बागेश्वर उपचुनाव-पहाड़ में सीधे मुकाबले में कम बड़ी नहीं है 2405 वोटो की जीत

बागेश्वर उपचुनाव का नतीजा बहुत कुछ दर्शा गया। भाजपा प्रत्याशी पार्वती देवी 2405 वोटों से चुनाव जीत चुकी है। भाजपा प्रत्याशी की ये जीत पार्टी के भीतर ही कई लोगों को हजम नहीं हो रही है। जबकि 2022 का मुख्य चुनाव और 2023 के उपचुनाव के नतीजों के आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। उपचुनाव के सीधे मुकाबले में 2405 वोटों की जीत मामूली नहीं है। भाजपा प्रत्याशी को पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले 1036 वोटो की बढ़त भी मिली है। आंकड़े तस्दीक कर रहे हैं कि किस तरह बागेश्वर उपचुनाव में सीएम पुष्कर सिंह धामी का जादू चला। किस तरह सीएम धामी के दो दिन के चुनावी दौरे ने पूरे चुनाव की तस्वीर ही पलट दी।
बागेश्वर उपचुनाव 2023 कई मायनों में मुख्य चुनाव 2022 से बिल्कुल अलग रहा। 2022 में जहां मुकाबला त्रिकोणीय था, वहीं 2023 में सीधा मुकाबला था। कांग्रेस के मौजूदा प्रत्याशी रहे बसंत कुमार 2022 के चुनाव में आम आदमी पार्टी से प्रत्याशी थे और चुनाव में 16100 वोट हासिल करने में सफल रहे थे। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 20100 वोट मिले थे। भाजपा से चुनाव जीते चंदनराम दास को 32 हजार वोट मिले थे। इस तरह यदि 2022 में कांग्रेस और आप के वोट मिला दिए जाते, तो भाजपा 2022 में करीब चार हजार वोट पीछे थे। इस बार बसंत कुमार कांग्रेस के ही टिकट से चुनाव मैदान में थे। इस तरह वो 2022 के चुनाव को देखते हुए 36 हजार वोट की मनोवैज्ञानिक बढ़त में थे। क्योंकि आप के टिकट पर 16 हजार वोट हासिल करके उन्होंने साबित कर दिया था कि ये 16 हजार वोट उनका अपना वोट बैंक है। इस वोट में कांग्रेस के 20 हजार वोट जुड़ने से आंकड़ा 36 हजार के पास पहुंच गया था।
2023 के उपचुनाव में सीधा मुकाबला होने से ये साफ था कि चुनाव कांटे का रहेगा। भाजपा को न सिर्फ कांग्रेस, आप के 36 हजार वोट के हिसाब से अपनी फिल्डिंग सजानी थी, बल्कि जीत का मार्जिन भी बढ़ाना था। 2022 के मुकाबले देखा जाए तो बसंत कुमार के रूप में कांग्रेस को साढ़े पांच हजार वोट कम मिला है। जबकि भाजपा उपचुनाव में पांच प्रतिशत कम वोटिंग होने के बावजूद अपना वोटबैंक 2022 के मुकाबले बढ़ाने में कामयाब रही। 2022 में स्व. चंदनराम दास को 32 हजार वोट मिले थे, जबकि इस बार पार्वती देवी को 33247 वोट मिले। जबकि वोटिंग पिछले चुनाव के मुकाबले कम रही। यूकेडी, सपा, परिवर्तन पार्टी नाममात्र के वोटों में ही सिमट कर रह गई।
इसके साथ ही कांग्रेस प्रत्याशी ने कुछ कारणों से पूरे क्षेत्र में अपने लिए सहानुभूति का ग्राफ बहुत बढ़ा दिया था। जो लोग मान कर चल रहे थे कि चंदनराम दास के निधन के बाद सहानुभूति पार्वती देवी को मिलेगी, लेकिन वो सहानुभूति कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में रही। भाजपा के भीतर भी एक गुट को चुनाव नतीजे विपरीत आने का ज्यादा इंतजार था। अंदरखाने फिल्डिंग इस तरह सजाई जा रही थी कि चुनाव नतीजे विपरीत आते ही दिल्ली दौड़ लगाई जाए और राज्य को फिर अस्थिरता की ओर धकेल दिया जाए।
इन तमाम लोगों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए बागेश्वर उपचुनाव के अंतिम दिन सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कमान अपने हाथ में ली। धुंआधार प्रचार करते हुए रोड शो निकाल माहौल बनाया। सीएम के प्रचार अभियान, दौरों, रोड शो में स्वतस्फूर्त उमड़ी भीड़ ने कहानी बयां कर दी थी कि नतीजे कहीं नहीं बदलने वाले, जीत पक्की है। पीएम मोदी के विकास कार्यों, केंद्र और राज्य सरकार के विकास कार्यों से जनता को जोड़ने वाले सीएम धामी ने जनता में विश्वास जगाया। लैंड जेहाद, लव जेहाद, सरकारी जमीनों पर बने अवैध धर्मस्थलों पर धामी सरकार की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने लोगों में सरकार के प्रति विश्वास जगाया। जबरन धर्मांतरण विरोधी कानून बना कर धर्मरक्षक धामी के रूप में धर्म, संस्कृति की रक्षा का संकल्प दोहराया। सख्त नकल विरोधी कानून बना कर राज्य के युवाओं में विश्वास जगाया।
बागेश्वर की जनता ने भी सीएम धामी के कार्यों पर मुहर लगा कर भाजपा प्रत्याशी की जीत पक्की की। ये जीत भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के लिए भी कितनी अहम है, इसे इसी बात से समझा जा सकता है कि देश में हुए उपचुनाव में छह सीटों पर भाजपा को तीन में ही जीत मिली। यूपी की घोसी विधानसभा चुनाव में पार्टी को 24 हजार वोटों से करारी हार मिली। इन हालात में बागेश्वर की जीत बहुत बड़ी और बेहद अहम है। जिसे पार्टी के भीतर के ही कुछ 24 घंटे सपने में सीएम की कुर्सी का सपना देखने वाले हजम नहीं कर पा रहे हैं। न ही उन नेताओं से जुड़ी खबरनवीसों की टोली इस जीत को पचा पा रही है। इन तमाम दांवपेंच चलने वालों को नजरअंदाज करते हुए सीएम अपने कार्यों के दम पर लगातार राज्य और देश की राजनीति में अपना कद ऊंचा करते जा रहे हैं।

