सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में मिली खामियां, कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने लगाई फटकार

त्रिवेणी घाट स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने औचक निरीक्षण किया। मंत्री डा. अग्रवाल ने यहां गंदगी देख यहां कार्यरत कर्मचारी को फटकार लगाई। साथ ही मौके पर जल संस्थान की सीवर वींग के अधिशासी अभियंता को दूरभाष पर कड़े निर्देश भी दिए।
रविवार को मंत्री डा. अग्रवाल एसटीपी प्लांट में रात्रिकालीन सीवर का गंदा पानी गंगा नदी में डालने की शिकायत मिलने पर अचानक पहुंचे। उन्होंने एसटीपी प्लांट के आसपास बिखरे कूड़े पर नाराजगी व्यक्त करते हुए यहां कार्यरत कर्मचारी की फटकार लगाई।
डा. अग्रवाल ने मौके से ही जल संस्थान की सीवर विंग के अधिशासी अभियंता हरीश बंसल को दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने यहां फैले कूड़े को हटाने के लिए निर्देशित किया। इसके अलावा मंत्री डा. अग्रवाल ने निर्देशित करते हुए कहा कि रात्रिकाल में जेनरेटर नहीं चलाने की लगातार शिकायत मिल रही हैं, इससे सीवर का गंदा पानी गंगा नदी में गिर रहा है। इसके लिए अधिशासी अभियंता को रात्रिकाल में लाइट की व्यवस्था के लिए जेनरेटर चलाने के निर्देश दिए।
डा. अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है, गंगा को अविरल बनाने के लिए सरकार स्पर्श गंगा, नमामि गंगे जैसे अनेक अभियान चला रही है, ऐसे में एसटीपी प्लांट से गंगा में सीवर का गंदा पानी किसी भी कीमत पर नहीं डाला जाएगा। डा. अग्रवाल ने कहा कि एसटीपी प्लांट पर लगा पंप 24 घंटे गतिमान रहना चाहिए।
डा. अग्रवाल ने इस अवसर पर एसटीपी प्लांट में बाहर जाली नहीं लगी होने पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने यहां जाली लगाने के भी निदेश दिए।

दो दिवसीय साहित्य सम्मेलन का परमार्थ में आयोजन

परमार्थ निकेतन के गंगा तट पर आयोजित रचना संसार अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन में वक्ताओं ने मानव जीवन में साहित्य की उपयोगिता के बारे में बताया। कार्यक्रम में हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की सृजन, मनन एवं मूल्यांकन साहित्य का विमोचन हुआ।
रविवार को सम्मेलन का शुभारंभ हरिद्वार सांसद डा. निशंक ने किया। मौके पर लिखित सृजन, मनन एवं मूल्यांकन का विमोचन किया गया। उन्होंने कहा कि साहित्य की सार्थकता इसी में है कि उसमें मानवीय संवेदना के साथ सामाजिक अवयवों का भी उल्लेख किया गया हो। साहित्य संस्कृति का संरक्षक और भविष्य का पथ प्रदर्शक है। हिमालय और गंगा की गोद से सृजित साहित्य में मानव को श्रेष्ठ बनाने के साथ ही मानवीय एवं राष्ट्रीय हित समाहित है। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि समाज के नवनिर्माण में साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका है। साहित्य समाज की उन्नति और विकास की आधारशिला की नींव रखता है। साहित्य के माध्यम से समाज की विविधता और लोक संस्कृतियों का संरक्षण होता है। इस दौरान स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर डा. रमेश पोखरियाल को सम्मानित किया।

डीजीपी को दो टूक, धामी ने कहा-कानून व्यवस्था नही सुधरी तो कुर्सी छोड़ दे अधिकारी

प्रदेश में कानून व्यवस्था के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त निर्देश दिये हैं कि पिछले दिनों हुई कतिपय घटनाओं का खुलासा जल्द से जल्द किया जाए। अपराधों पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार सख्त है। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड अशोक कुमार द्वारा उधमसिंहनगर के काशीपुर में खनन कारोबारी की हत्या, डोईवाला में हुई डकैती एवं जनपद हरिद्वार में पुलिसकर्मियों पर हुई फायरिंग के खुलासे हेतु 3 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। उन्होंने कहा है कि 3 दिन में उक्त घटनाओं का खुलासा न होने पर संबंधित थाना प्रभारी एवं क्षेत्राधिकारी को हटाया जाएगा। इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि संबंधित जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को भी उपरोक्त घटनाओं के जल्द खुलासे न होने पर अपराध नियंत्रण में नाकाम माना जाएगा।

