मुख्यमंत्री ने राज्य में योग नीति का किया औपचारिक शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण, गैरसैंण स्थित विधानसभा परिसर में 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण एवं 8 देशों के डेलिगेट्स के साथ योग किया। योग कार्यक्रम का शुभारंभ शंखनाद एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुआ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योग नीति पर आधारित पुस्तिका का विमोचन करते हुए राज्य में योग नीति का औपचारिक शुभारंभ भी किया। उन्होंने “एक वृक्ष, योग के नाम“ कार्यक्रम के अंतर्गत विधानसभा परिसर में सेब का पौधा भी लगाया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार शीघ्र ही प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना करेगी। उन्होंने कहा हम राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में दो नए नगर बसाने जा रहे हैं, जो योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के केंद्र बनकर वैश्विक मानचित्र पर राज्य की विशेष पहचान स्थापित करेंगे। जिसमें सम्पूर्ण विश्व से वेलनेस के क्षेत्र में काम करने वाले बड़े ग्रुप्स, आध्यात्मिक गुरुओं, संस्थानों को यहाँ आमंत्रित किया जायेगा।

सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र है भराड़ीसैंण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी विदेशी मेहमानों के सान्निध्य ने इस आयोजन को वैश्विक पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा भराड़ीसैंण, ग्रीष्मकालीन राजधानी होने के साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र भी है। उन्होंने कहा 8 मित्र राष्ट्रों के प्रतिनिधियों के साथ किया गया सामूहिक योगा- अभ्यास, देवभूमि उत्तराखंड को योग और अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाएगी योग नीति

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड देवभूमि के साथ योग और अध्यात्म की भूमि भी है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार ने देश की पहली योग नीति 2025 को राज्य में लागू किया है। योग नीति उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। जिसके तहत प्रदेश में योग एवं ध्यान केंद्र विकसित करने पर अधिकतम 20 लाख रुपए तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। प्रदेश में योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने हेतु 10 लाख रुपए तक के अनुदान का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार का संकल्प है कि 2030 तक राज्य में पाँच नए योग हब की स्थापना की जाए और मार्च 2026 तक राज्य के सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में योग सेवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

योग करता है एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग हमारे मन, आत्मा और शरीर के बीच पूर्ण सामंजस्य स्थापित करता है। योग हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मानव जीवन को आंतरिक शांति, मानसिक संतुलन और आध्यात्मिक स्थिरता प्रदान करता है। योग के विभिन्न आसनों और प्राणायाम से शरीर और मन को तनाव से मुक्त कर सकते हैं। योग मन की एकाग्रता बढ़ाने के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होता है।

योग ने किया विश्व को एक सूत्र में पिरोने का कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व, योग को जीवन दर्शन के रूप में भी अपना रहा है। योग ने पूरे विश्व में जाति, भाषा, धर्म और भौगोलिक सीमाओं को पार कर मानव समाज को जोड़ने का काम किया है। योग वैश्विक एकता, समरसता और बंधुत्व का सेतु बनकर समस्त विश्व को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच और प्रेरणादायक नेतृत्व ने योग को ग्लोबल कनेक्टिविटी और मानवता की सेहत का मंत्र बनाकर विश्व पटल पर एक नई पहचान दिलाई है।

पलायन की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में रोजगार सृजन और पलायन की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार ने स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अधिक से अधिक साधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में स्ट्रैटेजिक एडवाइजरी कमेटी का भी गठन किया है। ये कमेटी प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए नवाचार को बढ़ावा देने का कार्य करेगी। हम युवाओं को उनके कौशल के अनुरूप पहाड़ में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं।