सीएस ने हितधारकों से वार्ता कर व्यवसाय में आ रही दिक्कत को दूर करने कहा

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में प्रदेश में जड़ी बूटी, ईको टूरिज्म, हर्बल और एरोमा पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु सम्बन्धित विभागों एवं हितधारकों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने हितधारकों से वार्ता कर उन्हें इस व्यवसाय में आ रही समस्याओं और सरकार द्वारा दिये जाने वाले सहयोग के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की। कहा कि प्रदेश को प्रकृति ने जड़ी बूटियों से भरपूर वन सम्पदा और इसके उत्पादन के लिए उचित प्राकृतिक वातावरण दिया है, जिसे प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने एवं प्रदेश की आर्थिकी बढ़ाने में उपयोग किया जा सकता है।
मुख्य सचिव ने इसकी पॉलिसी तैयार करते समय सभी हितधारकों के अच्छे सुझावों को शामिल करते हुए एक ऐसी पॉलिसी तैयार किए जाने के निर्देश दिए जिससे एक सकारात्मक माहौल तैयार हो। उन्होंने आमजन में जड़ी बूटियों और औषधीय पादपों के सम्बन्ध में छोटे छोटे वीडियोज के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। अधिक से अधिक वन मेलों का आयोजन कर अधिक से अधिक जानकारी उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कहा कि वन पंचायतों में जड़ी बूटी उत्पादन के साथ ही वैल्यू एडीशन एवं अन्य प्रकार के कार्यों के लिए स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को भी शामिल किया जाए। उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएं। प्रदेशभर में खाली बंजर पड़ी जमीनों में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जड़ी बूटी, ईको टूरिज्म, हर्बल और एरोमा पर्यटन को बढ़ावा देने, इस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल करते हुए शोध एवं विकास की दिशा में भी कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में स्टार्टअप को भी बढ़ावा दिए जाने हेतु व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन मैकेनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने उत्पादन से लेकर मार्केटिंग आदि से सम्बन्धित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी तैयार कर सभी को प्रशिक्षित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ड्रग मैनुफैक्चरिंग लाईसेंस की प्रक्रिया को भी सरलीकृत किया जाए एवं मार्केटिंग और रिटेल आउटलेट को भी अधिक से अधिक बढ़ाया जाए।
बैठक के दौरान हितधारकों की ओर से भी अच्छे सुझाव प्राप्त हुए, जिन्हें मुख्य सचिव ने पॉलिसी में भी शामिल किये जाने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एपीसीसीएफ जी.एस. पाण्डे, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, निदेशक सेंटर फॉर एरोमैटिक प्लांट डॉ. निर्पेन्द्र चौहान सहित हिमालयन हील, डॉबर इण्डिया लिमिटेड, पतंजलि, मुल्तानी फार्मासियूटिकल्स एवं इस व्यवसाय से जुड़े विभिन्न हिताधारक एवं प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।