नई शिक्षा नीति को सफल बनाने के लिए केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने समीक्षा की

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग एवं कौशल विकास की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, शासन के अधिकारी एवं सबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि उत्तराखण्ड में नई शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन एवं शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों को पढ़ने-लिखने, बोलने, व्याख्या करने एवं संख्यात्मकता ज्ञान बढ़ाने के लिए, डायट को भी इस ओर ध्यान देना होगा। शिक्षकों को इसके लिए बेहतर प्रशिक्षण देना होगा। बच्चों की प्रारंभिक बाल्यवस्था देखभाल और शिक्षा का पाठ्यक्रम को रोचक बनाया जाए। टेक्नोलॉजी के माध्यम से ईसीसीई के पाठ्यक्रम को कैसे और रोचक बनाया जा सकता है, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उत्तराखण्ड के लिए जो पाठ्यक्रम बनाया जा रहा है, इसमें एससीईआरटी के साथ ही एनसीईआरटी की मदद भी ली जा सकती है।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों को नई-नई स्किल सीखने को मिले, इसके लिए भविष्य की आवश्यकताओं को देखकर स्किल डेवलपमेंट के कोर्स कराए जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में स्किल डेवलपमेंट का हब बनने की क्षमता है। राज्य के पास प्रतिभाओं की कमी नहीं है, इन प्रतिभाओं को आगे लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य में कौशल विकास से संबंधित जो भी विभाग और संस्थान प्रशिक्षण करवा रहे हैं, उन्हें सिंगल विंडो सिस्टम पर लाए जाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड को उत्कृष्ट राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। सभी विभागों को अगले 3 साल और आने वाले 10 सालों का रोडमैप बनाने के साथ ही बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में अपनी पर्फाेमेन्स देने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा शिक्षा एवं कौशल विकास के लिए जो सुझाव दिये गये हैं, उनका सही तरीके से क्रियान्वयन किया जाए।
विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बताया कि एनईपी-2020 के अंतर्गत उच्च शिक्षण संस्थानों में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से प्रवेश शुरू कर दिये गये हैं। इसके लिये नई नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किये गये हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि नई नीति के क्रियान्वयन के लिये राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया साथ ही स्क्रीनिंग कमेटी और कैरिकुलम डिजाइन समिति गठित की गई। जिनकी विभिन्न स्तर पर कई दौर की बैठकों और पब्लिक डोमेन से मिले सुझावों के उपरांत बाद पाठ्यक्रम तैयार किया गया। जिसे सभी विश्वविद्यालयों की बीओएस, एकेडमिक काउंसिल और एग्जेक्युटिव कमेटी द्वारा अप्रूव्ड किया गया।
इस अवसर पर अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में राज्य में की जा रही विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत प्रजेन्टेशन दिया।
बैठक में सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, सचिव शिक्षा रविनाथ रमन, सचिव कौशल विकास विजय कुमार यादव, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी एवं शासन एवं संबधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

