कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने ऋषिकेश में शिवभक्तों पर की पुष्पवर्षा

सावन मास के दूसरे सोमवार को कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने तीर्थ यात्रा पर कांवड़ लेकर आये शिव भक्तों पर पुष्प बरसाए। इस मौके पर उनकी कुशल भी जानी।
सोमवार को बैराज मार्ग पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने देश के अलग-अलग जगहों से कांवड़ लेकर आये शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा की। उन्होंने कहा कि सावन मास सबसे पवित्र महीना है, यह भगवान शिव को समर्पित है। इस माह में भगवान शिव की पूजा का विशेष फल मिलता है। इस पूरे माह पर देशभर से श्रद्धालु कांवड़ में गंगाजल भरने हरिद्वार पहुंचते है और भगवान नीलकंठ के दर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अव्यवस्था न फैले, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए है, पुलिस प्रशासन का अच्छा व्यवहार व खान पान की व्यवस्था सरकार की कांवड़ यात्रा को लेकर आस्था को दर्शाती है। उन्होंने कांवड़ लेकर तीर्थ नगरी पहुंचे शिव भक्तों से उनकी कुशल भी जानी।
उन्होंने शिव भक्तों का स्वागत करते हुए आभार जताया और यात्रा की मंगल कामना की। वहीं, शिव भक्तों ने सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल का अभिवादन स्वीकारते हुए सरकार की व्यवस्था की प्रशंसा की।
इस मौके पर मण्डल अध्यक्ष ऋषिकेश भाजपा दिनेश सती, वीरभद्र मंडल अध्यक्ष अरविंद चौधरी, महामंत्री सुमित पंवार, सुंदरी कंडवाल, निर्मला उनियाल, आरती दुबे, सुनील यादव, अविनाश सेमल्टी, बृजेश शर्मा, उषा जोशी, अनिता तिवारी, रीना शर्मा, शिव कुमार गौतम, राकेश चंद, राहुल दिवाकर, सदानंद यादव, राजकुमार, रविन्द्र बिरला, जगावर सिंह, साकेत शर्मा, माया घले, पुलिस क्षेत्राधिकारी और नगर कोतवाल आदि मौजूद रहे।
इससे पहले मंत्री डॉ अग्रवाल ने वीरभद्र महादेव मंदिर में धर्मपत्नी शशिप्रभा अग्रवाल के साथ सावन के दूसरे सोमवार को जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने पिपलेश्वर महादेव मंदिर पर भी दुग्धाभिषेक किया। उन्होंने भगवान शंकर से प्रदेश की उन्नति की कामना की।

आईएससी 12वीं की परीक्षा में टॉप करने वाले छात्र को सम्मानित किया

आईएससी 12वीं की परीक्षा में 99.5 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे देश में दूसरे स्थान व उत्तराखंड में टॉप करने वाले छात्र संस्कार ध्यानी को कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने बधाई दी है। डॉ अग्रवाल ने मेधावी संस्कार को सम्मानित भी किया।
सोमवार को मंत्री डॉ अग्रवाल ने मेधावी संस्कार ध्यानी के गंगानगर स्थित निवास स्थान पर पुष्प गुच्छ, शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह भेंटकर मुँह मीठा कराया। उन्होंने कहा कि संस्कार ने पूरे देश में स्कूल, क्षेत्र और राज्य का नाम रोशन किया है, कहा कि संस्कार से अन्य छात्रों को आगे बढ़ने में प्रेरणा मिलेगी। कहा कि मेहनत के दम पर हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। कठिन परिश्रम सफलता की कुंजी होती है, कहा कि संस्कार ध्यानी ने मोबाइल का सदुपयोग कर एक मिसाल भी कायम की है।
उन्होंने अगले वर्ष बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए सन्देश दिया। कहा कि अभी से पूरी तन्मयता के साथ पढ़ाई में जुट जाए। प्रतिदिन हर विषय को समय दें, इंटरनेट का प्रयोग नोट्स बनाने में ही करें। माता-पिता, गुरुजनों और बड़ो का सम्मान करें।
इस अवसर पर संस्कार ध्यानी के परिजनों को डॉ अग्रवाल ने बधाई भी दी। इस अवसर पर संस्कार के पिता गणेश ध्यानी, माता मंजू ध्यानी, अतुल पूंजी, पूर्व सभासद सुमित पंवार आदि उपस्थित रहे।