सीएम ने समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाले राजस्थान को बताया वीरों की भूमि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड और वीरभूमि राजस्थान सांस्कृतिक रूप से एक-दूसरे के पूरक रहे हैं। उत्तराखंड ने आध्यात्मिक क्षेत्र में जहां दुनिया को एक नई राह दिखाने का कार्य किया है, वहीं राजस्थान की महान धरती की प्राचीनकाल से ही अपनी अद्धितीय सांस्कृतिक विरासत रही है। राजस्थान प्राचीन काल से ही वीर भूमि रही है। यहां के वीरों तथा वीरांगनाओं ने अपना सर कटा दिया पर शत्रुओं के सामने कभी सर नहीं झुकाया। उन्होंने कहा कि उनका भी राजस्थान की इस महान धरती से गहरा सम्बन्ध है, क्योंकि उनके पूर्वज भी राजस्थान से ही उत्तराखंड में आये थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सूरतगढ, श्री गंगानगऱ राजस्थान में सैनिक सम्मान समारोह कार्यक्रम में वीर सैनिकों के परिजनों को सम्मानित करते हुये कहा कि राजस्थान और उत्तराखंड, वीरों एवं बलिदानियों की भूमि है, ये बात हमारे सैनिकों ने अब तक हुए सभी युद्धों में सिद्ध की है। हमने हमेशा माना है कि देशभक्ति सभी प्रकार की भक्तियों में सर्वश्रेष्ठ है। वे स्वयं एक सैनिक पुत्र हैं, इसलिए जब भी वे इस प्रकार के कार्यक्रमों में सम्मिलित होते हैं तो उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। अपने पिता जी से सुनी सैन्य वीरों की गाथाओं ने उन्हें बचपन से ही बहुत प्रभावित किया और उनके अंदर राष्ट्र के प्रति संपूर्ण समर्पण की भावना को जागृत किया। उन्होंने कहा कि वीर सैनिकों एवं उनके परिजनों को सम्मानित कर वे स्वयं को सम्मानित अनुभव कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सैनिक की वीरता तथा उनके परिजनों का संघर्ष भी देखा है। एक सैनिक जीवन में संघर्ष के बावजूद दृढ़ता पूर्वक अपने देश के स्वाभिमान को बचाने के लिए हमेशा तत्पर रहता है। सैनिकों के प्रति हमारी सरकार का समर्पण किसी से छिपा हुआ नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश मजबूत हाथों में है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से सेना ना केवल पहले से कहीं अधिक सक्षम और सशक्त हुई है बल्कि उसकी यश और कीर्ति पताका चारों ओर फहरा रही है। हमने दुश्मन को मात तो पहले भी दी है लेकिन अब हमारे सैनिक दुश्मन को उसके घर में घुस कर धूल चटाते हैं। चाहे पुलवामा हमले का बदला हो, बालाकोट एयर स्ट्राइक हो या गलवान घाटी में चीन के सैनिकों के दांत खट्टे करना हो, हमारे सैनिकों ने दुश्मन को ये बता दिया कि मोदी जी जैसा राजनीतिक नेतृत्व हो तो वो किसी भी दुश्मन को उसकी माद में जाकर मात दे सकती है। सशस्त्र सेनाएं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तभी कर सकती हैं जब उनके पास अच्छे हथियार हों और उन्हें उम्दा प्रशिक्षण मिला हो। इससे सैनिकों का मनोबल तो बढ़ता ही है, वे चुनौतियों का सामना करके विजयी भी होते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आज भारत एक शक्तिशाली और सुरक्षित राष्ट्र बन चुका है। आज सम्पूर्ण विश्व भारत की शक्ति एवं सामर्थ्य से परिचित हुआ है, जिसका परिणाम है कि आज कोई भी दुश्मन हमें आंख दिखाने की हिम्मत नहीं कर सकता। आज देश की सुरक्षा में लगे सैनिकों को दुश्मन की गोली का जवाब देने के लिए सरकार से अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के पहले यूपीए सरकार की पॉलिसी पैरालिसिस ने देश को बहुत नुकसान पहुंचाया। आलम ये था कि 10 साल तक रक्षा समझौते तक ताक पर रख दिए गए थे। पूर्व की सरकारों में, सेना के आधुनिकीकरण की बात दूर, सेना के इस्तेमाल के लिए साजो-सामान की खरीददारी भी भारी पड़ती नजर आती थी। परन्तु जब से प्रधानमंत्री ने सेना को आधुनिक बनाने का मोर्चा संभाला है, फर्क साफ दिखता है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से भी देखा जाए तो हमारी केंद्र सरकार के पिछले 9 वर्ष बेमिसाल रहे हैं। सेना के पास अब भारत में बने टैंक, मिसाइल और हैंड ग्रेनेड के साथ- साथ बड़े हथियार हैं जो आत्म निर्भर भारत के नारे को सफल बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने साठ साल से लंबित ‘वन रैंक वन पेंशन’ की मांग को पूरा कर पूर्व सैनिकों को राहत देने का कार्य किया। इसके साथ ही देश के लिए बलिदान देने वाले हमारे रण बांकुरो की याद में राजधानी दिल्ली में सबसे महत्वपूर्ण स्थान पर सैन्य धाम बना कर सम्मान दिया। ऐसा ही एक सैन्य धाम हम देहरादून में बना रहे है। हमारे यहां चार धाम है और ये सैन्य धाम हमारा पांचवा धाम कहलाएगा।इस सैन्य धाम में देश के लिए बलिदान देने वाले उत्तराखंड के करीब 1750 योद्धाओं के घर आंगन की मिट्टी लाकर उनके बलिदान का गौरवशाली इतिहास लिखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारी महान जनता के वोट की ताकत है जो आज प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत शक्तिशाली देश बनकर उभर रहा है। आज भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिलना भारतवासियों के लिए गर्व की बात है। दिल्ली में तीन दिवसीय जी-20 के सम्मेलन में भारत ने अपनी शक्ति और सामर्थ्य का परिचय संपूर्ण विश्व को कराया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में वह दिन अब दूर नहीं जब भारत पुनः विश्व गुरु के पद पर आरूढ़ होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारे वीर सैनिक मां भारती की आन, बान और शान को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिए निरंतर इसी प्रकार देश की सेवा करते रहेंगे।