डिजिटल बैंकिंग इकाइयों का उत्तराखंड को भी मिलेगा लाभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 75 जिलों में 75 डिजिटल बैंकिंग इकाइयों को राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान उन्होंने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग ने मानव जीवन को आसान बनाने का कार्य किया है। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पीएम ने कहा, आज देश डिजिटल इंडिया के सामर्थ्य का फिर एक बार साक्षी बन रहा है। आज 75 डिजिटल बैंकिग यूनिट्स देश के 75 जिलों में धरातल पर उतर रही हैं। उन्होंने कहा, भारत के सामान्य मानवी के जीवन को आसान बनाने का जो अभियान देश में चल रहा है, डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स उस दिशा में एक और बड़ा कदम है। ये ऐसी विशेष बैंकिंग व्यवस्था है, जो मिनिमम डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से मैक्सिमम सेवाएं देने का काम करेगी। उन्होंने कहा, हम सामान्य मानवी के जीवन स्तर को बदलने का संकल्प लेकर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। हमारा संकल्प है, व्यवस्थाओं में सुधार का। पारदिर्शता लाने का और आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचने का।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भाजपा सरकार ने दो चीजों पर एक साथ काम किया है। एक है, बैंकिग व्यवस्था को सुधारना, मजबूत करना और पारदर्शिता लाना और दूसरा काम वित्तीय समावेशन लाना। उन्होंने कहा, हमने बैंकिग सेवाओं को दूर-सुदूर में, घर-घर तक पहुंचाने को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। आज भारत के 99ः से ज्यादा गांवों में पांच किमी के अंदर कोई न कोई बैंक ब्रांच, बैकिंग आउटलेट या बैंकिंग मित्र मौजूद हैं। आज देश में हर एक लाख वयस्क आबादी पर जितनी बैंक शाखाएं मौजूद हैं, वो जर्मनी, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों से भी ज्यादा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आईएमएफ ने हमारे डिजिटल बैंकिंग बुनियादी ढांचे के प्रयासों की सराहना की है। इसका श्रेय गरीबों, किसानों और मजदूर वर्ग को जाता है, जिन्होंने नई डिजिटल तकनीक को अपनाया और इसे अपने जीवन का हिस्सा बना लिया। उन्होंने कहा, जब हमने जन-धन अकाउंट की मुहिम शुरू की तब आवाजें उठीं कि गरीब बैंक खाते का क्या करेगा। यहां तक की इस फील्ड के कई एक्सपर्ट भी नहीं समझ पा रहे थे, इस अभियान का महत्व क्या है। लेकिन बैंक खाते की ताकत क्या होती है,ये आज पूरा देश देख रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, यूपीआई अपने तरह की दुनिया की पहली टेक्नोलॉजी है। आज भारत में आप इसे शहर से लेकर गांव तक शोरूम हो या सब्जी का ठेला हर जगह देख सकते हैं। डिजिटल बैंकिंग ने आज वित्तीय लेनदेन को पीछे छोड़ दिया है और खुद को सुशासन और बेहतर सेवा वितरण माध्यम के उदाहरण के रूप में स्थापित किया है। आज यह प्रणाली एमएसएमई और निजी संस्थानों के लिए विकास का इंजन बन गई है।

उत्तराखंड में नए शैक्षणिक सत्र के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का शुभारम्भ