विद्यार्थियों से मिलने उनके बीच पहुंचे मुख्यमंत्री

भराड़ीसैंण में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने से पहले मुख्यमंत्री विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने लोगों से संवाद कर उनका हालचाल जाना और छात्रों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर छात्रों में विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिला । मुख्यमंत्री ने सभी को योग के महत्व से अवगत कराया और स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत, भारत में मैक्सिको के राजदूत फेडेरिको सालास, मेक्सिको दूतावास में आर्थिक मामलों के प्रमुख रिकार्डाे डेनियल डेलगाडो, भारत में फिजी उच्चायोग के हाई कमिश्नर जगन्नाथ सामी, भारत में नेपाल के राजदूत डॉ शंकर प्रसाद शर्मा, भारत में सूरिनाम के राजदूत अरुणकोमर हार्डियन, भारत में मंगोलिया के राजदूत डंबाजाविन गैंबोल्ड, भारत में लातविया दूतावास में डिप्टी हेड ऑफ मिशन मार्क्स डीतॉन्स, भारत के श्रीलंका उच्चायोग के मिनिस्टर काउंसलर लक्ष्मेंद्र गेशन डिसनायके, रूसी दूतावास में प्रथम सचिव क्रिस्टिना अनानीना एवं तृतीय सचिव कैटरीना लज़ारेवा, विधायक अनिल नौटियाल, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. विनय रुहेला, सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

भाजपा नेता के उपचार को सरकार देगी मदद, उपचार के लिए सीएम ने फौरी तौर पर दी 50 हज़ार रुपये की धनराशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा की चमोली जिला ईकाई के नेता आशीष थपलियाल के उपचार के लिए 50 हज़ार की तत्कालिक धनराशि स्वीकृत की है। थपलियाल गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने थपलियाल की धर्मपत्नी से फोन पर बात की और उनसे कहा कि उपचार की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठायेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज भराड़ीसैंण में मौजूद हैं। कल उन्हें विश्व योग दिवस के अवसर पर भराड़ीसैंण में आयोजित योग अभ्यास कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करना है। चमोली जिला ईकाई के नेता आशीष थपलियाल के बीमारी की जानकारी मिलते ही धामी ने उनकी धर्मपत्नी से फोन पर बात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से पूछा। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वसत किया कि उनके पति के उपचार में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और इसकी पूरी व्यवस्था सरकार करेगी। फौरी तौर पर मुख्यमंत्री ने उनके उपचार के लिए 50 हज़ार की धनराशि भी स्वीकृत की है।

देश का प्रथम गांव माणा में शुरू हुआ पुष्कर कुंभ, दक्षिण भारत के श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

चमोली के सीमांत गांव माणा में स्थित केशव प्रयाग में 12 वर्षों बाद विधि विधान के साथ पुष्कर कुंभ का आयोजन शुरु हो गया है। जिसे लेकर बदरीनाथ धाम के साथ ही माणा गाँव में बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है। पुष्कर कुंभ के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन के साथ पुलिस प्रशासन की ओर से यहां तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि माणा गांव के केशव प्रयाग में आयोजित पुष्कर कुंभ को लेकर पैदल मार्ग का सुधारीकरण किया गया है। यहां पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न भाषाओं में साइन बोर्ड लगाए गए हैं। इसके साथ ही कुंभ के सुचारू संचालन के लिए जहां पैदल मार्ग पर पुलिस की तैनाती की गई है। वहीं संगम तट पर एसडीआरएफ के जवानों की तैनाती भी की गई है। उन्होंने बताया कि तहसील प्रशासन को पुष्कर कुंभ के आयोजन को लेकर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

बता दें कि, चमोली जिले के सीमांत गांव माणा में 12 वर्षों के बाद पुष्कर कुंभ का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक परंपरा के अनुसार जब 12 वर्षों में बृहस्पति ग्रह मिथुन राशि में प्रवेश करता है, तो माणा गांव स्थित अलकनंदा और सरस्वती नदियों संगम पर स्थित केशव प्रयाग में पुष्कर कुंभ का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में मुख्य रूप से दक्षिण भारत के वैष्णव मतावलम्बी प्रतिभाग करते हैं।

क्या है पुष्कर कुंभ का धार्मिक महत्व

हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माणा गांव के पास स्थित केशव प्रयाग में महर्षि वेदव्यास ने तपस्या करते हुए हिन्दू धर्म के पौराणिक ग्रंथ महाभारत की रचना की थी। यह भी कहा जाता है कि दक्षिण भारत के महान आचार्य रामानुजाचार्य और माध्वाचार्य ने इसी स्थान पर माँ सरस्वती से ज्ञान प्राप्त किया था। जिसके चलते अपनी पौराणिक परंपराओं के संरक्षण के लिए बद्रीनाथ धाम के समीप स्थित माणा गांव पहुंच कर केशव प्रयाग में स्नान कर पूजा अर्चना करते हैं।