स्वास्थ्य सचिव ने महाअभियान चलाने के दिये निर्देश

सचिवालय में सचिव स्वास्थ्य डॉ आर राजेश कुमार द्वारा डेंगू नियंत्रण हेतु समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस वर्चुवल बैठक में जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ विनीता शाह, निदेशक चिकित्सा शिक्षा आशुतोष सयाना, मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून डॉ संजय जैन, निदेशक राज्य संचरण परिषद डॉ अजय नगरकर, कार्यक्रम अधिकारी एनएचएम डॉ पंकज सिंह सहित जनपद देहरादून के नगर स्वास्थ्य अधिकारी तथा अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
अन्य जनपदों के मुकाबले देहरादून जनपद में डेंगू के ज्यादा मामले देखने में सामने आ रहे हैं। सचिव स्वास्थ्य ने इसको लेकर जिलाधिकारी देहरादून सोनिका से पूरा फीडबैक लिया। डेंगू के हॉट स्पाट बन रहे इलाको को लेकर भी बैठक में बात हुई। समीक्षा बैठक में तय किया गया कि सभी विभागों के सामूहिक प्रयासों से अगले चार दिन देहरादून जनपद में डेंगू को लेकर महाअभियान चलाया जायेगा।

चिकित्साअधिकारी व आशायें चलायेंगी घर-घर जनजागरूकता अभियान
जनपद में चिकित्साअधिकारी और आशायें को घर-घर जन जागरूकता की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। चिकित्साअधिकारी, आशा कार्यकर्ता और अन्य विभागों की टीम घर-घर जागकर लोगों को डेंगू को लेकर जागरूक करेंगी साथ ही अगर कहीं डेंगू का लार्वा है तो उसको नष्ट करने का काम भी करेंगी। इसके साथ ही आम जनमानस को डेंगू को लेकर कोई जानकारी लेना चाहे तो चिकित्साअधिकारी उसको देने का काम करेंगे।

डेंगू नियत्रंण को सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी
स्वास्थ्य सचिव ने डेंगू महामारी रोकने को सभी विभागों को मिलकर कार्य करने के निर्देश जारी किये हैं। स्वास्थ्य, नगर निगम, शिक्षा, लोकनिर्माण, पेयजल सहित सभी विभागों को मिलकर कार्य करने को कहा गया है। जिन स्थानों पर चेतावनी के पश्चात् भी पानी जमा होने से डेंगू मच्छर पैदा होने की स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं, ऐसे संस्थानों व लोगों पर आर्थिक दण्ड का प्रावधान किया जाये ताकि जनहित में डेंगू रोग के खतरे से लोगों को बचाया जा सके व महामारी का रूप लेने से रोका जा सके।

आवासीय समितियों से सहयोग की अपील
स्वास्थ्य सचिव ने जनपद की सभी स्वंय सेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, आवासीय समितियों से आग्रह किया है कि वह आगे बढ़कर डेंगू मुक्ति अभियान का हिस्सा बनें। सभी समितियां अपने-अपने इलाकों में आम जनमानस को जागरूक करने के साथ ही यदि कहीं डेंगू का लार्वा है तो उसे खत्म करने का प्रयास करें या फिर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचित करें। सामूहिक प्रयासों से डेंगू के खतरे से लोगों को बचाया जा सकता है और इसे रोका जा सकता है।

