चंपावत को 8417.93 लाख की 30 विकास योजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को विधानसभा चंपावत के टनकपुर स्थित एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में जिला प्रशासन एवं सेवायोजन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रोजगार मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने वृहद रोजगार मेले शुभारंभ करने के साथ ही चंपावत जिले की दोनों विधानसभा चंपावत व लोहाघाट अंतर्गत 8417.93 लाख की कुल 30 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने ए.पी.जे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत निर्मित लाइब्रेरी, प्रयोगशाला एवं स्मार्ट कक्षा का शुभारंभ भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज में महिला छात्रावास का निर्माण कार्य किए जाने एवं कॉलेज के अतिथि शिक्षकों को उच्च शिक्षा की भांति तकनीकी शिक्षा के अंतर्गत मासिक स्तर पर मानदेय दिए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने रोजगार मेले में पंहुचे विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से जानकारी ली, साथ ही उन्होंने रोजगार हेतु विभिन्न क्षेत्रों से आए बेरोजगार युवाओं से भी वार्ता करते हुए कहा कि वह इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं। रोजगार मेले में जहां एक ओर उत्तराखंड राज्य एवं बाहरी प्रदेशों से बड़ी-बड़ी कंपनियों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है, वहीं संपूर्ण राज्य में आयोजित होने वाले इस तरह के रोजगार मेले से अनेकों युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है। चंपावत विधानसभा में आयोजित इस मेले से कई युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। अपनी प्रतिभा एवं मेहनत के बलबूते पर हमारे युवा उत्तराखंड राज्य एवं देश के विकास में अपना अहम योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवी देवताओं की भूमि चंपावत हमेशा उनमें नई ऊर्जा प्रदान कराती है। उन्होंने कहा आज का दिन युवाओं के लिए बहुत विशेष है। आज प्रतिभावान युवाओं को नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने मेले में उपस्थित सभी युवाओं से अपील की कि वे रोजगार लेने के साथ-साथ रोजगार देने वाले बनें, यहां के युवा अपनी प्रतिभा से जिस भी क्षेत्र में जाएंगे, वहां अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार जहां एक ओर निजी क्षेत्र में रोजगार देने का कार्य कर रही है वहीं सरकारी विभागों में नौकरी हेतु यूकेपीएससी द्वारा आगामी भर्ती हेतु कैलेंडर भी जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा लंबे समय से न्ज्ञैैैब् में चल रही गड़बड़ियों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं में अब किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यूकेएसएसएससी प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की जांच एसटीएफ और विजिलेंस के द्वारा कराई जा रही है। अब तक उनके द्वारा 45 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जब तक अंतिम आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती है तब तक यह जांच चलती रहेगी। उन्होंने कहा सभी रिक्त पदों में जल्दी से जल्दी भर्तियां करवाई जाएंगी। विभिन्न विभागों में रिक्त 19 हजार रिक्त पदों को जल्द ही भरा जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है उनका उत्तराखंड राज्य से विशेष लगाव है। जिसके बदौलत आज उत्तराखंड में चौतरफा विकास देखने को मिल रहा है।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, अध्यक्ष वन विकास निगम उत्तराखंड कैलाश चन्द्र गहतोड़ी, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, प्रदेश महामंत्री भाजपा विकास शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीप पाठक, नगरपालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी आरएस रावत, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

निर्यात को सुगम बनाने के लिए लॉजिस्टिक सुधार में उत्तराखंड के आगे बढ़े कदम

निर्यात को सुगम बनाने के लिए लॉजिस्टिक सुधार में उत्तराखंड के कदम आगे बढ़ रहे हैं। रैंकिंग में उत्तराखंड सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में शामिल हुआ है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी लीड-2022 की रैंकिंग में राज्य को एक्चीवर श्रेणी मिली है। इस श्रेणी में कुल छह राज्य हैं। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लॉजिस्टिक सुविधाओं सड़क, रेल, टर्मिनल, वेयर हाउस का अवस्थापना विकास में उत्तराखंड तेजी से काम कर रहा है। इसके अलावा ऊधमसिंह नगर के पंतनगर में इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी) स्थापित किया गया। हरिद्वार में भी आईसीडी बनाने की प्रक्रिया चल रही है। वर्ष 2021 की लॉजिस्टिक रैंकिंग में उत्तराखंड को इंटीकेटर की श्रेणी मिली थी। लॉजिस्टिक अवस्थापना विकास में सुधार कर उत्तराखंड ने 2022 की रैंकिंग में सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में स्थान हासिल किया है।
उद्योग निदेशक सुधीर चंद्र नौटियाल ने बताया कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से हर साल लॉजिस्टिक क्षेत्र में किए गए सुधार के आधार पर राज्यों की रैंकिंग की जाती है। इसमें अलग-अलग मानकों पर सर्वे करने के बाद ही रैंकिंग दी जाती है। बृहस्पतिवार को मंत्रालय से जारी रैंकिंग में उत्तराखंड को एक्चीवर श्रेणी हासिल हुई है। इस श्रेणी में उत्तराखंड समेत हरियाणा, हिमाचल, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश शामिल हैं।
सचिव उद्योग डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने कहा लॉजिस्टिक रैंकिंग में उत्तराखंड का सर्वश्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में शामिल होना बड़ी उपलब्धि है। सरकार की ओर से सड़क, रेल समेत अन्य कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। इसके अलावा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार ने लॉजिस्टिक नीति को मंजूरी दी है। इससे आने वाले समय में लॉजिस्टिक क्षेत्र में और अधिक बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा।

