सीएम ने कहा इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन रखना जरूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विज्ञान और तकनीकी का उपयोग करते हुए इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन रखना है। मुख्यमंत्री, सीएम कैम्प कार्यालय में चम्पावत जनपद को आदर्श जनपद के रूप में विकसित करने के लिए आयोजित बोधिसत्व संवाद कार्यक्रम में सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए पूरे समर्पित भाव से काम करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पूरे हिमालय क्षेत्र को विकास की राह दिखा सकता है। इकोनोमी और इकोलॉजी में संतुलन रखते हुए सतत विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है। चम्पावत जिले को मॉडल के रूप में लिया गया है। चम्पावत में सभी तरह की भौगोलिक परिस्थितियां मौजूद हैं। यह न केवल उत्तराखण्ड बल्कि सभी हिमालयी राज्यों के लिए मॉडल बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तमाम विभाग और संस्थाएं विभिन्न विकासात्मक गतिविधियां कर रही हैं। इनमें समन्वय की आवश्यकता है। इंटिग्रेटेड एप्रोच अपनानी होगी ताकि विभाग व संस्थाएं एक दूसरे के कामों से लाभान्वित हो जिसका फायदा राज्य को भी होगा। उपलब्ध संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत जनपद को आदर्श जनपद बनाने के लिए यूकास्ट नोडल एजेंसी के रूप में काम करे। चम्पावत में कार्बेट ट्रेल व आयुष ग्राम पर तेजी से काम किया जाए। हैलीपेड बनाने की सम्भावना का अध्ययन किया जाए। सिडकुल द्वारा छोटे इंडस्ट्रीयल एरिया विकसित किये जा सकते हैं। आईटीआई में रोजगार परक व बाजार की मांग आधारित कोर्सेज संचालित हों। सडक व रेल कनेक्टिविटी को विकसित करने के लिए राज्य सरकार केंद्रीय मंत्रालयों के सम्पर्क में है। इको टूरिज्म, मत्स्य पालन व औद्यानिकी में भी काफी सम्भावनायें है।
बैठक में हेस्को के संस्थापक पद्मभूषण डॉ अनिल जोशी ने कहा कि हमें सभी की भागीदारी से आगे बढ़ना है। एक दूसरे के अनुभवों का लाभ उठाना है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बोधिसत्व संवाद कार्यक्रम की पहल की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति प्रदत्त बौद्धिकता है। यहां ऋषि परम्परा रही है। चम्पावत को विभिन्न क्लस्टरों में विकसित किया जा सकता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से काम करना होगा।
भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान के अधिकारियों ने टोपोग्राफी, भू उपयोग, साईट सूटेबिलिटी एनालिसिस, सॉयल, सिंचाई, जैव विविधता, इन्फ्रास्ट्रक्चर, ड्रैनेज, भूजल, जियोलाजिकल स्ट्रक्चर, लैंडस्लाइड से संबंधित मैपिंग पर प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान सैटेलाइट कम्यूनिकेशन, टेली एजुकेशन व टेली मेडिसन में सहयोग कर सकता है।
आईआईपी द्वारा बताया गया कि हाल ही में उनकी एक टीम चम्पावत गई थी और विभिन्न सम्भावनाओं का अध्ययन किया है। आईआईपी ने चीड़ की पत्तियों का आर्थिक उपयोग व बायोडीजल के क्षेत्र में काम कराने की बात कही।
मत्स्य संस्थान द्वारा बताया गया कि ट्राउट फिशिंग में काम की काफी सम्भावनायें हैं। वन विभाग की ओर से कहा गया कि इको टूरिज्म के साथ ही वन पंचायतों के माध्यम से हर्बल व ऐरोमैटिक के क्षेत्र में काम किया जा सकता है।
बैठक में यूकास्ट के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, हॉफ विनोद सिंघल, अपर सचिव सी रविशंकर, रंजना, बंशीधर तिवारी, डीएम चम्पावत नरेन्द्र सिंह भण्डारी सहित विभिन्न विभागों व नाबार्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रतियोगिता के विजेताओं को सीएम ने किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में सूचना प्रोद्योगिक विकास एजेंसी में स्थित ड्रोन एप्लीकेशन रिसर्च सेंटर के द्वारा आयोजित “Shot on my drone” प्रतियोगिता मे विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। यह प्रतियोगिता 22 जून को आयोजित की गयी थी। जिसमे सौ से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया था। इस प्रतियोगिता मे प्रथम स्थान नितिन छाबरा (रुद्रपुर), द्वितीय स्थान अमित कुमार सिंह (नैनीताल) तथा तृतीय स्थान नितेश अग्रवाल (देहरादून) ने प्राप्त किया। सभी विजेताओं को मुख्यमंत्री द्वारा प्रमाण पत्र तथा पुरस्कार वितरित किये गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में उत्तरखंड सरकार क्।त्ब् के माध्यम से ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग कराएगा तथा समस्त ड्रोन पायलटों को “ड्रोन मित्र“ के तहत सूचीबद्ध कर रोजगार उपलब्ध करवाएगा।