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में उच्च शिक्षा में शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी उपस्थित रहे।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने देश में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के लिए उत्तराखण्ड सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज उत्तराखण्ड में उच्च शिक्षा में इसका शुभारम्भ किया गया है। बाल वाटिका से प्रारम्भिक शिक्षा में उत्तराखण्ड ने ही इसकी सबसे पहले शुरुआत की। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड विद्वानों की भूमि है। इस देवभूमि से नई शिक्षा नीति के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अभी अनेक विचार आयेंगे। अब प्रयास करने होंगे कि आने वाले समय में शत प्रतिशत बच्चे बाल वाटिकाओं में प्रवेश करें। उन्होंने कहा कि किसी भी देश एवं समाज का विकास बेहतर शिक्षा से ही हो सकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 मानवीय जीवन के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है। शिक्षा के साथ ही बच्चों के कौशल विकास, उनके व्यक्तित्व के विकास, भाषाई विकास एवं नैतिक मूल्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है। शिक्षा व्यक्ति की आत्मनिर्भरता से जुड़ी हुई है।
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों को 3 साल से फार्मल एजुकेशन से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत बाल वाटिका शुरू की गई है, बाल वाटिका में 3 साल सीखने के बाद बच्चा पहली कक्षा में प्रवेश करेगा, तब उसकी उम्र 6 साल होगी। बच्चों को नवजात से उनकी 21-22 साल की उम्र तक बेहतर एवं गुणात्मक शिक्षा के लिए उत्तराखण्ड में 40 लाख बच्चों का टारगेट लेकर आगे बढ़ना होगा। स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकि शिक्षा,मेडिकल, पेरामेडिकल एवं अन्य को मिलाकर 35 लाख की व्यवस्था उत्तराखण्ड के पास पहले से ही है। उन्होंने कहा कि देश डिजिटल इंडिया की ओर तेजी से बढ़ा है। उच्च शिक्षा की दिशा में उत्तराखण्ड में जो नीति बन रही है, वह इस दिशा में बहुत बड़ा कदम है। प्रदेश के नौजवानों को विश्व की आवश्यकता के लिए तैयार कराना, यह उत्तराखण्ड के पास ताकत है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किए जाने के की दिशा में, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रभावी एवं चरणबद्ध रूप से सकारात्मक कदम बढ़ाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में तैयार की गई नई शिक्षा नीति 21वीं सदी के नवीन, आधुनिक, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के नए आयाम खोलने वाली नीति है। इसे देश के ख्यातिलब्ध शिक्षाविदों द्वारा तैयार किया गया है और ये नए भारत की, नई उम्मीदों नई आवश्यकताओं की पूर्ति का सशक्त माध्यम है। यदि हम एक समृद्ध भविष्य चाहते हैं तो हमने अपने वर्तमान को सशक्त बनाना होगा, ठीक इसी प्रकार से यदि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को और भी अधिक प्रतिभाशाली बनाना चाहते हैं तो हमें उसके बचपन और उसकी शिक्षा पर आज से कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने सम्पूर्ण विश्व को ज्ञान देने का कार्य किया है। हमारे नालंदा और तक्षशिला जैसे अद्वितीय शिक्षा मंदिर पूरी दुनिया में कहीं नहीं थे और यहां से ज्ञान अर्जित करने वालों ने संपूर्ण मानवजाति को एक नई राह दिखाई। हमारे देश में मेधा की कभी कोई कमी नहीं रही और एक से एक विद्वानों और शिक्षाविदों ने भारत की बौद्धिक संपदा को विस्तार दिया। लेकिन कालांतर में आए विदेशी आक्रांताओं और शासकों ने हमारी शिक्षा व्यवस्था पर ही सबसे अधिक चोट की और इसको तहस-नहस कर दिया। उस दौर में व्यवस्थाएं ऐसी बना दी गईं जिसके बाद से पढ़ाई का अर्थ और लक्ष्य केवल और केवल नौकरी पाने तक सीमित हो कर रह गया। उन्होंने कहा कि 2025 में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई जायेगी। तब तक हम बेस्ट प्रैक्टिस के तौर पर क्या कर सकते हैं, जो देश के लिए आदर्श बने इस दिशा में सभी विभागों को तेजी से कार्य करने होंगे।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने राज्य में एनईपी-2020 लागू किये जाने का श्रेय विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों की मेहनत का नतीजा है कि आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया जा सका। डॉ रावत ने बताया कि एनईपी-2020 के अंतर्गत उच्च शिक्षण संस्थानों में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से प्रवेश शुरू कर दिये गये हैं। इसके लिये नई नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किये गये हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि नई नीति के क्रियान्वयन के लिये राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया साथ ही स्क्रीनिंग कमेटी और कैरिकुलम डिजाइन समिति गठित की गई। जिनकी विभिन्न स्तर पर कई दौर की बैठकों और पब्लिक डोमेन से मिले सुझावों के उपरांत बाद पाठ्यक्रम तैयार किया गया। जिसे सभी विश्वविद्यालयों की बीओएस, एकेडमिक काउंसिल और एग्जेक्युटिव कमेटी द्वारा अप्रूव्ड किया गया। उन्होंने बताया कि नई नीति के तहत छात्र-छात्राओं को च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम का लाभ मिलेगा और अब वह अपने मनपसंद विषय और विश्वविद्यालय चुन सकेंगे। डॉ रावत ने बताया कि नए पाठ्यक्रम रिसर्च, इनोवेशन और इंटरप्रेन्योरशिप बेस्ड होंगे। इसमें रोबोटिक्स जैसे एडवांस कोर्स रखे गये हैं। उन्होंने बताया कि को-कैरिकुलम कोर्स के 6 सेमेस्टरों के प्रत्येक सेमेस्टर में भारतीय ज्ञान परम्परा, कम्युनिकेशन स्किल, इन्वायरमेंट, मैनेजमेंट पैराडाइज ऑफ भागवत गीता, योगा, विवेकानंद स्टडीज, पर्सनली डेवलपमेंट, रामचरितमानस, ट्रेडिशनल नॉलेज, वैदिक साइंस और वैदिक गणित जैसे कोर्स भी रखे गये हैं।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, विनोद कण्डारी, मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव शैलेश बगोली, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