वैली ऑफ वर्ड्स में पहली बार सूचना और संस्कृति विभाग भी होंगे सहयोगी

आगामी 12-13 नवंबर को देहरादून में वैली ऑफ वर्ड्स का छठा संस्करण आयोजित किया जाएगा। यह पहला अवसर है जब उत्तराखंड सरकार के सूचना एवं संस्कृति विभाग भी इस आयोजन में सहयोगी होंगे। वैली ऑफ वर्ड्स में इस बार 100 लेखक, 40 सेशन और 10 किताबों का विमोचन आकर्षण होगा।
उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में विशेष प्रमुख सचिव सूचना अभिनव कुमार एवं सेवानिवृत्त आईएएस संजीव चोपड़ा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैली ऑफ वर्ड्स का शुभारंभ उत्तराखंड के राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह करेंगे जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे। 13 नवंबर को केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि बीते 5 वर्षों से लगातार यह आयोजन देहरादून में हो रहा है। इस बार मुख्यमंत्री की सहमति के बाद उत्तराखंड सरकार भी इसमें भागीदार है। उन्होंने कहा कि वैली ऑफ वर्ड्स के दौरान उत्तराखंड की फिल्म नीति को लेकर भी चर्चा होगी। वर्तमान में इस नीति को लेकर सुझाव आमंत्रित किये गए हैं। विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार ने कहा कि एक दो माह के अंदर फिल्म नीति को फाइनल कर लिया जाएगा। अभी तक आउटडोर शूटिंग पर ही फोकस होता था लेकिन अब प्रयास है कि फिल्म से जुड़ा हर पहलू मसलन लेखन, फोटोग्राफी, सिनेमेटोग्राफी इत्यादि यहीं पर हो।
वैली ऑफ वर्ड्स के दौरान विभिन्न गतिविधियां जैसे नृत्य प्रस्तुति, मंत्रणा कार्यक्रम भी होंगे। उन्होंने कहा कि हमारा पूरा प्रयास है कि देहरादून के वैली ऑफ वर्ड्स को जल्द से जल्द देश के सर्वश्रेष्ठ लिटरेचर फेस्टिवल के तौर पर पहचान मिले। इसके अलावा इस कार्यक्रम के दौरान रूसी एवं इसरायली किताबों पर भी चर्चा की जाएगी।

अधिकारी संवेदनशीलता के साथ करें जनता की समस्याओं का निराकरण-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आये लोगों तथा विभिन्न संगठनों आदि से जुड़े लोगों से भेंट कर उनकी समस्यायें सुनी। मुख्यमंत्री ने सभी की समस्याओं से अवगत होते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान अधिकारियों की जिम्मेदारी भी है। जनपद स्तर पर स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान हो इसके लिये जिलाधिकारियों को प्रतिमाह अपने-अपने जनपदों के दूरस्थ क्षेत्रों में बहुउद्देशीय शिविरों के आयोजन की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने एवं बीडीसी की बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिये गये हैं ।साथ ही सभी अधिकारियों को सोमवार को जनता से मिलने का समय निर्धारित कर अनिवार्य रूप से जन समस्याओं के निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिये अनावश्यक रूप से देहरादून न आना पड़े इसके लिये जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जनपदों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर हो जाय।

एक रावत का दूसरे रावत पर पलटवार, कहा-अपने कार्यकाल में की होती कार्रवाई तो आज धामी की नहीं रावतों की धूम होती

