भालू हमले की घटना का सीएम ने लिया संज्ञान पीड़ित छात्राओं से की वार्ता, हौसले की तारीफ

जनपद चमोली के विकास खण्ड पोखरी अंतर्गत विद्यालय परिसरों के समीप घटित भालू हमले की घटनाओं को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अत्यंत गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने भालू हमले में घायल हुए पीड़ित छात्र से दूरभाष पर सीधी बातचीत कर न केवल उसका हालचाल जाना, बल्कि उसे ढांढस बंधाते हुए शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उपचार एवं सुरक्षा के हर स्तर पर किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घटना के दौरान अदम्य साहस, सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए भालू से बच्चों की जान बचाने वाली साहसी छात्राओं दिव्या और दीपिका से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने छात्राओं की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में जिस साहस, धैर्य और जिम्मेदारी का परिचय उन्होंने दिया है, वह पूरे प्रदेश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की घड़ी में अपनी जान की परवाह किए बिना अन्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना असाधारण साहस का उदाहरण है। उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि राज्य सरकार ऐसे साहसी बच्चों को सदैव प्रोत्साहित करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला प्रशासन एवं वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से गश्त बढ़ाई जाए, विद्यालयों, आंगनबाड़ियों एवं आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा के अतिरिक्त पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो, इसके लिए सभी आवश्यक व प्रभावी कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि घायल छात्र को उचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने अधिकारियों से नियमित निगरानी बनाए रखने और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर विश्वास कायम करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार के लिए बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नागरिकों की जान-माल की रक्षा के लिए सरकार हर परिस्थिति में पूरी प्रतिबद्धता और कठोरता के साथ कार्य करेगी।

ग्वालदम–देवाल–वाण मोटर मार्ग बीआरओ को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तेज: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर आज सवाड़, चमोली पहुँचे, जहाँ क्षेत्रवासियों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिजनों द्वारा उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सहभागिताओं के बीच मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों और घोषणाओं को साझा किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि ग्वालदम–देवाल–वाण मोटर मार्ग को नंदा देवी राजजात के आयोजन के उपरांत बीआरओ को सौंपने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, जिससे भविष्य में सड़क की गुणवत्ता, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी। इसी प्रकार रामपुर तोर्ती को कुमाऊं क्षेत्र से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण को भी सरकार की प्राथमिकता बताया गया।
मुख्यमंत्री द्वारा थराली के तलवाड़ी तथा नंदानगर के लांखी क्षेत्र में मिनी स्टेडियम निर्माण को स्वीकृति दिए जाने का भी उल्लेख किया गया, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए खेल सुविधाएँ और अवसरों का विस्तार हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने ‘अमर शहीद सैनिक मेला सवाड़’ को राजकीय मेला करने की घोषणा भी की, जिसकी स्थानीय जनता और पूर्व सैनिक समाज की लंबे समय से प्रतीक्षा थी। यह निर्णय क्षेत्र में वीर सैनिकों की गौरवशाली परंपरा को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सवाड़ स्थित सैनिक स्मृति संग्रहालय का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने 18वें ‘अमर शहीद सैनिक मेला’ के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सवाड़ की धरती हमेशा राष्ट्रभक्ति, समर्पण और शौर्य की मिसाल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सैनिक परिवार से आते हैं, और इस वीरभूमि में पहुंचकर उनके मन में अपने पिता द्वारा सुनाई गई अनेक वीरगाथाओं की स्मृतियाँ ताज़ा हो उठीं। उन्होंने कहा कि सवाड़ गांव के वीर जवानों ने सदैव राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अप्रतिम त्याग किया है, जिसकी पहचान पूरे भारतवर्ष में है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना और रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिले हैं। जहाँ एक समय भारत रक्षा उपकरणों के लिए विदेशों पर निर्भर था, वहीं अब देश कई महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों का निर्यात करने वाले अग्रणी राष्ट्रों में शामिल हो चुका है। इस संदर्भ में उन्होंने हाल ही में संचालित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की सामरिक क्षमता, सैनिकों का साहस और स्वदेशी हथियार—तीनों ने विश्व स्तर पर देश की प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है।

