तीन जिलों में बाल लिगांनुपात में कमी आने पर सीएम चिंतित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ’बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ‘ साइकिल रैली का हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि यह साइकिल यात्रा नहीं है वरन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का एक जन जागरूकता कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 21 जनवरी 2015 हरियाणा से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत की। जिसके सकारात्मक परिणाम आज हमारे सामने है। इस अभियान के बाद हरियाणा में लिंगानुपात में तेजी से सुधार हुआ है। उन्होंने कहा प्रदेश एवं समाज के विकास के लिए महिलाओं को पुरूषों के समान अधिकार मिलना जरूरी है। महिलाओं के विकास के बिना पूर्ण विकसित समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़, हरिद्वार एवं चम्पावत जिलों में बाल लिगांनुपात में कमी आने पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल लिगांनुपात को बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने होंगे। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है जिसके लिये व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर हमें उनके इस सपने को साकार करना होगा। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्य के नेतृत्व में रेसकोर्स से हरकी पैड़ी तक 55 किमी की इस जागरूकता अभियान में 120 लोगों द्वारा साइकिल यात्रा की जा रही है, जिसमें 30 महिलाएं भी शामिल है। राज्य मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं महिला सशक्तीकरण के उद्देश्य से पूर्ण सुरक्षा के साथ साइकिल यात्रा की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस साइकिल यात्रा के माध्यम से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का व्यापक स्तर पर जन संदेश पहुंचाना है। इस जागरूकता साइकिल रैली में अन्तर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी एकता बिष्ट, मिस उत्तराखण्ड नेहा राज एवं एथलीट हरेन्द्र ने भी प्रतिभाग किया।

कोई हटा नहीं सकता, चूंकि सरकार हमारी!

कहते हैं, जिसकी लाठी उसकी भैंस। यह कहावत सटीक बैठती है, जहां सत्ता का डर दिखाकर डराया व धमकाया जाता है, मगर शायद वह यह भूल जाते है, कि सरकार हर उस आम नागरिक की होती है, जिसे वह चुनकर सत्ता पर बैठाती है। सरकार पूरे राज्य की जनता की होती है, न की किसी व्यक्ति विशेष की।
चंपावत में एक ऐसा मामला सामने देखने को आया है, जहां दो नाली जमीन खरीद कर 13 नाली पर कब्जा कर आने-जाने वालों के रास्ते बंद कर दिए। जब बगल में एक फौजी ने जमीन खरीद कर रास्ता बनाने की कोशिश की तो प्रबंधक बच्चों संग धरने पर बैठ गया।
प्रबंधक ने कहा कि हमारा स्कूल हट नहीं सकता है, क्यों कि सरकार हमारी है। हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता है।
आपको बता दें कि जब बाराकोट निवासी फौजी रमेश नाथ ने आरएसएस द्वारा संचालित स्कूल के पास तीन नाली जमीन खरीद कर रास्ता बनाने लगा तो स्कूल प्रबंधक ने मना कर दिया। प्रबंधक ने कहा कि यह मेरी जमीन है। इसमें रास्ता कैसे बनेगा। इस पर फौजी रमेश ने घटना की शिकायत एसडीएम सीमा विश्वकर्मा से कर रास्ता देने की मांग की। जब एसडीएम ने पटवारी व कानूनगो को मामले की जांच के लिए भेजा तो पता चला कि स्कूल प्रबंधक ने दो नाली 10 मुट्ठी जमीन खरीदी थी। जबकि उसका भवन चार नाली व दो से तीन नाली में फिल्ड समेत करीब 13 नाली सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था। पास में ही विष्णु दत्त नाम के व्यक्ति ने एक नाली जमीन खरीद कर दो नाली सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। पटवारी ने एसडीएम को घटना की जानकारी दी। एसडीएम ने पटवारी ने तीन फिट रोड बनाने का आदेश दिया। जब फौजी सड़क बनाने लगा तो स्कूल प्रबंधक बच्चों संग हंगामा करने लगा।