तीर्थ स्थल न केवल हमारी धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि ये देश की एकता और सांस्कृतिक एकजुटता के भी प्रतीक हैं। विभिन्न स्थानों से आने वाले श्रद्धालु इन स्थलों पर एकत्र होकर एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार करते हैं। इसी क्रम में माणा गांव में आयोजित पुष्कर कुंभ, उत्तर को दक्षिण से जोड़ रहा है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

लाटू धाम में दर्शनोें के दौरान भारतीय सेना के शौर्य का सीएम धामी ने किया अभिनन्दन

चमोली के वांण गांव में सोमवार को पूजा अर्चना के बाद विधि विधान से सिद्ध पीठ लाटू मंदिर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए हैं। इस मौके पर माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लाटू धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना कर देश और राज्य की सुख समृद्धि और कल्याण की कामना की। उन्होंने कपाट खुलने के अवसर पर लाटू धाम पहुंचे सभी श्रद्धालुओं का स्वागत और अभिनन्दन किया।

मुख्यमंत्री ने लाटू मंदिर में पूजा अर्चना के बाद आयोजित सभा का आगाज मां नंदा और लाटू देवता के जयकारे के साथ किया। इस दौरान उन्होंने पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना की ओर से की गई कार्रवाई के लिए सैनिकों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में चार धाम के साथ-साथ तुंगनाथ, रुद्रनाथ, जागेश्वर, आदि कैलाश आदिबद्री जैसे अनेकों महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं। इसके साथ ही राज्य के छोटे-छोटे मंदिर राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण करते हैं।

मुख्यमंत्री ने लाटू धाम के ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्त्व की सराहना करते हुए कहा कि यह मंदिर हमारे हजारों वर्ष पुरानी परंपरा का प्रतीक है, आज का यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं है बल्कि यह आस्था, परम्परा और एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लाटू धाम के मंदिर में आँखों में पट्टी बांध कर दर्शन करने की परम्परा यह दर्शाती है कि आस्था सिर्फ आंखों से नहीं बल्कि हृदय से होती है। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखंड को भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाना चाहते हैं, जिसके लिए सरकार पौराणिक मंदिरों का जीर्णाेद्धार, सांस्कृतिक धरोहरों की पहचान कर संरक्षण करने के साथ ही मंदिरों के आस-पास सुविधाओं का विकास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में चारधाम यात्रा का संचालन किया जा रहा है। जो देश-दुनिया के सनातन मतावलम्बियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार चार धाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए हमारी सरकार ऑल वेदर रोड, चिकित्सा सुविधा, आपात समय में हेली सेवा उपलब्ध करवा रही है, जिससे चार धाम यात्रा पर आने वाले किसी भी तीर्थयात्री को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के लिए जहां ऑल वेदर रोड़ का निर्माण किया गया है वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का भी तेजी से निर्माण कार्य किया जा रहा है, इसके साथ ही धामों में यात्री सुविधा जुटाने के लिए बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में मास्टर प्लान का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार जनहित के लिए कड़े निर्णय ले रही है, उन्होंने कहा कि हमने राज्य की जनता से समान नागरिक सहिंता लागू करने का वादा किया था, जिसे सरकार ने निभाया है। इसके साथ ही राज्य में धर्मान्तरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून और सख्त भू-कानून लाकर भू माफियाओं पर शिकंजा कसने का काम किया है।

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जहां लाटू धाम के विकास के लिए योजना बनाकर कार्य करने का आश्वासन दिया, वहीं कुलसारी में उप जिला चिकित्सालय के निर्माण, बाढ़ सुरक्षा कार्य और हेलीपेड निर्माण को लेकर कार्य करने की बात कही, साथ ही उन्होंने स्थानीय जनता को विधायक की सभी मांगों को दीर्घकालीन, मध्यकालीन और अल्प समयावधि की योजनाओं में शामिल करने की बात कही। इस दौरान आगामी 2026 में आयोजित होने वाली माँ नंदा देवी राजजात यात्रा के लिए सड़कों के साथ ही पार्किंग और यात्री सुविधाओं के विकास करने के लिए योजनाबद्ध कार्य करने की भी बात कही।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को मां नंदा देवी राजजात यात्रा के आयोजन को लेकर किए जाने वाले कार्यों को योजनाबद्ध और समयबद्ध तरीके से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजजात यात्रा के कार्यों को लेकर सभी स्तरों पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। सभी के सहयोग से आगामी 2026 में आयोजित होने वाली राजजात यात्रा को भव्य और दिव्य स्वरूप आयोजित किया जाएगा।

इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, जड़ी-बूटी सलाहाकार समिति के उपाध्यक्ष बलबीर घुनियाल, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, आयोजन समिति के अध्यक्ष कृष्णा सिंह, ब्लॉक प्रशासक दर्शन दानू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य कृष्णा सिंह, जिलाधिकारी संदीप तिवारी, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

मुख्य सचिव बर्द्धन ने बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के कार्यों का किया निरीक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन अपने तय कार्यक्रमानुसार बद्रीनाथ पहुंचे। मुख्य सचिव ने बद्रीनाथ में चल रहे मास्टर प्लान कार्यों निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एराइवल प्लाजा, सिविक एनीमिटी सेंटर, बद्रीश व शेष नेत्र झील, रिवर फ्रंट और हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होने कार्यदायी संस्था को सिविक एमिनिटी सेंटर, एराइवल प्लाजा और टूरिज्म मैनेजमेंट सेंटर का मई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।उन्होने कार्यदायी संस्था को हॉस्पिटल को अगस्त तक हैंडओवर करने और रिवर फ्रंट के एफ व जी फेस के कार्य को जल्द ही पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान कार्यों की प्रगति की जानकारी दी जिलाधिकारी ने बताया कि पेयजल, बिजली आपूर्ति, शौचालयों का कार्य पूरा कर लिया गया है साथ ही कहा कि मास्टर प्लान के तहत ब्रह्म कपाल, रिवर फ्रंट, आस्था पथ, अराइवल प्लाजा, दर्शन लाइन का कार्य कपाट खुलने तक पूरा कर लिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि धाम में पहुंचे व्यापारियों और अन्य लोगों के बिजली और पानी के कनेक्शन का संयोजन भी शुरू कर लिया गया। उन्होंने बताया कि धाम में सुलभ इंटरनेशनल की ओर से शौचालयों को दुरुस्त कर लिया गया है।

जिलाधिकारी ने मुख्य सचिव को जानकारी देते हुए बताया कि धाम के आंतरिक मार्गों का सुधारीकरण भी तेजी से किया जा रहा है। नगर सफाई की व्यवस्था को लेकर पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है। साथ ही धाम में क्षतिग्रस्त पैदल मार्गों का सुधारीकरण किया जा रहा है। जिसका कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। पुलिस की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि धाम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस के जवानों के साथ साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है।

इस दौरान पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे, उपजिलाधिकारी जोशीमठ सीएस वशिष्ट, अधीक्षण अभियंता पीडब्लूडी राजेश चन्द्रा, बीकेटीसी सीईओ विजय थपलियाल मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अभिषेक गुप्ता, पीआईयू के सहायक अभियंता सन्नी पालीवाल सहित यात्रा व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारी मौजूद थे।

माणा समीप घटना पर पीएम ने फोन पर मुख्यमंत्री से की बात, हर संभव मदद का भरोसा दिया

माणा के पास हिमस्खलन की चपेट में आए 17 अन्य श्रमिकों का शनिवार सुबह रेस्क्यू कर लिया गया है। उन्हें सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। अब तक कुल 50 श्रमिकों का रेस्क्यू किया जा चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं इस रेस्क्यू अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। शनिवार को सुबह माननीय मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का हवाई सर्वेक्षण किया और ज्योतिर्मठ में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि 05 श्रमिकों की खोजबीन के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा रहा है।

घटनास्थल का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधे यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रेस्क्यू अभियान को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव दलों ने सराहनीय कार्य करते हुए अब तक 50 लोगों का रेस्क्यू कर लिया है। हिमस्खलन में फंसे 05 और श्रमिकों की खोजबीन के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फोन पर रेस्क्यू अभियान को लेकर अपडेट लिया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी श्रमिकों की सुरक्षित निकासी के लिए चिंतित हैं और नियमित अपडेट ले रहे हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री, गृह मंत्री तथा रक्षा मंत्री का आभार जताया।