उत्तराखंड में केन्द्र के सहयोग से चल रही कई योजनायें-धामी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आजादी के अमृत महोत्सव के तहत ’उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य-पावर/2047’ के समापन समारोह कार्यक्रम में पुनर्निर्मित वितरण क्षेत्र योजना का शुभारंभ किया। एनटीपीसी की विभिन्न हरित ऊर्जा परियोजनाओं का शिलान्यास तथा लोकार्पण एवं नेशनल रूफटॉप सोलर पोर्टल को भी प्रधानमंत्री द्वारा लांच किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में इस कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी जुड़े थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बीते आठ वर्षों में देश का मान-सम्मान पूरी दुनिया में बढ़ा है। उन्होंने कहा कि देश में विभिन्न क्षेत्रों में अनेक नए कार्यों की शुरुआत हुई है। एक नई कार्य संस्कृति देश में आई है। कोरोना काल में पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था गड़बड़ा गई थी, ऐसे समय में भी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने कोरोना पर पूरी तरीके से नियंत्रण किया। भारत ने 2 स्वदेशी कोविड वैक्सीन तैयार की। अन्य देशों को भी भारत ने 20 करोड़ से अधिक वैक्सीन दी। भारत में कोविड की 200 करोड़ से अधिक वैक्सीन लगाई जा चुकी है। बूस्टर डोज का अभियान भी तेजी से चल रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ऊर्जा मंत्रालय द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उत्तराखंड में भी कई परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। राज्य गठन के समय ऊर्जा और पर्यटन राज्य निर्माण की मूल अवधारणा में शामिल था। जिसको लेकर राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा 2025 तक प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सबकी सहभागिता जरूरी है। हाल ही राज्य में बिजली का संकट था, सरकार ने महंगी बिजली खरीद कर लोगों की बिजली आपूर्ति पूरी की गई।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक सविता कपूर, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एमडी यूपीसीएल अनिल कुमार उपस्थित रहे।

राज्य के विकास में वरिष्ठ नागरिकों के सुझावों एवं अनुभवों पर दिया जायेगा ध्यान-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैंप कार्यालय में सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों ने की भेंट। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में वरिष्ठ नागरिकों के सुझावों एवं अनुभवों पर ध्यान दिया जायेगा। राज्य सरकार की जनहितकारी नीतियों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने की वरिष्ठ नागरिकों से मुख्यमंत्री ने अपेक्षा की, मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को समाज सेवा के दायित्वों के निर्वहन हेतु देहरादून में कार्यालय भवन हेतु स्थान उपलब्ध कराने के प्रयास किये जायेंगे, इस सम्बंध में कार्यवाही हेतु जिलाधिकारी देहरादून को मुख्यमंत्री ने निर्देश भी दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के वरिष्ठ नागरिक हमारे सम्मानित व्यक्ति हैं। बुजुर्गों के सम्मान एवं सुविधाओं का राज्य सरकार पूरा ध्यान रख रही है। इस सम्बन्ध में उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अनेक निर्णय लिये गये हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक सोसाइटी के सदस्यों द्वारा दिये गये सुझावों एवं समस्याओं के समाधान हेतु त्वरित निर्णय लिया जायेगा। उनके अनुभवों का लाभ समाज को मिले इस दिशा में भी कदम उठाये जायेंगे।
सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से सामाजिक गतिविधियों के संचालन हेतु कार्यालय हेतु देहरादून में उचित स्थान पर स्थान उपलब्ध कराने, राज्य में माता पिता भरण पोषण योजना लागू किये जाने, तहसील स्तर पर वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु व्यवस्था बनाये जाने, विधानसभा व सचिवालय में प्रवेश हेतु पास आदि की व्यवस्था हेतु अनुरोध किया। उन्होंने पूर्व में वरिष्ठ नागरिकों के हित में राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदमों के लिये मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अतुल जोशी, प्रदेश महासचिव के.के. ओबेराय, डॉ. एस.एस. नेगी, आई आर कोठियाल, डॉ. पी.डी जुयाल, केवल ओबेरॉय, एस गौतम, वी.पी. शर्मा, एस.पी. गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