राज्य की सामाजिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी विकृतियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने निर्णायक कदम उठाए हैं, ताकि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता को सुरक्षित रखा जा सके।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) को व्यावहारिक रूप से लागू किया है। इसे सरकार द्वारा जनता के प्रति किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया। सरकार का मानना है कि केवल घोषणाएँ नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना ही वास्तविक प्रतिबद्धता का संकेत है।

कार्यक्रम में विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष रामचन्द्र गौड़, उपाध्यक्ष हरक सिंह नेगी, साथ ही मेला समिति सवाड़ के अध्यक्ष आलम सिंह बिष्ट सहित जिले के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

गौचर मेले जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का प्रभावी माध्यमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 73वॉं राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले का उद्घाटन किया। गौचर मेले में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेला उत्तराखंड के प्रमुख मेलों में से एक है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का प्रभावी माध्यम होने के साथ-साथ स्थानीय आर्थिकी को भी सशक्त बनाता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जहां एक ओर हमारी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा रहा है,वहीं लोकल फॉर वोकल, मेड इन इंडिया जैसी योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में कई योजनाओं और नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिससे राज्य का चहुमुखी विकास सुनिश्चित हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा आज तमाम परेशानियों और चुनौतियों के बाद भी हमारी मातृशक्ति द्वारा तैयार किये जा रहे उत्पाद बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी पीछे छोड़ रही है। उन्होंने आमजन से स्वदेशी अपनाने की अपील करते हुए कहा यदि हम स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देंगे तो हमारा यह कदम आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा हमारी सरकार के प्रयासों से आज उत्तराखंड फिल्म शूटिंग का बेस्ट डेस्टिनेशन बन रहा है। अब उत्तराखंड तेजी से वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने गौचर में पिथौरागढ़ की तर्ज पर 18-सीटर हेलीसेवा प्रारम्भ किये जाने, नगर क्षेत्र के चार प्रमुख स्थलों पर पार्किंग सुविधाओं का विकास किये जाने और साकेत नगर – रघुनाथ मंदिर -चटवापीपल मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा की। उन्होंने बताया की गौचर में स्टेडियम निर्माण हेतु धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है शीघ्र ही इसका कार्य शुरू करवाया जायेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठ पत्रकार हरीश मैखुरी को गोविन्द प्रसाद नौटियाल पत्रकार सम्मान और शिक्षा के क्षेत्र में वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद डॉ. नन्द किशोर हटवाल को पंडित महेशानंद नौटियाल शिक्षा और साहित्य प्रसार सम्मान से सम्मानित किया।

क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल एवं मेला उपाध्यक्ष संदीप नेगी ने गौचर मेले का शुभारंभ करने पर मुख्यमंत्री का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया और मुख्यमंत्री को क्षेत्र की समस्या से अवगत कराते हुए समस्याओं के निदान के लिए मांग पत्र भी सौंपा।

प्रसिद्ध गौचर मेले में पहले दिन ईष्ट रावल देवता की पूजा के बाद प्रातः स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकाली। मेलाध्यक्ष द्वारा झंडारोहण कर मार्चपास की सलामी ली गई। गौचर मेला मुख्य द्वार से चटवापीपल पुल तक एवं वापसी उसी रूट से होते हुये मुख्य मेला द्वार तक क्रास कण्ट्री दौड़ का आयोजन किया गया। खेल मैदान में बालक एवं बालिकाओं की दौड़, नेहरू चित्रकला प्रतियोगिता, शिशु प्रदर्शनी और शिक्षण संस्थाओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या पर रात्रि को डॉ. पम्मी नवल लोक गायिका द्वारा जागर संध्या की प्रस्तुति दी जाएगी। गौचर मेले में पारंपरिक पहाड़ी संस्कृति से सजा पांडाल मेलार्थियों के बीच खासे आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।

इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी, राज्य मंत्री हरक सिंह नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पहुंचे गैरसैंण, किया 142.25 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद की 142.25 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया, जिनमें 43.63 करोड़ की 27 विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 98.62 करोड़ रुपये की 33 विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। खेल, शिक्षा, कृषि और अन्य क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान आईटीबीपी, आईआरबी, नागरिक पुलिस, होमगार्ड, महिला आरक्षी, नागरिक पुलिस/फायर सर्विस तथा एनसीसी महिला दस्ते ने 46वीं वाहिनी पीएसी के बैंड की धुन पर शानदार रैतिक परेड का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने रैतिक परेड का निरीक्षण भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यवासियों को उत्तराखण्ड स्थापना की रजत जयंती की बधाई देते हुए देश की रक्षा में सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों तथा उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी अमर बलिदानियों और राज्य आंदोलनकारियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष के मुख्य कार्यक्रम में शिरकत कर राज्य का मान बढ़ाने का कार्य किया है। इस दौरान उन्होंने राज्य को 8,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी है और राज्य के विकास के लिए लक्ष्य भी निर्धारित किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य में तीर्थाटन विकास के लिए केदारखण्ड और मानसखण्ड में स्थित पौराणिक मंदिरों का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का भी भावपूर्ण स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने हमें नया राज्य देने के साथ ही विशेष औद्योगिक पैकेज प्रदान कर राज्य को नई दिशा और मजबूती दी थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गैरसैंण के विकास के लिए विभिन्न विकास योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। सारकोट गांव को गोद लेकर ग्रामीणों और विभागों के समन्वय से गांव को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही राज्य के समग्र विकास के लिए नई नीतियों और योजनाओं का नियोजन कर राज्य को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इसका परिणाम है कि उत्तराखण्ड राज्य आज देश की अनेक योजनाओं में अग्रणी राज्य के रूप में जाना जा रहा है। राज्य की विकास दर में तेजी से वृद्धि हुई है और कृषकों की आय में बढ़ोतरी हो रही है। राज्य में बेरोजगारी में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। सतत विकास सूचकांक में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान तथा मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवार्ड भी मिला है। केंद्र सरकार के सहयोग से बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य, हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में राज्य निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर माला मिशन, एक जिला एक मेला योजना और साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहन देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। भू-कानून लागू कर भू-माफिया पर अंकुश लगाया गया है। सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के “लोकल टू ग्लोबल” मंत्र को साकार करने में राज्य ने अग्रणी भूमिका निभाई है। इस दौरान उन्होंने गैरसैंण एवं आसपास के क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए मास्टर प्लान की डीपीआर तैयार कर कार्य करने की बात कही। साथ ही उन्होंने चौखुटिया, ज्योतिर्मठ और घनशाली को उड़ान योजना से जोड़ने की घोषणा की।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री एवं चमोली जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी, रानीखेत विधायक प्रमोद नैनवाल, कपकोट विधायक सुरेश गड़िया, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष बीकेटीसी ऋषि प्रसाद सती, राज्यमंत्री रामचंद्र गौड़, हरक सिंह नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष गणेश शाह, संदीप रावत, ब्लॉक प्रमुख गैरसैंण दुर्गा देवी, ग्राम प्रधान सारकोट प्रियंका नेगी, पूर्व कर्णप्रयाग विधायक एवं राज्य आंदोलनकारी सुरेंद्र सिंह, भाजपा महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

माणा गांव में सीएम धामी ने संबोधन कर कहा, “वाइब्रेंट गांवों की आर्थिकी को मिलेगा नया संबल”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देश के प्रथम गाँव माणा में आयोजित दो दिवसीय “देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025” के समापन समारोह में पहुँचे। इस आयोजन में स्थानीय समुदायों, पर्यटकों और गणमान्य अतिथियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। महोत्सव का संचालन भारतीय सेना एवं उत्तराखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

