों में गजब उत्साह देखने को मिला। आदि कैलाश के दर्शन करने के बाद पीएम मोदी ज्योलिंगकांग हेलीपैड से गुंजी के लिए रवाना हुए।
प्रधानमंत्री मोदी आदि कैलाश की यात्रा करने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री भी बन गए है। तीन देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगी इस भूमि से प्रधानमंत्री ने पूरे विश्व को अध्यात्म और वैश्विक क्षेत्र में उभरती भारत की शक्ति का संदेश भी दिया। प्रधानमंत्री के भ्रमण से आदि कैलाश क्षेत्र में आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाएं बढ गई है।

पिथौरागढ़ जनपद में आदि कैलाश 14 हजार फुट से अधिक ऊॅचाई पर चीन और नेपाल की सीमा से सटा है और भारत की आध्यात्मिक भूमि है। आदि कैलाश के बारे में मान्यता है कि यह स्थान भगवान शिव के परिवार का निवास स्थान है। आदि कैलाश मार्ग पर मुख्य आकर्षण ओम पर्वत है। इस पर्वत पर ओम की आकृति उभरी हुई है। ओम पर्वत कैलाश यात्रा मार्ग में नावीढांगा में स्थित है। ओम पर्वत को आदि कैलाश का छोटा कैलाश भी कहा जाता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुंजी गांव में स्थानीय लोगों से मिलकर उनसे बातचीत की। गुंजी गांव में दूर-दराज से पहुंचे लोग प्रधानमंत्री को अपने बीच पाकर उत्साहित दिखे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने च्यूबाला पहनी रंगस्या (महिलाओं) से आशीर्वाद भी लिया। गुंजी में सेना के जवानों के साथ बातचीत कर प्रधानमंत्री ने उनका हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने रं समाज कल्याण समिति के लोगों से भी भेंटवार्ता की। रं समाज कल्याण समिति के लोग पारम्परिक वेशभूषा में थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर स्वयं नगाड़ा भी बजाया।
प्रधानमंत्री ने भारत-तिब्बत व्यापार के प्रमुख केन्द्र गुंजी गांव में स्थानीय कला और उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने आदि कैलाश, पार्वती सरोवर, कुटी गांव, रांगकॉग गांव, नाबी, गुंजी, ओम पर्वत की फोटो गैलरी का भी अवलोकन किया।
गुंजी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह के रूप में ओम पर्वत की फोटो भेंट की। वही रं समाज द्वारा मानसरोवर का पवित्र जल भरा कलश भेंट किया गया।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उत्तराखंड के पांचवें धाम के रूप में प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर पूजा अर्चना की तथा देश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 11.40 बजे शौकियाथल पहुंचे। इसके पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सड़क मार्ग से जागेश्वर धाम पहुंचे। 124 मंदिरों के समूह जागेश्वर धाम में उन्होंने सर्वप्रथम जागेश्वर गर्भगृह में करीब 7 मिनट तक पूजा कर बाबा जागेश्वर के दर्शन किए। इसके पश्चात पुष्टिमता, महामृत्युंजय तथा केदारनाथ में पूजा अर्चना की। इसके पश्चात मंदिर परिसर की परिक्रमा करते हुए अर्धनारेश्वर वृक्ष का अवलोकन किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तांबे से बना वाद्य यंत्र तुरही, ताम्र जागेश्वर तथा डमरू उपहार स्वरूप भेंट किया। फ्लीट मार्ग में प्रधानमंत्री ने स्थानीय लोगों का कार से उतरकर अभिवादन स्वीकार किया।

प्रमुख विभागों को कार्यवृत अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री को प्रेषित करने के निर्देश

