स्मार्ट सिटी के कार्यो का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिये निर्देश

शहरी विकास, पुनर्वास जनगणना एवं वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने आज देहरादून स्मार्ट सिटी के अंतर्गत स्मार्ट रोड परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धीमी कार्य प्रणाली पर नाराजगी जताई और मौके पर मौजूद अधिकारियों को कई निर्देश दिये।
स्मार्ट रोड के निरीक्षण के दौरान शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल नेे अधिकारियों व ठेकेदार को निर्देशित किया कि नैनी बेकरी के निकट होने वाले स्मार्ट रोड के कार्य को शीघ्र पूर्ण किया जाये। कार्य शीघ्र न होने की स्तिथि में ठेकेदार पर कार्यवाही करने हेतु देहरादून स्मार्ट सिटी की सीईओ को निर्देशित किया गया। शहरी विकास मंत्री ने निर्देशित किया कि स्मार्ट रोड के कार्य में जहां भी गड्डे, नालियां आदि है उन्हें कवर कर दिया जाए जिससे उसमें बरसात सीजन में खुले में पानी जमा ना हो एवं निर्देश दिये कि समय-समय पर कार्य स्थल पर कीटनाशक का छिडकाव किया जाए।
शहरी विकास मंत्री ने गांधी पार्क से घंटाघर की तरफ होने वाले स्मार्ट रोड के कार्य का स्थलीय निरीक्षण करते हुए स्मार्ट रोड के अंतर्गत फुटपाथ निर्माण के कार्य में देरी होने पर ठेकेदार एवं स्मार्ट सिटी के अधिकारियों से कारण स्पष्ट करने को कहा। देहरादून स्मार्ट सिटी की सीओ सोनिका को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्य की समय सीमा को निर्धारित किया जाए तथा तय समय सीमा पर कार्य यदि संपन्न नहीं होता हैे तो ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही की जाए।
मौके पर अधिकारियों ने शहरी विकास मंत्री को बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अर्न्तगत मल्टी यूटिलिटी डक्ट, नाली निर्माण, वाटर डिस्टव्यूशन लाइन व नई सीवर लाइन डालने, सीवर कनेक्शन करने, विद्युत कन्डयूट डालने, फुटपाथ, पेवर टाइल्स लगाने आदि का कार्य किया जा रहा है।

11 दिवसीय शिवपुराण कथा का शुभारंभ

खदरी खड़कमाफ में 11 दिवसीय शिवपुराण कथा का शुभारंभ कलश यात्रा से हुआ। पहले दिन कथा वाचक शिवस्वरूप नौटियाल ने शिवपुराण के महत्व के बारे में बताया।
शुक्रवार को शिवपुराण कथा के शुभारंभ अवसर पर ढोल दमाऊ की थाप पर क्षेत्र में कलश यात्रा निकाली गई। उसके बाद कलश स्थापना कर कथा का शुभारंभ किया गया। कथा संचालक विनोद जुगलान ने बताया कि आठ वर्षों से हर साल होने वाली यह कथा 29 जुलाई से आठ अगस्त तक 3 बजे से 6 बजे तक ग्यारह दिन तक चलेगी। कथा विश्राम के बाद विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा।
कथा के पहले दिन कथा वाचक वैष्णवाचार्य पंडित शिव स्वरूप नौटियाल ने कहा कि कथा श्रवण मात्र से ही मनुष्य के पाप धुल जाते हैं। कथा का श्रवण कर इसका अनुशरण करने वाला मोक्ष की प्राप्ति करता है। इस मौके पर विकास थपलियाल, प्रभु दत्त कोठियाल, जय सिंह चौहान, प्रेमलाल कुलियाल, रोहित, मीना कुलियाल, आरती, शशि भट्ट, आशा भट्ट, अनिता रावत, विजय लक्ष्मी, संतोषी सिलस्वाल, राजी भंडारी, रजनी बलूनी, सांवला देवी, जशोदा नेगी, अनिता पंत, मंजू पंत, उर्मिला रावत, सविता बलूनी, कविता नेगी, नीमा रावत, कांता तिवाड़ी, मीरा पुंडीर आदि उपस्थित रहे।