उन्होंने बताया कि 05 कंटेनरों को ट्रेस कर श्रमिकों को सुरक्षित निकालने में राहत और बचाव दलों को सफलता मिली है। अत्यधिक बर्फ होने के कारण 03 कंटेनर ट्रेस नहीं हो पा रहे हैं। आर्मी, आईटीबीपी द्वारा इन कंटेनरों का पता लगाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। कंटेनरों की तलाश के लिए आर्मी के स्निफर डाग्स की तैनाती की गई है। आर्मी की 03 टीमों द्वारा सघन पेट्रोलिंग की जा रही है। दिल्ली से सेना की जीपीआर रडार ;ग्राउण्ड पेनीट्रेशन रडारद्ध मंगवाई गई है, जो बर्फ के अंदर कंटेनरों को ट्रेस करने में मदद करेगी।

उन्होंने बताया कि घायल श्रमिकों के इलाज के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। माणा और ज्योतिर्मठ में सेना के अस्पताल में घायल श्रमिकों का उपचार किया जा रहा है। एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के साथ ही स्थानीय सीएचसी और पीएचसी को एलर्ट पर रखा गया है। इस अवसर पर सलाहकार समिति, आपदा प्रबन्धन विभाग के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, जीओसी उत्तराखण्ड सब-एरिया मेजर जनरल प्रेम राज, आईटीबीपी के आईजी संजय गुंज्याल, आईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप, यूएसडीएमए के एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक अभिषेक आनंद, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे।

सड़क निर्माण के कार्य कर रहे श्रमिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजें-सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उन्होंने शनिवार सुबह बदरीनाथ क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने बताया कि वहां पर अत्यधिक बर्फबारी हो रही है तथा 06 से 07 फीट तक बर्फ जमा है। उन्होंने आने वाले दिनों में हिमस्खलन की संभावना के दृष्टिगत जिन स्थानों में श्रमिक कार्य कर रहे हैं, वहां से उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास को एवलांच की संभावनाओं के दृष्टिगत एडवाइजरी जारी करने को कहा।

जल्द बहाल की जाए संचार व्यवस्था-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि भारी बर्फबारी के कारण जिन गांवों से सम्पर्क नहीं हो पा रहा है, उनसे तुरंत सम्पर्क किया जाए। प्रशासन की टीम को वहां भेजा जाए और उन्हें जिन चीजों की आवश्यकता हो, तुरंत भेजी जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां राशन, दवाइयों के साथ ही अन्य जरूरी सामग्रियों की उपलब्धता है। उन्होंने बदरीनाथ क्षेत्र में संचार व्यवस्था, फोन तथा इंटरनेट को तुरंत बहाल करने और जिन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बाधित हो गई है, वहां सेटेलाइट फोन भेजने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जिन गांवों में बिजली बाधित है, वहां जल्द विद्युत व्यवस्था को बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

औली के रिसोर्ट में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजें
अत्यधिक बर्फबारी के कारण हिमस्खलन की संभावनाओं के मद्देनजर औली, हर्षिल आदि अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के विभिन्न रिसार्ट में रह रहे सैलानियों को सुरक्षा के दृष्टिगत सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाएगा। माननीय मुख्यमंत्री ने सैलानियों से अगले तीन दिन इन क्षेत्रों में यात्रा न करने की अपील की है। साथ ही स्थानीय प्रशासन को सुरक्षा के दृष्टिगत सभी जरूरी एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं।

अलकनंदा में पानी जम रहा, मा0 मुख्यमंत्री ने रेकी के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि हवाई सर्वेक्षण के दौरान उन्हें यह आभास हुआ कि भारी बर्फबारी के कारण अलकनंदा नदी जम सी गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेकी कर इसकी जांच की जाए कि कहीं इससे कोई खतरा तो नहीं हैघ् उन्होंने विशेषज्ञ संस्थानों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने तथा यदि कोई खतरे की स्थिति हो तो तुरंत सुरक्षात्मक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने एरियर सर्वे, मैनुअल सर्वे तथा सेटेलाइट सर्वे कर जल्द रिपोर्ट देने को कहा है।

रेस्क्यू अभियान की स्वयं निगरानी कर रहे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विगत दिवस से लगातार रेस्क्यू अभियान की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। दिनांक 28 फरवरी 2025 को दो बार मुख्यमंत्री द्वारा राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का भ्रमण किया गया। शुक्रवार रात को भी मा0 मुख्यमंत्री ने कंट्रोल रूम पहुंचकर इस पूरे अभियान की समीक्षा की। वहीं शनिवार को घटनास्थल का हवाई सर्वेक्षण करने के उपरांत मुख्यमंत्री सीधे कंट्रोल रूम पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की।