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग-यूकेएसएसएससी के गठन पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के सवाल उठाने पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने उनकी खिंचाई की। दो टूक सवाल किया कि क्यों गड़बड़ी सामने आने पर तत्काल कार्रवाई नहीं की? यदि उसी समय कार्रवाई कर दी होती, तो आज धामी की धूम नहीं हो रही होती। बल्कि रावतों की धूम हो रही होती।
सोशल मीडिया पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने त्रिवेंद्र रावत पर कटाक्ष किया। कहा कि उन्हें समझ आते आते बहुत देर हो गई है। जब कांग्रेस सरकार ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती की जांच की। इसके बाद आपकी सरकार आ गई। आपके मंत्री ने विधानसभा के पटल पर स्वीकार किया था कि जांच में गड़बड़ियां पाई गई हैं। जांच रिपोर्ट शासन को मिल चुकी है। यदि उसी समय इतना गुस्सा दिखाया होता तो आज फिर धामी की धूम नहीं होती। कहा कि दरवाजे की चौखट पर सर टकराने से घर नहीं गिराए जाते। विधानसभा में भर्तियों में धांधलियां हुई तो विधानसभा भवन ही गिरा देंगे क्या?

बिना भेदभाव के सीएम धामी कर रहे राजकाज, सभी विधायकों से मांगे 10 विकास योजनाओं के प्रस्ताव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सभी विधायकगणां से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र की व्यापक जनहित से जुड़ी 10 औचित्यपूर्ण आवश्यक विकास योजनाओं के प्रस्ताव प्राथमिकता के क्रम में तैयार करते हुए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
उत्तराखण्ड में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड राज्य का दशक होगा। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ काम कर रही है।
उत्तराखण्ड में प्रत्येक क्षेत्र का योजनाबद्ध एवं चरणबद्ध रूप से विकास किये जाने की दृष्टि से मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास“ के तहत पार्टी सीमा से उपर उठकर उत्तराखण्ड राज्य के विकास में सभी विधायकगणो से सहयोग का अनुरोध करते हुए पत्र जारी किया है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में विधायकों से अनुरोध किया है कि अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र की व्यापक जनहित से जुड़ी 10 औचित्यपूर्ण आवश्यक विकास योजनाओं के प्रस्ताव प्राथमिकता के क्रम में तैयार करते हुए उपलब्ध करायें, ताकि शासन स्तर पर राज्य के आर्थिक संसाधनों के समुचित प्रबन्धन के साथ प्रस्तावित योजनाओं की प्राथमिकता, उपयुक्तता एवं जन सरोकारों में आने वाले प्रभावों के सम्बन्ध में क्षेत्रीय विधायक गणों से विमर्श करते हुए योजनाओं को प्राथमिकता के क्रम में चरणबद्ध एवं समयबद्धता के साथ मूर्त रूप दिया जा सके।
राज्य गठन के बाद धामी पहले मुख्यमंत्री है जिनके द्वारा राज्य के हर क्षेत्र का समान रूप से विकास किये जाने के लिए प्रत्येक विधायक से चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा क्यों न हो, से क्षेत्र की आवश्यकता और जनहित की दृष्टि से विकास योजनाओं के प्रस्ताव आमंत्रित किये हैं। मुख्यमंत्री धामी का यह कदम राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ तक उत्तराखण्ड राज्य को श्रेष्ठतम राज्य बनाने के संकल्प पूर्ति में मील का पत्थर साबित होगा।

सीएस से दिये निर्देश, एक करोड़ की धनराशि का टेंडर या निविदा अब यहां प्रकाशित होंगे

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित यूकेपीएफएमएस परियोजना के मिड टर्म रिव्यू की बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी विभागों के विभागाध्यक्षों से यह अपेक्षा की कि वे वित्त विभाग द्वारा प्रोक्योरमेंट अधिप्राप्ति शिकायत क्रियाविधि पोर्टल (E-Procurement Grievance Registration Mechanism Portal) में तत्काल अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि 1 करोड़ रुपए से अधिक की सभी ई – निविदाओं को अनिवार्य रूप से उक्त पोर्टल (http://pgrm.uk.gov.in) प्रकाशित कराया जाना सुनिश्चित किया जाए एवं प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध रूप से निस्तारण किया जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव दिलीप जावलकर एवं आयुक्त राज्यकर अहमद इकबाल भी उपस्थित थे।