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पेयजल, आपदा प्रबन्धन, सिंचाई, विद्यालयी शिक्षा एवं शहरी विकास विभाग को सचिव स्तर पर प्रत्येक माह समीक्षा बैठक करने के साथ ही कार्यवृत अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री को प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन की अद्यतन आख्या घोषणा पोर्टल पर अपलोड नही किये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एसीएस राधा रतूड़ी ने विभिन्न विभागों में घोषणा नोडल अधिकारियों को घोषणा पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभागों को विलोपित अथवा हस्तान्तरित की जाने वाली घोषणाओं को अपने स्तर पर लम्बित न रख करके उनके सम्बन्ध में औचित्यपूर्ण प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय को जल्द से जल्द प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। एसीएस ने ऐसी घोषणाएं जो एक से अधिक विभागों से सम्बन्धित है, उनकों विभाग परस्पर समन्वय से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने निर्देश दिए कि घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय संसाधनों तथा उनकी फिजबिलटी आंकलन भी विभागों द्वारा अपने स्तर पर ही किया जाएगा।
एसीएस ने पेयजल विभाग को वर्तमान में हैण्डपम्प लगाने की योजनाओं के औचित्य के आधार पर पुनः समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने पेयजल की लंबित योजनाओं की स्थिति को दो सप्ताह की टाइमलाइन के भीतर अद्यतन करने के निर्देश दिए हैं। एसीएस ने शहरी विकास विभाग को प्रधानमंत्री आवास शहरी योजना पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी विभागों को मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए मिशन मोड पर कार्य करने निर्देश दिए।
बैठक में सचिव डा. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, अरविन्द सिंह हयांकी, अपर सचिव सविन बंसल, रंजना राजगुरू, नितिन भदौरिया, उप सचिव हीरा सिंह बसेड़ा तथा सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

एसीएस ने मुख्यमंत्री घोषणा में विधायकों के प्रस्ताव शामिल करने के दिये निर्देश

विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायकगणों से प्राप्त व्यापक महत्व/जनहित के 10-10 प्रस्तावों/कार्यों की समीक्षा राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड शासन द्वारा सचिवालय में की गयी। बैठक में सचिव, मुख्यमंत्री डा सुरेन्द्र नारायण पाण्डे द्वारा अवगत कराया गया कि विधायकगणों से प्राप्त कार्यों में लगभग 120 कार्यों के सम्बन्ध में घोषणाएं की जा चुकी हैं। शेष कार्यों को मुख्यमंत्री घोषणा में सम्मिलित किए जाने हेतु शासन स्तर पर परीक्षण किया जा रहा है।
अपर मुख्य सचिव ने विधायकगणों से प्राप्त प्रस्तावों पर समयबद्ध रूप से प्रभावी कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विशेष कार्याधिकारी आरसी शर्मा, उप सचिव हीरा सिंह बसेड़ा, अनुसचिव चिरंजी लाल आदि उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने बालिकाओं को किया सम्मानित

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की पूर्व संध्या पर क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने अलग-अलग क्षेत्रों में तीर्थनगरी का नाम रोशन करने पर 5 बालिकाओं को पुष्पगुच्छ, पटका और मिष्ठान देकर सम्मानित किया। उन्होंने बालिकाओं के उज्जवल भविष्य की कामना भी की।
बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में डॉ अग्रवाल ने सोशल मीडिया के जरिये देशभर में पहचान बना चुकी तनु रावत, हिंदी बॉलीवुड फ़िल्म कलरव में अभिनेत्री का किरदार निभाने पर अम्बिका आर्य, दसवीं कक्षा में राज्य की मेरिट सूची में स्थान पाने वाली आसना सकलानी, राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता वंशिका कंडवाल, चित्रकारी के लिए राज्य सरकार से पुरुस्कृत सान्या बिष्ट को सम्मानित किया।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार बालिकाओं के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। बताया कि बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं, सुकन्या समृद्धि योजना, माध्यमिक शिक्षा के लिए बालिकाओं को प्रोत्साहित किये जाने हेतु राष्ट्रीय योजना, किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु योजना सहित उत्तराखंड में भी अनेक योजनाएं गतिमान है। जिनमें नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री उत्थान योजना आदि शामिल हैं।
इस मौके पर महिला मोर्चा टिहरी जिलाध्यक्ष इंद्रा आर्य, मण्डल अध्यक्ष महिला मोर्चा माधवी गुप्ता, निर्मला उनियाल, पुनिता भंडारी, रजनी बिष्ट, निवेदिता सरकार, गुड्डी कालूड़ा, पूनम डोभाल, आशा शुक्ला, वरिष्ठ पार्षद शिव कुमार गौतम, कराटे कोच शिवानी गुप्ता, अनुज कुमार आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक समय पर हो-अग्रवाल