दरबंद बिरादरी ने पांच हजार को लोगों को खीर का प्रसाद बांटा

दरबंद बिरादरी ऋषिकेश द्वारा आज सावन के दूसरे सोमवार को खीर प्रसाद का वितरण भोले नाथ के भक्तो और कावड़ियों को किया गया। जिसमें लगभग पांच हजार से ज्यादा लोगों को खीर प्रसाद वितरित की गयी।
सोमवार को हरिद्वार रोड स्थित खीर वितरण कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेम चंद्र अग्रवाल ने पहुँच कर बिरादरी के इस नेक कार्य के लिए बिरादरी को शुभकामनाएं दी। कहा कि सरकार और प्रशासन द्वारा कावड़ मेले के लिए सभी तरह से चाक चौबंद इंतजाम किये गये है, जो की आमजन की भागीदारी के बिना पूर्ण नहीं हो सकते।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि दरबंद बिरादरी तथा अन्य सामाजिक संस्थाएं जिस तरह से सरकार का साथ दे रही है, पूर्ण विश्वास है की सरकार और प्रशासन इस कांवड़ मेले को निर्विघ्न रूप से निपटाने में सफल होंगी।
इस मौके पर बिरादरी के अध्यक्ष पाली डंग एवं महासचिव राजेश अरोड़ा ने बताया कि बिरादरी द्वारा समय समय पर समाज सेवा के कार्य किए जाते रहें हैं, बिरादरी द्वारा मनीराम मार्ग पर बिरादरी भवन में होम्यो पेथी क्लिनिक का सफल रूप से संचालन किया जा रहा हैं। इसी कड़ी में कावड़ियों को खीर वितरण का कार्यक्रम किया गया हैं।
इस अवसर पर बिरादरी के वरिष्ठ सदस्य हरिकिशन अरोड़ा, सुभाष अरोड़ा, गोवर्धन लाल चावला, नंद किशोर बत्रा, अमन सदाना, महेश डंग, योगेश पाहवा, हरिश अरोड़ा, मनोज कालड़ा, दिलीप अरोड़ा, ओमप्रकाश बत्रा आदि उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य विभाग ने एडवायजरी जारी कर सावधानी बरतने के दिये निर्देश

उत्तराखंड में कोरोना ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश में तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के लिए एडवायजरी जारी की है। प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ राजेश कुमार ने जिला अधिकारियों को दिए कोरोना को लेकर दिशा निर्देश दिए हैं।
बता दें, प्रदेश में बीते 24 घंटे के भीतर प्रदेश में 142 नए संक्रमित मिले हैं। जबकि 38 मरीज ठीक हुए हैं। सक्रिय मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में फिलहाल 1140 कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक रविवार को 914 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।
वहीं, देहरादून जिले में सबसे ज्यादा 94, हरिद्वार में छह, नैनीताल में 15, अल्मोड़ा और पौड़ी में दो-दो, चमोली व चंपावत में एक-एक, टिहरी में सात, ऊधमसिंह नगर में तीन व उत्तरकाशी में 11 संक्रमित मरीज मिले हैं। प्रदेश की रिकवरी दर 94.96 प्रतिशत और संक्रमण दर 3.45 प्रतिशत दर्ज की गई।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई एडवायजरी
-सामाजिक दूरी का पालन करना और मास्क पहनना जरूरी।
-कोरोना के लक्षण वाले रोगियों को होम आइसोलेशन में रखा जाए।
-कोविड-19 टीकाकरण कवरेज को बढ़ाया जाए।
-सभी जिलों को संक्रमित मरीजों के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजने के निर्देश।
-जिलाधिकारियों को आरटी-पीसीआर टेस्ट बढ़ाने के लिए कहा गया।
-बुखार फैल रहा तो तुरंत कोरोना जांच कराए।
-फ्लू और सांस की शिकायत वालों के टेस्ट किए जाने की सलाह भी दी गई है।
-आईसीयू बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
-आक्सीजन प्लांट की क्रियाशीलता सुनिश्चित की जाए।