सीएम का औचक निरीक्षण, आम जनमानस से ऐसे मिले जैसे मानों घर का ही सदस्य हो

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्योहारों के सीजन के दृष्टिगत गुरुवार को आईएसबीटी देहरादून का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आईएसबीटी में सफाई व्यवस्था, पेयजल, शौचालयों, टिकट बुकिंग काउंटर, एवं कैंटीन का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों का निरीक्षण किया एवं यात्रियों से बातचीत भी की।
आईएसबीटी में सफाई व्यवस्था सही नहीं पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि यदि स्वच्छता व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो संबंधित अधिकारियों एवं जो कंपनी इस व्यवस्था को देख रही है, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आईएसबीटी पर शुद्ध पेयजल की पूरी व्यवस्था कि जाय। शौचालयों में स्वच्छता एवं पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही आईएसबीटी का दुबारा निरीक्षण किया जाएगा। यदि तब तक सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने टिकट बुकिंग काउंटर के निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि आईएसबीटी से विभिन्न क्षेत्रों के लिए जाने वाली बसों के रवाना होने से पहले अनाउंसमेंट की समुचित व्यवस्था की जाय। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यात्रियों से बातचीत की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जल्द ही परिवहन विभाग की बैठक ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे राज्य में अन्य बस अड्डों का भी निरीक्षण करेंगे। उन्होंने निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईएसबीटी के आस पास अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण पाए जाने पर संबंधितों पर कार्रवाई की जाय। आईएसबीटी के आसपास सौंदर्यीकरण भी किया जाय। यह सुनिश्चित किया जाए की आईएसबीटी पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरे हमेशा चालू रहें। त्योहारों के दृष्टिगत यात्रियों की आवाजाही अधिक रहेगी, यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, परिवहन विभाग द्वारा इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाय।

आजीविका बढ़ाने के लिए सरकारी ऋण योजनाओं का लाभ मिलना जरुरी

अपर मुख्य सचिव आनन्दवर्द्धन ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में सभी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न योजनाओं के तहत प्रदान किए जाने वाले ऋण आवेदनों का त्वरित निस्तारण किया जाय। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरतमंदो के ऋण आवेदनों के मामलों में बैंक संवेदनशीलता के साथ काम करे। पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखण्ड के दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोग आजीविका बढ़ाने के लिए सरकारी ऋण योजनाओं पर निर्भर है। पलायन रोकने तथा लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने में बैंकों की अहम भूमिका है। गुरूवार को सचिवालय में अवस्थापना विकास बैंकर्स स्थायी समिति की बैठक में अपर मुख्य सचिव ने बैकों को निर्देश दिए कि महिला स्वयं सहायता समूहों व ग्रामीणों को स्वरोजगार की ऋण योजनाओं से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाए।
राज्य के उद्योग विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि विभाग ने केवीआईसी, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत अभी तक 2257 आवेदकों के ऋण आवेदन पत्र बैंकों को भेजे हैं। साथ ही उद्योग विभाग तथा खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा लाभार्थियों को ऑफलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है। राज्य के एमएसएमई विभाग ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना नैनों के तहत 8362 आवेदकों के ऋण आवेदन बैंकों को भेजे हैं। बैठक में बैंकों तथा यूएलबी को हर शुक्रवार कैंप लगाकर ऋण आवेदनों के निस्तारण के लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में बैंको को अभी तक पीएम स्वनिधि के तहत 22963 ऋण आवेदन, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 5960, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना नैनों के तहत 2402, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 2257, वीर चन्द्र गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत 257, होम स्टे योजना के तहत 258 ऋण आवेदन प्राप्त हुए है। कुल प्राप्त 34097 ऋण आवेदनों में से विभिन्न बैंकों द्वारा 17503 आवेदन स्वीकृत किए गए है। बैंकों ने 8241 ऋण आवेदन विभिन्न कारणों से निरस्त कर दिए। ऋण आवेदनों के निरस्त होने के मुख्य कारणों में आवेदकों द्वारा ई-केवाईसी न करवा पाना, बैंकों की अन्य औपचारिकाताएं पूरी न कर पाना, सिबिल डिफॉल्ट, आवेदकों का बैंकों के सेवा क्षेत्र से बाहर होना है। लगभग 6792 ऋण आवेदन बैंकों में विचाराधीन हैं। उत्तराखण्ड में बैंकों द्वारा व्यापारिक, सेवा, निर्माण, कृषि सहयोगी गतिविधियों के लिए 10 लाख रूपये तक की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत इस वर्ष (2022-2023) 90494 लाभार्थियों को 1084 करोड़ 97 लाख रूपये के ऋण वितरित किए गए हैं। अनुमान है कि इससे अभी तक 205517 लोगों को रोजगार मिला है।
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) ने बैंकों को दिसम्बर तक वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत 250 ऋण आवेदनों के लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक इस योजना के तहत 75 स्वीकृत ऋण आवेदकों को 1014.31 लाख रूपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। बैंकों को दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास विकास योजना (हो स्टे) के 200 ऋण आवेदनों के लक्ष्य को निर्धारित अवधि तक पूरा करने के निर्देश मिले हैं। होम स्टें में निर्धारित लक्ष्य 200 के सापेक्ष 74 ऋण आवेदन स्वीकृत तथा 1523.81 लाख रूपये का ऋण वितरित किया जा चुका है।
राज्य में पर्यटन विकास की दृष्टि से बैंकों को होम स्टे योजना के ऐसे ऋण आवेदन जिनमें सेक्शन 143 के तहत अकृषि प्रमाण पत्र एवं निर्माणाधीन इकाई का मानचित्र अधिकृत एजेंसी से स्वीकृति की जरूरत नही है, को अविलम्ब निस्तारित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। जानकारी दी गई कि पी एम स्वनिधि के तहत ऋण प्रदान करने समय सीमा दिसम्बर 2024 तक बढ़ा दी गई है।
बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव सी रविशंकर, चीफ मैनेजर एसबीआई अभिषेक नैथानी, डिप्टी सीईओ खादी बोर्ड एस डी मासीवाल, चीफ मैनेजर बैंक ऑफ बड़ौदा हुकुम सिंह, उद्योग विभाग, एमएसएमई विभाग तथा विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बीडीसी की बैठकों में डीएम, सीडीओ सहित उच्च अधिकारी अनिवार्य रूप से करें प्रतिभाग-धामी