मंत्री व विधायक अग्रवाल ने गुमानीवाला में आंतरिक मार्गों का किया शिलान्यास

शहरी विकास मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में विकास कार्य कभी प्रभावित नहीं होंगे, विकास का पहिया हमेशा चलता रहेगा। प्रदेश की युवा धामी सरकार सबका साथ सबका विकास भावना से कार्य कर रही है।

गुमानीवाला में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने भूमि पूजन कर आंतरिक मार्गों का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि जनता की बदौलत उन्हें चुनाव में चौथी बार लगातार सफलता मिली है। उन्हीं के आशीर्वाद से पिछले कार्यकाल में विधानसभा अध्यक्ष बने और इस बार मंत्री पद मिला। जनता से जुड़े विकास कार्य ही मेरी प्राथमिकता रहे हैं। कहा कि राज्य योजना के तहत गुमानीवाला में आंतरिक मार्गों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। 2.045 किमी लंबाई वाले आंतरिक मार्गों की लागत 135.92 लाख रुपये है। इन आंतरिक मार्गों के निर्माण से ग्रामीणों को सहूलियत मिलेगी।

मौके पर ग्राम प्रधान दीपिका व्यास, मण्डल महामंत्री रवि शर्मा, मानवेन्द्र कंडारी, मनवीर भंडारी, लक्ष्मण सिंह चौहान, गोविंद सिंह रावत, रुकमा व्यास, पार्षद वीरेन्द्र रमोला, धर्म सिंह क्षेत्री, रंजीत थापा, पंचायत सदस्य रीना रांगड़, आरती भट्ट, खेम सिंह, हरिश रावत, सुमती रावत, संगीता सकलानी, शिव प्रसाद रतूड़ी, संदीप कुडियाल, सहायक अभियंता सतीश कुमार, अपर सहायक अभियंता उपेन्द्र गोयल, टेक सिंह राणा आदि उपस्थित रहे।

कोरोना केसों में बड़ा उछाल, आज मिले 282 नए मरीज

उत्तराखंड में कोरोना के 282 नए मरीज मिले और 223 ठीक हुए। इसके बाद एक्टिव मरीजों की संख्या 1180 हो गई है। राज्य में कोरोना संक्रमण की दर 13.08 प्रतिशत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार मंगलवार को देहरादून में 137, नैनीताल में 35, अल्मोड़ा में 18, बागेश्वर में एक, हरिद्वार में 22, पौड़ी में तीन, रुद्रप्रयाग में दो, टिहरी में 19, यूएस नगर में 32 और उत्तरकाशी जिले में 13 मरीजों में कोरोना वायरस की पुष्ठि हुई है। राज्य के विभिन्न अस्पतालों से 2699 सैंपल जांच के लिए भेजे गए जबकि 1874 सैंपल की जांच रिपोर्ट आई है। राज्य में संक्रमण की दर 13 प्रतिशत से अधिक हो गई है जबकि मरीजों के ठीक होने की दर 94 प्रतिशत रह गई है। कोरोना के बढ़ते केसों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें।