सार्वजनिक की जाएगी खाद्य तेल के नमूनों की जांच रिपोर्ट

सूबे में खाद्य तेलों में मिलावट के खिलाफ खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जायेगा। यह अभियान भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अंतर्गत पैन इण्डिया कार्यक्रम के तहत संचालित किया जायेगा। जिसकी शुरुआत प्रदेशभर में आगामी एक अगस्त से की जाएगी। एक पखवाड़े तक संचालित इस अभियान के तहत राज्यभर से खाद्य तेलों के नमूने एकत्रित किये जायेंगे, जिन्हें जांच के लिये भेजा जायेगा। विभागीय जांच के उपंरात इकट्ठा किये गये खाद्य तेल के सैंपल रिपोर्ट सार्वजनिक की जायेगी। खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावटखोरी को देखते हुये विभागीय अधिकारियों को सूबे में खाद्य पदार्थों की सैपलिंग एवं टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दे दिये गये हैं।
सूबे स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि खाद्य तेलों में मिलावटखोरी रोकने के उद्देश्य से भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा संचालित पैन इण्डिया कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया जायेगा। डॉ रावत ने बताया कि आगामी एक अगस्त से इस विशेष अभियान की शुरूआत की जायेगी, जिसे प्रदेशभर में पखवाड़े भर संचालित किया जायेगा, जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेशव्यापी इस अभियान के अंतर्गत स्थानीय एवं ब्रांडेड खाद्य तेलों के नमूनों को एकत्रित किया जायेगा, जिसके बाद विभाग द्वारा इकट्ठा किये गये खाद्य तेल के नमूनों की जांच की जायेगी। डॉ. रावत ने बताया कि जांच में आर्जिमोन ऑयल, मिनरल ऑयल के अलावा खाद्य तेलों के लिये निर्धारित मानकों का गहन विश्लेषण किया जायेगा, इसके साथ ही खाद्य तेल में इस्तेमाल ट्रांस फैट की मात्रा की भी जांच की जायेगी। डॉ. रावत ने बताया जांच के लिये एकत्रित खाद्य तेल के नमूनों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जायेगी ताकि लोगों को पता चल सके कि जिस तेल का इस्तेमाल वह अपने आहार में कर रहे हैं वह कितना शुद्ध और सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी रोकने के लिये विभागीय अधिकारियों को खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग एवं टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिये गये हैं। इसके साथ ही शुद्ध, सुरक्षित एवं पौष्टिक आहार के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये अधिकारियों को समय-समय पर जन जागरूकता अभियान संचालित करने को कहा गया है। खाद्य तेल के बार-बार प्रयोग में लाने से होने वाले खतरों के प्रति भी लोगों को सचेत करने को कहा गया है। डॉ. रावत ने कहा खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी के खिलाफ सघन अभियान चलाये जायेंगे।

बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को सम्मानित किया

सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। डीएसबी विद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ किया गया। तत्पश्चात विद्यालय के चेयरमैन ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज व राज्य के वित्त एवं शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के द्वारा सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में उत्तराखंड राज्य में प्रथम तथा संपूर्ण देश में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र अभिनव उनियाल को 31 हजार रुपये व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
दूसरे स्थान पर रहे अमन नेगी को 11 हजार रुपये, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा आस्था कंडवाल व छात्र अर्चित डबराल को 51-51 सौ रुपये तथा चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा कृतिका अरोड़ा एवं ओजस्वी गर्ग को 31-31 सौ रुपए की राशि प्रदान की गई।
इसी के साथ 10वीं कक्षा में सिटी टॉपर रहे छात्र सारांश यादव को 11हजार रुपये, साक्षी सती को 51 सौ रुपये, सिद्दार्थ बिजल्वाण को 41 सौ रुपये, कुशाग्र सेन, अनम्य कुमार तथा सक्षम चमोली को 31-31 सौ रुपये की राशि प्रदान की गई।
इस अवसर पर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि भविष्य में आपको कभी भी, किसी भी मदद की आवश्यकता होगी तो पूरा विद्यालय परिवार आपके साथ हमेशा खड़ा रहेगा। महाराज ने कहा कि आप कहीं भी किसी भी स्थान पर अब जाएंगे, भविष्य में नई-नई ऊंचाइयों को छूएंगे लेकिन एक बात का हमेशा ध्यान रखना आप अपनी जड़ों से जुड़े रहना। जो वृक्ष अपनी जड़ों से जितना मजबूती से जुड़ा हुआ होता है वही आसमान छूता है। महाराज ने कहा कि आज मैं अपने गुरुदेव को याद कर रहा हूँ जिनकी स्मृति में इस विद्यालय की स्थापना हुई। महाराज श्री का यह सपना था कि एक दिन यह विद्यालय पूरे राज्य और देश में अपना नाम रोशन करे और उनका यह सपना सार्थक हुआ है।
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने छात्र- छात्राओं की इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि आपने न सिर्फ अपने विद्यालय का बल्कि पूरे उत्तराखंड राज्य का गौरव बढ़ाया है। अग्रवाल ने प्रधानाचार्य व अध्यापकों को इसका श्रेय देते हुए कहा कि अध्यापक ही बच्चों को तराशने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य शिव सहगल, निदेशक एमसी त्रिवेदी, दीप शर्मा, प्रदीप शर्मा तथा विद्यालय के शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने आम जनता से भेंट कर सुनी जन समस्यायें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सायं मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आये लोगों तथा विभिन्न संगठनों आदि से जुड़े लोगों से भेंट कर उनकी समस्यायें सुनी।
मुख्यमंत्री ने सभी की समस्याओं से अवगत होते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं का समाधान अधिकारियों की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद स्तर पर स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान हो इसके लिये जिलाधिकारियों को प्रतिमाह अपने-अपने जनपदों के दूरस्थ क्षेत्रों में बहुउद्देशीय शिविरों के आयोजन की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये गये हैं साथ ही सभी अधिकारियों को सोमवार को जनता से मिलने का समय निर्धारित कर अनिवार्य रूप से जन समस्याओं के निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नन्हीं दुनिया के बच्चों से भी भेंट की तथा उन्हें शुभकामनायें देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

मुख्य सचिव ने खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में फूड सेफ्टी एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की प्रथम बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी सम्बन्धित विभागों और हितधारकों को आपसी सहयोग के साथ कार्य करना होगा।
मुख्य सचिव ने सैंपलिंग और टेस्टिंग बढ़ाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने हेतु कड़े कदम उठाए जाएं। इसके लिए मोबाइल टेस्टिंग वैन की संख्या बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने सही, सुरक्षित और पोषक आहार हेतु अभियान में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित किए जाने पर बल दिया। उन्होंने राज्य के छोटे-बड़े होटल एवं रेस्टोरेंट के हाइजीन सर्टिफिकेशन पर जोर देते हुए इसे अभियान के रूप में चलाए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि होटल्स को भी हाइजीन रेटिंग प्राप्त करने एवं होटल के बाहर अथवा साइनबोर्ड में प्रदर्शित करने हेतु जागरूक किया जाए, साथ ही लोगों को भी जागरूक किया जाए कि वे हाइजीन रेटिंग देखकर ही होटल रेस्टोरेंट में जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा संचालित ’ईट राइट अभियान’ के उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए लोगों को सही भोजन, बेहतर भोजन के विषय में अवगत कराए जाने हेतु प्रयास किए जाएं। विडियोज एवं जिंगल्स के माध्यम से आमजन के साथ ही होटल, रेस्तरां आदि से सम्बन्धित लोगों को भी मौसमी, जैविक तरीके से उगाई गई साग-सब्जियों, तेल, नमक एवं चीनी के कम उपयोग वाले उत्पादों की बिक्री के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कैपेसिटी बिल्डिंग पर फोकस करते हुए होटल रेस्टोरेंट से जुड़े लोगों को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से लगातार प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल के डिस्पोजल और अन्यत्र प्रयोग पर विशेष ध्यान देते हुए इसका लगातार प्रचार प्रसार किया जाए। इसके लिए प्रत्येक होटल रेस्टोरेंट संचालक को खाद्य तेल को बार-बार प्रयोग करने से होने वाले खतरों से अवगत कराते हुए प्रयोग किए जा चुके खाद्य तेल के डिस्पोजल की उचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
बैठक के दौरान सचिव राधिका झा ने बताया गया कि मार्च 2022 तक 13777 लीटर यूज्ड कुकिंग ऑयल एकत्र किया गया जिससे आईआईपी देहरादून ने 7000 लीटर बायोडीजल और 6000 लीटर बायोजेट फ्यूल तैयार किया गया।
सचिव राधिका झा ने बताया कि पिछले 2-3 वर्षों में राज्य सरकार खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर कार्य कर रही है। खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से राज्य शीर्ष 10 राज्यों में शामिल है। वर्ष 2019-20 में राज्य की 17वीं रैंक थी जो वर्ष 2020-21 में 14वीं हो गई। वर्ष 2021-22 में राज्य की रैंक 7वीं है। उन्होंने कहा कि कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए 28 ट्रेनिंग सेशन किए गए जिसमें लगभग 2600 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही प्रवर्तन, निरीक्षण, नमूना अभियोजन और न्यायनिर्णयन की लगातार निगरानी की जा रही है।
इस अवसर पर महिला एवं बाल कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, खाद्य आपूर्ति, कृषि एवं अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी भी उपस्थित रहे।