संचार व्यवस्था क्यू.डी.ए से की जा सकती है बहाल-रिद्धिम
बैठक में आईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि जिन स्थानों में संचार सेवाएं बाधित हो गई हैं, वहां क्यू.डी.ए ;क्विक डिप्लायमेंट एंटीनाद्ध स्थापित कर संचार व्यवस्था को बहाल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि एसडीआरएफ द्वारा बर्फ के कारण अवरुद्ध मार्गों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।

युद्धस्तर पर संचालित है रेस्क्यू अभियान, कंट्रोल रूम से हो रही मॉनीटरिंग
आज दिनांक 01 मार्च 2025 को वायु सेवा का एक एम.आई.-17 हेलीकॉप्टर, तीन चीता हेलीकॉप्टर, उत्तराखण्ड सरकार के 02 हेलीकॉप्टर, एम्स ऋषिकेश से एक एयर एंबुलेंस राहत एवं बचाव कार्य में लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने आवश्यकता पड़ने पर और अधिक हेलीकॉप्टर लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को दोपहर 03 बजे तक माणा/बद्रीनाथ से रेस्क्यू किये गये लोगों में से 29 लोगों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से जोशीमठ लाया गया, जिनका उपचार आर्मी हॉस्पिटल में किया जा रहा है।

राहत एवं बचाव कार्य में बद्रीनाथ में लगभग 200 लोग कार्य कर रहे हैं। इनमें आपदा प्रबंधन सेना, आइ.टी.बी.पी. बी0आर0ओ0, एन0डी0आर0एफ, एस0डी0आर0एफ, जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, वायु सेवा यूकाड़ा, अग्निशमन विभाग, खाद्य विभाग, द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है।माणा स्थित आर्मी बेस कैम्प के पास आर्मी हैलीपैड़ को तैयार कर लिया गया है। बद्रीनाथ स्थित आर्मी हैलीपैड़ पर 6-7 फीट बर्फ है जिसे हटाये जाने की कार्यवाही की जा रही है। बद्रीनाथ के पास बर्फबारी के कारण अभी भी 5-6 कि0मी0 रास्ता बंद है, जिसे खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देशन में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सभी के साथ समुचित समन्वय किया जा रहा है। लगातार राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से नियमित तौर पर पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है तथा सभी विभागों के आपसी समन्वय से युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। लामबगड़ से आगे कई स्थानों पर रास्ता बंद होने के कारण रैस्क्यू टीमों को घटना स्थल पर जाने में परेशानी हो रही है।

मुख्यमंत्री के प्रभावी नेतृत्व, कुशल मार्गदर्शन एवं प्रबन्धन में सभी विभाग पूरी निष्ठा, समर्पण तथा प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। राहत टीमें पूरे उत्साह के साथ ग्राउंड जीरो पर राहत और बचाव कार्यों को संचालित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने ली सारकोट की माहेश्वरी के उपचार की जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर चमोली के सारकोट गांव निवासी महेश्वरी देवी का उपचार किया जा रहा है। जिसे लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी संदीप तिवारी से उनके उपचार के साथ ही अन्य सुविधाओं के विषय में विस्तृत जानकारी ली।

जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट निवासी महेश्वरी देवी का उपचार मुख्यमंत्री के निर्देशों पर एम्स ऋषिकेश से करवाया जा रहा है। साथ ही उनकी नियमित जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में जाकर जांच कर रही है। चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य में सुधार बताया है। कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से उन्हें दवाइयों के साथ ही पोषाहार भी समय-समय पर आवश्यकतानुसार उपलब्ध करवाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि सारकोट गांव में विकास कार्यों को गति देने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए है। जिसके तहत गांव में उद्यान, कृषि, पशुपालन सहित सभी विभागों के अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग कर कार्य किए जा रहे है। कहा कि मुख्यमंत्री शीघ्र ही सारकोट में किए जा रहे विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे।

सरकोट निवासी माहेश्वरी देवी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर मिल रहे उपचार के लिए मुख्यमंत्री के साथ ही जिला प्रशासन के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

माता-पिता का साया खोने वाले खैनुरी के तीन अनाथ बच्चों की मदद को मुख्यमंत्री धामी ने बढाया हाथ