उत्तराखंड में लिंगानुपात बढ़ाने को लेकर मंत्री आर्या ने निकाली कांवड़ यात्रा

सावन मास की शिवरात्रि को प्रदेश की महिला सशक्तिकरण व बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने‌‌ उत्तराखंड में लिंगानुपात को प्रति 1000 बालकों पर 1000 बालिकाएं करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ हर की पौड़ी से वीरभद्र महादेव मंदिर ऋषिकेश तक संकल्प कांवड यात्रा निकाली। यात्रा का समापन वीरभद्र महादेव मंदिर ऋषिकेश में भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग का जलाभिषेक कर किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उनका जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भव्यय स्वागत किया।
इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यह यात्रा उत्तराखंड में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के साथ लिंगानुपात के प्रति जागरूक किए जाने को लेकर समर्पित है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उत्तराखंड में देवभूमि की तरह देवी भूमि के रूप में पहचान दिलाए जाने की पहल भी है। हरकीपैड़ी से इस यात्रा में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग उत्तराखंड के सचिव हरि चंद्र सेमवाल, डिप्टी डायरेक्टर सतीश कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी देहरादून अखिलेश मिश्रा, डीपीओ निदेशालय विक्रम सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी हरिद्वार सुलेखा सहगल, सुपरवाइजर गीता शर्मा, सुनीता जोशी, कविता जाखड़ एवं शहर परियोजना तथा डोईवाला परियोजना की आंगनवाड़ी सुपरवाइजर प्रीति भंडारी, आंगनबाडी-अनुराधा, सुलोचना, पिंकी, संगीता गोयल, देहरादून से आगंबाडी इन्दू छेत्री, आशा थापा, सुधा शर्मा प्रमुख रूप से चल रहे थे। जिनका ऋषिकेश पहुंचने पर वित्त एवं शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, पूर्व राज्यमंत्री संदीप गुप्ता आदि ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया।

शहीद मनीष थापा की मूर्ति पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कैबिनेट मंत्री व क्षेत्रीय विधायक डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने अमर शहीद मनीष थापा का स्मरण किया। इस मौके पर शहीद मनीष थापा की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही अंबेडकर पार्क में शहीद मनीष थापा की याद में पौधा रोपित किया।
मंगलवार को रेलवे रोड स्थित कारगिल शहीद मनीष थापा की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित कर डा. अग्रवाल ने कहा कि भारत के शूरवीरों ने दुश्मन के पांव पीछे खींचने पर मजबूर कर दिया था। कहा कि 26 जुलाई को 1999 को तीर्थनगरी के मनीष थापा ने अपने अन्य साथियों के साथ ऑपरेशन विजय को सफलतापूर्वक अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। कहा कि देश की जनता के लिए कारगिल दिवस सिर्फ दिवस नहीं, बल्कि भारत के शूरवीरों की स्मृति में शौर्य दिवस के रूप में है। कहा कि यह दिवस उन शहीदों को याद कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करने का है, जिन्होंने हंसते-हंसते भारत मां की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
डा. अग्रवाल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस उनके लिए समर्पित हैं, जिन्होंने हमारे भविष्य के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। इस मौके पर अंबेडकर पार्क में अमर शहीद मनीष थापा की स्मृति पर पौधारोपण किया गया।
इस मौके पर कारगिल शहीद मनीष थापा के बड़े भाई मनोज थापा ने बताया कि मनीष ब्रावो कंपनी, गोरखा राइफल्स की थर्ड बटालियन में बतौर राइफलमैन के पद पर तैनात था। 9 नवंबर 1999 को जम्मू कश्मीर के तंगधार में मात्र 22 वर्ष की अल्प आयु में वह शहीद हो गए।
शहीद मनीष थापा को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, शहीद मनीष थापा की भतीजी मानवी, हर्षिता, मंडल अध्यक्ष भाजपा दिनेश सती, महामंत्री सुमित पंवार, मुख्य नगर आयुक्त राहुल गोयल, सफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल, संजय शास्त्री, पार्षद शिव कुमार गौतम, प्रदीप कोहली, गोपाल सती, अनिता तिवारी, कविता शाह, राजू नरसिम्हा, दीपक बिष्ट, राजेश दिवाकर, सरदार सतीश सिंह आदि उपस्थित रहे।