पुलिस का बदमाशों को खौफ नही, दिनदहाड़े बंधक बनाकर कर दी डकैती

डोईवाला में हथियारों से लैस छह नकाबपोश बदमाशों ने शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के चचेरे भाई के घर पर धावा बोला। बदमाशों ने घर की मालकिन और घर पर काम करने वाली दो महिलाओं को बंधक बनाकर डकैती की। करीब डेढ़ घंटे इत्मीनान से लूटपाट करने के बाद बदमाश नगदी और कीमती आभूषण लेकर फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस दुस्साहसिक घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
शहरी विकास मंत्री के चचेरे भाई और डोईवाला के प्रतिष्ठित व्यापारी शीशपाल अग्रवाल उर्फ कोली का घराट रोड पर आवास है। बताया जा रहा है कि व्यापारी अग्रवाल शनिवार को रोज की तरह घर से सुबह करीब 9 बजे डोईवाला चौक रेलवे रोड स्थित अपनी परचून की दुकान के लिए निकल गए। दोपहर करीब 12 बजे छह लोग खुद को व्यापारी का रिश्तेदार बताते हुए जबरन घर के अंदर घुस गए। उस वक्त घर पर व्यापारी की पत्नी ममता के अलावा दो नौकरानी लक्ष्मी और आरती मौजूद थीं। जब तक वह कुछ समझ पाती, असलहों से लैस बदमाशों ने तमंचे और चाकू की नोक पर रस्सी से हाथ-पैर बांधकर उन्हें बंधक बना दिया। महिलाओं को बंधक बनाने के बाद बदमाशों ने घर में दिवान बॉक्स, लॉकर, आलमारी आदि को खंगाला।
लूटपाट के बाद बदमाश नगदी और कीमती आभूषण लेकर फरार हो गए। बदमाशों के जाते ही महिलाओं के शोर-मचाने पर आस-पड़ोस के लोग पहुंचे और महिलाओं को बंधन मुक्त कराया। बदहवास घर की मालकिन और काम करने वाली महिलाओं ने बताया कि बदमाश नकाबपोश थे। उनके पास तमंचे और चाकू थे। सूचना पाकर फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाने के प्रयास किए। एसएसपी दिलीप सिंह, एसपी देहात कमलेश उपाध्याय, सीओ डोईवाला अनिल शर्मा, सीओ ऋषिकेश डीसी ढौडियाल, कोतवाल राजेश शाह आदि मौके पर पहुंचे और बदमाशों की तलाश को कई जगहों पर चेकिंग की गई।

सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का निरीक्षण कर मंत्री ने जानी कार्यप्रणाली

शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने हरिद्वार नगर निगम के ग्राम सराय में स्थापित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली की भी जानकारी हासिल की।
शनिवार को शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ग्राम सराय में चल रहे सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट पहुंचे। यहां निगम के मुख्य नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने बताया कि हरिद्वार शहर का कूड़ा करीब 230 टन प्रतिदिन एकत्र होकर इस प्लांट पर लाया जाता है। बताया कि इस प्लांट की क्षमता फिक्सड ट्रॉयल पर 150 टन प्रतिदिन तथा मूविंग मशीन पर 50 टन प्रति घंटा है। जिसका संचालन कार्यदायी संस्था मैसर्स आयुषी हाइजीन एंड केयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा माह जनवरी से किया जा रहा है। उन्होंने मंत्री डॉ अग्रवाल को बताया कि सॉलि़ड वेस्ट की प्रोसेसिंग के दौरान तीन प्रकार के उत्पाद प्राप्त होते हैं, जिनमें प्रथम उद्योगों में भट्टी में जलाने में दौरान उपयोग में लाया जाता है। दूसरा भूमि भराव में उपयोग में लाया जाता है तथा कंपोस्ट को लोगों के आग्रह पर निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने मंत्री डॉ अग्रवाल को बताया कि हरिद्वार नगर निगम का गीला व सूखा कूड़ा परिवहन कर प्रोसेसिंग प्लांट पर लाया जाता है। यहां विन्ड्रो विधि से जैविक अपघटन के बाद बायो माइनिंग (छानना) से कूड़े को तीन घटकों में बदला जाता है। नगर निगम हरिद्वार द्वारा सूखे कूड़े के पृथक्कीकरण के लिए एमआरएफ विकसित की जा रही है। जिससे सूखे कूड़े को दोबारा उपयोग में लाया जा सके।
इस मौके पर शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया पर नगर निगम के अधिकारियों को कार्यदाई संस्था की प्रशंसा की। उन्होंने मौके पर प्लांट से उठ रही दुर्गंध को दूर करने के लिए नियमित छिड़काव करने के निर्देश दिए। कहा कि हरिद्वार में की प्रक्रिया में पहले से सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के आसपास ग्रीन एरिया विकसित किया जाएगा, जो देखने में आकर्षक होगा। बताया कि इस तरह से जर्मनी में भी कार्य किया जा रहा है।
इस मौके पर सहायक नगर आयुक्त श्याम सुंदर, सफाई निरीक्षक विकास छाछर, कंपनी डायरेक्टर गिरिजेश चौबे, पूर्व मेयर हरिद्वार मनोज गर्ग सहित नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी सहित स्थानीय लोग मौजूद रहे।