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान देर शाम को रुद्रप्रयाग स्थित गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस बहुदेश्य भवन में विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा ली।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले में समाज कल्याण विभाग द्वारा बच्चों, वृद्धजन और दिव्यांगों के लिए तैयार महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ’कवच’ भी लांच किया।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जनपद में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। वहीं पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल द्वारा जनपद में यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी दी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मूल मंत्र पर काम कर रही है। सभी विभागों का दायित्व होना चाहिए कि जनता को किसी तरीके की परेशानी ना हो अगर किसी काम में कोई व्यावहारिक दिक्कत है तो उसका रास्ता निकाला जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील दिवसों को नियमित आयोजित किया जाए। तहसील दिवसों को और अधिक प्रभावशाली बनाने के साथ-साथ बीडीसी की बैठकों में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य उच्च अधिकारी को अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करने के निर्देश दिए है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्राम सभा में चौपाल की व्यवस्था भी की जाए इसके साथ ही हर गांव में साल में एक विशेष आयोजन कर स्थापना दिवस के तौर पर ग्राम दिवस के रूप में आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि हम सबका दायित्व है कि बेहतर कार्य संस्कृति के साथ काम किया जाए।
मुख्यमंत्री ने विभागों की जनपदीय समीक्षा में पौराणिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन करने, नेशनल हाईवे और अन्य मुख्य मार्गों के आसपास वृक्षारोपण करने के साथ ही चार धाम यात्रा मार्ग पर बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कीवी उत्पादन, हथकरघा व हस्तशिल्प के उत्पादों को और बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारनाथ धाम में न्यूनतम 15 से 20 हजार लोगों के रहने की व्यवस्था की जाए इसके साथ ही सरकार की योजनाओं एवं सरकारी अभियान में जनता को सहभागी बनाकर आगे बढ़ाया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर भी आने वाले 25 वर्षों के रोड मैप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के बाद अब अमृत काल में हम सब प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए इस अमृत काल में विशेष कार्य योजना के साथ हम सब कार्य करें। उन्होंने कहा कि केदारनाथ तीर्थ यात्रियों को बाबा केदार के दर्शन हेतु पंक्तियों में खड़े होकर इंतजार ना करना पड़े इसके लिए ठोस कार्य योजना तैयार की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार भारत सरकार में नीति आयोग थिंक टैंक के रूप में अहम भूमिका निभाता है उसी प्रकार जनपद स्तर पर विकास विभाग भी थिंक टैंक की भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरलीकरण, समाधान और निस्तारण को कार्यशैली में शामिल करते हुए जनता की समस्याओं के निराकरण की पहल शुरू करें।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सुमंत तिवारी, विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी, केदारनाथ शैला रानी रावत, बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, जिलाध्यक्ष भाजपा दिनेश उनियाल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, अपर जिला अधिकारी दीपेन्द्र सिंह नेगी, डीएफओ रुद्रप्रयाग अभिमन्यु, डीएफओ केदारनाथ इंद्र सिंह नेगी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, परियोजना निदेशक ग्राम विकास रमेश चंद्र, उप जिलाधिकारी परमानन्द राम, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढोंडियाल, अधीक्षण अभियंता सिंचाई सुधीर कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि जीत सिंह रावत, जिला बचत अधिकारी सूरत लाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।