ब्लैक में शराब के चलन से हो रही राजस्व हानि को रोकने के निर्देश

वित्त व संसदीय कार्यमंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने आबकारी विभाग में राजस्व को बढ़ाने के संदर्भ में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने बैठक में सितंबर माह तक होलोग्राम और ट्रैकिंग कार्य दुरस्त करने के निर्देश दिए।
मंगलवार को विधानसभा स्थित कक्ष संख्या 120 में बैठक आयोजित की गई। बैठक में आबकारी विभाग द्वारा कम राजस्व प्राप्ति होने पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने नाराजगी व्यक्त की। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 20-21 में 658 सरकारी दुकानें संचालित थी, जो वर्तमान में घटकर 603 ही रह गयी।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 160 करोड़ रुपए का बकाया प्राप्त नहीं हो सका हैं। इस पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने प्रति माह लगभग 25 करोड़ रुपए वसूलने के निर्देश दिए। डॉ अग्रवाल ने कहा कि ब्लैक में शराब के चलन से राजस्व की हानि हो रही है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि विभाग लीकेज की समस्या को दूर करे, इससे स्वतः ही राजस्व में वृद्धि होगी। डॉ अग्रवाल ने बैठक में अन्य राज्यों जैसे उत्तरप्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के रेवेन्यू ग्रोथ पर नज़र डाली। साथ ही उत्तराखंड के रेवेन्यू ग्रोथ को सुधारने को कहा।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने स्पष्ट तौर पर कहा कि डिफाल्टर लोगों को भविष्य में दुबारा दुकान आवंटित न की जाए। उन्होंने बैठक में विभागीय अधिकारियों को होलोग्राम और ट्रैकिंग कार्य सितंबर तक दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने वित्तीय वर्ष 22-23 में विभाग को मिले 3600 करोड़ रुपए के टारगेट से इतर राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में सचिव वित्त सौजन्या, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, सचिव आबकारी हरीश सेमवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक में बोले सीएम, अगले 10 सालों का रोडमैप बनाये विभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जाए। जनपदों में मुख्य विकास अधिकारियों की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाए। जिसमें कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी भी हों। सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग कृषि एवं उद्यान विभाग के साथ समन्वय से कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों को 2025 तक बेस्ट प्रैक्टिस के तौर पर धरातल पर क्या कार्य कर सकते हैं एवं अगले 10 सालों का रोडमैप बनाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग को पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए बागवानी पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। 5 सालों में राज्य की जीडीपी को दोगुना करने के लिए सभी विभागों को तेजी से कार्य करने होंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सौंग एवं जमरानी बहुद्देशीय परियोजना पेयजल एवं सिंचाई की दृष्टि से राज्य के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सौंग बांध पेयजल परियोजना की अवशेष स्वीकृति संबंधी कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि परियोजनाओं में विलम्ब न हो, यदि कहीं कोई समस्या आ रही है, तो ऐसे मामले उच्च स्तर पर लाये जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कोलीढ़ेक, थरकोट झील एवं गगास जलाशय का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि योजना पूर्ण होने की जो अवधि निर्धारित की गई हो, उस अवधि में वह पूर्ण हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ब्लॉक स्तर पर एक-एक गांव में पॉयलेट बेस पर स्प्रिंकलर आधारित सिंचाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के शहरी क्षेत्रों के लिए ड्रेनेज प्लान जल्द बनाया जाए। जल संरक्षण एवं जल संवर्द्धन की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। जलाशयों की क्षमता वृद्धि के लिए और प्रभावी प्रयासों की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई विभाग की अगली बैठक कब होगी, यह आज ही तय किया जाए। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि बैठक में जो भी निर्णय लिए जाते हैं एवं जो लक्ष्य दिये जा रहे हैं, उनकी प्रगति की सम्पूर्ण जानकारी अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, एच.सी. सेमवाल, एस.एन. पाण्डेय, अपर सचिव ललित मोहन रयाल, सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष मुकेश मोहन एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

भारतीय सेना ने कारगिल में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन किया-धामी

कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शहीद स्मारक पर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कारगिल शहीदों के परिवारजनों को भी सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल लड़ाई में माँ भारती की रक्षा के लिये हमारे वीर जवानों ने पराक्रम की नई परिभाषा लिखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल में भारत के रणबांकुरों का दुश्मन के खिलाफ किया गया सिंहनाद… 1999 से लेकर आज तक उसी वेग से गूंज रहा है भारतीय सेना के अदम्य साहस और वीरता ने दुश्मन को एक बार फिर ये बतला दिया था कि उसके रहते हुए, तिरंगे की आन-बान और शान में रत्ती भर की भी कमी नहीं आ सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने कारगिल युद्ध में जिस प्रकार की विपरीत परिस्थितियों में वीरता का परिचय देते हुए घुसपैठियों को सीमा पार खदेड़ा, उससे पूरे विश्व ने भारतीय सेना का लोहा माना। कारगिल युद्ध में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों के बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल की यह विजय गाथा भी उत्तराखंड के वीरों के बिना अधूरी है और अपने 75 सपूतों का बलिदान… ये वीर भूमि कभी नहीं भुलाएगी। जिस सांस्कृतिक परिवेश और विचारों ने हम सभी को पोषित किया है, उस संस्कृति में मान्यता है कि देशभक्ति सभी प्रकार की भक्तियों में सर्वश्रेष्ठ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं तो स्वयं एक सैनिक परिवार से आता हूं और सेना के साथ मेरा रिश्ता आत्मीयता का रिश्ता है। अपने पिता जी से सुनी सैन्य वीरों की गाथाओं ने मुझे बचपन से ही बहुत प्रभावित किया और मेरे अंदर राष्ट्र के प्रति संपूर्ण समर्पण की भावना को जागृत किया। मैंने बचपन से ही एक सैनिक और उसके परिवार के संघर्ष को देखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध के समय अटल बिहारी वाजपेयी जी प्रधानमंत्री थे। हमने युद्ध भी जीता और वैश्विक स्तर पर कूटनीति में भी जीते। अटल जी ने शहीदों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गाँव में राजकीय सम्मान के साथ करने की व्यवस्था की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से सेना ना केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है बल्कि उसकी यश और कीर्ति भी बढ़ रही है। हमारी सरकार जहां एक तरफ सेना के आधुनिकीकरण पर बल दे रही है तो वहीं सैनिकों और उनके परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं को भी बढ़ा रही है।प्रधानमंत्री जी निरंतर सैनिकों के साहस और मनोबल को बढ़ा रहे हैं और यही कारण है कि सेना आज गोली का जवाब गोले से दे रही है।
भारत सरकार हर स्तर पर सेना को सदृढ़ करने का कार्य का रही है और इसी कड़ी में अग्निपथ जैसी बहुमुखी योजना को भी लागू किया गया है। इस योजना को युवाओं ने अपना अभूतपूर्व समर्थन दिया है और सेना को रिकॉर्ड संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। ये उत्साह दिखाता है कि हमारी युवा पीढ़ी ना केवल राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित है बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए भी पूरी तरह से सजग है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय देश अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है और इस अमृतकाल में हमारे सामने नए लक्ष्य, नए संकल्प और कई चुनौतियां हैं। इस समय हमें अपने लक्ष्यों को तय कर इनकी सिद्धि का संकल्प लेना है और इस सिद्धि के मार्ग में आने वाली चुनौतियों को दूर करना है।
हमारा देश जिस विकास यात्रा पर आगे बढ़ रहा है इस यात्रा में उत्तराखंड एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है। विकास की यात्रा हम सभी की सामूहिक यात्रा है। सभी को मिलकर विकास का संकल्प लेना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों के आश्रितों के कल्याण के प्रति वचनबद्ध है। शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता अनुसार सरकार द्वारा सेवायोजित किया जा रहा है।
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राज्य के वीरता पदक से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। परमवीर चक्र विजेता को 30 लाख से 50 लाख, अशोक चक्र 30 लाख से 50 लाख, महावीर चक्र 20 लाख से 35 लाख, कीर्ति चक्र 20 लाख से 35 लाख, वीर चक्र और शौर्य चक्र 15 से 25 लाख और सेना गेलेन्ट्री मेडल 7 लाख से 15 लाख करने को मंजूरी दी गई है।