शहरी विकास मंत्री अग्रवाल ने किया वात्सल्य डे-केयर का लोकार्पण

देहरादून में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत वात्सल्य डे-केयर (क्रेंच बिल्डिंग) का लोकार्पण कर जनता को समर्पित किया गया। क्रेंच बिल्डिंग का लोकार्पण वित्त व शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल, गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, मेयर दून सुनील उनियाल गामा, जिलाधिकारी सोनिका द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
शनिवार को ईसी रोड स्थित वीरांगना तीलू रौतेली कामकाजी महिला छात्रावास परिसर पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान मंत्री डॉ अग्रवाल में वास्ते डे केयर का अवलोकन भी किया। मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत समूचे भारत के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का कार्य प्रगति पर है। जिसके अंतर्गत राज्य में देहरादून शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का तृतीय चरण में चयन हुआ है। डा. अग्रवाल ने बताया कि 27 परियोजनाएं प्रस्तावित थीं। जिसमें छह परियोजनाओं को पूर्व में ही पूर्ण कर जनता को समर्पित किया जा चुका है, अन्य परियोजनाओं पर कार्य गतिमान है।
डा. अग्रवाल ने बताया कि वात्सल्य डे-केयर (क्रेंच बिल्डिंग) का निर्माण तीलू रौतेली कामकाजी महिला छात्रावास परिसर में किया गया है। बताया कि यह कामकाजी महिलाओं के छोटे बच्चों (जिनकी उम्र एक से चार वर्ष है) की डे केयर के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है। इसकी लागत 1.03 करोड़ रूपये है।
डा. अग्रवाल ने बताया कि क्रेंच बिल्डिंग बनाने का उद्देश्य सरकारी ओर गैर सरकारी विभागों के साथ ही निजी संस्थाओं में कार्यरत महिलाओं के छोटे बच्चों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त डे केयर उपलब्ध कराना है। बताया कि इसमें 30 छोटे बच्चों के डे केयर की सुविधा आराम से की जा सकेगी।
डा. अग्रवाल ने बताया कि वात्सल्य डे-केयर (क्रेंच बिल्डिंग) में नर्सरी, शयन कक्ष, अध्ययन कक्ष, एक्टिविटी एवं खेलकूद कक्ष आदि की सुविधाएं हैं। बताया कि इसमें बाल विकास विभाग के विशेषज्ञों की देख रेख में कामकाजी महिलाओं के बच्चों का पालन-पोषण किया जाएगा। इससे कामकाजी महिलाएं अपने बच्चों की चिंता से मुक्त होकर कामकाज में पूरी तरह से ध्यान दे पाएंगी।