चमोली जिले के खैनुरी गांव में माता-पिता का साया खोने के बाद परेशानियों में जीवन यापन कर रहे तीन अनाथ बच्चों की मदद को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाथ बढाया है। मामला संज्ञान में आने पर मुख्यमंत्री ने चमोली प्रशासन की टीम के माध्यम से अनाथ बच्चों के भरण पोषण और सर्दी से बचाव के लिए आवश्यक सामग्री पहुंचाई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर रविवार को चमोली प्रशासन की टीम ने खैनूरी गांव पहुंच कर मुख्यमंत्री द्वारा बच्चों के लिए भेजी गई आवश्यक वस्तुएं उन्हें उपलब्ध कराई। वहीं मुख्यमंत्री ने अनाथ बच्चों के लिए सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

गौरतलब है कि खैनुरी गांव निवासी नैन सिंह की अक्तूबर माह में बीमारी से मृत्यु हो गई। जबकि उनकी पत्नी स्वर्गीय कुसम देवी की मृत्यु वर्ष 2020 में हो गई थी। ऐसे में उनकी दो बेटियां संजना और साक्षी के साथ ही बेटा आयुष बेसहारा हो गए। हालांकि गांव के ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह के साथ ही ग्रामीणों की ओर से बच्चों को सहारा दिया जा रहा है। लेकिन माँ-पिता का साया सर से उठने के चलते बच्चों के सम्मुख आर्थिक संकट खड़ा हो गया। ऐसे में मामले की जानकारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मिलने पर उन्होंने जिला प्रशासन को बच्चों की त्वरित सहायता करते हुए अन्य व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। जिस पर रविवार को उप राजस्व निरीक्षक अनुज बंडवाल के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने बच्चों के घर पहुंच कर सर्दी से बचाव के लिए बच्चों को कम्बल, गर्म कपड़े, फल और पोषण की अन्य सामग्री उपलब्ध कराई। इस दौरान राजस्व निरीक्षक ने बच्चों के आवास और शौचालय का निरीक्षण भी किया। उन्होंने सरकार और प्रशासन की ओर से बच्चों को हर संभव मदद करने का भरोसा दिया है।

बिना प्रोटोकॉल और बिना सुरक्षा के गैरसैण पहुंचे धामी, करेंगे रात्रि प्रवास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव प्रचार के विभिन्न कार्यक्रमों और जनसंवाद के बाद बिना किसी प्रोटोकॉल व सुरक्षा के अचानक गैरसैंण पहुंच गए।

मुख्यमंत्री के इस अप्रत्याशित आगमन की खबर जैसे ही गैरसैंण के अधिकारियों को मिली, वे हैरान रह गए। यह इसलिए भी खास है क्योंकि राज्य गठन के बाद से अब तक किसी मुख्यमंत्री ने इस तरह बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम या सूचना के गैरसैंण का दौरा नहीं किया। लेकिन मुख्यमंत्री धामी का बार-बार गैरसैंण आना उनके इस क्षेत्र के प्रति विशेष संवेदनशीलता और लगाव को दर्शाता है। यह उनके नेतृत्व की समर्पित सोच और जमीनी जुड़ाव को रेखांकित करता है।

चमोली में सीएम ने किया 4.93 करोड़ की लागत से नवनिर्मित उप संभागीय परिवहन कार्यालय भवन का लोकार्पण

गौचर में 72वॉं राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले का आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गौचर मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चमोली में 4.93 करोड़ की लागत से नवनिर्मित उप संभागीय परिवहन कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने पोखरी में रानौ-सिमखोली मोटर मार्ग, काफलपानी से भरतपुर तक मोटर मार्ग विस्तारीकरण, जिलासू-सरणा मोटर मार्ग निर्माण, चमोली प्रेस क्लब को कक्ष निर्माण हेतु 10 लाख की स्वीकृति, आगामी नंदा देवी राजजात यात्रा के लिए ढांचागत सुविधाओं के विकास हेतु माह दिसंबर में उच्च स्तरीय बैठक कराने और पोखरी में पॉलिटेक्निक भवन निर्माण कार्य पूरा कराने की घोषणा भी की।