आवास मंत्री डॉ. प्रेम चन्द अग्रवाल ने संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण की 17वीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले कोई भी विषय लम्बित ना रहे इसके लिए लगभग प्रत्येक 3 माह में एक बोर्ड बैठक सुनिश्चित की जाए।
मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत पार्किंग के संबंध में दिसम्बर 2023 तक डीपीआर तैयार करते हुए पार्किंग स्थलों का चयन, निर्माण तथा लोकार्पण निश्चित समयावधि के अंतर्गत करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ रहे पर्यटन को देखते हुए पार्किंग की सुविधाओं को बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है जिसके लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद की कुल 20 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों को आ रही बैंक संबंधी समस्याओं के जल्द निराकरण हेतु भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बिना बोर्ड की अनुमति के कोई भी प्रकरण बोर्ड बैठकों में ना सम्मिलित किया जाए। इस मौके पर बजट पर भी स्वीकृति प्रदान की गई।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आवास विभाग, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव, शहरी विकास विभाग, आर.के. सुधांशु, सचिव, आवास, एस.एन. पाण्डेय, सचिव, वित्त विभाग, वी. षणमुगम, सचिव, एमडीडीए, मोहन सिंह बर्निया, सचिव, एचआरडीए, उत्तम सिंह चौहान तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

बागेश्वर पहुंचे स्वास्थ्य सचिव, कहा-जिले के अस्पतालों में जल्द भरे जायेंगे रिक्त पद

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार अपने कुमांउ मंडल दौरे के तीसरे दिन जनपद बागेश्वर पहुंचे। स्वास्थ्य सचिव आर. राजेश कुमार का आज जनपद बागेश्वर पहुंचने पर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार का मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बागेश्वर डॉ डीपी जोशी, डॉ देवेश चौहान एवं डॉ हरीश पोखरिया, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बागेश्वर द्वारा पुष्पगुच्छ भेट कर स्वागत किया गया। स्वास्थ्य सचिव ने जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं का जमीनी परीक्षण किया और सुधार के दिशा निर्देश दिए। इसके साथ ही स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने विधायक कपकोट सुरेश गडिया के साथ जनपद अस्पताल में लगे स्वास्थ्य चौपल में क्षेत्रीय जनता की समस्याओं को सुना और तत्काल समस्याओं के निराकरण के लिए संबधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
इसके बाद स्वास्थ्य सचिव ने विधायक कपकोट सुरेश गडिया, जिलाधिकारी अनुराधा पाल के साथ सीएचसी कांडा, जिला चिकित्सालय, प्रा.स्वा. केंद्र रवापखाल व सीएचसी बैजनाथ का निरीक्षण किया गया। स्वास्थ्य सचिव ने डेंगू बीमारी को रोकने के लिए अस्पताल के डेंगू वार्ड में मच्छरदानी सहित अन्य व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। चिकित्सालय में पानी की निकासी, साफ़ सफाई और दवा के छिडकाव की उचित व्यवस्था करने को कहा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर सेंटर के कार्याे में तेजी लाते हुए डायलिसिस सेंटर के पास की खाली भूमि पर अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दिए। उन्होंने चिकित्सालय में इमरजेंसी, दंत रोग विभाग,ईएनटी, बाल रोग विभाग, पैथोलॉजी लैब, महिला वॉर्ड में भर्ती महिलाओं एवं प्रसव से सम्बंधित विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं व भर्ती मरीजों का हाल जाना।
राजेश कुमार ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से वार्ता करने के साथ ही अस्पताल से उन्हें दी जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान चिकित्सालयों में प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। कहा कि जिन उपकरणों की आवश्यकता है उनके प्रस्ताव बनाकर शीघ्र भेजे जाय। जिला चिकित्सालय में तैयार किए जा रहे अत्याधुनिक ओटी के लिए चिकित्सकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाय। उन्होंने कहा जल्द विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती भी की जाएगी।