वात्सल्य डे-केयर (क्रेंच बिल्डिंग) में मिलेंगी यह सुविधाएं
वित्त व शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि वात्सल्य डे-केयर (क्रेंच बिल्डिंग) में दस तरह की सुविधांए बच्चों को दी जाएंगी।
1. 01 वर्ष तक के बच्चों के लिए पालने/नर्सरी की सुविधा।
2. 01 वर्ष से ऊपर 03 वर्ष के बच्चों के लिए बंक बेड।
3. बच्चों के पढ़़ने के लिए अध्ययन कक्ष।
4. बच्चों के भौतिक एवं मानसिक विकास के लिए बिल्डिंग की दीवारों पर बच्चों के अनुरूप कलाकृतियां।
5. बच्चों के खेलने के लिए खिलौने व झूले।
6. संतुलित आहार के लिए किचन की सुविधा।
7. बच्चों के खेलकूद के लिए एक्टिविटी एरिया।
8. शौचालय, पानी और बिजली की उचित व्यवस्था।
9. वातानुकूलित एवं रोशनीयुक्त वातावरण।
10. सभी सुविधाएं बाल विकास विभाग के विशेषज्ञों द्वारा संचालित किए जाएंगे।

इस मौके पर भाजपा प्रवक्ता विनय गोयल सहित स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

सीएम ने बीआरओ के हीरक परियोजना के मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को टनकपुर, स्थित बी.आर.ओ के हीरक परियोजना के मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने परियोजना के अंतर्गत कार्य कर रहे वीर जवानों एवं अधिकारियों के साथ मुलाकात कर उनका कुशल क्षेम जाना।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीआरओ राष्ट्रीय निर्माण के कार्य में मिशन कर्म योगी की तरह अपना अहम योगदान देता रहा है। कठिन परिस्थितियों में बनने वाले मार्गाे एवं सड़कों के निर्माण में बीआरओ के कर्मचारी हमेशा आगे रहते है। उन्होंने कहा मिलम, जोहर, दारमा एवं व्यास घाटी में चल रहे सड़क निर्माण कार्य प्रदेश के साथ देश के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन सड़कों का निर्माण पूर्ण होने से वहां रह रहे लोगों के जीवन शैली में बदलाव आ रहा है। राज्य सरकार ने संकल्प लिया है कि कुमाऊं क्षेत्र में पड़ने वाले सभी प्रमुख एवं पौराणिक मंदिरों का जीर्णाेद्धार किया जायेगा, जिसके लिए मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कुमायूं के प्राचीन मंदिरों को भव्य बनाने की योजना है, इन मंदिरों को जोड़ने वाले मार्गों का विस्तार किया जाएगा, साथ ही उनका चौड़ीकरण किया जायेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने केदारनाथ धाम की पावन भूमि से कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। जिसके परिणाम अब दिखने लगे हैं, इस बार चार धाम यात्रा में अभी तक 40 लाख से अधिक रजिस्टर्ड श्रद्धालुओं ने यात्रा की है। मां गंगा एवं बाबा केदार के आशीर्वाद से यात्रा सुगम एवं सुरक्षित चल रही है। कावड़ यात्रा के दौरान करीब 4 करोड कावड़िए शिव भक्त उत्तराखंड आए। पहली बार राज्य सरकार ने कावड़ यात्रा में बजट का प्रावधान किया। उन्होंने कहा सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल को जोड़ने का कार्य कर रही है जिसके अंतर्गत चमोली से सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी को सीधे सड़क मार्ग से जोड़ने का कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में सड़क से संबंधित जितनी भी योजनाएं चल रही हैं वह पूरी गुणवत्ता एवं तय समय पर पूरी की जाएंगी। उन्होंने कहा मुझे बीआरओ के कर्मचारियों पर पूर्ण विश्वास है कि आप लोग परिश्रम, मेहनत से और इमानदारी से काम कर रहे हैं। बीआरओ द्वारा अन्य लोगों को भी रोजगार देने का काम किया जा रहा है जिसमें वह किसी भी परियोजना में 90ः से भी ज्यादा लोग स्थानीय स्तर के लोग काम कर रहे हैं। इस दौरान बीआरओ के मुख्य अभियंता विमल गोस्वामी द्वारा हीरक परियोजना के अंतर्गत उच्च हिमालई क्षेत्रों में किए जा रहे सड़क निर्माण कार्यों के बारे में भी अवगत करवाया गया।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, अध्यक्ष वन विकास निगम उत्तराखंड कैलाश चन्द्र गहतोड़ी, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, प्रदेश महामंत्री भाजपा विकास शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीप पाठक, प्रदेश मंत्री भाजपा हेमा जोशी, नगरपालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।