गौचर मेले में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गौचर मेला संस्कृति, बाजार तथा उद्योग तीनों के समन्वय के कारण एक प्रसिद्ध राजकीय मेला है। मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक गौचर मेले के शुभारंभ पर सबको बधाई देते हुए कहा कि सात दशकों से अधिक समय से इस मेले का आयोजन हमारे राज्य और सब क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है। गौचर मेला हमारे राज्य के प्रमुख ऐतिहासिक मेलों में से एक है, जिसमें सरकार की विभिन्न विभाग सक्रिय होकर प्रतिभाग करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले हमारे जीवन में बहुत विशेष स्थान रखते हैं। मेलों के माध्यम से समृद्ध परंपराएं को संजोने में सहायता मिलती है। साथ ही मेले, मनोरंजन और सामाजिक मेल मिलाप मे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गौचर का मेला अन्य मेलों और विशेष है। यह मेला हमारी संस्कृति को संजोने एंव व्यापारिक गतिविधियों को भी एक बड़ा मंच प्रदान करता आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक ओर भारत में सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा रहा है। वहीं वोकल फार लोकल, मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया जैसे पहलुओं के माध्यम से हमारे स्थानीय उद्योगों और स्वयं सहायता समूह में काम करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने का काम किया जा रहा है। इस दिशा में हमारी सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत भी की है। जिसमें स्थानीय उत्पादों को राज्य में ही नहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि पहाड़ों से हो रहे पलायनों को रोका जाए तथा गांव में पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर प्रदान किया जाए। राज्य सरकार के प्रयासों से फिल्म शूटिंग के लिए भी उत्तराखंड एक बहुत ही पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है। वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी उत्तराखंड ने एक बड़ी पहचान स्थापित की है। सरकार द्वारा पर्वतीय क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए वैलनेस, आईटी और सौर ऊर्जा जैसे विशेष सेक्टर पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में गोचर में हेली सेवा की शुरुआत की गई है। जिससे इस क्षेत्र में पर्यटन अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी। आपदा के समय में भी इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प के मूल मंत्र के साथ निरंतर काम कर रही है। सीएम ने कहा कि आपका मुख्य सेवक आपको विश्वास दिलाता है कि जब तक उत्तराखंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य नहीं बन जाएगा, हम चेन से नही बैठेंगे। मुख्यमंत्री ने मेले को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए जिला प्रशासन की सराहना भी की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने पर वरिष्ठ पत्रकार क्रांति भट्ट को पं0 गोविन्द प्रसाद नौटियाल स्मृति सम्मान और श्री गुरू राम राय एजुकेशन मिशन देहरादून को शिक्षा और साहित्य प्रसार के लिए पंडित महेशानन्द नौटियाल स्मृति सम्मान से सम्मानित किया।

गौचर मेले में पहले दिन ईष्ट रावल देवता की पूजा के बाद प्रातः स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकाली। मेलाध्यक्ष द्वारा झंडा रोहण कर मार्च पास्ट की सलामी ली गई। खेल मैदान में बालक एवं बालिकाओं की प्रतियोगात्मक दौड़, नेहरू चित्रकला प्रतियोगिता, शिशु प्रदर्शनी और शिक्षण संस्थाओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। खेल विभाग के तत्वावधान में जनपद स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता शुरू हुईं। मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या पर रात्रि को लोक गायक सुशील राजश्री, अमति खरे और अंजलि खरे द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएंगी। गौचर मेले में पारंपरिक पहाड़ी संस्कृति से सजा पंडाल मेलार्थियों के बीच खास आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।

राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट और कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों सराहना करते हुए कहा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य का विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है।

क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल ने गौचर मेले का शुभारंभ करने पर मुख्यमंत्री का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया। विधायक ने कर्णप्रयाग विधानसभा सभा क्षेत्र में बेस चिकित्सालय की स्वीकृति, गौचर पेयजल योजना के लिए 35 करोड़ की स्वीकृति, मिनी स्टेडियम निर्माण, गौचर चिकित्सालय का उच्चीकरण, प0दीनदयाल उपाध्याय पार्क का सौन्दर्यीकरण सहित अनेक विकास कार्याे के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कर्णप्रयाग में स्थित उमा देवी मंदिर में आस्था पथ निर्माण सहित कई विकास कार्याे के लिए अपना मांग पत्र भी दिया।

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश मैखुरी, राज्यमंत्री रमेश गडिया, ब्लाक प्रमुख चन्द्रेश्वरी रावत, आईजी गढवाल के. एस नगन्याल, जिलाधिकारी/मेलाध्यक्ष संदीप तिवारी, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी नंदन कुमार, मेलाधिकारी संतोष कुमार पांडेय समेत बड़ी संख्या में मेलार्थी मौजूद थे।