मुख्यमंत्री ने महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय जनता, सेना और प्रशासन के सुचारू समन्वय से यह आयोजन बेहद सफल रहा, जिसने सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिकी को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन व सेना द्वारा लगाए गए स्टालों एवं “नो योर आर्मी” प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी भारतीय सेना और आम जनता के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत करेगी। आर्मी द्वारा प्रदर्शित उपकरणों, मॉडल्स और सूचना सामग्री की उन्होंने विशेष सराहना की।

महोत्सव में स्कूली बच्चों ने पारंपरिक लोकनृत्य और गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार वितरित किए और कहा कि गढ़वाली लोक संस्कृति की ये झलकियाँ देवभूमि के असली गौरव को दर्शाती हैं। गढ़वाली बैंड, स्थानीय कलाकारों व कारीगरों के प्रदर्शन ने भी सभी का मन मोह लिया।

स्थानीय शिल्पकारों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में पारंपरिक बुनाई, लकड़ी के हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद, स्थानीय व्यंजन और अन्य धरोहर सामग्री को पर्यटकों द्वारा खूब सराहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के उद्देश्यों को मजबूती प्रदान करते हुए युवाओं और महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध करवाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि सर्दियों के मौसम में पर्यटन विकास, रोजगार सृजन, रिवर्स पलायन को बढ़ावा और सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में सहायक सिद्ध होगा।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने श्री बद्रीविशाल के दर्शन कर पूजा अर्चना की और प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

इस दौरान जिलाधिकारी गौरव कुमार पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय थपलियाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सैन्य अधिकारी व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

जनपद चमोली के सवाड़ गांव में केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने पर मिली स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के सवाड़ गांव में केन्द्रीय विद्यालय की स्वीकृति प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के साथ ही केन्द्रीय मंत्रीमण्डल का आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चमोली के प्रसिद्ध सवाड़ गांव में क्षेत्रीय जनता की मांग पर केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना के लिये उनके द्वारा निरन्तर अनुरोध किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि जनपद चमोली के सीमांत क्षेत्र में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना से इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को बेहतर गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध हो पायेगी तथा क्षेत्र को नई पहचान भी मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा का अनुकूल शैक्षिक वातावरण बनाने के लिए निरन्तर प्रयासरत है, इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण के साथ नवाचार से जोडा जा रहा है ताकि छात्रों को अच्छी शिक्षा के साथ शिक्षा का उचित माहौल उपलब्ध हो सके।

खटीमा से लेकर नंदानगर तक हर जगह जनता के बीच रहे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरा दिन जनसेवा में व्यतीत किया। इस दौरान वो ऊधमसिंह नगर से लेकर चमोली तक लोगों से मुलाकात करते हुए, उनकी समस्याओं का निराकरण करते नजर आए।

शनिवार सुबह नौ बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सबसे पहले खटीमा (ऊधमसिंहनगर) में आम लोगों से मुलाकात करते हुए अधिकारियों को जन समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने आपदा प्रभावित चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र का दौरा किया, जहां पीड़ितों से मिलकर उनके दुख दर्द को साझा किया, सीएम ने पीड़ितो को सहायता राशि प्रदान करने के साथ ही जीवन को फिर संवारने में सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने जनपद रुद्रप्रयाग और चमोली के अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण कर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर पुनर्निमाण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। यहां से लौटते समय सीएम ने श्रीनगर के पास धारी देवी के दर्शन करते हुए, प्रदेशवासियों की कुशलता के लिए प्रार्थना की। शाम को देहरादून लौटने पर मुख्यमंत्री धामी ने भाजपा नेताओं के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। साथ ही शासन को विभिन्न विषयों पर दिशा निर्देश दिए।