माइक्रो प्लान बनाकर रोस्टर अनुसार फॉगिंग
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने नगर निगम को निर्देशित किया कि डेंगू रोग को महामारी का रूप लेने से रोकने के लिए नगर निगम/नगर निकाय माइक्रो प्लान बनाकर रोस्टर अनुसार फॉगिंग करें। ताकि प्रत्येक क्षेत्र में फॉगिंग एवं स्वच्छता अभियान चलाया जा सके। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू के हॉट स्पॉट चिन्हित कर निरन्तर स्वच्छता अभियान एवं डेंगू रोकथाम एवं नियंत्रण समबन्धित कार्यवाही की जाये जिससे डेंगू रोग के मच्छरों को पनपने से रोका जा सके।

अंतिम दिनों में धामी के मैदान में उतरने से बदल गई बागेश्वर उप चुनाव की फिजा

बागेश्वर उपचुनाव के नतीजों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विरोधियों पर फिर से भारी साबित हुए हैं। चुनाव के अंतिम दो दिनों में जिस तरह का धुंआधार प्रचार धामी की अगवाई में हुआ उसने चुनाव की तस्वीर बदलकर रख दी। वहीं जनता ने उपचुनावों के जरिये स्पष्ट संदेश भी दे दिया है कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व पर उन्हें पूर्ण भरोसा है और जिन विकासपरक नीतियों के साथ वे आगे बढ़ रहे हैं, उन्हें जनता हाथों हाथ ले रही है।
बागेश्वर विधानसभा सीट से धामी मंत्रिमंडल के सदस्य रहे चंदन राम दास की बीमारी से हुई मृत्यु के बाद यह सीट रिक्त हो गयी थी। भाजपा ने इस सीट पर उनकी पत्नी पार्वती दास को टिकट दिया था। बागेश्वर चुनाव को लेकर शुरू से ही कांग्रेस की ओर से तमाम बड़े दावे और प्रपंच किये गए लेकिन जनता के दिलोदिमाग पर छाई भाजपा और धामी के तिलिस्म को कांग्रेस नहीं तोड़ पाई।
बागेश्वर सीट पर आई इस जीत के राजनीति के जानकार तमाम मायने बता रहे हैं। जानकारों का मानना है कि जिस तरह से चुनाव के अंतिम दो दिनों तक मुख्यमंत्री धामी ने गरुड़, बागेश्वर और काफली गैर में रोड शो किये और जिस तरह वहां महिलाओं की भीड़ उमड़ी, उसने न केवल धामी की लोकप्रियता को बढ़ाया बल्कि चुनावी नतीजों पर भी मुहर लगा दी थी। आज आयी इस जीत ने धामी सरकार द्वारा राज्य में चलाये जा रहे विभिन्न विकासपरक योजनाओं और विकासवादी एजेंडे पर भी मुहर लगाई है। दूसरा इस चुनाव ने वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की पटकथा भी अभी से लिखनी शुरू कर दी है। यह जीत जनता का भाजपा के प्रति राज्य में रुझान भी दर्शा रही है।

दाएं-बाएं करने वालों को भी मिला संदेश
भाजपा प्रत्याशी की इस जीत ने उन तमाम लोगों के मुँह भी बंद करने का काम किया है जो गाहे बगाहे नेतृत्व परिवर्तन और न जाने कैसे कैसे हवाई दावे गढ़ने लगते हैं। बागेश्वर सीट पर हुई इस जीत का संदेश आज दूर तक गया है। दूसरी ओर, इस जीत ने आलकमान को भी पूरी तरह से आश्वस्त कर दिया है कि 2024 के रण में धामी से बेहतर और कोई नेतृत्वकर्ता नहीं हो सकता।