’हर व्यक्ति बनायें आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी’
स्वास्थ्य सचिव ने स्थानीय जनता से संवाद स्थापित कर केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी साथ ही उनसे योजनाओं का फीडबैक भी लिया। इस दौरान कांडा क्षेत्र के लोगों द्वारा सचिव स्वास्थ के सामने नर्सिग ट्रेनिंग सेंटर खोलने की मांग रखी। स्वास्थ्य सचिव ने वैलनेस सेंटरों में जाकर अवस्थपना सुविधाओं आवश्यक चिकित्सा उपकरणों, औषधियों एवं विभिन्न संवर्गों में कार्यरत कार्मियों की स्थिति का अवलोकन किया। स्वास्थ्य सचिव के साथ विभागीय अधिकारियों ने आयुष्मान कार्ड एवं आभा आईडी बनाने के लिए आम लोगों को प्रेरित किया साथ ही टीबी मुक्त उत्तराखंड की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अब तक किए गए प्रयासों की भी जानकारी दी।

’विशेषज्ञ डॉक्टरों की होगी तैनाती’
इसके बाद स्वास्थ्य सचिव ने अपने टीम के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र काण्डा का निरीक्षण किया गया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों से अस्पताल में रिक्त पदो ंके सम्बन्ध में जानकारी ली। स्वास्थ्य सचिव ने महानिदेशालय को अवगत कराया गया कि चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की यथाशीघ्र तैनाती की जाए। स्वास्थ्य सचिवचिकित्सालय में लगे स्वास्थ्य चौपाल में क्षेत्रीय जनता की समस्याओं को सुना। इसके साथ ही तत्काल समस्यों के निराकरण हेतु सम्बन्धि प्रभारी को निर्देशित किया गया। आशाओं कार्यक्रर्ताओं द्वारा मानदेय बढ़ाये जाने के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। स्वास्थ्य सचिव द्वारा मानदेय बढ़ाये जाने का आसवान दिया गया।

’निर्माण कार्यों पर जताई नाराजगी’
जिला चिकित्सालय, बागेश्वर में निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन कार्यों पर असंतोष व्यक्त करते हुए, यथाशीघ्र, गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। स्वास्थ्य सचिव ने डेंगू बीमारी को रोकने के लिए अस्पताल के डेंगू वार्ड में मच्छरदानी सहित अन्य व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। चिकित्सालय में पानी की निकासी, साफ सफाई और दवा के छिडकाव की उचित व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने चिकित्सालय में इमरजेंसी, दंत रोग विभाग,ईएनटी, बाल रोग विभाग, पैथोलॉजी लैब, महिला वॉर्ड में भर्ती महिलाओं एवं प्रसव से सम्बंधित विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं व भर्ती मरीजों का हाल जाना। राजेश कुमार ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से वार्ता करने के साथ ही अस्पताल से उन्हें दी जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान चिकित्सालयों में प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। कहा कि जिन उपकरणों की कपकोट विधायक माननीय सुरेश गडिया द्वारा स्वास्थ्स विभाग कि प्रशंसा कि गयी व क्षेत्रीय जनता के समस्याओ को सुन उनका तत्काल निवारण किया गया।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं मंडल डॉ. तारा आर्या, सीएमओ डॉ.डीपी जोशी, उपजिलाधिकारी मोनिका, सीएमएस डॉ. वीके टम्टा, एसीएमओ डॉ.हरीश पोखरिया, डॉ. देवेश चौहान, तहसीलदार दीपिका आर्या,तितिक्षा जोशी सहित अन्य मौजूद रहे।