देहरादून के गुनियाल गांव में 04 हेक्टेयर भूमि पर प्रदेश के शहीदों की स्मृति में अत्याधुनिक एवं समस्त सुविधाओं युक्त ’शौर्य स्थल (सैन्य धाम) का निर्माण किया जा रहा है जिसमे प्रदेश के समस्त शहीदों के नाम अंकित किये जायेंगें। निर्माण कार्य दिसंबर 2023 में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभिन्न युद्धों, सीमान्त झड़पों तथा आंतरिक सुरक्षा में शहीद हुये सैनिकों की विधवाओं/आश्रितों को एकमुश्त 10,000,00/- (रूपये दस लाख) का अनुग्रह अनुदान अनुमन्य किया गया है।
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा युद्ध विधवा/युद्ध अपंग सैनिकों को ₹ (रूपये दो लाख) की आवासीय सहायता प्रदान की जाती है। उत्तराखण्ड इस प्रकार की सुविधा प्रदान करने वाले चुनिन्दा राज्यों में एक है जहाँ सेवारत/पूर्व सैनिकों को 25 लाख मूल्य के स्थावर सम्पत्ति के खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट अनुमन्य की गयी है।
उत्तराखण्ड इस प्रकार की नियुक्ति करने वाला एकमात्र राज्य है जहाँ भूतपूर्व सैनिकों में से ब्लाक प्रतिनिधियों की नियुक्ति कर उन्हें मानदेय दिया जा रहा है। इनका मानदेय रू0 8000/- प्रतिमाह किया गया है। इनका मुख्य कार्य अपने क्षेत्र के सेवानिवृत सैनिकों तथा सैनिक विधवाओं से सम्पर्क कर उनकी समस्याओं को सुलझाना है और उनको सभी मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी देना भी है।
उत्तराखण्ड के दूर-दराज के जिलों में निवास कर रहे पूर्व सैनिकों, विधवाओं के आश्रितों को सेना/अर्द्ध सैनिक बल एवं पुलिस भर्ती हेतु प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। प्रदेश में इस प्रकार के दो प्रशिक्षण केन्द्र देहरादून तथा टनकपुर (चम्पावत) में खोले गये हैं उत्तराखण्ड देश में इस प्रकार की सुविधा प्रदान करने वाला पहला प्रदेश है।
उत्तराखण्ड सैनिक विधवाओं की पुत्री एवं पूर्व सैनिकों की अनाथ पुत्रियों के विवाह हेतु एक लाख रूपये का अनुदान दिया जाता है। सैनिक विधवाओं के पुनर्विवाह हेतु एक लाख रूपये का अनुदान दिया जाता है। पूर्व सैनिकों तथा सैनिक विधवाओं के बच्चों को कक्षा 1 से स्नातकोत्तर/व्यावसायिक शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
राज्य सरकार द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध की युद्ध विधवाओं एवं आश्रितों को राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली पेंशन की धनराशि को 8000 रू. प्रतिमाह से बढ़ाकर 10,000 प्रतिमाह किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस और उनके समकक्ष लिखित परीक्षा पास करने वाले राज्य के अभ्यर्थी को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार रूपये की सहायता दी जा रही है। सरकार द्वारा आगे आने वाले समय में भी सेवारत सैनिकों/पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों के हितों के लिए निरन्तर प्रयास जारी रहेंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने भी अपने सम्बोधन में कारगिल शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीर भूमि भी है।
कार्यक्रम में देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, ब्रिगेडियर दिनेश बडोला, मेजर जनरल संजय शर्मा, मेजर जनरल अमरदीप भारद्वाज, मेजर जनरल जी एस रावत, बड़ी संख्या में पूर्व सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक और शहीदों के परिवार जन उपस्थित रहे।

देश के लिये अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर सैनिकों को अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य को नमन करते हुए देश के लिये अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है।
कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में भी देश के लिये बलिदान की परम्परा रही है। कारगिल युद्ध में बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड के सपूतों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुती दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिये वचनबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सेना ने अपने शौर्य और पराक्रम से हमेशा देश का मान बढ़ाया है। हमें अपने जवानों की वीरता पर गर्व है। भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य का लोहा पूरी दुनिया मानती है।
भारतीय सेना के वीर जवानों ने कारगिल में विपरीत परिस्थितियों में भी दुश्मन को भागने पर मजबूर किया था। कारगिल युद्ध में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों के बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।