जी-20 क्राफ्ट बाजार प्रदर्शनी में उत्तराखंड के उत्पादों को मिलीं सराहना

नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित “जी 20 क्राफ्ट बाजार प्रदर्शनी“ में उत्तराखंड के स्टॉल में यहां के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। इस संबंध में उत्तराखण्ड के स्थानीय आयुक्त अजय मिश्रा ने बताया कि सचिव वाणिज्य मंत्रालय भारत सरकार सुनील बर्थवाल ने स्टॉल का भ्रमण कर प्रदर्शित उत्पादों की जानकारी प्राप्त कर सराहना की। रेजिडेन्ट कमिश्नर केरला सौरभ जैन ने भी उत्तराखण्ड के स्टॉल का भ्रमण कर अन्य उत्पादों के साथ बिच्छू घास की बनी जैकेट की विशेष रूप से सराहना की। प्रधानमंत्री कार्यालय में उपसचिव मंगेश घिल्डियाल के साथ विभिन्न प्रदेशों के रेजिडेन्ट कमिश्नरों ने भी उत्तराखण्ड के स्टॉल का भ्रमण कर प्रदर्शित राज्य के उत्पादों की सराहना की।
उपनिदेशक उद्योग विभाग एवं नोडल अधिकारी डॉ एम एस सजवाण ने बताया कि उत्तराखंड के उद्योग विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में उत्तराखंड राज्य के हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। यहां अल्मोड़ा ट्वीड ऊनी स्कार्फ, डूंडा शॉल, पिथौरागढ़ के ऊनी कार्पेट, केदारनाथ व अन्य धार्मिक स्थलों की काष्ठ प्रतिकृति, नैनीताल ऐपण, उधमसिंहनगर की मूंज घास के उत्पाद, बागेश्वर के ताम्र उत्पाद, प्राकृतिक फाइबर जैकेट, प्रदर्शित किए गए हैं।

हरिद्वार को सीएम की सौगात, 941.39 लाख की योजनाओं का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी ने शुक्रवार को भल्ला स्टेडियम परिसर में हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण की 941.39 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाली पांच योजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का समग्र विकास हमारा उद्देश्य है। उन्होंने प्रदेश के विकास में सभी से सहयोगी बनने की भी अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री द्वारा जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा पूर्व में विकसित क्रिकेट स्टेडियम एवं इण्डोर स्पोटर्स काम्पलेक्स को खेल गांव के रूप में विकसित करने के तहत प्राधिकरण की अवस्थापना विकास निधि मद से 3 क्रिकेट प्रैक्टिस पिच का निर्माण लागत 64.95 लाख, दो लॉन टेनिस कोर्ट का निर्माण लागत 61.23 लाख, सिटी स्पोर्टस काम्पलेक्स में स्थित बैडमिन्टन कोर्ट का विशेष मरम्मत एवं सम्पूर्ण भवन का अनुरक्षण कार्य 245.12 लाख, हर की पैडी के धार्मिक महत्ता को दृष्टिगत रखते हुये वहाँ पर स्थित पुलिस चौकी एवं उसके आस-पास विकास एवं सौन्दर्यीकरण का कार्य 159.21 लाख, कुष्ठ रोगियों के पुर्नवास के दृष्टिगत प्राधिकरण द्वारा रोशनाबाद में 14 परिवारों के निवास हेतु 410.88 लाख की लागत से शेल्टर होम का निर्माण कार्य कराया जाना सामिल है।
इस अवसर पर हरिद्वार नगर विधायक मदन कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व विधायक लक्सर संजय गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष हरिद्वार संदीप गोयल, रूड़की अध्यक्ष शोभाराम प्रजापति, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, सचिव एचआरडीए उत्तम सिंह चौहान सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

विधायकों के 10-10 प्रस्तावों पर एसीएस ने त्वरित कार्यवाही के दिए निर्देश

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने समस्त अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों तथा सचिवों को विधायकगणो द्वारा उपलब्ध कराये गए विकास के 10-10 प्रस्तावो पर त्वरित एवं समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा है कि मुख्यमन्त्री द्वारा विगत वर्ष 16 सितम्बर, 2022 को समस्त विधायकगणो से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए जनहित से जुड़ी 10-10 विकास योजनाओं के प्रस्ताव उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया गया था। इस सम्बन्ध में विधायकगणों से प्राप्त प्रस्तावों में से मुख्यमन्त्री द्वारा विगत में संलग्न सूची के अनुसार 110 घोषणाएं किया जाना संज्ञानित है।
अपर मुख्य सचिव रतूड़ी ने इस सम्बन्ध में सम्बंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। एसीएस ने विधायक गणों के 10-10 प्रस्तावों में से की गयी घोषणाओं या भविष्य में की जाने वाली घोषणाओं में तत्काल शासनादेश निर्गत करते हुए घोषणाओं को मूर्त रूप दिये जाने की समयबद्ध कार्यवाही के भी निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही घोषणाओं के 10-10 प्रस्तावों में से जो योजनाएं विभागीय स्तर पर पूर्व से घोषित है अथवा संचालित हैं, उनका चिन्हीकरण करते हुए संलग्न सूची का भाग बनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि प्राप्त प्रस्तावों में यदि किसी जिलाधिकारी द्वारा कोई प्रस्ताव अपरिहार्य कारणों से उपयुक्त न होने सम्बन्धी आख्या दी गयी है, तो सम्बन्धित विधायकगण से चर्चा उपरान्त नए प्रस्ताव जिलाधिकारी से प्राप्त कर लिए जाएं। इसके साथ ही विधायकगणों से प्राप्त प्रस्तावों में से ऐसे प्रस्ताव जिनमें व्यय न्यून है, या व्यय नहीं होना है, ऐसे प्रस्तावों को चिन्हित करते हुए तत्काल घोषणा का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राप्त प्रस्तावों में त्वरित एवं समयबद्ध कार्यवाही हेतु सम्बन्धित विभाग एवं विशेष कार्याधिकारी से साप्ताहिक प्रगति आख्या प्राप्त कर अनुश्रवण कर लिया जाए। इसके साथ ही एसीएस ने जानकारी दी कि माननीय विधायकगणों से प्राप्त प्रस्तावों में त्वरित व समयबद्ध कार्यवाही किये जाने की दृष्टि से विशेष कार्याधिकारी की तैनाती की जा चुकी है।