आईएससी के उत्तराखंड टॉपर को कांग्रेस ने किया सम्मानित

आईएससी के उत्तराखंड टॉपर संस्कार ध्यानी को कांग्रेसियों ने सम्मानित किया। युवाओं को संस्कार से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
सोमवार को कांग्रेस के विधायक प्रत्याशी रहे जयेंद्र रमोला कांग्रेस कार्यकर्ताओं संग गंगानगर पहुंचे। वहां उन्होंने आईएससी के स्टेट टॉपर संस्कार ध्यानी को शॉल और प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आरपीएस स्कूल में पढ़ने वाले संस्कार ने कक्षा 12वीं में 99.5 प्रतिशत अंक लाकर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह ऋषिकेश और प्रदेश के लिए गर्व की बात है। हमें ऐसी प्रतिभाओं को सम्मानित कर इनका हौसला बढ़ाना चाहिए, इससे अन्य बच्चे भी इनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगे। मौके पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष प्यारेलाल जुगरान, पूर्व पार्षद बृजपाल राणा, समाजसेवी मानवेंद्र भंडारी, उमेश गोयल आदि उपस्थित रहे।

फरीदाबाद से आये कांवड़िये को डूबने से बचाया

त्रिवेणीघाट पर स्नान करते समय फरीदाबाद का एक कांवड़िया डूबने लगा। जल पुलिस के जवानों ने गंगा के तेज बहाव से निकालकर उसकी जान बचाई।
त्रिवेणीघाट चौकी प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि सोमवार को 10 कांवड़ियों का दल गंगा जल लेने के लिए ऋषिकेश पहुंचा। इस दौरान दोपहर बाद यह लोग त्रिवेणीघाट पर स्नान के लिए गंगा में उतर गए। इसी बीच उनमें से एक युवक गहरे पानी में आकर डूबने लगा। इससे घाट पर अफरा-तफरी मच गई। घाट पर मौजूद जल पुलिस और आपदा राहत दल के जवानों ने युवक का 30 मीटर दूर तक पीछा कर पानी से सुरक्षित निकाल लिया। युवक की पहचान गौरव पुत्र नारायण बंसल निवासी मोहल्ला बस्सापाड़ा, ओल्ड फरीदाबाद के रूप में हुई है। टीम में हरीश गुसाईं, विनोद सेमवाल, धर्मवीर नेगी, अनिल चौधरी, नवीन भट्ट आदि शामिल रहे।

एसबीएम इंटर कॉलेज में श्रीदेव सुमन की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम का आयोजन

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज मे श्रीदेव सुमन की पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर विद्यालय में श्री देव सुमन के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए श्रद्धांजलि दी गई और विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने अपने कहा कि श्रीदेव सुमन का जन्म 25 मई 1916 को टिहरी के जौल गांव में हुआ था। ब्रिटिश हुकूमत और टिहरी की अलोकतांत्रिक राजशाही के खिलाफ लगातार आंदोलन कर रहे श्रीदेव सुमन को दिसंबर 1943 को टिहरी की जेल में डाल दिया गया था। जिसके बाद उन्होंने भूख हड़ताल करने का फैसला किया। 209 दिनों तक जेल में रहने और 84 दिनों के भूख हड़ताल के बाद श्रीदेव सुमन का 25 जुलाई 1944 को निधन हो गया।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया और कई फलदार पौधे रोपे गए। इस मौके पर उप प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी, एनसीसी अधिकारी लखविंदर सिंह, एनएसएस अधिकारी जयकृत सिंह रावत, डॉक्टर सुनील दत्त थपलियाल, जितेंद्र बिष्ट, नीलम जोशी, शालिनी कपूर सुशीला बड़थ्वाल, रंजन अंथवाल, रंजना शकुंतला, विकास नेगी, रमेश बुटोला, पवन, हरी सिंह, नितिन जोशी आदि उपस्थित रहे।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश देकर लोगों को किया जागरुक

राष्ट्रीय उत्तराखंड सभा ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वक्ताओं ने लोगों को पौधों की महत्ता के बारे में जागरूक किया।
रविवार को राष्ट्रीय उत्तराखंड सभा ने श्यामपुर स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. राजे नेगी ने कहा कि पेड़ पौधे हमारे जीवन में कितने उपयोगी हैं, यह सच किसी से छिपा नहीं है। वास्तव में यह धरती का गहना है और प्रकृति का शृंगार करते हैं। धरती पर हरियाली ही इन पेड़ों की देन है। मौसम, जलवायु, बारिश भी इन पेड़ों की देन है। सभा की प्रदेश महासचिव सीता पयाल ने कहा कि प्रकृति की अनुपम धरोहर पेड़ों को लेकर लोगों में जानकारी का अभाव है। इसके चलते पेड़ों पर आरी चलाई जा रही है। इस दौरान कॉलेज परिसर में विभिन्न प्रजाति के पौधे रोपे गए। मौके पर जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान, पर्यावरण प्रेमी विनोद जुगलान, कुसुम जोशी, सीता नेगी, कमला नेगी, पुष्पा ध्यानी, राजेश्वरी चौहान, भूमा चौहान, रामरतन रतूड़ी, उत्तम सिंह असवाल, आलोक चंदोला आदि उपस्थित रहे।

कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने महिलाओं को फलदार पौधें लगाने के लिए प्रेरित किया

कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने श्रावण माह के हरेला पर्व के उपलक्ष्य पर महिलाओं को अपने घरों में पौधरोपण के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर महिलाओं को विभिन्न प्रजाति के पौधे भी दिए गए। साथ ही सावन मास की बधाई भी दी।
रविवार को छिद्दरवाला में वृहद स्तर पर महिलाओं की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि हरेला और हरियाली किसी भी दिन मनाई जा सकती है। इसके लिए आप एक पौध अवश्य रोपित करें। उन्होंने कहा कि अक्सर हम सीजन के फल खाते है और उसकी गुठली को फेक देते है। कहा कि ऐसा न करें, उस गुठली को मिट्टी में दबाकर उसे पौध बनाने के लिए तैयार करें। उन्होंने उदाहरण देकर कहा कि वर्तमान में आम का सीजन है, आम खाकर उनकी गुठली से पौध बनाए।
डॉ अग्रवाल ने महिलाओं से मांगलिक कार्यों के दौरान पौधा रोपण की परंपरा को शुरू करने को कहा। उन्होंने कहा कि दामाद अपने ससुराल में और बिटिया शादी के बाद जब पहली बार ससुराल जाए तो एक पौधा रोपे। कहा कि अपनों की याद में भी पौधा रोपे।
डॉ अग्रवाल ने मौके पर कहा कि पौध रोपण के साथ उसके संरक्षण पर भी ध्यान देना होगा। पौधों की देखभाल करें। कहा कि यह पौधा हमें बड़ा होकर छाया, फल प्रदान करेगा और जीवन रक्षक प्राणवायु ऑक्सीजन भी देगा। उन्होंने पौधरोपण के जरिये वातावरण को शुद्ध बनाने में सहयोग की अपील की। इस मौके पर विभिन्न प्रजाति के फलदार, छायादार पौधे रोपे गए।
इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र नेगी, प्रधान सोहन सिंह कैंतुरा, विमला नैथानी, अनिता राणा, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष समा पंवार, आशा व्यास, कोमल देवी, मंगली देवी, संगीता देवी, सुशीला देवी, कमलेश बिष्ट, अंबिका रांगड़, पुष्पा देवी, उमा देवी, दीपा सजवाण, गीता भंडारी, शकुंतला देवी, बसन्ती देवी, मोनिका, मीना देवी सहित ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रही।

मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिये “विकल्प रहित संकल्प“ का मंत्र लेकर निरन्तर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के विकास में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 21 वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक होने के सपने को साकार करने हेतु उत्तराखण्ड @ 2025 एवं @ 2030 का दृष्टिपत्र तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विजन प्लान के अन्तर्गत राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत वृद्धि दर के माध्यम से आगामी 05 वर्षो में दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन में राज्य में किये गये विकास कार्यों व आगे के विजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उत्तराखण्ड राज्य के विजन प्लान को साकार करने हेतु इस वित्तीय वर्ष में पूंजीगत व्यय को विगत वर्ष के बजट के सापेक्ष 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत कर दिया गया है। इस वृद्धि के परिणाम स्वरूप राज्य ने भारत सरकार द्वारा अपेक्षित पूंजीगत व्यय को राज्य की राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4 प्रतिशत करने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। इसी श्रृंखला में राज्य की आर्थिक गति को शक्ति देने हेतु आगामी 05 वर्षों में बाह्य सहायता के माध्यम से लगभग रू0 25000 करोड़ की आधारभूत संरचनायें विकसित की जायेंगी।
विभागों के मध्य बेहतर सामंजस्य सुनिश्चित करने एवं पूंजीगत परियोजनाओं के सटीक नियोजन हेतु “पी०एम० गति शक्ति योजना“ की तर्ज पर राज्य गति शक्ति मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। राज्य द्वारा इस महत्वाकांक्षी योजना को अगले 6 माह में पूर्ण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
थ्रस्ट सेक्टर्स जैसे (पर्यटन, परिवहन, सेवा क्षेत्र, कृषि एवं उद्यान, फार्मा) आदि के माध्यम से विजन प्लान के महत्वाकांक्षी आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त किया जायेगा । प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग व टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण के लिये सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से उद्योगों को विभिन्न विभागों की अनुमतियां तेज गति से दी जा रही है।
भारत सरकार द्वारा राज्य को इज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में एचीवर्स की श्रेणी में चयनित किया गया है।
राज्य में रोजगार उन्मुखी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री नैनो योजना के माध्यम से अब तक रू0 600 करोड़ से अधिक का निजी निवेश आकर्षित कर एक लाख से अधिक नवीन रोजगार के अवसर सृजित किये गये हैं। उत्तराखण्ड राज्य प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत देश के अग्रणी राज्यों में निरन्तर सम्मिलित है। इसी क्रम में एक जिला- एक उत्पाद, महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना, स्टार्ट-अप पॉलिसी जैसी योजनाओं के सृजन एवं कुशल प्रबन्धन से उत्तराखण्ड राज्य देश के अग्रणी राज्यों में सम्मिलित है। देश के कुल स्टार्टअप का 10 प्रतिशत भाग यहां स्थित है।
राज्य में पर्यटन की अपार सम्भावनाओं को देखते हुए राज्य द्वारा भारत सरकार के सहयोग से पर्वतमाला रोप-वे श्रृंखला एवं टनल पार्किंग सुदृढ़ कर होम स्टे के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। चारधाम की तर्ज पर कुमाऊँ मण्डल में मानस खण्ड मन्दिर माला एवं 13- जनपद 13- गन्तव्य जैसी नवीन योजनाओं के माध्यम से उत्तराखण्ड को देश का शीर्ष पर्यटन केन्द्र बनाने के सशक्त प्रयास किये जा रहे हैं।
मानसखण्ड मंदिर माला के तहत कुमाऊं के प्रमुख मंदिरों को बेहतर सड़कों से कनेक्ट किया जाएगा। गढ़वाल और कुमाऊं के बीच रोड कनेक्टिविटी भी सुधारी जाएगी। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों से तत्काल उनके जनपदों के प्रमुख मंदिरों और पर्यटन स्थलों की रिपोर्ट मांगी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद विगत वर्ष में निर्यात पर फोकस कर लगभग रू0 17000 करोड़ का निर्यात किया है जिसमें फार्मा सेक्टर का विशेष योगदान है। राज्य द्वारा रूस- यूक्रेन युद्ध के दौरान यूरोप को उत्तराखण्ड के परम्परागत खाद्यान्न जैसे मडुवा, झिंगोरा का निर्यात किया गया। निर्यात को बढ़ावा देने हेतु एक जिला एक उत्पाद योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु उत्पाद का चयन कर जिला स्तरीय एक्सपोर्ट प्लान तैयार कर लिया गया है।
प्रधानमंत्री की प्रेरणा से “अमृत सरोवर’ योजना के द्वारा जल प्रबंधन एवं मत्स्य उत्पादन में राज्य निरन्तर प्रगति कर रहा है। अमृत सरोवर योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 13 जनपदों में 1240 अमृत सरोवर बनाने का निश्चय किया गया है। जिनमें से 939 अमृत सरोवरों में कार्य प्रारम्भ हो गया 2022 तक 375 अमृत सरोवरों में कार्य पूर्ण हो जाएगा।
रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर और ग्रोथ सेंटरों के माध्यम से 106 कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए जाएंगे। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता बढ़ाकर लगभग तीस हजार से अधिक किसानों एवं शिल्पकारों (श्री केदारनाथ एवं श्री बदरीनाथ शिल्प केन्द्र) की आय में वृद्धि की जा रही है।
प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में राज्य द्वारा पीएम किसान निधि, सॉयल हेल्थ कार्ड एवं आयुष्मान भारत योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में राज्य द्वारा पीएम आवास योजना ग्रामीण, जलजीवन मिशन, पीएमजीएसवाई और स्वामित्व योजना में समस्त लाभार्थियों एवं लक्ष्य को प्राप्त किया जायेगा । शेष सभी फ्लैगशिप योजनाओं को सितम्बर- 2024 तक प्राप्त करने हेतु मासिक लक्ष्य निर्धारित कर प्रभावी निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वात्सल्य योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ऐसे बच्चों के संरक्षण का दायित्व लेती है, जिनके अभिभावकों का निधन कोरोना के कारण हुआ है।
उत्तराखण्ड राज्य आयुष्मान योजना में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। अब तक राज्य में 47 लाख कार्ड बनाये जा चुके हैं जो राष्ट्रीय औसत का 2.5 गुना है। शत प्रतिशत पात्र परिवारों के कम से कम एक सदस्य का कार्ड बनाया जा चुका है। उत्तराखण्ड में एक राष्ट्र- एक राशन कार्ड योजनान्तर्गत आतिथि 58000 परिवारों को राशन उपलब्ध कराया गया हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा के बाद उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जहां समान नागरिक आचार संहिता को लागू करने के उद्देश्य हेतु तीव्र गति से कार्य किया है। इस विषय पर राज्य सरकार द्वारा 27 मई 2022 को पांच सदस्यों की कमेटी का गठन किया जा चुका है। कमेटी अभी तक दो बैठकें कर चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विभिन्न योजनाओं के सफल संचालन एवं प्रोजेक्टों को निर्धारित समय पर पूर्ण करने तथा नियमित अनुश्रवण हेतु प्रत्येक विभाग का वार्षिक कार्य कैलेंडर तैयार किया गया है जिसकी समीक्षा उच्च स्तर पर प्रतिमाह की जा रही है।
राज्य द्वारा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अन्तर्गत 4457 आंगनबाड़ी केन्द्र जो प्राथमिक विद्यालय परिसर में ही स्थापित थे उनमें माह जुलाई 2022 में बाल वाटिका की स्थापना की जा चुकी है।
राज्य द्वारा प्रौद्योगिकी का उपयोग कर जीएसटी संग्रहण में वृद्धि के प्रयास किये जा रहे हैं।
इसी परिप्रेक्ष्य में टैक्स चोरी को रोकने हेतु एवं ई-वे बिल प्रणाली को प्रभावी बनाये जाने हेतु आटोमेटेड नम्बर प्लेट रिकॉगनेशन सिस्टम के माध्यम से वीडियो एनालिटिक्स एवं इमेज प्रोसेसिंग की कार्य योजना गतिमान है। राज्य के जी०एस०टी० की गहन मॉनिटरिंग हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जा रहा है।
राष्ट्रीय ड्रोन नीति के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य में ड्रोन रिसर्च सेंटर की स्थापना की जा चुकी है।
प्रदेश के प्रत्येक जनपद में ड्रोन प्रशिक्षण स्कूल की स्थापना का कार्य गतिमान है। राज्य द्वारा ड्रोन का इस्तेमाल आपदा प्रबन्धन में “नभनेत्र“ प्लेटफार्म के माध्यम से किया जा रहा है। प्राइवेट इन्वेस्टर द्वारा रुड़की में देश की सबसे बड़ी ड्रोन फैक्ट्री स्थापित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य द्वारा ट्रांसपेरेंट फंड फ्लो सुनिश्चित करने हेतु डीबीटी का उपयोग 215 लाभार्थीपरक योजनाओं में किया जा रहा है।
उत्तराखण्ड देश के प्रथम तीन राज्यों में है, जहाँ मनरेगा के सभी लाभार्थियों के बैंक अकाउंट आधार सीडेड हैं।
राज्य में सरकारी खरीद को पारदर्शी बनाने हेतु जेम पोर्टल को जरूरी कर दिया गया है।
उत्तराखण्ड राज्य की सीमायें संवेदनशील हैं। ऐसे में राज्य के सीमान्त जनपदों में एनसीसी का विस्तार योजनाबद्ध तरीके से कर राज्य की 35951 नियमित सीटों के अतिरिक्त 4007 सीटें उपलब्ध करायी गयी। उत्तरकाशी एवं चमोली जैसे सीमान्त जनपदों में पूर्व से स्थापित एनसीसी कम्पनी को अपग्रेड कर बटालियन की स्थापना की गयी। राज्यपाल महोदय द्वारा भी सीमान्त जनपदों के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्र जैसे गुंजी, धारचूला आदि का भ्रमण कर अग्रिम चौकियों में तैनात सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बलों के साथ सीधा संवाद किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कि इस बार करीब 28 लाख लोगों ने चारधाम यात्रा में प्रतिभाग लिया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन व निर्देशन में केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का पुर्ननिर्माण व सौंदर्यीकरण के लिए देवभूमि की सवा करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद दिया।