चमोली में सीएम ने प्रभावितों का दुःख साझा करते हुए हरसंभव सहायता का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के नंदानगर क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रभावितों का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राहत कार्याे की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुक़सान का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की सहायता राशि के चेक भी प्रदान किये।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित कुंतारी लगा फाली और कुंतारी लगा सरपाणी का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही धुर्मा, मोख, कुंडी, बांसबारा और मोखमल्ला गांवों का हवाई सर्वेक्षण कर आपदा से नुकसान एवं राहत कार्यों का विस्तृत जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों से भेंट कर कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावितों की साथ खड़ी है। प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन-जीवन को जल्द सामान्य करने के लिए राहत एवं बुनियादी सुविधाओं की बहाली के कार्यों को पूरी क्षमता व तत्परता से संचालित करने में निरंतर जुटे रहें। प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत एवं पेयजल की सुचारू आपूर्ति और सभी क्षेत्रों तक सड़क संपर्क बहाल करने के काम को प्राथकिता से पूरा किया जाय।

इस दौरान जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी ने आपदा से हुए नुकसान तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। अब तक 12 घायल व्यक्तियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से हायर सेंटर रेफर किया गया है, जिनमें से 01 घायल व्यक्ति को एम्स ऋषिकेश तथा 11 घायलों को मेडिकल कॉलेज श्रीनगर भेजा गया। कुंतरी लगा फाली, सरपाणी, धुर्मा, सेरा एवं मोख में लगभग 45 भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा 15 गौशालाएं भी नष्ट हुई हैं, वहीं इन क्षेत्रों में 08 पशु मृत एवं 40 पशु लापता बताए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में विस्तृत सर्वेक्षण का कार्य गतिमान है। प्रभावित लोगों को खाद्य सामग्री, आश्रय, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, एसडीएम चमोली आर.के.पाण्डेय सहित जनपद के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

पूर्व सीएम व गर्वनर ने सीएम धामी को दी जन्मदिन की बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आज उनके जन्मदिवस के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल माननीय भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री आवास, देहरादून पहुंच कर शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर कोश्यारी ने मुख्यमंत्री धामी को दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य तथा जनसेवा के पथ पर निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी ने अपने कार्यकाल में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सुशासन और जनकल्याण के लिए जो संकल्प लिया है, वह प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री धामी ने भी कोश्यारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह हमेशा से उनके मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोश्यारी जैसे वरिष्ठ नेताओं का आशीर्वाद और अनुभव उन्हें जनसेवा के कार्यों में ऊर्जा प्रदान करता है।
————
चमोली के सारकोट गांव में सादगी से मनाया गया सीएम का जन्मदिन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गोद लिए गए चमोली स्थित आदर्श ग्राम सारकोट में मुख्यमंत्री का जन्मदिन सादगीपूर्ण तरीके से मनाया गया। सारकोट के ग्रामवासियों ने ग्राम प्रधान प्रियंका नेगी के नेतृत्व में एक स्थान पर एकत्र होकर भजन कीर्तन, एवं ग्राम देवता के मंदिर में पूजा अर्चना कर मुख्यमंत्री की दीर्घायु की कामना की।

बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के सारकोट गांव गोद लेने के बाद यहां की तस्वीर बदली है। उन्होंने कहा गांव में स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के द्वार खुले हैं। महिलाओं ने मुख्यमंत्री को अपना भाई बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने एक भाई, बेटे के रूप में सारकोट ग्राम की सेवा की है, जिसके लिए ग्रामवासी उनके आभारी हैं।

प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर सेवा एवं जनकल्याण के कार्यक्रम सादगीपूर्ण तरीके से आयोजित किए गए। विभिन्न जिलों में आमजन ने जरूरतमंदों की सेवा, स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, रक्तदान शिविर जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से मुख्यमंत्री की दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना की।

गढ़वाल से लेकर कुमायूं तक दैवीय आपदा, बादल फटने की सूचना पर सीएम ने जिलाधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी ली

जनपद रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो।

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। सड़क, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी और बागेश्वर के जिलाधिकारियों से बादल फटने की घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी नैनीताल से भी मुख्यमंत्री ने बारिश और सड़कों की स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मानसून सीजन तक शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहे। जिलाधिकारियों द्वारा आपदा राहत कार्यों के लिए जो भी आवश्यक संसाधन और सुविधाएं अपेक्षित हों, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा शीघ्र उपलब्ध हो।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी. अंशुमान, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय तथा विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते उपस्थित रहे।