संसदीय कार्य मंत्री हुए भावुक, राज्य आंदोलन के दिनों को किया याद

सदन में राज्य आंदोलनकारियों/आश्रितों के आरक्षण के विषय पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्यमंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल भावुक हो उठे। इस दौरान उनकी ऑखें आसूओं से नम हो गई। डॉ अग्रवाल ने राज्य आंदोलन के दौरान विकट परिस्थतियों में सक्रिय सहभागिता को याद करते हुये सदस्य विनोद चमोली एवं भुवन कापड़ी आदि की भावनाओं से स्वयं को सम्बद्ध किया तथा बहुमत होते हुये भी राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं को सम्मान करने के लिये प्रस्तावित विधेयक को प्रवर समिति को सन्दर्भित करने का अनुरोध किया।
सदन के भीतर संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि वह भी स्वयं राज्य आंदोलनकारी रहे हैं। उन्होंने आंदोलन के दिनों को याद करते हुए बताया कि उन दिनों महिलाओं के साथ जो अत्याचार हुआ, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्नों में वह दिन सबसे दर्दनाक रहा। उन्होंने डोईवाला में स्वयं के द्वारा राज्य आंदोलन में प्रतिभाग करते हुए तत्कालीन सत्ताधारी सपा पार्टी के द्वारा किये गए अत्याचारों को भी सदन के भीतर रखा। उन्होंने बताया कि आंदोलन में प्रतिभाग करने पर उन्हें डोईवाला चौक पर घसीट कर ले जाया गया।
डॉ अग्रवाल ने सदन के भीतर कहा कि वह मुजफ्फरनगर कांड के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं, उसे दौरान उत्तराखंडवासियों के साथ अनहोनी हो गई थी। उन्होंने कहा कि उन दिनों को याद कर आज भी आंखें नम हो जाती हैं। डॉ अग्रवाल ने सदन के भीतर उन राज्य आंदोलनकारी को याद करते हुए उस दौरान हुए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

11321 करोड़ का अनुपूरक बजट सदन पेश

वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने वर्ष 2023-24 के लिए प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विश्व विरादरी में भारत का सम्मान बढ़ा है। चन्द्रयान सफल अभियान अभियान से हम शीर्ष देशों के पंक्ति में खड़े हो गए है। जी-20 के अध्यक्ष के नाते हमारे देश ने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है।
वित्त मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि हमारी सरकार जनकल्याण को समर्पित सरकार है। इसलिए मुख्य बजट में हम अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं लेकर आये थे। इसमें आयुष्मान योजना, नन्दा गौरा योजना, माध्यमिक व उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति की योजना, अन्त्योदय कार्ड धारकों को वर्ष में तीन संलेडर निशुल्क रिफिल कराये जाने की योजना, सामाजिक सुरक्षा से सम्बन्धित विभिन्न पेंशन योजना आदि का विशेष उल्लेख है। कहा कि इन जनकल्याण योजनाओं से हम समग्र विकास, समावेशी विकास तथा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास तथा सबका प्रयास आदि प्रतिबद्धताओं को पूर्ण करते हैं। इस अनुपूरक बजट में भी जनकल्याण को समर्पित योजनाओं हेतु महत्वपूर्ण प्रावधान हैं।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि अनुपूरक बजट के लिए आवश्यक वित्त की व्यवस्था के लिए हमने गम्भीर प्रयास किये हैं। हम लगातार राजस्व अभिवृद्धि के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि हम अब तक बजट अनुमान का 34 प्रतिशत राजस्व प्राप्त कर चुके हैं। राजस्व प्राप्ति के सम्बन्ध में यह उपलब्धि मुख्यतः इसलिए है कि क्योंकि हमारी सरकार लगातार समीक्षा कर रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ मेरे द्वारा और माननीय मुख्यमंत्री द्वारा पहली बार व्यापक पैमाने पर समीक्षाएं की जा रही है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि विगत दिनों हमारी सरकार द्वारा सर्किल रेट को रिवाईज किया गया था। जीएसटी के क्षेत्र में जहाँ एक और जन जागरूकता बढ़ाई गई वहीं दूसरी ओर सूचना प्रौद्योगिकी का सहारा लिया गया। कम से कम मानवीय हस्तक्षेप हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया। हमारे इन प्रयासों के अच्छे नतीजे सामने आने लगे हैं।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि जहां 2021-22 में लगभग हमको लगभग रू0 14176 करोड का कर राजस्व प्राप्त हुआ था वहीं 22-23 में यह बढ़कर रू0 17103 करोड़ हो गया है। इस वर्ष गत वर्ष के सापेक्ष हम 47 प्रतिशत कर राजस्व प्राप्त कर चुके हैं लेकिन हमने राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य बढ़ा दिये हैं ताकि जन कल्याण एवं अवस्थापना विकास हेतु समुचित प्रावधान कर सकें।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य के राजस्व के दृष्टिगत जी.एस.टी. वैट, स्टॉम्प वाहन कर आदि प्रमुख कर हैं और इन सभी में गत वर्ष के सापेक्ष वृद्धि हो रही है। इस वर्ष भी लक्ष्य के सापेक्ष भी अच्छी प्रगति है। राज्य वस्तु एवं सेवाकर में लक्ष्य के सापेक्ष 39 प्रतिशत, वैट (नॉन जीएसटी) में 41 प्रतिशत, स्टाम्प में 51 प्रतिशत तथा वाहन कर में 34 प्रतिशत की प्राप्ति हो चुकी है।