सीएम ने दो सरकारी नशामुक्ति केंद्र बनाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2025 तक ड्रग्स फ्री देवभूमि के लिए मिशन मोड में काम किया जाए। इसके लिये सभी संबंधित विभाग मिलकर काम करें। मुख्यमंत्री सचिवालय में नार्काे कॉर्डिनेशन की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड को नशामुक्त करने के लिए सभी को जिम्मेदारी और समन्वय से कार्य करना है। वर्ष 2025 तक ड्रग्स फ्री देवभूमि का लक्ष्य हासिल करना है। एक ओर जहां ड्रग्स सप्लायर्स पर कड़ा प्रहार करना है, वही दूसरी ओर बच्चों और युवाओं को ड्रग्स की चपेट में आने से बचाना है। ड्रग्स सप्लाई की चेन को तोड़ने के लिए पुलिस विभाग मुखबिर तंत्र को और मजबूत करे। ड्रग्स नेटवर्क को तोडने के लिए पुलिस, आबकारी व ड्रग्स कंट्रोलर मिलकर काम करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स लेने वाले बच्चों और युवाओं की सही तरीके से काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कॉलेजो में एडमिशन के समय विशेष काउंसिल की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स लेते हुए पकड़े जाने वाले बच्चों के साथ अपराधियों की तरह बर्ताव न करके उनके पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जाए। कॉलेजों में पेरेंट्स टीचर्स मीटिंग नियमित रूप से की जाएं। समाज कल्याण व अन्य विभाग युवाओं की जागरूकता पर फोकस करें। इसके लिये सोशल मीडिया व अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में दो सरकारी नशामुक्ति केंद्र बनाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ स्किल डेवलपमेंट पर भी ध्यान दिया जाए। सभी संबंधित विभागों को लेते हुए एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स को एक्टिव किया जाए। निजी नशामुक्ति केंद्रों के लिए सख्त गाइड लाइन बनाकर उस पर फालोअप किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिये। जिला स्तर पर डीएम भी लगातार मॉनिटरिंग करे।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख सचिव एल फैनई, सचिव शैलेश बगोली, राधिका झा, डॉ पंकज कुमार पाण्डे, दीपेंद्र चौधरी, डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

चंपावत को आर्मी कैंटीन की सौगात, सीएम ने की थी मांग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को जीओसी उत्तराखंड सब एरिया मेजर जनरल संजीव खत्री ने भेंट की। उन्होंने जानकारी दी कि चंपावत में आर्मी कैंटीन का विस्तारीकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा चंपावत में आर्मी कैंटीन के विस्तारीकरण से चंपावत एवं उसके आसपास के क्षेत्रों के सेना से जुड़े लोगों और उनके परिवारजनों को काफी सुविधा मिलेगी।
चंपावत क्षेत्र के पूर्व सैनिकों द्वारा चंपावत में कैंटीन की बेहतर सुविधा के लिए मुख्यमंत्री के चम्पावत भ्रमण के दौरान मांग की गई थी। चम्पावत में आर्मी कैंटीन के विस्तारीकरण के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीओसी उत्तराखंड सब एरिया से चंपावत की इस समस्या के समाधान के लिए वार्ता की थी।