’प्रमुख केन्द्र पोषित योजनाओं हेतु अनुपूरक बजट में प्रावधान’
जल जीवन मिशन – लगभग रू0 795 करोड़, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में 297 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण लगभग रू0 190 करोड़, समग्र शिक्षा अभियान लगभग रू0 128 करोड, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान लगभग रू0 120 करोड़, मेडिकल कॉलेज लगभग रू0 54 करोड, स्वच्छ भारत मिशन लगभग रू0 36 करोड़।

’प्रमुख पूंजीगत योजनाओं हेतु अनुपूरक बजट में प्रावधान’
आवास एवं शहरी विकास के अन्तर्गत अवस्थापना का सुदृढीकरण हेतु रू0 321 करोड़, ऋषिकेश को योग नगरी के रूप में विकसित करने हेतु लगभग रू0 30 करोड, हरिद्वार को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने हेतु लगभग रू0 25 करोड़, पार्किंग के निर्माण हेतु लगभग 135 करोड़, मुख्यमंत्री आंगनबाडी भवन निर्माण हेतु लगभग रू0 50 करोड़, हरिद्वार मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण एवं स्थापना हेतु लगभग रू0 100 करोड़, लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत आरआई.डी.एफ. योजना के अन्तर्गत लगभग रू0 100 करोड़, नगरीय अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु लगभग रू0 25 करोड़, अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं का विकास रू0 35 करोड़, अनुसूचित जन जाति बाहुल्य क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं का विकास रू0 17 करोड़।

’प्रमुख राजस्व योजनाओं हेतु अनुपूरक बजट में प्रावधान’
सडकों के अनुरक्षण के अन्तर्गत लगभग रू0 300 करोड़।
अटल आयुष्मान हेतु लगभग रू0 200 करोड।
नन्दा गौरा हेतु लगभग रू0 95 करोड़।
औषधि तथा रसायन के अन्तर्गत लगभग रू0 90 करोड।
निशुल्क पाठ्य पुस्तक योजना हेतु लगभग रू0 68 करोड़।
रूफ टॉप सोलर स्ट्रीट लाईट संयंत्रों लगभग रू0 66 करोड़।
सामाजिक सुरक्षा (पेंशन) के अन्तर्गत लगभग रू0 40 करोड।
मशीन उपकरण सज्जा एवं संयंत्र के अन्तर्गत लगभग रू0 33 करोड़।
कम्यूटर हार्डवेयर सॉफ्टवेयर एवं अनुरक्षण के अन्तर्गत लगभग रू0 23 करोड।
व्यावसायिक तथा विशेष सेवाओं का भुगतान के अन्तर्गत लगभग रू0 17 करोड़।
कार्यालय प्रायोगार्थ वाहन क्रय में लगभग रू0 13 करोड।
ईजा बोई शगुन योजना हेतु लगभग रू0 10 करोड़।
पशुपालन के अन्तर्गत साइलेज पशुपोषण योजना हेतु लगभग रू0 7 करोड़।